31 मई 2026 की रात्रि में होगा माइक्रो ब्लू मून/ पूर्ण चंद्रमा (Full Moon) का दीदार

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि रविवार, 31 मई 2026 की रात्रि को माइक्रो ब्लू मून का दीदार होगा,

क्या होता है माइक्रो ब्लू मून?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि चांद, तारों के शौकीन खगोल प्रेमियों के लिए अलविदा होती हुई मई 2026 एक और शानदार खगोलीय नज़ारे को देकर जा रही है तो आपको भरपूर लुत्फ़ उठाने के लिए तैयार हो जाना चाहिए क्योंकि इस बार दिखाई देगा शानदार खगोलीय ब्लू मून।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि ब्लू मून (Blue Moon) किसी कैलेंडर माह में दिखाई देने वाली दूसरी पूर्णिमा (Full Moon) को कहा जाता है। क्योंकि इस वर्ष, मई महीने में पहली पूर्णिमा 1 मई 2026 को वैशाख पूर्णिमा के रूप में दिखाई दी थी और दूसरी पूर्णिमा जोकि ब्लू मून भी होगी वह 31 मई 2026 को ज्येष्ठ अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) की पूर्णिमा है यह 31 मई 2026 की दूसरी पूर्णिमा भी इसी मई माह में दिखाई दे रही है इसीली इसको ब्लू मून कहा जायेगा लेकिन इसका चंद्रमा के वास्तविक नीले रंग से कोई लेना-देना नहीं होता है, यह एक सामान्य पूर्णिमा की तरह ही दिखाई देती है, और शाम को सूर्यास्त के ठीक बाद पूर्वी क्षितिज पर इसका दीदार सबसे खूबसूरत होगा, लेकिन 31 मई की शाम को जब चंद्रमा उदय होगा, तब तक तकनीकी रूप से पूर्णिमा की तिथि समाप्त हो चुकी होगी, (यह पंचांगीय तिथि के समाप्त होने की बात है, परंतु खगोलीय और दृश्यात्मक रूप से यह रात भर पूर्ण चंद्रमा (Full Moon) के रूप में ही चमकेगा।) या कुछ यूं कहें कि मानवीय आँखों को यह तब भी पूरी तरह गोल और भव्य ही दिखाई देगा,इस बार के ब्लू मून की खास विशेषताएँ बताते हुए खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोलविज्ञान के नजरिए से यह केवल एक साधारण "कैलेंडर ब्लू मून" (एक ही महीने में दो पूर्णिमा) नहीं है, बल्कि इसमें कुछ और भी दिलचस्प बिंदु शामिल हैं जैसे कि यह माइक्रो ब्लू मून (Micro Blue Moon) का चंद्रमा अपने अपोजी (Apogee पृथ्वी से सबसे दूर का बिंदु) के बेहद करीब होगा (लगभग 2,52,360 मील दूर)। इस वजह से यह आकार में आम पूर्णिमा के मुक़ाबले करीब 6 से 7% प्रतिशत छोटा और थोड़ा कम चमकदार भी दिखेगा, या कुछ यूं कहें कि यह किसी भी औसत पूर्णिमा से लगभग 5–7% छोटा और सुपरमून की तुलना में लगभग 12–14% छोटा होगा जिसे हम माइक्रो मून भी कहते हैं। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि साथ ही 31 मई 2026 की रात अंटारेस (Antares)  जोकि एक चमकीला तारा है उसके साथ चंद्रमा की युति 31 मई की रात को ही घटित होगी जब आप इसे देखेंगे, तो यह वृश्चिक राशि (Scorpius) के सबसे चमकीले लाल तारे अंटारेस (ज्येष्ठा नक्षत्र) के बेहद करीब से गुजरता हुआ दिखाई देगा, एंटारेस (Antares), जिसे भारतीय खगोल विज्ञान में ज्येष्ठा तारा भी कहा जाता है, वृश्चिक तारामंडल (Scorpius constellation) का सबसे चमकीला तारा है ,यह रात्रि आकाश का 15वां सबसे चमकीला तारा है, नंगी आँखों से देखने पर यह लाल रंग का दिखाई देता है,जो दृश्यात्मक रूप से काफी सुंदर संयोजन बनाएगा।

कैसे बनता है ब्लू मून ?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि एक कैलेंडर माह में आमतौर पर केवल एक ही पूर्णिमा होती है। लेकिन, एक चंद्र चक्र का समय लगभग
29.5 दिन होता है। इस अंतर के कारण लगभग हर 2.5 से 3 साल में किसी एक महीने में दो पूर्णिमाएँ आ जाती हैं। ऐसी स्थिति में महीने की दूसरी पूर्णिमा को ब्लू मून कहते हैं। एवं पारंपरिक खगोलीय मौसम (ऋतु) में जब सामान्य से अधिक यानी 4 पूर्णिमाएँ होती हैं, तो उस मौसम की तीसरी पूर्णिमा को भी ब्लू मून माना जाता है।

