झारखंड में डायन प्रथा पर सख्ती की जरूरत: न्यायिक अकादमी में NALSA कोलोकीयम, पीड़ित पुनर्वास पर जोर

रांची।

महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों, विशेषकर झारखंड में डायन प्रथा (विच हंटिंग) जैसी गंभीर सामाजिक समस्या पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण कोलोकीयम का आयोजन शनिवार को झारखंड न्यायिक अकादमी के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम में अपराध पीड़ितों को राहत एवं पुनर्वास प्रदान करने में विधिक सेवा संस्थाओं की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

इस अवसर पर सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति विक्रम नाथ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति महेश शरदचंद्र सोनक, न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद सहित कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने अपने संबोधन में कहा कि संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 महिलाओं को समानता, भेदभाव से मुक्ति और गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार देते हैं, लेकिन वास्तविकता में इन अधिकारों और उनके क्रियान्वयन के बीच बड़ा अंतर है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध समाज की गहरी संरचनात्मक समस्या का परिणाम हैं, जहां हिंसा को सामान्य मान लिया गया है।

उन्होंने विशेष रूप से झारखंड में प्रचलित डायन प्रथा को अमानवीय और लैंगिक हिंसा का गंभीर रूप बताते हुए कहा कि यह केवल अंधविश्वास नहीं, बल्कि सामाजिक असमानता, सत्ता और पितृसत्ता से जुड़ा मुद्दा है। इस पर प्रभावी रोक के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और संवेदनशील

कानून-व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

कोलोकीयम में यह भी रेखांकित किया गया कि न्याय केवल अपराधियों को सजा देने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि पीड़ितों के पुनर्वास को उसका केंद्र बनाना होगा। विधिक सेवा संस्थाओं को गांव स्तर तक पहुंच बनाकर पीड़ितों को कानूनी सहायता, जागरूकता और मुआवजा दिलाने में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

*महिलाओं के खिलाफ अपराध को रोकने के लिए चुनौती कानून की नहीं बल्कि क्रियान्वयन की है: न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति श्री अहसानुद्दीन अमानुल्लाह ने कहा कि मॉब लींचिंग को लेकर कानून के मार्गदर्शन के साथ माननीय सुप्रीम कोर्ट ने भी कई बार गाइडलाइन दी हैं। अगर सही तरीके से गाइडलाइन और कानून का क्रियान्वयन हो जाए और जिला स्तर पर इसकी लीगल बॉडी प्रो-एक्टिव तरीके से काम करे तो इसमें कमी लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान की जिम्मेदारी होती है कि वह निष्पक्ष होकर काम करे।

वहीं ज्यूडिशियल किया भूमिका लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी की होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि फायर फाइटिंग की धारणा को बदलना होगा। सही आदमी को सही जगह पर अगर बैठाया जाए तो ऐसे मामलों के निष्पादन में तेजी आ सकती है।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र का धन्यवाद ज्ञापन महिला बाल विकास एवं समाज कल्याण के सचिव श्री उमाशंकर सिंह ने किया। वहीं द्वितीय सत्र में कानूनी एवं तकनीकी विषय पर विशेषज्ञों ने अपने परामर्श दिए। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में स्वयं सेवी संस्था की महिलाओं समेत दुर्घटना में पीड़ित परिवार एवं ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित महिला को राशि प्रदान की गई।

गढ़वा DC ने राजस्व अधिकारियों को दी सख्त हिदायत: 30 दिन में निपटाएं दाखिल-खारिज, लेटलतीफी पर होगी कार्रवाई

