वाग्धारा’ की राष्ट्रीय संगोष्ठी में गूंजा विश्व शांति और मानवता का पैगाम
मुंबई। वैश्विक परिदृश्य में युद्ध की आशंकाओं से घिरे समय में मुंबई के बुद्धिजीवियों ने एक स्वर में शांति, संवाद और सह-अस्तित्व का संदेश दिया। ‘वाग्धारा’ द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी “युद्ध नहीं, बुद्ध” में वैचारिक चर्चा के साथ मानवता के पक्ष में सशक्त आवाज भी उठी।
फिल्मकार-साहित्यकार डाॅ वागीश सारस्वत के संयोजन में हुई इस सामयिक संगोष्ठी में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि युद्ध केवल सीमाओं पर नहीं, बल्कि मन और विचारों में भी लड़ा जाता है और उसी स्तर पर शांति की शुरुआत भी संभव है। भारत की संतुलित और दूरदर्शी कूटनीति, विशेषकर ईरान और इज़रायल जैसे संवेदनशील मुद्दों पर, विशेष चर्चा में रही। वर्तमान भारतीय कूटनीति को वैश्विक अस्थिरता के बीच विवेकपूर्ण और जिम्मेदार रुख बताया गया।
मुख्य अतिथि फिल्मकार रूमी जाफरी ने जीवन को एक सतत संघर्ष बताते हुए कहा कि “सबसे बड़ा युद्ध इंसान का अपने भीतर होता है।” संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे आध्यात्मिक प्रवक्ता वीरेंद्र याग्निक ने कहा कि जीवन का प्रत्येक क्षण आत्मसंघर्ष और आत्मविजय की प्रक्रिया है। जीवन का हर दिन युद्ध है। नौसेना के सेवानिवृत्त कमांडर भूषण दीवान ने अपने सैन्य अनुभव साझा करते हुए कहा कि स्पष्टता और दृढ़ता किसी भी संघर्ष में विजय के मूल तत्व हैं। मुंबई विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. करुणा शंकर उपाध्याय ने रक्षा तंत्र और सैन्य संरचना पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए भारत की सुरक्षा नीति की गहराई को रेखांकित किया। प्रस्तावना रखते हुए डॉ. वागीश सारस्वत ने भारत की नीति को दो टूक शब्दों में व्यक्त किया—“हम किसी को छेड़ते नहीं, पर यदि कोई छेड़े, तो उसे छोड़ते भी नहीं।” समाजसेवी शिवजी सिंह, मनीषा जोशी, एडवोकेट भार्गव तिवारी, रंगकर्मी सगीर ख़ान, वरिष्ठ पत्रकार शैलेन्द्र श्रीवास्तव, टीवी जर्नलिस्ट सुनील सिंह और लेखक विवेक अग्रवाल ने भी अपने विचारों से संगोष्ठी को समृद्ध किया। मंच संचालन अभिनेता रवि यादव ने प्रभावशाली ढंग से किया। संगोष्ठी में साहित्य और कला का प्रभावी समावेश देखने को मिला। पत्रकार व कवि ओमप्रकाश तिवारी के गीतों को अभिनेत्री विनीता टंडन यादव ने स्वर दिए, वहीं महान कवि गोपाल दास नीरज की प्रसिद्ध कविता “अगर तीसरा युद्ध हुआ तो…” का मार्मिक पाठ अमर त्रिपाठी ने किया। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनों को भावनात्मक रूप से झकझोरते हुए शांति के महत्व को और गहराई से स्थापित किया।
कार्यक्रम में नंदिता माजी शर्मा, शिखा गोस्वामी, मीनू मदान और विशु सहित अनेक रचनाकारों ने युद्ध और शांति पर अपनी कविताएँ प्रस्तुत कीं। इस अवसर पर प्रियंका सिंह, गोपी कृष्ण बुबना, एडवोकेट अनीस, एडवोकेट प्रभात, निर्देशक कमर हाजीपुरी और पत्रकार अनवर जैदी की सक्रिय उपस्थिति ने आयोजन को व्यापक आयाम प्रदान किया। इस संगोष्ठी का निष्कर्ष एक स्पष्ट संदेश के रूप में सामने आया “युद्ध मानवता का अंत है, जबकि बुद्ध का मार्ग ही शांति, करुणा और सह-अस्तित्व की ओर ले जाता है।”
मुंबई से उठी यह आवाज केवल एक शहर तक सीमित नहीं, बल्कि विश्व समुदाय के लिए एक विचारशील संदेश है कि शांति हथियारों से नहीं, विचारों से ही स्थायी शांति संभव है।![]()

