देवर ने काटे सागौन के एक दर्जन पेड़, भाभी ने वन विभाग से शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की
गोंडा।जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत पारिवारिक विवाद के चलते हरे सागौन के पेड़ काटने का मामला सामने आया है।एक गांव निवासी महिला ने अपने देवर पर खेत में लगे 12 सागौन के पेड़ कटवाकर ले जाने का आरोप लगाया है।पीड़िता के अनुसार उसके घर के पीछे स्थित खेत में सागौन के पेड़ लगे थे।शनिवार भोर में देवर ने कथित तौर पर चोरी छिपे इन पेड़ों को कटवाकर मौके से हटवा दिया,जिसकी जानकारी परिजनों को सुबह हुई।सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची,जिसने दोनों पक्षों को थाने आने के लिए कहा।इसके बाद भाभी ने वन विभाग को लिखित शिकायत दर्ज कराया है और कार्रवाई की मांग किया है।मामले में क्षेत्रीय वन दरोगा कमल सिंह ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है।उन्होंने आश्वासन दिया कि घटनास्थल का स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
मैरिजहाल के तारकोल गोदाम में लगी आग,5 ड्रम तारकोल जलकर राख
*आग की चपेट में आने से प्लास्टिक ड्रम भी जले

गोंडा।जिले के इटियाथोक थाना क्षेत्र के इटियाथोक बाजार में स्थित परमजीत सिंह ठेकेदार के मैरिज हाल के गोदाम में भीषण आग लग गई।अज्ञात कारणों से लगी इस आग में पांच तारकोल ड्रम व कई प्लास्टिक ड्रम जलकर राख हो गये,जिससे लाखों रुपए का नुकसान हुआ है।स्थानीय लोगों और फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।यह घटना इटियाथोक कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत हुई।आग लगने के बाद यह देखते ही देखते यह पास रखे अन्य चार तारकोल ड्रमों तक पहुंच गई और फिर इसने विकराल रूप धारण कर लिया।आग की चपेट में आने से मैरिजहाल के अंदर रखा अन्य सामान भी जलकर राख हो गया।बताया जाता है कि परमजीत सिंह लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार हैं।उन्होंने एक साल पहले मैरिजहाल का निर्माण कराया था।लेकिन व्यवसाय न चलने के कारण इसे बंद कर दिया था और इसे अपने गोदाम के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे।मामले में इटियाथोक थानाध्यक्ष कमलाकांत त्रिपाठी ने बताया कि आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।उन्होंने स्पष्ट किया कि 4 - 5 तारकोल के ड्रम और कई प्लास्टिक ड्रम पूरी तरह से जल गए हैं।फायर ब्रिगेड की गाड़ियों और स्थानीय लोगों के सहयोग से आग पर काबू पाया गया है।परमजीत सिंह द्वारा नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।समय रहते आग बुझा लिया गया है अन्यथा की स्थिति में यदि आसपास आबादी में आग फैल जाती तो बड़ी घटना हो सकती थी।
चार किसानों का छप्पर जलकर राख,हुआ लाखों का नुकसान- आर्थिक सहायता का मिला आश्वासन
*नगदी, जेवर और ई रिक्शा भी जला

गोंडा।जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित तुरकौली गांव में देर रात अज्ञात कारणों से लगी आग से चार किसानों के छप्पर के घर पूरी तरह से जलकर राख हो गये।अज्ञात कारणों से लगी आग से लाखों रुपए की नगदी व एक ई रिक्शा भी जल गया,जिसके कारण किसानों को अत्यधिक नुकसान नहीं हुआ हैं।ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।घटना की सूचना मिलने पर राजस्व विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आंकलन किया और तरबगंज तहसील को रिपोर्ट भेज दिया।पीड़ित किसानों को तहसील प्रशासन द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।आग सबसे पहले तुरकौली गांव निवासी बद्री प्रसाद के छप्पर के घर में लगी।देखते ही देखते आग ने विकराल रुप ले लिया और उनका पूरा छप्पर का मकान जलकर राख हो गया।इस आग में चार्जिंग में लगा ई रिक्शा और उसकी बैट्री पूरी तरह जल गई।उनके घर में रखा लगभग तीन लाख रूपए का सामान जिसमें सोने व चांदी के आभूषण भी शामिल थे,नष्ट हो गए।बद्री प्रसाद के छप्पर से आग फैलकर देवीदीन, रामप्रसाद और पाटनदीन के छप्पर के मकानों तक पहुंच गई।जिससे इन तीनों किसानों के भी छप्पर के मकान और उसमें रखा लाखों रुपए का सामान जलकर राख हो गया।मामले में उपजिलाधिकारी तरबगंज विश्वामित्र सिंह ने बताया कि उन्हें आग लगने की सूचना मिली है और उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजकर नुकसान का आंकलन करने का निर्देश दिया है।उपजिलाधिकारी ने बताया कि आपदा राहत कोष के तहत प्रभावित किसानों को आर्थिक मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।उन्होंने आश्वासन दिया कि तरबगंज तहसील प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार पीड़ित किसानों के साथ है।
एक ही विभाग की दो अलग अलग जांच रिपोर्ट,करंट के मौत पर रिपोर्टों में विरोधाभास
*दोनों ने कहा अचानक तार टूटकर गिरने से हुई मौत

