नए साल पर योगी सरकार का बड़ा तोहफा

* अब घर-दुकान का नक्शा होगा मिनटों में पास, दफ्तरों के चक्कर खत्म


लखनऊ। नए साल की शुरुआत के साथ योगी सरकार ने प्रदेशवासियों को बड़ी राहत दी है। अब मकान या दुकान का नक्शा पास कराने के लिए लोगों को विकास प्राधिकरण और सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार ने नए सॉफ्टवेयर के जरिए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और सरल बना दिया है।

नए सिस्टम के तहत भूखण्ड स्वामी खुद अपने मकान या दुकान का नक्शा ऑनलाइन आवेदन करके स्वीकृत कर सकेंगे। आवेदन करने के कुछ ही मिनटों में नक्शा पास होने की सुविधा दी गई है। यह व्यवस्था नए बिल्डिंग बायलॉज के अंतर्गत लागू की गई है।

सरकार ने इसे फास्ट ट्रैक सिस्टम नाम देते हुए  ‘फास्टपास’  लागू किया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और समय की बचत होगी। अधिकारियों के अनुसार, इस नई व्यवस्था से आम नागरिकों को राहत मिलेगी, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और भवन निर्माण प्रक्रिया तेज होगी।

नए सॉफ्टवेयर और नियमों के लागू होने से प्रदेश में भवन निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाएं अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और डिजिटल हो गई हैं।

साइबर ठगी के खिलाफ यूपी पुलिस की बड़ी पहल,नाना पाटेकर अभिनीत जागरूकता लघु फिल्म तैयार
लखनऊ। साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और आमजन को डिजिटल ठगी से बचाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक विशेष जागरूकता लघु फिल्म का निर्माण किया है। इस फिल्म में प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हैं। यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साइबर अपराध रोकथाम संबंधी निर्देशों के क्रम में की गई है।
एक लाख लोगों को साइबर अपराध के प्रति किया जागरूक
पुलिस महानिदेशक यूपी राजीव कृष्ण ने साइबर अपराध की रोकथाम और जन-जागरूकता को अपनी शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल किया है। उनके मार्गदर्शन में प्रदेशभर में साइबर सुरक्षा को लेकर निरंतर अभियान चलाए जा रहे हैं। डीजीपी स्वयं 11 परिक्षेत्र स्तरीय साइबर जागरूकता कार्यशालाओं में ऑनलाइन शामिल होकर 25 से अधिक जनपदों के एक लाख से ज्यादा लोगों को साइबर अपराध के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दे चुके हैं।
फिल्म हाल ही में कानपुर में सामने आई एक सच्ची घटना पर आधारित
इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा तैयार यह लघु फिल्म हाल ही में कानपुर में सामने आई एक सच्ची घटना पर आधारित है, जहां एक सतर्क नागरिक ने “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर की जा रही साइबर ठगी की कोशिश को अपनी सूझबूझ से नाकाम कर दिया था।फिल्म में नाना पाटेकर ने जागरूक नागरिक की भूमिका निभाई है, जबकि उनकी पत्नी के किरदार में अभिनेत्री लीना शर्मा नजर आई हैं। साइबर ठग बने फर्जी इंस्पेक्टर की भूमिका अभिनेता किशोर सोनी ने निभाई है, वहीं असली पुलिस अधिकारी के रूप में अभिनेता आदिल ईरानी दिखाई देते हैं।
“डिजिटल अरेस्ट” नाम की कोई वैधानिक प्रक्रिया नहीं होती
इस फिल्म का निर्देशन मशहूर निर्देशक राज शांडिल्य ने किया है, जो ड्रीम गर्ल और ड्रीम गर्ल-2 जैसी सफल फिल्मों के लिए जाने जाते हैं।लघु फिल्म के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि “डिजिटल अरेस्ट” नाम की कोई वैधानिक प्रक्रिया नहीं होती और किसी भी प्रकार की धमकी भरी कॉल, वीडियो कॉल या ऑनलाइन पैसों की मांग साइबर ठगी का संकेत हो सकती है।उत्तर प्रदेश पुलिस की यह पहल नागरिकों को सतर्क, जागरूक और डिजिटल रूप से सुरक्षित बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है। यह साइबर जागरूकता लघु फिल्म उत्तर प्रदेश पुलिस के सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित की जा रही है।
नए साल में यूपी प्रशासनिक महकमे में बदलाव की सुगबुगाहट तेज