गढ़वा :- समाहरणालय गढ़वा स्थित सभागार में उपायुक्त अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में राजस्व विभाग से संबंधित कार्यों की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न किया गया। बैठक में मुख्य रूप से दाखिल-खारिज, राजस्व संग्रहण, झारसेवा पोर्टल, पीएम किसान, भूमि सीमांकन, सर्टिफिकेट इश्यू, लैंड ट्रांसफर, नामांतरण, लैंड डिस्प्यूट के मामले, भू-अर्जन, अतिक्रमण समेत अन्य कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक के प्रारंभ में उपायुक्त श्री मित्तल द्वारा विभिन्न अंचलों से प्राप्त अद्यतन प्रतिवेदन के आधार पर बिंदुवार समीक्षा किया गया। दाखिल-खारिज संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने जिले के विभिन्न अंचलों को 30 दिनों के अंदर दाखिल-खारिज के मामले का निष्पादन अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया। किसी भी आवेदन को बिना किसी कारण 30 या 90 दिनों या इससे अधिक दिनों तक लंबित नही रखने का निर्देश दिया गया। अंचल कार्यालय से निर्गत होने वाले विभिन्न प्रमाण पत्रों को लेकर भी उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर प्रमाण पत्र निर्गत करने की बात कही। समीक्षा के दौरान प्रतिवेदन के अनुसार पोर्टल पर राजस्व संबंधी विभिन्न कार्यों से जुड़े मामलों की समीक्षा के क्रम में कई आवेदन लंबित पाए गए, जिसका निष्पादन अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया गया। भूमि सीमांकन हेतु प्राप्त आवेदनों पर अमीन के द्वारा तय समय पर भूमि सीमांकन करने का निर्देश दिया गया। कुछ कार्यों में पेंडेंसी को लेकर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की एवं सभी अंचल अधिकारी एवं उनके अधीनस्थ कर्मियों को सक्रिय होकर कार्य करने का निर्देश दिया। वहीं उन्होंने कहा कि कोई भी कार्य जानबूझकर लंबित न रखें, मामलों का निष्पादन तय समयसीमा एवं प्राथमिकता के आधार पर करें। राइट टू सर्विस एक्ट के तहत सभी पेंडिंग कार्यों यथा- म्यूटेशन, डीमार्केसन, सर्टिफिकेट इश्यू, डिस्प्यूट लैंड इत्यादि को ससमय निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। अपेक्षाकृत पुअर परफॉर्मेंस प्रदर्शित करने वाले अंचल अधिकारियों एवं संबंधित पदाधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त की गई एवं कारणपृच्छा करने का निर्देश दिया गया।

वहीं भूमि विवाद से संबंधित मामलों के निबटारे हेतु सभी अंचल अधिकारियों एवं अनुमंडल पदाधिकारियों समेत संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश निर्गत किया गया एवं भूमि सीमांकन हेतु प्राप्त आवेदन/शिकायत पर त्वरीत संज्ञान लेते हुए अविलंब कार्रवाई करने की बात कही गई। साथ ही लगान अपडेशन/त्रुटि सुधार हेतु प्राप्त आवेदन पर नियमानुसार अविलंब आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु निदेशित किया गया। समीक्षा के क्रम में राजस्व संबंधी उपरोक्त मामलों में कुछ अंचलों की दयनीय स्थिति प्रदर्शित हुई जिससे नाराज होते हुए अगले बैठक तक सभी मामले को निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने इस प्रकार के किसी भी मामले का निष्पादन 30 दिनों के भीतर करने की बात कही। 90 दिनों, 120 दिनों या इससे अधिक दिनों तक पेंडिंग रहने वाले मामलों को रिव्यू का अंग नहीं बताया तथा ऐसा होने पर संबंधित पदाधिकारी पर निश्चित रूप से कार्रवाई करने की बात कही गई।

वहीं इस जिला स्तरीय राजस्व विभाग की समीक्षात्मक बैठक में अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा संजय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी श्री बंशीधर नगर प्रभाकर मिर्धा, अनुमंडल पदाधिकारी रंका रुद्र प्रताप, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी संजय प्रसाद, भूमि सुधार उप समाहर्ता गढ़वा रविश राज सिंह, एवं सभी प्रखंड के अंचल अधिकारी समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी भी उपस्थित थें।

पुलिस अधीक्षक, रामगढ़ के द्वारा रामगढ़ अनुमण्डल क्षेत्रान्तर्गत वे0वो0 एवं कुज्जू ओ0पी0 का औचक निरीक्षण किया गया।


RAMGARH:-पुलिस अधीक्षक, रामगढ़ के द्वारा रामगढ़ अनुमण्डल क्षेत्रान्तर्गत वे0बो0 एवं कुज्जू ओ0पी0 का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में ओ0पी0 क्षेत्र की भौगोलिक परिदृश्य के संबंध में जानकारी लिया गया तथा ओ0पी0 में पदस्थापित/

