गया में महिंद्रा ट्रैक्टर्स की N1 सीरीज़ लॉन्च, किसानों को मिलेगा आधुनिक तकनीक का लाभ

गया: गया शहर के विशाल तालाब स्थित एक निजी होटल में महिंद्रा ट्रैक्टर्स की नई N1 सीरीज़ का भव्य लॉन्च समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन सिद्धार्थ ट्रैक्टर्स द्वारा किया गया, जिसमें कंपनी के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। समारोह में स्टेट हेड बलवीर चौधरी, एरिया मैनेजर संजय दत्ता तथा क्षेत्रीय प्रबंधक रंजय कुमार ने भाग लिया।

इस अवसर पर सिद्धार्थ ट्रैक्टर्स के प्रोप्राइटर सिद्धि नाथ विश्वकर्मा ने बताया कि वर्तमान समय में कृषि के क्षेत्र में तेजी से यांत्रिकीकरण बढ़ रहा है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए महिंद्रा ट्रैक्टर्स ने N1 सीरीज़ को किसानों के लिए समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि यह नई सीरीज़ खेती को अधिक आसान, तेज और किफायती बनाने में सहायक होगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय प्रबंधक रंजय कुमार ने बताया कि N1 सीरीज़ में पहले से अधिक शक्तिशाली इंजन दिया गया है, जो विभिन्न कृषि कार्यों को आसानी से करने में सक्षम है। इसके अलावा इस ट्रैक्टर में ड्यूल क्लच, रिवर्स पीटीओ, साइड गियर, मल्टी-स्पीड सिस्टम, बड़े टायर और पावर स्टीयरिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे किसानों को बेहतर प्रदर्शन और सुविधा मिलेगी।

कंपनी ने इस नई सीरीज़ पर 28 अप्रैल तक विशेष इंट्रोडक्टरी ऑफर भी घोषित किया है। इस ऑफर के तहत किसान आकर्षक लाभ के साथ ट्रैक्टर खरीद सकते हैं। इच्छुक ग्राहक सिद्धार्थ ट्रैक्टर्स से संपर्क कर इस ऑफर का फायदा उठा सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में किसानों और उपस्थित लोगों ने नई तकनीक से लैस इस ट्रैक्टर की सराहना की और इसे कृषि क्षेत्र के लिए उपयोगी बताया।

गया के गांधी मैदान स्टेडियम में चैंपियंस फैक्ट्री गर्ल्स फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन, लड़की टीम रही विजेता, उपहार दिया गया

गया: गया शहर के गांधी मैदान स्टेडियम में ए.आर.एस क्रीड़ाशाला टूर्नामेंट के तत्वावधान में चैंपियनशिप फैक्ट्री गर्ल्स फुटबॉल टूर्नामेंट का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आई महिला खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन करते हुए दर्शकों का दिल जीत लिया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों में जबरदस्त जोश और प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।

टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक और संघर्षपूर्ण रहा। दोनों टीमों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया, जिससे दर्शकों में भी उत्साह चरम पर रहा। मैच के दौरान काजल कुमारी ने पहला गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिलाई, जबकि दूसरा गोल चंदन ने दागा। खिलाड़ियों की गति, तालमेल और रणनीति ने मैच को बेहद आकर्षक बना दिया। फाइनल मुकाबले में एफसी नोनो गर्ल्स टीम ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। टीम के खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और अंततः विजेता बनने का गौरव हासिल किया। वहीं, राधी को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट के खिताब से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान ए.आर.एस क्रीड़ाशाला टूर्नामेंट के फाउंडर अतुल आनंद ने बताया कि संस्था का मुख्य उद्देश्य युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करना और उनमें खेल भावना को विकसित करना है। उन्होंने कहा कि फिलहाल संस्था द्वारा क्रिकेट प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है, लेकिन भविष्य में बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स सहित अन्य खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि गया से शुरू हुआ यह प्रयास आगे चलकर पूरे बिहार में बड़े स्तर पर क्रिकेट टूर्नामेंट के आयोजन तक पहुंचेगा।

इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित अतिथि राकेश सिन्हा, रवि चौरसिया, नंदू कुमार और धीरेंद्र कुमार ने खिलाड़ियों को सम्मानित किया और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर मंच प्रदान करते हैं और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। साथ ही, इससे खेल के प्रति युवाओं की रुचि भी बढ़ती है। पूरे आयोजन के दौरान दर्शकों की अच्छी खासी भीड़ मौजूद रही, जिन्होंने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। यह टूर्नामेंट महिला खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ, जहां उन्होंने न केवल अपने खेल का प्रदर्शन किया, बल्कि भविष्य में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी प्राप्त की।

मुआवजा विवाद में परिवार का सामाजिक बहिष्कार, गया के बरई गांव में बढ़ा तनाव, DM-SSP को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की

गया: गया जिले के आंती थाना क्षेत्र अंतर्गत बरई गांव में उत्तर कोयल नहर परियोजना के मुआवजे को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक गंभीर सामाजिक और कानूनी संकट का रूप ले चुका है। आरोप है कि गांव की एक कथित समिति द्वारा न केवल एक परिवार पर जबरन दबाव बनाया गया, बल्कि उनकी आर्थिक और सामाजिक रूप से घेराबंदी करते हुए पूरे परिवार का सामाजिक बहिष्कार भी कर दिया गया। पीड़ित परिवार ने बुधवार को जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान को आवेदन देकर इस मामले में जिला प्रशासन से हस्तक्षेप और न्याय की गुहार लगाई है।

पीड़ित राम केवट, जो बरई गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर आरोप लगाया है कि गांव के योगेंद्र यादव, श्याम देव गौतम रजक, सुखेंद्र यादव,महेंद्र यादव, रंजन रजक और अवधेश यादव कुछ प्रभावशाली लोगों ने मुआवजे की राशि को लेकर उन पर अनुचित दबाव बनाया। राम केवट के अनुसार, उनकी माता स्वर्गीय दुखनी देवी के नाम पर दर्ज 61 डिसमिल जमीन में से 16.5 डिसमिल भूमि उत्तर कोयल नहर परियोजना के तहत अधिग्रहित की गई थी। इसके बदले सरकार द्वारा उनके खाते में लगभग 4 लाख 90 हजार रुपये का मुआवजा दिया गया।

यहीं से विवाद की शुरुआत हुई। राम केवट का आरोप है कि 15 मार्च 2026 को गांव में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें कुछ लोगों ने उनसे मुआवजे की राशि उनके चाचा वंशी केवट को देने का दबाव बनाया। उन्होंने जब इसका विरोध किया, तो कथित रूप से उनसे जबरन हस्ताक्षर कराकर एक निर्णय लिखवा लिया गया। इतना ही नहीं, उनके खाते से 55 हजार रुपये निकलवाकर उनके चाचा के पुत्र को दे दिए गए।

पीड़ित के अनुसार, इसके बाद 22 मार्च को फिर से एक बैठक बुलाई गई, जिसमें शेष राशि देने के लिए उन पर दबाव डाला गया। जब उन्होंने इनकार किया, तो उन्हें धमकाया गया और बैठक से भगा दिया गया। मामला यहीं नहीं रुका, बल्कि 5 अप्रैल को गांव की कथित समिति ने एक और बैठक कर राम केवट और उनके पूरे परिवार के सामाजिक बहिष्कार का निर्णय ले लिया। स्थिति और गंभीर तब हो गई जब 8 अप्रैल की शाम गांव में लाउडस्पीकर के माध्यम से इस बहिष्कार की सार्वजनिक घोषणा कर दी गई। घोषणा में कहा गया कि कोई भी ग्रामीण राम केवट और उनके परिवार से बातचीत नहीं करेगा। यदि कोई ऐसा करता पाया गया, तो उस पर 2 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही दुकानदारों को निर्देश दिया गया कि वे इस परिवार को कोई सामान न दें। गेहूं की पिसाई, खेतों में पानी और फसल कटाई जैसे जरूरी कार्यों में भी सहयोग न करने की बात कही गई।

