जयराम महतो की पार्टी झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा ने भाजपा और इंडी गठबंधन दोनों के चुनावी समीकरण को बिगाड़ा
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,* झारखंड डेस्क झारखंड में इस बाऱ सियासी संघर्ष में कई नई घटनाक्रम ने राजनितिक समीकरण में बदलाव ला दिया है. इस बदलाव से एनडीए और इंडी गठबंधन दोनों दल प्रभावित होंगे. इस बाऱ युवाओं को रोजगार, भर्ती परीक्षा और क्षेत्रीय भाषा के लिए आंदोलनों के दम पर जयराम महतो ‘टाइगर’ की झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) ने दोनों प्रमुख गठबंधनों, ‘इंडिया’ और एनडीए की नींद खराब कर रखी है। हालांकि सियासी खिलाडि़यों के सामने जेएलकेएम कितना टिक सकेगा, यह नतीजों से ही पता चलेगा। बहरहाल, 30 साल के महतो की रैलियों में उमड़ रही युवाओं की भीड़ से इस चुनाव में एक नई क्षेत्रीय पार्टी का उदय जरूर होता दिख रहा है। महतो खुद दो सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं, जिनमें से गिरिडीह जिले की डूमरी सीट पर झामुमो टिकट पर मैदान में उतरीं राज्य की मंत्री बेबी देवी को वह कड़ी टक्कर दे रहे हैं। जेएलकेएम ने 76 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। हालांकि दो उम्मीदवारों ने इंडिया ब्लॉक का समर्थन कर दिया लेकिन लोग मानते हैं अनेक सीटों पर यह नई पार्टी स्थापित दलों के समीकरण बिगाड़ेगी। झारखंड में आदिवासियों के बाद सर्वाधिक कुर्मी (महतो) समुदाय की आबादी करीब 22% है और 30 सीटों पर उसका प्रभाव माना जाता है। टाइगर इसी समुदाय से आते हैं। धनबाद में चुनावी माहौल में जेएलकेएम और टाइगर के प्रभाव की चर्चा सुनी। उत्सुकता के चलते मैं गिरिडीह जिले के डूमरी कस्बे में पहुंचा जहां से खुद जयराम महतो चुनाव लड़ रहे हैं। यहां जेएलकेएम के झंडे-बैनरों को देखकर जयराम की दमदार उपस्थिति दिखी। हाइवे पर मेडिकल स्टोर चलाने वाले पीयूष मिश्रा कहने लगे कि ‘टाइगर’ का माहौल है, युवा उनके साथ हैं। एनडीए की ओर से यहां चुनाव लड़ रही आजसू का प्रचार नजर नहीं आया। तरनारी गांव में नवयुवक दरमेश महतो ने साफ कहा कि हमारा टाइगर जीतेगा। पिछली बार हमने जेएमएम का समर्थन किया था। भर्ती परीक्षाओं में घालमेल के खिलाफ टाइगर ने आवाज उठाई है, वह जीतेगा तो विधानसभा में हमारी आवाज गूंजेंगी। बुजुर्ग रामे मूर्मू कहने लगे कि बेबी देवी के पति जगरनाथ महतो दमदार नेता थे। उनके निधन के बाद हमने बेबी को जिताया था, इस बार देखो क्या होता है? *भाषा आंदोलन और रोजगार का मुद्दा ने बनाया जयराम को नेता* 2022 में भोजपुरी, मगही और अंगिका जैसी झारखंड से बाहर की मानी जाने वाली भाषाओं को 11 जिलों में राज्य स्तरीय परीक्षाओं के लिए क्षेत्रीय भाषाओं की सूची में शामिल करने का भारी विरोध हुआ। जयराम ने झारखंड में स्थानीय लोगाें को नौकरियां मिलने का मुद्दा उठा कर झारखंडी भाषा खातियां संघर्ष समिति (जेबीकेएसएस) बनाकर आंदोलन और प्रदर्शनों का नेतृत्व किया। उन्हें युवाओं व अन्य लोगों का समर्थन मिला। अधिकारियों के सामने आक्रामक अंदाज में बातचीत करने से उनके युवा समर्थक उन्हें ‘टाइगर’ बुलाने लगे। लोकसभा में दे चुके हैं टक्कर जयराम ने गिरिडिह सीट से लोकसभा चुनाव में करीब 3.5 लाख वोट हासिल किए थे और इसी के तहत आने वाली डूमरी विधानसभा क्षेत्र से लीड हासिल की थी। लोकसभा चुनाव में जेएलएकएम ने आठ उम्मीदवार मैदान में उतारे थे।
