यूपी बिजली विभाग में बड़े स्तर पर रिस्ट्रक्चरिंग की तैयारी, पद खत्म होने और छंटनी का खतरा

लखनऊ। प्रदेश के बिजली विभाग में एक बार फिर बड़े बदलाव की आहट तेज हो गई है। Uttar Pradesh Power Corporation Limited (यूपीपीसीएल) द्वारा विद्युत वितरण क्षेत्र के बाद अब ट्रांसमिशन सेक्टर में भी व्यापक रिस्ट्रक्चरिंग की तैयारी की जा रही है।

Vidyut Karmchari Sanyukt Sangharsh Samiti ने दावा किया है कि इस प्रक्रिया के तहत बड़े पैमाने पर पद समाप्त किए जाएंगे, जिससे नियमित और संविदा कर्मचारियों की छंटनी की आशंका है।

संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष ने हाल ही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान ट्रांसमिशन क्षेत्र में रिस्ट्रक्चरिंग लागू करने के संकेत दिए हैं। पहले चरण में सिविल इंजीनियरिंग से जुड़े करीब 150 पद समाप्त किए जाने की योजना है।

इसके अलावा कई मंडलों और खंडों के विलय की भी तैयारी है। प्रस्ताव के तहत गोरखपुर और प्रयागराज मंडल को मिलाकर वाराणसी मंडल, जबकि मुरादाबाद और ग्रेटर नोएडा को मिलाकर मेरठ मंडल बनाए जाने की योजना है। अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह के मर्जर प्रस्तावित हैं।

प्रस्तावित ढांचे में अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और जूनियर इंजीनियर के पदों में बड़ी कटौती की बात सामने आई है। कुल मिलाकर पहले चरण में ही डेढ़ सौ से अधिक पद समाप्त किए जा सकते हैं।

संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि यह पूरी प्रक्रिया निजीकरण की दिशा में उठाया गया कदम है। उनका कहना है कि आगे इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और अन्य विभागों में भी बड़े स्तर पर पद समाप्त किए जा सकते हैं, जिससे सैकड़ों कर्मचारियों पर असर पड़ेगा।

कर्मचारी संगठनों का यह भी कहना है कि इस फैसले से बिजली व्यवस्था पर असर पड़ सकता है, खासकर गर्मियों के दौरान जब मांग अधिक होती है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि यह प्रक्रिया नहीं रोकी गई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।

इसी क्रम में 12 अप्रैल को Lucknow में संघर्ष समिति की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
लखनऊ में नामी स्कूलों की मनमानी पर बड़ा सवाल, आदेशों के बावजूद अभिभावकों से वसूली जारी

लखनऊ।  प्रदेश में प्राइवेट स्कूलों की फीस और अन्य मदों में वसूली को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार की सख्ती और स्पष्ट निर्देशों के बावजूद राजधानी लखनऊ के कई नामी स्कूलों पर अभिभावकों से अतिरिक्त शुल्क वसूलने के गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं।
Yogi Adityanath ने पहले ही निर्देश दिए हैं कि स्कूल किताबें, कॉपी, यूनिफॉर्म, डायरी या अन्य सामग्री के नाम पर अनावश्यक वसूली न करें और री-एडमिशन फीस भी न ली जाए। इसके बावजूद कई प्रतिष्ठित स्कूल इन निर्देशों की अनदेखी करते नजर आ रहे हैं।
अभिभावकों के अनुसार, City Montessori School, Lucknow Public School, Delhi Public School, La Martiniere College, St. Mary's Convent Inter College, Cathedral Senior Secondary School, Spring Dale College, Amity International School, New Public School और Scholars' Home School जैसे संस्थानों में किताबों, यूनिफॉर्म और अन्य शैक्षणिक सामग्री के नाम पर तय दुकानों से खरीदारी का दबाव बनाया जाता है। इससे अभिभावकों को महंगे दामों पर सामान खरीदने को मजबूर होना पड़ता है।
सूत्रों का कहना है कि हर साल अलग-अलग शीर्षकों के नाम पर फीस बढ़ा दी जाती है, जबकि कई मामलों में शुल्क का स्पष्ट विवरण भी नहीं दिया जाता। इससे खासकर मध्यम वर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है।
इस पूरे मामले में मीडिया की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कुछ स्कूल अपनी छवि बेहतर दिखाने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करते हैं और कई बार वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ पाती।
वहीं प्रशासन की ओर से सख्ती के दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई का अभाव नजर आता है। अभिभावकों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा, जिससे स्कूलों की मनमानी जारी है।
अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि सभी प्राइवेट स्कूलों की फीस संरचना की जांच हो, तय दुकानों से खरीद की बाध्यता खत्म की जाए, अवैध वसूली पर सख्त कार्रवाई हो और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
फिलहाल यह मामला शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और प्रशासनिक सख्ती पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।
गेहूं खरीद तेज करने के निर्देश, 2585 रु. प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य पर जोर

