जनता के विश्वास के साथ धोखा : भावना शर्मा जैन, 24 घंटे भी नहीं चला 248 करोड़ का फ्लाईओवर
मुंबई । उत्तर पश्चिम जिला कांग्रेस कमेटी ने जिलाध्यक्ष  भावना शर्मा जैन के नेतृत्व में ओशिवारा में नए बने मृणाल ताई गोरे फ्लाईओवर में खराब क्वालिटी के कंस्ट्रक्शन और कथित करप्शन के खिलाफ कार्यकर्ताओं ने  प्रदर्शन किया। लगभग 248 करोड़ रुपए की लागत से बने इस फ्लाईओवर में उद्घाटन के 24 घंटे के अंदर ही डैमेज के निशान दिखने लगे थे। महापौर, भाजपा विधायक और दूसरे नेताओं ने फ्लाईओवर का उद्घाटन बड़े धूमधाम से किया था। उद्घाटन के बाद ही डामर की सतह उखड़ने लगी,फ्लाईओवर की सड़क पर गड्ढे हो गए, और उद्घाटन के तुरंत बाद रिपेयर का काम करना पड़ा। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि टैक्सपेयर्स के पैसे से इतनी ज़्यादा लागत पर बना प्रोजेक्ट जनता के लिए खुलने के बाद इतनी जल्दी कैसे खराब हो सकता है?  इस मौके पर पार्टी नेताओं ने कहा कि बीजेपी सरकार जिस फ्लाईओवर को विकास का प्रतीक बता रही थी, उसी फ्लाईओवर ने कंस्ट्रक्शन की क्वालिटी, जवाबदेही और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भावना जैन ने कहा कि मुद्दा सिर्फ कॉन्ट्रैक्टर का नहीं है, असली सवाल यह है कि इतने घटिया काम को किसने मंज़ूरी दी, पेमेंट किसने किया, और साफ कमियों के बावजूद प्रोजेक्ट का जल्दबाजी में उद्घाटन क्यों किया गया? उन्होंने कहा कि यह जनता के भरोसे के साथ धोखा और जनता के पैसे का गलत इस्तेमाल है। भावना शर्मा जैन ने कहा कि हमने प्रोजेक्ट की एक इंडिपेंडेंट हाई-लेवल जांच, इसमें शामिल सभी अधिकारियों और ठेकेदारों की जवाबदेही और 248 करोड़ रुपए कैसे खर्च किए गए, इसका पूरा खुलासा करने की मांग की है । इस विरोध प्रदर्शन ने मुंबई में कथित भ्रष्टाचार और खराब इंफ्रास्ट्रक्चर क्वालिटी को लेकर जनता की बढ़ती चिंता को दिखाया। कांग्रेस ने मांग की कि बीजेपी सरकार एक आसान सवाल का जवाब दे कि 248 करोड़ रुपए कहां गए? इस मौके पर भावना जैन शर्मा के साथ महाराष्ट्र कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष राजेश शर्मा, सैफ आहत खान, अखिलेश यादव,जयकांत शुक्ला, अवनीश तीर्थराज  सिंह ,सूर्यकांत मिश्रा, माधवी ताई राणे, गौरव राणे ,शिव यादव के साथ पार्टी के सैकड़ो कार्यकर्ता और आम नागरिक प्रदर्शन में मौजूद रहे।
बोरीवली स्टेशन के पुनर्निर्माण को लेकर रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से मिले संजय उपाध्याय
मुंबई । बोरीवली विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजय उपाध्याय ने केंद्रीय रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर बोरीवली रेलवे स्टेशन के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बोरीवली स्टेशन मुंबई के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक है, जहां प्रतिदिन लगभग 4.5 लाख यात्री आवागमन करते हैं। प्रधानमंत्री अमृत भारत योजना के तहत स्टेशन के आधुनिकीकरण और पुनर्निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है, इसलिए इसकी प्रक्रिया में तेजी लाई जानी चाहिए। इसके अलावा विधायक उपाध्याय ने रेल मंत्री को अलग-अलग पत्रों के माध्यम से पश्चिम