दक्षिण पूर्व रेलवे के आद्रा मंडल में विकास कार्य के कारण कई ट्रेन रहेगी रद्द,विस्तृत जानकारी के लिए पढ़े पूरी खबर
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* झारखंड डेस्क दक्षिण पूर्व रेलवे के आद्रा मंडल में विकास कार्य हो रहा है. इसे लेकर रेलवे ने विभिन्न रुटों पर चलने वाली 20 मेमू एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द कर दी है, जबकि चार ट्रेनें आद्रा में शॉर्ट टर्मिनेट व ऑर्जिनेट होकर चलेंगी. यह जानकारी दपू रेलवे ने दी है. *इस प्रकार रूटीन है* 18,20,23 व 24 नवंबर को हटिया-टाटा-हटिया एक्सप्रेस रद्द रहेगी. 23 व 24 नवंबर को टाटानगर-बक्सर एक्सप्रेस नहीं चलेगी. 24 व 25 नवंबर बक्सर-टाटानगर एक्सप्रेस रद्द रहेगी. 24 नवंबर को झाड़ग्राम-धनबाद-झाड़ग्राम मेमू, झाड़ग्राम-धनबाद-झाड़ग्राम मेमू, आसनसोल-टाटा-आसनसोल, आद्रा-बड़ाभूम-आद्रा मेमू पैसेंजर,आसनसोल-पुरुलिया- आसनसोल मेमू, आसनसोल-आद्रा-आसनसोल मेमू,आसनसोल-रांची-आसनसोल मेमू, टाटानगर-आसनसोल-बड़ाभूम मेमू रद्द रहेगी. 24 को आसनसोल-टाटानगर मेमू, बड़ाभूम-आसनसोल मेमू, धनबाद-टाटा-धनबाद एक्सप्रेस शॉर्ट टर्मिनेट व ऑर्जिनेट होकर आद्रा से चलेंगी.
सीएम हेमंत सोरेन टाइगर जगरनाथ महतो को याद कर हुए भावुक, एक्स पर ट्वीट कर कहा टाइगर दा डुमरी के विकास को लेकर करते थे चर्चा
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,* झारखंड डेस्क चुनाव में अब बस तीन दिन का वक्त बचा है। इस बार झारखंड की कई सीट झामुमो और बीजेपी के लिए नाक की लड़ाई है। उन्ही सीट में एक सीट डुमरी की है। जहां मामला त्रिकोणीय है। झामुमो और बीजेपी के अलावे जयराम महतो खुद डुमरी से ताल ठोंक रहे हैं। ऐसे में हेमंत सोरेन को चुनाव के ठीक पहले टाइगर जगरनाथ महतो याद आ रहे हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने टाइगर जगरनाथ महतों को याद करते हुए सोशल मीडिया में लंबा-चौड़ा पोस्ट लिखा है। हेमंत सोरेन ने X पर लिखा है कि डुमरी के टाइगर – टाइगर दा डुमरी के अनगिनत बार डुमरी के विकास को लेकर, डुमरी की योजनाओं को लेकर टाइगर दादा मुझसे घंटों बात करते थे और डुमरी की मांगों को मनवाए बिना कभी नहीं हटते थे। ऐसा लगता था मानो उनकी नसों में डुमरी बसा है। हेमंत सोरेन ने आगे लिखा है कि हर एक डुमरी वासी को शायद वे नाम से जानते होंगे क्योंकि मीटिंग में वे लोगों की समस्या उनके नाम के साथ रखते थे, यह एक जन-प्रतिनिधि की सबसे खास बात होती है। कोरोना में जब विपक्ष के सभी नेता घर बैठ गए थे, तब अपनी जान की परवाह किए बिना टाइगर दा लगातार अपने क्षेत्र और झारखंडियों की सेवा में दिन-रात एक किए हुए थे। और इसी के फलस्वरूप समय से बहुत पहले टाइगर दा हमें विदा बोल गए। मुख्यमंत्री ने टाइगर को याद करते हुए लिखा कि हंसमुख, हर दिल अजीज़, बड़े हृदय वाले टाइगर दा जैसा इंसान बहुत कम होते हैं। इस चुनाव में बड़े भाई के रूप में टाइगर दा की सलाह, उनका मार्गदर्शन, उनका साथ और उनका अपनत्व न होना बहुत खल रहा है। झारखंडियों की आदत है कि वे अपने अपनों को कभी नहीं भूलते। एक तारे के रूप में टाइगर दा हर एक झारखंडी और खासकर डुमरी वासियों को ज़रूर देख रहे होंगे। डुमरी के आँखों के तारे टाइगर दा को जोहार।
