गया में सांसद जन उद्यम खेल एवं सांस्कृतिक महोत्सव 2026 का भव्य समापन, 10,000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया

गया: गया की पावन धरती पर आयोजित सांसद जन उद्यम खेल एवं सांस्कृतिक महोत्सव 2026 का शनिवार को उत्साह और गरिमा के साथ भव्य समापन हुआ। 20 अप्रैल से 25 अप्रैल तक चले इस महोत्सव में खेल, संस्कृति और उद्यमिता का अनूठा संगम देखने को मिला, जिसमें 10,000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

महोत्सव की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें भाग लेने के लिए किसी प्रकार का कोई सहभागिता शुल्क नहीं रखा गया। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के युवाओं को समान अवसर मिला और आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाओं को भी अपनी क्षमता दिखाने का मंच प्राप्त हुआ। प्रतियोगिता के दौरान लगभग 3,000 खिलाड़ियों का चयन कर उन्हें 13 विभिन्न खेलों में भाग लेने का अवसर दिया गया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि सांसद जीतन राम मांझी ने कहा कि खेल युवाओं के सर्वांगीण विकास का आधार है और ऐसे आयोजन उन्हें सही दिशा प्रदान करते हैं।

उन्होंने घोषणा की कि इस पहल के तहत 20,000 खेल किट्स का वितरण प्रखंड, पंचायत और विधानसभा स्तर पर किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा मिलेगा। महोत्सव के दौरान आयोजित MSME मीट एवं प्रदर्शनी ने स्थानीय उद्यमियों, कारीगरों और स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर दिया। इससे रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खुले और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती मिली। कार्यक्रम की सफलता में आयोजकों, स्वयंसेवकों और सहयोगी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही घोषणा की गई कि दिसंबर-जनवरी में और बड़े स्तर पर खेल टूर्नामेंट आयोजित किया जाएगा, जिससे अधिक युवाओं को अवसर मिल सकेगा।

शेरघाटी नगर परिषद में करोड़ों के घोटाले का आरोप: पूर्व मुख्य पार्षद प्रतिनिधि विनय कुमार ने कहा- फर्जी कंस्ट्रक्शन के नाम पर धन की निकासी की

कार्रवाई के लिए सरकार को लिखा पत्र 

गया: गया जिले के शेरघाटी नगर परिषद क्षेत्र में कथित भ्रष्टाचार का मामला सामने आने से स्थानीय प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। नगर परिषद शेरघाटी के पूर्व मुख्य पार्षद प्रतिनिधि विनय कुमार ने प्रेस वार्ता आयोजित कर कार्यपालक पदाधिकारी रिचा प्रियदर्शनी पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि नगर परिषद में विभिन्न विकास योजनाओं के नाम पर करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया है, जिसके उनके पास ठोस सबूत मौजूद हैं।

विनय कुमार के अनुसार, फाउंटेन निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस परियोजना में लागत को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया और गुणवत्ता से समझौता किया गया। इसके अलावा, नेशनल हाईवे पर पेंटिंग कार्य में भी निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया, फिर भी भारी राशि खर्च कर दी गई।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई योजनाओं के तहत फर्जी कंस्ट्रक्शन के नाम पर धन निकासी की गई है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि जिन कंपनियों को काम दिया गया, उनके पास वैध दस्तावेज जैसे पैन कार्ड, जीएसटी नंबर या अन्य आवश्यक कागजात तक नहीं थे। इसके बावजूद उन्हें टेंडर प्रक्रिया के जरिए कार्य आवंटित किया गया, जो नियमों के विरुद्ध है।

वाटर एटीएम परियोजना को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। विनय कुमार ने कहा कि जिन स्थानों पर आम जनता की सुविधा के लिए वाटर एटीएम लगाए जाने थे, वहां इन्हें नहीं लगाया गया। इसके बजाय अन्य क्षेत्रों में स्थापित कर दिया गया, जिससे लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। साथ ही, एलईडी डिस्प्ले और आउटडोर फाउंडेशन से जुड़े कार्यों में भी अनियमितता का आरोप लगाया गया है।

