आवारा कुत्ता मामला: डॉग लवर्स पर बरसा सुप्रीम कोर्ट, पूछा- इंसानों पर हमले का जवाबदार कौन

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आवारा कुत्तों के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में आज यानी मंगलवार को सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान आवारा कुत्तों के हमलों से जुड़े एक मामले में तीखी टिप्पणी की है। कोर्ट ने सवाल किया कि जब सड़कों पर आवारा कुत्तों के हमले से बच्चे और बुजुर्ग नागरिक मारे जाते हैं या घायल होते हैं, तो इसके लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए?

सुप्रीम कोर्ट में रिहायशी इलाकों में आवारा कुत्तों के आतंक पर संकेत दिया कि वह आवारा कुत्तों के हमलों से होने वाली किसी भी चोट या मौत के लिए नागरिक अधिकारियों और कुत्ते पालने वालों दोनों को उत्तरदायी ठहरा सकता है।

आवारा कुत्तों को अपने घरों में ले जाएं

शीर्ष अदालत ने टिप्पणी की है कि जो लोग आवारा कुत्तों को लेकर चिंतित हैं, उन्हें अपने घरों में ले जाना चाहिए, बजाय इसके कि उन्हें 'इधर-उधर घूमने, काटने और जनता को डराने' दिया जाए। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में पूछा कि क्या भावनाएं सिर्फ कुत्तों के लिए ही दिखती हैं, जबकि इंसानों पर हमलों की घटनाओं में अक्सर वैसी ही तेजी देखने को नहीं मिलती।

बाइट मामलों में मुआवजे की जिम्मेदारी तय की जा सकती है

कोर्ट ने कहा कि हम यह कहने जा रहे हैं कि कुत्ते के काटने से होने वाली मौतों और चोटों के मामलों में राज्य को भारी मुआवजा देना होगा। कुत्ते पालने वालों और उनका प्रतिनिधित्व करने वाले संगठनों पर भी जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की जाएगी।

भ्रष्टाचार विरोधी कानून पर सुप्रीम कोर्ट का बंटा हुआ फैसला, जानें अब क्या होगा?

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भ्रष्टाचार रोधी कानून के 2018 के प्रावधान की वैधता पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को खंडित आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बेंच ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए की संवैधानिक वैधता पर विभाजित फैसला सुनाया, जिसके तहत किसी लोक सेवक के खिलाफ जांच शुरू करने से पहले सरकार की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य है।

जस्टिस बीवी नागरत्ना ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस केवी विश्वनाथ की बेंच ने अलग-अलग फैसला सुनाया। जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा कि भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम की धारा 17ए असंवैधानिक है, जिसे निरस्त करने की जरूरत है। जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि पूर्वानुमति की आवश्यकता भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विरुद्ध है; इससे जांच में रुकावट आती है और भ्रष्टाचारियों को बचने का मौका मिल जाता है।

जस्टिस विश्वनाथन का क्या फैसला?

जबकि न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन ने भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम की धारा 17ए को संवैधानिक करार देते हुए ईमानदार अधिकारियों को बचाने की जरूरत रेखांकित की।जस्टिस विश्वनाथन ने इस प्रावधान को इस शर्त के साथ बरकरार रखा कि पूर्व स्वीकृति देने का निर्णय कार्यपालिका से स्वायत्त किसी संस्था द्वारा लिया जाना चाहिए, जैसे कि लोकपाल या लोकायुक्त (राज्य सरकार के कर्मचारी के मामले में) इस प्रावधान की सुरक्षा से ईमानदार अधिकारियों को मजबूती मिलेगी और साथ ही यह भी सुनिश्चित होगा कि भ्रष्ट अधिकारियों को दंडित किया जाए। इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि प्रशासनिक तंत्र राष्ट्र की सेवा के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को आकर्षित करे।

