घाघरा नदी हादसा: पांच दिन बाद छोटी बहन का शव बरामद, बड़ी बहन की तलाश जारी
मऊ। घाघरा नदी में एकादशी स्नान के दौरान लापता हुई गाजीपुर निवासी दो बहनों में से छोटी बहन का शव शनिवार को बरामद कर लिया गया। बड़ी बहन की तलाश अब भी जारी है।
बताया गया कि 24 जून को एकादशी स्नान के दौरान गाजीपुर निवासी रामविलास यादव की दो बेटियां अपने डूबते भाई को बचाने के प्रयास में घाघरा नदी की तेज धारा में बह गई थीं। घटना के बाद से एनडीआरएफ, पीएसी और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार सर्च अभियान चला रही थीं।
शनिवार को जनपद बलिया के शिव स्थान गुलौरा मठिया के पास एनडीआरएफ की टीम ने छोटी बहन प्रतिज्ञा यादव का शव बरामद किया। शव मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।
वहीं, बड़ी बहन की तलाश अभी भी जारी है। खोज अभियान के दौरान बड़ी बहन का एक पैर मिलने की भी सूचना सामने आई है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से अभी तक नहीं की गई है। एनडीआरएफ, पीएसी और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटी हुई हैं।
मऊ: जच्चा-बच्चा की मौत के बाद नदवा सराय का निजी अस्पताल सीज, स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई

मऊ। जनपद के नदवा सराय बाजार स्थित एक निजी अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान अनियमितताएं मिलने पर कथित फर्जी अस्पताल को सीज कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि अस्पताल में उपचार के दौरान प्रसूता और नवजात की मौत के बाद परिजनों एवं स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान अस्पताल के संचालन से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों और मानकों में कई खामियां एवं अनियमितताएं पाई गईं।
इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और अवैध रूप से संचालित अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर प्रशासन भी सतर्क हो गया है। वहीं, पीड़ित परिवार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग कर रहा है।
मऊ: पुरानी रंजिश में ताबड़तोड़ फायरिंग, युवक को लगी कई गोलियां, वीडियो वायरल

मऊ। जनपद के अइलख गांव में गुरुवार को पुरानी रंजिश को लेकर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग से इलाके में दहशत फैल गई। घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुरानी रंजिश के चलते हुए विवाद में आरोप है कि प्रवीण सिंह ने बदला लेने की नीयत से कई राउंड फायरिंग की। फायरिंग के दौरान तेज प्रताप सिंह को कई गोलियां लगीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं तथा मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है।

-  मऊ पुलिस का बयान
मऊ पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मामला आपसी विवाद और तनावपूर्ण स्थिति से जुड़ा प्रतीत होता है। पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है तथा दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात कर स्थिति पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
कथित डॉक्टर की लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत, परिजनों ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन
मऊ। जनपद के घोसी कोतवाली क्षेत्र में कथित डॉक्टर की लापरवाही से प्रसूता और नवजात की मौत का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। घटना नदवा सराय बाजार के समीप स्थित एक निजी चिकित्सालय की बताई जा रही है।
परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टर की लापरवाही के कारण जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और दोषी डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। परिजन मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग पर अड़े रहे। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। घटना को लेकर क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
विभिन्न मांगों को लेकर गोंड समाज का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
मऊ। जनपद मऊ के कलेक्ट्रेट परिसर में गोंड समाज के लोगों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एकत्र होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की तथा प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान गोंड समाज के प्रतिनिधियों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए समाज से जुड़ी समस्याओं के निराकरण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है, जिससे समाज के लोगों में असंतोष व्याप्त है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में गोंड समाज के लोग मौजूद रहे और एकजुटता के साथ अपनी मांगों को प्रशासन के समक्ष रखा। प्रशासनिक अधिकारियों ने ज्ञापन प्राप्त कर संबंधित मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर मऊ में अवैध अस्पतालों और क्लीनिकों पर शिकंजा
मऊ। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर मऊ जिले में संचालित अवैध अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिकों के खिलाफ व्यापक जांच और कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। बिना अनुमति के गर्भपात समेत अन्य अवैध चिकित्सीय गतिविधियों के संचालन संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच के आदेश दिए गए हैं।
प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि जिले में संचालित सभी संदिग्ध अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिकों की गहन जांच कराई जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जांच के दौरान आवश्यक अनुमति, पंजीकरण और स्वास्थ्य विभाग के मानकों का विशेष रूप से परीक्षण किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर चल रही अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाना, मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा चिकित्सा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
घोसी चीनी मिल में ₹6.29 करोड़ के मरम्मत फंड पर उठे सवाल, सांसद राजीव राय ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की