प्रतिनियुक्त पुलिस पदाधिकारियों के कार्य बटवारा, सिरिस्ता अभिलेखों के रख-रखाव, लंबित वारंट/कुर्की/सम्मन के निष्पादन, फिरारियों की गिरफ्तारी, आरोप पत्रित अपराधिकर्मियों के भौतिक सत्यापन, थाना में लंबित चरित्र एवं पासपोर्ट सत्यापन,

सी0सी0टी0एन0एस0 प्रविष्टि, लंबित काण्डों के अनुसंधान एवं निष्पादन तथा e-साक्ष्य की समीक्षा करते हुये आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया।

PVUNL पतरातू में ‘GEM – गर्ल्स एम्पावरमेंट मिशन’ की शुरुआत, 50 छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण सम्पन्न

पतरातू, 24 अप्रैल 2026: पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (PVUNL) में ‘GEM – गर्ल्स एम्पावरमेंट मिशन’ की औपचारिक शुरुआत आज उत्साहपूर्वक की गई। इस पहल के तहत स्थानीय सरकारी विद्यालयों की 50 छात्राओं का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण पीटीपीएस अस्पताल में कराया गया।

कार्यक्रम के दौरान स्वर्णरेखा महिला समिति की अध्यक्षा श्रीमती रेनू सहगल ने छात्राओं से संवाद किया तथा उन्हें आत्मविश्वास, शिक्षा और स्वास्थ्य के महत्व के बारे में प्रेरित किया। उन्होंने बच्चियों को इस मिशन का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।

इस अवसर पर छात्राओं के अभिभावक एवं शिक्षक भी उपस्थित रहे। सभी को GEM कार्यशाला के उद्देश्यों, गतिविधियों एवं इसके माध्यम से मिलने वाले समग्र विकास के अवसरों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा एवं व्यक्तित्व विकास पर विशेष जोर दिया गया। यह कार्यक्रम मई महीने में शुरू होगा।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने दक्षिणी छोटानागपुर के मुखियाओं को किया सम्मानित, कहा – गांव के विकास से ही राज्य का विकास संभव

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य के समग्र विकास एवं ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में जनप्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है, आप सभी ऐसे लोग हैं जो ग्रामीणों के सबसे करीब रहते हैं। आप सभी लोग ग्राम-पंचायत व्यवस्था का अभिन्न अंग हैं।

आपकी कार्य कुशलता से ही राज्य का सर्वांगीण विकास का रास्ता तय किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का विकास तभी होगा जब गांव का विकास होगा। गांव राज्य के जड़ हैं, जब जड़ मजबूत होगी तभी पेड़ मजबूत होगी। गांव को मजबूत करने की दिशा में हमारी सरकार निरंतर सकारात्मक कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राजधानी रांची या हेडक्वार्टर से नहीं बल्कि गाँवों से चलने वाली सरकार है, क्योंकि विकास की असली नींव गाँवों में ही निहित है। भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती गाँवों से शुरू होती है। गाँवों को सशक्त किए बिना राज्य और देश के विकास की कल्पना अधूरी है। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ विकास की राह में खड़े समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। पहले जहाँ यह शिकायत मिलती थी कि सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक न तो सरकार की आवाज़ पहुँचती थी और न योजनाएँ, वहीं अब पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर समस्याओं का समाधान किया जा रहा है और यह प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम, खेलगांव, रांची में आयोजित "मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह-सह-मुखिया सम्मेलन 2026 (दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल)" को संबोधित कर रहे थे।

उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित करना एक अच्छी पहल है

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य में पंचायत सेवकों से लेकर उच्च अधिकारियों तक एक सशक्त प्रशासनिक ढांचा कार्य कर रहा है, वहीं पंचायत से लेकर मुख्यमंत्री तक जनप्रतिनिधियों की एक समानांतर व्यवस्था है। इन दोनों के समन्वय से ही विकास की गति तेज होगी। जनप्रतिनिधि सरकार की योजनाओं और संसाधनों को अपनी जिम्मेदारी समझें, तभी उनका सही उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम के में राज्य सरकार द्वारा करोड़ों रुपये की प्रोत्साहन राशि का वितरण किया गया है जो उत्कृष्ट कार्य करने वालों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और सम्मान का प्रतीक है। अच्छे कार्यों की पहचान किया जाना और बेहतर कार्य के लिए सम्मानित करना आवश्यक है, ताकि इस पहल से अन्य लोग भी प्रेरित हों और बेहतर कार्य करने की दिशा में आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 'मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना' की शुरुआत की गई है। यह योजना केवल एक पुरस्कार योजना नहीं है बल्कि यह एक परिवर्तनकारी पहल है जिसका उद्देश्य ग्रामीण सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाना तथा पंचायतों को नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्यो के लिए प्रेरित करना भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से विकास की गति को तेज किया जा सकता है। ग्रामीण स्तर पर सुशासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