मुंबई। वैश्विक परिदृश्य में युद्ध की आशंकाओं से घिरे समय में मुंबई के बुद्धिजीवियों ने एक स्वर में शांति, संवाद और सह-अस्तित्व का संदेश दिया। ‘वाग्धारा’ द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी “युद्ध नहीं, बुद्ध” में वैचारिक चर्चा के साथ मानवता के पक्ष में सशक्त आवाज भी उठी।

मुंबई। हिंदी के मूर्धन्य साहित्यकार ' पंडित मुरलीधर पांडेय ने एक मुलाक़ात के दौरान ' महाराष्ट्र राज्य पुलिस मुख्यालय डीजीपी कार्यालय में राज्य के पुलिस महानिदेशक डॉ. सदानंद दाते को ' देश के साहित्यकारों में पंडित मुरलीधर पांडेय का व्यक्तित्व एवं कृतित्व, अभिनंदन-ग्रंथ ' संयोग प्रकाशन ' द्वारा प्रकाशित कई पुस्तकें भेंट स्वरूप दीं। इस अवसर पर साथ में मीरा-भाईंदर शहर के ' स्पेशल क्राइम रिपोर्टर ' व ' वरिष्ठ-पत्रकार ' सुभाष पांडेय उपस्थित रहे।
मीरा रोड। संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में इडेन रोज़ परिसर में हिंदू महासभा द्वारा भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिने जगत के ख्यातिलब्ध निदेशक मुकेश कुमार सिंह थे। समारोह की अध्यक्षता अशोक शुक्ल ने की। संघ की ओर से प्रमुख वक्ता के रूप में विधान शैतानसिंह राजपुरोहित उपस्थित थे। दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। उत्सव में मातृशक्तियों द्वारा लेजिम नृत्य प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा "वसुधैव कुटुंबकम्" पर आधरित नाटिका की प्रस्तुति छात्रों द्वारा की गई। इस अवसर पर बच्चों को भारतमाता का चित्र और प्रमाणपत्र वितरित किए गए। जहाँ सुमी ने अपने सुमधुर कंठ से भजन प्रस्तुत किए वहीं श्री अपर्णा शर्मा ने दैनिक जीवन से संबंधित पंच-परिवर्तन पर अपनी बात रखी। चर्चित कवि सुरेश मिश्र ने अपनी कविताओं के माध्यम से लोगों को खूब गुदगुदाया । उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से सभी से "एक" रहने की अपील की।अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में अशोक शुक्ल ने बताया कि बच्चों का संस्कारित करना माता-पिता की पहली जिम्मेदारी है। हमें दैनिक जीवन की नागरिक जिम्मेदारियों को कभी नहीं भूलना चाहिए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुकेश कुमार सिंह ने स्वाध्याय पर बल देते हुए कहा कि बिना स्वाध्याय के भारतीय संस्कृति पर होने वाले हमलों को नहीं रोका जा सकता। मात्र पूजा-अर्चना और व्रत-उपवास ही नहीं धर्म है। इसे समझने के लिए आर्य ग्रंथों का अध्ययन जरूरी है। नवघर नगर के सह कार्यवाह विधान राजपुरोहित ने संघ के अनुशासन, धैर्य और संयम को रेखांकित किया। इस अवसर पर श्री अजित उपाध्याय और माधव पाण्डेय ने भी अपनी बात रखी। शहर के उद्यमी, लेखक, शिक्षक आदि विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य इस भव्य समारोह में उपस्थित थे। संपूर्ण राष्ट्रगीत से सांस्कृतिक संध्या का समापन हुआ। डॉ. जितेन्द्र पाण्डेय ने कार्यक्रम का आद्यांत संचालन किया।
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में उत्तर मुंबई में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को उस समय बड़ा झटका लगा, जब उनके कई कद्दावर पदाधिकारियों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने एक साथ शिवसेना (शिंदे गुट) में प्रवेश कर लिया। उप-मुख्यमंत्री के विकास कार्यों और उनके जुझारू नेतृत्व पर विश्वास जताते हुए इन नेताओं ने शिवसेना का भगवा झंडा फहराया।