वित्तीय अनियमितताओं पर योगी सरकार सख्त : अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक शेषनाथ पांडेय बर्खास्त

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप सिद्ध होने के बाद अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक शेषनाथ पांडेय को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। साथ ही उन्हें भविष्य में किसी भी सरकारी सेवा के लिए अयोग्य घोषित किया गया है।
जारी आदेश के अनुसार, जांच अधिकारी की रिपोर्ट, उपलब्ध अभिलेखीय साक्ष्यों, संबंधित अधिकारी के स्पष्टीकरण तथा लोक सेवा आयोग की सहमति के आधार पर यह कठोर कार्रवाई की गई। जांच में पांडेय पर लगाए गए 15 आरोपों में से 14 आरोप सही पाए गए।
जांच में यह सामने आया कि उन्होंने वित्तीय अनियमितताएं करने, कदाचार, तथ्यों को छिपाने, न्यायिक आदेशों की अनदेखी करने और नियमों के विरुद्ध आदेश जारी कर अनुचित लाभ पहुंचाने जैसे गंभीर कृत्य किए। इसे उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (आचरण) नियमावली, 1956 का स्पष्ट उल्लंघन माना गया है।
आरोप है कि उन्होंने एक मदरसे में पहले से सेवा समाप्त किए जा चुके व्यक्ति के लिए बिना वैध पुनर्नियुक्ति आदेश के वित्तीय अनुमोदन बहाल कर वेतन भुगतान का आदेश जारी कर दिया। इसके चलते एक ही पद पर दो व्यक्तियों को वेतन भुगतान की स्थिति बन गई।
जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित अधिकारी ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर निर्णय लिए और उ.प्र. अशासकीय मदरसा विनियमावली, 1987 तथा संशोधित विनियमावली 2016 के प्रावधानों का उल्लंघन किया।
शासन ने 23 फरवरी 2026 को यह मामला लोक सेवा आयोग को भेजा था। आयोग ने 28 फरवरी को प्रस्तावित दंड पर सहमति प्रदान कर दी। इसके बाद राज्यपाल की स्वीकृति मिलने पर बर्खास्तगी का आदेश जारी कर विभागीय कार्रवाई पूरी कर दी गई।
लखनऊ में किसान पथ पर कार ने बाइक में मारी टक्कर, ससुर-दामाद की मौत
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी के निकट किसान पथ पर गुरुवार दोपहर एक सड़क हादसे में मोटरसाइकिल सवार दामाद सुशील और ससुर मुन्नी लाल की जान चली गई, जबकि सुशील की पत्नी की हालत गंभीर है।

यह हादसा उस समय हुआ जब एक तेज रफ्तार एसयूवी कार ने सुशील की मोटरसाइकिल में टक्कर मार दी। हादसे में घायल महिला समेत दामाद और ससुर को गंभीर हालत में पीजीआई स्थित ट्रामा टू में भर्ती कराया। जहां दामाद सुशील व ससुर मुन्नी लाल की मौत हो गई जबकि महिला की हालत चिंताजनक बनी हुई है।