रेलवे से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें भी उठाईं। इनमें बोरीवली से चर्चगेट के बीच एसी लोकल ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की मांग प्रमुख है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एसी लोकल सेवाओं का विस्तार आवश्यक है। उन्होंने दहाणू रोड तथा विरार और बोरीवली के बीच मेमू सेवाओं की जगह नई लोकल ट्रेन शुरू करने का भी आग्रह किया है,क्योंकि मेमू ट्रेन में काफी गंदगी होती है, उनमें पुराने रैक लगे हुए हैं। इससे उनमें प्रकाश कम होता है, हवा नहीं आती है, अगर नए लोकल की तर्ज़ पर ट्रेन चलाई गई तो  उपनगरीय यात्रियों को सुविधाजनक रहेगा। उन्होंने इसके लिए Ac-non Ac डिब्बे वाली लोकल ट्रेन चलाने की मांग की है। विधायक ने बोरीवली से चर्चगेट के बीच अतिरिक्त लोकल सेवाएं शुरू करने तथा यात्रियों की सुविधा के लिए रेल संचालन में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नवी मुंबई में APMC एवं एजुकेशन हब होने के कारण पश्चिमी उपनगर से बड़ी संख्या में व्यापारी और विद्यार्थी नवी मुंबई रोजाना सफर करते हैं। इस सफर के दौरान उन्हें कई जगहों पर लोकल ट्रेन बदलनी पड़ती है। इस असुविधा को दूर करने के लिए अंधेरी से बेलापुर(Ac/non Ac) लोकल सुबह 6 बजे से शुरू किए जाने के साथ ही बोरीवली से बेलापुर(Ac/non Ac) लोकल भी जल्द शुरू करने की मांग विधायक संजय उपाध्याय ने की। उन्होंने पश्चिम रेलवे के उपनगरीय नेटवर्क पर लगातार बढ़ते दबाव को देखते हुए यात्री सुविधाओं के विस्तार करने की मांग है।
संजय उपाध्याय ने रेल मंत्री को अवगत कराया कि पश्चिमी उपनगर वासियों को कल्याण जाने के लिए भी दादर जाकर लोकल बदलना पड़ता है। इस समस्या को दूर करने के लिए उन्होंने बोरीवली से वसई- दिवा होते हुए कल्याण के लिए लोकल ट्रेन शुरू करने की मांग केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से की।
संजय उपाध्याय ने रेल मंत्री से इन सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक निर्णय लेकर जल्द कार्रवाई करने का अनुरोध किया है, ताकि लाखों दैनिक यात्रियों को बेहतर और सुगम रेल सेवाओं का लाभ मिल सके। संजय उपाध्याय ने विलेपार्ले रेल्वे स्टेशन पर रेल मंत्री से पिछली मुलाकात के दौरान स्वयं चालित सीढ़ियां लगाने की (ESCALATOR) मांग की थी, जो कि लगाया जा रहा है। इस मांग को पूरा करने के लिए संजय उपाध्याय ने रेल मंत्री अश्विनी का आभार व्यक्त किया ।
विद्यार्थियों को शैक्षणिक सहायता राष्ट्र निर्माण की दिशा में सशक्त कदम : आचार्य पवन त्रिपाठी
मुंबई। जरूरतमंद विद्यार्थियों को शैक्षणिक सहायता देना केवल दान नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक सशक्त पहल है। श्री सिद्धिविनायक मंदिर न्यास द्वारा आयोजित विद्यार्थी मैत्री उपक्रम में जरूरतमंद विद्यार्थियों को मुफ्त शैक्षणिक सामग्री व पुस्तकों के वितरण कार्यक्रम में बोलते हुए मंदिर न्यास के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि शिक्षा आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की सबसे बड़ी ताकत है। इस तरह की कार्यक्रमों से शिक्षा में समानता लाने और बच्चों को पढ़ने लिखने की दिशा में प्रेरणा मिलती है। इस अवसर पर मंदिर न्यास के विश्वस्त महेश मुदलियार, मीना काबली, कार्यकारी अधिकारी वीणा पाटील तथा उप कार्यकारी अधिकारी डॉ संदीप राठौड़ उपस्थित रहे।
