बाबा बालखंडी नाथ मंदिर में भव्य शुरुआत; लाखों श्रद्धालुओं के बीच सात दिवसीय श्री अधिक मास शिव महापुराण कथा का उद्घाटन
संजीव सिंह बलिया, 9 जून 2026 — बाबा बालखंडी नाथ मंदिर परिसर में मंगलवार से शुरू हुई सात दिवसीय श्री अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) शिव महापुराण कथा का भव्य और भक्तिमय आयोजन पहले ही दिन श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति के साथ संपन्न हुआ। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कथा के प्रथम दिन अधिक मास की महिमा तथा भगवान शिव की आराधना के महत्व का विस्तृत वर्णन किया।
कथा का शुभारंभ परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, राज्यसभा सांसद नीरज शेखर तथा भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा द्वारा व्यासपीठ पूजन के साथ हुआ। इस मौके पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बलिया की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस पवित्र भूमि पर कथा आयोजन कराना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने महर्षि भृगु की तपोभूमि और वीरों की धरती बलिया का नमन करते हुए कहा कि अधिक मास भगवान की विशेष कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर है। उन्होंने बताया कि इस पवित्र मास में शिव की उपासना और जलाभिषेक से अनेक गुना पुण्य फल मिलता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” का जाप और एक लोटा जल अर्पित करने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ सकता है। कथावचन के दौरान उन्होंने लिंग पुराण और स्कंद पुराण में बाबा बालेश्वर नाथ के वर्णन का संदर्भ भी दिया और श्रद्धालुओं से इन ग्रंथों का अध्ययन करने का आह्वान किया।
कथा के पहले दिन ही देश-प्रदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं ने पूरा परिसर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गुंजायमान कर दिया। आयोजकों ने लगभग एक लाख लोगों की क्षमता वाला वॉटरप्रूफ पंडाल, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, पार्किंग, सुरक्षा एवं यातायात प्रबंध सहित व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सुरक्षा के कड़े प्रबंधों के तहत कई थानों की पुलिस फोर्स, यातायात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सतत मुस्तैद रहे। गर्मी को ध्यान में रखते हुए पानी व अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया।
आस्था, श्रद्धा और भक्ति के सम्मिलन से परिपूर्ण इस कथाक्रम का पहला दिन श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय रहा। कथा अगले छह दिनों तक चलने वाली है और आयोजन समिति ने आगे भी इसी प्रकार सुचारु व सुरक्षित व्यवस्था बनाए रखने का आश्वासन दिया है।
सहायक अध्यापक की जनगणना में लापरवाही पर बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने किया निलंबन; जांच के निर्देश जारी
संजीव सिंह बलिया, 9 जून 2026 — जनगणना जैसे संवेदनशील सरकारी कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में सोहांव क्षेत्र के कम्पोजिट विद्यालय इटहीं के सहायक अध्यापक विनोद कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई चार्ज अधिकारी जनगणना/तहसीलदार, बलिया की रिपोर्ट के आधार पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) मनीष कुमार सिंह ने की है। चार्ज अधिकारी की रिपोर्ट में बताया गया है कि एचएलबी संख्या 0690 के प्रगणक विनोद कुमार ने बार-बार निर्देश देने के बावजूद भी जनगणना कार्य शुरू नहीं किया। सुपरवाइजर धनश्याम पांडेय की जानकारी के अनुसार 31 मई 2026 की दोपहर 1 बजे तक विनोद कुमार ने एचएलबी 0692 में कार्य आरंभ नहीं किया था और उनके मोबाइल भी बंद पाए गए। इससे स्पष्ट होता है कि उन्होंने जनगणना जैसे महत्वपूर्ण दायित्व में घोर लापरवाही बरती है। बीएसए ने इस प्रकरण को गंभीर बताते हुए कहा है कि यह कृत्य उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (आचरण एवं अपील) नियमावली, 1999 के अनुरूप नहीं है और कर्तव्य एवं दायित्व के निर्वहन में उदासीनता का उदाहरण है। निलंबन अवधि के दौरान विनोद कुमार प्रावि