पुरुषोत्तम मास में रामजी उपाध्याय के यहां श्री रामकथा का भव्य आयोजन

जौनपुर । पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) में राम कथा का श्रवण और पाठ अत्यंत पुण्यकारी और आध्यात्मिक रूप से उन्नत माना जाता है। यह मास भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण को समर्पित है। राम कथा सुनने से साधक के पाप नष्ट होते हैं और उसे धर्म, सदाचार और मोक्ष की प्राप्ति होती है। जनपद के बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित महदा, बहरीपुर में समाजसेवी रामजी उपाध्याय के यहां 8 जून से 14 जून तक संगीतमय श्री रामकथा का भव्य आयोजन किया गया है। 15 जून को पूर्णाहुति और प्रीतिभोज के साथ कार्यक्रम संपन्न होगा। कथा का समय शाम 4 बजे से 7:30 बजे तक रखा गया है। पूर्वांचल के प्रख्यात कथावाचक धर्मराज तिवारी महाराज कथा व्यास के रूप में अपनी मधुर वाणी में कथा सुनाएंगे। रामजी उपाध्याय ने सभी भक्तजनों से कथा में उपस्थित रहकर श्रवण लाभ उठाने की अपील की है।
श्री कृष्ण और रुक्मणी का विवाह सच्चे प्रेम ,भक्ति और समर्पण की विजय कहानी : अजय महाराज

जौनपुर। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन केवल धर्म स्थापना और युद्ध विजय तक सीमित नहीं था, बल्कि यह प्रेम, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना से भी जुड़ा हुआ था। उनके जीवन की अनेक लीलाओं में से एक सबसे महत्वपूर्ण घटना थी रुक्मिणी विवाह। यह केवल एक राजकुमारी और एक राजकुमार का विवाह नहीं था, बल्कि यह सच्चे प्रेम, भक्ति और समर्पण की विजय की कहानी है। बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित सियरावासी गांव में आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ में छठे दिन व्यास पीठ से बोलते हुए काशी के प्रख्यात कथावाचक अजय महाराज गुरुजी ने रुक्मणी विवाह पर कथा सुनाते हुए उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि रुक्मिणी ने भगवान श्रीकृष्ण को मन, वचन और कर्म से अपना पति मान लिया था, लेकिन उनके भाई रुक्मी ने उनके विवाह को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया। फिर भी, जब प्रेम सच्चा हो और भक्ति अडिग हो, तो स्वयं भगवान उसे सफल बनाते हैं। यही सिद्धांत इस कथा का मूल है। मंच पर श्री कृष्णा और रुक्मणी का विवाह कराया गया श्रद्धालु महिलाओं ने कन्यादान कर धार्मिक रस्म को पूरा किया। कथा में शामिल होने वाले प्रमुख लोगों में काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य अर्चक राजेश पाठक, पूर्व विधायक बाबा दुबे के भाई प्रेम दुबे, डॉ श्रीपाल पांडे, रामअनंद पांडे , रामनयन तिवारी, ओमकार तिवारी,  सदापति तिवारी, दयाराम उपाध्याय, अवधेश यादव, कैलाश नाथ पांडे सरपंच, अवधेश तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, पत्रकार प्रमोद पांडे, राजीव पांडे, समाजसेवी डी एस तिवारी, श्रवण तिवारी, संतोष दुबे, ध्रुव शंकर तिवारी, ओमप्रकाश तिवारी, समाजसेवी शरद मिश्रा,सोनू तिवारी, राम शिरोमणि तिवारी, रमाशंकर तिवारी, राजकुमार तिवारी, राधेश्याम तिवारी, ग्राम प्रधान संगीता तिवारी, प्रभात मिश्रा, राम कीर्तास तिवारी आदि का समावेश रहा।
मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर जौनपुर में परिश्रम का अविस्मरणीय कार्यक्रम
54 दिव्यांगों को ट्राई साइकिल और 54 छात्राओं को साइकिल वितरित

जौनपुर। उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 54वें जन्मदिवस एवं विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र की प्रमुख सामाजिक संस्था परिश्रम द्वारा एक भव्य एवं ऐतिहासिक जनसेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री के जन्मदिन को अविस्मरणीय बनाते हुए संस्था के अध्यक्ष कृपाशंकर सिंह एवं सचिव एडवोकेट अखिलेश चौबे के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में 54 दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल तथा 54 छात्राओं को साइकिल वितरित की गई। साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अतिथियों  ने एक पेड़ मा के नाम लगाकर पौधरोपण किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में 11 किलो के मावा के केक का काटकर उत्साहपूर्वक जन्मोत्सव मनाया गया। उपस्थित लोगों ने मुख्यमंत्री के स्वस्थ, दीर्घायु एवं यशस्वी जीवन की कामना की।