पद्मश्री उदित नारायण और पलक मुच्छल की आवाज़ में सजा रोमांटिक गीत "मेरे मन को" हुआ रिलीज़

मुंबई। भारतीय संगीत जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके उभरते हुए कलाकार एवं रॉक-स्टार संगीत मासूम एक बार फिर अपने नए रोमांटिक गीत "मेरे मन को" के साथ श्रोताओं के दिलों को छूने के लिए तैयार हैं। मासूम फ़िल्म कंपनी एवं द ग्रेट बॉलीवुड के बैनर तले प्रस्तुत यह गीत रिलीज़ होते ही संगीत प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। गीत की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे अपनी मधुर और भावपूर्ण आवाज़ से सजाया है पद्मश्री एवं पद्म भूषण उदित नारायण तथा लोकप्रिय गायिका पलक मुच्छल ने। गीत का संगीत अमन श्लोक ने तैयार किया है, जबकि इसके भावपूर्ण बोल सुप्रसिद्ध गीतकार एवं लेखक मुकेश कुमार मासूम ने लिखे हैं। वीडियो का निर्देशन अनिल एस. मेहता ने किया है, कोरियोग्राफी संजय चौधरी ने की है तथा इसकी निर्माता सीमा हैं। म्यूज़िक वीडियो में संगीत मासूम और गंगा अधिकारी की जोड़ी ने अपने सशक्त अभिनय से प्रेम और भावनाओं को जीवंत कर दिया है। संगीत मासूम आज हिंदी संगीत जगत के उन युवा कलाकारों में शामिल हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर अलग पहचान बनाई है। उन्होंने प्रसिद्ध नृत्य निर्देशक सरोज खान से नृत्य का प्रशिक्षण प्राप्त किया है तथा रोशन तनेजा अभिनय अकादमी से अभिनय का चार माह का डिप्लोमा किया है। हाल ही में हिंदी फ़िल्म अभिनेता विवेक ओबेरॉय के हाथों उन्हें उत्कृष्ट अभिनय के लिए सम्मानित भी किया गया, जो उनके निरंतर बढ़ते कलात्मक सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। इससे पहले संगीत मासूम "दिल का ख़ुदा", "ब्रेकअप पार्टी", "साजन के शहर" और "बेदर्दी" जैसे चर्चित एवं लोकप्रिय गीतों के माध्यम से संगीत प्रेमियों के बीच अपनी मजबूत पहचान बना चुके हैं। अब "मेरे मन को" से भी उनसे बड़ी उम्मीदें की जा रही हैं। गीत के बोल मुकेश कुमार मासूम द्वारा रचे गए हैं, जो शब्दों के माध्यम से प्रेम, संवेदनाओं और मानवीय भावनाओं को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त करते हैं। मुकेश कुमार मासूम समकालीन हिंदी साहित्य, सिनेमा और वैचारिक लेखन के एक संवेदनशील, प्रखर एवं बहुआयामी रचनाकार हैं। उनकी लेखनी की पहचान सरल भाषा में गहन भाव, तथ्यात्मक स्पष्टता और साहित्यिक प्रवाह के साथ समाज को सकारात्मक दिशा देने वाले विचार हैं। मुकेश कुमार मासूम स्क्रीन राइटर्स एसोसिएशन तथा इंडियन मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के सदस्य हैं, जो उनके साहित्य और फ़िल्म उद्योग से गहरे जुड़ाव का प्रमाण है। वे बॉलीवुड के स्थापित गीतकारों में गिने जाते हैं। उनके लोकप्रिय गीतों में "दिल तोड़ने वाला, दिल का ख़ुदा निकला" (उदित नारायण), "दारू सिगरेट छोड़ दे" (ममता शर्मा), "जीवन एक अमृत है" (उदित नारायण), "मेरे मन को" (उदित नारायण एवं पलक मुच्छल), "भगवान ज़रूरी है" (अल्तमश फ़रीदी), "खाटू श्याम जाना है" (अनूप जलोटा), "जय भीम बोलो रे" (स्वर्गीय मोहम्मद अज़ीज़), "ब्रेकअप पार्टी" (हरमन नाज़िम), "मेनू हँसके विदा कर दे" (शबाब साबरी), "बौद्ध धर्म के अनुयायी" (अनूप जलोटा) तथा "उस बेदर्दी ने दिल तोड़ा" (अगम कुमार निगम) जैसे अनेक लोकप्रिय गीत शामिल हैं। उन्होंने अगम कुमार निगम, समीर खान, ममता शर्मा, अल्तमश फ़रीदी, शबाब साबरी, स्वर्गीय मोहम्मद अज़ीज़, पद्मश्री कुमार शानू, पद्मश्री अनूप जलोटा तथा पद्मश्री एवं पद्म भूषण उदित नारायण जैसे प्रतिष्ठित गायकों के लिए गीत लिखे हैं। उनके गीतों में भावनात्मक गहराई, लोकसंवेदना और आत्मीयता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।