*प्रमोशन के बाद IAS–IPS अधिकारियों के व्यापक तबादलों की तैयारी, प्रदर्शन के आधार पर मिलेगी नई जिम्मेदारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नए साल की शुरुआत के साथ ही प्रशासनिक महकमे में बड़े बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। दिसंबर माह में प्रमोशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य सरकार IAS और IPS अधिकारियों के व्यापक तबादलों की तैयारी कर रही है। प्रमोशन के बाद रैंक और स्केल में बदलाव होने से अधिकारियों की तैनाती में फेरबदल होना तय माना जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक कई जिलों के पुलिस कप्तानों के साथ-साथ रेंज और जोन स्तर पर भी जिम्मेदारियां बदली जा सकती हैं। पुलिस विभाग के अलावा IAS अधिकारियों के तबादलों की भी तैयारी चल रही है। प्रमोशन और वार्षिक मूल्यांकन के बाद जिलाधिकारी, मंडलायुक्त और सचिव स्तर के कई अधिकारियों को नई तैनाती मिल सकती है।

बताया जा रहा है कि शासन विकास योजनाओं की प्रगति, कानून-व्यवस्था की स्थिति और आगामी प्रशासनिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए यह फेरबदल करेगा। इस बार तबादलों में केवल रूटीन प्रक्रिया नहीं अपनाई जाएगी, बल्कि कार्य प्रदर्शन, क्षेत्रीय अनुभव और प्रशासनिक संतुलन को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकारी सूत्रों का कहना है कि जिन अधिकारियों ने अपने वर्तमान पद पर बेहतर परिणाम दिए हैं, उन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपे जाने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश में बिजली कनेक्शन लेना हुआ बेहद आसान, स्मार्ट मीटर और शुल्क में बड़ी राहत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। अब नया बिजली कनेक्शन लेना न सिर्फ आसान होगा, बल्कि पहले की तुलना में काफी सस्ता भी पड़ेगा। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने नई कॉस्ट डाटा बुक-2025 जारी कर दी है, जिसके तहत स्मार्ट प्रीपेड मीटर की कीमतों में भारी कटौती की गई है और कनेक्शन प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है।

नई व्यवस्था के तहत सिंगल फेज स्मार्ट प्रीपेड मीटर की कीमत 6016 रुपये से घटाकर मात्र 2800 रुपये कर दी गई है। वहीं, थ्री फेज स्मार्ट प्रीपेड मीटर अब 11342 रुपये की जगह सिर्फ 4100 रुपये में उपलब्ध होगा। इसके साथ ही आयोग ने उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए नए बिजली कनेक्शन के लिए एस्टीमेट बनाने की पुरानी व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया है।अब 300 मीटर तक की दूरी और 150 किलोवाट तक के लोड (निजी नलकूप को छोड़कर) पर फिक्स शुल्क के आधार पर कनेक्शन मिलेगा। यानी खंभा, तार और ट्रांसफार्मर के नाम पर अलग-अलग रकम वसूलने की प्रक्रिया खत्म हो गई है।

