भीषण गर्मी में अमल नाथ महाराज की 41 दिवसीय तपस्या बनी आस्था का केंद्र
( परविंदर कुमार)
मेरठ/बहसूमा।भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच खेडी मनिहार फलावदा चौराहे के पास अमल नाथ महाराज द्वारा की जा रही 41 दिवसीय तपस्या क्षेत्र में श्रद्धा और चर्चा का विषय बनी हुई है। मई 2026 की प्रचंड गर्मी में लगातार तपस्या करना लोगों के लिए आश्चर्य और आस्था दोनों का केंद्र बना हुआ है। प्रतिदिन सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक अमल नाथ महाराज कठिन साधना में लीन रहते हैं।

बताया गया कि अमल नाथ महाराज, अपने गुरु रामनाथ महाराज की परंपरा और आध्यात्मिक मार्गदर्शन का पालन करते हुए यह तपस्या कर रहे हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि इतनी भीषण गर्मी में लगातार 41 दिनों तक तपस्या करना सामान्य बात नहीं है, बल्कि यह दृढ़ संकल्प, भक्ति और साधना का प्रतीक है। तपस्या स्थल पर प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है, जहां लोग महाराज जी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।

महाराज जी की सेवा में करण, विशाल राणा, सुनील बालियान, लड्डू प्रधान, संदीप राणा और विक्रांत घलोत सहित कई ग्रामीण लगातार सहयोग कर रहे हैं। श्रद्धालुओं द्वारा तपस्या स्थल पर पानी, फल और अन्य व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल बना हुआ है और लोग महाराज जी की तपस्या को आध्यात्मिक शक्ति और जनकल्याण से जोड़कर देख रहे हैं।
भीषण गर्मी में अमल नाथ महाराज की 41 दिवसीय तपस्या बनी आस्था का केंद्र
( परविंदर कुमार)
मेरठ/बहसूमा।भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच खेडी मनिहार फलावदा चौराहे के पास अमल नाथ महाराज द्वारा की जा रही 41 दिवसीय तपस्या क्षेत्र में श्रद्धा और चर्चा का विषय बनी हुई है। मई 2026 की प्रचंड गर्मी में लगातार तपस्या करना लोगों के लिए आश्चर्य और आस्था दोनों का केंद्र बना हुआ है। प्रतिदिन सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक अमल नाथ महाराज कठिन साधना में लीन रहते हैं।

बताया गया कि अमल नाथ महाराज, अपने गुरु रामनाथ महाराज की परंपरा और आध्यात्मिक मार्गदर्शन का पालन करते हुए यह तपस्या कर रहे हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि इतनी भीषण गर्मी में लगातार 41 दिनों तक तपस्या करना सामान्य बात नहीं है, बल्कि यह दृढ़ संकल्प, भक्ति और साधना का प्रतीक है। तपस्या स्थल पर प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है, जहां लोग महाराज जी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।

महाराज जी की सेवा में करण, विशाल राणा, सुनील बालियान, लड्डू प्रधान, संदीप राणा और विक्रांत घलोत सहित कई ग्रामीण लगातार सहयोग कर रहे हैं। श्रद्धालुओं द्वारा तपस्या स्थल पर पानी, फल और अन्य व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल बना हुआ है और लोग महाराज जी की तपस्या को आध्यात्मिक शक्ति और जनकल्याण से जोड़कर देख रहे हैं।
3 साल के आंदोलन के बाद किसानों को बड़ी राहत, 22 करोड़ रुपये का मुआवजा दिलाया जाएगा

मेरठ/बहसूमा। तीन वर्षों से चल रहे आंदोलन और कानूनी संघर्ष के बाद क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत मिली है। लोक अदालत के फैसले में किसानों के पक्ष में निर्णय सुनाते हुए लगभग 22 करोड़ रुपये का मुआवजा दिलाया जाएगा। मुआवजे की रकम की घोषणा कर दी गई है और जल्द ही किसानों के खातों में यह राशि पहुंच जाएगी। फैसले की सूचना मिलते ही किसानों और ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई तथा एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी मनाई गई।