क्या चांद सच में नीला होता है?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि चांद अपने सामान्य सुनहरे, पीले या सफेद रंग में ही दिखता है। हालाँकि, बहुत ही दुर्लभ परिस्थितियों में (जैसे भीषण जंगलों की आग या ज्वालामुखी के विस्फोट के समय) आसमान में मौजूद धूल और धुएँ के कणों के कारण चाँद का रंग हल्का नीला जरूर दिखाई दे सकता है। साथ ही ब्लू मून की घटना कोई बहुत ही दुर्लभ खगोलीय घटना नहीं है। लेकिन इसका अंग्रेजी मुहावरा "once in a blue moon" अक्सर बहुत कम या कभी-कभार होने वाली घटनाओं को दर्शाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

क्या होगा इसका चरम समय समय?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 31 मई 2026 में ब्लू मून की सबसे सटीक चरम अवस्था भारतीय समयानुसार 31 मई 2026 को दोपहर 2:15 (IST) बजे होगी। उस दौरान भारत में दिन का समय होगा जोकि एक समय विशेष पर ही घटित होती है,लेकिन साधारण आंखों से पूर्णिमा को देखने पर आप लगभग एक दिन पहले और एक दिन बाद में भी अपने गोल स्वरूप में ही देख सकते हैं, इसीलिए ब्लू मून को देखने के लिए आपको भारत के हिसाब से 31 मई 2026 की रात्रि का समय ही सबसे उपयुक्त होगा।

कैसे और किस दिशा में देखें?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इसे देखने के लिए आपको किसी विशेष खगोलीय उपकरण की आवश्यकता नहीं है इसे आप अपनी नग्न आंखों( साधारण आँखों) से देख सकते हैं शाम होते ही यह दिखाई देना शुरू हो जायेगा और पूरी रात खूबसूरत दिखाई देगा और खूबसूरत देखने और पूर्ण चंद्रोदय (Moonrise) का अद्भुत नज़ारा लेने का सबसे उत्तम समय 31 मई की शाम को सूर्यास्त के बाद का होगा। और भी अधिक सर्वोत्तम समय, शाम 06:30 बजे से रात 08:45 बजे के बीच होगा अगर दृश्यता की बात करें तो पाते हैं कि यह पूरे भारत में दिखाई देगा। आसमान साफ होने पर इसे बिना किसी दूरबीन के आसानी से देखा जा सकता है और माइक्रो मून (Micromoon)/ ब्लू मून होने के साथ-साथ इस साल का  छोटा और सबसे दूर स्थित पूर्ण चंद्रमा भी है, जो सामान्य से थोड़ा छोटा और कम चमकीला दिखाई देगा और इस घटना का नाम तो 'ब्लू मून' है, लेकिन इसका रंग सामान्य सफेद या हल्का नारंगी (चंद्रोदय के समय) ही रहेगा।

किस तारामण्डल में दिखाई देगा माइक्रो ब्लू मून ?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि उस सटीक समय पर चंद्रमा पृथ्वी से लगभग 406,135.2 किलोमीटर (252,361.3 मील) दूर होगा तथा भारत से देखने पर यह वृश्चिक (Scorpius) तारामंडल में दिखाई देगा इस दौरान चंद्रमा की चमक का मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 12.52 के क़रीब होगा। जोकि पूरब और दक्षिणी आकाश में नज़र आयेगा।

क्या होता है माइक्रोमून?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 31 मई 2026 की रात्रि की यह पूर्णिमा “माइक्रोमून” होगी। और यह घटना तब होती है जब पूर्ण चंद्रमा अपनी कक्षा में पृथ्वी से सबसे अधिक दूरी वाले बिंदु, अर्थात “अपोजी” (Apogee), के निकट होता है। इसके परिणामस्वरूप चंद्रमा आकाश में सामान्य पूर्णिमा की तुलना में थोड़ा छोटा दिखाई देता है। उस समय इसका प्रत्यक्ष आकार लगभग 0.49° होगा।

क्या होता है पूर्णिमा का खगोलविज्ञान ?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि पूर्ण चंद्रमा तब होता है जब पृथ्वी की ओर वाला चंद्रमा का भाग सूर्य के प्रकाश से लगभग 100% प्रकाशित दिखाई देता है। और यह स्थिति तब बनती है जब पृथ्वी लगभग सूर्य और चंद्रमा के बीच स्थित होती है। अर्थात, चंद्रमा पृथ्वी के उस पार होता है जो सूर्य के विपरीत दिशा में होता है। एवं आकाश में चंद्रमा की गति सूर्य के सापेक्ष इस ज्यामितीय स्थिति (जिसे “Opposition” भी कहा जाता है) के कारण पूर्ण चंद्रमा सामान्यतः सूर्यास्त के समय उदित होता है, और आधी रात के आसपास आकाश में अपनी सबसे अधिक ऊँचाई पर पहुँचता है और सूर्योदय के समय अस्त होता है।
साथ ही यह भी जानना आवश्यक है कि पूर्णिमा की एक और रोचक विशेषता यह है कि 24 घंटों के दौरान आकाश में उसकी गति लगभग सूर्य के विपरीत ऋतु वाले मार्ग का अनुसरण करती है। अर्थात:
सर्दियों में पूर्णिमा आकाश में अधिक ऊँचाई तक पहुँचती है, जैसे गर्मियों में सूर्य पहुँचता है।
वहीं गर्मियों में पूर्णिमा अपेक्षाकृत नीचे दिखाई देती है।
इसी कारण सर्दियों की पूर्णिमाएँ आकाश में अधिक ऊँची और चमकीली प्रतीत होती हैं।

