घोसी चीनी मिल में ₹6.29 करोड़ के मरम्मत फंड पर उठे सवाल, सांसद राजीव राय ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की

घोसी (मऊ)। घोसी लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजीव राय ने घोसी किसान सहकारी चीनी मिल की बदहाल स्थिति और मरम्मत कार्यों पर गंभीर सवाल उठाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
सांसद द्वारा लोकसभा में पूछे गए प्रश्न के जवाब में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि घोसी किसान सहकारी चीनी मिल लिमिटेड की स्थापना वर्ष 1984-85 में हुई थी। पिछले तीन वर्षों में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चीनी मिल के रिपेयर एवं मेंटेनेंस के लिए लगभग ₹6.29 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त गन्ना मूल्य भुगतान समेत अन्य मदों में भी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई।
इस जवाब के बाद सांसद राजीव राय ने सवाल उठाया कि जब मरम्मत और रखरखाव के लिए करोड़ों रुपये स्वीकृत किए गए थे, तो पेराई सत्र के दौरान मशीनों में खराबी आने के कारण मिल को बीच सत्र में बंद क्यों करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि मिल बंद होने से हजारों गन्ना किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और मिल को दोबारा शुरू कराने के लिए किसानों एवं समाजवादी पार्टी द्वारा धरना-प्रदर्शन भी किया गया था।
सांसद ने कहा कि यदि मरम्मत के लिए धनराशि पहले ही उपलब्ध करा दी गई थी, तो मिल की स्थिति में सुधार क्यों नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि स्वीकृत धनराशि का उपयोग किस प्रकार किया गया।
राजीव राय ने यह भी कहा कि चीनी मिल के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान मिल परिसर की जर्जर स्थिति सार्वजनिक रूप से दिखाई दे रही थी। ऐसे में यह जांच का विषय है कि मरम्मत कार्यों पर खर्च दिखाए गए धन का वास्तविक उपयोग कितना हुआ।
सांसद ने मांग की कि चीनी मिल के रिपेयर, मेंटेनेंस तथा अन्य मदों में खर्च की गई धनराशि की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि घोसी चीनी मिल क्षेत्र के हजारों किसानों की आजीविका से जुड़ा विषय है और किसानों के हितों से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
घाघरा में नहाते समय दो युवतियां डूबीं, तलाश में जुटी रेस्क्यू टीम
-  मधुबन क्षेत्र के गाज़ियापुर घाट पर हुआ हादसा, परिजनों में मचा कोहराम

मऊ। जनपद के मधुबन थाना क्षेत्र अंतर्गत गाज़ियापुर गांव के समीप घाघरा नदी में स्नान के दौरान दो युवतियां तेज बहाव की चपेट में आकर डूब गईं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और परिजनों में कोहराम मच गया।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी एवं गोताखोरों की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई। दोनों युवतियों की तलाश के लिए नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बचाव कार्य में स्थानीय ग्रामीण भी प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों युवतियां नदी में स्नान कर रही थीं, तभी अचानक गहरे पानी और तेज धारा में फंस गईं। देखते ही देखते वे नदी में लापता हो गईं। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए।
प्रशासन ने बताया कि गोताखोरों और राहत-बचाव दल की मदद से युवतियों की खोजबीन जारी है। साथ ही लोगों से नदियों और जलाशयों के किनारे विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
लखनऊ अग्निकांड के बाद मऊ प्रशासन हुआ सतर्क
-  अस्पताल, कोचिंग सेंटर, होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान जांच के दायरे में

