धीरजकुमार सिंह एशियन राइफल व पिस्टल चैंपियनशिप में जज और ज्यूरी नियुक्त
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नई दिल्ली। एशियन शूटिंग कन्फेडरेशन द्वारा जारी आधिकारिक घोषणा के अनुसार भारतीय शूटिंग खेल अधिकारी धीरजकुमार सिंह को प्रतिष्ठित एशियन राइफल एवं पिस्टल चैंपियनशिप 2026 में जज एवं ज्यूरी सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है। यह प्रतियोगिता 2 से 14 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित होगी। धीरजकुमार सिंह ISSF Judges ‘A’ लाइसेंस धारक हैं, जो शूटिंग खेल में उनकी उच्च तकनीकी दक्षता एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की निर्णायक क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने देश की सेवा करते हुए नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) तथा इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन (ISSF) के तत्वावधान में आयोजित कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में ज्यूरी एवं तकनीकी अधिकारी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका मुख्य योगदान निष्पक्ष खेल, नियमों के पालन, सुरक्षा मानकों एवं प्रतियोगिता की गरिमा बनाए रखने में रहा है।
यह नियुक्ति शूटिंग खेल प्रशासन में उनके अनुभव, समर्पण और उत्कृष्ट योगदान का सम्मान आज भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री श्रीपाद नाईक ने इन्हें जज एवं जीयुरी बनाए जाने पर धीरज जयप्रकाश सिंह का स्वागत सम्मान किया।
भारत-मलयेशिया के बीच कई अहम समझौते, जानें द्विपक्षीय वार्ता में पीएम मोदी ने क्‍या-क्‍या कहा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मलेशिया दौरे का आज (रविवार) दूसरा दिन है। पीएम मोदी ने आज मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ पुत्राजाया स्थित पेरदाना पुत्रा भवन में मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के मंत्रियों और उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों के बीच अहम द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसमें भारत-मलेशिया संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की गई।

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मलेशिया दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत मलेशिया की साझेदारी ऐतिहासिक है। दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग मजबूत हो रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि आज कृषि और विनिर्माण से लेकर स्वच्छ ऊर्जा और सेमीकंडक्टर तक, हर क्षेत्र में हमारा सहयोग गहरा रहा है। कौशल विकास और क्षमता निर्माण में भी हम महत्वपूर्ण भागीदार हैं।

मलेशिया में हुए भव्‍य स्‍वागत को लेकर पीएम मोदी ने कहा, 'मैं आप सभी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं, जिस तरह से आपने मेरा और मेरे प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया, और जिस तरह से आपने कुछ ही घंटों में पारंपरिक रीति-रिवाजों से परे जाकर मलेशियाई जीवन को इतनी खूबसूरती से प्रस्तुत किया, और जिस उत्कृष्ट तरीके से आपने हर चीज का आयोजन किया, वह हमेशा हमारी यादों में रहेगा, और इसके लिए मैं आपको हार्दिक और विशेष धन्यवाद देता हूं।

वहीं मलयेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि भारत और मलयेशिया के बीच रिश्ते बेहद अच्छे हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच कुछ ऐसे मुद्दे भी हैं, जिन पर दोनों पक्षों की टीमें मिलकर काम करेंगी। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में हर क्षेत्र में सहयोग और बढ़ेगा। अनवर इब्राहिम ने यह भी कहा कि यह यात्रा उनके लिए व्यक्तिगत रूप से भी काफी महत्वपूर्ण है।

दोनों देशों के बीच होने वाली प्रतिनिधिमंडल की बैठक के दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, शिक्षा, डिजिटल टेक्नोलॉजी और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श हुए। बता दें कि दोनों नेताओं ने भारत और मलेशिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई। इस मुलाकात को एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत की कूटनीतिक सक्रियता के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

पप्पू यादव क्यों हुए गिरफ्तार? अब तबीयत बिगड़ने के बाद PMCH में किया गया भर्ती

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31 साल पुराने एक मामले में शुक्रवार देर रात सांसद पप्पू यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। पूर्णिया सांसद की तबीयत गिरफ्तारी के तुरंत बाद बिगड़ गई, जिसके चलते उन्हें पूरी रात अस्पताल में स्ट्रेचर पर बितानी पड़ी।