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व सांसद के.पी. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सामाजिक संस्था परिश्रम द्वारा किया जा रहा यह कार्य समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिवस को जनसेवा और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना एक सराहनीय पहल है। इससे समाज में सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता का संदेश जाता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व सांसद के पी सिंह रहे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर आर एन त्रिपाठी ने की। संस्था के अध्यक्ष कृपाशंकर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि संस्था का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है और उनके जन्मदिवस पर जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित कर संस्था ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का प्रयास किया है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। संस्था के सचिव एडवोकेट अखिलेश चौबे ने सभी अतिथियों, सहयोगियों एवं उपस्थित जनसमूह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के सहयोग से ही ऐसे जनहितकारी कार्यक्रम सफल होते हैं। उन्होंने भविष्य में भी इसी प्रकार सेवा कार्यों को निरंतर जारी रखने की बात कही। इसके बाद अतिथियों ने ट्राइसाइकिल एवं साईकिल प्राप्त किये लाभार्थियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया,साइकिल प्राप्त करते ही छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। छात्राओं ने कहा कि अब उन्हें विद्यालय आने-जाने में काफी सुविधा होगी, जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित नहीं होगी। वहीं ट्राइसाइकिल पाकर दिव्यांगजन भी भावुक हो उठे और संस्था के इस मानवीय प्रयास की सराहना की।कार्यक्रम के समापन पर देशभक्ति गीतों की मधुर धुनों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा। डीजे पर बज रहे राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत गीतों के बीच दिव्यांगजन अपनी नई ट्राइसाइकिलों पर तथा छात्राएं अपनी साइकिलों के साथ एक कतार में आगे बढ़ती दिखाई दीं। यह दृश्य उपस्थित लोगों के लिए अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक रहा। पूरे परिसर में उत्साह, सेवा भावना और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम ने न केवल मुख्यमंत्री के जन्मदिवस को यादगार बनाया बल्कि समाज सेवा, शिक्षा प्रोत्साहन और पर्यावरण संरक्षण का एक सशक्त संदेश भी दिया। यह आयोजन जनपद जौनपुर में लंबे समय तक एक ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम के रूप में याद किया जाएगा। इस मौके पर जौनपुर  पूर्व मंत्री जगदीश सोनकर,भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति,मछलीशहर भाजपा जिला अध्यक्ष अजय सिंह,सुरेंद्र प्रताप सिंह पूर्व विधायक,हरेन्द्र प्रसाद सिंह पूर्व विधायक जाफराबाद, सुषमा पटेल पूर्व विधायक, प्रदेश प्रवक्ता ओमप्रकाश सिंह,सतीश कुमार सिंह पूर्व प्रत्याशी मल्हनी, सुनील यादव मम्मन, राघवेंद्र सिंह प्रबंधक टीडी डिग्री कालेज,सत्य प्रकाश सिंह ' माला प्रबंधक टीडी इंटर कॉलेज,सत्य प्रकाश सिंह प्रिंसिपल टीडी इंटर कॉलेज, ऋतु राज सिंह छोटू समाजसेवी,सत्येंद्र सिंह फ़ंटू,बृजेश यादव प्रमुख खुटहन,राहुल सिंह प्रमुख रामपुर ब्लॉक प्रमुख,मुकेश सिंह डोभी,वीरेंद्र एडवोकेट, सुशील मिश्रा पूर्व  जिला महामंत्री,पप्पू माली, महिला मोर्चा की अध्यक्ष रागिनी सिंह,पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्यामराज सिंह सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे। अंत में परिश्रम संस्था के सचिव एडवोकेट अखिलेश चौबे ने समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