उन्होंने हितों के टकराव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जिस फर्म को आउटडोर फाउंडेशन का कार्य दिया गया, वह नगर परिषद में कार्यरत एक जूनियर इंजीनियर के पिता के नाम पर रजिस्टर्ड है। यह सीधा-सीधा नियमों का उल्लंघन है और निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है। विनय कुमार ने यह भी दावा किया कि संबंधित कार्यपालक पदाधिकारी अपने पिछले कार्यकाल में भी इसी तरह के आरोपों में घिरी रही हैं।

उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते जांच नहीं कराई गई, तो महत्वपूर्ण दस्तावेजों में हेरफेर किया जा सकता है। इस पूरे मामले को लेकर उन्होंने बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव को लिखित शिकायत सौंपते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही, दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने की भी अपील की है। हालांकि, इन आरोपों पर अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और जांच के बाद सच्चाई क्या निकलकर सामने आती है।

वही, इस संबंध में कार्यपालक पदाधिकारी रिचा प्रियदर्शनी ने कहा कि 6 माह के करीब चुनाव होना है, इसलिए यह सब राजनीतिक कारणों से आरोप लगाए जा रहे हैं, उन्होंने कहा कि सभी आरोप मनगढ़ंत और तथ्यहीन है.

गयाजी के मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज में अत्याधुनिक भवन का शिलान्यास, उच्च शिक्षा को मिलेगा नया आयाम

गयाजी। सूबे के प्रतिष्ठित अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में शामिल नेट द्वारा ग्रेड ‘बी’ से मान्यता प्राप्त मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि की ओर कदम बढ़ाते हुए अत्याधुनिक भवन निर्माण कार्य का विधिवत शिलान्यास किया। समारोह के दौरान फीता काटकर नए भवन की नींव रखी गई। साथ ही पुराने जर्जर भवन को हटाकर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नए ढांचे के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इस गरिमामय अवसर पर कॉलेज के शासी निकाय के अध्यक्ष प्रोफेसर हाफिजुर रहमान खान, सचिव शब्बी आर्फीन शमसी एवं प्राचार्य डॉ. मोहम्मद अली हुसैन के साथ-साथ सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इसे संस्थान के विकास की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताते हुए खुशी जताई। कॉलेज सचिव शब्बी आर्फीन शमसी ने बताया कि प्रस्तावित भवन में आधुनिक कक्षाएं, डिजिटल लर्निंग सुविधाएं, उन्नत प्रयोगशालाएं तथा विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे न केवल छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, बल्कि शिक्षण प्रणाली भी और अधिक प्रभावी एवं तकनीकी रूप से सुदृढ़ होगी।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 1969 में स्थापित मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज ने अपने लंबे सफर में कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन निरंतर प्रगति के साथ आज यह मगध विश्वविद्यालय के प्रमुख एवं अग्रणी संस्थानों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। वर्तमान में अध्यक्ष प्रो. हाफिजुर रहमान खान, सचिव शब्बी आर्फीन शमसी और प्राचार्य डॉ. मोहम्मद अली हुसैन के कुशल नेतृत्व में कॉलेज लगातार नई उपलब्धियां अर्जित कर रहा है।

संस्थान में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर विभिन्न विषयों की पढ़ाई के साथ-साथ व्यावसायिक एवं कौशल आधारित पाठ्यक्रमों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। डिजिटल कैंपस की अवधारणा को साकार करते हुए कॉलेज के वोकेशनल भवन में बीसीए, बीबीए, बीएलआईएस, सूचना प्रौद्योगिकी एवं बायोटेक्नोलॉजी जैसे आधुनिक पाठ्यक्रम संचालित हैं. वर्तमान में कॉलेज में 10 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। परिसर में लगभग 60 कक्षाएं, 7 स्मार्ट क्लासरूम तथा 25 हजार से अधिक पुस्तकों से युक्त एक समृद्ध पुस्तकालय उपलब्ध है, जो विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। नए भवन के निर्माण से कॉलेज की आधारभूत संरचना को मजबूती मिलने के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक सुधार की उम्मीद है। यह पहल न केवल गया, बल्कि पूरे क्षेत्र में उच्च शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होगी।