* राज्य क्रय एजेंसियों संग समीक्षा बैठक सम्पन्न, किसानों को बेहतर सुविधाएं और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश
लखनऊ। खाद्य तथा रसद एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री सतीश चन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में गेहूं खरीद की प्रगति एवं इसे बढ़ाने के उपायों को लेकर राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों एवं एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में अवगत कराया गया कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये अधिक है। प्रदेश में प्रस्तावित 6500 क्रय केंद्रों के सापेक्ष अब तक 5439 केंद्रों को मंजूरी दी जा चुकी है। वर्तमान में 51 जनपदों के 464 क्रय केंद्रों पर 2085 किसानों से 13,388 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है।
भारत सरकार द्वारा 10 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य तय किया गया है, जबकि प्रदेश में इस वर्ष 30 लाख मीट्रिक टन से अधिक आवक की संभावना जताई गई है। गेहूं खरीद के लिए पर्याप्त मात्रा में बोरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, जिसमें नए पीपी और जूट के बोरे शामिल हैं। साथ ही उचित दर विक्रेताओं से भी उपयोगी बोरे खरीदने की अनुमति प्रदान की गई है।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत 62.30 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई, जिसके सापेक्ष 37.70 लाख मीट्रिक टन चावल केंद्रीय पूल में भेजा जा चुका है। हालांकि, भंडारण की कमी के चलते शेष चावल के परिवहन में देरी हो रही है।

* मंत्री के निर्देश:
मंत्री श्री शर्मा ने सभी एजेंसियों को निर्देश दिए कि क्रय केंद्रों को शीघ्र चालू कर हर जनपद में गेहूं खरीद शुरू की जाए। केंद्रों पर बैनर, पेयजल, बैठने की व्यवस्था, साफ-सफाई और आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य में वृद्धि की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और अधिक से अधिक किसानों का ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकरण कराया जाए। साथ ही गेहूं के सुरक्षित भंडारण और शेष सीएमआर के शीघ्र निस्तारण के भी निर्देश दिए गए।
उप्र कैबिनेट ने 22 प्रस्तावों को दी मंजूरी, शिक्षा मित्रों व अनुदेशकों को इसी माह से मिलेगा बढ़ा मानदेय
चार जिलाें के 12 हजार से अधिक विस्थापित परिवाराें काे नागरिकता पात्रता के संबंध में प्रस्ताव पारित

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षा मित्र और अनुदेशकों के मानदेय में 10-10 हजार रुपये की मासिक बढ़ोतरी करने की मंजूरी दे दी है। यह बढ़ा हुआ मानदेय इसी माह अप्रैल से दिया जाएगा।सरकार ने पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, रामपुर व बिजनौर के 12 हजार से अधिक विभाजन समय से विस्थापित परिवाराें काे भारतीय नागरिकता के लिए पात्रता के सम्बंध में प्रस्ताव सहित कुल 22 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी अनुमोदित कर दिया है।