वर्तमान में मुकेश कुमार मासूम सिनेविस्टा लिमिटेड जैसी प्रतिष्ठित फ़िल्म एवं धारावाहिक निर्माण कंपनी सहित बॉलीवुड की अनेक प्रमुख हस्तियों के लिए लेखन कार्य कर रहे हैं। साहित्य के क्षेत्र में भी उनकी सक्रिय उपस्थिति है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीवन पर आधारित पुस्तक "योगी आदित्यनाथ : अध्यात्म और राजनीति के आकाश पर चमकता सितारा" लिखी है। हाल ही में इस पुस्तक के संबंध में उन्होंने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट भी की।उच्च गुणवत्ता वाले संगीत, उत्कृष्ट गायन, प्रभावशाली अभिनय और भावपूर्ण शब्दों से सजा "मेरे मन को" अब विभिन्न डिजिटल संगीत मंचों पर उपलब्ध है। संगीत प्रेमियों और समीक्षकों का मानना है कि यह गीत वर्ष के चर्चित रोमांटिक गीतों में अपनी विशेष पहचान बनाने की क्षमता रखता है।

वरिष्ठ गज़लकार एनबी सिंह नादान का विनय शर्मा दीप ने किया सम्मान
मुंबई । महानगर के उत्कृष्ट साहित्यकार गज़लकार एन बी सिंह नादान किसी पहचान के मुहताज नहीं जिन्होंने अपनी क़लम एवं लेखनी से महाराष्ट्र ही नहीं अपितु भारत के सभी प्रदेशों में ख्यातिप्राप्त हुए हैं।ऐसे गज़लकार से कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप की शिष्टाचार मुलाकात हुई जहां दीप ने अंगवस्त्र देकर नादान जी का सम्मान किया।नादान ने शिष्टाचार मुलाकात में दीप को उपहार स्वरूप अपनी यादगार पुस्तकें भेंट की।दीप ने कहा 2024-25 में नादान की उत्कृष्ट काव्य खंड महाराणा प्रताप बहुत चर्चित रही जिसे पाठकों ने खूब सराहा।पहली पुस्तक 1993 में ग़ज़ल नज़्म संग्रह- शाखों में नमी कम खूब प्रसिद्धि पाई।तत्पश्चात हंसते हुए गम ग़ज़ल संग्रह, भले मानुस सुन-कविता गीत,फूल और पंखुड़ियां-काव्य, पत्थर के शहर -गजल मुक्तक, कागज़ कलम दवात - ग़ज़ल,दीन धर्म ईमान- गजल, आखिरी पल तक -गजल,सुख है ढलती शाम-दोहा,आपके लिए -गज़ल, जिंदगी एक धूप छांव -मुक्तक,दर्द का रिश्ता -गज़ल, खुशनुमा एहसास -गज़ल,रास्ता ए नहीं आखिरी है -गज़ल, ख्वाब जो सज न सके -गज़ल,हम वतन की आबरु -गीत गज़ल, रुबरु जिंदगी से,दुष्यंत कुमार और उनके बाद की ग़ज़ल,नई सदी के स्वर एवं अपना सा कोई चेहरा - ग़ज़ल संग्रह प्रकाशन में आई और पाठकों के बीच सराही गई।आज एन बी सिंह नादान वरिष्ठ साहित्यकार,लेखक, गज़लकार के रुप में सम्मानित हैं जिन्हें महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी ने प्रथम पुस्तक प्रकाशन हेतु 1991 में अनुदान दें चुकी है तत्पश्चात ठाणे महानगर पालिका गुणिजन, काव्य भूषण सम्मान, पाक्षिक उत्तर दर्शन द्वारा डॉ राममनोहर त्रिपाठी 2012, भारतीय जनभाषा प्रचार समिति द्वारा समाजसेवी सम्मान 2014, प्रोग्रोसिव युथ फेडरेशन द्वारा राज्य स्तरीय मिर्जा गालिब पुरस्कार 2015 से सम्मानित किए जा चुके हैं।