शिवसेना परिवार में शामिल होने वाले प्रमुख चेहरों में उत्तर मुंबई के वे नेता शामिल हैं, जिनकी जमीन पर गहरी पकड़ मानी जाती है। भाजपा से उत्तर मुंबई के महामंत्री शिवदयाल मिश्रा, उत्तर भारतीय मोर्चा के उपाध्यक्ष राजेश मिश्रा, उत्तर भारतीय युवा मोर्चा के अध्यक्ष अमित पांडे, वार्ड क्रमांक १२ के सचिव रवी पाठक और अध्यक्ष शशिकांत पाल ने शिवसेना की सदस्यता ग्रहण की। मनसे से मनसे की उपविभाग अध्यक्ष कस्तुरी रोहेकर और महासचिव अजित ने भी अपने समर्थकों के साथ शिवसेना का हाथ थाम लिया।इस भव्य प्रवेश समारोह के दौरान शिवसेना के वरिष्ठ नेताओं और मागाठाणे विधानसभा के विधायक प्रकाश सुर्वे ने सभी नए सहयोगियों का पुष्पगुच्छ देकर हार्दिक अभिनंदन किया। पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इन अनुभवी पदाधिकारियों के जुड़ने से शिवसेना न केवल सांगठनिक रूप से मजबूत हुई है, बल्कि आने वाले समय में जनसेवा के कार्यों में भी तेजी आएगी।
मुंबई । यात्रियों को नैसर्गिक सौंदर्य का आनंद कराते हुए रमणीय कोंकण रेल-मार्ग पर यात्रियों को अपने “सादर सेवा” का अनुभव प्रदान करने के लिए मशहूर कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन ने सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए निरंतरता के साथ सक्रिय रूप से संलग्न संस्था “धरोहर” के गत शनिवार को मुंबई के मरीन लाइंस स्थित वेस्ट एंड होटल में आयोजित पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम में उपस्थित महाराष्ट्र सरकार के कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने पुस्तक का लोकार्पण किया। उन्होंने कोंकण रेलवे के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संतोष कर झा से कोंकण रेलवे की विकास यात्रा एवं विभिन्न परियोजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
ठाणे । वागळे एस्टेट स्थित टीप-टॉप प्लाजा में ‘ठाणे डॉक्टर फाउंडेशन’ का उद्घाटन समारोह बड़े उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध हृदय शल्य चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. अरविंद सिंह गेहलोत रहे। इस अवसर पर फाउंडेशन की नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई। इसमें डॉ. अशोक तिवारी को अध्यक्ष तथा डॉ. शंभू सिंह को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। वहीं डॉ. गिरीश प्रजापति को सचिव और डॉ. विनोद यादव को कोषाध्यक्ष बनाया गया। लेडीज विंग की प्रमुख के रूप में डॉ. सान्या शहापूरकर की नियुक्ति की गई।
भायंदर। मीरा भायंदर के प्रख्यात भवन निर्माता राज रीयल्टी ग्रुप के डायरेक्टर राजेश सिंह एवं सुरेश सिंह की मां श्रीमती धानफूल फुलराज सिंह (उम्र 85 वर्ष ) का आज सुबह आकस्मिक निधन हो गया। वे अत्यंत दयालु और धार्मिक प्रवृत्ति की थी। यही कारण था कि हर व्यक्ति उनका सम्मान करता था। वह अपने पीछे 2 बेटों,6 बेटियों, पौत्र, पौत्रियों से भरा पूरा परिवार छोड़ गई। उनके निधन पर देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राहुल एजुकेशन के चेयरमैन लल्लन तिवारी, महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह, विधायक नरेंद्र मेहता, वरिष्ठ समाजसेवी चित्रसेन सिंह,भवन निर्माता सुरेंद्र उपाध्याय, समाजसेवी रत्नाकर मिश्रा, एडवोकेट डीके पांडे, समाजसेवी ब्रह्मदेव सिंह, ओम प्रकाश सिंह, शिवसेना नेता विक्रम प्रताप सिंह, रमेश चंद्र मिश्र, कमलेश दुबे, नगरसेवक मनोज दुबे, नगरसेवक विवेक उपाध्याय, एडवोकेट राजकुमार मिश्रा, एडवोकेट कारण पांडे, पत्रकार शिवपूजन पांडे, पत्रकार राजेश उपाध्याय,पत्रकार महेंद्र पांडे, उमाशंकर सिंह, रमाकांत सिंह, बलवंत सिंह समेत अनेक लोगों ने गहरा दुख प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की है।
2 hours and 41 min ago
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