जनप्रतिनिधि जल संकट से उबरने की रखें पूरी तैयारी

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि बीते वर्षों में राज्य में भूख से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं होना इस बात का प्रमाण है कि सरकार अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभा रही है। समाज का एक बहुत बड़ा वर्ग कोई आपदा या संकट के समय सबसे अधिक प्रभावित होता है, ऐसे में सरकार को संवेदनशील निर्णय लेने होते हैं, जो हमारी सरकार निरन्तर करती रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी गर्मी का मौसम है। गर्मी के समय में अक्सर देखा जाता है कि ग्रामीण क्षेत्र एवं शहरों में जल संकट की समस्या उत्पन्न होती है। इस समय पुराने तालाबों की सफाई और गहरीकरण कार्य किया जाए, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो सके। साथ ही चापाकलों के पास सोक पिट निर्माण को बढ़ावा दिया जाये। जिससे भूजल स्तर बना रहे और जल संकट से राहत मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतों में पानी की समस्याओं को देखना जनप्रतिनिधियों का कार्य है। चापकलों के समीप किस प्रकार सोक पीट बनाई जाए इस निमित्त विभाग लोगों को प्रशिक्षण दे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों को बड़ी राशि हस्तांतरित की गई है। यह संसाधन ग्राम पंचायतों को और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जनप्रतिनिधि ग्रामीणों से बेहतर समन्वय बनाकर योजनाओं को चुने। जब आप आवश्यकता के अनुरूप योजनाओं का चुनाव कर उन्हें कार्यान्वित करें तभी बदलाव संभव हो सकेगा।

खेतों में सोलर पावर प्लांट लगाकर आय सृजन करें ग्रामीण

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि खेतों का उपयोग केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रखते हुए खाली जमीन पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादन किया जा सकता है, जिसे सरकार खरीदेगी। इससे ग्रामीणों की आय में वृद्धि होगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे। राज्य में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए लिफ्ट इरिगेशन जैसी योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, जिसमें संताल परगना में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। भविष्य में इन योजनाओं को अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में वैसी भूमि जहां खेती का कार्य कम अवधि के लिए किया जाता है या खेत बंजर रह जाते हैं वहां सामूहिक रूप से ग्राम सभा कर सोलर पावर प्लांट लगाकर ग्रामीण समृद्ध हो सकते हैं।

जनप्रतिनिधि और आम जनमानस के बीच होनी चाहिए बेहतर समन्वय

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि पंचायत स्तर पर ही विभिन्न सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिसमें आधार (UID) से जुड़े कार्य भी शामिल हैं। इसके लिए एमओयू किया गया है, जिससे ग्रामीणों को गांव के ही कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) में सुविधा मिलेगी और उन्हें बार-बार दूरस्थ स्थानों पर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और जनप्रतिनिधियों के बीच निरंतर संपर्क और संवाद बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, संपर्क बना रहने से योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव होता है और समस्याओं का समाधान भी तेजी से किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य जनप्रतिनिधि और जनता के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करना भी है।

आम जनमानस की अपेक्षाओं पर खरा उतरें

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें और आम जनमानस की अपेक्षाओं पर खरा उतरें। मुख्यमंत्री ने कहा सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे संसाधनों और जनप्रतिनिधियों के सक्रिय सहयोग से झारखण्ड के गांव निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ेंगे और आमजन की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा।

इनकी रही उपस्थिति..