केंदुआडीह में स्टेटिक सर्विलांस टीम ने एक इनोवा कार से 14 लाख 25 हजार 170 रुपए नगद बरामद किए, उपायुक्त ने दी जानकारी*
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झारखंड डेस्क धनबाद : जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त माधवी मिश्रा के निर्देशानुसार स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं निर्भीक विधानसभा चुनाव संपन्न कराने के लिए जिले के 16 चेक पोस्ट सहित एफएसटी की 63 एवं एसएसटी की 63 टीम पूरे जिले में भ्रमणशील रहकर लगातार कड़ाई से जांच अभियान चला रही है। इस कड़ी में केंदुआडीह में स्टेटिक सर्विलांस टीम ने एक इनोवा कार से 14 लाख 25 हजार 170 रुपए नगद बरामद किए। *केंदुआ पुल के पास स्टेटिक सर्विलांस टीम द्वारा वाहनों की जांच में पकड़ा गया पैसा* इसकी विस्तृत जानकारी देते हुए उपायुक्त ने बताया कि सभी चेक पोस्ट तथा स्टेटिक सर्विलांस टीम एवं फ्लाइंग स्क्वायड टीम को वाहनों की कड़ाई से जांच करने का निर्देश दिया है। इस क्रम में केंदुआ पुल के पास स्टेटिक सर्विलांस टीम द्वारा वाहनों की जांच की जा रही थी। जांच के दौरान करकेंद से धनबाद की ओर आ रही एक टोयोटा इनोवा संख्या डब्ल्यू.बी. 06 जे. 7974 की जांच की गई। जांच के क्रम में उपरोक्त टोयोटा इनोवा से 14 लाख 25 हजार 170 रुपए नगद बरामद किए गए। टीम ने उपरोक्त रकम केंदुआडीह थाना को सुपुर्द कर आयकर विभाग को सूचना दे दी है।
सबकी नजर टिकी है धनबाद के झरिया सीट पर ,जहां एक ही परिवार की दो बहुओं के बीच है दिलचस्प मुकाबला
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* झारखंड डेस्क झारखंड विंधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का चुनाव 20 नवम्बर को है,जिसमें कई सीट ऐसे है जिसपर दिलचस्प मुकाबला होना है।ऐसे सीटों में धनबाद जिला के झरिया सीट है जहां एक ही परिवार की जेठानी देवरानी मैदान में है। यह सीट इतना महत्वपूर्ण है कि यहां के एक पक्ष के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को प्रचार के लिए आना पड़ा तो दूसरे पक्ष के लिए कल्पना सोरेन ने आकर जनता से अपील की। दरअसल इस सीट पर एक परिवार के बीच यह अदाबत क्यों .लोगों के लिए उत्सुकता बनी हुई है। दरअसल धनबाद को झारखंड का आर्थिक राजधानी माना जाता है ,यहां कोयले की खान और कोयला उधोग पर अपना बर्चस्व बनाये रखने के लिए खूनी संघर्ष का रक्तरंजित इतिहास रहा है । दशकों पहले बलिया से एक युवा अपनी तकदीर बदलने बलिया से धनबाद आता है और कोयला उधोग में रोजगार के साथ मज़दूरों का मसीहा बन कर मज़दूर यूनियन के साथ हीं अपना राजनीतिक जमीन इतना मजबूत बना लेता है कि उस परिवार का पिछले चार दशक से झरिया विंधानसभा पर कब्जा बना रहता है। वह शख्स सूर्यदेव सिंह के नाम से धनबाद की राजनीति में मिथक बन जाता है। इस राजनीतिक सफर में खून खराबा,बर्चस्व को लेकर संघर्ष,और कई शक्तियों से मुकाबला का एक लंबा इतिहास है जिस पर फिर कभी चर्चा होगी बहरहाल झरिया विंधानसभा सीट पर संघर्ष और एक परिवार की दो बहुएं के बीच की अदाबत का वजह सुर्यदेव सिंह की राजनीतिक विरासत और कोयला उधोग पर बर्चस्व को लेकर है। अब झरिया विंधानसभा सीट पर वर्तमान विधायक और स्व.