हादसे की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे परिजनों ने रोड जाम कर प्रदर्शन करने लगे। हंगामे और प्रदर्शन किए जाने की जानकारी मिलने पर एसीपी गोसाईगंज ऋषभ यादव, इंस्पेक्टर राजीव रंजन उपाध्याय कई थानों की फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस अफसर परिजनों को समझाने में जुटे हैं और जाम जैसी स्थिति बनी हुई है। स्थानीय पुलिस अधिकारी ने बताया कि मोहनलालगंज के गोपाल खेड़ा निवासी सुशील कुमार (46), अपनी पत्नी और ससुर मुन्नी लाल (60) के साथ माेटरसाइकिल से रिश्तेदार के घर से रहे थे। तभी रास्ते में किसान पथ पर बेकाबू एसयूवी ने इनकी माेटरसाइकिल में टक्कर मार दी। हादसे में माेटरसाइकिल सवार सुशील और उनके ससुर मुन्नी लाल की मौत हो गई और सुशील की पत्नी की हालत गंभीर है। मामले की जांच की जा रही है।
लखनऊ में पुलिस की अनोखी होली, हजरतगंज से पुलिस लाइन तक निकली रंगारंग शोभायात्रा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सभी थानों और पुलिस लाइन में भी होली एक दिन बाद मनाई जाती है, इसलिए आज 5 मार्च को लखनऊ में पुलिसकर्मियों ने उत्साह और उल्लास के साथ अनोखे अंदाज में होली मनाई। शहर के हजरतगंज से पुलिस लाइन तक भव्य होली शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें पुलिस अधिकारी और जवान रंग-गुलाल के बीच जमकर झूमते नजर आए।
शोभायात्रा के दौरान डीजे की धुन पर पुलिसकर्मियों ने जमकर नृत्य किया। इस दौरान एसीपी विकास जायसवाल और इंस्पेक्टर विक्रम सिंह भी डांस करते नजर आए, जिससे माहौल और अधिक उत्साहपूर्ण हो गया।
शोभायात्रा में एक आकर्षक बग्घी भी शामिल रही, जिसकी लगाम एडीसीपी जितेंद्र ने संभाली, जबकि बग्घी में अमरेंद्र सिंह सेंगर सवार रहे। वहीं महिला पुलिसकर्मी विंटेज कार में सवार होकर शोभायात्रा का हिस्सा बनीं और होली के रंग में सराबोर दिखीं।
डीजे पर बज रहे लोकप्रिय गीत ‘गोली चल जावेगी’ पर महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों ने जमकर ठुमके लगाए। पूरे रास्ते रंग, गुलाल और संगीत के बीच पुलिसकर्मियों का उत्साह देखने लायक रहा।
शोभायात्रा के दौरान पुलिस आयुक्त अमरेंद्र सिंह सेंगर और ज्वाइंट सीपी बबलू कुमार को पुलिसकर्मियों ने माला और टोपी पहनाकर सम्मानित किया। होली के इस आयोजन ने पुलिस परिवार में आपसी भाईचारे और उत्साह का संदेश दिया।
महिला दिवस पर लखनऊ में ‘पिंक रोजगार महाकुंभ’, 50 से अधिक कंपनियां देंगी 5 हजार महिलाओं को नौकरी का अवसर
लखनऊ। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार की ओर से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च को लखनऊ में “पिंक रोजगार महाकुंभ-2026” का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय, लखनऊ द्वारा आयोजित किया जाएगा।
रोजगार महाकुंभ का आयोजन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर में सुबह 10 बजे से किया जाएगा। इस मेले के माध्यम से 5 हजार से अधिक महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं को रोजगार से जोड़ने और उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में यह विशेष रोजगार मेला आयोजित किया जा रहा है, जिसमें निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियां सीधे महिलाओं का चयन करेंगी।
* महिलाओं के लिए विशेष अवसर
पिंक रोजगार महाकुंभ में केवल महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इसमें 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग की महिलाएं भाग ले सकेंगी। योग्यता के रूप में 10वीं, 12वीं, स्नातक, परास्नातक, बी.टेक, बीबीए, एमबीए, फार्मेसी सहित अन्य तकनीकी एवं सामान्य डिग्रीधारी महिलाएं आवेदन कर सकती हैं। इसका उद्देश्य विभिन्न शैक्षिक पृष्ठभूमि वाली महिलाओं को रोजगार के व्यापक अवसर प्रदान करना है।
* 50 से अधिक कंपनियां करेंगी भर्ती
रोजगार महाकुंभ में देश की कई प्रमुख कंपनियां भाग लेंगी। इनमें Flipkart, Reliance Jio, ICICI Bank, Bharti Airtel, Bajaj Finserv, Mahindra Finance, Amazon और KFC जैसी कंपनियां शामिल होंगी। ये कंपनियां सेल्स, कस्टमर सर्विस, आईटी सपोर्ट, बैंकिंग, रिटेल, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर से जुड़े पदों पर चयन प्रक्रिया संचालित करेंगी।
अधिकारियों के अनुसार इस रोजगार मेले के माध्यम से 5 हजार से अधिक महिलाओं को नौकरी से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
* ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य
रोजगार महाकुंभ में भाग लेने के लिए उम्मीदवारों को पहले से ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। इसके लिए रोजगार संगम पोर्टल और National Career Service Portal पर रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क है।
इंटरव्यू के समय अभ्यर्थियों को अपने साथ बायोडाटा की प्रतियां, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, शैक्षिक प्रमाणपत्र और रजिस्ट्रेशन स्लिप लानी होगी।
* महिला रोजगार को बढ़ावा देने की पहल
प्रदेश सरकार मिशन रोजगार, कौशल विकास कार्यक्रमों और सेवायोजन मेलों के माध्यम से युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रही है। पिंक रोजगार महाकुंभ महिलाओं को कंपनियों से सीधे जोड़ने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकता है। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि प्रदेश में महिला कार्यबल की भागीदारी भी मजबूत होगी।
महिला दिवस पर केडी सिंह बाबू स्टेडियम में ‘अस्मिता लीग’ का आयोजन, 1000 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना

लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च 2026 को लखनऊ में ASMITA लीग के अंतर्गत महिला एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार तथा भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के निर्देशन में के.डी. सिंह बाबू स्टेडियम, लखनऊ में आयोजित होगा।
कार्यक्रम का आयोजन नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस–SAI, लखनऊ के हॉकी कोच ऋषि कुमार तथा उपनिदेशक, मेरा युवा भारत के समन्वय से किया जा रहा है। प्रतियोगिता में लगभग 1000 से अधिक महिला प्रतिभागियों के भाग लेने की संभावना है।
ASMITA (Achieving Sports Milestone by Inspiring Women Through Action) लीग का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करना तथा खेलों में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देना है। प्रतियोगिता तीन आयु वर्गों—अंडर-13, 13 से 18 वर्ष और 18 वर्ष से अधिक—में आयोजित की जाएगी। इन वर्गों में 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर दौड़ की प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। इस प्रकार कुल नौ दौड़ प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों के लिए रस्सा-कसी जैसी एक एंगेजमेंट गतिविधि भी आयोजित की जाएगी।
कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है। अधिक से अधिक महिला प्रतिभागियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग, आईटीआई अलीगंज, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, उच्च शिक्षा विभाग, एनएसएस, एनसीसी तथा भारत स्काउट एवं गाइड का सहयोग लिया जाएगा।
कार्यक्रम स्थल पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा एम्बुलेंस और चिकित्सक दल की तैनाती की जाएगी, जबकि सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस विभाग आवश्यक पुलिस बल उपलब्ध कराएगा। प्रतियोगिता के तकनीकी संचालन हेतु क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी द्वारा रेफरी एवं कोच तैनात किए जाएंगे।
जिला प्रशासन ने सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल संस्थानों से अपील की है कि अधिक से अधिक बालिकाएं और महिलाएं ASMITA पोर्टल पर पंजीकरण कर इस प्रतियोगिता में भाग लें और महिला सशक्तिकरण के इस अभियान को सफल बनाएं।
ब्राह्मण, ठाकुर बनिया लाला मिल कर बदलो अपनी दुनिया:  सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष

लखनऊ । सवर्ण समाज की एक बैठक गोमतीनगर लखनऊ में हुई सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरज प्रसाद चौबे ने संबोधित करते हुए कहा कि जिस दलित मित्र के साथ बैठ कर खाना खाते हैं उसी दलित मित्र के साथ BA MA तक पहुंचने पर हाथ मिलाने में डरते है क्योंकि कि यूजीसी का एक ऐसा काला कानून है हमे भय लगता हैं कि हमारे ऊपर कार्रवाई न हो जाय उसमे बताया गया है कि SC ST OBC ki साथ जो भेद भाव होगा  वही शिर्फ जातिगत भेदभाव माना जाएगा वे लोग चाहे जितना ब्राह्मण, ठाकुर लाला बनिया का कब्र खोद ले,उनकी बहन बेटियों को छेड़े जातिगत भेद भाव नहीं माना जाएगा,हमारे बाप दादाओं ने राजनीतिक व्यक्तियों के झंडा ठंडा हमने भी थोथा तो  भी हमे क्या मिला एससीएसटी एक्ट, जातिगत आरक्षण अब यूजीसी जैसा काला कानून दिया मेरे भाईयों अब राजनेताओं राजनीतिक पार्टियों का झंडा ठंडा छोड़ कर सवर्ण आर्मी भारत का झंडा ठंडा उठाओ बाभन , ठाकुर बनिया ,लाला मिलकर बदलो अपनी दुनिया अगर नहीं बदलोगे तो आप को इस सिस्टम से बदल दिए जाओगे जब एक ब्राह्मण जप, भागवत गीता पूजा पाठ करता है तो क्या कहता है धर्म की जय हो ,अधर्म का नाश हो प्राणियों में सद्भावना हो विश्व का कल्याण हो हम विश्व के कल्याण की बात करते हैं जिस विश्व में तालिबानी भी आते हैं,पाकिस्तानी भी आते हैं हमारा हृदय इतना बड़ा है कि हम विश्व कल्याण की बात करते हैं हमारे ऊपर शोषण का आरोप लगा रहे हैं,किसी स्थान पर योग्यता का कब्जा हो सकता है ये जाति का कब्जा बताते हैं मै योग्यता को प्राथमिकता देते हैं ये जाति को दे रहे हैं,अधर्म को मूक बनकर जो मात्र निहारे जाते हैं कर्ण,द्रोण भीष्म सब मारे जाते हैं आज अगर मौन रहेंगे तो इनका मौन ही  इनके मैंने बच्चों के मौत का कारण बनेंगे मै अपने सवर्ण समाज के लोगों को अवाहन करते हैं कि विधायक सांसद के बातों में मत आइए इनके बच्चे विदेश में जाकर पड़ लेगे यूजीसी वाले काले कानून  आप के बच्चेको  फेस करना पड़ेगा तो आप सड़क पर आ कर यूजीसी का विरोध करे।
तमसा तट पर ऐतिहासिक पहल: 100 वर्ष पुरानी समस्या का समाधान
* हनुमान घाट पर पीपा पुल निर्माण से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नया आयाम, दर्जनों गांवों को मिलेगा लाभ