दो पूर्णिमाओं के बीच का अंतराल कितना होता है?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि दो पूर्ण चंद्रमाओं के बीच का औसत अंतराल लगभग 29.53 दिन होता है, अर्थात 29 दिन, 12 घंटे और 43 मिनट। इस समय अवधि को खगोलविज्ञान की भाषा में “सिनोडिक महीना” (Synodic Month) या “ल्यूनेशन” (Lunation) कहा जाता है। हालाँकि यह एक औसत मान है; वास्तविक अंतराल कुछ घंटों तक कम या अधिक हो सकता है। इसका मुख्य कारण यह है कि चंद्रमा की पृथ्वी के चारों ओर की कक्षा पूर्णतः वृत्ताकार नहीं होती, बल्कि यह अंडाकार या ओवल या दीर्घवृत्ताकार होती है,तथा पृथ्वी की सूर्य के चारों ओर की कक्षा भी दीर्घवृत्ताकार (Elliptical) होती है।

प्रत्येक पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण क्यों नहीं होता है?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि प्रत्येक पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण नहीं होता है क्योंकि चन्द्रमा की कक्षा,पृथ्वी के सापेक्ष 5 डिग्री झुकी हुई होती है या कुछ यूं कहें कि चंद्रमा की कक्षा, पृथ्वी की कक्षा के तल से लगभग 5° झुकी हुई है, इसलिए अधिकांश पूर्णिमाओं पर ग्रहण नहीं बनता।यह कभी-कभी पूर्णिमा के समय ही चंद्रमा ,पृथ्वी की अंतरिक्ष में पड़ने वाली छाया से होकर गुजरता है। ऐसी स्थिति में “चंद्र ग्रहण” (Lunar Eclipse) घटित होता है,लेकिन हर पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण नहीं होता, क्योंकि चंद्रमा की कक्षा पृथ्वी की सूर्य के चारों ओर की कक्षा की तुलना में थोड़ी झुकी हुई होती है। इसी कारण अधिकांश समय पूर्ण चंद्रमा, पृथ्वी की छाया के ऊपर या नीचे से निकल जाता है और ग्रहण नहीं बनता।
             
सही वोट से विकास, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित: महराजगंज में बोले सीएम योगी

* मुख्यमंत्री ने ₹208 करोड़ की 79 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया, कहा- डबल इंजन सरकार ने पूर्वांचल की बदली तस्वीर
महराजगंज। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनता का एक सही वोट विकास, सुरक्षा, रोजगार और सुशासन सुनिश्चित करता है, जबकि गलत वोट जातिवाद, परिवारवाद, माफियावाद और अराजकता को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने इन दुष्प्रवृत्तियों पर प्रभावी रोक लगाकर प्रदेश में विकास और सुशासन का नया वातावरण तैयार किया है।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को महराजगंज में ₹208 करोड़ से अधिक लागत की 79 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों की योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र और टूलकिट भी वितरित किए।

* पूर्वांचल को भय और माफियावाद से बाहर निकाला
मुख्यमंत्री ने कहा कि महराजगंज सहित पूरे पूर्वांचल को माफिया, दंगा और भय के माहौल से बाहर निकालकर विकास, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, मजबूत सड़क नेटवर्क, सिंचाई, रोजगार और सुरक्षा से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि पहले इंसेफेलाइटिस, खराब सड़कें, चरमराई बिजली व्यवस्था और अराजकता इस क्षेत्र की पहचान बन चुकी थी, लेकिन आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। उन्होंने कहा कि गोरखपुर-सोनौली फोरलेन, नए बाईपास, पुलों और रोहिन नदी पर बने बनेलिया माई बैराज जैसी परियोजनाओं ने क्षेत्र की कनेक्टिविटी और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत किया है।

* बीमारू टैग खत्म, यूपी बना विकास इंजन
सीएम योगी ने कहा कि महराजगंज, कुशीनगर और सिद्धार्थनगर जैसे जिलों से इंसेफेलाइटिस पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है और अब उत्तर प्रदेश ‘बीमारू’ राज्य की छवि से बाहर निकलकर देश के विकास इंजन के रूप में उभर रहा है।
उन्होंने कहा कि जिले में मेडिकल कॉलेज, आईटीआई, पॉलीटेक्निक और अन्य शिक्षण संस्थानों की स्थापना से युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। बंद चीनी मिलों को भी नई कार्ययोजना के तहत पुनः शुरू करने की तैयारी चल रही है।