अब सीजेआई के समक्ष जाएगा यह मामला

अब यह मामला भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत के समक्ष रखा जाएगा, ताकि इसे सुनवाई के लिए एक वृहद पीठ के सामने रखा जा सके और अंतिम निर्णय लिया जा सके। साल 2018 में पेश की गई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17ए के तहत सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना किसी लोकसेवक पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। उच्चतम न्यायालय ने एनजीओ ‘सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन’ (सीपीआईएल) की जनहित याचिका (पीआईएल) पर यह निर्णय सुनाया है, जिसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संशोधित धारा 17ए की वैधता को चुनौती दी गई थी।

ट्रंप ने ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर लगाया 25% टैरिफ, जानें भारत पर क्या होगा असर?

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। ट्रंप ने साफ कहा है कि जो भी देश ईरान से कारोबार करेगा, उस पर अमेरिका टैरिफ बढ़ाएगा। इस कदम को ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

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डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर कहा, 'ईरान के साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश को तत्काल प्रभाव से अमेरिका के साथ किए जाने वाले सभी प्रकार के व्यापार पर 25 प्रतिशत का टैरिफ देना होगा।'

भारत और चीन होंगे प्रभावित

ट्रंप के इस फैसले का असर दुनिया के कई देशों पर पड़ सकता है, जिनमें भारत और चीन भी शामिल हैं। भारत पर अमेरिका ने पहले ही 50 फीसदी टैरिफ लगाया है। नया टैरिफ भारत-अमेरिका के संबंधों में तनाव बढ़ा सकता है।

भारत पर क्या पड़ेगा असर?

भारत ईरान का बड़ा व्यापारिक साझेदार है। इसलिए इस टैरिफ का सीधा असर हमारे देश पर पड़ सकता है। पहले से ही भारत पर अमेरिकी टैरिफ 50 फीसदी (बेसिक 25 फीसदी और रूसी तेल के लिए 25 फीसदी) है। अब अगर ट्रंप का यह 25 फीसदी ईरान वाला टैरिफ विशेष तौर पर भारत के साथ भी लगाया जाता है तो यह टैरिफ 75 फीसदी हो सकता है।

भारत-ईरान के बीच 1.68 अरब डॉलर का व्यापार

ईरान में भारतीय दूतावास के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024 25 में भारत ने ईरान को 1.24 अरब डॉलर का सामान निर्यात किया, जबकि ईरान से 0.44 अरब डॉलर का आयात किया। इस तरह दोनों देशों के बीच कुल व्यापार 1.68 अरब डॉलर (करीब 14,000 से 15,000 करोड़ रुपये) रहा।

किन सामानों का सबसे ज्यादा कारोबार

ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के ईरान को निर्यात में सबसे बड़ा हिस्सा ऑर्गेनिक केमिकल्स का रहा, जिसकी कीमत 512.92 मिलियन डॉलर थी। इसके बाद खाने योग्य फल, मेवे, खट्टे फलों के छिलके और खरबूजे करीब 311.60 मिलियन डॉलर के रहे। वहीं मिनरल फ्यूल, तेल और डिस्टिलेशन से जुड़े उत्पादों का कारोबार 86.48 मिलियन डॉलर का रहा।

टैरिफ टेंशन के बीच ट्रंप आने वाले हैं भारत, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने किया खुलासा

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भारत और अमेरिका के रिश्‍ते इन दिनों सामान्य नहीं है। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप भारत पर 500 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी दे चुके हैं। इस बीच भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने पदभार संभालने के बाद बड़ा बयान दिया है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने दोनों देशों के बीच संबंध सुधरने के संकेत दे हैं। उन्होंने कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी की दोस्ती बहुत सच्ची और मजबूत है।

अमेरिका और भारत सिर्फ फायदे के लिए नहीं- सर्जियो गोर

भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने कहा है, 'वे राष्ट्रपति ट्रंप के साथ दुनिया घूमे हैं और वे इस बात की गवाही दे सकते हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी की दोस्ती बहुत सच्ची और मजबूत है। अमेरिका और भारत सिर्फ फायदे के लिए नहीं, बल्कि ऊंचे स्तर पर बने रिश्तों से जुड़े हैं। असली दोस्त असहमत हो सकते हैं, लेकिन आखिर में वे अपने मतभेद सुलझा लेते हैं।'

ट्रंप के भारत दौरे को लेकर क्या बोले गोर?