-  फायर सेफ्टी, इमरजेंसी एग्जिट और विद्युत सुरक्षा की हो रही जांच

मऊ। लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद मऊ जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए जिलेभर में विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है।
प्रशासनिक एवं अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीमें अस्पतालों, कोचिंग संस्थानों, होटलों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, बहुमंजिला इमारतों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण कर रही हैं। अभियान के दौरान अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास मार्ग, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था और फायर सेफ्टी मानकों की बारीकी से जांच की जा रही है।
निरीक्षण में सुरक्षा मानकों की कमी पाए जाने पर संबंधित संस्थानों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं। वहीं गंभीर अनियमितता या लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
जिला प्रशासन का कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा मानकों की नियमित निगरानी के लिए यह अभियान आगामी दिनों में भी लगातार जारी रहेगा।
अपर पुलिस अधीक्षक ने ली मंगलवार परेड की सलामी, पुलिस लाइन का किया निरीक्षण
मऊ। अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने मंगलवार को रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित मंगलवार परेड की सलामी लेकर परेड का निरीक्षण किया। निरीक्षण के उपरांत पुलिसकर्मियों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ एवं फिट रखने के उद्देश्य से दौड़ भी कराई गई।
परेड के बाद अपर पुलिस अधीक्षक ने यूपी-112 एवं विभिन्न थानों से आए वाहनों की गहन जांच की। इस दौरान पीआरवी पर तैनात पुलिसकर्मियों से दंगा नियंत्रण उपकरणों एवं सुरक्षा संसाधनों के संबंध में जानकारी प्राप्त कर उनकी उपलब्धता और कार्यशीलता का परीक्षण किया।
उन्होंने क्वार्टर गार्ड, स्टोर, परिवहन शाखा, मेस, पुलिस बैरक तथा पुलिस लाइन परिसर का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए गए तथा आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
इस अवसर पर प्रतिसार निरीक्षक अरुण कुमार सिंह सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में मऊ में उमड़ा जनाक्रोश, युवाओं ने निकाला कैंडल मार्च

मऊ। बिहार के भोजपुर में हुए चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर जनाक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में युवाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के तत्वावधान में कैंडल मार्च निकाला गया। मार्च में बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने भाग लेकर भरत तिवारी को न्याय दिलाने की मांग उठाई।
कैंडल मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने "भरत तिवारी अमर रहे" और "भरत तिवारी को न्याय दो" जैसे नारे लगाए। प्रतिभागियों ने मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि घटना की सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए।
भरत तिवारी की मौत को लेकर परिजनों एवं कई संगठनों ने एनकाउंटर की परिस्थितियों पर सवाल उठाए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बिहार सरकार ने न्यायिक जांच कराने की घोषणा की है। वहीं पुलिस का कहना है कि कार्रवाई मुठभेड़ के दौरान हुई थी।
प्रदर्शनकारियों ने न्यायिक जांच की प्रक्रिया को निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरा करने की मांग करते हुए कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर ही पूरे मामले की वास्तविकता सामने आएगी। कैंडल मार्च शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसमें लोगों ने न्याय और पारदर्शिता की मांग को प्रमुखता से उठाया।
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे सर्विस लेन पर भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार की इलाज के दौरान मौत
राहुल राय
मऊ। रानीपुर थाना क्षेत्र के ग्रामसभा चालहा के समीप पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की सर्विस लेन पर सोमवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एक बाइक सवार की मौत हो गई। बाइक और कार की आमने-सामने की टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायल युवक को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही रानीपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस का कहना है कि मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है तथा जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जलभराव से बदहाल बढ़ुआगोदाम हाईवे, पानी में फंसी एंबुलेंस ने खोली प्रशासनिक लापरवाही की पोल
राहुल राय

मऊ। बढ़ुआगोदाम क्षेत्र में हाईवे किनारे जलभराव की गंभीर समस्या ने स्थानीय लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। मामूली बारिश के बाद ही सड़क पर पानी भर जाने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। स्थिति की गंभीरता तब उजागर हुई जब एक एंबुलेंस जलभराव के बीच फंस गई और मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाने में बाधा उत्पन्न हो गई।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि हाईवे के किनारे जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बारिश में सड़क तालाब का रूप ले लेती है। सड़क पर जमा पानी से दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है।
ग्रामीणों और राहगीरों का कहना है कि समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन संबंधित विभाग और प्रशासन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल सके हैं। एंबुलेंस के फंसने की घटना ने प्रशासनिक तैयारियों और जल निकासी व्यवस्था की हकीकत सामने ला दी है।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से तत्काल जलभराव की समस्या का समाधान कराने तथा नालियों और ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो और लोगों को राहत मिल सके।