नागेश्वर राव के नैक अध्यक्ष बनने से प्रयागराज का गौरव बढ़ा: प्रो.सत्यकाम
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-इग्नू और राजर्षि टंडन सहित देश भर के शिक्षाविदों में खुशी की लहर
प्रयागराज। देश के प्रख्यात शिक्षाविद प्रो. नागेश्वर राव को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद की कार्यकारी समिति नैक ईसी का चेयरमैन नियुक्त किए जाने पर देश भर के शिक्षाविदों में खुशी की लहर है। देश के शिक्षाविदों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि एक योग्य शिक्षाविद के हाथ में नैक की बागडोर आने से देश के शिक्षण संस्थानों का गुणवत्तापूर्ण विकास होगा। शिक्षा के विकास से ही भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का सपना साकार होगा।
उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज के कुलपति एवं प्रो. नागेश्वर राव के साथ इग्नू में प्रतिकुलपति रहे प्रो. सत्यकाम ने प्रो. नागेश्वर राव को नैक ईसी का चेयरमैन नियुक्त किए जाने पर बधाई देते हुए कहा कि इस प्रतिष्ठापूर्ण नियुक्ति से मुक्त विश्वविद्यालयों का गौरव बढ़ा है। ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रो. नागेश्वर राव के प्रयास अभतपूर्व हैं। उनके प्रयासों से ही मुक्त विश्वविद्यालयों की प्रतिष्ठा पूरे देश में बढ़ी है। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से गोल्ड मेडलिस्ट रहे प्राे. राव कॉमर्स और बिजनेस मैनेजमेंट के विद्वान हैं। शिक्षण करियर में 48 साल का अनुभव रखने वाले प्रो. राव के कई शिष्य देश के प्रमुख संस्थानों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं।
अपनी ऐतिहासिक शैक्षिक यात्रा के दौरान प्रो. राव इलाहाबाद विश्वविद्यालय में जुलाई 1978 से फरवरी 1985 तक कॉमर्स और बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग में लेक्चरर रहे। इसके उपरांत बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी में फरवरी 1985 से अक्टूबर 1990 तक फैकेल्टी आफ मैनेजमेंट स्टडीज में रीडर रहे। देश में सबसे कम उम्र में प्रोफेसर बनने का गौरव हासिल करने वाले प्रोफेसर राव विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन में अक्टूबर 1990 से दिसम्बर 2013 तक पं. जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट आफ बिजनेस मैनेजमेंट में प्रोफेसर के पद में कार्यरत रहे। उन्होंने देश के कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थानों के प्रशासनिक पदों के प्रमुख का दायित्व ग्रहण किया। देश के कई राज्य और केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में उनका कार्यकाल महत्वपूर्ण उपलब्धियों से भरा रहा।
प्रो. राव सर्वप्रथम उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज के कुलपति नियुक्त हुए। मुक्त विश्वविद्यालय में सबसे युवा कुलपति होने का उनका रिकॉर्ड अभी तक टूट नहीं पाया है। इसके उपरांत प्रो. राव को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के सम कुलपति और फिर कार्यवाहक कुलपति की कमान सौंपी गई। इसके उपरांत प्रो. राव उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी, नैनीताल के कुलपति के पद पर नियुक्त हुए। तदोपरांत राष्ट्रपति द्वारा इग्नू के पूर्णकालिक कुलपति नियुक्त किए गये। इग्नू के कुलपति के रूप में प्रो. राव ने काफी प्रतिष्ठा हासिल की। जिसके परिणाम स्वरूप भारत सरकार ने उनकी नेतृत्व क्षमता पर भरोसा करते हुए उन्हें राष्ट्रीय महत्व के संस्थान केंद्रीय हिंदी निदेशालय तथा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ एडवांस्ड स्टडी के निदेशक का अतिरिक्त पदभार भी सौंपा।