किसानों का कहना है कि लंबे समय से वे अपने हक और उचित मुआवजे की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे थे। लगातार आंदोलन, बैठकों और कानूनी प्रक्रिया के बाद आखिरकार लोक अदालत ने किसानों के हित में फैसला सुनाया। किसानों ने इसे उनकी एकजुटता और संघर्ष की जीत बताया।

इस मौके पर कपिल चाहल, सुभाष कैप्टन, प्रवेश चैनर, मा. सुरेंद्र, रविंदर, जोगिंदर और सरवन सहित कई किसान नेता एवं ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय किसानों के अधिकारों की रक्षा करने वाला है और इससे क्षेत्र के अन्य किसानों को भी न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
रामराज में रक्तदान शिविर का आयोजन, 25 लोगों ने किया रक्तदान
मेरठ/बहसूमा। क्षेत्र के रामराज स्थित लाल पैथोलॉजी लैब, रामलीला ग्राउंड के पास शनिवार 23 मई 2026 को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और जरूरतमंद मरीजों की सहायता के लिए रक्तदान किया।

शिविर के दौरान कुल 25 यूनिट रक्त एकत्र किया गया। आयोजकों ने बताया कि रक्तदान महादान है और इससे कई लोगों की जान बचाई जा सकती है। शिविर में युवाओं ने विशेष उत्साह दिखाया।

इस अवसर पर डॉ. ज्योतिश्मा शुक्ला (एमबीबीएस, एमडी), अनुज कुमार (लैब टेक्नीशियन), अजय कुमार (सुपरवाइजर), अंकुल गुप्ता (नर्सिंग स्टाफ) तथा कविता सिंह (नर्सिंग स्टाफ) मौजूद रहे।

आयोजकों ने सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
भीषण गर्मी में इंसानियत की मिसाल, जुम्मे की नमाज के बाद लगाई छबील
Meerut। Bahsuma। भीषण गर्मी के बीच बहसूमा क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मानवता और सेवा भाव की अनूठी मिसाल पेश करते हुए जुम्मे की नमाज के बाद राहगीरों व क्षेत्रवासियों के लिए ठंडे शरबत और पानी की छबील लगाई। तेज धूप और उमस भरी गर्मी में लोगों को राहत पहुंचाने के इस सराहनीय कार्य की क्षेत्रभर में खूब प्रशंसा हो रही है।

छबील में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर ठंडे शरबत का आनंद लिया और मुस्लिम समुदाय के इस सेवा भाव की जमकर सराहना की। आयोजन में अकबर मोहम्मद, नफीस, परवेज आलम, सरफराज, नसरुद्दीन, लियाकत अली, शमशाद, ताहिर मोहम्मद, सुलेमान, शकीर अफरीदी सहित अन्य लोगों ने मिलकर व्यवस्था संभाली और राहगीरों को शरबत वितरित किया।

इस दौरान आयोजकों ने कहा कि भीषण गर्मी में लोगों की सेवा करना सबसे बड़ा पुण्य कार्य है। समाज में आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश देने के उद्देश्य से यह छबील लगाई गई, ताकि राह चलते लोगों को गर्मी से राहत मिल सके।

स्थानीय लोगों ने मुस्लिम समुदाय के इस नेक कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकता, प्रेम और भाईचारे को मजबूत करने का काम करते हैं।
भीषण गर्मी में इंसानियत की मिसाल, जुम्मे की नमाज के बाद लगाई छबील
Meerut। Bahsuma। भीषण गर्मी के बीच बहसूमा क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मानवता और सेवा भाव की अनूठी मिसाल पेश करते हुए जुम्मे की नमाज के बाद राहगीरों व क्षेत्रवासियों के लिए ठंडे शरबत और पानी की छबील लगाई। तेज धूप और उमस भरी गर्मी में लोगों को राहत पहुंचाने के इस सराहनीय कार्य की क्षेत्रभर में खूब प्रशंसा हो रही है।

छबील में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर ठंडे शरबत का आनंद लिया और मुस्लिम समुदाय के इस सेवा भाव की जमकर सराहना की। आयोजन में अकबर मोहम्मद, नफीस, परवेज आलम, सरफराज, नसरुद्दीन, लियाकत अली, शमशाद, ताहिर मोहम्मद, सुलेमान, शकीर अफरीदी सहित अन्य लोगों ने मिलकर व्यवस्था संभाली और राहगीरों को शरबत वितरित किया।