नई दरों के अनुसार यदि कोई उपभोक्ता 2 किलोवाट का कनेक्शन 100 मीटर दूरी तक लेता है, तो उसे 5500 रुपये एकमुश्त जमा करने होंगे। वहीं 300 मीटर दूरी के लिए यह शुल्क 7555 रुपये तय किया गया है। पहले इसी कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं से 10 से 20 हजार रुपये तक वसूले जाते थे। विद्युत नियामक आयोग के सचिव सुमित अग्रवाल ने बताया कि बिजली कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि 12 जनवरी 2026 तक सॉफ्टवेयर में आवश्यक बदलाव कर नई दरों को लागू किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं से अतिरिक्त वसूली न हो।

पहले से मीटर लगवा चुके उपभोक्ताओं को भी राहत

आयोग ने यह भी संकेत दिए हैं कि जिन उपभोक्ताओं ने 9 सितंबर 2025 के बाद स्मार्ट प्रीपेड मीटर के लिए पुरानी दरों पर भुगतान किया है, उन्हें धनवापसी या समायोजन का विकल्प दिया जा सकता है।

बीपीएल उपभोक्ताओं के लिए विशेष छूट

नई कॉस्ट डाटा बुक में गरीब और बीपीएल उपभोक्ताओं को खास राहत दी गई है। उनके लिए प्रोसेसिंग फीस और सुरक्षा जमा राशि पूरी तरह माफ कर दी गई है। 100 मीटर दूरी तक केवल 500 रुपये जमा कर कनेक्शन दिया जाएगा, जबकि शेष राशि 12 महीनों में 45 रुपये की मासिक किस्तों में बिजली बिल के साथ वसूली जाएगी।

बीपीएल उपभोक्ताओं को सिंगल फेज मीटर की कीमत भी किस्तों में जमा करने की सुविधा मिलेगी। आवेदन के समय 1000 रुपये देने के बाद कनेक्शन जारी कर दिया जाएगा और बाकी रकम 24 मासिक किस्तों में जमा की जा सकेगी।

नई कॉलोनियों और बहुमंजिला इमारतों को भी राहत

नई व्यवस्था के तहत अविकसित और गैर-विद्युतीकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों से अब केवल मीटरिंग शुल्क लिया जाएगा। बुनियादी ढांचे के नाम पर अलग से कोई शुल्क नहीं देना होगा। बहुमंजिला भवनों में मल्टी-पॉइंट कनेक्शन के लिए भी यही नियम लागू होगा।

इसके अलावा, 11 केवी वोल्टेज पर जारी होने वाले लोड की सीमा को 3 एमवीए से बढ़ाकर 4 एमवीए कर दिया गया है। एडवांस्ड मीटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (AMI) से जुड़ी लागत भी नए उपभोक्ताओं से नहीं ली जाएगी, क्योंकि इसका खर्च आरडीएसएस योजना के तहत पहले से तय है।