रामापुर से सम्बद्ध रहेंगे और उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। जांच अधिकारी नियुक्त, 15 दिन में रिपोर्ट मांगी गई बीएसए ने खण्ड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार चौबे (सीयर) को जांच अधिकारी नामित किया है। जांच अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित सहायक अध्यापक के विरुद्ध आवश्यक आरोप पत्र अधोस्ताक्षरी से अनुमोदित कराकर अपचारी कर्मचारी का लिखित अभिकथन प्राप्त करें और तथ्यपरक जांच आख्या 15 दिनों के भीतर बीएसए कार्यालय को उपलब्ध कराएं। (सम्बन्धित अधिकारी बयान उपलब्ध होते ही आगे की रिपोर्ट देंगें।)
अतिस्थौल्य (मोटापा) केवल वजन नहीं, मेद धातु की विकृति : आयुर्वेद
अमर बहादुर सिंह बलिया शहर नगरा बलिया। आधुनिक जीवनशैली में तेजी से बढ़ रही मोटापे की समस्या को आयुर्वेद ने हजारों वर्ष पूर्व ही गंभीर रोग के रूप में वर्णित किया है। आयुर्वेदाचार्यों चरक, सुश्रुत और वाग्भट के अनुसार अतिस्थौल्य केवल शरीर का भार बढ़ना नहीं है, बल्कि मेद धातु की विकृति है, जिससे अनेक अन्य रोग उत्पन्न हो सकते हैं। आयुर्वेदिक ग्रंथों में वर्णित श्लोक “अतिस्थौल्यापचीमेहज्वरोदरभगन्दरान् । काससंन्यासकुष्ठानि तृट्कृच्छ्राणि च दारुणान् ॥” के अनुसार अत्यधिक मोटापा प्रमेह (मधुमेह), उदर रोग, भगन्दर, कास, मूत्र विकार तथा अन्य गंभीर रोगों का कारण बन सकता है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी मोटापे को डायबिटीज, फैटी लिवर, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग तथा स्लीप एपनिया जैसी समस्याओं का प्रमुख कारण मानता है। आयुर्वेद के अनुसार मोटापे की चिकित्सा का मूल सिद्धांत है— “मेद, कफ और विकृत चयापचय को संतुलित करना।” वाग्भट ने कहा है कि ऐसी चिकित्सा अपनानी चाहिए जो मेद को कम करे, कफ का शमन करे तथा शरीर के संतुलन को बनाए रखे। विशेषज्ञों के अनुसार मोटापा नियंत्रण में जौ, कुल्थी, मूंग, छाछ तथा गुनगुना जल अत्यंत लाभकारी माने गए हैं। कुल्थी को आयुर्वेद में शक्तिशाली मेदहर बताया गया है, जबकि जौ को मोटापा नियंत्रण की श्रेष्ठ औषधि माना गया है। इन पदार्थों में प्रचुर मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन सुधारने और वजन नियंत्रित करने में सहायक होता है। आयुर्वेदिक ग्रंथों में त्रिफला, गिलोय, शुद्ध मधु तथा शिलाजीत का भी उल्लेख मिलता है। त्रिफला पाचन को सुदृढ़ करने, गिलोय चयापचय को बेहतर बनाने तथा मधु को ‘लेखन’ गुण वाला बताया गया है, जो अतिरिक्त मेद को कम करने में सहायक माना जाता है। हालांकि विशेषज्ञ किसी भी औषधि के सेवन से पूर्व योग्य चिकित्सक की सलाह लेने की सलाह देते हैं। स्वस्थ जीवन के लिए नियमित व्यायाम, प्रतिदिन 8 से 10 हजार कदम चलना, योग, सूर्य नमस्कार तथा श्रम को भी अत्यंत आवश्यक बताया गया है। आयुर्वेद का उद्देश्य केवल वजन कम करना नहीं, बल्कि अग्नि को संतुलित करना, मेद को नियंत्रित करना, कफ का शमन करना और सम्पूर्ण स्वास्थ्य की स्थापना करना है। अमर बहादुर सिंह नगरा बलिया, उत्तर प्रदेश “स्वस्थ शरीर, संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या ही मोटापे से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।”
मंडल पूर्वांचल किकबॉक्सिंग प्रतियोगिता 2026: बलिया के बच्चों ने जीते बहुमूल्य पदक, नगरा में उत्सव
संजीव सिंह नगरा (बलिया) — मंडल पूर्वांचल किकबॉक्सिंग प्रतियोगिता 2026 का भव्य आयोजन पांडे मैरिज हॉल, नगरा में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉक्टर समरजीत बहादुर सिंह ने की, जबकि प्रतियोगिता में कोच अंकित चौहान, विष्णु कुमार, कृष्ण शर्मा, मनोज कुमार पाटिल, मुकेश कुमार और अनिल कुमार ने बच्चों का मार्गदर्शन किया और आयोजन में सक्रिय योगदान दिया। प्रतियोगिता में बनारस, गाजीपुर, बलिया और मऊ जिलों के प्रतिभागी बच्चों ने हिस्सा लिया और विभिन्न वेट व उम्र वर्गों में दमदार प्रदर्शन दिखाया। मुख्य अतिथि थाना अध्यक्ष संजय मिश्रा  नगरा, व सभासद