अर्चना अग्रवाल के कार्यभार ग्रहण करते ही लंबित मामलों के निस्तारण में आई तेजी : एसपी तिवारी
बदलापुर। भारतीय प्रशासनिक सेवा की वरिष्ठ अधिकारी अर्चना अग्रवाल के राजस्व परिषद अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलते ही उनके नेतृत्व में राजस्व प्रशासन और न्यायिक कार्यों में नया आयाम स्थापित हुआ है। उनके द्वारा लंबित मामलों के निस्तारण और आम जन की समस्याओं के समाधान में भी बेहतर रुचि ली जा रही है। यह बातें राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष एसपी तिवारी ने कही। वह गुरुवार को उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के तत्वावधान में नवागत अध्यक्ष अर्चना अग्रवाल के सम्मान में आयोजित औपचारिक मुलाकात के दौरान कही। उन्होंने इस मौके पर उन्हें स्मृति चिन्ह ,पुष्प गुच्छ एवं अंगवस्त्रम भेंट कर अपनें अन्य साथियों के साथ सम्मानित किया। अध्यक्ष तिवारी ने कहा कि अर्चना अग्रवाल के लंबे और उत्कृष्ट प्रशासनिक अनुभव बोर्ड ऑफ रेवेन्यू की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाएगा।  नवीन दायित्व को संभालने पर संयुक्त परिषद की तरफ से उनके सफल , स्वस्थ और उत्कृष्ट कार्यकाल की कामना करते हुए चेयरमैन अग्रवाल को हार्दिक शुभकामना दिया। 1990 बैच की आईएएस अधिकारी अर्चना अग्रवाल अपनी कुशल प्रशासनिक क्षमता प्रभावी निर्णय लेने की शैली और शासन प्रशासन में लंबे अनुभव के लिए जानी जाती हैं। नई जिम्मेदारी के साथ वह परिवहन विभाग की अपर मुख्य सचिव भी बनी रहेगी। इस दौरान संयुक्त राज्य कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष एसपी तिवारी ने कर्मचारियों के हित के संबंध में भी वार्ता किया। वार्ता के क्रम में उन्होंने विभागीय कर्मचारियों के प्रोन्नति का भी मामला उठाया। इस मुद्दे पर बोर्ड ऑफ रेवेन्यू की अध्यक्ष अर्चना अग्रवाल ने आश्वस्वत किया कि प्रोन्नति के मामले में निर्णय ले लिया गया है। बहुत जल्द ही सात सौ कर्मचारियों की प्रोन्नति सूची जारी कर दी जाएगी। अध्यक्ष राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद  तिवारी ने  रोडवेज में भर्ती का भी मुद्दा उठाया ।  इस मुद्दे पर अध्यक्ष अग्रवाल ने बताया कि बहुत जल्द ही रोडवेज में चालक और परिचालक  के पदों पर संविदा के बजाय नियमित नियुक्ति की जाएगी। ताकि योग्य और अच्छे चालक परिचालक रोडवेज  में शामिल हो कर यात्रियों की सुविधा को बेहतर बनाने में अपना सहयोग कर सकें। इस मौके पर राज्य कर्मचारी संयुक्त
परिषद के महामंत्री संजय कुमार शुक्ला उपाध्यक्ष स्क श्रीवास्तव तथा राज्य ट्रेड टैक्स मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के मंत्री विपिन कुमार आदि लोग मौजूद थे।
खत्म होती सहनशीलता, संवाद पर भारी पड़ता अपराध
–डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार

आज समाज जिस दौर से गुजर रहा है, वह अत्यंत चिंताजनक है। हाल के दिनों में सामने आई अनेक घटनाएँ मन को झकझोर कर रख देती हैं। कहीं प्रेम संबंधों के नाम पर हत्या हो रही है, कहीं विवाह से असहमति के कारण किसी की जान ले ली जाती है, तो कहीं छोटी-सी बात पर हिंसा का विस्फोट हो जाता है। अभी हाल ही में लोकल ट्रेन में हुई एक घटना ने भी सोचने पर मजबूर कर दिया। बारिश के कारण खिड़की खुली थी। एक यात्री ने दूसरे से केवल इतना कहा कि, "कृपया खिड़की बंद कर दीजिए।" मामूली-सी बात पर विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट तक की नौबत आ गई और एक व्यक्ति की जान चली गई। प्रश्न यह है कि आखिर हम इतने असहिष्णु कैसे हो गए कि एक साधारण अनुरोध भी हमें क्रोधित कर देता है? लोनावला की दुखद घटना हो या मसूरी का हत्याकांड—ये केवल अपराध नहीं हैं, बल्कि समाज के सामने खड़े गंभीर प्रश्न हैं। आखिर हमारी युवा पीढ़ी किस दिशा में जा रही है? क्या कारण है कि असहमति, असफलता, अस्वीकृति या मतभेद को स्वीकार करने की क्षमता लगातार कम होती जा रही है?
कहीं न कहीं आधुनिक जीवन की भागदौड़, सोशल मीडिया का प्रभाव, त्वरित सफलता की चाह और भावनात्मक असंतुलन भी इसके कारण हैं। लेकिन केवल बाहरी परिस्थितियों को दोष देकर हम अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते। परिवार बच्चे की पहली पाठशाला है। यदि घर में संवाद, प्रेम, धैर्य और संस्कार होंगे, तो वही गुण बच्चों के व्यक्तित्व में भी उतरेंगे। युवाओं को समझना होगा कि यदि किसी रिश्ते को स्वीकार नहीं करना है, तो साहस के साथ "ना" कहना सीखें। माता-पिता से बात करें, परिवार से चर्चा करें और संवाद का मार्ग अपनाएँ। किसी भी परिस्थिति में हिंसा समाधान नहीं हो सकती। एक निर्दोष व्यक्ति की जान लेकर कोई भी समस्या हल नहीं होती, बल्कि अनेक परिवारों का जीवन उजड़ जाता है। साथ ही माता-पिता को भी अपने बच्चों की भावनाओं और इच्छाओं को समझना होगा। केवल समाज, प्रतिष्ठा या परंपरा के दबाव में कोई निर्णय थोपना उचित नहीं है। जब संवाद समाप्त हो जाता है, तब त्रासदियाँ जन्म लेती हैं। आज आवश्यकता है – सहनशीलता, संवेदना, धैर्य और आत्मसंयम की। हमें आने वाली पीढ़ी को केवल डिग्रियाँ और धन नहीं देना है, बल्कि ऐसे संस्कार देने हैं जो उन्हें एक अच्छा इंसान बना सकें। क्योंकि वास्तविक शक्ति किसी को हराने में नहीं, बल्कि स्वयं के क्रोध और अहंकार पर विजय पाने में है। याद रखिए – एक क्षण का क्रोध, जीवन भर का पश्चाताप बन सकता है और एक क्षण का संवाद, कई जीवन बचा सकता है। सहनशीलता जब खो जाती है, रिश्ते टूटने लगते हैं, क्रोध की छोटी चिंगारी से घर भी छूटने लगते हैं। खिड़की बंद करने भर से जब झगड़े बढ़ने लगते हैं,तब समझो मानव मन के दीपक बुझने लगते हैं।