दो साल तक लागू रहेगी नई कॉस्ट डाटा बुक

उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी की गई कॉस्ट डाटा बुक-2025 अगले दो वर्षों तक प्रभावी रहेगी। इसमें प्रोसेसिंग शुल्क, सुरक्षा जमा, सप्लाई चार्ज, सामग्री लागत और स्मार्ट मीटर की दरें तय की गई हैं। इससे पहले वर्ष 2019 में कॉस्ट डाटा बुक में संशोधन किया गया था।
रात 12 बजते ही जश्न में डूबी राजधानी, लखनऊ ने कहा 2025 को अलविदा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ ने नववर्ष 2026 का स्वागत पूरे जोश, उमंग और उत्साह के साथ किया। जैसे ही घड़ी की सुइयों ने रात 12 बजे का संकेत दिया, शहर खुशियों से झूम उठा। लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर नए साल की बधाइयां दीं और आतिशबाजी व तालियों के साथ वर्ष 2025 को विदा किया। युवाओं में नए साल को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला, जिसकी तैयारियां पहले से ही शुरू कर दी गई थीं।
शहर की गलियों से लेकर बड़े होटलों, रेस्टोरेंट्स और क्लबों तक जश्न का माहौल छाया रहा। डीजे की धुनों पर युवक-युवतियां देर रात तक थिरकते नजर आए। डांस फ्लोर पर संगीत और रोशनी के बीच नए साल का जश्न मनाया गया। वहीं कई इलाकों में युवा सड़कों पर निकल आए और अपने-अपने अंदाज में नववर्ष का स्वागत किया।
नववर्ष के मद्देनज़र प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम कर रखे थे। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की विशेष निगरानी रही। देर रात तक पुलिसकर्मी सड़कों पर गश्त करते दिखाई दिए और जहां भी अव्यवस्था या अराजकता की आशंका हुई, वहां स्थिति को तुरंत नियंत्रित किया गया।
नववर्ष के अवसर पर शहर के प्रमुख मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। लोगों ने वर्ष के अंतिम दिन मंदिरों में दर्शन कर भगवान से सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। गुरुवार सुबह भी मंदिरों में लंबी कतारें देखने को मिलीं।
नए साल की शुरुआत लखनऊवासियों ने अलग-अलग तरीकों से की। मंदिरों के साथ-साथ फूलों और गुलदस्तों की दुकानों पर भी भीड़ रही। लोग एक-दूसरे को फूल भेंट कर और शुभकामनाएं देकर नववर्ष की खुशियां साझा करते नजर आए। राजधानी में जश्न का यह सिलसिला पूरे दिन जारी रहने की उम्मीद है।
स्नातक छात्रों के लिए सुनहरा मौका, 21 हजार रुपये मासिक वेतन वाली नौकरी के लिए भर्ती
लखनऊ। स्नातक की पढ़ाई कर चुके युवाओं के लिए रोजगार का बेहतरीन अवसर सामने आया है। लखनऊ विश्वविद्यालय के केंद्रीय कैंपस प्लेसमेंट सेल ने बहुराष्ट्रीय कंपनी जेनपैक्ट में भर्ती के लिए विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों के छात्रों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 200 पदों पर नियुक्ति की जाएगी।इस अवसर के लिए वही अभ्यर्थी पात्र होंगे, जिन्होंने स्नातक स्तर पर कम से कम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों। चयनित उम्मीदवारों को प्रतिमाह 21 हजार रुपये वेतन के साथ अतिरिक्त इंसेंटिव की सुविधा भी दी जाएगी।

इन कोर्स के छात्र कर सकते हैं आवेदन

केंद्रीय प्लेसमेंट सेल के अतिरिक्त निदेशक डॉ. हिमांशु पांडेय के अनुसार, कस्टमर सर्विस (वॉइस प्रोसेस – इंग्लिश) पद के लिए बीबीए, बीसीए, बीकॉम, बीएससी और बीए पाठ्यक्रमों के छात्र आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, पोस्टग्रेजुएट और लॉ के विद्यार्थी इस प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे।

गुरुग्राम होगा कार्यस्थल, पांच दिन का वर्किंग सिस्टम

चयनित अभ्यर्थियों की पोस्टिंग गुरुग्राम में होगी। उम्मीदवारों से उत्कृष्ट अंग्रेजी संप्रेषण क्षमता, विश्लेषणात्मक सोच और रोटेशनल शिफ्ट में काम करने की तत्परता अपेक्षित है। कंपनी की कार्यप्रणाली के अनुसार सप्ताह में केवल पांच दिन कार्य करना होगा।

डेटा और एआई के क्षेत्र में अग्रणी है कंपनी

जेनपैक्ट एक वैश्विक प्रोफेशनल सर्विसेज और सॉल्यूशंस कंपनी है, जो डेटा, टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान रखती है। कैंपस प्लेसमेंट सेल के निदेशक प्रो. अनूप कुमार ने बताया कि चयन प्रक्रिया में पहले कम्युनिकेशन असेसमेंट टेस्ट और उसके बाद दो चरणों में इंटरव्यू लिया जाएगा।उन्होंने कहा कि एआई और टेक्नोलॉजी आधारित कंपनियों का भविष्य उज्ज्वल है, ऐसे में छात्रों के लिए यह एक मजबूत करियर विकल्प साबित हो सकता है।