डॉ. संजयबहादुर सिंह रहे। आयोजन में बिट्टू, राजकुमार, आकाश और अन्य सदस्यगण ने सहयोगी भूमिकाएँ निभाईं। पुरस्कार वितरण समारोह में विजेताओं को प्रमाण-पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया। बलिया जिले के उत्कृष्ट प्रदर्शनकर्ताओं जिन्होंने गोल्ड और सिल्वर जीतकर जिले का नाम रौशन किया, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: विशाल रजक अब्दुल दानिश राधा वर्मा वैश्‍णवी गोयल ऋषभ कनौजिया अनु सैनी नैना वर्मा प्रतियोगिता ने क्षेत्रीय युवा खिलाड़ियों के उत्साह और कौशल को बढ़ावा दिया। आयोजकों ने कहा कि भविष्य में और भी व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण व प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएंगी ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चों को अवसर मिलें और वे राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व कर सकें। कार्यक्रम समापन पर आयोजकों और प्रतिभागियों ने सफलता का जश्न मनाया।
रामबदन यादव के आकस्मिक निधन पर शिक्षा-जगत और समाज में शोक की लहर
संजीव सिंह बलिया, नगरा मलप में 16 मई 2026 — समाज और शिक्षा के क्षेत्र में एक गहरे शोक ने स्थानीय समुदाय को झकझोर दिया जब अवकाशप्राप्त प्रवक्ता और समाजसेवी रामबदन यादव का आकस्मिक निधन हो गया। वे स्व. प्रधानाचार्य मलिकार यादव के पुत्र थे और उच्च शिक्षा में परिष्कृत—एम.ए. (भूगोल) व बी.एड। शैक्षिक सेवाएँ और सामाजिक योगदान रामबदन यादव ने दशकों तक श्री गांधी महा विद्यालय, मलय नगर मलप, बलिया में भूगोल प्रवक्ता के रूप में शिक्षा दी और विद्यालय के शैक्षिक मानक को उन्नत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व और शिक्षण से अनेक विद्यार्थियों का मार्गदर्शन हुआ और विद्यालय की प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई। अपने करियर में उन्होंने दिसपुर, गुवाहाटी में सुपरवाइजर के रूप में भी सेवाएँ प्रदान कीं, जिससे उनका शैक्षिक दायरा व्यापक हुआ। उनके पिता मलिकार यादव ने राम-लक्ष्मण सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सरायचावट में कोषाध्यक्ष के रूप में लंबे समय तक सेवा दी—शैक्षिक परिवार की यह परंपरा रामबदन जी में स्पष्ट रूप से दिखाई देती रही। पारिवारिक जीवन रामबदन यादव के पारिवारिक जीवन में उनके चार संतानें हैं: ब्रजेश यादव (व्यवसायी), राकेश यादव (अध्यापक), संगीता यादव (अध्यापिका) तथा शैलेश यादव 'पिंटू' (समाजसेवी)। दोनों बुहुएँ भी अध्यापिका हैं। उनके पिता का प्रारंभिक संबंध प्रसिद्ध उद्योगपति व स्टील प्लांट के मालिक बाबु रामनगीना सिंह कोदईं से रहा, जो उनके मित्र और सहपाठी थे। परिजन, मित्र और शैक्षिक समुदाय रामबदन जी के आकस्मिक निधन से गहरे सदमे में हैं। समारोह और श्रद्धांजलि रामबदन यादव का तेरहवीं संस्कार 28 मई 2026 को संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों के नेता, समाजसेवी और शिक्षक उपस्थित रहे और उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। स्थानीय समाज और शिक्षण समुदाय ने शोक-संदेश और श्रद्धांजलि सभाओं के माध्यम से परिवार को सांत्वना दी। स्थानीय प्रतिक्रिया और विरासत उनके निधन से स्थानीय शिक्षा जगत और सामाजिक कार्यों में एक खालीपन उत्पन्न हुआ है। सहकर्मियों ने रामबदन जी की सरलता, समर्पण और छात्रों के प्रति उनकी निष्ठा का स्मरण किया। कई शिक्षण संस्थानों में उनके योगदान और अनुशासन को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताया जा रहा है। परिवार, मित्रों और सहकर्मियों ने उनके स्मरण में आने वाले दिनों में अनेक कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है ताकि शिक्षक व समाजसेवी के रूप में उनकी याद जीवित रहे।
राजभवन में राज्यपाल ने किया सम्मानित, शैलेन्द्र यादव ने रखा “एक वाहन—एक पौधा” का राष्ट्रीय प्रस्ताव