* प्रदेश में माफिया का आतंक समाप्त
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब गरीबों की जमीनों पर कब्जा नहीं हो सकता, बेटियां सुरक्षित हैं और प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि वनटांगिया गांवों को राजस्व गांव का दर्जा देकर वहां सड़क, बिजली, आवास और सरकारी योजनाओं की सुविधाएं पहुंचाई गई हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों को सिंचाई, उन्नत बीज, ट्रैक्टर और सरकारी खरीद केंद्रों का लाभ मिल रहा है, जबकि महराजगंज के सैकड़ों युवाओं को उत्तर प्रदेश पुलिस में रोजगार मिला है।

* राममंदिर और काशी विश्वनाथ धाम का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में बने भव्य राममंदिर और काशी विश्वनाथ धाम का उल्लेख करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों का पुनरुत्थान संभव हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल इन कार्यों में बाधा डालते रहे।

* “नेशन फर्स्ट” की भावना से काम करने की अपील
पश्चिम एशिया संकट और ईंधन कीमतों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को वैश्विक चुनौतियों का सामूहिक रूप से सामना करना होगा। उन्होंने लोगों से बिजली और ईंधन की बचत करने तथा छोटे-छोटे प्रयासों से देश को मजबूत बनाने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने किसानों से यूरिया का कम उपयोग कर जैविक और कंपोस्ट खाद को बढ़ावा देने का आग्रह किया। साथ ही सराफा कारोबारियों से पुराने आभूषणों की रिमॉडलिंग को प्रोत्साहित करने की अपील करते हुए कहा कि इससे देश की आर्थिक बचत होगी।
इस अवसर पर डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु', ऋषि त्रिपाठी, ज्ञानेंद्र सिंह, जय मंगल कनौजिया सहित जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
सनातन संस्कृति को पराजित नहीं किया जा सकता : योगी आदित्यनाथ
* सोमनाथ और काशी भारत के स्वाभिमान व सांस्कृतिक चेतना के अमर प्रतीक: सीएम योगी
वाराणसी। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन संस्कृति केवल मंदिरों की दीवारों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की चेतना और आत्मा में रची-बसी है। जिन्होंने सनातन को मिटाने का प्रयास किया, वे स्वयं इतिहास से मिट गए। आज उन आक्रांताओं का नाम लेने वाला भी कोई नहीं है। सनातन संस्कृति को कभी पराजित नहीं किया जा सकता।
सोमवार को वाराणसी में आयोजित ‘सोमनाथ संकल्प महोत्सव’ में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के साथ शामिल हुए मुख्यमंत्री ने यह बातें कहीं। कार्यक्रम काशी विश्वनाथ धाम परिसर स्थित त्र्यंबकेश्वर बहुउद्देशीय हॉल में आयोजित किया गया था। इस दौरान गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी देखा गया, जिसमें नरेंद्र मोदी ने विशेष महापूजा, कुंभाभिषेक और ध्वजारोहण में भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना साकार हो रही है। काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल महालोक और अयोध्या में भव्य राममंदिर जैसे आध्यात्मिक केंद्र भारत की सांस्कृतिक विरासत और विकास की नई यात्रा का प्रतीक बन रहे हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काशी और सोमनाथ भारत की सभ्यागत चेतना के दो अमर ज्योति स्तंभ हैं। काशी ने जहां सनातन की आध्यात्मिक धारा को अक्षुण्ण रखा, वहीं सोमनाथ ने भारत के स्वाभिमान और पुनर्जागरण की लौ को प्रज्ज्वलित रखा है।
उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि महमूद गजनवी और अन्य विदेशी आक्रांताओं ने सोमनाथ मंदिर और बाबा विश्वनाथ धाम जैसे सनातन प्रतीकों को नष्ट करने का प्रयास किया, लेकिन वे भारत की आत्मा को कभी नहीं मिटा सके। उन्होंने कहा कि विनाश क्षणिक होता है, जबकि सृजन शाश्वत होता है।
मुख्यमंत्री ने लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने सोमनाथ मंदिर की पुनर्प्रतिष्ठा का संकल्प लेकर राष्ट्र के स्वाभिमान को नई पहचान दी। साथ ही उन्होंने भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को भी याद किया, जिन्होंने विरोध के बावजूद सोमनाथ पुनर्प्रतिष्ठा समारोह में भाग लिया था।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथक नृत्यांगना अंकिता भट्टाचार्या ने शिव तांडव की प्रस्तुति दी, जबकि अंशुमान महाराज और साथी कलाकारों ने सरोद वादन से माहौल को शिवमय बना दिया।
पश्चिम बंगाल में जीत की मन्नत पूरी होने पर काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे कृपाशंकर सिंह
वाराणसी। पश्चिम बंगाल के चुनाव में लगातार जमकर प्रचार करने वाले महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने आज विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का दर्शन किया। बाबा विश्वनाथ के दर्शन के साथ उन्होंने अपनी उस मन्नत को पूरा कर लिया, जिसमें उन्होंने बंगाल का चुनाव जीतने के बाद बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने की बात कही थी। कृपाशंकर सिंह ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा था कि बाबा उन्हें निराश नहीं करेंगे। अंततः पश्चिम बंगाल में एक सनातन विरोधी तानाशाही सरकार का अंत हो गया।
NH-24 विस्तार से न्यू मुरादाबाद बना रियल एस्टेट का नया हॉटस्पॉट