रात करीब बारह बजे गिरफ्तारी

शुक्रवार रात करीब नौ बजे पप्पू यादव दिल्ली से पटना अपने आवास पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि साढ़े दस बजे के करीब सादे लिबास में पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए गिरफ्तारी की बात कही। अचानक हुई इस कार्रवाई से वहां मौजूद समर्थकों में आक्रोश फैल गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया। काफी बहस और हंगामे के बाद रात करीब बारह बजे पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

डॉक्टरों की निगरानी में सांसद

गिरफ्तारी के बाद पहले उन्हें मेडिकल जांच के लिए IGIMS अस्पताल लाया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा था। लेकिन तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें PMCH शिफ्ट करने का फैसला लिया गया। फिलहाल उनकी हालत को लेकर डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है।

साल 1995 का है मामला?

मामला वर्ष 1995 का है, जब पटना के गर्दनीबाग थाने में विनोद बिहारी लाल नामक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पप्पू यादव और उनके सहयोगियों ने धोखाधड़ी कर उनका मकान किराए पर लिया और बाद में उस मकान का इस्तेमाल सांसद कार्यालय के रूप में किया गया। आरोप है कि किराए पर लेते समय इस बात को छिपाया गया था।

मलेशिया दौरे के लिए रवाना हुए पीएम मोदी, रवानगी से पहले भारतीय समुदाय को लेकर कही ये बात

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मलेशिया के दो दिवसीय दौरे पर रवाना हो गए। पीएम मोदी के मलेशिया दौरे के दौरान भारत-मलेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित रहने की संभावना है। यह यात्रा मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम के निमंत्रण पर हो रही है, जिसमें रक्षा, सुरक्षा, आर्थिक व नवाचार सहयोग बढ़ाने पर जोर रहेगा।

मलेशिया रवानगी से पहले पीएम मोदी ने कहा, ''भारत और मलेशिया के बीच ऐतिहासिक संबंधों में हाल के वर्षों में निरंतर प्रगति हुई है।'' उन्होंने कहा, ''मैं प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ अपनी चर्चाओं और हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने को लेकर उत्साहित हूं।'' उन्होंने कहा, ''हमारा लक्ष्य अपने रक्षा और सुरक्षा संबंधों को गहरा करना, अपनी आर्थिक और नवाचार साझेदारी को बढ़ाना तथा नए क्षेत्रों में अपने सहयोग का विस्तार करना है।''

मलेशिया में भव्य स्वागत की तैयारी

प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को लेकर मलेशिया में भारतीय समुदाय में जबरदस्त उत्साह है। कुआलालंपुर में उनके स्वागत के लिए एक भव्य सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जिसका नाम है ‘वेलकम मोदी जी’। इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि यहां 750 से ज्यादा कलाकार एक साथ मंच पर उतरेंगे और सामूहिक नृत्य प्रस्तुति देंगे। आयोजकों का दावा है कि यह आयोजन मलेशियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो सकता है। रिकॉर्ड के लिए आवेदन पहले ही किया जा चुका है और रिकॉर्ड्स टीम मौके पर मौजूद रहेगी।

क्यों खास है यह दौरा?

पीएम मोदी के इस दौरे का मकसद व्यापार, निवेश, ऊर्जा और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है।प्रधानमंत्री मोदी की यह मलेशिया की तीसरी यात्रा है। अगस्त 2024 में भारत-मलेशिया द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदले जाने के बाद यह उनकी पहली यात्रा है। पीएम मोदी इस दौरान मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। वे भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ-साथ उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी संवाद करेंगे। प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान 10वां भारत-मलेशिया सीईओ मंच भी आयोजित होगा।