गयाजी में जीएसटी व ऑडिट विषयों पर सेमिनार का आयोजन: “रियल एस्टेट और वर्क कॉन्ट्रैक्ट पर जीएसटी का प्रभाव” विषय पर विचार रखे

गया: गयाजी शहर के गेबाल बिगहा रोड स्थित एक निजी होटल में शुक्रवार को गया सीपीई सेंटर द्वारा जीएसटी एवं ऑडिट विषयों पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि के द्वारा दीप प्रज्वलितर किया गया। यह कार्यक्रम आईसीएआई के सीआईआरसी के तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें विषय विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को विस्तार से जानकारी दी।

सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में रीजनल काउंसिल सदस्य सीए जे.के तिवारी ने “रियल एस्टेट और वर्क कॉन्ट्रैक्ट पर जीएसटी का प्रभाव” विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने रियल एस्टेट सेक्टर में जीएसटी से जुड़ी जटिलताओं और उसके व्यावहारिक प्रभावों को सरल तरीके से समझाया। साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षा का महत्व सबसे बड़ा है और पुस्तकों को पढ़ने की आदत डालनी चाहिए, क्योंकि “शिक्षा खुद बोलता है”।

वहीं, सीए दीपक राज ने “शेड्यूल 3 और कारो का ऑडिट पर प्रभाव” विषय पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कारो ऑडिट रिपोर्ट के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को व्यावहारिक दृष्टिकोण से जानकारी दी। कार्यक्रम के संयोजक सीए दीपक कुमार ने बताया कि गया की धरती पर पहली बार आईसीएआई के रीजनल काउंसिल सदस्य फैकल्टी के रूप में पहुंचे, जिससे प्रतिभागियों को विशेष लाभ मिला।

उन्होंने आगे कहा कि गयाजी में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए एक लाइब्रेरी की स्थापना की योजना है, जिसके लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने पर कार्य शुरू किया जाएगा। इस अवसर पर सत्र की अध्यक्षता सीए ज्ञान प्रकाश ने की। कार्यक्रम में सीए रोहित गोयल, सीए रोहित सिन्हा, डिप्टी कमिश्नर उत्पल कुमार, सीए संजीव सिन्हा, सीए अनुप कुमार, सीए रविकांत वर्मा, सीए शशिराज, सीए विकास कुमार, सीए अमित सिन्हा, सीए अनुरुद्ध सिद्धिवंशी सहित लगभग 50 चार्टर्ड अकाउंटेंट्स उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने विषयों से संबंधित अपने अनुभव साझा किए और सेमिनार को उपयोगी बताया।

शेरघाटी नगर परिषद के मुख्य पार्षद और कार्यपालक पदाधिकारी मिली भगत कर कर रहे घोटाले पर घोटाले

पूर्व मुख्य पार्षद प्रतिनिधि ने कार्रवाई के लिए सरकार को लिखा पत्र

गयाजी: गया जिले के शेरघाटी नगर परिषद में आर्थिक भ्रष्टाचार का बेहद संगीन मामला सामने आया है| इस तरह के कई आर्थिक भ्रष्टाचार शेरघाटी नगर परिषद में हो रहे है इन्ही

आर्थिक भ्रष्टाचार से जुड़े कई आरोप शेरघाटी के पूर्व मुख्य पार्षद प्रतिनिधि सह भाजपा शेरघाटी के मीडिया प्रभारी विनय कुमार ने लगाया है. इसे लेकर बिहार सरकार के नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव को लिखित पत्र प्रेषित कर तुरंत कार्रवाई की मांग की गई है. शेरघाटी नगर परिषद के पूर्व मुख्य पार्षद प्रतिनिधि के द्वारा लगाए गए संगीन आरोपों में शेरघाटी नगर परिषद के फाउंटेन टेंडर में सुनियोजित योजना के तहत जय शिव कंस्ट्रक्शन कंपनी को काम दिया जाना है. मुख्य पार्षद और कार्यपालक पदाधिकारी के द्वारा जय शिव कंस्ट्रक्शन के अलावा के. इंटरप्राइजेज एवं सनराइज इंटरप्राइजेज समेत अन्य दो कंपनी को काम दिया गया है| जबकि उक्त कंपनियों के पास कोई पेपर नहीं है. पैन कार्ड, जीएसटी, कैंसिल चेक देकर ये टेंडर हासिल कर रहे हैं, जो कि अवैध है.