इस अवसर पर मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह, मंत्री डॉ० इरफान अंसारी, मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की, विधायक श्री सुरेश बैठा, विधायक श्रीमती ममता देवी, विधायक श्री राजेश कच्छप, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, निदेशक पंचायती राज श्रीमती बी० राजेश्वरी एवं निदेशक UIDAI, RO श्री नीरज कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों से पहुंचे जनप्रतिनिधि सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

CM हेमन्त सोरेन ने स्टेट हैंगर निर्माण कार्य का लिया जायजा, गुणवत्ता और समयबद्धता के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज रांची स्थित बिरसा मुंडा हवाई अड्डा परिसर में निर्माणाधीन स्टेट हैंगर तथा संबंधित आधारभूत ढांचे के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्य की प्रगति, गुणवत्ता नियंत्रण एवं समयबद्धता की विस्तृत समीक्षा की।

निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं समयबद्धता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों एवं समयसीमा का कड़ाई से पालन करते हुए पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा, "राज्य के सतत विकास के लिए आधुनिक एवं सुदृढ़ आधारभूत संरचनाओं का निर्माण अपरिहार्य है। ऐसी परियोजनाएं प्रशासनिक कार्यक्षमता को सशक्त बनाने के साथ-साथ राज्य की प्रगतिशील छवि को भी मजबूत करती हैं।"

नवीन तकनीक एवं नियमित निगरानी के निर्देश

मुख्यमंत्री ने निर्माण प्रक्रिया में नवीनतम तकनीकों, श्रेष्ठ संसाधनों एवं प्रभावी प्रबंधन का उपयोग सुनिश्चित करने तथा कार्यों की निरंतर निगरानी के आदेश दिए। उन्होंने किसी भी प्रकार की शिथिलता को अस्वीकार्य बताते हुए त्वरित क्रियान्वयन पर बल दिया।

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री अरवा राजकमल सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने माननीय मुख्यमंत्री को कार्यों की वर्तमान स्थिति, प्रगति प्रतिवेदन एवं भावी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।_

24 अप्रैल को रांची में होगा मुखिया सम्मेलन 2026, CM हेमन्त सोरेन होंगे मुख्य अतिथि

कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आज मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से निदेशक, पंचायती राज, झारखंड, श्रीमती बी. राजेश्वरी ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को टाना भगत स्टेडियम, खेलगांव, रांची में 24 अप्रैल 2026 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर आयोजित

"मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार सह मुखिया सम्मेलन 2026, दक्षिणी छोटा नागपुर प्रमंडलीय समारोह" में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया

मुलाकात के क्रम में मुख्यमंत्री को कार्यक्रम की रूपरेखा, तैयारियों एवं इसके महत्व की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि इस कार्यक्रम में दक्षिणी छोटा नागपुर प्रमंडल के मुखिया, पंचायत सचिव, पंचायत समिति के प्रमुख, जिला परिषद अध्यक्ष सहित विभिन्न पंचायत प्रतिनिधि शामिल होंगे।

यह आयोजन पंचायती राज संस्थाओं को प्रोत्साहित करने, उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित करने तथा ग्रामीण स्वशासन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

ITAT रांची बेंच को जल्द मिलेगी जमीन, CM हेमन्त सोरेन ने दिया भरोसा

कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (Income Tax Appellate Tribunal), रांची बेंच के प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की।

प्रतिनिधिमंडल में आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण के न्यायिक सदस्य श्री जॉर्ज मथान, लेखा सदस्य (अकाउंटेंट मेंबर) श्री रत्नेश सहाय, अधिवक्ता श्री देवेश पोद्दार तथा चार्टर्ड अकाउंटेंट श्री जयशंकर जयपुरिया शामिल थे।

मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण, रांची बेंच के लिए भवन निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध मुख्यमंत्री के समक्ष रखा।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि इस विषय पर राज्य सरकार सकारात्मक पहल करेगी तथा आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण, रांची बेंच को भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर शीघ्र ही अनुकूल निर्णय लिया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से नव पदस्थापित IAS-IPS अधिकारियों ने की मुलाकात, जनहित को प्राथमिकता देने के निर्देश

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में प्रशासनिक एवं पुलिस सेवा में नव पदस्थापित अधिकारियों ने शिष्टाचार भेंट की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं देते हुए निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जनहित, सुशासन और विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