पाकिस्तान के इस्लामाबाद में भीषण ब्लास्ट, आत्मघाती हमले में 31 की मौत

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पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक बम धमाका हुआ है। जुमे की नमाज के दौरान इस्लामाबाद की शिया मस्जिद कस्र ए खदीजतुल कुब्रा में सुसाइड ब्लास्ट किया गया, जिसमें कम से कम 31 लोगों की हुई, जबकि 170 से ज्यादा लोग घायल हैं। मौत का आंकड़ा और बढ़ सकता है।

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धमाके के बाद इस्लामाबाद में इमरजेंसी लागू कर दी गई है। धमाके वाली जगह को सुरक्षाकर्मियों ने पूरी तरह से सील कर दिया है। धमाके के बाद पुलिस और रेस्क्यू 1122 के जवान घटना वाली जगह पर पहुंच गए हैं। यहां कर्मचारी बचाव अभियान चला रहे हैं। मलबे को हटाकर लोगों को निकाला जा रहा है।

शहबाज शरीफ का आया बयान

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ धमाके की निंदा करते हुए मौतों पर गहरा दुख जताया है। शरीफ ने गृहमंत्री मोहसिन नकवी से घटना की पूरी जांच कराने और दोषियों की तुरंत पहचान करने के निर्देश दिए हैं। शरीफ ने कहा कि इसके जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

आठ साल बाद शिया मस्जिद में हमला

इस्लामाबाद में शियाओं की किसी मस्जिद पर हमला तकरीबन 9 साल बाद हुआ है। इस्लामाबाद में शिया मस्जिद को निशाना बनाने की आखिरी घटना नवंबर 2017 में हुई थी। इसके बाद शुक्रवार, 6 फरवरी को शिया मस्जिद में खून बहाया गया है। इस हमले की जिम्मेदारी अभी किसी गुट ने नहीं ली है। इसका शक इस्लामिक स्टेट जैसे गुटों पर है। ये गुट कट्टर सुन्नी विचारधारा को मानते हैं और शियाओं को निशाना बनाते हैं।

जनरल नरवणे की किताब में क्या लिखा? छपने से पहले ही गरमा गई सियासत

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क्या पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद (एमएम) नरवणे की किताब को सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही है? एमएम नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को लेकर देश का सियासी पारा हाई है। 

जनरल नरवणे की ऑटोबायोग्राफी 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' भले अभी रिलीज नहीं हुई, लेकिन इसने सरकार, विपक्ष, पब्लिक, लेखक-प्रकाशक जैसे फोर स्टार्स ऑफ पॉलिटिक्स को जन्म दे दिया है। भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की ऑटोबायोग्राफी के हवाले से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अपनी बात रखना चाहते हैं। लेकिन, सरकार की दलील है कि किसी किताब के हवाले से कुछ नहीं कहा जाना चाहिए। 

रक्षा मंत्रालय ने एक साल से अधिक समय से रिव्यू के लिए रखा

दरअसल, बीते दिनों सरकार ने संसद में दावा किया कि राहुल गांधी लोकसभा में नरवणे की अप्रकाशित किताब से अंश नहीं पढ़ सकते हैं, क्योंकि किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है। लेकिन सरकार ने यह नहीं बताया कि रक्षा मंत्रालय की अपनी प्रशासनिक शाखा ने किताब को एक साल से अधिक समय से रिव्यू के तहत रखा हुआ है, जिससे प्रकाशन रुका हुआ है।

क्या सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही किताब?

राहुल गांधी ने लोकसभा में सोमवार को कहा था, "इस पत्रिका में नरवणे जी ने कहा है कि यह उनका संस्मरण है। जो सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही है। मैं इसमें से सिर्फ़ पांच लाइन पढ़ना चाहता हूं।"

राहुल ने पूछा- क्या लिखा जिससे घबरा रहे?

