पैतृक जमीन कब्जे को लेकर बढ़ा विवाद, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
विनोद गुप्ता
बेनीगंज (हरदोई)। सूबे की सरकार द्वारा अवैध कब्जों और जमीन संबंधी विवादों को रोकने के लाख प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि कब्जे और दबंगई के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला जनपद हरदोई की बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मिश्रीपुर मजरा सिकन्दरपुर का है, जहां एक महिला ने गांव के ही कुछ लोगों पर जमीन पर कब्जा करने, सामान चोरी करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रार्थिनी प्रेमलता पत्नी स्वर्गीय लाल सिंह निवासी मिश्रीपुर मजरा सिकन्दरपुर ने कोतवाली बेनीगंज में शिकायती पत्र देकर बताया कि दिनांक 20 मई 2026 को राजस्व विभाग, पुलिस बल तथा ग्राम प्रधान की मौजूदगी में गाटा संख्या 2155 की निशानदेही कराते हुए उनकी जमीन से 10 फीट चकमार्ग निकाला गया था, ताकि रास्ते का निकास हो सके। इस कार्रवाई के बाद गांव के विपक्षी पक्ष से आपसी सुलह-समझौता भी हो गया था।
पीड़िता के अनुसार समझौते के आधार पर उन्होंने 15 जून 2026 को अपने खेत के किनारे जाली, रस्सी, तार और एंगल लगवाकर घेराबंदी कराई थी। आरोप है कि 16 जून की रात गांव के बाबू पुत्र भगवती पासी, राजेन्द्र, गुड्डू, विलास, तोला, लाला, लवकुश और सोहनलाल समेत अन्य लोग मौके पर पहुंचे और खेत में लगी घेराबंदी को उखाड़कर सामान चोरी कर ले गए। महिला का कहना है कि इस घटना से लगभग 10 हजार रुपये का नुकसान हुआ है।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी बाबू ने चकमार्ग पर अवैध रूप से मकान बना रखा है तथा शौचालय भी उनकी जमीन पर बना दिया गया है। कई बार हिदायत देने के बावजूद आरोपियों ने न तो शौचालय हटाया और न ही कब्जा छोड़ा।
महिला का कहना है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो 17 जून की सुबह करीब 7 बजे विपक्षी पक्ष के लोग गाली-गलौज करते हुए मारपीट पर आमादा हो गए और जान से मारने की धमकी देकर चले गए।
बताया जा रहा है कि मामले की जांच के लिए कई बार बेनीगंज पुलिस मौके पर पहुंची। आखिरकार पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि विपक्षी दबंग प्रवृत्ति के लोग हैं और उनके परिवार की महिलाएं भी आए दिन विवाद खड़ा करती रहती हैं। पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाए, चोरी किया गया सामान बरामद कराया जाए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
अब देखना यह होगा कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करते हैं और पीड़ित परिवार को न्याय कब तक मिल पाता है।
8 hours ago
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