स्मृति शेष वेद प्रकाश शुक्ला की तृतीय पुण्यतिथि पर हुआ काव्यांजलि का आयोजन*
कवयित्री आकांक्षा गुप्ता को वेद प्रकाश शुक्ल स्मृति सम्मान से किया गया सम्मानित*
रितेश मिश्रा
हरदोई : मां आशा फाउंडेशन के तत्वावधान में बुधवार की शाम शहर के वैभव लॉन में काव्यांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें कवियों ने स्मृतिशेष वेद प्रकाश शुक्ला जी को शब्द पुष्प भेंट कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ कवि रामदेव बाजपेई व संस्थाध्यक्ष अजीत शुक्ल ने दीप प्रज्ज्वलन व मां शारदा एवं मां आशा फाउंडेशन के संरक्षक स्वर्गीय वेद प्रकाश शुक्ला के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।काव्यांजलि की शुरुआत कवि पवन प्रगीत की वाणी वंदना से हुई । युवा कवि आशुतोष कुमार ने 'इन जंजीरों को कभी तोड़ अगर पाएंगे,मकानों में रह लिए बहुत अब घर जायेंगे' कविता पढ़ वाहवाही लूटी।कवयित्री आकांक्षा गुप्ता ने 'शांति है तो शांति भी करो न कभी भंग किंतु,युद्ध है तो युद्ध भी प्रचंड होना चाहिए' कविता पढ़ तालियां बटोरी l कवि हर्षित श्रीवास्तव की 'हमारी मां के हाथो का हमारे सिर पर पहरा है,पिता जब साथ में हो फिर तो ये जीवन सुनहरा है'कविता सराही गई। कवि आदर्श गौर ने'मेरी आंखों को जिसने दृष्टि दी,पहचान जीवन में ,हमारी हार में भी खुश उन्हीं का नाम हैं पापा' कविता पढ़ सभी को भावुक कर दिया।कवि गीतेश दीक्षित ने'थाम उंगली पिता ने चलाया जिसे, वो बुढ़ापे में उनको छड़ी दे गया' गीत पढ़ वाहवाही लूटीlगीतकार दिव्यांशु शुक्ला ने "कर्म तजकर कल्पना ही कर रहे हैं, बुद्ध के चातुर्य का दम भर रहे हैं " गीत पढ वाहवाही लूटी। कवि मनीष मिश्र की रचना ' राज पिता का जब रहा, बने रहे युवराज ।बोझ गृहस्थी का पड़ा, उतरा सिर से ताज ' सराही गई।कवयित्री पल्लवी मिश्रा के गीत 'राघव रघुनंदन रघुवीरा सीतापति सुखधाम, बड़े सुंदर है मेरे राम' सराहा गया। विकास चौहान 'देखकर राम की छवि जनक नंदिनी, नेह के गेह में थी सिमटने लगी' गीत पढ़ समां बांधा।कवि अनिल अनिकेत ने "घर, दुआर, देहरी पिता, अरु बरगद की छाँव lतिंहुपुर की जन्नत अनिल, बसती पितु के पाँव' कविता पढ़ी।कवि अंकित काव्यांश ने "दिए जलाना शुरू करो सब अपने मन की नगरी में,चौदह वर्ष बाद में होंगे पहले राम पधारेंगे" कविता पढ़ वाह वाही लूटी। कवि राजकुमार सिंह प्रखर ने युगों युगों से सारे जग में जिसकी कीर्ति महान है। ऐसा हिंदुस्तान हमारा प्यारा हिंदुस्तान है।' कविता पढ़ तालियां बटोरी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि रामदेव बाजपेई, पवन प्रगीत ,अवरेन्द्र अवस्थी,उदयराज सिंह,लकी रस्तोगी, रामकिशोर मस्ताना,गगनांचल तिवारी,अमित कुमार,प्रमोद तिवारी व कुमार अमित,अरविंद मिश्र ने भी अपनी रचनाओं से समां बांधा। इस अवसर पर कवयित्री आकांक्षा गुप्ता को श्री वेद प्रकाश शुक्ल स्मृति युवा कवि सम्मान से सम्मानित किया गया।स्वo वेद प्रकाश शुक्ल के पुत्र संस्थाध्यक्ष अजीत शुक्ल ने सभी का आभार व्यक्त किया।
7 hours ago
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