संजय उपाध्याय ने संजय राऊत के खिलाफ बोला करारा हमला
मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बेहद तीखी और विवादित टिप्पणी की है। उन्होंने पीएम मोदी की तुलना मुगल शासक 'औरंगजेब' से की और उन्हें 'अघोरी' (क्रूर) तक कह दिया। बोरीवली के भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने संजय राऊत पर करारा हमला बोलते हुए इस विकृति मानसिकता और हताशा में दिया गया बयान बताया। उन्होंने कहा कि जैसा डर छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर औरंगजेब के मन में रहता था, वैसा ही डर प्रधानमंत्री को लेकर संजय राऊत के मन में रहता है। उन्होंने कहा कि यह डर अच्छा है और संजय राऊत जैसे विकृति और खोखली मानसिकता वाले व्यक्ति के अंदर यह डर बना रहना चाहिए । उन्होंने कहा कि श्री राऊत को आत्म मंथन करना चाहिए कि हर सुबह उनके जुबान से इस तरह की घटिया सोच वाली बातें क्यों निकलती हैं। उन्होंने कहा कि पूरी तरह से हताश और निराश हो चुके संजय राऊत अपने आका को खुश करने के लिए इस तरह की ओछी बयान बाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस तरह की बयान बाजी को बर्दाश्त नहीं करेगी।
डॉ कृपाशंकर मिश्र द्वारा लिखित साहित्य मंथन का लोकार्पण


मुंबई । प्रतीक्षा मेमोरियल एज्युकेशनल ट्रस्ट के 20 वें वार्षिक सम्मेलन 2026 ई के वैनर तले डाँ.कृपाशंकर मिश्र विरचित हिन्दी काव्य-संग्रह " साहित्य मंथन " का लोकार्पण और पुस्तक परिचर्चा बुधवार 10 जून 2026 केशव गोरे सभागार गोरेगांव पश्चिम मुम्बई में आयोजित किया गया।आयोजन की अध्यक्षता हिन्दी साहित्य के पितामह डाँ सुधाकर मिश्र ने किया।पुस्तक परिचर्चा में भाग लेने वाले मनीषियों में डाँ शीतला प्रसाद दूबे,मुम्बई विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डाँ करुणाशंकर उपाध्याय,प्रोफेसर डाँ.दयानंद तिवारी,महान विदुषी डाँ उषा मिश्रा,डाँ सागर त्रिपाठी, वाराणसी से डाँ कपिलदेव प्रसाद मिश्र,नागपुर से पधारे रामकृष्ण सहस्रबुद्धे उपस्थित थे।

मंच का संचालन करते हुए डाँ उमेशचंद्र शुक्ल ने साहित्य मंथन पर अपने विस्तृत और व्यापक विचार प्रस्तुत किये। सरस्वती वंदना संस्कृत विद्वान राम व्यास उपाध्याय ने किया।गणेश स्तुति पर कथक नृत्य कनिष्का अंकित मिश्रा ने किया तथा स्वागत व भूमिका में संपूर्ण नियोजन की जानकारी संस्था के अध्यक्ष डाँ.कृपाशंकर मिश्र ने दिया।उपस्थित कलमकारो में गजानन महतपुरकर, बोधिसत्व, आभा बोधिसत्व,डाँ देवमणि पाण्डेय,डाँ नीलिमा पाण्डेय,सत्यभामा सिंह, शिवकुमार सिंह, राजकुमार मिश्र, डाँ दिनेश वर्मा,डाँ रोशनी किरन,डाँ किरन मिश्रा, पल्लवी रानी, किरन तिवारी,ओमप्रकाश तिवारी, शिवप्रकाश जमदग्निपुरी, दिनेश वर्मा,मनोज नायक, लालबहादुर कमल,नन्दन मिश्र त्यागी,सुरेश मिश्र, मिथिलेश मिश्र,प्रमोद उपाध्याय, नीतू पाण्डेय क्रान्ति, राजेन्द्र मिश्र,डाँ मृदुल तिवारी महक,वाचस्पति तिवारी,श्रीधर आत्मिक मिश्र, प्रमोद पाण्डेय, विनोद पाण्डेय,रामजीत गुप्त,नन्दलाल क्षितिज,ए पी द्विवेदी रोमा