संवादों की डोर थाम लो, मत नफरत को बढ़ने दो,
मानव हो तो मानवता को अपने भीतर रहने दो।

हर जिद पूरी हो जाए, यह जीवन का नियम नहीं,"ना" सुनकर भी मुस्काना सीखो, यही सबसे बड़ी जीत सही। आने वाली पीढ़ी को बस इतना उपहार दे जाएँ, प्रेम, संस्कार और धैर्य देकर बेहतर संसार दे जाएँ। अंत में बस इतना कहना चाहूँगी कि
किसी की जान लेना किसी भी समस्या का समाधान नहीं, बल्कि यह एक आपराधिक मनोवृत्ति का परिचायक है। यदि साहस दिखाना ही है, तो किसी की हत्या करने का नहीं, बल्कि समय रहते स्पष्ट शब्दों में "ना" कहने का साहस दिखाइए। यदि शक्ति दिखानी है, तो हिंसा की नहीं, संवाद की शक्ति दिखाइए। जब परिवारों में संवाद होगा, रिश्तों में सम्मान होगा और मन में सहनशीलता होगी, तभी अपराधों की बढ़ती प्रवृत्ति पर अंकुश लगाया जा सकेगा,  क्योंकि जहाँ संवाद जीवित रहता है, वहाँ संबंध जीवित रहते हैं; और जहाँ संबंध जीवित रहते हैं, वहाँ समाज सुरक्षित रहता है। क्रोध में जो निर्णय लेते, वे जीवन भर रोते हैं,संवादों के दीप जलाकर ही रिश्ते आगे होते हैं। हिंसा से इतिहास नहीं, केवल आँसू लिखे जाते हैं,प्रेम, धैर्य और सहनशीलता से ही समाज सुरक्षित बनते हैं।
समन्वय सीनियर सिटीजंस एसोसिएशन का वार्षिक उत्सव हर्षोल्लास के साथ संपन्न
मुंबई। अंधेरी पश्चिम स्थित वाईडबलुसीए प्रांगण में समन्वय सीनियर सिटीजंस एसोसिएशन का वार्षिक उत्सव उल्लास, आत्मीयता और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों का जोश, अनुशासन और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण यह सिद्ध कर रहा था कि जीवन की संध्या भी उतनी ही रंगीन और ऊर्जावान हो सकती है, जितनी उसकी सुबह। समन्वय सीनियर सिटीजंस एसोसिएशन आज वरिष्ठ नागरिकों के लिए केवल एक संस्था नहीं, बल्कि एक ऐसा परिवार बन चुका है, जहाँ अपनापन, मित्रता और सक्रिय जीवनशैली का अनूठा संगम देखने को मिलता है। संस्था वर्षभर में 65 से अधिक सामाजिक, सांस्कृतिक, स्वास्थ्य, खेलकूद एवं मनोरंजन संबंधी कार्यक्रमों का आयोजन करती है, जिनमें सदस्य पूरे उत्साह और समर्पण के साथ भाग लेते हैं। वार्षिक उत्सव के अवसर पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत 11 सदस्यीय नई कार्यकारिणी समिति का गठन भी किया गया। नई समिति में प्रकाश नायक, एम एस कृष्णन, मुकुल शिर्के, किशोर प्रभु, कौशिक शाह सहित अन्य सदस्यों को जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं। उपस्थित सदस्यों ने नव-निर्वाचित कार्यकारिणी को शुभकामनाएँ देते हुए संस्था को और अधिक ऊँचाइयों तक ले जाने का विश्वास व्यक्त किया।
समारोह में वर्षभर आयोजित कैरम, दौड़-भाग, खेलकूद तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं का सम्मान कर उनके उत्साहवर्धन किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने वाले वरिष्ठ नागरिकों के चेहरों पर आत्मविश्वास और प्रसन्नता देखते ही बनती थी। इस अवसर पर एडवोकेट विनोद पाठक, एडवोकेट विजय देवुरकर सहित बड़ी संख्या में सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान अनेक वरिष्ठ नागरिकों ने भावुक शब्दों में कहा कि समन्वय ने हमारी जिंदगी बदल दी है। हम अपने जीवन की आखिरी पारी यहाँ इतने आनंद और अपनत्व के साथ जी रहे हैं कि पता ही नहीं चलता कब सुबह होती है और कब शाम हो जाती है। यहाँ हर दिन एक उत्सव है, हर सदस्य परिवार का हिस्सा है।
मस्जिदों में बैठकों को लेकर मंगल प्रभात लोढ़ा ने चुनाव अधिकारियों से की शिकायत