गोंडा।जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत पथवलिया गांव निवासी अधिवक्ता व पत्रकार रंजीत तिवारी (37) की करंट लगने से हुई मौत अब सवालों के घेरे में है।जिसका कारण बिजली विभाग की दो अलग अलग जांच रिपोर्ट,जिसमें घटना का कारण अलग अलग बताया गया है।एक ही विभाग की दो रिपोर्टों ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे इलाके को उलझन में डाल दिया है कि आखिर सच क्या है?मुख्य अभियंता की जांच रिपोर्ट के मुताबिक घटना के समय रंजीत तिवारी अपने घर के पास विद्युत लाइन में हो रहे स्पार्किंग की वीडियो बना रहे थे कि तभी तार टूटकर उनके ऊपर गिर गया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई तो वहीं दूसरी तरफ तीन अधिकारियों की जांच रिपोर्ट में पूरी कहानी कुछ अलग है।इस रिपोर्ट के अनुसार रंजीत तिवारी घटना के समय अपने घर से दायित्वों के निर्वहन हेतु निकल रहे थे कि तभी तेज हवा के कारण बिजली का तार टूटकर उनके ऊपर गिर गया और विद्युत स्पर्शाघात से उनकी जान चली गई।अर्थात विभाग की एक रिपोर्ट रंजीत तिवारी को मौके पर खड़ा बता रही है तो दूसरी रिपोर्ट में उन्हें रास्ते पर चलते हुए बताया गया है।मुख्य अभियंता की रिपोर्ट में घटना की तकनीकी वजह भी विस्तार से बताई गई है।जिसमें बताया गया है कि रंजीत तिवारी के घर के सामने से लगभग 30 साल पुरानी 11 हजार केवि एचटी लाइन गुजरती है और घर के पास एक जंगल जलेबी का पेड़ है जिसकी दूरी तार से बेहद कम है,तेज हवा के कारण तार पेड़ के तने से टकराया और स्पार्किंग होने लगी।इसी दौरान तार टूटकर नीचे गिर गया तथा रंजीत तिवारी उसकी चपेट में आ गए।हालांकि विभाग ने यह भी दावा किया कि लाइन की उंचाई और सिस्टम मानकों के अनुसार सही था और हाल ही में पेड़ों की छंटाई भी कराई गई थी।यहाँ गौरतलब है कि दोनों रिपोर्ट में एक बात समान है कि किसी भी बिजली विभाग के अधिकारी व कर्मचारी को दोषी नहीं ठहराया गया है।वहीं इसके उलट रंजीत तिवारी के पड़ोसी को जिम्मेदार ठहराया गया है।रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस जंगल जलेबी के पेड़ से तार टकराया वह पड़ोसी की जमीन पर था और उसने पेड़ कटवाने का विरोध किया था।विभाग का दावा है कि कई बार कोशिश करने के बावजूद पेड़ की कटाई नहीं हो सकी,जबकि वही पेड़ हादसे की मुख्य वजह बना।अब सवाल उठ रहा है कि यदि खतरा इतना बड़ा था तो विभाग द्वारा वैकल्पिक उपाय क्यों नहीं किया गया।तीन अधिकारियों की संयुक्त रिपोर्ट में मृतक की पत्नी पूजा तिवारी को विभागीय नियमों के तहत मुआवजा देने की सिफारिश की गई है।परन्तु इस पूरे मामले में बड़ा सवाल अभी भी बरकरार है कि क्या यह सिर्फ एक हादसा था या विभागीय लापरवाही?मामले की दो अलग अलग रिपोर्टों ने घटना को और उलझा दिया है।एक ही विभाग के अंदर सच्चाई के दो संस्करण सामने आने से लोगों का भरोसा भी डगमगाया है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पेड़ अथवा लाइन को लेकर ठोस कदम उठाए जाते तो संभवतः एक जान बचाई जा सकती थी।वहीं अब सबकी नजर इस पर है कि प्रशासन इस विरोधाभास को सुलझाकर असली जिम्मेदार तय करता है अथवा रह मामला फाइलों में दबकर रह जाएगा।
पत्रकार रंजीत तिवारी मौत के मामले में मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश,चार सदस्यीय समिति गठित