पीड़ित परिवार का कहना है कि इस सामाजिक बहिष्कार ने उनके सामने रोजमर्रा की जिंदगी को बेहद कठिन बना दिया है। गांव में कोई उनसे बात नहीं कर रहा है, जिससे वे पूरी तरह अलग-थलग पड़ गए हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। परिवार के सदस्यों को भोजन, कृषि कार्य और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। राम केवट ने यह भी बताया कि उनके पास लाउडस्पीकर से की गई घोषणा की ऑडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है, जो पूरे घटनाक्रम का प्रमाण है। इसके अलावा, उन्हें एक वकील के माध्यम से नोटिस भी भेजा गया है, जिसमें उन पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देकर मुआवजा राशि अपने खाते में डलवाई है। उन्होंने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि यह उनकी छवि खराब करने और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की साजिश है। इस पूरे मामले ने गांव में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है और कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सामाजिक बहिष्कार जैसी प्रथाएं न केवल अमानवीय हैं, बल्कि संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों का भी उल्लंघन करती हैं। किसी व्यक्ति या परिवार को इस तरह समाज से अलग-थलग करना कानूनी रूप से भी अपराध की श्रेणी में आता है।

पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और सामाजिक बहिष्कार को समाप्त कराया जाए। उन्होंने यह भी आशंका जताई है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो स्थिति और बिगड़ सकती है।

यह घटना न केवल एक परिवार की पीड़ा को दर्शाती है, बल्कि ग्रामीण समाज में अब भी चल रही गैरकानूनी सामुदायिक व्यवस्थाओं की सच्चाई को भी उजागर करती है। सवाल यह है कि क्या प्रशासन समय पर हस्तक्षेप कर पीड़ित परिवार को न्याय दिला पाएगा और ऐसे मामलों में सख्त संदेश दे पाएगा, या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह केवल कागजों में ही सिमट कर रह जाएगा।

गया में पत्रकारों पर जानलेवा हमले के खिलाफ फूटा आक्रोश, आकाश प्रियदर्शी ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

गया जिले में हाल ही में तीन पत्रकारों पर हुए जानलेवा हमले के बाद स्थानीय बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है ! इस कायराना घटना की कड़ी निंदा करते हुए विशाल प्राइवेट आईटीआई, बोधगया के ट्रस्टी एवं प्रतिष्ठित युवा पत्रकार आकाश प्रियदर्शी ने दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की है ! प्रसिद्ध समाजसेवी स्वर्गीय बादल सिन्हा के पुत्र आकाश प्रियदर्शी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पत्रकारों पर हमला सीधे तौर पर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कुचलने का प्रयास है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा ! उन्होंने जिला पुलिस प्रशासन को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस मामले में संलिप्त अपराधियों को जल्द सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो जिले के समस्त पत्रकार एकजुट होकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे ! प्रियदर्शी ने प्रशासन से मांग की है कि हमलावरों को ऐसी कड़ी सजा दिलाई जाए जो भविष्य में मिसाल बने, ताकि लोकतंत्र की रक्षा करने वाले पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और ऐसी हिंसक घटनाओं की पुनरावृत्ति दोबारा न हो !

नालंदा की घटना पर उबाल: गया में प्रजापति समाज की आपात बैठक, दोषियों को फांसी देने की मांग

गया: बिहार कुम्हार प्रजापति समन्वय समिति, जिला शाखा गया की ओर से गुरुवार को आज प्रजापति धर्मशाला, दांडी बाग में कोर कमेटी की एक अति आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष कृष्ण कुमार अजय ने की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नालंदा जिले के नूरसराय प्रखंड अंतर्गत अजयपुर गांव में प्रजापति समाज की एक महिला के साथ सरेआम सड़क पर हुई कथित सामूहिक दुष्कर्म की वीभत्स घटना पर चर्चा करना और आगे की रणनीति तय करना था।

बैठक के दौरान उपस्थित सभी सदस्यों ने इस जघन्य घटना की कड़ी निंदा की और इसे मानवता को शर्मसार करने वाला कृत्य बताया। वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करती हैं, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। समिति के सदस्यों ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाना चाहिए।

समिति ने सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया कि घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाया जाए और उन्हें अविलंब कठोरतम दंड, विशेष रूप से फांसी की सजा दी जाए।

सदस्यों का कहना था कि जब तक अपराधियों को सख्त सजा नहीं मिलेगी, तब तक इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल होगा। इसके साथ ही समिति ने निर्णय लिया कि इस मुद्दे को लेकर जनस्तर पर भी आवाज उठाई जाएगी और आवश्यक होने पर आंदोलनात्मक कदम भी उठाए जाएंगे। इसी क्रम में आगामी 12 अप्रैल 2026 को गया जिला कार्यकारिणी की एक विशेष बैठक बुलाने की घोषणा की गई है, जिसमें इस घटना की विस्तृत समीक्षा कर आगे की रणनीति और कार्रवाई तय की जाएगी।