मुंबई।  भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे  मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान मालाबार हिल विधानसभा क्षेत्र में सामने आई गंभीर अनियमितताओं के संबंध में महाराष्ट्र के कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री तथा मलबार हिल के विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा ने आज विल्सन कॉलेज में मालाबार हिल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बालासाहेब वाघचौरे से भेंटकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
इस अवसर पर मंत्री लोढ़ा ने चुनाव अधिकारियों को शिकायत प्रस्तुत की कि बूथ लेवल अधिकारी (BLO) मस्जिदों में जाकर एक विशेष समुदाय के नागरिकों के मतदाता पंजीकरण के लिए बैठकें आयोजित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी बैठकों के माध्यम से मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया को अनुचित रूप से प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है, जो अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने इस मामले की तत्काल जांच कर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। मंत्री लोढ़ा ने जानकारी दी कि चुनाव अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है तथा इस विषय में शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। मंत्री लोढ़ा ने कहा कि कुछ लोग दोहरे पंजीकरण (डबल रजिस्ट्रेशन) का प्रयास कर रहे हैं। विभिन्न राज्यों में उनके नाम मतदाता के रूप में दर्ज हैं। पश्चिम बंगाल में ऐसा षड्यंत्र उजागर हुआ था, जिसके बाद वहां से 97 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए। लेकिन यहां इस प्रकार का दोहरा पंजीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसी कारण इसका रास्ता निकालने के लिए बूथ लेवल अधिकारी अथवा अन्य अधिकारियों की सहायता से मस्जिदों में बैठकें आयोजित की जा रही हैं। नागरिकों की सतर्कता के कारण यह मामला सामने आया है। यहां यह गतिविधि बंद हो गई हो सकती है, लेकिन हमें जानकारी मिली है कि अन्य स्थानों पर यह अभी भी जारी है। एसआईआर प्रक्रिया के संबंध में मालाबार हिल के नागरिकों ने विभिन्न मांगें रखी हैं। उनकी प्रमुख मांग यह है कि जो नागरिक वर्तमान में अस्थायी रूप से अन्यत्र रह रहे हैं, उनका मतदाता पंजीकरण एसआईआर प्रक्रिया के दौरान उनके अस्थायी पते पर स्थानांतरित न किया जाए, बल्कि उनके स्थायी पते पर ही बनाए रखा जाए। उनका कहना है कि अस्थायी पता केवल सीमित अवधि के लिए होता है और संबंधित नागरिक भविष्य में पुनः अपने स्थायी निवास पर लौटेंगे। यदि उनका मतदाता पंजीकरण अस्थायी पते पर किया जाता है, तो भविष्य में उन्हें पुनः पता परिवर्तन की अलग प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। इन तथा अन्य मांगों के संबंध में श्री लोढ़ा ने नागरिकों की ओर से मुख्य निर्वाचन अधिकारी को विस्तृत ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि, “हमारी मांग है कि मतदाता सत्यापन प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष और नियमबद्ध तरीके से संचालित की जाए। किसी भी पात्र मतदाता के साथ अन्याय न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग को तत्काल आवश्यक कदम उठाने चाहिए। जर्जर इमारतों, पुनर्विकास परियोजनाओं तथा एसआरए परियोजनाओं के कारण अनेक नागरिक अपने मूल निवास स्थान से दूर रह रहे हैं। उनका पंजीकरण या तो नहीं हुआ है अथवा अन्य स्थानों पर हो गया है। यह समस्या केवल मुंबई तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे महाराष्ट्र में मौजूद है। ऐसे नागरिकों को उनके अस्थायी पते पर सूचना भेजना, विशेष पंजीकरण शिविर आयोजित करना अथवा उनके लिए अलग व्यवस्था उपलब्ध कराना जैसी पहलें तत्काल की जानी चाहिए। साथ ही, मतदाता सत्यापन के लिए नियुक्त बूथ लेवल अधिकारी (BLO/BLA) को अभी तक आधिकारिक मान्यता अथवा संबंधित प्राधिकरण पत्र प्राप्त नहीं हुए हैं, जिससे कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है। उन्हें आवश्यक दस्तावेज यथाशीघ्र उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
गायत्री जयंती के उपलक्ष्य में नवकुंभ ने आयोजित की कविगोष्ठी
मुंबई। साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक राष्ट्रीय संस्था नवकुंभ साहित्य सेवा संस्थान के तत्वावधान में बुधवार 24 जून 2026 को वेदमाता गायत्री जयंती के उपलक्ष्य में आनलाइन गूगल मीट के माध्यम से कविगोष्ठी का आयोजन किया। जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार शिक्षाविद् अवनीश कुमार दीक्षित 'दिव्य' ने किया तथा मुख्य अतिथि के रूप में संगीत साहित्य मंच के संस्थापक वरिष्ठ साहित्यकार रामजीत गुप्त उपस्थित थे।ज्ञान की देवी मां गायत्री की वंदना कवयित्री अन्नपूर्णा गुप्ता के मधुर छंद से हुआ।गोष्ठी का संचालन राष्ट्रीय मिडिया प्रभारी विनय शर्मा दीप ने किया। उपस्थित साहित्यकारों में मुंबई से शारदा प्रसाद दुबे शरतचंद्र, ओमप्रकाश सिंह,कवयित्री शोभा स्वप्निल,प्रमोद कुमार शर्मा प्रेमी जौनपुर उत्तर प्रदेश,रमेश चंद्र नंदवंशी सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश से उपस्थित थे। उपस्थित सभी साहित्यकारों ने मां गायत्री की महिमा का गुणगान काव्य के माध्यम छंद, गीत, मुक्तक, भजन, सोहर से किया।उपस्थित सभी श्रोता साहित्यकारो ने सभी की रचनाओं की सराहना किया। अध्यक्षीय उद्बोधन में अवनीश कुमार दीक्षित दिव्य ने मां गायत्री के पंचमुख एवं दस हाथ की विशेषता को सविस्तार सभी के समक्ष रखा और अपने काव्य विधाओं से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।अंत में आयोजक विनय शर्मा दीप ने उपस्थित सभी साहित्यकारों का आभार व्यक्त करते हुए गायत्री मंत्र उच्चारण के साथ गोष्ठी का समापन किया।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर लोढ़ा फाउंडेशन ने विविध कार्यक्रमों द्वारा दिया स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश
मुंबई।अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देश की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था लोढ़ा फाउंडेशन की चेयरमैन डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा द्वारा योग, ध्यान एवं समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर अनेक कार्यक्रमों का आयोजन एवं सहभागिता की गई।
इस अवसर पर मंजू लोढ़ा ने दिव्यज फाउंडेशन द्वारा एनएससीआई डोम, वर्ली में आयोजित भव्य योग दिवस समारोह में सहभागिता की। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की धर्मपत्नी अमृता फडणवीस की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में 700 से अधिक किसान परिवारों के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कैबिनेट मिनिस्टर मंगल प्रभातजी लोढ़ा और फिल्म अभिनेता जैकी श्रॉफ एंड शाहिद कपूर सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष बनाया।