*मामले के आरोपी को बनाया जांच कमेटी का सदस्य

*15 दिन में मांगी रिपोर्ट

गोंडा।जिले में शुक्रवार को हुए पत्रकार रंजीत तिवारी (35) की विद्युत तार गिरने से हुई मौत के मामले में मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार ने यह आदेश जारी किया।इस जांच कमेटी में एक नामजद आरोपी आधीक्षण अभियंता को भी जांच कमेटी में शामिल किया गया है।जिससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।रंजीत तिवारी नगर कोतवाली क्षेत्र के पोर्टरगंज पथवलिया गांव के मूल निवासी थे।उनके परिजनों ने कुछ अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है।इस मुकदमे में अधीक्षण अभियंता भी आरोपी हैं।घटना की वास्तविकता और जिम्मेदारियों का निर्धारण करने के लिए जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार द्वारा गठित चार सदस्यीय कमेटी में नगर मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा,अधीक्षण अभियंता विद्युत सुशील कुमार यादव, उपजिलाधिकारी न्यायिक मनकापुर व तरबगंज जितेंद्र कुमार गौतम और पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर आनंद कुमार राय को शामिल किया गया है।जारी आदेश यह जांच कमेटी घटना के सभी तकनीकी,प्रशासनिक व परिस्थितिजन्य तथ्यों की गहन जांच करेगी।इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कहीं लापरवाही या चूक तो इस हादसे की वजह बनी।प्रशासन ने जांच कमेटी को 15 दिन के अंदर संयुक्त हस्ताक्षरित विस्तृत जांच रिपोर्ट अपर जिलाधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।अधिवक्ता रंजीत तिवारी की आकस्मिक मृत्यु से क्षेत्र में शोक का माहौल है।स्थानीय लोगों और पत्रकार संगठनों ने घटना की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की मांग किया है।लगातार बिजली विभाग के दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई को लेकर के भी लोग सोशल मीडिया पर सवाल उठा रहे हैं और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
विद्युत तार गिरने से पत्रकार की मौत पर मजिस्ट्रेटी जांच, 4 सदस्यीय कमेटी गठित
*गोण्डा, 10 अप्रैल 2026* — जनपद में हिन्दुस्तान दैनिक समाचार पत्र के पत्रकार श्री रंजीत कुमार तिवारी (34 वर्ष) की विद्युत तार गिरने से हुई दर्दनाक मृत्यु के मामले में प्रशासन ने गंभीर रुख अपनाया है। घटना की वास्तविकता एवं जिम्मेदारियों का निर्धारण करने हेतु जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

जिला मजिस्ट्रेट के अनुमोदन के क्रम में अपर जिला मजिस्ट्रेट आलोक कुमार द्वारा चार सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में नगर मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा, अधीक्षण अभियंता विद्युत सुशील कुमार यादव, उपजिलाधिकारी (न्यायिक) मनकापुर/तरबगंज जितेन्द्र गौतम तथा पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर आनंद कुमार राय को शामिल किया गया है।

जारी आदेश में कहा गया है कि उक्त कमेटी घटना के सभी पहलुओं—तकनीकी, प्रशासनिक तथा परिस्थितिजन्य तथ्यों—की गहन जांच करेगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि कहीं लापरवाही या चूक तो इस हादसे का कारण नहीं बनी।

प्रशासन ने जांच कमेटी को निर्देशित किया है कि वे संयुक्त हस्ताक्षरित विस्तृत जांच रिपोर्ट 15 दिवस के भीतर अपर जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में प्रस्तुत करें। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

गौरतलब है कि ग्राम पथवलिया, पोस्ट पोर्टरगंज निवासी पत्रकार स्व0 रंजीत तिवारी की आकस्मिक मृत्यु से क्षेत्र में शोक की लहर है। स्थानीय लोगों एवं पत्रकार संगठनों ने घटना की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मतदाता सूची सत्यापन पर आयुक्त का जोर, दलों से सक्रिय सहयोग की अपील