राहुल गांधी ने सत्ता पक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा, "यह कहते हैं कि आतंकवाद से लड़ते हैं, लेकिन ये एक उद्धरण से डरते हैं। इसमें क्या लिखा है जिससे वो घबरा रहे हैं और मैं बोल नहीं पा रहा हूं। अगर ये डर नहीं रहे हैं तो मुझे पढ़ने की इजाज़त दें।"

जनवरी 2024 में ही आनी थी किताब

बता दें कि दिसंबर 2023 में ही पेंगुइन ने जनरल नरवणे की 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' का ऐलान किया था। तब इसका प्री-ऑर्डर भी लिया जा रहा था। किताब जनवरी 2024 में ही आनी थी, लेकिन इसकी रिलीज रोक दी गई। कहा गया कि रक्षा मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिली है। रक्षा मंत्रालय भी नहीं बता रहा है कि पूर्व सेना प्रमुख की इस किताब को क्लियरेंस कब मिलेगी और मिलेगी या नहीं।

किताब में क्या?

इंडियन एक्सप्रेस की एक में दावा किया गया है, यह किताब 2020 में चीन के साथ पूर्वी लद्दाख़ में हुए सैन्य विवाद के बारे में बताती है। इसमें गलवान घाटी की झड़प और अग्निपथ योजना का भी ज़िक्र है। इस किताब में 31 अगस्त 2020 की रात को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से हुई बातचीत का ज़िक्र है। एक्सप्रेस की रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि दिसंबर 2023 में, न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने जनरल नरवणे की किताब से कुछ हिस्से छापे थे। इसमें भी 31 अगस्त की शाम की घटना का विस्तार से जिक्र था। इस घटना के बारे में अब कारवां मैगज़ीन में भी एक आर्टिकल छपा है।

परीक्षा पे चर्चा आज, पीएम मोदी छात्रों से करेंगे संवाद, देख सकेंगे लाइव

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विद्यार्थियों को परीक्षा के तनाव से बाहर निकालने और उन्हें सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने वाला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकप्रिय कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ का आयोजन आज होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को परीक्षा पे चर्चा करेंगे।

कार्यक्रम कहां और कितने बजे होगा?

‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ का आयोजन आज यानी 6 फरवरी को सुबह 10 बजे से होगा। इसकी स्क्रीनिंग संसद के बालयोगी ऑडिटोरियम में होगी, जहां करीब 250 छात्र मौजूद रहेंगे।

परीक्षा पे चर्चा को लाइव कहां देख सकते हैं?

इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण प्रधानमंत्री के यूट्यूब चैनल, दूरदर्शन (डीडी) और शिक्षा मंत्रालय के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा. आप अपनी सुविधानुसार इसे कहीं भी देख सकते हैं।

रजिस्ट्रेशन का बना नया रिकॉर्ड

इस साल कार्यक्रम ने अपनी लोकप्रियता के पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस बार 4.5 करोड़ से अधिक छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जो पिछले साल के 3.53 करोड़ के ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ से कहीं ज्यादा है।

'एग्जाम वॉरियर्स' अभियान का हिस्सा

परीक्षा पे चर्चा केंद्र सरकार की एग्जाम वॉरियर्स पहल से जुड़ा हुआ है, जिसका उद्देश्य छात्रों को परीक्षा के दौरान होने वाली चिंता और दबाव से बाहर निकालना है। फरवरी के मध्य से सीबीएसई सहित विभिन्न बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं और अप्रैल में जेईई मेन जैसी प्रतियोगी परीक्षाएं भी आयोजित होंगी। ऐसे समय में यह संवाद छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाने में मददगार माना जाता है।

तिरुपति में मानसुम सीनियर लिविंग की नई शुरुआत, ‘मयूरा – टेम्पल टाउन’ हुआ लॉन्च
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नई दिल्ली। दक्षिण भारत में सीनियर हाउसिंग के क्षेत्र में अग्रणी बेंगलुरु स्थित कंपनी मानसुम सीनियर लिविंग ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति में अपने पहले सीनियर लिविंग प्रोजेक्ट ‘मयूरा – टेम्पल टाउन’ के लॉन्च की घोषणा की है। यह तिरुपति का अपनी तरह का पहला सुसज्जित सीनियर लिविंग प्रोजेक्ट है, जिसे वसुंधरा कंस्ट्रक्शंस के सहयोग से विकसित किया गया है।