लखनऊ/मऊ। प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने मऊ जनपद में तमसा नदी के पावन तट स्थित हनुमान घाट पर पीपा पुल निर्माण कार्य का विधिवत शिलान्यास किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही। बहुप्रतीक्षित परियोजना के शुभारंभ से क्षेत्र में उत्साह का वातावरण देखने को मिला।
अपने संबोधन में मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि यह दिन क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि लगभग 100 वर्षों से चली आ रही एक बड़ी समस्या का समाधान अब साकार रूप ले रहा है। लंबे समय से नदी पार करने में लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। विशेषकर वर्षा ऋतु में आवागमन लगभग ठप हो जाता था, जिससे जनजीवन के साथ-साथ व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित होती थीं।
उन्होंने कहा कि पीपा पुल का निर्माण केवल दो तटों को जोड़ने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी क्षेत्र को नई दिशा देगा। आसपास के दर्जनों गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होने से किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाना आसान होगा, स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
मंत्री ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक सुगम पहुंच सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। पुल बनने से छात्र-छात्राओं को विद्यालयों और महाविद्यालयों तक पहुंचने में समय की बचत होगी, वहीं आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल तक शीघ्र पहुंचाया जा सकेगा। इससे क्षेत्र के जीवन स्तर में व्यापक सुधार होगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण किया जाए। विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष बल देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
कार्यक्रम के अंत में मंत्री श्री शर्मा ने जनपदवासियों को होली के पावन पर्व की शुभकामनाएं देते हुए आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जैसे रंगों का यह पर्व समाज को एक सूत्र में बांधता है, वैसे ही यह विकास कार्य भी क्षेत्र को नई ऊर्जा और नई दिशा प्रदान करेगा।
लखनऊ में होली पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू, सुबह 9 बजे से रूट बदलेंगे

लखनऊ । होली के रंग, अबीर-गुलाल और शहर भर में निकलने वाले जुलूसों को देखते हुए 04 मार्च 2026 को राजधानी लखनऊ में व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जाएगा। यह व्यवस्था सुबह 9:00 बजे से कार्यक्रमों की समाप्ति तक प्रभावी रहेगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक रूप से प्रतिबंधित मार्गों की ओर न जाएं और वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें।

इन मार्गों पर रहेगा बदलाव

- कैसरबाग अशोक लाट चौराहा से नजीराबाद की ओर सामान्य यातायात पूरी तरह बंद रहेगा। वाहन चालकों को लाटूश रोड या कैसरबाग बस अड्डे से होकर जाना होगा।
-छतरी वाला चौराहा (सकरी सेंटर) से नजीराबाद की दिशा में जाने वाले वाहन पोस्ट ऑफिस अमीनाबाद या श्रीराम रोड से डायवर्ट किए जाएंगे।
-गुइन रोड चौराहा से नजीराबाद जाने वाला यातायात पोस्ट ऑफिस अमीनाबाद या कैसरबाग बस अड्डा की ओर मोड़ा जाएगा।
- ख्यालिगंज तिराहा से नजीराबाद की दिशा में जाने वाले वाहन कैसरबाग बस अड्डा, गुइन रोड, पोस्ट ऑफिस अमीनाबाद या कैसरबाग अशोक लाट चौराहे के रास्ते निकलेंगे।
- श्रीराम रोड तिराहा (कोनेश्वर चौराहा) से चौक की ओर यातायात प्रतिबंधित रहेगा। वाहन घंटाघर और रूमी गेट चौकी चौराहा से होकर जाएंगे।
- चौक चौराहा से कोनेश्वर चौराहे की दिशा में जाने वाला ट्रैफिक रूमी गेट चौराहा और घंटाघर के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा।