संजीव सिंह बलिया! चंडीगढ़, 29 मई — राजभवन, पंजाब में बेसिक एजुकेशन मूवमेंट ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में महामहिम राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने जनपद बलिया के इको क्लब प्रभारी और पर्यावरणविद् श्री शैलेन्द्र प्रताप यादव को पर्यावरण संरक्षण में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया। समारोह में राज्यपाल ने श्री यादव की समर्पित सेवा और उनके अभिनव सुझावों की प्रशंसा की। समारोह के दौरान श्री यादव ने राज्यपाल को पौधा भेंट करते हुए पर्यावरण संरक्षण हेतु एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किया — भविष्य में वाहन खरीद या पंजीकरण के साथ ‘एक वाहन—एक पौधा’ का अनिवार्य संकल्प जोड़ा जाए। उनका तर्क था कि देश में हर साल सड़कों पर लाखों नए वाहन आते हैं; यदि प्रत्येक वाहन के साथ एक पौधा लगाने की परंपरा बन जाए तो करोड़ों वृक्ष धरती की हरियाली बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने बताया कि यह पहल सरकारी नीतियों के साथ जनभागीदारी को जोड़ कर पर्यावरण संरक्षण को सामान्य नागरिकों की नैतिक जिम्मेदारी के रूप में स्थापित करेगी। श्री यादव, जो 5 सितम्बर 2020 से प्रतिदिन पौधारोपण का आजीवन संकल्प निभा रहे हैं, ने अपने अभियान के अब हजारों दिनों के सफर और जन-प्रेरणादायी प्रभाव का जिक्र किया। कार्यक्रम में बेसिक एजुकेशन मूवमेंट ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार शर्मा, प्रख्यात कवि विनय कुशवाहा, रजनी बाला समेत अनेक शिक्षाविद्, साहित्यकार और समाजसेवी उपस्थित थे। उपस्थित जनों ने श्री यादव के प्रयासों की सराहना की और अधिकाधिक वृक्षारोपण का आह्वान किया। राजभवन में पेश किया गया ‘एक वाहन—एक पौधा’ प्रस्ताव उपस्थित लोगों के बीच चर्चा का विषय बना। समारोह में मौजूद अतिथियों ने इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक दूरदर्शी, व्यवहारिक और जनहितकारी पहल बताते हुए समर्थन व्यक्त किया और नीतिगत स्तर पर इसे अपनाने के सुझाव दिए
जिलाधिकारी ने IGRC पोर्टल पर नेगेटिव निस्तारण पर अधिकारियों को दी कड़ी चेतावनी, नलकूप अधिकारी का एक दिन वेतन रोका
संजीव सिंह बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने गुरुवार को विकास भवन सभागार में आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा करते हुए कई विभागों की laxता पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी। बैठक में जिला पूर्ति, जिला समाज कल्याण, जिला पंचायत राज, जिला बेसिक शिक्षा, जिला कार्यक्रम एवं नगर पालिका परिषद समेत कई विभागों द्वारा पोर्टल पर अपलोड की गई निस्तारण आख्या की जांच की गई, जिसमें कई विभागों की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से नलकूप विभाग की कार्यप्रणाली को बेहद खराब बताया। विभाग द्वारा पोर्टल पर कई नेगेटिव निस्तारण आख्या अपलोड किए जाने पर नलकूप अधिकारी के एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और प्रमाण आवश्यक हैं, पर कई मामलों में शिकायतकर्ताओं से फीडबैक नहीं लिया गया और निस्तारण से संबंधित फोटोग्राफ भी पोर्टल पर अपलोड नहीं किए गए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि संबंधित अधिकारियों को अनिवार्य रूप से शिकायतकर्ता से संपर्क स्थापित करना होगा, उनका फीडबैक लेना होगा तथा निस्तारण के प्रमाणस्वरूप फोटो लेकर शीघ्र ही पोर्टल पर अपलोड करना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि दो दिन बाद पुनः समीक्षा की जाएगी और यदि किसी विभाग द्वारा फिर से नेगेटिव आख्या अपलोड की गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए मामला शासन स्तर पर भेजा जाएगा। बैठक में सीडीओ ओजस्वी राज, एडीएम अनिल कुमार एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
उत्साह के साथ स्वागत: बलिया के चार खंड शिक्षा अधिकारियों का पीईएस में प्रमोशन, बीएसए कार्यालय व बीआरसी पर भव्य माल्यार्पण
संजीव सिंह बलिया, 27 मई 2026 — उत्तर प्रदेश में कई खंड शिक्षा अधिकारियों को प्रादेशिक शैक्षिक सेवा (पीईएस) समूह‑क के पदों पर पदोन्नत किए जाने के बाद बलिया जिले के चार खंड शिक्षा अधिकारियों को जिले में सांस्‍कृतिक और औपचारिक स्वागत के साथ सम्मानित किया गया। पदोन्नत अधिकारी हैं: खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) नगरा आर.पी. सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी रेवेती डी.