इस दौरान आयोजकों ने कहा कि भीषण गर्मी में लोगों की सेवा करना सबसे बड़ा पुण्य कार्य है। समाज में आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश देने के उद्देश्य से यह छबील लगाई गई, ताकि राह चलते लोगों को गर्मी से राहत मिल सके।

स्थानीय लोगों ने मुस्लिम समुदाय के इस नेक कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकता, प्रेम और भाईचारे को मजबूत करने का काम करते हैं।
डीपीएम पब्लिक स्कूल में नन्हे-मुन्ने बच्चों की पूल पार्टी, इंडोर गेम्स में भी दिखा उत्साह
मेरठ/बहसूमा। भीषण गर्मी के बीच डीपीएम पब्लिक स्कूल में बुधवार को नर्सरी से यूकेजी तक के नन्हे-मुन्ने बच्चों के लिए रंगारंग पूल पार्टी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों का उत्साह और खुशी देखते ही बन रही थी। बच्चों ने पानी में खेलते हुए जमकर मस्ती की तथा विभिन्न गीतों पर नृत्य कर आनंद उठाया।

विद्यालय प्रशासन की ओर से बच्चों के लिए फ्रूटी, मैंगो ड्रिंक, चिप्स एवं ताजे फलों की विशेष व्यवस्था की गई थी। भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए बच्चों की सुरक्षा, स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी सभी व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया।

इस सफल आयोजन का श्रेय विद्यालय के सचिव जगदीश त्यागी को दिया गया। उनके कुशल नेतृत्व, दूरदर्शी सोच और बच्चों के प्रति स्नेहपूर्ण भावना के चलते कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं आकर्षक रूप से संपन्न हुआ। उन्होंने स्वयं व्यवस्थाओं की निगरानी करते हुए यह सुनिश्चित किया कि बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

विद्यालय प्रबंधन का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित, आनंदमय एवं शिक्षाप्रद वातावरण उपलब्ध कराना है। इसी सोच के तहत विद्यालय में समय-समय पर रचनात्मक एवं मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास को बढ़ावा मिल सके।

इसी अवसर पर कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए इंडोर गेम्स प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में लूडो, कैरम, टेबल टेनिस और शतरंज जैसे खेल शामिल रहे, जिनमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य ज़िया ज़ैदी ने बच्चों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं
जब ग्रामीणों को एक विशालकाय मगरमच्छ दिखाई दिया
थाना हस्तिनापुर क्षेत्र के दुधली खादर मार्ग पर उस समय हड़कंप मच गया जब ग्रामीणों को एक विशालकाय मगरमच्छ दिखाई दिया। मगरमच्छ को देखते ही आसपास के लोगों में भय का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना हस्तिनापुर वन विभाग की रेंजर खुशबू उपाध्याय को दी।
सूचना मिलते ही रेंजर खुशबू उपाध्याय के निर्देशन में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाया गया। काफी मशक्कत के बाद टीम ने मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया। वन विभाग की टीम द्वारा मगरमच्छ को गंगा नदी में छोड़ने की तैयारी की गई, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
रेस्क्यू टीम में सोनू कुंडा, नितिन, अंकित यादव, अतुल दुबे, नितिन त्यागी, अतुल स्वामी, ऊदल सहित वन विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं ग्रामीणों में रजनीश, भोलू, रामबीर, सोनू वर्मा, तुषार, जोनी, राहुल आदि ने मगरमच्छ को देखा और इसकी सूचना वन विभाग को दी।
वन विभाग अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि जंगली जीव दिखाई देने पर घबराएं नहीं और तुरंत विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके।
हस्तिनापुर क्षेत्र के गांव खेडी कला खादर में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, भूमाफियाओं से कब्जामुक्त कराई गई वन भूमि