पेंटिंग का काम एवं फाउंटेन के काम में बड़े घोटाले किए गए

शेरघाटी नगर परिषद के मुख्य पार्षद और कार्यपालक पदाधिकारी की मिली भगत से फाउंटेन के काम में बड़े घोटाले किए गए हैं | पेंटिंग का काम 70000 स्क्वायर फीट में किया गया. किंतु यह काम जहां करने थे, वहां नहीं किए गए. पेंटिंग के मानक से अलग नेशनल हाईवे पर गलत ढंग से इसके रुपए खर्च किए गए |नगर परिषद अध्यक्ष और कार्यपालक पदाधिकारी की मिली भगत से एक करोड़ 14 लाख 20 हजार का टेंडर दिया गया | साथ ही पेंटिंग के प्रति स्क्वायर फीट 163 रुपए 14 पैसे लिए गए वसूले गए, जबकि जो पेंटिंग नेशनल हाईवे पर की गई, उसकी जरूरत ही नहीं थी | पूर्व मुख्य पार्षद प्रतिनिधि शेरघाटी विनय कुमार ने कहा है, कि 70000 स्क्वायर फीट में नेशनल हाईवे पर पेंटिंग करने का काम सनराइज इंटरप्राइजेज के द्वारा किया गया. इस तरह से एक बड़ा घपला किया गया है.

लोगों की प्यास बुझाने के लिए लगाई गई वाटर एटीएम में भी घोटाला

वाटर एटीएम में भी इसी तरह का रवैया सामने आया है. विनय कुमार ने सरकार को लिखे पत्र में बताया है, कि शेरघाटी नगर परिषद अंतर्गत पूर्व में किया गया टेंडर था, जिसे सीमा से बाहर कर दिया गया जहां पब्लिक पैलेस यानी नगर क्षेत्र में लगाना था, उससे अलग क्षेत्र में इसे लगाया गया. इसी प्रकार लाइट में भी घपलेबाजी की गई. लाइट के नाम पर बड़े घपले हुए है. लाइट में जमकर घोटाला किया गया है. एलइडी डिस्प्ले में भी घोटाले की कोशिश हुई. वहीं ओपन जिम में भी मिली भगत कर घपला किया गया. अध्यक्ष और कार्यपालक पदाधिकारी अपनी एजेंसी के माध्यम से विकास के नाम पर घोटाला पर घोटाला करते जा रहे हैं, जो बेहद ही गंभीर मामला है |

सफल निविदाकार का निविदा कार्य या तो मुख्य पार्षद के सगे संबंधी जानकार या मित्र ही क्यों?

उपरोक्त योजनाओं में हुई गङबड़ियों का संपूर्ण विवरण अलग से भी संलग्न कर विनय कुमार के द्वारा दिया गया है. राज्य सरकार को दिए गए आवेदन में लिखा गया है, कि सफल निविदाकार का निविदा कार्य या तो मुख्य पार्षद के सगे संबंधी जानकार या मित्र हैं, या फिर कार्यपालक पदाधिकारी के सगे संबंधी या जानकार या मित्र. क्योंकि इन निविदाकारों को बिना पूर्ण कागज एवं ईएमडी के सफल घोषित किया गया| ताकि मनमानी दरों पर आर्डर दिया जा सके. जैसे आउटडोर फाउंटेन का कार्य का आर्डर जिस फर्म को दिया गया है, वह नगर परिषद में कार्यरत जेई (JE) के पिता के नाम पर रजिस्टर्ड है. इसी प्रकार नगर परिषद कार्य क्षेत्र की दीवारों की पुताई का कार्य जिस फर्म को दिया गया है, वह फर्म निविदा के प्रकाशित होने के दो माह पूर्व ही रजिस्टर्ड हुआ है. वही, ड्रिंकिंग वॉटर एटीएम का टेंडर जुलाई माह में किया गया, जबकि उस समय तक कार्यपालक पदाधिकारी का ट्रांसफर हो चुका था. केवल स्पेशल इंटेसिव रिवीजन की वजह से पदभार नहीं छोड़ा था. इसी प्रकार अन्य संविदाएं अभी तक खोली नहीं गई है, जिसका कारण है, कि दूसरे निविदाकारों के द्वारा विभिन्न स्तर पर शिकायत दर्ज करवाया गया है.