पी. सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी बेलहरी राजीव गंगवार और खंड शिक्षा अधिकारी पंदह अनूप गुप्ता। बीएसए कार्यालय में आयोजित समारोह में बीएसए कार्यालय के कर्मचारियों ने नए पीईएस बनने वाले अधिकारियों का माल्यार्पण कर उनका गरिमापूर्ण स्वागत किया। कार्यालय का माहौल खुशियों से भर गया और कर्मचारियों के साथ ही अनेक शिक्षक भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। पदोन्नति पाने वाले अधिकारी अब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA), GIC प्रधानाचार्य तथा वरिष्ठ DIET प्रवक्ता (Senior DIET Lecturer) जैसे जवाबदेह और उच्च पदों पर कार्य कर सकते हैं। इस मौके पर विशेष रूप से नगरा BRC कार्यालय पर भी भव्य माल्यार्पण और स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ बड़ी संख्या में कार्यालय स्टाफ तथा स्थानीय शिक्षक मौजूद रहे और पदोन्नति की खुशी में अधिकारियों को शुभकामनाएँ दीं। उपस्थित लोगों ने अधिकारियों के व्यावसायिक समर्पण और शिक्षा के क्षेत्र में उनकी आगामी भूमिकाओं के लिए आशा एवं शुभकामना व्यक्त की।
नरेंद्र कुमार शुक्ला बने जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया के नए कुलपति
संजीव सिंह बलिया — जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय (JNCU) के नए कुलपति के रूप में प्रो. नरेंद्र कुमार शुक्ला की नियुक्ति की घोषणा की गई है। राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने प्रो. शुक्ला को वर्तमान कार्यभार ग्रहण की तिथि से अगले तीन वर्षों के लिए विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया है। प्रो. शुक्ला वर्तमान में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन विभाग में प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। शिक्षण और प्रशासनिक अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्हें JNCU की कमान सौंपी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि प्रो. शुक्ला के नेतृत्व में शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध एवं अधोसंरचना के विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा। विश्वविद्यालय के शिक्षावृत्त और कर्मचारी संगठनों ने प्रो. शुक्ला के स्वागत में संतोष व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि उनका अनुभव विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने में सहायक रहेगा। आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय द्वारा एक औपचारिक स्वागत एवं परिचयात्मक कार्यक्रम आयोजित किये जाने की संभावना है, जिसमें प्रो. शुक्ला अपने दायित्व ग्रहण-पत्र पर हस्ताक्षर कर वार्षिक योजनाओं और प्राथमिकताओं का उल्लेख करेंगे
नरेंद्र कुमार शुक्ला बने जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया के नए कुलपति
संजीव सिंह बलिया — जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय (JNCU) के नए कुलपति के रूप में प्रो. नरेंद्र कुमार शुक्ला की नियुक्ति की घोषणा की गई है। राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने प्रो. शुक्ला को वर्तमान कार्यभार ग्रहण की तिथि से अगले तीन वर्षों के लिए विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया है। प्रो. शुक्ला वर्तमान में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन विभाग में प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। शिक्षण और प्रशासनिक अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्हें JNCU की कमान सौंपी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि प्रो. शुक्ला के नेतृत्व में शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध एवं अधोसंरचना के विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा। विश्वविद्यालय के शिक्षावृत्त और कर्मचारी संगठनों ने प्रो. शुक्ला के स्वागत में संतोष व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि उनका अनुभव विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने में सहायक रहेगा। आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय द्वारा एक औपचारिक स्वागत एवं परिचयात्मक कार्यक्रम आयोजित किये जाने की संभावना है, जिसमें प्रो. शुक्ला अपने दायित्व ग्रहण-पत्र पर हस्ताक्षर कर वार्षिक योजनाओं और प्राथमिकताओं का उल्लेख करेंगे