*कलेक्ट्रेट में बैठक: पारदर्शी चुनाव के लिए सूची शुद्धता पर फोकस*


*10 से 17 अप्रैल तक मतदाता सूची का निःशुल्क अवलोकन, बीएलओ रहेंगे तैनात*


*त्रुटि सुधार के लिए अपील व्यवस्था तय, डीएम व सीईओ स्तर तक विकल्प उपलब्ध*


*गोण्डा, 10 अप्रैल 2026* — निर्वाचक नामावली के अंतिम प्रकाशन के बाद रोल प्रेक्षक आयुक्त देवीपाटन मंडल शशि भूषण लाल सुशील ने कलेक्ट्रेट सभागार में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर मतदाता सूची के गहन सत्यापन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी निर्वाचन प्रक्रिया के लिए शुद्ध एवं अद्यतन मतदाता सूची अत्यंत आवश्यक है।

बैठक में आयुक्त ने सभी राजनीतिक दलों से अपेक्षा की कि वे बूथवार मतदाता सूची का सूक्ष्म परीक्षण कर लें। उन्होंने कहा कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के तहत प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर कार्य किया गया है, लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए सभी की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।

आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त शिकायतों और सुझावों का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि मतदाता सूची पूरी तरह त्रुटिरहित बन सके। बैठक में उपस्थित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी सत्यापन प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग का आश्वासन दिया और निर्वाचन कार्य में पारदर्शिता बनाए रखने हेतु प्रशासन के प्रयासों की सराहना की।

उन्होंने बताया कि अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची 10 अप्रैल से 17 अप्रैल 2026 तक सर्वसाधारण के निःशुल्क अवलोकन के लिए उपलब्ध रहेगी। इस अवधि में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) अपने-अपने मतदेय स्थलों पर उपस्थित रहकर मतदाता सूची जनसामान्य के निरीक्षण हेतु उपलब्ध कराएंगे।

जनपद के समस्त मतदाताओं से अपील की गई है कि वे अपने निकटतम मतदेय स्थल पर जाकर मतदाता सूची में अपना नाम, पता एवं अन्य विवरणों की शुद्धता की पुष्टि अवश्य कर लें। किसी प्रकार की त्रुटि पाए जाने पर संबंधित बीएलओ या निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी से संपर्क कर आवश्यक संशोधन कराया जा सकता है।

इसके अतिरिक्त, संबंधित मतदाता 15 दिन के भीतर जिला निर्वाचन अधिकारी (डीएम) के समक्ष अपील कर सकते हैं। यदि डीएम के निर्णय से संतुष्टि न हो, तो 30 दिन के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के समक्ष अपील का प्रावधान भी उपलब्ध है।

अंत में आयुक्त ने सभी राजनीतिक दलों एवं मतदाताओं से लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करते हुए जिम्मेदारीपूर्वक सहयोग करने का आह्वान किया, ताकि निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके।

बैठक के दौरान विधायक कटरा बाजार श्री बावन सिंह, विधायक सदर गोंडा श्री प्रतीक भूषण सिंह, जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन, अपर जिलाधिकारी श्री आलोक कुमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी सहित अन्य सभी राजनैतिक पार्टी के पदाधिकारीगण, जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
समीक्षा अधिकारी चयन के पश्चात घर पहुंचने पर अंकितेश शुक्ला हुआ स्वागत
गोंडा। ग्राम पंचायत धनई पट्टी(बेलसर गोण्डा)निवासी आदरणीय श्री शिव कुमार शुक्ला (प्रदेश अध्यक्ष शिक्षामित्र संघ उ. प्र.)के सुपुत्र श्री अंकितेश शुक्ला  का UPPSC के तहत समीक्षा अधिकारी ( R.O.) उत्तर प्रदेश के पद पर चयनित होने के उपरांत आज गोंडा आगमन पर उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के जिलाध्यक्ष अवधेश मणि मिश्र के नेतृत्व में जनपद के शिक्षामित्रों ने श्री अंकितेश शुक्ला के आवास पर पहुंचकर उनको माला पहनाकर स्वागत किया ।इस मौके पर संगठन के जिला मंत्री अभिमन्यु प्रसाद मिश्रा जिला संगठन मंत्री तेजेंद्र कुमार शुक्ला जिला प्रचार मंत्री कृष्ण कुमार पांडे बेलसर ब्लॉक अध्यक्ष रावेन्द्र  सिंह कोषाध्यक्ष  रमेश मिश्रा मीडिया प्रभारी राकेश रंजन झंझरी कोषाध्यक्ष शिव शंकर, वजीरगंज अध्यक्ष राजकुमार सूरज लाल ,सुरेंद्र बहादुर , राम सहाय अमर, बद्रीनाथ तिवारी, राम गोविंद मिश्रा,कृष्ण कुमार तिवारी सहित सैकड़ो शिक्षामित्र उपस्थित रहे।
गेहूँ की पैदावार का आकलन हेतु जिलाधिकारी द्वारा ग्राम पिपरा बाजार में कराई गई क्रॉप कटिंग
गोण्डा। सदर तहसील अंतर्गत राजस्व ग्राम पिपरा बाजार में जिलाधिकारी  प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में गेहूँ की पैदावार का आकलन करने के उद्देश्य से दो किसानों के खेतों में क्रॉप कटिंग प्रयोग कराया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने स्वयं मौके पर पहुंचकर गेहूँ की कटाई कर उपज का परीक्षण कराया।