संवाददाता/परविंदर चौधरी


हस्तिनापुर। थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव खेड़ी कला खादर में सोमवार दिनांक 18/05/2026 को प्रशासन एवं वन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए कई वर्षों से विवादित पड़ी एम.एल.सी की भूमि एवं वन विभाग की भूमि को भूमाफियाओं के कब्जे से मुक्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल, राजस्व विभाग की टीम तथा वन विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
वन क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में राजस्व विभाग, थाना हस्तिनापुर पुलिस तथा स्थानीय ग्रामीणों की सहमति से कब्जाई गई भूमि को खाली कराया गया। बताया गया कि भूमाफियाओं द्वारा लंबे समय से वन एवं एमएलसी की भूमि पर अवैध रूप से खेती की जा रही थी तथा आज ट्रैक्टरों के के द्वारा करीब 200-400 बीघा (भूमि ) जमीन को जोत कर कब्जा मुक्त कराया गया और भविष्य में बची हुई भूमि को भी कब्जा मुक्त कराया जाएगा, इस भूमि से क्षेत्र में लगातार विवाद की स्थिति बनी हुई थी। कई बार इस भूमि को लेकर तनाव एवं खूनी रंजिश जैसी घटनाएं भी सामने आ चुकी थीं।
प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग द्वारा संबंधित भूमि को वन विभाग के सुपुर्द किया गया। वन विभाग की टीम वन दरोगा, अतुल स्वामी, अंकित यादव, ऋषभ कुमार, नितिन फौजी, वनरक्षक अशोक, वनरक्षक रवि चपराना , वनरक्षक डालचंद, वाचर अमित, पवन,हर्षित चौहान, राजेंद्र,ने मौके पर पहुंचकर भूमि की पैमाइश कराते हुए कब्जामुक्त कराया। खेड़ी कला के ग्रामीणों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि भूमाफियाओं के कब्जे के कारण उनकी पैतृक एवं लगानी भूमि लगातार प्रभावित हो रही थी। खेतों के आसपास अवैध कब्जों के चलते नीलगाय व अन्य जंगली पशु फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे थे, जिससे किसान परेशान थे।
वन रेंज क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय ने बताया कि कब्जामुक्त कराई गई भूमि अभयारण क्षेत्र की वन भूमि है, जो वन्य जीवों के प्राकृतिक विचरण क्षेत्र में आती है। उन्होंने कहा कि वन विभाग भविष्य में भी अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान जारी रखेगा तथा वन संपदा और वन्य जीवों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
इस कार्रवाई में राजस्व विभाग से कानूनगो सीताराम, पटवारी नीरज तोमर, थाना प्रभारी हस्तिनापुर ने  उपनिरीक्षक मनीष, उपनिरीक्षक निर्दोष कुमार सहित पूरी पुलिस टीम एवं महिला कांस्टेबल मौजूद रहीं। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी उपस्थित रहे और इस प्रशासनिक कार्य में अड़चन भी आई कुछ किसानों ने इसका विरोध किया जिससे पुलिस बल ने उन्हें समझाया ,प्रशासनिक अपने प्रशासनिक कार्य में कोई भी हस्तीक्षेप किया तो आपको पुलिस हिरासत में ले लिया जाएगा , और सभी ने कार्रवाई का समर्थन किया।
डीपीएम पब्लिक स्कूल, बहसूमा में अमर उजाला राष्ट्रीय ओलंपियाड प्रतिभागियों का भव्य सम्मान समारोह आयोजित
मेरठ : डीपीएम पब्लिक स्कूल, बहसूमा में आज दिनांक 18 मई 2026 को एक गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें अमर उजाला राष्ट्रीय ओलंपियाड में प्रतिभाग करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर विद्यालय का वातावरण उत्साह, प्रेरणा एवं गौरव से ओत-प्रोत दिखाई दिया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों एवं शिक्षकों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और अधिक बढ़ाया।

विद्यालय के सचिव जगदीश त्यागी ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि इस प्रकार के शैक्षिक आयोजन विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास, आत्मविश्वास तथा प्रतिस्पर्धात्मक भावना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल पुस्तकात्मक ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों की मेहनत, लगन एवं अनुशासन की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा आगे भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के सभी अध्यापकों का विशेष योगदान रहा। शिक्षकों के मार्गदर्शन एवं निरंतर सहयोग के कारण ही विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने में सक्षम हो पाते हैं। विद्यालय परिवार ने सभी शिक्षकों के समर्पण एवं परिश्रम की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

विद्यालय के प्रधानाचार्य जिया जैदी ने अपने वक्तव्य में कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को नई दिशा प्रदान करती हैं तथा उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर