अमेरिका ने टीआरएफ को घोषित किया आतंकी संगठन, पहलगाम हमले की ली थी जिम्मेदारी

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अमेरिका ने एक बड़ा कदम उठाते हुए पाकिस्तान में स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) को विदेशी आतंकी संगठन घोषित कर दिया है। अमेरिका ने 22 अप्रैल के पहलगाम अटैक के लिए उस आतंकी संगठन को जिम्मेदार माना है। बता दें कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 नागरिकों की जान चली गई थी। आतंकियों ने धर्म पूछ-पूछकर पुरूषों को अपना निशाना बनाया था। पहलगाम में हुए इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी टीआरएफ ने ली थी।

लश्कर-ए-तैयबा का ‘प्रॉक्सी’ है टीआरएफ

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गुरुवार को यह जानकारी दी। मार्क रूबियो ने कहा कि टीआरएफ एक पाकिस्तान समर्थित लश्कर-ए-तैयबा का ‘प्रॉक्सी’ है, जो यूएन द्वारा पहले से आतंकी संगठन घोषित है। टीआरएफ और इससे जुड़े सभी नाम अब एलईटी की आतंकी सूची में शामिल कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने एलईटी की आतंकी संगठन के रूप में पहले से मौजूद पहचान को भी बरकरार रखा है।

आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका ने दिखाई प्रतिबद्धता

अमेरिकी विदेशश मंत्री ने कहा कि यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से पहलगाम आतंकी हमले के लिए न्याय दिलाने की प्रतिबद्धता को दिखाती है। अमेरिकी विदेश मंत्री मर्को रुबियो ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमला 2008 के मुंबई हमलों के बाद भारत में नागरिकों पर हुआ सबसे बड़ा आतंकी हमला था। उन्होंने यह भी कहा कि यह कार्रवाई अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, और भारत के साथ सहयोग का प्रमाण है।

भारत की बड़ी जीत है

अमेरिका के इस कदम से साफ है कि भारत की कोशिश रंग लाई है। ऑपरेशन सिंदूर का डेलिगेशन जब अमेरिका गया था, तब सबूत के साथ भारत ने अमरिका समेत पूरी दुनिया को बताया था कि पहलगाम अटैक में कैसे टीआरएफ का हाथ है और उसे पाकिस्तानी हुकूमत और लश्कर का संरक्षण प्राप्त है।

22 अप्रैल को क्या हुआ था पहलगाम में

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में टीआरएफ के आतंकियों ने निहत्थे पर्यटकों को निशाना बनाया था। 22 अप्रैल को हुए इस कायराना आतंकी हमले में 26 बेगुनाहों की मौत हुई थी। इसके जवाब में भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत छह-सात मई की दरम्यानी रात नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए गए।

कौन है यह टीआरएफ?

टीआरएफ यानी द रेजिस्टेंस फ्रंट एक आतंकी संगठन है। यह 2019 में जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद उभरा। यह लश्कर-ए-तैयबा का एक प्रॉक्सी संगठन है। भारत ने इसे 2023 में UAPA के तहत आतंकी संगठन घोषित कर रखा है। टीआरएफ नागरिकों, खासकर अल्पसंख्यकों, और सुरक्षा बलों पर हमले करता है, जैसे 2025 का पहलगाम हमला। इसे पाकिस्तान का पूरा संरक्षण प्राप्त है।

रांची: पिस्का मोड़ पर स्कूल की छत गिरने से एक की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

रांची, 18 जुलाई 2025: राजधानी रांची में आज सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के पिस्का मोड़ के पास अचानक एक स्कूल की छत ढह गई। इस हादसे में मलबे में दबने से एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आशंका है कि एक या दो लोग अभी भी मलबे में फंसे हुए हैं।

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घटना की सूचना मिलते ही सुखदेवनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। बताया जा रहा है कि आज सुबह स्कूल के पास कई लोग खड़े थे, तभी अचानक छत भरभराकर गिर गई। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मृतक बुजुर्ग स्कूल के अंदर सो रहे थे।

घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास जारी हैं। स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस और राहतकर्मी मलबा हटाने का काम कर रहे हैं। इस हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।

रांची में 'पंचायत उन्नति सूचकांक' पर राज्य स्तरीय कार्यशाला संपन्न, बेहतर प्रदर्शन करने वाले सम्मानित

रांची, 17 जुलाई 2025: झारखंड के पंचायतों में सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को हासिल करने और उनके सशक्तिकरण के उद्देश्य से आज रांची के एक स्थानीय होटल में पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI - 2.0) पर एक राज्य स्तरीय प्रसार कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में पंचायती राज निदेशक श्रीमती राजेश्वरी बी ने पंचायतों द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों के डेटा को पीएआई पोर्टल पर नियमित रूप से दर्ज करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।

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श्रीमती राजेश्वरी बी ने अपने संबोधन में बताया कि झारखंड ने PAI 2.0 के तहत 'स्वास्थ्य पंचायत' की थीम में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि पीएआई का मुख्य उद्देश्य सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करना है, जिसके लिए पंचायतों को 9 विभिन्न थीम पर केंद्रित होकर काम करना है। उन्होंने सुझाव दिया कि फंड की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए, हर साल किन्हीं दो थीम पर ध्यान केंद्रित किया जाए और अगले साल किन्हीं दो अन्य थीम पर, जिससे निर्धारित लक्ष्य प्राप्त किए जा सकें।

डेटा प्रविष्टि की निगरानी पर जोर:

जिलेवार आकलन प्रस्तुत करते हुए श्रीमती राजेश्वरी बी ने बताया कि लोहरदगा ने 59.37 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जिसके बाद क्रमशः खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम, धनबाद और जामताड़ा ने द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ और पंचम स्थान प्राप्त किया। उन्होंने स्वीकार किया कि अन्य पंचायतों ने भी अच्छा काम किया है, लेकिन यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि किए गए कार्यों का प्रदर्शन पीएआई पोर्टल पर सुनिश्चित हो, अन्यथा पंचायतें सूचकांक में पिछड़ जाएंगी।

उन्होंने सभी जिलों के उप विकास आयुक्तों (डीडीसी) को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करने के लिए निगरानी करें कि पोर्टल पर डेटा की प्रविष्टि हो रही है या नहीं। उन्होंने इस कार्यशाला के आयोजन का मुख्य कारण PAI पोर्टल पर कम डेटा एंट्री को बताया। उन्होंने कहा कि पंचायतें अच्छा काम करती हैं, लेकिन उसका उचित प्रदर्शन नहीं कर पातीं, जिससे सूचकांक में राज्य पिछड़ रहा है।

पंचायत सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार के प्रयास:

श्रीमती राजेश्वरी बी ने बताया कि राज्य सरकार पंचायत सशक्तिकरण की दिशा में तेजी से काम कर रही है। पंचायत भवनों को सुदृढ़ किया जा रहा है और डिजिटल पंचायत प्रोग्राम शुरू किया गया है, जिसके तहत पंचायत भवनों में सभी डिजिटल कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब डेटा प्रविष्टि में कोई समस्या नहीं आनी चाहिए।

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पंचायती राज में मुखिया केंद्र में हैं और पंचायत में सभी विकास कार्य मुखिया के माध्यम से ही होते हैं। विकास कार्यों और सरकार की सभी गतिविधियों में मुखिया की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने बताया कि अब सभी जिलों में ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किए जा रहे हैं, जिसके लिए एक ट्रेनिंग प्रोग्राम पोर्टल बनाया गया है, जिसमें प्रविष्टि कर ट्रेनिंग सर्टिफिकेट प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसे कार्यशालाओं से मुखियाओं को भी लाभ मिलेगा।

सम्मानित किए गए जिले और पंचायतें:

इस अवसर पर, पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI 2.0) के तहत बेहतर कार्य करने वाले जिलों, प्रखंडों और पंचायतों को सम्मानित भी किया गया।

कार्यशाला में जिला परिषद के अध्यक्ष, विभिन्न जिलों के डीडीसी, पंचायती राज की अपर सचिव श्रीमती शैल प्रभा कुजूर, जिला पंचायत पदाधिकारी, विभिन्न पंचायतों के मुखिया, विभिन्न जिलों से आए संबंधित विभाग के पदाधिकारी, कर्मचारीगण और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

एचईसी ठेका मजदूरों के समर्थन में आजसू पार्टी, प्रबंधन को आंदोलन तेज करने की चेतावनी

रांची, 17 जुलाई 2025: हेवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन (एचईसी) के ठेका मजदूरों की चल रही हड़ताल को अब आजसू पार्टी का भी समर्थन मिल गया है। पार्टी ने एचईसी प्रबंधन को चेतावनी दी है कि यदि पिछले 17 दिनों से चल रहे एचईसी सप्लाई मजदूर संघर्ष समिति के आंदोलन का उचित समाधान नहीं निकाला गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मजदूरों के निमंत्रण पर आजसू के मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत और झारखंड आंदोलनकारी प्रवीण प्रभाकर आज एचईसी मुख्यालय पर प्रदर्शन में शामिल हुए और मजदूरों की मांगों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।

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आउटसोर्सिंग के फैसले पर विरोध

डॉ. देवशरण भगत ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि एचईसी प्रबंधन ने 1400 ठेका मजदूरों को आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से रखने का निर्णय लिया है, जिसका मजदूर कड़ा विरोध कर रहे हैं। उन्होंने एचईसी प्रबंधन से "सप्लाई कामगारों का शोषण करने का प्रयास न करने" की अपील की।

प्रवीण प्रभाकर ने दोहराया कि ठेका मजदूरों का हक नहीं छीनने दिया जाएगा और आउटसोर्सिंग कंपनी के माध्यम से झारखंडी मजदूरों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आजसू ने झारखंड राज्य इसलिए बनाया है ताकि गरीबों और मजदूरों को उनका हक मिले। प्रभाकर ने यह भी जोड़ा कि स्थानीय विस्थापित मजदूरों के हितों को नजरअंदाज कर एचईसी का जीर्णोद्धार पूरा नहीं माना जा सकता। उन्होंने जरूरत पड़ने पर इस मुद्दे को केंद्र सरकार तक उठाने की बात कही।

मजदूरों की मुख्य मांगें

संघर्ष समिति ने नेहरू पार्क से एचईसी मुख्यालय तक जुलूस निकाला और घंटों प्रदर्शन के साथ-साथ सभा भी की।

सभा की अध्यक्षता करते हुए दिलीप सिंह ने बताया कि पिछले 25 वर्षों से काम करने वाले मजदूरों को प्रबंधन अब आउटसोर्सिंग के हवाले करना चाहता है। उन्होंने कहा कि "आज के समय में एक भी मजदूर ने आउटसोर्सिंग का फॉर्म नहीं भरा है।" दिलीप सिंह ने स्पष्ट किया कि जब तक प्रबंधन पुरानी व्यवस्था बहाल नहीं करता और चार महीने का बकाया वेतन नहीं देता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।

सभा को रंथु लोहरा, मनोज पाठक, उवैस आज़ाद, वाई त्रिपाठी, राजेश शर्मा, मोईन अंसारी, शारदा देवी, शांति देवी, रोहित पाण्डेय, प्रेम नाथ शाहदेव, फिरोज अंसारी सहित कई अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी संबोधित किया।

रांची: झारखंड उच्च न्यायालय सहायक पद परीक्षा के लिए 30 केंद्रों पर निषेधाज्ञा लागू

रांची, 17 जुलाई 2025: झारखंड उच्च न्यायालय, रांची के रजिस्ट्रार (स्थापना) द्वारा आयोजित सहायक पद हेतु लिखित परीक्षा के मद्देनजर रांची जिला प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। यह परीक्षा 20 जुलाई 2025 (रविवार) को जिले के 30 विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।

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परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में धारा 144 प्रभावी

परीक्षा के सफल संचालन और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए, उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची और वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची के संयुक्त आदेश पर पुलिस बल, पुलिस पदाधिकारियों के साथ-साथ दंडाधिकारियों की भी प्रतिनियुक्ति की गई है। असामाजिक तत्वों द्वारा परीक्षा केंद्रों पर भीड़ लगाकर विधि-व्यवस्था भंग करने की आशंका के चलते, अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, रांची ने बी.एन.एस.एस. की धारा-163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन सभी 30 परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा (धारा 144) जारी की है।

यह निषेधाज्ञा 20 जुलाई 2025 को सुबह 07:30 बजे से दोपहर 03:30 बजे तक प्रभावी रहेगी।

निषेधाज्ञा के मुख्य बिंदु:

पाँच या पाँच से अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना प्रतिबंधित (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों तथा सरकारी कार्यक्रम और शवयात्रा को छोड़कर)।

किसी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग प्रतिबंधित।

किसी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र (जैसे बंदूक, राइफल, रिवॉल्वर, बम, बारूद आदि) लेकर चलना प्रतिबंधित (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों को छोड़कर)।

किसी प्रकार के हरवे हथियार (जैसे लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा, भाला आदि) लेकर चलना प्रतिबंधित (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों को छोड़कर)।

किसी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन प्रतिबंधित।

जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे इस निषेधाज्ञा का पालन करें और परीक्षा के शांतिपूर्ण संचालन में सहयोग दें।

रांची में 20 जुलाई को Combined Medical Service परीक्षा: केंद्रों के आसपास धारा 144 लागू

रांची, 17 जुलाई 2025: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित Combined Medical Service, 2025 परीक्षा के सफल और शांतिपूर्ण संचालन को सुनिश्चित करने के लिए रांची जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। यह परीक्षा 20 जुलाई 2025 (रविवार) को रांची जिले के दो परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।

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परीक्षा केंद्रों पर निषेधाज्ञा जारी

विधि-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से, उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची और वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची के संयुक्त आदेश पर पुलिस बल, पुलिस पदाधिकारियों के साथ-साथ दंडाधिकारियों की भी प्रतिनियुक्ति की गई है। असामाजिक तत्वों द्वारा परीक्षा केंद्रों पर भीड़ लगाकर विधि-व्यवस्था भंग करने की आशंका को देखते हुए, अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, रांची ने बी.एन.एस.एस. की धारा-163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा (धारा 144) जारी की है।

यह निषेधाज्ञा 20 जुलाई 2025 को सुबह 06:30 बजे से शाम 07:00 बजे तक प्रभावी रहेगी।

निषेधाज्ञा के मुख्य बिंदु:

पाँच या पाँच से अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना प्रतिबंधित (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों तथा सरकारी कार्यक्रम और शवयात्रा को छोड़कर)।

किसी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग प्रतिबंधित।

किसी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र (जैसे बंदूक, राइफल, रिवॉल्वर, बम, बारूद आदि) लेकर चलना प्रतिबंधित (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों को छोड़कर)।

किसी प्रकार के हरवे हथियार (जैसे लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा, भाला आदि) लेकर चलना प्रतिबंधित (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों को छोड़कर)।

किसी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन प्रतिबंधित।

परीक्षा केंद्रों के नाम:

एएसटीवीएस जिला विद्यालय, शहीद चौक, रांची।

राजकीय बालिका +2 उच्च विद्यालय, बरियातू, एचडीएफसी बैंक के सामने, बरियातू, रांची।

जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे इस निषेधाज्ञा का पालन करें और परीक्षा के शांतिपूर्ण संचालन में सहयोग दें।

रांची: जन शिकायत निवारण हेतु 'अबुआ साथी' का तकनीकी उन्नयन, तीन दिनों तक सेवा बाधित रहेगी

रांची, 17 जुलाई 2025: रांची जिला प्रशासन द्वारा जन शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए संचालित "अबुआ साथी" सेवा को तकनीकी रूप से और अधिक सशक्त तथा प्रभावी बनाने के उद्देश्य से इसका उन्नयन (अपग्रेडेशन) किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के कारण, "अबुआ साथी" के तहत संचालित व्हाट्सएप नंबर 9430328080 पर सेवा गुरुवार, 17 जुलाई 2025 की रात 10:00 बजे से अगले तीन दिनों तक अस्थायी रूप से बंद रहेगी।

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वैकल्पिक ईमेल व्यवस्था जारी

इस अवधि के दौरान, आम नागरिक अपनी शिकायतें जिला प्रशासन को वैकल्पिक ईमेल आईडी के माध्यम से भेज सकते हैं। प्रशासन द्वारा प्राप्त शिकायतों को नियमित रूप से संकलित कर संबंधित विभागों को भेजा जाएगा और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

उपयोगकर्ता अनुभव में होगा सुधार

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची, श्री मंजूनाथ भजंत्री ने बताया कि "अबुआ साथी" को और अधिक यूज़र-फ्रेंडली, पारदर्शी और तेज़ बनाया जा रहा है ताकि शिकायत निवारण प्रक्रिया में और सुधार हो सके। उन्होंने आश्वस्त किया कि अपग्रेडेशन के बाद सेवा पहले की तुलना में अधिक प्रभावी और सुविधाजनक होगी।

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस दौरान धैर्य बनाए रखें और वैकल्पिक ईमेल व्यवस्था का उपयोग करें। तकनीकी उन्नयन के उपरांत "अबुआ साथी" सेवा पुनः प्रारंभ होने की सूचना भी जारी की जाएगी।

भाजपा नेता आदित्य साहू ने हेमंत सोरेन से मुलाकात कर शिबू सोरेन का कुशलक्षेम पूछा

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश महामंत्री और सांसद आदित्य साहू ने आज नई दिल्ली में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान, साहू ने झामुमो सुप्रीमो और दिशोम गुरु शिबू सोरेन के स्वास्थ्य के विषय में जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब राजनीतिक गलियारों में विभिन्न मुद्दों पर चर्चाएं गर्म हैं। साहू के साथ भाजपा प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह, विधायक शशिभूषण मेहता, प्रदीप प्रसाद, पूर्व विधायक अनंत कुमार ओझा, प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, सह मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह, वरिष्ठ नेता शैलेंद्र सिंह और मनोज दुबे भी उपस्थित थे।

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मुलाकात के दौरान, श्री साहू ने शिबू सोरेन के स्वास्थ्य के प्रति अपनी और पार्टी की चिंता व्यक्त की। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी उपस्थित भाजपा नेताओं से शिबू सोरेन के स्वास्थ्य को लेकर जानकारी साझा की। इस मुलाकात को दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण संवाद के रूप में देखा जा रहा है।

बेटी को कांवर में बिठाकर 105 KM की यात्रा, पिता ने पूरी की मन्नत


देवघर: सावन के पवित्र महीने में हर ओर शिवभक्ति और कांवरियों का जनसैलाब दिख रहा है. इसी बीच, पश्चिम बंगाल के रिसड़ा शहर से आए आकाश रावत की कांवर यात्रा श्रद्धा और समर्पण की एक अद्भुत मिसाल बन गई है. आकाश ने अपनी एक साल आठ महीने की बेटी कनिष्का रावत को कांवर में बिठाकर सुल्तानगंज से बाबा धाम तक की 105 किलोमीटर लंबी यात्रा पूरी की. उन्होंने सावन की पहली सोमवारी को बाबा मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए.

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आकाश रावत ने बताया कि उन्होंने भोलेनाथ से संतान प्राप्ति की मन्नत मांगी थी कि यदि उनके घर लक्ष्मी रूपी बेटी का जन्म हुआ, तो वे उसे कांवर में बिठाकर देवघर तक की यात्रा करेंगे. बाबा भोले ने उनकी झोली भर दी और कनिष्का के जन्म के बाद पूरे परिवार में खुशी का माहौल छा गया. कनिष्का के चाचा ने भी इस संकल्प में उनका साथ दिया. बेटी के थोड़ी बड़ी होने पर परिवार ने इस मन्नत को पूरा करने का निर्णय लिया.

कांवर के एक ओर गंगाजल और दूसरी ओर अपनी नन्हीं बेटी कनिष्का को बिठाकर आकाश ने तीन दिनों में यह कठिन यात्रा पूरी की और बाबा की नगरी देवघर पहुंचे. आकाश ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा, "बेटी लक्ष्मी का रूप होती है और जब उसे कांवर में बैठाकर बाबा के द्वार लाया, तो मन को असीम शांति मिली. ऐसा लगा जैसे जीवन का उद्देश्य पूरा हो गया." उनके भाई ने कहा कि यह सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि भावों की अभिव्यक्ति थी और आस्था, परंपरा व परिवार के एक होने का प्रतीक थी.

बिहार मतदाता सूची पुनरीक्षण: 83.66% प्रपत्र जमा, ECI ने पारदर्शिता और पहुंच बढ़ाने के लिए उठाए कदम

बिहार में चल रहे SIR (सिस्टमैटिक इनरोलमेंट रिविजन) में भरे हुए गणना प्रपत्र (EFs) जमा करने की अंतिम तिथि में 11 दिन शेष रहने के साथ, BLOs (बूथ लेवल अधिकारी) द्वारा घर-घर जाकर किए गए दो दौर के बाद, बिहार में 7,89,69,844 मतदाताओं में से 6,60,67,208 या 83.66% मतदाताओं के EF एकत्र किए गए हैं।

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अब तक 1.59% मतदाताओं को मृत पाया गया है, 2.2% स्थायी रूप से स्थानांतरित पाए गए हैं और 0.73% व्यक्ति एक से अधिक स्थानों पर नामांकित पाए गए हैं।

इसलिए, 88.18% मतदाताओं ने या तो पहले ही अपना EF जमा कर दिया है या उनकी मृत्यु हो गई है या उन्होंने अपना नाम एक ही स्थान पर रखा है या वे अपने पिछले निवास स्थान से स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गए हैं। अब केवल 11.82% मतदाताओं को अपने भरे हुए EF जमा करने हैं और उनमें से कई ने आने वाले दिनों में दस्तावेजों के साथ अपने गणना प्रपत्र जमा करने के लिए समय मांगा है।

ECI (भारत निर्वाचन आयोग) यह सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहा है कि कोई भी पात्र मतदाता छूटे नहीं और शेष मतदाता अपने EF भरें। लगभग 1 लाख BLOs जल्द ही अपने घर-घर जाकर दौरे का तीसरा दौर शुरू करेंगे। उनके प्रयासों को सभी राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 1.5 लाख BLAs (बूथ लेवल एजेंट) द्वारा बढ़ाया जा रहा है, जिनमें से प्रत्येक प्रति दिन 50 EF तक प्रमाणित और जमा कर सकता है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी पात्र शहरी मतदाता ER (इलेक्टोरल रोल) से न छूटे, बिहार के सभी 261 शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) के सभी 5,683 वार्डों में विशेष शिविर भी लगाए जा रहे हैं।

उन मतदाताओं के लिए जो अस्थायी रूप से राज्य से बाहर चले गए हैं, समाचार पत्रों के विज्ञापनों और ऐसे मतदाताओं के साथ सीधा संपर्क के माध्यम से केंद्रित प्रयास किए जा रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे समय पर अपने EF भर सकें और 1 अगस्त, 2025 को प्रकाशित होने वाले प्रारूप मतदाता सूची में उनके नाम भी शामिल किए जा सकें। ऐसे मतदाता ECINet ऐप के माध्यम से अपने मोबाइल फोन का उपयोग करके या https://voters.eci.gov.in पर ऑनलाइन फॉर्म के माध्यम से आसानी से EF ऑनलाइन भर सकते हैं (SIR दिशानिर्देशों के पैरा 3(d) के अनुसार)। वे अपने परिवार के सदस्यों के माध्यम से या व्हाट्सएप या इसी तरह के अनुप्रयोगों सहित किसी भी ऑनलाइन माध्यम से संबंधित BLOs को अपने फॉर्म भी भेज सकते हैं।

नवीनतम तकनीक और डिजिटलीकरण के उपयोग की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में, ECI द्वारा हाल ही में लॉन्च किया गया ECINet प्लेटफॉर्म, एक एकल एकीकृत प्लेटफॉर्म है जो पहले के 40 विभिन्न ECI अनुप्रयोगों को subsume कर रहा है, इसे बिहार SIR अभ्यास के सभी पहलुओं के लिए भी तैयार किया गया है और यह कुशलता से चल रहा है।

ECINet के माध्यम से, मतदाता अपने इलेक्ट्रॉल फॉर्म ऑनलाइन भरने और जहां भी लागू हो, 2003 मतदाता सूची में अपने नाम खोजने में सक्षम हैं। मतदाता ECINet ऐप का उपयोग करके अपने चुनाव अधिकारियों, जिसमें उनके BLOs भी शामिल हैं, से भी जुड़ सकते हैं।

ECINet क्षेत्र-स्तर के चुनाव पदाधिकारियों के लिए फॉर्म और दस्तावेजों को अपडेट करने की प्रक्रिया को भी तेज कर रहा है जिसके परिणामस्वरूप आज शाम 6.00 बजे तक 5.74 करोड़ से अधिक गणना प्रपत्र अपलोड किए गए हैं। ECINet के दस्तावेज़ समीक्षा मॉड्यूल ने AEROs (सहायक चुनावी पंजीकरण अधिकारी), EROs (चुनावी पंजीकरण अधिकारी) और DEOs (जिला चुनाव अधिकारी) द्वारा मतदाताओं की पात्रता के सत्यापन की गति को भी सुव्यवस्थित तरीके से तेज किया है।