विश्व पर्यावरण दिवस पर विकासखंड महाराजगंज में हुआ वृक्षारोपण
जौनपुर । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शासन की मंशा के अनुरूप चलाए जा रहे "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत विकासखंड महाराजगंज परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए पौधरोपण किया।इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी दिनेश कुमार मौर्य, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी अंकित सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष एवं सवंसा प्रधान यादवेन्द्र प्रताप सिंह "लवकुश", क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी पंकज सिंह, तकनीकी सहायक निखिलेश यादव, इंद्रजीत मौर्य, लाल बहादुर गौतम सहित विकासखंड कार्यालय के अन्य कर्मचारियों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
खंड विकास अधिकारी ने कहा कि वृक्ष मानव जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। पर्यावरण को संतुलित रखने तथा आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण प्रदान करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी देखभाल भी करनी चाहिए कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों ने पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने के लिए लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया। इस अवसर पर विकासखंड परिसर हरियाली से सराबोर दिखाई दिया और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में उत्साह देखने को मिला।
थानाध्यक्ष सुजानगंज को हस्त निर्मित चित्र देकर किया सम्मानित
जौनपुर । स्थानीय क्षेत्र पूराकोदई गांव निवासी सन्तोष कुमार तिवारी द्वारा थानाध्यक्ष सुजानगंज अमित पांडे को हस्त निर्मित सम्मान चित्र देकर सम्मानित किया गया। प्राप्त जानकारी अनुसार हस्त निर्मित चित्र को सन्तोष कुमार तिवारी की पुत्री द्वारा बनाया गया था, जिसमें सहयोगी गण बच्चियां जैसे यू ट्यूबर कुमारी वैभवी तिवारी एवं कुमारी सौम्या पुत्री सन्तोष कुमार तिवारी द्वारा हस्त निर्मित सम्मान चित्र बाल विश्वविद्यालय वाराणसी से लाकर थानाध्यक्ष सुजानगंज अमित पांडे को सम्मान के रूप में भेंट किया गया। थानाध्यक्ष द्वारा आभार व्यक्त किया गया। इस मौके पर  मानस तिवारी,अजय निर्मल, वरुण यादव, रवि गुप्ता,गया पटेल, विकास सिंह ग्राम प्रधान फरीदाबाद, राकेश तिवारी, आदि लोग उपस्थित रहे।
श्रीमद् भागवत ईश्वर के प्रति भक्ति, ज्ञान और वैराग्य प्रदान करता है : अजय महाराज
जौनपुर। श्रीमद्भागवत कथा का मुख्य उद्देश्य जीव को सांसारिक मोह-माया से मुक्त कर ईश्वर के प्रति सच्ची भक्ति, ज्ञान और वैराग्य प्रदान करना है। इसे वेदों और उपनिषदों का सार माना गया है। यह कथा मनुष्य के मन को निर्मल करती है और उसे मोक्ष की ओर ले जाती है। बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित सियरावासी गांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा मैं ब्याह स्पीड से बोलते हुए काशी के प्रख्यात कथावाचक अजय महाराज (गुरु जी) ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि ईश्वर के अलावा कहीं भी मन लगाया तो अंत में पछताना ही पड़ेगा। 01 जून से आरंभ कथा का समापन 08 जून को महाप्रसाद भंडारा के साथ संपन्न होगा। प्रतिदिन शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक भारी संख्या में लोग कथा सुनने आ रहे हैं। कथा के संयोजक सुभाषचंद्र तिवारी ने लोगों से कथा श्रवण का लाभ उठाने की अपील की है। कथा में उपस्थित गणमान्य लोगों में भाजपा की जिला कार्य समिति सदस्य सुचिता तिवारी, डॉ श्रीपाल पांडे, अमरनाथ तिवारी, राम अनंद पांडे, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, अखिलेश पांडे, डॉ विजय शंकर तिवारी, श्रवण कुमार तिवारी, राजकुमार तिवारी, ध्रुव शंकर तिवारी, समाजसेवी डी एस तिवारी , राधेश्याम तिवारी आदि का समावेश रहा।
सुरेंद्र कुमार पांडेय को रक्षक मोर्चा संगठन में मिली बड़ी जिम्मेदारी