सर्जियो गोर ने आगे कहा, 'राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत की अपनी पिछली यात्रा का जिक्र किया था और भारत के महान प्रधानमंत्री के साथ अपनी गहरी दोस्ती के बारे में भी बताया था। मुझे उम्मीद है कि राष्ट्रपति जल्द ही हमसे मिलने आएंगे, शायद अगले एक या दो साल में।' राजदूत गोर ने एक मजेदार बात भी कही।

राष्ट्रपति मुर्मू को अपना परिचय पत्र सौंपेंगे

अमेरिकी राजदूत ने 2013 में अपनी भारत यात्रा को याद किया। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा वापस आना चाहता था। वापस आने का यह कितना शानदार तरीका है। सर्जियो गोर ने बुधवार को भारतीय राष्ट्रपति मुर्मू को अपना परिचय पत्र सौंपेंगे।

ट्रेड डील पर दिया अपडेट

भारत में अमेरिकी राजदूत का पद संभालने के बाद सर्जियो गोर ने कहा, 'आप में से कई लोगों ने मुझसे चल रही ट्रेड डील बातचीत के बारे में अपडेट मांगा है। दोनों पक्ष सक्रिय रूप से बातचीत कर रहे हैं। दरअसल, ट्रेड को लेकर अगली बातचीत कल होगी। भारत दुनिया का सबसे बड़ा देश है इसलिए इसे फाइनल स्टेज तक पहुंचाना आसान काम नहीं है लेकिन हम इसे पूरा करने के लिए पक्के इरादे से काम कर रहे हैं और हालांकि ट्रेड हमारे रिश्तों के लिए बहुत जरूरी है, हम सुरक्षा, काउंटर-टेररिज्म, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे दूसरे बहुत जरूरी क्षेत्रों में भी मिलकर काम करते रहेंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद को वेनेजुएला का “एक्टिंग प्रेसिडेंट”, क्यूबा पर भी खास पोस्ट

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में सनसनी मचा दी है। ट्रंप ने पहले वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई कर वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करवाया, अब खुद को वेनेजुएला का कार्यकारी राष्ट्रपति तक घोषित कर डाला है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई कर और उसके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर पूरी दुनिया में भूचाल ला गया था। वहीं अब वेनेजुएला से जुड़ा एक पोस्ट कर नई सनसनी फैला दी है। अपने ट्रूथ सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट कर ट्रंप ने खुद को वेनेजुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित किया है।

विकिपीडिया पर एडिट की हुई इमेज पोस्ट

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पोस्ट करते हुए डिजिटल रूप से बदली हुई तस्वीर शेयर किया है। ट्रुथ सोशल पर प्लेटफॉर्म पर डोनाल्ड ट्रंप ने विकिपीडिया के ऑफिशियल पेज के साथ यह एडिट की हुई इमेज पोस्ट की है, जिसमें उनका ऑफिशियल पोर्ट्रेट इस्तेमाल किया गया है। इसके नीचे "वेनेजुएला के एक्टिंग प्रेसिडेंट" लिखा हुआ है।

अमेरिका से वेनेजुएला सरकार का 'संचालन'

तस्वीर में डोनाल्ड ट्रंप को जनवरी 2026 तक वेनेजुएला के वर्तमान राष्ट्रपति के रूप में दर्शाया गया। बता दें कि वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद ट्रंप ने यह भी दावा किया कि है जब तक सुरक्षित, उचित और विवेकपूर्ण सत्ता हस्तांतरण सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक अमेरिका वेनेजुएला सरकार का 'संचालन' करेगा।