मंगलवार को लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई। कैबिनेट बैठक के बाद राज्य के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार संदीप सिंह और वन मंत्री अरुण सक्सेना ने लोकभवन के मीडिया सेंटर में कैबिनेट निर्णयाें की जानकारी पत्रकारों को दी। मंत्री खन्ना ने बताया कि उप्र सरकार 25 लाख स्मार्ट टैबलेट खरीदेगी। इसके लिए कैबिनेट से मंजूरी मिल गयी है। यह टैबलेट उप्र में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को नि:शुल्क वितरित किए जाएंगे। इनमें ज्यादातर अंतिम वर्ष के विद्यार्थी होंगे। इससे पहले 60 लाख स्मार्ट फोन एवं टैबलेट खरीदे जा चुके हैं। उन्हाेंने बताया कि औद्योगिक विकास विभाग के आठ प्रस्ताव कैबिनेट में आए। सभी प्रस्तावों को अनुमोदन मिल गया है। सभी आठ प्रस्ताव निवेश से जुड़े हैं। इसमें बुंदेलखण्ड में 100 एकड़ में सोलर प्लांट स्थापित किए जाने, प्रयागराज में 231 करोड़ के निवेश से वाटर प्लांट स्थापित किए जाने, सोलर सेल निर्माण इकाई स्थापित करने संबंधी अन्य प्रस्तावों को मंजूरी शामिल है।

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने जनपद पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, रामपुर व बिजनौर में भारत पाकिस्तान विभाजन के समय विस्थापित होकर आए परिवारों को भारतीय नागरिकता के लिए पात्रता के सम्बंध में एक प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। इनकी संख्या लखीमपुर खीरी में 2350 परिवार,पीलीभीत में 4 हजार परिवार,बिजनौर में 18 ग्रामों में 3856 परिवार और रामपुर में 16 ग्रामों में 2174 परिवाराे काे लाभ मिलेगा।



पत्रकार वार्ता में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि परिवहन विभाग के तीन प्रस्तावों को मंजूरी मिली है। पीपीपी मॉडल पर 49 नए बस अड्डों के सम्बंध में प्रस्ताव शामिल है। पहले फेज में पीपीपी मॉडल पर 23 बस अड्डों की एल.वाई जारी हो गई थी। आज 49 बस अड्डों की स्वीकृति मिली है। कुल मिलाकर 52 जनपदों को इससे आच्छादित किया जा रहा है। परिवहन मंत्री ने बताया कि यह पीपीपी मॉडल के बस अड्डे हवाई अड्डे की तर्ज़ पर होंगे। सुविधाओं को एयरपोर्ट की तर्ज़ पर दिया जाएगा। जनपद हाथरस में सिकन्दराराऊ कस्बे में कृषि विभाग के दो हेक्टेयर भूमि को बस अड्डा के लिए निःशुल्क प्राप्ति पर स्वीकृति मिली है। इसी प्रकार जनपद बुलंदशहर के डिबाई में सिंचाई विभाग की जमीन बस अड्डे के लिए दिए जाने के प्रस्ताव को अनुमोदन मिला है। जनपद बलरामपुर के तुलसीपुर में पीडब्ल्यूडी की भूमि को बस अड्डा निर्माण के लिए दिए जाने को स्वीकृति दी गयी।

बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार संदीप सिंह ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग के दो प्रस्तावों को मंजूरी मिली है। सभी अंशकालिक अनुदेशकों और शिक्षामित्रों का मानदेय आठ-आठ हजार रुपये प्रति माह के हिसाब से बढ़ाया गया है। शिक्षामित्रों का मानदेय अब 18 हजार होगा। उन्हाेंने बताया कि उप्र में एक लाख 42 हजार 929 शिक्षा मित्र कार्य कर रहे हैं। एक लाख 29 हजार 332 शिक्षा मित्रों का मानदेय केंद्र का अंश बढ़ाया गया है। 30 हजार के आस-पास शिक्षा मित्रों का अतिरिक्त व्यय भार भी राज्य सरकार वहन करेगी। यह बढ़ाेतरी 1 अप्रैल से ही लागू हाेगी। प्रदेश के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अंशकालिक अनुदेशकों का भी बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल से लागू होगा। प्रदेश के 13 हजार 769 विद्यालयों में अधिकतम 24 हजार 716 अनुदेशक कार्यरत हैं। अनुदेशकों को पहले नौ हजार रुपये प्रति माह मिल रहा था। अब उन्हें 17 हजार रुपये प्रति माह मिलेगा।
लाल निशान मिटाने वालों दुकानदाराें पर सख्ती, बुलडोजर चलाकर कोहाड़ापीर में अवैध दुकानें ध्वस्त