निष्पक्ष एजेंसी से इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग

सरकार को निष्पक्ष एजेंसी से इसकी उच्च स्तरीय जांच कराई जानी चाहिए. शेरघाटी नगर परिषद के पूर्व मुख्य पार्षद प्रतिनिधि सह भाजपा शेरघाटी के मीडिया प्रभारी विनय कुमार ने कहा है, कि इसके बाबत हमारे पास पक्के सबूत हैं, कि कार्यपालक पदाधिकारी और मुख्य पार्षद की मिली भगत से कई बड़े-बड़े घोटाले किए गए हैं. फिलहाल फाउंटेन का काम, वाटर एटीएम में हुए काम की जांच की जरूरत है. वही टेंडर नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया. इसकी भी जांच कर त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए. अपनी कंपनी खोलकर उसे ही टेंडर दे देना नियमों के दायरे से बाहर है, जबकि यह लोग यही कर रहे हैं.

विनय कुमार ने बिहार सरकार के नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव को से की गई शिकायत में यह भी कहा है कि शेरघाटी नगर परिषद में पिछले बहुत समय से मुख्य पार्षद एवं कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा परिषद क्षेत्र के सभी कार्यों में बहुत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किए गए हैं. पिछले 10 माह में केवल जेम पोर्टल पर हुई निविदाओं का एक संचित विवरण साक्ष्य के रूप में उपलब्ध कराया जा रहा है. इन साक्ष्यों से सब पता चलता है कि यह सब बङे भ्रष्टाचार है.

काॅल डिटेल निकाल सभी आरोपों की हो जांच

विनय कुमार के द्वारा कहा गया है, कि मेरे द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की जांच करने के लिए कार्यपालक पदाधिकारी, मुख्य पार्षद एवं उनके पुत्र के पिछले 10 महीना का कॉल रिकॉर्ड निकलवाया जाए, जिसमें यह लोग इन्ही फर्मो के मालिकों से निविदा से पहले ही बातचीत करते हुए पाए जाएंगे. साथ ही कार्यपालक पदाधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करके ही पिछले 10 माह के सभी टेंडरों की एक सक्षम समिति से

जांच करवाई जाए.

पुनपुन नगर पंचायत में कर चुकी हैं कारनामा

विनय कुमार ने कहा है, कि कार्यपालक पदाधिकारी को निलंबित करना इसलिए आवश्यक है, क्योंकि वे इस पद पर रहते हुए टेंडर संबंधित सभी कार्य को नष्ट कर सकती है. जैसा उन्होंने अपनी पिछली पोस्टिंग में नगर पंचायत पुनपुन में किया था और उसका आरोप ऑफिस के किसी भी कर्मी पर लगाकर एफआईआर दर्ज करवा दी थी, ताकि कागजों की जांच न होने पाए और दोषी आरोप मुक्त हो जाए. शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री कार्यालय, नगरीय विकास एवं आवास विभाग के मंत्री, शेरघाटी विधानसभा के विधायक, जिला मजिस्ट्रेट गया को भी प्रेषित की गई है.