* बेहतर कनेक्टिविटी, किफायती कीमतें और योजनाबद्ध विकास से NCR के बाहर उभर रहा नया रेजिडेंशियल माइक्रो-मार्केट

नई दिल्ली/मुरादाबाद।
National Highway 24 (NH-9) कॉरिडोर के विस्तार और तेज इंफ्रास्ट्रक्चर विकास ने मुरादाबाद के रियल एस्टेट परिदृश्य को नई दिशा दे दी है। बेहतर कनेक्टिविटी, योजनाबद्ध टाउनशिप और किफायती प्रॉपर्टी कीमतों के चलते न्यू मुरादाबाद अब एक उभरते हुए रेजिडेंशियल माइक्रो-मार्केट के रूप में सामने आ रहा है।
मल्टी-लेन हाईवे में विस्तार से दिल्ली-NCR और मुरादाबाद के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आई है। इससे न केवल यात्री आवागमन आसान हुआ है, बल्कि माल परिवहन में भी तेजी आई है। मुरादाबाद, जो पहले से ही एक प्रमुख इंडस्ट्रियल-एक्सपोर्ट हब है, अब धीरे-धीरे एक आकर्षक आवासीय गंतव्य के रूप में भी विकसित हो रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित विकास कॉरिडोर अब रियल एस्टेट ग्रोथ को दिशा दे रहे हैं। NH-24 के प्रभाव से मुरादाबाद जैसे शहर NCR के प्रभाव क्षेत्र में आ रहे हैं, जिससे पारंपरिक रियल एस्टेट हब से बाहर निवेश के नए अवसर बन रहे हैं।
इस विकास को और गति देने के लिए प्रस्तावित Ganga Expressway भी अहम भूमिका निभाएगा, जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश को NCR और राज्य के अन्य हिस्सों से बेहतर जोड़ेगा। इससे गाजियाबाद और नोएडा जैसे पारंपरिक बाजारों के बाहर भी रियल एस्टेट गतिविधियों का विस्तार हो रहा है।
सरकारी निवेश भी इस बदलाव को मजबूती दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पश्चिमी यूपी में टाउनशिप विकास के लिए लगभग ₹3,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसमें से ₹1,300 करोड़ से अधिक की राशि मुरादाबाद में 1,200+ एकड़ के बड़े योजनाबद्ध टाउनशिप प्रोजेक्ट के लिए आवंटित की गई है।
शहर में ₹33 करोड़ से अधिक के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट—जैसे ड्रेनेज सिस्टम, इंडोर स्टेडियम और डिजिटल लाइब्रेरी—नागरिक सुविधाओं और जीवन स्तर को बेहतर बनाने में योगदान दे रहे हैं।
न्यू मुरादाबाद, शहर के पारंपरिक और भीड़भाड़ वाले इलाकों के मुकाबले एक सुव्यवस्थित और आधुनिक विकल्प के रूप में उभर रहा है। चौड़ी सड़कें, बेहतर लेआउट और अलग-अलग रेजिडेंशियल व इंस्टीट्यूशनल सेक्टर इसे एक संगठित शहरी इकोसिस्टम बनाते हैं।
आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आई है। NH-24 पर दलपतपुर स्थित इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD) ने लॉजिस्टिक्स क्षमता को मजबूत किया है, जिससे पीतल और हस्तशिल्प उद्योग को बढ़ावा मिला है और रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
लाइवेबिलिटी के लिहाज से भी यह क्षेत्र आकर्षक बन रहा है। NCR की तुलना में कम भीड़भाड़, अपेक्षाकृत स्वच्छ वातावरण और अधिक खुली जगहें घर खरीदारों को आकर्षित कर रही हैं। महामारी के बाद बदलती प्राथमिकताओं के चलते लोग अब बेहतर जीवन गुणवत्ता और किफायती विकल्पों की तलाश में हैं, जिसमें न्यू मुरादाबाद उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतर रहा है।
कुल मिलाकर, इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और किफायत का संयोजन न्यू मुरादाबाद को NCR के रेजिडेंशियल मार्केट के एक रणनीतिक विस्तार के रूप में स्थापित कर रहा है, जहां भविष्य में निवेश और आवास दोनों के लिए व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
09-10 मई को होगी प्रवक्ता भर्ती परीक्षा, 4.64 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल

* परीक्षा दोनों दिन दो पालियों में होगी आयोजित, 06 मई से प्रवेश पत्र होंगे डाउनलोड 