इसके अतिरिक्त लोढ़ा फाउंडेशन द्वारा शारदा मंदिर हाई स्कूल में योग, ध्यान एवं साउंड हीलिंग कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सभी आयु वर्ग के लोगों ने भाग लेकर योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। रवि दीक्षितजी (कैवल्यधाम) और शिल्पा टीचर द्वारा योग सत्र का संचालन किया गया, और  एसआरएमडी योगा द्वारा आयोजित साउंड हीलिंग सत्र ने उपस्थित लोगों को मानसिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कराया।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर गामदेवी में सेवा सदन में भी लोढ़ा फाउंडेशन एवं एसआरएमडी वेलनेस के सहयोग से विशेष योग एवं साउंड मेडिटेशन सत्र आयोजित किया गया, जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस कार्यक्रम में योग को स्वस्थ, संतुलित एवं जागरूक जीवन का आधार बताते हुए लोगों को नियमित योग अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

इसी क्रम में  राजस्थान महिला मंडल में भी विशेष योग कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें महिलाओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर योग, ध्यान एवं स्वास्थ्य जागरूकता के महत्व को समझा और नियमित योग अभ्यास का संकल्प लिया।
और इसके अतिरीत लोढ़ा वर्ल्ड टावर और लोढ़ा पार्क में भी योग का शिबिर आयोजित किया गया

डॉ मंजू लोढ़ा ने अपने संबोधन में कहा कि *योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और सकारात्मक जीवन का आधार है। उन्होंने योग को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना की और उनके प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रमों में महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा  का विशेष सहयोग एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। डॉ मंजू लोढ़ा ने उनके निरंतर समर्थन के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

उन्होंने कहा कि लोढ़ा फाउंडेशन समाज में स्वास्थ्य, शिक्षा एवं जनकल्याण के क्षेत्र में निरंतर कार्यरत है तथा भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों तक स्वास्थ्य एवं जागरूकता का संदेश पहुंचाता रहेगा।
बोरीवली और कांदिवली स्टेशनों का होगा कायाकल्प : संजय उपाध्याय , जनता से लिए जाएंगे सुझाव

मुंबई। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात के बाद बोरीवली और कांदिवली रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास (Redevelopment) की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। रेल मंत्री के निर्देश पर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्टेशन का दौरा किया है और यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए इस महत्वाकांक्षी योजना को अंतिम रूप देने की कवायद शुरू कर दी है। इस बात  की जानकारी बोरीवली से भारतीय जनता पार्टी के विधायक संजय उपाध्याय ने दी है।


■  रेल मंत्री के निर्देश पर अधिकारियों का दौरा और विस्तृत चर्चा

विधायक संजय उपाध्याय ने बताया कि केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात के पश्चात, उन्होंने रेलवे लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RLDA) के वाइस चेयरमैन मनोज गर्ग और सीपीएम, मुंबई , डी.के. मिश्रा को बोरीवली और कांदिवली स्टेशन के पुनर्विकास प्लान को अंतिम रूप देने का आदेश दिया।

इसी कड़ी में आज दोनों अधिकारियों ने बोरीवली स्टेशन का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की गई, जिसमें स्टेशन को आधुनिक और यात्री-अनुकूल बनाने पर गहन चर्चा हुई।


■  पुनर्विकास योजना की मुख्य विशेषताएं

संजय उपाध्याय ने यह भी बताया कि यात्रियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए इस प्रोजेक्ट में निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है:

■ सहज आवागमन

रेलवे यात्रियों का स्टेशन पर आना-जाना पूरी तरह सुगम और सरल बनाया जाएगा।

■ वाहनों की कनेक्टिविटी
स्टेशन से बाहर निकलते या आते समय यात्रियों को टैक्सी, ऑटो-रिक्शा या उनके निजी वाहनों को लाने-ले जाने की सहज व्यवस्था मिलेगी।

■ आधुनिक सुविधाएं

स्टेशन पर पर्याप्त टिकट विंडो और साफ-सुथरे स्वच्छता गृह (Toilets) सुनिश्चित किए जाएंगे।

■ सभी प्लेटफार्मों पर एस्केलेटर

यात्रियों की सुविधा के लिए सभी प्लेटफार्मों पर एस्केलेटर लगाए जाएंगे।

■ एकीकृत विकास (Integrated Development)

स्टेशन परिसर में अलग-अलग हिस्सों में फैली इमारतों को एकीकृत किया जाएगा, जिससे कम जगह में अधिक और बेहतर सुविधाएं लोगों को दी जा सकें।


■  भीड़ कम करने के लिए कांदिवली स्टेशन बनेगा 'हब'