मुख्यमंत्री से भेंट करने वालों में आईजी श्री शैलेन्द्र कुमार, आईजी श्री माइकल राज एस एवं आईजी श्री क्रांति कुमार गढ़देशी, उपायुक्त लोहरदगा श्री संदीप कुमार मीणा, उपायुक्त पलामू श्री दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, उपायुक्त गुमला श्री दिलेश्वर महतो, उपायुक्त लातेहार श्री संदीप कुमार, उपायुक्त जामताड़ा श्री आलोक कुमार, उपायुक्त साहेबगंज श्री दीपक कुमार दुबे एवं उपायुक्त खूंटी श्री सौरभ कुमार शामिल थे।

इसके अलावा पुलिस अधीक्षक बोकारो श्री नाथु सिंह मीणा, पुलिस अधीक्षक देवघर श्री प्रवीण पुष्कर, पुलिस अधीक्षक खूंटी श्री ऋषभ गर्ग, पुलिस अधीक्षक चतरा श्री अनिमेष नैथानी, पुलिस अधीक्षक एसीबी श्री अजय कुमार, पुलिस अधीक्षक जामताड़ा श्री शंभू कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक कोडरमा श्री कुमार शिवशीष तथा पुलिस अधीक्षक पलामू श्री कपिल चौधरी ने भी मुख्यमंत्री से भेंट की।

ग्रामीण वित्तीय क्रांति: JSLPS और इंडियन बैंक मिलकर बनाएंगे देश का पहला CLF पेमेंट गेटवे


रांची: झारखण्ड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी एवं इंडियन बैंक के बीच आज क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLFs) के लिए अत्याधुनिक पेमेंट गेटवे एप्लीकेशन के विकास हेतु एक गैर-वित्तीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह पहल ग्रामीण वित्तीय प्रबंधन प्रणाली को डिजिटल, सुरक्षित एवं अधिक जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि यह पहल देश में अपनी तरह की पहली है और झारखंड स्टेट रूरल लाइवलीहुड मिशन पूरे देश में CLF स्तर पर इस प्रकार का पेमेंट गेटवे लागू करने वाला एकमात्र राज्य बन गया है, जो इसे एक अभिनव एवं मॉडल पहल के रूप में स्थापित करता है।

यह MoU जेएसएलपीएस के मुख्य परिचालन पदाधिकारी, बिष्णु चरण परिदा एवं इंडियन बैंक के क्षेत्र महाप्रबंधक, महेंद्र बाजपेयी द्वारा हस्ताक्षरित किया गया।

इस साझेदारी के अंतर्गत इंडियन बैंक द्वारा विकसित पेमेंट गेटवे एप्लीकेशन के माध्यम से CLFs, VOs, SHGs, विक्रेताओं एवं कैडरों के बीच सुरक्षित एवं रियल-टाइम डिजिटल लेन-देन सुनिश्चित किया जाएगा।

प्रणाली में मेकर–चेकर–अप्रूवर आधारित अनुमोदन प्रक्रिया, डिजिटल सिग्नेचर (DSC) एवं बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, रियल-टाइम ट्रांजैक्शन ट्रैकिंग, MIS रिपोर्टिंग तथा PFMS, eFMS, LokOS एवं Swalekha जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ एकीकरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही, राज्य से लेकर CLF स्तर तक भूमिका-आधारित (Role-based) एक्सेस सुनिश्चित किया जाएगा।

इस प्रणाली को प्रारंभिक चरण में 6 CLFs में पायलट रूप में लागू किया जाएगा, जिसमें CLFs एवं VOs के बीच ऋण वितरण एवं भुगतान से संबंधित लेन-देन को शामिल किया जाएगा। पायलट के सफल क्रियान्वयन के पश्चात इसे विस्तारित करते हुए सभी प्रकार के वित्तीय लेन-देन को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा।

इस अवसर पर JSLPS के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इंडियन बैंक, कॉर्पोरेट कार्यालय, चेन्नई के महाप्रबंधक श्री अन्बु कामराज पी, अंचल प्रबंधक श्री राजेश शरण, श्री अमित जैन, कार्यक्रम प्रबंधक जेएसएलपीएस, राज्य कार्यक्रम प्रबंधक, श्रीमती पूर्णिमा मुखर्जी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

यह पहल झारखंड में ग्रामीण वित्तीय तंत्र को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ महिला स्वयं सहायता समूहों के आर्थिक सशक्तिकरण को नई गति प्रदान करेगी।