क्यूबा को लेकर चौंकाने वाला दावा

इसी बीच ट्रंप ने एक और चौंकाने वाला कदम उठाया। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट रीशेयर की, जिसमें अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो को क्यूबा का अगला राष्ट्रपति बताया गया था। ट्रंप ने एक पोस्ट शेयर किया जिसमें ऐसे दावे किए गए थे और कैप्शन में लिखा था, "मुझे यह अच्छा लग रहा है।"

इससे पहले एक सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला से क्यूबा को अब और तेल या पैसा नहीं जाएगा और दोनों देशों के बीच दूरी बनाए रखने में यूनाइटेड स्टेट्स की सेना शामिल होगी। ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला को अब उन गुंडों और जबरन वसूली करने वालों से सुरक्षा की जरूरत नहीं है जिन्होंने उन्हें इतने सालों तक बंधक बनाकर रखा था। वेनेजुएला के पास अब यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका है, जो दुनिया की सबसे पावरफुल सेना है और हम उनकी रक्षा करेंगे।

हिंदू धर्म और हिंदुत्व पर ऐसा क्या बोले मणिशंकर अय्यर ? भड़की भाजपी का कांग्रेस पर हमला

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हिंदू धर्म और हिंदुत्व को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने रविवार को एक सार्वजनिक चर्चा के दौरान हिंदुत्व पर तीखी टिप्पणी करते हुए इसे ‘उन्माद की स्थिति में पहुंचा हुआ हिंदू धर्म’ करार दिया। इस बयान पर सत्ताधारी बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

हिंदुत्व एक राजनीतिक विचारधारा- अय्यर

कोलकाता डिबेटिंग सर्कल में 'हिंदुत्व से हिंदू धर्म को बचाना चाहिए' विषय पर बहस हुई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अय्यर ने हिंदू धर्म और हिंदुत्व के बीच स्पष्ट अंतर बताते हुए कहा कि हिंदू धर्म एक आध्यात्मिक और दार्शनिक परंपरा है, जबकि हिंदुत्व एक राजनीतिक विचारधारा के रूप में सामने आया है।

हिंदू धर्म को संरक्षण की आवश्यकता नहीं

अय्यर ने दावा किया कि हिंदुत्व 1023 में अस्तित्व में आया। जबकि हिंदुत्व से पहले हजारों वर्षों तक हिंदू धर्म ने तमान संघर्षों और कठिनाइयों का सामना किया। फिर भी यह फलता-फूलता रहा। उसे हिंदुत्व के संरक्षण की आवश्यकता नहीं थी।

हिंदुत्व बहुसंख्यक हिंदुओं को डराता है-अय्यर

इस दौरान अय्यर ने कहा कि हिंदुत्व बहुसंख्यक हिंदुओं के भीतर डर का माहौल पैदा करता है। कि बीजेपी का कोई नेता एक अंधे, भूखे आदिवासी लड़की को इसलिए थप्पड़ मारे क्योंकि वह चर्च में क्रिसमस लंच में शामिल हुई थी। अय्यर ने यह भी कहा कि हिंदुत्व 80% हिंदुओं को 14% मुसलमानों से डरने को कहता है।

ईरान में खामेनेई विरोधी आंदोलन के बीच भारतीय गिरफ्तार? जानें पूरा मामला

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ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शन तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर गए हैं। प्रदर्शनों में हिंसा और मौतों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी का कहना है कि ईरान में देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 538 हो गई है। मारे गए लोगों में 490 प्रदर्शनकारी और 48 सुरक्षा बलों के सदस्य हैं। देशभर में अभी तक 10,670 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

छह भारतीयों को गिरफ्तारी का दावा

इस बीच सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है। इसमें दावा किया गया कि ईरान की पुलिस ने कई भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। तेहरान सहित देशभर में फैले आंदोलन के बीच दावा किया गया था कि ईरानी पुलिस ने छह भारतीयों को गिरफ्तार किया है। पोस्ट में दावा किया गया कि ईरानी पुलिस ने 10 अफगान और 6 भारतीय नागरिकों सहित कुछ ईरानी सहयोगियों को गिरफ्तार किया है।