आवेदन की अंतिम तिथि

इच्छुक अभ्यर्थी 4 जनवरी सुबह 11 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन लिंक:https://forms.gle/FpFusophCaSvufwDA
पैंतीस लाख की अफीम के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
तीन किलो 500 ग्राम अवैध अफीम, तीन मोबाइल फोन व 3,650 रूपए की नकदी बरामद


लखनऊ। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था, अपर पुलिस महानिदेशक अपराध व पुलिस महानिरीक्षक एएनटीएफ के नेतृत्व में एएनटीएफ यूनिट बरेली मादक पदार्थ की तस्करी करने वाले गिरोह का खुलासा कर दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। एएनटीएफ टीम ने इनके पास से तीन किलो 500 ग्राम अवैध अफीम, तीन मोबाइल फोन व 3,650 रूपए की नकदी बरामद हुई है।
एएनटीएफ टीम के प्रभारी उपनिरीक्षक विकास यादव के मुताबिक पकड़े तस्करों ने पूछताछ में अपना नाम फैसल खान व आलिम बताया। उपनिरीक्षक विकास यादव ने बताया कि पकड़े गए दोनों आरोपी बदायूं जिले के नई सराय कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले हैं।
उपनिरीक्षक विकास यादव ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि दो लोग बरेली जिले में धड़ल्ले से मादक पदार्थ की तस्करी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार को मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि दो लोग मकरंदपुर हनुमान मंदिर चौराहे के पास मौजूद हैं जो अवैध अफीम बेचने की फिराक में हैं। इस सूचना पर एएनटीएफ टीम मौके पर पहुंची और दोनों तस्करों को पकड़ लिया। उपनिरीक्षक विकास यादव के मुताबिक इनके पास से बरामद अवैध अफीम की अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत 35 लाख रुपए के करीब कीमत बताई जा रही है। एएनटीएफ प्रभारी के मुताबिक पकड़े दोनों तस्करों ने पूछताछ में बताया कि ये लोग कबाड़ का कारोबार करने की आड़ में अवैध मादक पदार्थ की तस्करी महंगे शौक पूरे करने की बात स्वीकार किया है।
एक करोड़ की मार्फीन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने नगराम क्षेत्र के घुड़सारा पुलिया के पास से दबोचा

990 ग्राम अवैध मार्फीन, एक मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन व 250 रूपए की नकदी बरामद


लखनऊ। राजधानी लखनऊ की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स टीम ने बुधवार को नगराम क्षेत्र के घुड़सारा गांव से कुछ दूरी पर बड़ी नहर के पास से दो तस्करों को गिरफ्तार कर 990 ग्राम मादक पदार्थ (मार्फीन) बरामद किया है। बरामद मार्फीन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत एक करोड़ रुपए बताई जा रही है। एएनटीएफ टीम के मुताबिक आरोपित लखनऊ के अलावा यूपी के कई जिलों में मादक पदार्थ की सप्लाई करते हैं। हत्थे चढ़े आरोपियों से उनके अन्य साथियों की जानकारी जुटाई जा रही है।एएनटीएफ यूनिट लखनऊ के निरीक्षक दर्शन यादव के मुताबिक पिछले कुछ दिनों से राजधानी लखनऊ व आसपास के जिलों में मार्फीन की तस्करी करने वालों की सूचना मिल रही थी। उन्होंने बताया कि इस इस सूचना पर तलाश के दौरान बुधवार को तस्करों की नगराम क्षेत्र में लोकेशन घुड़सारा गांव के पास बड़ी नहर के पास पाई गई। टीम ने घेरेबंदी कर मौके से दो तस्करों को धरदबोचा।पकड़े गए तस्करों की पहचान कुलदीप सिंह व अंकुश यादव के रूप में हुई। एएनटीएफ टीम के निरीक्षक दर्शन यादव के मुताबिक दोनों आरोपी रायबरेली जिले के मिल एरिया व महाराजगंज थाना इलाके के रहने वाले हैं। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि यह लोग जल्द अमीर बनने की चाहत में अवैध मादक पदार्थ मार्फीन की तस्करी करने की बात स्वीकार किया है। इनके पास से एक करोड़ रुपए कीमत की अवैध मार्फीन, एक मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन व 250 रूपए की नकदी बरामद हुई है।
पीसीएस अभ्यर्थियों को मिलेगा देश के श्रेष्ठ शिक्षकों का ऑनलाइन मार्गदर्शन