लखनऊ । उत्तर प्रदेश के जनपद बरेली के कोहाड़ापीर इलाके में मंगलवार को नगर निगम का बुलडोजर अवैध अतिक्रमण पर चला और पेट्रोल पंप के सामने बनी कई अवैध दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई शुरू होते ही इलाके में अफरातफरी मच गई और दुकानदारों में हड़कंप मच गया।

नगर निगम ने पहले से ही सड़क किनारे बने अवैध निर्माणों को चिह्नित कर उन पर लाल निशान लगाए थे। आरोप है कि कुछ दुकानदारों ने इन निशानों को मिटा दिया था। इसे गंभीर मानते हुए निगम अधिकारियों ने सबसे पहले उन्हीं दुकानों पर कार्रवाई की। दो बुलडोजरों की मदद से कुछ ही देर में कई अवैध निर्माण जमींदोज कर दिए गए।

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि सरकारी निशान मिटाना या उनसे छेड़छाड़ करना गंभीर मामला है और ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने साफ किया कि अतिक्रमण हटाने का अभियान अब लगातार जारी रहेगा। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम के दूसरे चरण के तहत की जा रही है। योजना के अंतर्गत कोहाड़ापीर से कुदेशिया मार्ग और धर्मकांटा से कोहाड़ापीर तक सड़क चौड़ीकरण होना है। इसके लिए करीब 50 से 55 अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं।