फतेहपुर में दुकान दिलवाने के नाम पर करीब 7 लाख की ठगी के आरोप में एफआईआर दर्ज

गया: फतेहपुर थाना क्षेत्र के धनगांव निवासी शंकर सिंह ने नगर पंचायत फतेहपुर के रहने वाले रंजीत कुमार पिता रघुनंदन विश्वकर्मा पर करीब सात लाख रुपया ठगी करने का आरोप लगाया है, इस मामले में फतेहपुर थाने में एफआईआर दर्ज किया गया है। पीड़ित शंकर सिंह पिता स्वर्गीय कामता सिंह ने बताया की मैं फतेहपुर बाजार में कपड़ा बेचने का कारोबार करता हूं मेरे दुकान से करीब 100 मीटर की दूरी पर रंजीत कुमार पिता रघुनंदन विश्वकर्मा थाना फतेहपुर का भी लोहा बेल्डिंग का दुकान था, जिसे उसने आज से करीब दो माह पुर्व में किसी दूसरे व्यक्ति को किराए पर दे दिया था, मैं एवं रंजीत कुमार कई वर्षों से अच्छे मित्र थे रंजीत कुमार एवं उसके पिता रघुनंदन विश्वकर्मा मुझे दूसरे स्थान पर दुकान दिलवाने एवं अपना निजी कार्य के लिए मुझसे चार लाख नियनानवे हजार रुपए यूपीआई के माध्यम से और दो लाख नगद लिया था, और कुछ दिन बाद दुकान दिलवाने का वादा किया था, वहीं कुछ दिनों बाद जब मैं उनसे दुकान के बारे में पूछा तो टालमटोल करने लगा और करीब 1 साल से ऊपर होने के बाद मैं तंग आकर उसे अपने पैसे की मांग करने लगा कि मुझे मेरा पैसा वापस कर दो मुझे दुकान नहीं चाहिए, इसके बाद उसने मेरे साथ धोखाधड़ी करते हुए पंजाब नेशनल बैंक का एक चेक दिया इस चेक को मैं जब फतेहपुर एसबीआई बैंक में लेकर गया तो खाते में पैसे नहीं होने के कारण चेक बाउंस कर गया। इसके बाद मैं चेक बाउंस होने को लेकर उसके घर पर गए तो वहां रंजीत कुमार एवं उसके परिवार के लोग रघुनंदन विश्वकर्मा, छोटू विश्वकर्मा इन तीनों ने मिलकर मेरे साथ गाली गलौज करते हुए बोला कि जाओ पैसा नहीं मिलेगा जो करना है कर लो इसके साथ ही उन सभी ने मेरे साथ मारपीट भी की और छोटू कुमार मेरे पॉकेट से हाथ डालकर ₹5000 नगद निकाल लिया और धमकी दिया कि अगर पैसे को लेकर दोबारा मेरे घर आया तो तुम्हारे ऊपर बहन नीतू कुमारी पिता रघुनंदन विश्वकर्मा के साथ छेड़छाड़ कर झूठा आरोप लगाकर जेल भेज दूंगा तथा मुझे मेरे दुकान से अपहरण कर हत्या करवाने की भी धमकी दिया। इस घटना से मैं काफी भयभीत हूं अगर मेरे साथ किसी प्रकार की घटना घटित होता है तो उसका जिम्मेदार रंजीत कुमार एवं उसके परिवार के लोग होंगे। वही इस संदर्भ में फतेहपुर थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद एफआईआर दर्ज की गई है, आगे जो भी विधि सम्मत कार्रवाई होगी वह किया जाएगा। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रंजीत कुमार कई लोगों से इस तरह का ठगी कर चुका है कुछ लोगों ने बताया कि उसका यही सब पेशा है।

माधुरी फाउंडेशन के अध्यक्ष सह युवा जदयू नेता ने अपनी माता के पुण्यतिथि पर पुत्र ने वृद्धाश्रम में वस्त्र एवं भोजन का किया वितरण

गया: समाज के निचले पायदान पर रहने वाले लोगों एवं गरीब असहयों के लिए समर्पित संस्था मां माधुरी फाउंडेशन के अध्यक्ष सह युवा जदयू नेता कुमार गौरव उर्फ गौरव सिन्हा ने अपनी माता माधुरी देवी के पांचवी पुण्यतिथि के मौके पर गया फतेहपुर मार्ग पर अवस्थित वृद्ध आश्रम सहारा में पहुंचकर आश्रम में रह रहे लोगों के बीच वस्त्र एवं भोजन का वितरण किया। इस वृद्ध आश्रम श्रम में सैकड़ो लोग रहते हैं जिसमें वृद्धावस्था में महिला एवं पुरुष शामिल है।