* भागीदारी भवन में आयोजित ओरिएंटेशन कार्यक्रम में राज्यमंत्री असीम अरुण ने दिए रणनीति और अनुशासन के मंत्र

लखनऊ। नए साल की पूर्व संध्या पर पीसीएस मुख्य परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को सही दिशा, आत्मविश्वास और प्रभावी रणनीति देने के उद्देश्य से गोमतीनगर स्थित छत्रपति शाहू जी महाराज शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान के भागीदारी भवन में बुधवार को विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अभ्यर्थियों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पीसीएस जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा के लिए योजनाबद्ध तैयारी, अनुशासन और निरंतर अभ्यास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को सफलता की प्रेरणा बताया।

*ऑनलाइन क्लास और इंटरव्यू की विशेष तैयारी

राज्यमंत्री श्री अरुण ने जानकारी दी कि शीघ्र ही देश के बड़े शहरों के पांच श्रेष्ठ शिक्षकों को ऑनलाइन माध्यम से जोड़ा जाएगा, ताकि अभ्यर्थियों को विशेषज्ञ से मार्गदर्शन मिल सके। इंटरव्यू की तैयारी को सशक्त बनाने के लिए उन्होंने सप्ताह में एक दिन फॉर्मल ड्रेस पहनने का सुझाव दिया। साथ ही, सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने के लिए सप्ताह में एक दिन दो घंटे श्रमदान तथा सरकारी योजनाओं और बिजनेस से जुड़े मासिक सत्र आयोजित करने की भी घोषणा की।

*मुख्य परीक्षा के साथ इंटरव्यू की समानांतर तैयारी पर जोर

समाज कल्याण विभाग के निदेशक कुमार प्रशांत ने अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के साथ-साथ इंटरव्यू की समानांतर तैयारी करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि समग्र व्यक्तित्व विकास ही अंतिम सफलता की कुंजी है।

कार्यक्रम में उपनिदेशक  आनंद कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक पी.के. त्रिपाठी, उपनिदेशक जे. राम, डीएसपी श्रीमती प्रियंका यादव तथा जिला समाज कल्याण अधिकारी पवन कुमार यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अभ्यर्थियों ने संस्थान द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया।
साल 2017 से अब तक उत्तर प्रदेश में कोई बड़ा सांप्रदायिक या जातिगत दंगा नहीं हुआ:  डीजीपी राजीव कृष्ण
लखनऊ। डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2017 के बाद कानून-व्यवस्था की स्थिति में बड़ा और व्यापक सुधार देखने को मिला है। पुलिस विभाग के अनुसार, बीते आठ वर्षों में प्रदेश में सांप्रदायिक दंगों और जातिगत संघर्ष की कोई बड़ी घटना नहीं हुई है। साथ ही संगठित अपराध, माफिया गतिविधियों और गंभीर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है।

सात बड़े महानगरों में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू

प्रदेश के सात बड़े महानगरों में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू किए जाने के बाद पुलिसिंग की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। अपराध नियंत्रण, त्वरित कार्रवाई और जनसमस्याओं के समाधान में इस व्यवस्था का सकारात्मक असर देखा गया है। इसी अवधि में कुंभ मेला, महाकुंभ-2025, माघ मेला, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि प्राण-प्रतिष्ठा समारोह, जी-20 सम्मेलन, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच और आईपीएल जैसे बड़े आयोजनों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया।

अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति

पुलिस ने वर्ष 2017 से अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। पुलिस कार्रवाई में इस अवधि के दौरान 266 अपराधी मारे गए और लगभग 11 हजार अपराधी घायल हुए। इस दौरान 18 पुलिसकर्मी शहीद हुए और 1,783 घायल हुए। पुलिस द्वारा 25 हजार रुपये तक के करीब 19,800 इनामी अपराधियों और 50 हजार रुपये से अधिक के 271 इनामी अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।

85 हजार से अधिक अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया

गैंगस्टर एक्ट के तहत 27 हजार से अधिक मुकदमे दर्ज कर 85 हजार से अधिक अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के अंतर्गत भी सैकड़ों अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन कदमों से संगठित अपराध और भय का माहौल खत्म हुआ है।

माफिया पर शिकंजा

प्रदेश में चिन्हित 68 माफिया और उनके गिरोहों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया। पुलिस ने इन माफियाओं की अवैध संपत्तियों को जब्त करने और ध्वस्त करने की कार्रवाई की। अब तक 4,137 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त या मुक्त कराई जा चुकी है। कई मामलों में माफिया और उनके सहयोगियों को आजीवन कारावास और मृत्युदंड तक की सजा दिलाई गई है। पुलिस का कहना है कि इससे कानून का भय स्थापित हुआ है।

अपराध के आंकड़ों में गिरावट

पुलिस आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2016 की तुलना में वर्ष 2025 तक डकैती की घटनाओं में लगभग 90 प्रतिशत, लूट में 84 प्रतिशत और हत्या में करीब 46 प्रतिशत की कमी आई है। बलवा, अपहरण, दहेज हत्या और बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। पुलिस का दावा है कि अपराध दर के मामले में उत्तर प्रदेश कई श्रेणियों में राष्ट्रीय औसत से बेहतर स्थिति में है।

महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान

महिला सुरक्षा को लेकर मिशन शक्ति अभियान को और मजबूत किया गया है। प्रत्येक थाने में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां महिलाओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए प्रशिक्षित स्टाफ तैनात है। इन केंद्रों की स्थापना के बाद महिला अपराधों में कमी दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, महिला और पॉक्सो मामलों में हजारों अभियुक्तों को सजा दिलाई गई है। ऑनलाइन फैमिली काउंसलिंग और ITSSO पोर्टल के माध्यम से मामलों के शीघ्र निस्तारण पर भी जोर दिया गया है।

साइबर अपराध पर नियंत्रण

साइबर अपराध को रोकने के लिए 1930 हेल्पलाइन और NCRP पोर्टल के माध्यम से त्वरित कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2025 में अब तक 325 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की राशि फ्रीज कराई गई है। साइबर अपराध से निपटने के लिए हजारों पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया है। पुलिस ने आम जनता से सतर्क रहने और समय रहते शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।

तकनीक और आधुनिक पुलिसिंग

ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत प्रदेशभर में 12 लाख से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी थानों के कंट्रोल रूम से की जा रही है। यूपी-112 सेवा की औसत रिस्पॉन्स टाइम वर्ष 2016 में एक घंटे से अधिक थी, जो अब घटकर लगभग सात मिनट रह गई है। इससे आपात स्थितियों में नागरिकों को त्वरित सहायता मिल रही है।

आगे की राह

पुलिस महानिदेशक के अनुसार, तकनीक के उपयोग, प्रशिक्षण, जवाबदेही और सख्त कार्रवाई के जरिए उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि जनता के सहयोग से अपराध नियंत्रण और बेहतर पुलिस सेवाओं की दिशा में यह प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।