जौनपुर। सामाजिक एवं राष्ट्र निर्माण के उद्देश्य से कार्यरत रक्षक मोर्चा संगठन ने सुरेंद्र कुमार पांडेय को जौनपुर जनपद का जिला कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया है। संगठन की ओर से जारी नियुक्ति पत्र के अनुसार यह नियुक्ति 1 जून 2026 से प्रभावी होगी।रक्षक मोर्चा के संस्थापक एडवोकेट अनिल मिश्रा एवं संगठन के पदाधिकारियों ने आशा व्यक्त की है कि सुरेंद्र कुमार पांडेय पूर्ण निष्ठा, समर्पण एवं क्षमता के साथ संगठन को मजबूत करने तथा समाज हित के कार्यों में सक्रिय योगदान देंगे। नियुक्ति पत्र में उनसे ईमानदारी एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए संगठन को नई ऊर्जा प्रदान करने का आह्वान किया गया है।सुरेंद्र कुमार पांडेय मूल रूप से महराजगंज, उदयभानपुर, इब्राहिमपुर, जौनपुर (उ.प्र.) के निवासी हैं। उनकी नियुक्ति पर क्षेत्र के शुभचिंतकों एवं संगठन के कार्यकर्ताओं ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
रक्षक मोर्चा के पदाधिकारियों ने विश्वास जताया है कि उनके नेतृत्व में संगठन की गतिविधियों को नई गति मिलेगी तथा समाज सेवा एवं राष्ट्र निर्माण के उद्देश्यों को और मजबूती प्राप्त होगी।
डिजिटल मीडिया पर शोध के लिए राना सिंह को पीएचडी की गौरवपूर्ण उपाधि
जौनपुर । जनपद के धर्मापुर विकास खंड के गोविन्दपुर मनिहाँ निवासी रणजीत सिंह के पुत्र राना सिंह को सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी, भोपाल मध्य प्रदेश द्वारा विद्या वाचस्पति (पीएचडी) की उपाधि प्रदान की गई है।पत्रकारिता एवं जनसंचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि हासिल करने वाले राना सिंह ने "डिजिटल मीडिया उपभोग करने में युवाओं की प्रवृत्ति का अध्ययन" विषय पर अपना शोध कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया। उनकी इस उपलब्धि से पत्रकारिता, शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्र में हर्ष का माहौल है।
राना सिंह ने अपने शोध में युवाओं के बीच डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव, उसके उपयोग के स्वरूप तथा सामाजिक एवं व्यवहारिक प्रभावों का गहन विश्लेषण किया। व्यापक सर्वेक्षण, डेटा संग्रहण एवं वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर प्रस्तुत उनके शोध निष्कर्षों को विशेषज्ञों ने पत्रकारिता एवं जनसंचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान बताया है। उनकी मौखिकी (फाइनल वायवा) परीक्षा के दौरान शोध निर्देशक डॉ. संदीप श्रीवास्तव, विषय विशेषज्ञ डॉ. चंदन गुप्ता, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के डीन डॉ. संजीव गुप्ता, सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. अखिलेश सिंह, डॉ. रश्मि सिंह, डॉ. सुनील सहित अनेक शिक्षाविदों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
राना सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां आशा सिंह और पिता रणजीत सिंह के साथ साथ अपने गुरुजनों और पूर्व सांसद धनंजय सिंह को दिया। पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने भी राना सिंह को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत परिश्रम और अध्ययनशीलता का परिणाम है, बल्कि पूरे क्षेत्र और पत्रकारिता जगत के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राना सिंह अपने ज्ञान, शोध एवं अनुभव के माध्यम से पत्रकारिता और जनसंचार के क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित करेंगे तथा समाज को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. मनोज मिश्र ने कहा कि डिजिटल युग में मीडिया की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में डिजिटल मीडिया पर किया गया यह शोध समाज, शिक्षा जगत तथा नीति-निर्माताओं के लिए अत्यंत उपयोगी और मार्गदर्शक सिद्ध होगा।
राना सिंह की इस उपलब्धि पर पत्रकारिता एवं जनसंचार जगत से जुड़े शिक्षकों, शोधार्थियों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं शुभचिंतकों ने उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