वही, अपनी माता माधुरी देवी के पांचवी पुण्यतिथि के मौके पर पुत्र कुमार गौरव इस आश्रम में पहुंचकर महिलाओं एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग वस्त्र का वितरण किया। वही पुण्यतिथि के मौके पर भोजन भी करवाया ।माधुरी फाउंडेशन के अध्यक्ष कुमार गौरव उर्फ गौरव सिन्हा ने वृद्ध लोगों के बीच अपने हाथों से वस्त्र का भी वितरण किया वहीं अपने हाथों से आश्रम में रह रहे लोगों को खाना परोस कर भी खिलाया। इस मौके पर कुमार गौरव उर्फ गौरव सिन्हा ने कहा कि अपनी माता माधुरी देवी की पांचवीं पुण्यतिथि के मौके पर इस आश्रम में आए हैं और यहां रह रहे लोगों के बीच अपने आप को आकर अपनापन जैसा महसूस हो रहा है। इस पुण्यतिथि को लेकर वैसे लोगों के बीच होना हमारे लिए बहुत ही यादगार का पल होता है जितना पल यहां गुजरता है तो लगता है कि ऐसे लोगों को सहयोग कर सुकून मिलता है।

उन्होंने कहा कि इसके पूर्व में भी मैं यहां रक्षाबंधन पर्व के मौके पर आकर इन लोगों के बीच कुछ पल बिताने का काम किया था और आगे भी जितना हमसे बन सकेगा इन लोगों के प्रति तत्पर रहेंगे ।वहीं इस आश्रम में उपस्थित एनएम कनक कुमारी ने भी बताया कि कुमार गौरव के द्वारा रक्षाबंधन में भी यहां आकर इन लोगों के बीच वस्त्र एवं भोजन का वितरण किया गया था और आज वह अपने माता माधुरी देवी के पुण्यतिथि के मौके पर आकर वस्त्र एवं भोजन का वितरण किया है ।उन्होंने यह भी कहा कि और भी समाज के लोगों को ऐसी संस्था में आकर सहायता करना चाहिए।इस कार्य के लिए उन्होंने सराहना किया।

बोधगया के ज्ञान भारती रेजिडेंशियल कंपलेक्स विद्यालय में पढ़ाई के साथ तैराकी की नई शुरुआत, स्विमिंग पूल का विधिवत हुआ उद्घाटन

गया: बोधगया की पावन ज्ञानभूमि से ज्ञान भारती रेजिडेंशियल कंपलेक्स विद्यालय ने शिक्षा के साथ-साथ खेल को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। अब इस विद्यालय में बच्चों को पढ़ाई के साथ तैराकी का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसी कड़ी में विद्यालय परिसर में बने नए स्विमिंग पूल का बुधवार को विधिवत उद्घाटन किया गया।

विद्यालय की निदेशक मधु प्रिया ने इस अवसर पर बताया कि उनके विद्यालय के छात्र पहले से ही शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। अब उद्देश्य यह है कि वे खेल, विशेषकर तैराकी में भी अपनी पहचान बनाएं और राष्ट्रीय स्तर पर विद्यालय का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ खेलों का संतुलन बेहद जरूरी है।इस उद्घाटन समारोह में राजेश पांडे और ऋतु डालमिया सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास बच्चों के भविष्य को नई दिशा देने में सहायक होते हैं। विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि निजी स्कूलों में अक्सर खेल सुविधाओं की कमी देखी जाती है, खासकर तैराकी जैसी गतिविधियाँ बहुत कम उपलब्ध होती हैं। इसी कमी को दूर करने के लिए यह स्विमिंग पूल तैयार किया गया है, ताकि छात्र न केवल शारीरिक रूप से फिट रहें, बल्कि प्रतियोगी स्तर पर भी अपनी प्रतिभा दिखा सकें। विद्यालय द्वारा बच्चों को पेशेवर प्रशिक्षण देने की भी योजना बनाई गई है, जिससे वे आने वाले वर्षों में जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग ले सकें। प्रबंधन को उम्मीद है कि अगले दो वर्षों में विद्यालय के छात्र तैराकी के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल करेंगे।

मगध विश्वविद्यालय में वैचारिक टकराव गहराया, जातीय उन्माद और हिंदू विरोधी विचारों के प्रसार के आरोप