बैठक में जिला सचिव विनोद कुमार, संरक्षक द्वारका प्रजापति, पूर्व अध्यक्ष नंदलाल प्रजापति, जिला उपाध्यक्ष बाल अमृत प्रसाद, कोषाध्यक्ष मोहन प्रजापति सहित कई प्रमुख पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। इसके अलावा ज्ञान दत्त प्रजापति, विष्णु कुमार, बिजेंद्र कुमार, प्रभाकर, राजदेव पंडित, विनोद कुमार पंडित, राजेंद्र पंडित, एस.के. सुमन, रामविलास पंडित, रविंद्र प्रजापति और नागेश्वर प्रजापति समेत अन्य गणमान्य लोगों ने भी बैठक में भाग लिया।

गया में वार्ड पार्षद और एएसआई के बीच विवाद, पार्षद ने मारपीट के आरोप नकारे, ASI पर लगाए गंभीर आरोप

गया: गया में एक वार्ड पार्षद और एएसआई के बीच विवाद का मामला गरमा गया है। वार्ड पार्षदक कलाम कुरैशी पर रामपुर थाना के एएसआई अश्वनी विक्रम कुमार पासवान के साथ मारपीट करने का आरोप है। हालांकि, पार्षद ने प्रेस वार्ता कर इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पुलिस अधिकारी पर ही गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रेस वार्ता के दौरान कलाम कुरैशी ने बताया कि वे गेवाल बीघा में एक हल्दी समारोह में शामिल होने गए थे। इसी दौरान गेवाल बीघा मोड़ पर उन्होंने रामपुर थाना के एएसआई को दो युवकों के साथ बहस करते और फिर उन्हें बेरहमी से पीटते देखा।

पार्षद के अनुसार, उन्होंने मानवीय आधार पर हस्तक्षेप करते हुए मारपीट का कारण पूछा। कलाम कुरैशी का आरोप है कि उनके सवाल उठाने पर एएसआई भड़क गए और उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे।

चाय की दुकान पर हुई थी घटना

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना गेवाल बीघा के पास एक चाय की दुकान पर हुई, जहां किसी बात को लेकर एएसआई और वार्ड पार्षद के बीच विवाद हो गया। वायरल वीडियो में दोनों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की होती दिखाई दे रही है। हालांकि, वीडियो की पूरी सच्चाई और विवाद की शुरुआत कैसे हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।

इस संबंध में वार्ड पार्षद कलाम कुरैशी ने प्रेस वार्ता कर कहा कि वे गेवाल बीघा में अपने बचपन के दोस्त की बहन के हल्दी समारोह में शामिल होने गए थे। इसी दौरान वे कुछ सामान लेने के लिए गेवाल बीघा मोड़ पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि रामपुर थाना के एएसआई दो युवकों के साथ बहस कर रहे थे और बाद में उन्हें बेरहमी से पीटने लगे। वार्ड पार्षद ने कहा की उन्होंने सिर्फ मानवीय आधार पर हस्तक्षेप करते हुए पूछा कि इस तरह मारपीट क्यों की जा रही है।

कलाम कुरैशी ने आरोप लगाया कि एएसआई ने शराब पी रखी थी और उनका व्यवहार बेहद आपत्तिजनक था। इसी दौरान दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई और मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। पार्षद ने यह भी कहा कि अगर एएसआई का हाथ टूटा है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वार्ड पार्षद ने अपने ऊपर लगे आरोपों को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे दोषी पाए जाते हैं तो वे खुद जेल जाने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी मांग की कि उनका और एएसआई दोनों का ब्लड टेस्ट कराया जाए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि किसने शराब का सेवन किया था। घटना के बाद पार्षद ने आईजी और एसएसपी से मिलने की कोशिश की, लेकिन अधिकारियों से मुलाकात नहीं हो सकी। हालांकि, उन्हें निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया है।

लोदीपुर की बेटी निशु कुमारी बनीं बिहार इंटरमीडिएट आर्ट्स टॉपर, मानवाधिकार एसोसिएशन ने किया सम्मानित