झा, कुसुम तिवारी और बेटी इन्दिराअमिता गुजराल,  जागृति सिन्हा,राजनाथ शर्मा,हरिशंकर मिश्र भाइन्दर, संतोष मिश्र,सुरेश दूबे, कृष्णकान्त मिश्र, रामसिंह, अमरनाथ तिवारी, गौरीशंकर तिवारी, हरिश्चंद्र पाण्डेय, आनन्द पाण्डेय केवल,  मीनाक्षी शर्मा, कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप,अरुण दूबे,डाँ प्रमोद पाण्डेय (मानस परिवार), सूर्यकुमार तिवारी एवं समस्त मानस ट्रस्ट परिवार,संजय द्विवेदी,अनिल कुमार राही, राकेशमणि तिवारी, आर के सर, कवि चुलबुल, अवधेश विश्वकर्मा उपस्थित रहे।

उपस्थिति सभी साहित्यकारों को साहित्य गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। वसीम सहित अन्य सभागार में सहयोगी और समर्पित भाव से आयोजन बनाने वालो की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन का अंत राष्ट्रगान से हुआ तथा संस्था अध्यक्ष डॉ कृपाशंकर मिश्र ने सभी से क्षमा याचना की और अपना आभार व्यक्त किया।
भीषण सड़क हादसे में कैसे बचा शर्मा परिवार,साहस, संघर्ष और पारिवारिक समर्पण की प्रेरणादायक कहानी
मुंबई। मुंबई निवासी अंकुर शर्मा और उनके परिवार की यह सच्ची कहानी केवल एक सड़क दुर्घटना की नहीं, बल्कि अदम्य साहस, पारिवारिक प्रेम, धैर्य और ईश्वर की कृपा की मिसाल है। यह घटना सिद्ध करती है कि जब इंसान का हौसला अडिग हो और परिवार एकजुट हो, तो जीवन की सबसे कठिन परीक्षाएं भी पार की जा सकती हैं।
24 दिसंबर 2025 की सुबह लगभग 6:30 बजे राजस्थान के एक राष्ट्रीय राजमार्ग पर अंकुर शर्मा अपनी पत्नी पूनम शर्मा, 12 वर्षीय पुत्री वंशिका शर्मा, 4 वर्षीय पुत्र देवांश शर्मा और चालक संजय के साथ यात्रा कर रहे थे। यात्रा सामान्य रूप से चल रही थी कि अचानक सामने चल रहे ट्रक ने तेज ब्रेक लगा दिए। इससे उनकी कार ट्रक के पीछे जा टकराई और देखते ही देखते एक भयावह दुर्घटना घट गई।हादसे में पूनम शर्मा, वंशिका शर्मा और चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। स्वयं अंकुर शर्मा को भी अंदरूनी चोटें आईं। सौभाग्यवश छोटे देवांश को गंभीर चोट नहीं लगी। दुर्घटना के दौरान मात्र 12 वर्ष की वंशिका ने जिस साहस और सूझबूझ का परिचय दिया, वह किसी बड़े व्यक्ति से कम नहीं था। उसने अपने छोटे भाई की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। घायल होने के बावजूद अंकुर शर्मा ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने सबसे पहले अपने परिवार को बचाने का संकल्प लिया। इसी बीच अश्विन नामक एक सज्जन व्यक्ति देवदूत बनकर सामने आए। उनकी मदद से सभी घायलों को तत्काल निकटवर्ती अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार दिया गया। संकट की उस घड़ी में अश्विनी का सहयोग शर्मा परिवार कभी नहीं भूल सकता। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए अंकुर शर्मा ने तुरंत एम्बुलेंस की व्यवस्था की और लगभग 70 किलोमीटर दूर जोधपुर स्थित मथुरादास माथुर अस्पताल में परिवार को भर्ती कराया। यहां डॉक्टरों ने गहन चिकित्सा शुरू की, लेकिन सबसे चिंताजनक स्थिति पूनम शर्मा की थी। उनके सिर में गंभीर चोट लगी थी और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। पूरा परिवार अनिश्चितता और चिंता के दौर से गुजर रहा था।