यह प्रोजेक्ट रेनिगुंटा रोड पर श्रीनिवासम कॉम्प्लेक्स के पीछे स्थित 3.5 एकड़ में फैले रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट टेम्पल टाउन का हिस्सा है। मयूरा को वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, आराम और सामाजिक जुड़ाव को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है, ताकि वे एक निश्चिंत और सम्मानजनक जीवन जी सकें। आध्यात्मिक नगरी तिरुपति की पृष्ठभूमि में यह प्रोजेक्ट आधुनिक सुविधाओं और पारंपरिक मूल्यों का संतुलन प्रस्तुत करता है।

मानसुम सीनियर लिविंग पहले से ही बेंगलुरु, मैसूर और गोवा में अपने प्रोजेक्ट्स का सफल संचालन कर रहा है, जहाँ 850 से अधिक परिवार निवास कर रहे हैं। तिरुपति में प्रवेश के साथ कंपनी ने अपने विस्तार को धार्मिक और टियर-2 शहरों की ओर बढ़ाया है।

मानसुम सीनियर लिविंग के को-फाउंडर अनंतराम वी वरयूर ने कहा कि मयूरा में रिटायरमेंट लाइफ को नए सिरे से परिभाषित किया गया है, जहाँ देखभाल, सुविधाएँ और समुदाय एक साथ मिलते हैं। वरिष्ठ नागरिकों को यहाँ केवल घर ही नहीं, बल्कि अपनापन भी मिलेगा।

प्रोजेक्ट में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए 2 बीएचके, 2.5 बीएचके और 3 बीएचके फ्लैट्स उपलब्ध हैं। इनमें एंटी-स्किड फ़्लोरिंग, ग्रैब बार, पैनिक अलार्म सिस्टम और सुविधाजनक मूवमेंट जैसी सुविधाएँ शामिल हैं।
फ्लैट्स की शुरुआती कीमतें इस प्रकार हैं—
2 बीएचके: ₹73 लाख,
2.5 बीएचके: ₹92 लाख,
3 बीएचके: ₹1.07 करोड़।

यहाँ 10,000 वर्ग फुट में फैली सीनियर लिविंग सुविधाएँ मानसुम की अपनी टीम द्वारा संचालित की जाएँगी, जिनमें पौष्टिक भोजन, ऑन-साइट हेल्थकेयर, 24 घंटे आपातकालीन सेवा, हाउसकीपिंग, कंसीयर्ज सर्विस और दैनिक गतिविधियाँ शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, 20,000 वर्ग फुट का आधुनिक क्लब हाउस भी विकसित किया गया है, जिसमें जिम, योग एवं ध्यान कक्ष, लाइब्रेरी, स्विमिंग पूल और सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए हॉल उपलब्ध हैं। गार्डन, वॉकिंग ट्रैक और कम्युनिटी हॉल सामाजिक मेलजोल और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देंगे।

मानसुम की को-फाउंडर सुश्री सुमथी अनंतराम ने कहा कि प्रत्येक कम्युनिटी की योजना वरिष्ठ नागरिकों की ज़रूरतों को केंद्र में रखकर बनाई जाती है। मयूरा में तिरुपति की आध्यात्मिक भावना के साथ सुरक्षा और देखभाल का समन्वय किया गया है।

मानसुम के को-फाउंडर कुशल रमेश ने कहा कि मयूरा वरिष्ठ नागरिकों के लिए सम्मान, स्वतंत्रता और साथ का प्रतीक है, जहाँ वे एक खुशहाल और सुरक्षित जीवनशैली चुन सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि जेएलएल और एसोसिएशन ऑफ सीनियर लिविंग इंडिया (एएसएलआई) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की संगठित सीनियर हाउसिंग का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा दक्षिण भारत में है। इसी को ध्यान में रखते हुए मानसुम अपने प्रोजेक्ट्स का विस्तार कर रहा है।