घोसी (मऊ)। घोसी लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजीव राय ने घोसी किसान सहकारी चीनी मिल की बदहाल स्थिति और मरम्मत कार्यों पर गंभीर सवाल उठाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
सांसद द्वारा लोकसभा में पूछे गए प्रश्न के जवाब में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि घोसी किसान सहकारी चीनी मिल लिमिटेड की स्थापना वर्ष 1984-85 में हुई थी। पिछले तीन वर्षों में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चीनी मिल के रिपेयर एवं मेंटेनेंस के लिए लगभग ₹6.29 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त गन्ना मूल्य भुगतान समेत अन्य मदों में भी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई।
इस जवाब के बाद सांसद राजीव राय ने सवाल उठाया कि जब मरम्मत और रखरखाव के लिए करोड़ों रुपये स्वीकृत किए गए थे, तो पेराई सत्र के दौरान मशीनों में खराबी आने के कारण मिल को बीच सत्र में बंद क्यों करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि मिल बंद होने से हजारों गन्ना किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और मिल को दोबारा शुरू कराने के लिए किसानों एवं समाजवादी पार्टी द्वारा धरना-प्रदर्शन भी किया गया था।
सांसद ने कहा कि यदि मरम्मत के लिए धनराशि पहले ही उपलब्ध करा दी गई थी, तो मिल की स्थिति में सुधार क्यों नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि स्वीकृत धनराशि का उपयोग किस प्रकार किया गया।
राजीव राय ने यह भी कहा कि चीनी मिल के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान मिल परिसर की जर्जर स्थिति सार्वजनिक रूप से दिखाई दे रही थी। ऐसे में यह जांच का विषय है कि मरम्मत कार्यों पर खर्च दिखाए गए धन का वास्तविक उपयोग कितना हुआ।
सांसद ने मांग की कि चीनी मिल के रिपेयर, मेंटेनेंस तथा अन्य मदों में खर्च की गई धनराशि की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि घोसी चीनी मिल क्षेत्र के हजारों किसानों की आजीविका से जुड़ा विषय है और किसानों के हितों से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
घाघरा में नहाते समय दो युवतियां डूबीं, तलाश में जुटी रेस्क्यू टीम
-  मधुबन क्षेत्र के गाज़ियापुर घाट पर हुआ हादसा, परिजनों में मचा कोहराम

मऊ। जनपद के मधुबन थाना क्षेत्र अंतर्गत गाज़ियापुर गांव के समीप घाघरा नदी में स्नान के दौरान दो युवतियां तेज बहाव की चपेट में आकर डूब गईं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और परिजनों में कोहराम मच गया।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी एवं गोताखोरों की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई। दोनों युवतियों की तलाश के लिए नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बचाव कार्य में स्थानीय ग्रामीण भी प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों युवतियां नदी में स्नान कर रही थीं, तभी अचानक गहरे पानी और तेज धारा में फंस गईं। देखते ही देखते वे नदी में लापता हो गईं। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए।
प्रशासन ने बताया कि गोताखोरों और राहत-बचाव दल की मदद से युवतियों की खोजबीन जारी है। साथ ही लोगों से नदियों और जलाशयों के किनारे विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
लखनऊ अग्निकांड के बाद मऊ प्रशासन हुआ सतर्क
-  अस्पताल, कोचिंग सेंटर, होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान जांच के दायरे में

-  फायर सेफ्टी, इमरजेंसी एग्जिट और विद्युत सुरक्षा की हो रही जांच

मऊ। लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद मऊ जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए जिलेभर में विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है।
प्रशासनिक एवं अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीमें अस्पतालों, कोचिंग संस्थानों, होटलों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, बहुमंजिला इमारतों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण कर रही हैं। अभियान के दौरान अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास मार्ग, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था और फायर सेफ्टी मानकों की बारीकी से जांच की जा रही है।
निरीक्षण में सुरक्षा मानकों की कमी पाए जाने पर संबंधित संस्थानों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं। वहीं गंभीर अनियमितता या लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
जिला प्रशासन का कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा मानकों की नियमित निगरानी के लिए यह अभियान आगामी दिनों में भी लगातार जारी रहेगा।
अपर पुलिस अधीक्षक ने ली मंगलवार परेड की सलामी, पुलिस लाइन का किया निरीक्षण
मऊ। अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने मंगलवार को रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित मंगलवार परेड की सलामी लेकर परेड का निरीक्षण किया। निरीक्षण के उपरांत पुलिसकर्मियों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ एवं फिट रखने के उद्देश्य से दौड़ भी कराई गई।
परेड के बाद अपर पुलिस अधीक्षक ने यूपी-112 एवं विभिन्न थानों से आए वाहनों की गहन जांच की। इस दौरान पीआरवी पर तैनात पुलिसकर्मियों से दंगा नियंत्रण उपकरणों एवं सुरक्षा संसाधनों के संबंध में जानकारी प्राप्त कर उनकी उपलब्धता और कार्यशीलता का परीक्षण किया।
उन्होंने क्वार्टर गार्ड, स्टोर, परिवहन शाखा, मेस, पुलिस बैरक तथा पुलिस लाइन परिसर का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए गए तथा आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
इस अवसर पर प्रतिसार निरीक्षक अरुण कुमार सिंह सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।