प्रयागराज / लखनऊ। प्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को गति देते हुए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा प्रवक्ता (विज्ञापन संख्या-02/2022) के अंतर्गत 624 पदों के लिए लिखित परीक्षा 09 एवं 10 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में कुल 4,64,605 अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे, जिसके लिए प्रदेश के 17 जनपदों में 319 परीक्षा केन्द्र प्रस्तावित किए गए हैं।

 परीक्षा दोनों दिनों में प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित होगी। प्रथम पाली सुबह 09:30 बजे से 11:30 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 02:30 बजे से 04:30 बजे तक संचालित की जाएगी। परीक्षा आगरा, अलीगढ़, प्रयागराज, आजमगढ़, बरेली, बस्ती, बांदा, अयोध्या, गोरखपुर, झांसी, कानपुर नगर, लखनऊ, मेरठ, मीरजापुर, मुरादाबाद, सहारनपुर एवं वाराणसी जनपदों में आयोजित होगी।

विषयवार परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार 09 एवं 10 मई को भौतिकी, अंग्रेजी, गणित, जीवविज्ञान, रसायन, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, हिन्दी, संस्कृत, कला, समाजशास्त्र, मनोविज्ञान, वाणिज्य, कृषि, गृह विज्ञान, शिक्षा एवं नागरिक शास्त्र सहित विभिन्न विषयों की परीक्षाएं निर्धारित पालियों में कराई जाएंगी।

आयोग के अध्यक्ष डॉ प्रशांत कुमार ने बताया है कि परीक्षा जनपद की अग्रिम सूचना 30 अप्रैल 2026 से आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी जाएगी। अभ्यर्थी वेबसाइट पर जाकर आवश्यक विवरण दर्ज कर अपने परीक्षा जनपद की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। जारी की जाने वाली अग्रिम सूचना प्रवेश पत्र नहीं होगी। अभ्यर्थियों को परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए प्रवेश पत्र 06 मई 2026 से आयोग की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। वैध प्रवेश पत्र के किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

सभी अभ्यर्थियों से समय रहते परीक्षा जनपद की जानकारी प्राप्त करने तथा निर्धारित तिथि से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर परीक्षा की तैयारी सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि परीक्षा प्रक्रिया सुचारु एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।

बड़ागांव थाना क्षेत्र में चोरों की बहार, बंद पड़े मकानों को बना रहे अपना शिकार

वाराणसी। जनपद के बड़ागांव थाना क्षेत्र-अंतर्गत ग्राम चंगवार , तेलारी, विराव, सिसवां, मधुमखिया मे पिछले कुछ दिनों से बंद मकानों के ताले व दरवाज़ों को तोड़ कर,एवं छतों के रास्ते चोरी का सिलसिला लगातार जारी है। फलस्वरूप क्षेत्र मे चोरों के आतंक से जनता खौफ जदा है, जबकि बड़ागाँव थाने के  अधिकारी-कर्मचारी पीड़ितों की शिकायत भारी मसक्कत के बाद दर्ज करते तो है ,पर मौका मुयायना कर शिकायतकर्ता को ही सीसी टीवी कैमरा न लगाने, मकान बंद रखने और तरह तरह के प्रश्न करके हैरान- परेशान करते है , कार्यवाही के नाम पर मामला शिफर ही रहता है। पुलिस की उदासीनता और निष्क्रियता से जनता में भारी रोष व्याप्त है। दर्जनभर चोरी की वारदातों के पीड़ित लोग पुलिस के आला अफसरों से मिलने और आंदोलन की तैयारी में जुटे है।
ज्ञातव्य है कि तेलारी गांव के निवासी पुलिसः विभाग में कार्यरत  विशाल सरोज के मकान का ताला तोड़कर चोर लाखो की संपत्ति उड़ा ले गएथे। सरोज की तहरीर केबाद कुछ नामचीन चोरो,बदमाशो को  बड़ागाँव थाने द्वारा पीड़ितों की मदद से पकड़ा गया था, पर कहा जाता है कि भारी रिश्वत खोरी और राजनीतिक दबाव के चलते उन कथित चोरों  को छोड़ दिया गया।
बताते है कि चंगवार गांव के निवासी,रिटायर शिक्षक शोभनाथ महानंद पांडे के के मकान का ताला तोड़कर दो- दो बार सोने चाँदी के आभूषण,कैश, कपड़ा,अनाज सहित लाखो का सामान चोर ले गए।मकान में लगे सी सी टी वी कैमरे मे कई चोरो की तस्वीर और आवाज भी कैद है। जिसका फुटेज पुलिस को सौंपा गया है । एक ही घर मे दो माह में दो बार चोरी मेभी प्राथमिक तहरीर लिखित तो ली गयी पर कार्यवाई के नाम पर पीड़ित को ठेगा ही दिखाया गया। इसी दौरान चंगवार में ज्वाला पांडेय के मकान का ताला तोड़कर लाखो की संपत्ति चोरी हुई । इसी दौरान चंगवार में सुशील गुलाब पाण्डेय के मकान में  चोर छत पर चढ़कर सीढ़ी के दरवाजे का कुंडी तोड़ कर घुसे और 9 कमरो के ताले कुंडी तोड़कर घर मे रखे  कपाटो, तिजोरी, लाकर, पेटियों को तोड़कर सोने,चांदी के आभूषण ,फूल और पीतल ,चाँदी के वर्तन, कपड़े अनाज सहित लाखों की चोरी किया।इस मामले में सुशील पाण्डेय द्वारा 112 व ऑनलाइन शिकायत देने के बाद पुलिस अधिकारी अविनाश गुप्ता साधौगंज चौकी से मौके पे आये जाँच पड़ताल किये फ़ोटो वीडियो लिए और अपने वरिष्ठ अधिकारी प्रवीण सिंह को स्थिति अवगत कराएं फिर यह कह कर चले गए कि हमारे साहब भी इन चोरो से परेशान हो गए है । हम कुछ करते है। क्या यही है योगीजी की जांबाज पुलिस? सूत्र बताते है कि मात्र दो माह में चंगवार , तेलारी , सिसवा, विराव, मधुमखिया, में दर्जन भर बंद मकानों में चोरी की बारदातो को अंजाम देकर चोरो ने करोड़ो का माल उड़ाया है । पुलिस कई मामलों में तो एफ आई आर भी दर्ज नहीं किया ।और दूसरी घटनाओ में मर्ज कर जांच करने की बात पीड़ितों से कह कर उन्हें टाल दिया जाता है।जिससे पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे में है।
प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीकाशी विश्वनाथ के दरबार में लगाई हाजिरी, बच्चों पर बरसाया प्यार, हरदोई रवाना
वाराणसी । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के अन्तिम दिन बुधवार सुबह काशीपुराधिपति बाबा विश्वनाथ के स्वर्णिम दरबार में विधिवत हाजिरी लगाई। वैदिक मंत्रोंच्चार के बीच मंदिर के स्वर्णमंडित गर्भगृह में बाबा के पावन ज्योतिर्लिंग का षोडशोपचार पूजा,अभिषेक अर्चक ओम प्रकाश मिश्र सहित पांच ब्राह्मणों ने कराई। इस दौरान प्रधानमंत्री ने भी काशीपुराधिपति के प्रति अनुराग, श्रद्धाभाव दिखाते हुए मंत्रोंच्चार का उच्चारण किया और देश में सुख-समृद्धि की मंगल कामना की।