प्रोजेक्ट लॉन्च इवेंट तिरुपति में आयोजित किया गया, जिसमें सी. दिवाकर रेड्डी, चेयरमैन, तिरुपति अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (टीयूडीए) सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
नाम लिए बिना नड्डा का राहुल गांधी पर बड़ा हमला, बोले-कांग्रेस को अबोध बालक का बंधन न बनाएं

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संसद के बजट सत्र में अमेरिका से डील और पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब पर सातवें दिन भी हंगामा जारी है। विपक्षी सांसद राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने से रोके जाने पर हंगामा करते रहे। लोकसभा शुरू होने के साथ ही सांसदों ने नारेबाजी की। इसके बाद 65 सेकंड के अंदर ही कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। 12 बजे कार्यवाही शुरू हुई, 5 मिनट बाद ही 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।

कांग्रेस पार्टी को अहंकार से बचने की सलाह

वहीं राज्यसभा में भी राहुल गांधी को बोलने से रोकने का मुद्दा उठाया गया। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने नहीं दिया जा रहा है। इस पर जेपी नड्डा ने कहा कि लोकसभा की बात राज्यसभा मत करिए। कांग्रेस पार्टी को अहंकार से बचना चाहिए। पार्टी को अबोध बालक का बंधक न बनाएं।

नड्डा ने विपक्ष के रवैये पर उठाए सवाल

राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने पर सभापति की अनुमति से जेपी नड्डा ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार हर समय और सभी विषयों पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में पीएम मोदी जवाब देने के लिए तैयार बैठे रहे, लेकिन विपक्ष ने लोकसभा को चलने नहीं दिया। जहां तक राज्यसभा का सवाल है, विपक्ष ने कहा कि सरकार भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बयान दे

सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद, यूपीएससी ने बदले नियम

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संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन बुधवार को जारी किया है। आयोग ने इस बार प्रयास और पात्रता से जुड़े नियमों में भी बड़ा बदलाव किया गया है। नए प्रावधानों में सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद कर दिया गया है। यानी अब एक बार IAS, IPS या IFS बन गए तो बार-बार यूपीएससी का एग्जाम नहीं दे पाएंगे।

यूपीएससी के नए नियम के अनुसार, सिविल सर्विस ज्वॉइन करने वाले उम्मीदवारों को सिर्फ एक अटेंप्ट मिलेगा। वे तीसरी बार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए अप्लाई नहीं कर सकते। नए नियम की शर्ते इस प्रकार हैं।

सिर्फ एक बार रैंक सुधारने का मौका

सिविल सर्विस एग्जाम-2026 में अगर ग्रुप-ए या फिर आईपीएस मिलती है, तो उम्मीदवार को सिर्फ एक बार यानी सीएसई-2027 में रैंक सुधारने का मौका मिलेगा। मौका तभी मिलेगा जब उम्मीदवार को ट्रेनिंग जॉइन न करने की वन टाइम एक्जेम्शन (एक बार की छूट) मिले।

छूट फाउंडेशन कोर्स तक सीमित

छूट फाउंडेशन कोर्स तक सीमित होगी। यदि उम्मीदवार न ट्रेनिंग जॉइन करता है, और न छूट लेता है, तो सीएसई-2026 और सीएसई-2027 दोनों के आधार पर मिली सेवा अपने आप रद्द हो जाएगी।

नए सेलेक्शन के बाद पुराना सेलेक्शन हो जाएगा कैंसिल

अगर कोई ऐसा उम्मीदवार यूपीएससी सीएसई-2027 में सेलेक्ट होता है, तो वह सीएसई -2026 या सीएसई -2027 के आधार पर अलॉट की गई सेवा को एक्सेप्ट कर सकता है और सीएसई -2027 के लिए निर्धारित ट्रेनिंग में शामिल हो सकता है। इस लेवल पर उसके द्वारा चुनी गई सेवा के अलावा अन्य सेवा का अलॉटमेंट रद्द कर दिया जाएगा। अगर उसे सीएसई -2027 के आधार पर कोई सेवा आवंटित नहीं की जाती है, तो वह सीएसई-2026 के माध्यम से आवंटित सेवा में शामिल हो सकता है।