कई दिनों तक चले इलाज के बाद अंकुर शर्मा ने अपनी पत्नी को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का कठिन निर्णय लिया। 29 दिसंबर 2025 को विशेष व्यवस्था के तहत पूनम शर्मा को एयरलिफ्ट कर मुंबई लाया गया और उन्हें लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ. अतुल गोयल के मार्गदर्शन में उनका उपचार प्रारंभ हुआ।
अंकुर शर्मा बताते हैं कि उनके जीवन का यह सबसे कठिन समय था। एक ओर पत्नी जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रही थीं, दूसरी ओर चार वर्षीय पुत्र की देखभाल की जिम्मेदारी थी। अस्पताल और घर के बीच उनका जीवन सीमित हो गया था। प्रतिदिन लगभग 17 घंटे अस्पताल में बिताना उनकी दिनचर्या बन गई थी। जब वे घर जाते, तब उनके पिता अस्पताल में रहकर परिवार का संबल बनते। इस कठिन दौर में अंकुर शर्मा के माता-पिता और पुत्री वंशिका ने असाधारण धैर्य और साहस का परिचय दिया। अंकुर शर्मा स्वीकार करते हैं कि यदि परिवार का साथ न होता तो इस संघर्ष को पार कर पाना संभव नहीं था। पहले 108 दिनों तक उन्हें पर्याप्त नींद और आराम भी नसीब नहीं हुआ।
लगभग 35 दिनों बाद जब पूनम शर्मा को आईसीयू से सामान्य वार्ड में स्थानांतरित किया गया, तब परिवार को पहली बार राहत की किरण दिखाई दी। इसके बाद धीरे-धीरे स्वास्थ्य में सुधार होता गया।आखिरकार 10 अप्रैल 2026 को 108 दिनों तक चले लंबे उपचार, चिकित्सकों के अथक प्रयास और परिवार की अटूट सेवा के बाद पूनम शर्मा को लीलावती अस्पताल से छुट्टी मिल गई। आज वे पूर्णतः स्वस्थ होकर अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन व्यतीत कर रही हैं।
यह कहानी केवल एक दुर्घटना से बच निकलने की नहीं है। यह कहानी है एक पति के समर्पण की, एक पिता के उत्तरदायित्व की, एक बेटी के साहस की, माता-पिता के त्याग की और उस विश्वास की, जो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी मनुष्य को टूटने नहीं देता।
अंकुर शर्मा ने जिस प्रकार विपरीत परिस्थितियों में अपने परिवार का साथ निभाया, वह आज के समाज के लिए एक प्रेरणा है। उनका संघर्ष हमें सिखाता है कि सच्चा पारिवारिक प्रेम केवल सुख के दिनों में नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में अपने वास्तविक स्वरूप में दिखाई देता है।
सच ही कहा गया है—
"जाको राखे साईंया, मार सके ना कोय।"
धोबी समाज विकास वेलफेयर एसोसिएशन विरार के अध्यक्ष बने विनोद कनौजिया
विरार। धोबी समाज विकास वेलफेयर एसोसिएशन,विरार के चुनाव समिति की बैठक में चुनाव समिति के अध्यक्ष शेष बहादुर अक्षैवर कनौजिया ने सर्व सम्मति से विनोद लालमणि कनौजिया को धोबी समाज विकास वेलफेयर एसोसिएशन विरार का नया अध्यक्ष घोषित किया। इसके उपरांत मौजूद सभी लोगों ने पुष्पगुच्छ तथा भारतीय संविधान की किताब देकर उनका अभिनन्दन किया। इसके बाद उपस्थित सभी सदस्यों ने अशोक कनौजिया को महासचिव तथा शशीकांत कनौजिया को कोषाध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा जिसे चुनाव समिति के अध्यक्ष महोदय ने सर्वसम्मति से अशोक कनौजिया को महासचिव तथा शशीकांत कनौजिया को कोषाध्यक्ष घोषित किया। सभी लोगों ने उनके नेतृत्व में एकजुट होकर समाज के विकास