गया में सरस्वती पूजा के पावन अवसर पर “मगध किड्स गैलेक्सी” का भव्य शुभारंभ

गयाजी: सरस्वती पूजा के पावन अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल के रूप में “मगध किड्स गैलेक्सी” का भव्य एवं गरिमामय शुभारंभ किया गया। यह संस्थान मगध हायर सेकेंडरी स्कूल, गांधीजी नगर, कुजापी, गयाजी की एक इकाई है, जो ब्रह्मा विहार कॉलोनी, कुजापी, गयाजी में स्थित है।

इस अवसर पर संस्थान का उद्घाटन माननीय अध्यक्षा श्रीमती मीना देवी के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ। कार्यक्रम की गरिमा प्रधानाचार्य डॉ. प्रवीण रंजन गांधी की गरिमामयी उपस्थिति से और भी बढ़ गई।

समारोह में काउंसिल ऑफ मगध वीमेन एम्पावरमेंट (COMWE) के अध्यक्ष श्री नवीन रंजन एवं सचिव डॉ. तमकनत मुख्तार, प्रसिद्ध समाजवादी चिंतक सुधीर कुमार, राकेश शर्मा, वैभव चंद्र सिंह (भाजपा नेता), सुरेश प्रसाद निखर, इंद्रपाल कुमार तथा समन्वयक सिस्टर सोनाली अंजली जॉन विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने संस्थान की सराहना करते हुए बाल शिक्षा के क्षेत्र में इस पहल को सराहनीय बताया।

अपने संबोधन में अध्यक्षा श्रीमती मीना देवी ने बाल शिक्षा में संस्कारयुक्त एवं गतिविधि आधारित शिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं प्रधानाचार्य डॉ. प्रवीण रंजन गांधी ने बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु सुरक्षित, आनंददायक एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई। इस शुभ अवसर को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए संस्थान परिसर में नि:शुल्क दंत चिकित्सा शिविर का भी आयोजन किया गया। यह शिविर डॉ. संजय कुमार (बी.डी.एस.), दंत चिकित्सक द्वारा संचालित किया गया, जिसमें बच्चों एवं अभिभावकों की नि:शुल्क दंत जांच एवं साथ मे निःशुल्क दवाइयां भी देकर उन्हें मुख-स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का समापन माँ सरस्वती की वंदना, सौहार्दपूर्ण वातावरण एवं अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता के साथ हुआ, जिससे यह उद्घाटन समारोह अत्यंत सफल एवं स्मरणीय बन गया।

गया में एस.एस. अकैडमी स्कूल में धूमधाम से मनाई गई सरस्वती पूजा, विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई गई

गया: गयाजी जिले के खिजरसराय रोड स्थित मगध इंजीनियरिंग कॉलेज के समीप शांति नगर में अवस्थित एस.एस. अकैडमी स्कूल परिसर में विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जहां भक्तिमय वातावरण बना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां सरस्वती की प्रतिमा की स्थापना से हुई। विद्यालय के शिक्षकों, छात्र-छात्राओं एवं विद्यालय प्रबंधन द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। पूजा के दौरान बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। छात्र-छात्राएं पारंपरिक परिधानों में नजर आए और मां सरस्वती से विद्या, बुद्धि और सद्बुद्धि का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए प्रार्थना की।

इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य ने कहा कि सरस्वती पूजा का उद्देश्य बच्चों में शिक्षा के प्रति लगन, अनुशासन और संस्कार विकसित करना है। उन्होंने बताया कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से छात्रों का सर्वांगीण विकास होता है तथा उन्हें अपनी परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। पूजा कार्यक्रम के उपरांत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने भजन, गीत और नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने बच्चों के प्रदर्शन की सराहना की।

पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में शांति, भक्ति और उल्लास का माहौल बना रहा। अंत में प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने भाग लिया। आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, कर्मचारियों एवं छात्रों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। स्थानीय लोगों ने एस.एस. अकैडमी स्कूल द्वारा आयोजित इस पूजा कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और नई पीढ़ी को सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं।

गया के वृद्धाश्रम ‘सहारा’ में वूमेन विंग्स फाउंडेशन द्वारा दही-चूड़ा का आयोजन, वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्ग पुरुषों-महिलाओं ने कहानियां साझा की

गया जिले के गया–फतेहपुर रोड स्थित बीएसएफ कैंप के समीप हनुमान नगर में संचालित वृद्धाश्रम सहारा में रविवार को सेवा, सम्मान और सामाजिक सौहार्द का भावपूर्ण दृश्य देखने को मिला। महिला सामाजिक संस्था वूमेन विंग्स फाउंडेशन की ओर से वृद्धजनों के सम्मान में दही-चूड़ा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों के बीच बिस्कुट का वितरण किया गया तथा उन्हें आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत वृद्धजनों से आत्मीय मुलाकात और उनके हालचाल जानने के साथ हुई। संस्था की अध्यक्ष ममता सिंहा, निदेशक रेखा अग्रवाल सहित वूमेन विंग्स फाउंडेशन की दर्जनों सदस्याओं ने स्वयं अपने हाथों से बुजुर्गों को दही-चूड़ा खिलाया। इस दौरान वृद्धाश्रम का माहौल भावनात्मक, अपनत्व और संवेदनाओं से भरा रहा। बुजुर्गों ने संस्था की इस पहल को अपने लिए बेहद खास बताते हुए आभार व्यक्त किया। कई वृद्धजनों की आंखों में खुशी और संतोष साफ झलक रहा था।

वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्ग पुरुषों और महिलाओं ने अपने जीवन की संघर्षपूर्ण कहानियां साझा कीं, जिन्हें सुनकर संस्था की सदस्यों की आंखें नम हो गईं। वूमेन विंग्स फाउंडेशन की सदस्यों ने कहा कि समाज के बुजुर्ग हमारी अमूल्य धरोहर हैं और उनकी सेवा करना हम सभी का नैतिक दायित्व है। उन्होंने बताया कि संस्था का उद्देश्य केवल एक-दिवसीय कार्यक्रम करना नहीं है, बल्कि निरंतर जरूरतमंदों के साथ खड़े रहना है।

संस्था की ओर से यह भी कहा गया कि भविष्य में वृद्धजनों के स्वास्थ्य, वस्त्र, भोजन और अन्य आवश्यक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए और भी सहयोगात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वृद्धाश्रम सहारा में समय-समय पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाती रहेगी। इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और लोगों में सेवा, सहयोग और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करते हैं।

वृद्धाश्रम प्रबंधन ने वूमेन विंग्स फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सामाजिक संगठन बुजुर्गों के जीवन में नई ऊर्जा, आशा और आत्मविश्वास का संचार करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी तरह का सहयोग मिलता रहेगा। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि यदि समाज के विभिन्न वर्ग एकजुट होकर आगे आएं, तो बुजुर्गों को सम्मान, स्नेह और सुरक्षित जीवन प्रदान किया जा सकता है। वूमेन विंग्स फाउंडेशन का यह प्रयास निस्संदेह समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।

गया के वृद्धाश्रम ‘सहारा’ में वूमेन विंग्स फाउंडेशन द्वारा दही-चूड़ा का आयोजन, वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्ग पुरुषों-महिलाओं ने कहानियां साझा की
गया। गया जिले के गया–फतेहपुर रोड स्थित बीएसएफ कैंप के समीप हनुमान नगर में संचालित वृद्धाश्रम सहारा में रविवार को सेवा, सम्मान और सामाजिक सौहार्द का भावपूर्ण दृश्य देखने को मिला। महिला सामाजिक संस्था वूमेन विंग्स फाउंडेशन की ओर से वृद्धजनों के सम्मान में दही-चूड़ा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों के बीच बिस्कुट का वितरण किया गया तथा उन्हें आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत वृद्धजनों से आत्मीय मुलाकात और उनके हालचाल जानने के साथ हुई। संस्था की अध्यक्ष ममता सिंहा, निदेशक रेखा अग्रवाल सहित वूमेन विंग्स फाउंडेशन की दर्जनों सदस्याओं ने स्वयं अपने हाथों से बुजुर्गों को दही-चूड़ा खिलाया। इस दौरान वृद्धाश्रम का माहौल भावनात्मक, अपनत्व और संवेदनाओं से भरा रहा। बुजुर्गों ने संस्था की इस पहल को अपने लिए बेहद खास बताते हुए आभार व्यक्त किया। कई वृद्धजनों की आंखों में खुशी और संतोष साफ झलक रहा था। वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्ग पुरुषों और महिलाओं ने अपने जीवन की संघर्षपूर्ण कहानियां साझा कीं, जिन्हें सुनकर संस्था की सदस्यों की आंखें नम हो गईं। वूमेन विंग्स फाउंडेशन की सदस्यों ने कहा कि समाज के बुजुर्ग हमारी अमूल्य धरोहर हैं और उनकी सेवा करना हम सभी का नैतिक दायित्व है। उन्होंने बताया कि संस्था का उद्देश्य केवल एक-दिवसीय कार्यक्रम करना नहीं है, बल्कि निरंतर जरूरतमंदों के साथ खड़े रहना है। संस्था की ओर से यह भी कहा गया कि भविष्य में वृद्धजनों के स्वास्थ्य, वस्त्र, भोजन और अन्य आवश्यक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए और भी सहयोगात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वृद्धाश्रम सहारा में समय-समय पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाती रहेगी। इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और लोगों में सेवा, सहयोग और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करते हैं। वृद्धाश्रम प्रबंधन ने वूमेन विंग्स फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सामाजिक संगठन बुजुर्गों के जीवन में नई ऊर्जा, आशा और आत्मविश्वास का संचार करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी तरह का सहयोग मिलता रहेगा। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि यदि समाज के विभिन्न वर्ग एकजुट होकर आगे आएं, तो बुजुर्गों को सम्मान, स्नेह और सुरक्षित जीवन प्रदान किया जा सकता है। वूमेन विंग्स फाउंडेशन का यह प्रयास निस्संदेह समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।