स्वतंत्रता संग्राम से आज तक हिंदी पत्रकारिता का महत्वपूर्ण योगदान :  शशिमोहन सिंह क्षेम
जौनपुर। हिंदी पत्रकारिता का स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज तक देश व समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उक्त विचार जौनपुर पत्रकार संघ के अध्यक्ष शशिमोहन सिंह क्षेम ने हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में व्यक्त किया। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहाकि आज देश के लाखों युवा हिंदी समाचार पत्रों को पढ़कर उनसे ज्ञान अर्जित करके विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हो रहे हैं। उन्होंने आज के दौर में पत्रकारिता के क्षेत्र में आ रही गिरावट पर भी चिंता व्यक्त की। श्री क्षेम ने कहाकि आज उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय भी समाचार पत्रों में प्रकाशित समस्याओं पर संज्ञान लेकर कार्यवाही भी रहा है। ऐसे में पत्रकारों को सजग होकर कलम चलाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में बोलते हुए वरिष्ठ पत्रकार रामश्रृंगार शुक्ल गदेला ने कहाकि दो सौ वर्षाें पूर्व पं. जुगल किशोर ने कलकत्ता से उदन्त मार्तण्ड नामक पत्र प्रकाशित करके हिंदी पत्रकारिता की नींव डाली थी। उस समय देश गुलामी की बेडियों में जकड़ा हुआ था। बाद में गणेशशंकर विद्यार्थी ने प्रताप समाचार पत्र का प्रकाशन आरंभ किया। पत्रकार लोलारख दूबे ने कहाकि इलेक्ट्रानिक मीडिया के दौर में भी प्रिंट मीडिया का महत्व कम नहीं हुआ है। छात्रों और नौजवानों के समाचार पत्रों से राजनीति, उद्योग, कला साहित्य आदि क्षेत्रों में मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। उक्त अवसर पर डा. भारतेन्दु मिश्र, प्रदीप सिंह सफायर, पं. रामदयाल द्विवेदी, राजेश मौर्य, विनोद विश्वकर्मा, अखिलेश तिवारी अकेला, जेपी मौर्य, सुधीर सिंह, जुल्पिफकार हुसैन बाबू, चन्द्रप्रकाश शुक्ल, पंकज, गौरव, शशिशेखर सिंह, राजेश मिश्र, बेहोश जौनपुरी, बुद्धिनाथ तिवारी आदि मौजूद रहे। संचालन डा. मधुकर तिवारी ने किया।
कॉकरोच जनता पार्टी पर डिजिटल प्रतिबंध की कड़ी निंदा
जौनपुर।  सीपीडी आर एस पूर्वी उत्तर प्रदेश कमेटी के इंचार्ज प्रमोद कुमार शुक्ल ने सेंटर फॉर प्रोटेक्शन ऑफ डेमोक्रेटिक राइट्स एंड सेक्युलरिज़्म (CPDRS) इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौ‌द्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा आईटी एक्ट की धारा 69 (A) का उपयोग करते हुए "कॉकरोच जनता पार्टी" (CJP) के सोशल मीडिया हैंडल और वेबसाइट को ब्लॉक करने के हालिया निर्णय की स्पष्ट रूप से निंदा किया है। उन्होंने कहा है कि एक जीवंत और स्वस्थ लोकतंत्र में इतनी परिपक्वता अवश्य होनी चाहिए कि वह व्यंग्य, हास्य और राजनीतिक कटाक्ष को सह सके, स्वीकार कर सके और उनसे संवाद कर सके। मुख्यतः छात्रों, युवाओं और डिजिटल रूप से जुड़े जेन-ज़ी द्वारा संचालित CJP का तेज़ी से वायरल होना कोई सशस्त्र विद्रोह नहीं था; बल्कि यह व्यापक बेरोज़गारी, पेपर लीक और भ्रष्टाचार जैसी व्यवस्थागत समस्याओं को लेकर गहरी चिंता की एक व्यंग्यात्मक अभिव्यक्ति थी।
लोकतंत्र का एक प्रिय स्वप्न यह है कि शासन जनता के प्रति जवाबदेह हो। युवाओं और जेन-ज़ी द्वारा किए गए डिजिटल व्यंग्य को राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता के लिए खतरा मानना राज्य द्वारा प्रशासनिक अतिरेक का रास्ता चुनना है। यह एक अत्यंत चिंताजनक और दमनकारीकदम है। इंचार्ज प्रमोद शुक्ल ने आगे कहा है कि इतिहास गवाह है कि युवाओं की वैध और रचनात्मक अभिव्यक्तियों को दबाने से उन मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं होता जो असंतोष को जन्म देती हैं। राजनीतिक हास्य के मंचों को बंद करने का प्रयास यह दर्शाता है कि सत्तारूढ़ व्यवस्था युवाओं की निराशा के मूल कारणों को संबोधित करने में न तो सक्षम है और न ही इच्छुक । उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा है कि ऐसे निरंकुश कदमों का विरोध किया जाना राष्ट्र एवं प्रदेश हित में होगा।