दर्शन पूजन के बाद प्रधानमंत्री ने मंदिर परिसर में मौजूद शिवभक्तों का अभिवादन किया। काशी के 54वें दौरे पर आए प्रधानमंत्री ने काशी विश्वनाथ मंदिर में 51 ब्राह्मणों की शंखध्वनि के बीच प्रवेश किया। इस दौरान हर-हर महादेव के जयकारे लगाए गए। धाम में डमरूओं के निनाद, बटुकों के शंखनाद के बीच मंदिर न्यास के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। काशी विश्वनाथ मंदिर में विधिवत दर्शन पूजन करने के बाद प्रधानमंत्री हरदोई जाने के लिए बाबतपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए।

इसके पहले सुबह लगभग आठ बजे प्रधानमंत्री मोदी बरेका गेस्ट हाउस से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए रवाना हुए । प्रधानमंत्री बरेका गेस्ट हाउस से ककरमत्ता आरओबी होते मंडुवाडीह चौराहा, फिर फुलवरिया फ्लाईओवर के रास्ते सेंट्रल जेल रोड के हॉकी चौराहा रोड शो करते हुए पहुंचे। यहां से जेपी मेहता तिराहा होते आंबेडकर चौराहा,कचहरी गोलघर होते पुलिस लाइन तिराहा आए। पुलिस लाइन तिराहा से मकबूल आलम रोड होते हुए चौकाघाट, लहुराबीर, कबीरचौरा, मैदागिन के रास्ते लगभग 14 किलोमीटर की दूरी तय कर मंदिर पहुंचे। इस दौरान राह में भाजपा कार्यकर्ताओं और काशीवासियों ने ढोल, नगाड़ों, डमरू व शंखनाद के साथ ही गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा कर हर-हर महादेव एवं जय श्रीराम के उद्घोष के बीच अभूतपूर्व स्वागत किया। पूरे यात्रा मार्ग में लोगों ने फूल बरसाए। पूरे मार्ग में हर-हर महादेव और जय श्रीराम का उद्घोष होता रहा। गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा कर लोग प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते नजर आये। काशीवासियों का प्यार, दुलार और अपनत्व के भाव से अभिभूत पीएम मोदी खुद को रोक नहीं पाए और हाथ हिलाकर उनका अभिवादन स्वीकार करते आगे बढ़ते रहे।