मंगलवार को मजार के पास बनी अवैध दुकानों को हटाकर अभियान की शुरुआत की गई। कार्रवाई के दौरान किसी तरह का विरोध न हो, इसके लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त मौजूदगी में ध्वस्तीकरण शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराया गया। नगर निगम के एक्सईएन राजीव कुमार राठी ने बताया कि सड़क चौड़ी होने से ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी और जाम की समस्या में काफी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में शहर के अन्य हिस्सों में भी अतिक्रमण के खिलाफ अभियान तेज किया जाएगा।
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा की महत्वपूर्ण बैठक लखनऊ में संपन्न
लखनऊ। प्रदेश के विधायक निवास ए ब्लॉक दारूसफा में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा परशुराम सेना एवं महिला ब्राह्मण सभा के द्वारा सभी राष्ट्रीय महानगर पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं तथा सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व राज्य मंत्री डॉ. के सी पाण्डेय के नेतृत्व में संपन्न हुई जहां सर्वप्रथम भगवान श्री परशुराम के चित्र पर दीप प्रज्वलन कर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव पर सार्वजनिक अवकाश घोषित हो एवं यूजीसी काला कानून वापस हो इस पर सभी ने अपने विचार रखें वहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने उद्बोधन में कहा की यूजीसी कानून अगर शासन द्वारा वापस नहीं लिया गया तो हम सभी लाम बंद होकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे वहीं शहीद मंगल पांडे की प्रतिमा विधानसभा के सामने लगाई जाए जिसकी मांग भी लोगों के समक्ष साझा किया एवं कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि 2027 में विधानसभा चुनाव होने जा रहा है जहां पर अगर इसी तरह ब्राह्मण नाराज रहे तो स्थिति का परिवर्तन होना तय है जिस तरह से सामान्य वर्ग के लोग ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य एक मत होकर भारतीय जनता पार्टी का समर्थन किया लेकिन उनके साथ लगातार विश्वास घात हो रहा है जो अब बर्दाश्त नहीं होगा वही भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर शासन से मांग की गई की सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाए क्योंकि पूरे देश में भगवान के जन्मदिन पर शोभायात्रा निकाली जाती है जनपद जौनपुर के जिला अध्यक्ष डॉ अतुल कुमार दुबे ने भी अपने विचार रखें कहां संस्कृत और संस्कृति की रक्षा कीजिए कर्मकांडी ब्राह्मण को मानदेय दिया जाए सनातन को जीवित रखने में ब्राह्मणों ने अपना सब कुछ कुर्बान किया वहीं जनपद जौनपुर का नाम जमदग्नि पुरम किया जाए तथा शासन प्रशासन द्वारा लगातार पत्र के माध्यम से जिला अध्यक्ष जौनपुर द्वारा भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग लगातार उठाई जा रही है लेकिन उस पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई जहां उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की तथा जिले की टीम में महराजगंज ब्लॉक टीम का बखान करते हुए चर्चा की वही संगठन की महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष वंदना चतुर्वेदी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि 17.8 प्रतिशत ब्राह्मण अब अपना अधिकार विधानसभा चुनाव 2027 में जरूर दिखाएंगे अगर उनकी अनदेखी शासन करती रही तो इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा वही यूजीसी एक्ट का घोर विरोध किया। इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री डॉ. के सी पाण्डेय, श्याम नारायण चौबे, प्रदेश अध्यक्ष हरिनाथ बाबू, अनूप पांडे, शिव शंकर दुबे महासचिव, डॉ. एस के शुक्ला, बंदना चतुर्वेदी, जिला अध्यक्ष जौनपुर डॉ. अतुल कुमार दुबे एवं जौनपुर से राजेश पाण्डेय तथा सैकड़ो की संख्या में पदाधिकारी एवं सदस्य गण उपस्थित रहे।
वाराणसी शहर में 30.745 किलो अवैध गांजा के साथ ओडिशा के दो तस्कर गिरफ्तार
लखनऊ /वाराणसी। उत्तर प्रदेश के जनपद वाराणसी में थाना सिगरा पुलिस टीम में मुखबिर की सूचना पर अन्तर्राज्यीय गिरोह के ओडिशा निवासी तस्करों सन्तोष कुमार बेहरा और रोहित साहू को अमूल डेयरी एन.ई.आर. पार्क के पास से 30.745 किलो अवैध गाँजा (अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रूपया) के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस टीम ने घटना में प्रयुक्त चार पहिया वाहन और मोबाइल फोन भी बरामद किया।

सिगरा थाना के प्रभारी निरीक्षक विवेक कुमार शुक्ला ने कहा कि सिगरा पुलिस द्वारा "ऑपरेशन चक्रव्यूह" के तहत चेकिंग संदिग्ध व्यक्ति वाहन व अवैध नशीले पदार्थ की रोकथाम हेतु चलाये जा रहे अभियान में मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुयी कि एक चार पहिया वाहन पिकअप कैंट ओवर ब्रिज से उतर कर महमूरगंज की तरफ जाएगी, जिसमें मादक पदार्थ की संभावना है। यदि जल्दी किया जाए तो पकड़े जा सकते है। इस सूचना पर विश्वास करते हुए पुलिस टीम अपने मुखबिर के साथ अमूल डेयरी के पास एनईआर पार्किंग के पास पहुंच कर आने-जाने वाले वाहनों की तलाशी करने लगे। तभी कैण्ट की तरफ से तेजी से आती हुई एक सफेद बोलेरो पिकअप दिखायी दी, संदेह के आधार पर हम पुलिस वाले उक्त वाहन को रोकने का इशारा किया तो थोड़ा आगे करीब 35-40 कदम पर उक्त वाहन रूका। मौके पर गाड़ी की तलाशी ली गयी तो दो सफेद बोरी में अवैध गाँजे के कुल 30 पैकेट बरामद हुए। अवैध मादक पदार्थ के साथ सन्तोष कुमार निवासी जिला अनुगुल, ओडिशा और रोहित साहू निवासी जिला-अनुगुल, ओडिशा को कारण गिरफ्तारी बताते हुए गिरफ्तार किया गया। इस संबंध में थाना सिगरा में धारा- 8, 20, 29 एनडीपीएस एक्ट में अभियोग पंजीकृत किया गया।
लखनऊ में आग से जलकर दुकान और गोदाम स्वाहा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के नाका थाना इलाके में मंगलवार को एक दुकान और गोदाम में आग लग गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस और फायर बिग्रेड कर्मियों ने आग को बुझाया।एफएसओ राम कुमार ने बताया कि नाका थाना क्षेत्र में बैंक आफ बड़ौदा के पास इलेक्ट्रॉनिक सामान के गोदाम में आग लग गई। आग की चपेट में एक दुकान भी आ गई।