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली को इनके कार्यकाल में नैक में ए डबल प्लस ग्रेड मिला। जो किसी भी मुक्त विश्वविद्यालय के लिए अभी तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है, इससे अन्य मुक्त विश्वविद्यालयों की राह आसान हुई। इग्नू के इतिहास की इस सबसे बड़ी उपलब्धि के लिए तत्कालीन शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने सर्वाेच्च ग्रेड प्राप्त करने पर कुलपति प्रो. नागेश्वर राव को खुद बधाई दी थी। प्रो. राव के कार्यकाल में इग्नू 40 लाख से अधिक छात्रों के साथ दुनिया की सबसे बड़ी ओपन यूनिवर्सिटी बनी रही।
उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. प्रभात चन्द्र मिश्र में बताया कि शोध और प्रकाशन के क्षेत्र में प्रो. राव ने कई उपलब्धियां हासिल की। उन्होंने आठ लोकप्रिय पुस्तकें लिखीं। 37 पीएचडी छात्रों को गाइड किया तथा 180 रिसर्च पेपर प्रकाशित हुए। प्रो. राव को कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए, जिनमें प्रमुख रूप से ऑनरेरी फेलो, कॉमनवेल्थ ऑफ़ लर्निंग है। ओपन और डिस्टेंस लर्निंग में विश्वस्तरीय योगदान के लिए प्रो. राव को यह प्रतिष्ठित फेलोशिप मिली। राष्ट्रीय पुरस्कारों में उत्तर प्रदेश सरकार का सरस्वती सम्मान है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रो. राव को यह पुरस्कार प्रदान किया गया। मीडिया प्रभारी ने बताया कि भारत सरकार द्वारा प्रो. नागेश्वर राव को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद की कार्यकारी समिति नैक ईसी का चेयरमैन नियुक्त किए जाने पर देश भर से प्रो राव को बधाइयां मिल रही हैं। प्रयाग की धरती को अपनी कर्मभूमि मानने वाले प्रोफेसर राव की इस उपलब्धि पर प्रयागराज का गौरव बढ़ा है।![]()






प्रयागराज। भजन सम्राट अनूप जलोटा से मुलाकात तथा शिष्य संजय की प्रस्तुति से दिल का जितना मानों जनपद में एक गीतकार का पहचान बन गया।संजय शर्मा कथा-कीर्तन और भजन गायन से जुड़े हैं और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कार्यक्रम करते हैं।प्रयागराज संगीत के लिए पुराना केंद्र रहा है।प्रयाग संगीत समिति हर साल अखिल भारतीय संगीत प्रतियोगिता कराती है।ऐसे माहौल में स्थानीय भजन गायक संजय शर्मा जैसे कलाकार सक्रिय भूमिका में रहते हैं।आप आकाशवाणी प्रयागराज के उद्घोषक भी हैं।संजय शर्मा विश्व विख्यात पद्मश्री भजन सम्राट अनूप जलोटा को अपना गुरु मानते हैं।अनूप जलोटा की उपस्थिति में उनके साथ गीत सुनाकर श्रोताओं का दिल जीत लिया साथ ही साथ जलोटा के प्रिय शिष्य बन गये। संजय शर्मा विगत दिनों एक कार्यक्रम से लौट रहे थे जहां आकस्मिक दुर्घटना हुई जिसमें उनके पैर क्षतिग्रस्त हुए हड्डी के विशेषज्ञों ने आपरेशन किया। जनपद के कुछ गीतकार एवं समाजसेवियों ने शिष्टाचार मुलाकात की एवं कुछ ने दूरभाष से स्वास्थ्य ठीक होने की खबर मिली।संजय शर्मा के वैवाहिक वर्षगांठ पर 15 मई 2026 को सभी शुभचिंतकों ने शुभकामनाएं एवं बधाइयां दी तथा उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।मुंबई से कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप,गीतकार रविन्द्र कुमार शर्मा दीप,प्रमोद कुमार प्रेमी,अधिवक्ता एवं कवि अनिल शर्मा,युवा नेता अनिल कुमार शर्मा,सेन हरिकेश शर्मा नंदवंशी,सेन प्रदीप कुमार शर्मा नंदवंशी,मनोज जगदीश शर्मा, श्रीमती राधा संतोष शर्मा, उद्योगपति कलेक्टर शर्मा, संतोष निरंकार शर्मा,नई उम्मीद फाउंडेशन के अध्यक्ष चंद्रभूषण शर्मा, डॉ संजय शर्मा, डॉ संतोष शर्मा,डॉ एस आर श्रीवास,डॉ प्रहलाद शर्मा,बाबुल्ले शर्मा,जे पी शर्मा अध्यक्ष अखिल भारतीय सविता महासंघ, अधिवक्ता राजेश कुमार शर्मा, अधिवक्ता अनुज कुमार सेन, अधिवक्ता श्यामू शर्मा आदि ने शुभकामनाएं दीं।
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