में कंधे से कंधा मिलाकर साथ चलने का आश्वासन दिया, सभी को उम्मीद है कि पूर्व अध्यक्ष की तरह उनके नेतृत्व में भी समाज मजबूत होगा। इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष दिनेश कुमार (दीनूकाका),छविनाथ रजक,शेष बहादुर कनौजिया, गामा प्रसाद रजक, जिया लाल कनौजिया, अरविंद कनौजिया (एल आई सी एजेंट), प्रेम शंकर कनौजिया, अरविंद (shonu)कनौजिया पूर्व कप्तान क्रिकेट टीम,राम आसरे, सतीश, सियाराम, मेवालाल, राजेश, फूलचंद, रवि, ओमप्रकाश, छोटे लाल, जयप्रकाश (पप्पू) समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।
बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा किया गया सम्मान समारोह एवं काव्यगोष्ठी का आयोजन
ठाणे । साहित्य,शिक्षा एवं संस्कृति को समर्पित  ट्रस्ट बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट,कल्याण पश्चिम, ठाणे द्वारा गुरुवार 11 जून 2026  की संध्या सम्मान समारोह एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन संस्थापक अध्यक्ष शिव कुमार सिंह के आवास पर किया गया।उक्त अवसर पर आकाशवाणी के उद्घोषक एवं वरिष्ठ कवि आनंद प्रकाश सिंह मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ ममता झा, डॉ मनीषा सिंह आमंत्रित थी।महाराष्ट्र साहित्य अकादमी द्वारा सम्मानित वरिष्ठ साहित्यकार एवं सम्मानमूर्ति रामकृष्ण सहस्रबुद्धे ने काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता किया।सम्मान समारोह का शुभारम्भ जागृति सिन्हा के सरस्वती वंदना से हुआ। तत्पश्चात अध्यक्ष शिवकुमार सिंह एवं सचिव सत्यभामा सिंह ने नागपुर से पधारे सम्मानमूर्ति रामकृष्ण सहस्रबुद्धे का पारम्परिक स्वागत एवं अभिनन्दन किया।काव्य पाठ की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए संचालिका सुश्री रीना धीमान ने सर्वप्रथम कवयित्री रिंकी सिंह को काव्य पाठ के लिए आमंत्रित किया तत्पश्चात  मीनाक्षी,किरन तिवारी, सुमंगला,सुमित्रा सखी, कविता झा,जागृति सिन्हा,कुसुम तिवारी, अनिल कुमार राही,रंजन सरल, कवि एवं पत्रकार विनय दीप शर्मा,सदाशिव चतुर्वेदी, रोशनी किरन,बिट्टू जैन, सत्यभामा सिंह ज़िया, रीना धीमान ने अपनी काव्य प्रस्तुतियों से सभी को प्रमुदित कर दिया।काव्य पाठ के दूसरे दौर में वरिष्ठ कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप ने संचालक की भूमिका निभाते हुए बाहुबली सिंह को काव्य पाठ के लिए आमंत्रित किया तत्पश्चात ओम प्रकाश सिंह निडर, ए. पी. द्विवेदी ,शिव कुमार सिंह,डॉ ममता झा,डॉ मनीषा सिंह,मुख्य अतिथि आनंद प्रकाश सिंह (स्त्री हो, जो तुम कंठ से नहीं गाती, तुम राग हो जिसे ब्रह्माण्ड को गाना है ) की विविध विषयों पर आधारित कविताओं ने सुन्दर समां बांध दिया।अध्यक्ष एवं सम्मानमूर्ति रामकृष्ण सहस्रबुद्धे अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में सभी काव्य पाठों की सराहना करते हुए भावपूर्ण -(पूछ रहा हूँ उत्तर दे दो..राम लिखा एक पत्थर दे दो )काव्य प्रस्तुति दी। उक्त गोष्ठी में उपस्थित सभी साहित्यकारों का सम्मान संस्था द्वारा पुष्पगुच्छ एवं उपहार देकर किया गया।ट्रस्ट के उपाध्यक्ष ए पी द्विवेद ने मुख्य अतिथि, अध्यक्ष, संचालक द्वय एवं सभी उपस्थित कवियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कोली समुदाय के मुद्दों का समाधान निकालने के लिए मंगल प्रभात लोढ़ा ने दिया निर्देश


मुंबई | गिरगांव चौपाटी से कोली समुदाय की नौकाएं हटाने के कारण उत्पन्न स्थिति का राज्य के मंत्री और स्थानीय विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा ने तत्काल संज्ञान लिया है और संबंधित तंत्र को आवश्यक निर्देश दिए हैं। इस संदर्भ में, कोली समाज के प्रतिनिधियों ने  मंगल प्रभात लोढ़ा से मुलाकात की और अपना पक्ष रखा। उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए, मंगल प्रभात लोढ़ा ने तत्काल बृहन्मुंबई महानगरपालिका के सह-आयुक्त और मत्स्य पालन विभाग के आयुक्त से टेलीफोन पर संपर्क किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कोली समुदाय के साथ समन्वय बनाकर सहयोग करने और कोई भी कार्रवाई करते समय उनकी आजीविका व पारंपरिक अधिकारों का व्यापक विचार करने के स्पष्ट निर्देश दिए। गिरगांव चौपाटी परिसर मुंबई की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, और यहाँ लंबे समय से कोली समाज पारंपरिक तरीके से अपनी आजीविका चला रहा है। इस पृष्ठभूमि में, विकास कार्यों और स्थानीय लोगों के अधिकारों के बीच संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, इस बात पर उन्होंने जोर दिया। इस संदर्भ में मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि गिरगांव चौपाटी पर कोली समुदाय का मुद्दा अत्यंत संवेदनशील है। प्रशासन और स्थानीय समुदाय के बीच उचित समन्वय बनाकर ही इस समस्या का हल निकाला जाना चाहिए। जब तक कोली समुदाय के लिए गिरगांव चौपाटी पर उचित स्थान या वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध नहीं हो जाती, तब तक हम उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। मुंबई सबसे पहले कोली समुदाय की है। कोली समुदाय की आजीविका और उनके पारंपरिक अधिकारों का सम्मान करते हुए सकारात्मक समाधान निकले, इसके लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।”
इस मामले में सभी संबंधित घटकों के बीच संवाद के माध्यम से मार्ग निकालने को प्राथमिकता दी जाएगी और जल्द ही इस पर सकारात्मक समाधान निकलेगा, ऐसा विश्वास उन्होंने व्यक्त किया है।
मीरा भायंदर में साफ सफाई के लिए मैदान में उतरे बीजेपी नगरसेवक
भायंदर। मीरा भायंदर शहर के भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता के मार्गदर्शन में सभी नगरसेवक और नगरसेविकाओं द्वारा बीएमसी के सफाई कर्मचारियों और फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों और अधिकारियों के सहयोग से अपने अपने प्रभागों में गटर सफाई, डीप क्लीनिंग, मच्छर की दवा का छिड़काव का काम किया जा रहा है। प्रभाग समिति 5 में स्थानीय नगरसेवक मनोज रामनारायण दुबे के साथ सभापति नगरसेवक दिनेश जैन, नगरसेवक संजय पवार, सुमित सिंह तथा रजनी मिश्रा ने सफाई निरीक्षक अनिल राठौड़ तथा बीएमसी के सफाई कर्मचारियों और फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों के साथ वार्ड क्रमांक  20, 21 तथा 22 में संपूर्ण परिसर की साफ सफाई की। स्थानीय जनता इस काम को देखकर बेहद खुश नजर आ रही थी।