ईरान ने दावों को किया खारिज

हालांकि ईरान ने इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। भारत में ईरानी राजदूत ने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। साथ ही ईरानी राजदूत ने लोगों से जानकारी के लिए विश्वसनीय स्रोतों पर भरोसा करने की अपील की है। एक्‍स पोस्‍ट में ईरानी राजदूत मोहम्मद फथली ने कहा, 'कुछ विदेशी X खातों पर ईरान के घटनाक्रमों के बारे में जारी खबरें पूरी तरह से झूठी हैं। मैं सभी इच्छुक लोगों से अनुरोध करता हूं कि वे विश्वसनीय स्रोतों से ही खबरें हासिल करें।

ईरानी सरकार ने नहीं बताई हताहतों की कुल संख्या

पूरे ईरान में तनाव की स्थिति बनी हुई है। प्रदर्शन के मद्देनजर इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद कर दी गई हैं। इंटरनेट बंद होने और फोन लाइनें कटी होने के कारण प्रदर्शनों के जमीन पर असर और हिंसा में नुकसान अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है। ईरानी सरकार ने प्रदर्शनों में हताहतों की कुल संख्या नहीं बताई है। ऐसे में अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।

अयोध्या के श्रीराम मंदिर परिसर में नमाज पढ़ रहा था कश्मीरी शख्स, पुलिस ने हिरासत में लिया

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अयोध्या के राम मंदिर परिसर में एक शख्स को नमाज पढ़ने की कोशिश में हिरासत में लिया गया है। हिरासत में लिया गया आरोपी कश्मीर का है। यह शख्स राम मंदिर परिसर में नमाज पढ़ने का प्रयास कर रहा था। नमाज पढ़ने से रोके जाने के बाद वो संप्रदाय विशेष के नारे लगाने लगा। जिसके बाद मौके पर मौजूद सुरक्षाबलों ने उसे हिरासत में ले लिया।

राम मंदिर परिषद के दक्षिणी परकोटे पर कश्मीरी शख्स नमाज पढ़ रहा था। तभी कुछ लोगों की नजर पड़ गई। फिर बवाल होने पर सुरक्षा बलों ने हिरासत में ले लिया। पकड़े गए युवक से खुफिया एजेंसी, पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक डिटेन किया गया शख्स शोपियां का रहने वाला है और उसका नाम अबू अहमद शेख है। हालांकि, इस बारे में जिला प्रशासन कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर रहा है। वहीं, राम मंदिर ट्रस्ट ने भी मौन साधा हुआ है।

क्या है रोमियो-जुलिएट क्लॉज ? यौन अपराध के मामलों में इसकी जरूरत पर सुप्रीम कोर्ट का खास निर्देश

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बच्चों के यौन उत्पीड़न से संबंधित पोक्सो कानून के दुरुपयोग पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने पॉक्‍सो एक्‍ट के गलत इस्‍तेमाल को रोकने के लिए गंभीरता से कदम उठाने के निर्देश दिये हैं। साथ ही इसमें 'रोमियो-जूलियट' धारा जोड़ने का भी निर्देश दिया है, ताकि नाबालिगों को प्‍यार करने पर कठघरे में न खड़ा किया जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश उत्‍तर प्रदेश से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान दिया। सुप्रीम कोर्ट की बेंच में जस्टिस संजय कारोल और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह शामिल थे। बेंच ने कहा कि बार-बार यह देखा गया है कि इन कानूनों का गलत इस्तेमाल हो रहा है। इसलिए, इस फैसले की एक कॉपी भारत सरकार के कानून सचिव को भेजी जाए। कोर्ट ने सुझाव दिया कि इस समस्या को खत्म करने के लिए कदम उठाए जाएं। इसमें 'रोमियो-जूलियट क्लॉज' लाना भी शामिल है, जो असली किशोर प्रेम संबंधों को इस कानून के शिकंजे से बचाएगा। साथ ही, एक ऐसा तरीका भी बनाया जाए जिससे उन लोगों पर मुकदमा चलाया जा सके जो बदले की भावना से इन कानूनों का इस्तेमाल करते हैं।

रोमियो-जूलियट क्लॉज क्या है?