क्रॉप कटिंग के दौरान कृषक सुरेश कुमार तिवारी के गाटा संख्या-318, क्षेत्रफल 43.30 वर्ग मीटर में उपज (12.600), 29 कुन्तल प्रति हेक्टेयर, कृषक राम औतार के गाटा संख्या-96, क्षेत्रफल 43.30 वर्ग मीटर में उपज (18.00) 41 कुन्तल प्रति हेक्टेयर।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी क्रॉप कटिंग प्रयोग पारदर्शी ढंग से कराए जाएं ताकि जिले में गेहूँ की औसत उपज का सटीक आकलन किया जा सके। उन्होंने कहा कि क्रॉप कटिंग प्रयोग न केवल उत्पादन के सही मूल्यांकन में सहायक होते हैं बल्कि इससे किसानों को फसल बीमा योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ की गणना भी अधिक सटीक रूप से की जा सकती है।
कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्र में कृषि उत्पादन की वास्तविक स्थिति का आंकलन कर किसानों के हित में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना था।

इस अवसर पर तहसीलदार सदर मनीष कुमार, अपर सांख्यिकीय अधिकारी योगेंद्र प्रसाद चौहान, जिला समन्वयक इफको टोकियो गोंडा विजय सिंह, संबंधित ग्राम के लेखपाल भीम वर्मा, राजस्व निरीक्षक राम प्रकाश पाण्डेय, ग्राम प्रधान तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
चूल्हे की चिंगारी से लगी आग, चार परिवारों की गृहस्थी जलकर राख
*ग्रामीणों ने पाया काबू

गोंडा।जिले के तरबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित ग्राम पंचायत सिंगहा चंदा में शुक्रवार को चूल्हे की चिंगारी से घर में भीषण आग लग गई।इस अग्निकांड में जगमोहन यादव,चंद्र मोहन यादव, निबर व कुसुम देवी सहित चार परिवारों की गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया।आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर जमा हो गये।प्रधान प्रतिनिधि विशाल पाठक ने तत्काल डायल 112,थाना तरबगंज व अग्निशमन दल को घटना की जानकारी दिया।घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचा तथा प्रधान प्रतिनिधि विशाल पाठक व ग्रामीणों ने पंपिंग सेट चालू कर पाइप के सहारे आग पर काबू पाने का प्रयास किया।हालांकि तब तक चारो परिवारों का सारा सामान जलकर राख हो चुका था।पीड़ित परिवार की महिला अनीता यादव ने बताया कि इस अग्निकांड में उन्हें भारी नुकसान हुआ है।उन्होंने यह भी बताया कि खाने पीने का सारा सामान भी नष्ट हो गया है।अग्निशमन दल ने बताया कि वे किसी अन्य अग्निकांड में आग बुझाने में व्यस्त थे,जिसके कारण उन्हें पहुंचने में विलंब हुआ।हालांकि आग बुझने के बाद अग्निशमन दल की टीम मौके पर पहुंची और आगे की कार्यवाही में जुट गई।प्रधान प्रतिनिधि विशाल पाठक ने बताया कि तरबगंज ब्लॉक प्रमुख मनोज पाण्डेय ने अग्निकांड पीड़ितों को सांत्वना देते हुए आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया तथा भविष्य में भी मदद का आश्वासन दिया। प्रधान प्रतिनिधि विशाल पाठक ने भी पीड़ितों को आर्थिक सहयोग प्रदान किया तथा प्रशासन से हुए नुकसान की भरपाई कराने का आश्वासन दिया।क्षेत्रीय लेखपाल पवन कुमार तिवारी ने बताया कि चारों परिवारों को हुए नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेजी जा रही है।