आग का विकराल रूप देखकर स्थानीय लोगों में हड़कम्प मच गया।  इस बीच सूचना पर हजरतगंज और आलमबाग फायर स्टेशन से दो-दो गाड़ियां दमकल की मौके पर पहुंचीं। पुलिस और फायर बिग्रेड कर्मचारियों ने आग पर काबू पाया। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आग की वजह से गोदाम में रखा पूरा इलेक्ट्रॉनिक का सारा सामान जलकर स्वाहा हो गया है। गनीमत यह है कि अभी तक आग से किसी भी प्रकार की जनहानि की खबर नहीं है। नुकसान का आकलन दुकानदार की ओर से किया जा रहा है। आग कैसे लगी इसको लेकर भी जांच चल रही है।
ग्रेटर नोएडा में बनेगा ‘मेट्रो विश्वविद्यालय’, योगी कैबिनेट की मंजूरी
* 26.1 एकड़ में स्थापित होगा निजी विश्वविद्यालय, युवाओं को मिलेगी आधुनिक व रोजगारपरक शिक्षा

लखनऊ। योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ग्रेटर नोएडा में ‘मेट्रो विश्वविद्यालय’ की स्थापना को मंजूरी दे दी गई। यह निर्णय प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि यह विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 के तहत स्थापित किया जाएगा। इस अधिनियम के अंतर्गत निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना, संचालन और विनियमन की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
उन्होंने जानकारी दी कि प्रायोजक संस्था सनहिल हेल्थकेयर प्रा. लि., नोएडा द्वारा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से प्राप्त 26.1 एकड़ भूमि पर ‘मेट्रो विश्वविद्यालय’ स्थापित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था, जिसे सभी विधिक प्रक्रियाओं के परीक्षण के बाद स्वीकृति दी गई है।
कैबिनेट ने ‘उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश, 2026’ को लागू करने तथा प्रायोजक संस्था को संचालन प्राधिकार-पत्र जारी करने का भी निर्णय लिया है।
मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना से प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के नए अवसर सृजित होंगे और युवाओं को आधुनिक एवं रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही, यह पहल राज्य में शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास को नई गति देगी।
योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: शिक्षामित्रों व अनुदेशकों के मानदेय में ऐतिहासिक बढ़ोतरी

* 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा नया मानदेय, 1.67 लाख से अधिक शिक्षा कर्मियों को सीधा लाभ

लखनऊ। योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में ऐतिहासिक वृद्धि को मंजूरी दे दी गई। इस फैसले से प्रदेश के लाखों शिक्षा कर्मियों को सीधा लाभ मिलेगा और शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट के निर्णय की जानकारी देते हुए बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि शिक्षामित्रों का मानदेय 10,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। वहीं अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय 9,000 रुपये से बढ़ाकर 17,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।
यह बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा और मई माह में दिए जाने वाले भुगतान में शामिल किया जाएगा। इस फैसले से प्रदेश के 1.43 लाख शिक्षामित्रों और लगभग 24 हजार अंशकालिक अनुदेशकों को सीधा फायदा मिलेगा। सरकार के अनुसार, मानदेय वृद्धि से राज्य पर 1475 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा, जिसे प्रदेश सरकार वहन करेगी।
मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि सरकार शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मियों के हितों के प्रति संवेदनशील है और उनके आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। यह निर्णय न केवल उनके जीवन स्तर में सुधार लाएगा, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को भी सुदृढ़ करेगा।