गया जिले के खिजरसराय प्रखंड के लोदीपुर गांव की प्रतिभाशाली छात्रा निशु कुमारी ने बिहार इंटरमीडिएट (आर्ट्स) परीक्षा में टॉप कर अपने गांव, प्रखंड और जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। निशु कुमारी ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने कठिन परिश्रम, नियमित अध्ययन और परिवार के सहयोग को दिया है।

दिनांक 27 मार्च 2026 को उनकी इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन द्वारा एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एसोसिएशन के प्रदेश संयोजक रणधीर कुमार, जिला अध्यक्ष संगम कुमार, जिला सचिव त्रिपुरारी कुमार एवं प्रखंड अध्यक्ष दिनेश कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान सभी पदाधिकारियों ने मिलकर निशु कुमारी को डायरी, कलम एवं गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया। वक्ताओं ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि निशु कुमारी की सफलता अन्य छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की बेटियां अब हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं।

निशु कुमारी की इस सफलता से न केवल उनके परिवार में बल्कि पूरे लोदीपुर गांव में हर्ष का माहौल है। स्थानीय लोगों ने भी उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

गया में “उद्यमिता सम्मेलन 2026” का आयोजन, ग्रामीण उद्यमियों को मिला नया मंच,

गया: ग्रामीण उद्यमिता को सशक्त बनाने और स्थानीय स्तर पर नवाचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बोधगया स्थित टेकुना फॉर्म के समीप एक निजी होटल में शुक्रवार को “उद्यमिता सम्मेलन 2026” का सफल आयोजन किया गया। यह सम्मेलन एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा, जहां विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उद्यमी, विशेषज्ञ, संस्थान और नीति निर्माता एकत्रित होकर विचारों का आदान-प्रदान किया और विकास के नए अवसरों की तलाश की।

सम्मेलन की प्रमुख विशेषताओं में माइक्रो और छोटे उद्यमियों द्वारा तैयार उत्पादों, सेवाओं और व्यवसाय मॉडलों का लाइव प्रदर्शन शामिल रहा। इस प्रदर्शनी ने स्थानीय उद्यमियों को अपनी पहचान स्थापित करने का अवसर प्रदान किया, वहीं उपस्थित प्रतिभागियों को जमीनी स्तर पर हो रहे नवाचारों से परिचित होने का मौका मिला। ग्रामीण क्षेत्रों में सीमित संसाधनों के बावजूद किए जा रहे नवाचारों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण उद्यमिता के अवसरों, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर आधारित पैनल चर्चाएं भी आयोजित की गईं। इन चर्चाओं में विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा करते हुए उद्यमियों को बाजार, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और वित्तीय सहायता से जुड़ने के उपाय बताए। इसके साथ ही बैंकिंग और निर्यात क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे, जिससे उद्यमियों को व्यावसायिक विस्तार की दिशा में मार्गदर्शन मिला। सम्मेलन का एक विशेष आकर्षण उद्यमियों के अनुभव साझा करने का सत्र रहा, जिसमें उन्होंने अपनी सफलता, संघर्ष और नवाचार की प्रेरणादायक कहानियां प्रस्तुत कीं। इन अनुभवों ने अन्य प्रतिभागियों को न केवल प्रेरित किया, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का हौसला भी दिया।

इस आयोजन में नेटवर्किंग के लिए भी पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए गए, जिससे प्रतिभागियों को विभिन्न संस्थानों, विशेषज्ञों और संभावित सहयोगियों से जुड़ने का अवसर मिला। सम्मेलन के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले उद्यमियों को सम्मानित किया गया, जिससे उनके प्रयासों को पहचान मिली और अन्य लोगों को भी प्रेरणा प्राप्त हुई।

सर्व सेवा समिति संस्था 4S इंडिया के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मिहिर शाहना ने बताया कि यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन उद्यमियों के लिए आयोजित किया गया है, जो छोटे स्तर पर कार्य करते हुए अपने साथ-साथ समाज को भी आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाएं मशरूम उत्पादन, बकरी पालन, स्ट्रॉबेरी खेती और सिलाई जैसे कार्यों के माध्यम से न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सामूहिक प्रयास है।

रामनवमी जुलुस में रामभक्त की सेवा में जुटा रहा भाजपा नेता डॉ मनीष पंकज मिश्रा की टीम, श्रद्धालुओं की सेवा हेतु एक विशेष व्यवस्था की