आपात सेवाओं को विशेष छूट

जुलूस या शोभायात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय आपात स्थिति में एम्बुलेंस, शव वाहन, फायर सर्विस और स्कूली वाहनों को आवश्यकतानुसार प्रतिबंधित मार्गों से भी निकाला जाएगा। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस मौके पर समन्वय करेगी। किसी भी सहायता या जानकारी के लिए ट्रैफिक कंट्रोल रूम नंबर: 9454405155

प्रशासन की अपील

त्योहार को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से मनाने के लिए नागरिकों से सहयोग की अपील की गई है। घर से निकलने से पहले ट्रैफिक डायवर्जन की जानकारी जरूर लें, ताकि जाम और असुविधा से बचा जा सके।
होली के रंगों के बीच सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।
होली पर निर्बाध जलापूर्ति की तैयारी पूरी, सुबह 5 से 9 बजे तक विशेष सप्लाई
लखनऊ । विशेष संवाददाता

होली के पर्व को देखते हुए लखनऊ नगर निगम के जलकल विभाग ने शहर में निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। 4 मार्च को होली के दिन पूरे शहर में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के लिए विशेष प्लान लागू किया जाएगा।

* फुल क्षमता पर चलेंगे प्लांट और ओवरहेड टैंक
नगर निगम के तीनों जलकल प्लांट और सभी ओवरहेड टैंक पूरे दिन फुल क्षमता पर संचालित रहेंगे। इसके साथ ही सुबह 5 बजे से 9 बजे तक सभी जोनों में नलकूपों से सीधे पानी की सप्लाई दी जाएगी, ताकि त्योहार के दौरान किसी तरह की दिक्कत न हो।

* 24 घंटे सक्रिय रहेंगे अभियंता
होली के दौरान जलापूर्ति या सीवर से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए अभियंताओं के मोबाइल 24 घंटे सक्रिय रहेंगे। विभाग ने कंट्रोल रूम के नंबर 8177054100, 8177054003 और 8177054010 जारी किए हैं, जिन पर नागरिक तुरंत शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
* सीवर शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर
सीवर संबंधी शिकायतों के लिए Suez India Private Limited का टोल फ्री नंबर 18003130522 जारी किया गया है। नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि होली के मद्देनज़र समय रहते पानी का संग्रह कर लें और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत संबंधित नंबरों पर संपर्क करें, ताकि त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
कांशीराम जयंती के बहाने दलित वोट बैंक पर सपा की नजर, 2027 के लिए पीडीए फार्मूला तेज
लखनऊ। समाजवादी पार्टी ने 15 मार्च को बहुजन आंदोलन के प्रणेता कांशीराम की जयंती को बड़े पैमाने पर मनाने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी इस आयोजन के जरिए दलित समाज के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने और 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए जमीन तैयार करने में जुटी है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सभी जिला और महानगर इकाइयों को निर्देश जारी कर जयंती कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर आयोजित करने को कहा है। पार्टी पदाधिकारियों को दलित समाज के अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
* कांशीराम–मुलायम रिश्तों को किया जाएगा याद
कार्यक्रमों के माध्यम से मुलायम सिंह यादव और कांशीराम के राजनीतिक रिश्तों और सामाजिक न्याय की साझा विरासत को भी रेखांकित किया जाएगा। पार्टी रणनीतिकारों का मानना है कि इससे दलित और पिछड़ा वर्ग के बीच एक सकारात्मक संदेश जाएगा।
* पीडीए के रूप में मनाई जाएगी जयंती
सपा ने कांशीराम जयंती को ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के रूप में मनाने का ऐलान किया है। इसे सामाजिक न्याय और गठबंधन की नई राजनीतिक धुरी के तौर पर पेश किया जा रहा है। पार्टी का लक्ष्य दलित और पिछड़े वर्ग के पारंपरिक समीकरण को फिर से मजबूत करना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पहल 2027 के चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखकर की जा रही है, जहां सपा दलित-पिछड़ा गठजोड़ को अपनी मुख्य रणनीति बनाना चाहती है।