बोरीवली स्टेशन पर यात्रियों के भारी दबाव और भीड़ को कम करने के लिए कांदिवली स्टेशन को एक 'हब' के रूप में विकसित करने का बड़ा निर्णय लिया गया है। इस संदर्भ में भी अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई है।

उन्होंने यह भी कहा कि," सरकार कुछ अन्य जगहों पर भी भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) करने पर विचार कर रही है, ताकि बोरीवली-कांदिवली के उपनगरीय निवासियों को अधिकतम राहत और आसानी मिल सके।"


■ अगले हफ्ते लगेगा कैंप, जनता के सुझावों से बनेगा फाइनल प्लान

संजय उपाध्याय ने यह भी बताया कि इस योजना को पूरी तरह से जनता की जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए समय-सीमा तय कर दी गई है:

● 10 दिनों की समय-सीमा:

आने वाले 10 दिनों में इस प्लान पर डिटेल वर्किंग की जाएगी, जिसके बाद दोबारा बैठक कर इसे अंतिम स्वरूप दिया जाएगा।

● जनता से सुझाव

आने वाले हफ्ते में बोरीवली स्टेशन पर एक विशेष कैंप (Camp) लगाया जाएगा। इस कैंप के माध्यम से स्थानीय लोगों और यात्रियों से सुझाव लिए जाएंगे।

● प्लान में समावेशन

जनता से मिलने वाले इन महत्वपूर्ण सुझावों और सूचनाओं को नए स्टेशन प्लान में समाविष्ट किया जाएगा, ताकि स्टेशन को और बेहतर बनाया जा सके।

■  रेल मंत्री की तत्परता की सराहना

संजय उपाध्याय ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा दिखाई गई तत्परता की सराहना की और कहा कि, मुलाकात के दूसरे ही दिन उन्होंने बोरीवली स्टेशन पुनर्विकास को लेकर न केवल बैठक बुलाई, बल्कि अधिकारियों को प्लान फाइनल करने का निर्देश भी दिया। अधिकारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों और जनता के सुझावों को शामिल करते हुए किया जा रहा यह कार्य वाकई काबिले-तारीफ है।
KEM अस्पताल  नामांतरण मामला, किंग एडवर्ड गुलामी के दौर का प्रतीक : मंगल प्रभात लोढ़ा
मुंबई।  किंग एडवर्ड मेमोरियल (KEM) अस्पताल के नाम परिवर्तन के संबंध में आज विधान परिषद में मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने विपक्ष को करारा जवाब दिया। लोढ़ा ने स्पष्ट रूप से कहा कि ब्रिटिश शासनकाल भारत के शोषण का काल था। उन्होंने कहा, “किंग एडवर्ड भारत के लिए गौरव का विषय नहीं है, बल्कि वह गुलामी के दौर का प्रतीक है।” आगे उन्होंने कहा, “किंग एडवर्ड ने भारत को गुलाम बनाया था और देश की संपत्ति लूटकर इंग्लैंड ले गया था। यह कहना कि किंग एडवर्ड ने धन दिया था, पूरी तरह भ्रामक है।” इस संदर्भ में उन्होंने कड़े शब्दों में आलोचना करते हुए कहा, “लाखों भारतीयों की मृत्यु के लिए जिम्मेदार किंग एडवर्ड कसाब जैसा व्यक्ति था। किंग एडवर्ड के नाम का समर्थन करने वालों की हम निंदा करते हैं। केईएम के नाम परिवर्तन के लिए हमने तीन नामों के विकल्प दिए हैं और सरकार इस संबंध में उचित निर्णय लेगी।” मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रस्तावित तीनों नामों में से किसी भी विकल्प का चयन किया जाए, उसका संक्षिप्त रूप ‘केईएम’ ही रहेगा। ट्रम्प टॉवर का नाम बदलने को लेकर प्रश्न उठाए जाने पर माननीय मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने स्पष्ट किया कि ट्रम्प नाम केवल व्यावसायिक साझेदारी के कारण दिया गया है और इसका किसी भी प्रकार के गौरव या महिमामंडन से कोई संबंध नहीं है। इस दौरान विधान परिषद सदस्य श्री मिलिंद नार्वेकर ने माननीय मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा के व्यवसाय पर प्रश्न उठाया। इसका जवाब देते हुए लोढ़ा ने कहा, “मेरा व्यवसाय पूरी दुनिया जानती है और मेरी आय का स्रोत भी सभी को ज्ञात है। लेकिन आपका व्यवसाय क्या है, यह हमें नहीं पता। फिर भी आप मुझसे बड़ी गाड़ी में घूमते हैं,” ऐसा उन्होंने पलटवार करते हुए कहा।