गया: आज रामनवमी के पावन अवसर पर गया जी में भक्ति, आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। शहर के विभिन्न मोहल्लों और क्षेत्रों से हजारों की संख्या में राम भक्तों ने भव्य रामनवमी जुलूस में भाग लिया। पूरे वातावरण में “जय श्री राम” के जयघोष से शहर गूंज उठा और श्रद्धालु भगवान श्रीराम के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हुए आगे बढ़ते रहे।इसी पवित्र अवसर पर भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा एबं राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के द्वारा श्रद्धालुओं की सेवा हेतु एक विशेष व्यवस्था की गई। जीबी रोड स्थित केदारनाथ मार्केट के पास, विजय लड्डू के समीप श्रद्धालुओं के लिए शरबत, पानी, फल एवं चना का वितरण करने हेतु स्टॉल लगाया गया। इस सेवा कार्य का उद्देश्य जुलूस में शामिल राम भक्तों को राहत पहुंचाना और उन्हें प्रसाद के रूप में शीतल पेय शरबत फल चना उपलब्ध कराना था।

इस सेवा कार्य का शुभारंभ भाजपा नेता एवं राष्ट्रीय मानव अधिकार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनीष पंकज मिश्रा के करकमलों द्वारा किया गया। उन्होंने स्वयं श्रद्धालुओं को शरबत पिलाकर इस पुनीत कार्य की शुरुआत की। इसके बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने स्टॉल पर पहुंचकर शरबत, पानी, फल और चना का प्रसाद ग्रहण किया। हजारों की संख्या में भक्तों ने इस सेवा का लाभ उठाया और पूरे उत्साह के साथ “जय श्री राम” के नारे लगाए।

इस अवसर पर डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने कहा कि राम भक्तों की सेवा करना ही सच्ची सेवा है। उन्होंने कहा किभगवान श्रीराम का जीवन हमें सेवा, त्याग और मर्यादा का संदेश देता है। उन्हीं के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज की सेवा करना ही उनका लक्ष्य है। उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकारकेआयोजनों से समाज में भाईचारा और सहयोग की भावना मजबूत होती है, और उन्हें निरंतर इसी प्रकार सेवा कार्य करते रहने की प्रेरणा मिलती रहती है। राम भक्तों का सेवा करने वालों में भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य राजेंद्र प्रसाद अधिवक्ता संतोष ठाकुर भाजपा के वरिष्ठ नेता रणजीत सिंह सुनील बंबइया सारिका वर्मा हीरा यादव राजू प्रसाद राकेश कुमार संजू देवी शर्मिला देवी आशा देवी बिंदु वाला सिंह किरण देवी सुलेखा देवी वह ज्यादा मंजू कुमार बबलू गुप्ता

गयाजी में श्रीरामनवमी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, शोभायात्रा में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता और हनुमान जी की आकर्षक झांकिया रही

गया नगर निगम के वार्ड संख्या-19 में महिला पार्षद मुन्नी देवी एवं भाजपा नेता मनोज कुमार के नेतृत्व में निकाली गई शोभायात्रा में महिलाओं की भागीदारी खास रही। बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुईं और पूरे जोश के साथ जुलूस को भव्यता प्रदान की।

इस दौरान बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार भी शोभायात्रा में शामिल हुए। उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ तलवारबाजी कर कार्यक्रम में अलग ही उत्साह भर दिया। उनके इस प्रदर्शन को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और तालियों की गड़गड़ाहट से माहौल गूंज उठा।

शोभायात्रा की सबसे खास झलक तब देखने को मिली, जब महज 5 साल की एक बच्ची ने तलवारबाजी का शानदार प्रदर्शन किया। उसकी प्रतिभा और आत्मविश्वास को देखकर हर कोई हैरान रह गया और लोगों ने उसकी जमकर सराहना की। इसके अलावा राम भक्तों के स्वागत में भाजपा नेता मनीष पंकज के द्वारा चना, शरबत और फल का वितरण किया गया।

वहीं विभिन्न संगठनों और समितियों द्वारा भी शहर में कई जुलूस निकाले गए। जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए थे, जहां श्रद्धालुओं के लिए शरबत और चना का वितरण किया गया।

पूरे शहर में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। जय श्रीराम के नारों से गूंजते गयाजी में रामनवमी का पर्व श्रद्धा, उल्लास और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर सामने आया।