गया-बोधगया। मगध विश्वविद्यालय एवं उससे संबद्ध कॉलेजों में हाल के दिनों में हो रही कुछ गतिविधियों ने शैक्षणिक वातावरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप सामने आ रहे हैं कि कुछ व्यक्तियों द्वारा वामपंथी विचारधारा के नाम पर छात्रों के बीच जातीय उन्माद फैलाने तथा हिंदू विरोधी सोच को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। इससे विश्वविद्यालय का शैक्षणिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संतुलन प्रभावित होता प्रतीत हो रहा है, जो चिंता का विषय है।एबीवीपी के छात्र नेता सूरज सिंह ने इस पूरे प्रकरण पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय और कॉलेज विचारों के स्वस्थ आदान-प्रदान के केंद्र होते हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थिति में सुनियोजित ढंग से छात्रों को विभाजित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जाति के आधार पर छात्रों को बांटना तथा हिंदू आस्था, परंपरा एवं सांस्कृतिक मूल्यों के विरुद्ध नकारात्मक वातावरण तैयार करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे न केवल छात्र एकता कमजोर होती है, बल्कि उनके शैक्षणिक विकास और भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। सूरज सिंह ने आगे आरोप लगाया कि कुछ तत्व एकतरफा विचारधारा और भ्रामक प्रचार के माध्यम से छात्रों व ख़ास कर छात्राओं को गुमराह कर रहे हैं, जिससे परिसर में अविश्वास और तनाव का माहौल बनता जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिक्षा के मंदिर में किसी भी प्रकार की विभाजनकारी राजनीति या वैचारिक उन्माद को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

सूरज सिंह ने सभी छात्र संगठनों, शिक्षकों और समाज के जिम्मेदार नागरिकों से भी अपील की कि वे छात्रों को जोड़ने, आपसी सद्भाव बढ़ाने और सकारात्मक, समावेशी एवं शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने की दिशा में कार्य करें।

इधर छात्र समुदाय के बीच भी इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई छात्रों का मानना है कि विचारों की स्वतंत्रता लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है, लेकिन किसी भी विचारधारा के नाम पर समाज या किसी धर्म विशेष के खिलाफ माहौल बनाना तथा छात्रों को विभाजित करना शिक्षा की मूल भावना के विपरीत है।

गया में महिंद्रा ट्रैक्टर्स की N1 सीरीज़ लॉन्च, किसानों को मिलेगा आधुनिक तकनीक का लाभ

गया: गया शहर के विशाल तालाब स्थित एक निजी होटल में महिंद्रा ट्रैक्टर्स की नई N1 सीरीज़ का भव्य लॉन्च समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन सिद्धार्थ ट्रैक्टर्स द्वारा किया गया, जिसमें कंपनी के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। समारोह में स्टेट हेड बलवीर चौधरी, एरिया मैनेजर संजय दत्ता तथा क्षेत्रीय प्रबंधक रंजय कुमार ने भाग लिया।

इस अवसर पर सिद्धार्थ ट्रैक्टर्स के प्रोप्राइटर सिद्धि नाथ विश्वकर्मा ने बताया कि वर्तमान समय में कृषि के क्षेत्र में तेजी से यांत्रिकीकरण बढ़ रहा है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए महिंद्रा ट्रैक्टर्स ने N1 सीरीज़ को किसानों के लिए समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि यह नई सीरीज़ खेती को अधिक आसान, तेज और किफायती बनाने में सहायक होगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय प्रबंधक रंजय कुमार ने बताया कि N1 सीरीज़ में पहले से अधिक शक्तिशाली इंजन दिया गया है, जो विभिन्न कृषि कार्यों को आसानी से करने में सक्षम है। इसके अलावा इस ट्रैक्टर में ड्यूल क्लच, रिवर्स पीटीओ, साइड गियर, मल्टी-स्पीड सिस्टम, बड़े टायर और पावर स्टीयरिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे किसानों को बेहतर प्रदर्शन और सुविधा मिलेगी।

कंपनी ने इस नई सीरीज़ पर 28 अप्रैल तक विशेष इंट्रोडक्टरी ऑफर भी घोषित किया है। इस ऑफर के तहत किसान आकर्षक लाभ के साथ ट्रैक्टर खरीद सकते हैं। इच्छुक ग्राहक सिद्धार्थ ट्रैक्टर्स से संपर्क कर इस ऑफर का फायदा उठा सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में किसानों और उपस्थित लोगों ने नई तकनीक से लैस इस ट्रैक्टर की सराहना की और इसे कृषि क्षेत्र के लिए उपयोगी बताया।