रोमियो-जूलियट क्लॉज मूल रूप से ऐसा कानूनी प्रावधान है जो आपसी सहमति से बने किशोर या युवा प्रेम संबंधों को गंभीर अपराध की श्रेणी से बाहर रखने का प्रयास करता है। बशर्ते दोनों पक्षों की उम्र में अंतर बहुत अधिक न हो। संबंध में जबरदस्ती, शोषण, हिंसा या धोखाधड़ी न हो। संबंध पूरी तरह सहमति पर आधारित हो। इसका नाम प्रसिद्ध साहित्यिक पात्र रोमियो और जूलियट से लिया गया है, जो युवा प्रेम का प्रतीक माने जाते हैं। कई देशों में इस प्रकार का प्रावधान पहले से मौजूद है ताकि कम उम्र के प्रेम संबंधों को बलात्कार या गंभीर यौन अपराधों के समान न माना जाए।

क्या है मामला?

यह मामला उत्तर प्रदेश सरकार की एक याचिका से जुड़ा है। सरकार ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें एक आरोपी को जमानत दी गई थी। यह मामला एक नाबालिग लड़की से जुड़े यौन उत्पीड़न का था। जमानत देते समय हाई कोर्ट ने कई निर्देश दिए थे, जिनमें यह भी शामिल था कि पोस्को एक्ट के हर मामले में पुलिस शुरुआत में ही पीड़ित की उम्र का मेडिकल टेस्ट कराए। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के इस फैसले को रद्द कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने जमानत देने वाले हिस्से को 'अपरिवर्तित' रखा, यानी जमानत बरकरार रखी।

डोनाल्ड ट्रंप को हर हाल में क्यों चाहिए ग्रीनलैंड?

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जा करना चाहते हैं। वह अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान कई बार डेनमार्क के नियंत्रण वाले इस द्वीप पर कब्जे की धमकी दे चुके हैं। वेनेजुएला में डोनाल्ड ट्रंप खेल कर चुके हैं। निकोलस मादुरो को उठवाकर अमेरिका वेनेजुएला के तेल भंडार पर अपना कब्जा जमा चुका है। अब अमेरिका की नजर ग्रीनलैंड पर है।

रूस या चीन को अपना पड़ोसी नहीं बनने देंगे-ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार देर रात फिर ग्रीनलैंड पर कार्रवाई की बात कही। उन्होंने कहा कि अमेरिका को 'कुछ करना ही होगा', वरना रूस और चीन इस आर्कटिक क्षेत्र पर कब्जा कर लेंगे। ट्रंप ने साफ कहा, 'हम रूस या चीन को अपना पड़ोसी नहीं बनने देंगे।'

डेनमार्क के दावे पर उठाया सवाल

तेल और गैस कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान ट्रंप ने डेनमार्क के दावे पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, '500 साल पहले वहां नाव उतारने से जमीन की मालिकाना हक नहीं मिलता। हमने भी कई नावें भेजी थीं। लेकिन हमें यह जमीन चाहिए क्योंकि ग्रीनलैंड के आसपास आज रूसी और चीनी जहाज और पनडुब्बियां मौजूद हैं।'

ट्रंप को किस बात का सता रहा डर

डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने समय रहते कार्रवाई नहीं की, तो चीन या रूस वहां अपनी मजबूत मौजूदगी बना सकते हैं, जो अमेरिकी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा होगा। रिपोर्टरों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड की भौगोलिक स्थिति अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद अहम है। मौजूदा सैन्य समझौते अमेरिका के लिए पर्याप्त नहीं हैं।