दर्शन पूजन के बाद प्रधानमंत्री मोदी को भाजपा के स्थानीय नेताओं ने त्रिशूल और डमरू भेंट किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने त्रिशूल और डमरू दिखाकर शिवभक्तों के हर—हर महादेव के उद्घोष का अभिवादन किया। इस दौरान महापौर अशोक तिवारी,प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर आदि भी मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री मोदी ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन के बाद मंदिर चौक में दर्शन के लिए आए बच्चों पर प्यार लुटाया और उनसे बातचीत कर स्नेह से उनका सिर सहलाया। उन्होंने बच्चों से कुछ पूछा तो वे खिलाखिलाते दिखे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेरका से श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर तक के मेगा रोड शो में उमड़े लोग, पुष्पवर्षा के साथ शाही स्वागत
वाराणसी । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के अन्तिम दिन आज सुबह काशीपुराधिपति बाबा विश्वनाथ के स्वर्णिम दरबार में दर्शन-पूजन के लिए बरेका गेस्ट हाउस से निकले। प्रधानमंत्री का काफिला जैसे ही बरेका के मुख्यद्वार पर पहुंचा भाजपा कार्यकतार्आ ने प्रधानमंत्री मोदी का शाही अंदाज में विजेता नायक की तरह शंखध्वनि,पुष्पवर्षा के बीच भव्य स्वागत किया।

प्रधानमंत्री का काफिला श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के लिए बढ़ा तो राह में भाजपा कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़े बजाकर गगनभेदी मोदी—मोदी, नारेबाजी के बीच गुलाब की पंखुड़ियों की बौछार की। कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने जय-जय श्रीराम, हर-हर महादेव का उद्घोष किया। महिला कार्यकर्ताओं और नागरिकों का उत्साह देखकर प्रधानमंत्री का काफिला भी धीरे-धीरे आगे बढ़ता रहा।

प्रधानमंत्री ककरमत्ता आरओबी होते मंडुवाडीह चौराहा, फिर फुलवरिया फ्लाईओवर के रास्ते सेंट्रल जेल रोड के हॉकी चौराहा रोड शो करते हुए पहुंचें। यहां से जेपी मेहता तिराहा होते आंबेडकर चौराहा,कचहरी गोलघर होते पुलिस लाइन तिराहा आए। पुलिस लाइन तिराहा से मकबूल आलम रोड होते हुए चौकाघाट, लहुराबीर, कबीरचौरा, मैदागिन के रास्ते लगभग 14 किमी दूरी तय कर मंदिर पहुंचें।

लगभग 14 किलोमीटर की दूरी में भाजपा वाराणसी जिला एवं महानगर इकाई ने पांच स्वागत प्वाइंट बनाए। हर स्वागत प्वाइंट पर सड़क के दोनों छोर पर खड़े नागरिकों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने वाहनों के काफिले में प्रधानमंत्री को देख मोदी-मोदी का गगनभेदी नारा भी लगाया। अपनी काशी के नागरिकों का दुलार और प्यार देख गदगद प्रधानमंत्री भी कभी हाथ जोड़कर तो कभी हाथ हिलाकर नागरिकों का अभिवादन स्वीकार करते रहे। प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए पलक पांवड़े बिछाए कार्यकर्ता अलसुबह से स्वागत प्वाइंट पर डटे रहे।

राह में प्रधानमंत्री को देखने और उन पर पुष्पवर्षा के लिए महिलाएं और बच्चे भी अपने मकानों के छतों, बालकनी में उत्साहित दिखे। सड़क के किनारे बने बैरिकेडिंग में दोनों तरफ खड़े युवाओं,महिलाओं को देख प्रधानमंत्री ने भी हाथ जोड़ कर उनका अभिवादन स्वीकार किया। लोग प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए बैरिकेडिंग में देर तक डटे रहे। इसके पहले प्रधानमंत्री के रोड शो के लिए मैदागिन से श्रीकाशी विश्वनाथ धाम तक ट्रैफिक जीरो किया गया। पैदल चलने वालों को भी सड़क के किनारे किया गया। सुबह सात बजे अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीणा ने मैदागिन से काशी विश्वनाथ तक निरीक्षण किया। वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई गई । रोड शो के लिए रास्ता खाली कराया गया।
सीएम योगी ने मुजफ्फरनगर दौरे से पूर्व किया यह पोस्ट

महर्षि शुकदेव की पावन तपोभूमि मुजफ्फरनगर आज विकास और विश्वास के एक नए अध्याय की साक्षी बनने जा रही है।
आज के ऐतिहासिक अवसर पर ₹951 करोड़ से अधिक लागत की 423 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया जाएगा। साथ ही, पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी की प्रतिमा का अनावरण कर उनकी लोकसेवा की प्रेरणादायी परंपरा को नमन किया जाएगा। इसके साथ ही, रोजगार मेले में युवाओं को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए जाएंगे, जो उनके सपनों को नई उड़ान देंगे।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि डबल इंजन सरकार प्रदेश के समग्र विकास और युवाओं के सशक्त भविष्य के लिए निरंतर कार्य कर रही है।