नीरज सिंह की पत्नी पूर्णिमा सिंह कांग्रेस के टिकट पर मैदान में हैं तो दूसरी तरफ पूर्व विधायक संजीव सिंह की पत्नी रागनी सिंह भाजपा के टिकट पर मैदान में है।दोनों एक दूसरे के विरुद्ध चुनाव मैदान में पूरी ताकत झोंक दी है। पिछले पांच वर्षों से रागनी सिंह लगातार जनता के बीच रहकर दिल जीतने की कोशिश की तो वहीं पूर्णिमा सिंह ने एक विधायक के रूप में सेवा की है अब देखना है कि जनता का आशीर्वाद किसके साथ हैं।दोनों पक्ष जीत का दावा कर रहे हैं,परिणाम 23 को सामने आएगा। वैसे JBKS के उम्मीदवार रुस्तम अंसारी को मैदान में आने से मुस्लिम वोट प्रभावित होने से नुकसान कांग्रेस का होगा,पर जनता के मूड का कोई भरोसा नही।अब सब की नज़र धनबाद के झरिया सीट पर है ।
शिकारीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी परितोष सोरेन के समर्थन में फिल्म अभिनेता मिथुन चक्रबर्ती ने किया सम्बोधित*
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*अपने फ़िल्मी अंदाज और डायलॉग से लोगो को किया रोमांचित* शिकारीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी परितोष सोरेन के समर्थन में फिल्म अभिनेता व भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती ने आसनबनी हाइस्कूल के फुटबॉल मैदान में एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित किया. निर्धारित समय से करीब ढाई घंटे देरी से पहुंचने के बावजूद मैदान में जनता का उत्साह चरम पर था. लोग मिथुन चक्रवर्ती की एक झलक पाने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. अपने प्रभावशाली संबोधन में मिथुन चक्रवर्ती ने लोगों से अपील की कि वे भाजपा प्रत्याशी परितोष सोरेन को जिताकर क्षेत्र में परिवर्तन लायें. उन्होंने कहा कि परिवर्तन जरूरी है और इसके लिए परितोष सोरेन को आपका समर्थन चाहिए. मिथुन ने बांग्ला और हिंदी दोनों भाषाओं में अपनी बात रखी, जिससे जनसभा में मौजूद हर व्यक्ति उनसे जुड़ सका. उन्होंने फिल्मी अंदाज में मोह लिया जनता का दिल: जनता के अनुरोध पर मिथुन चक्रवर्ती ने अपना मशहूर काला चश्मा उतारा और फिल्मी डायलॉग भी बोले. उन्होंने बांग्ला में अपनी एक चर्चित फिल्म का डायलॉग सुनाया, “नाम तुफान, बछोरे एकाद बार आसी, जखन आसी तखन प्रलय घटे, आर जखन जाय तखन भगवानो अस्तित्व खुजे पाय ना. उनके इस अंदाज ने जनता का दिल जीत लिया और माहौल को और भी रोमांचक बना दिया. सेल्फी लेने की मची होड़ :
चुनाव के दौरान बांग्लादेशी घुसपैठिये को लेकर झारखंड सरकार के विशेष शाखा की तरफ से 2 जून 2023 को भेजे गए चिट्ठी चर्चा में,

बाबूलाल मरांडी ने उठाया सवाल, सरकार चुनाव के समय दी जा रही सुबिधा क्या इस घुसपैठियों के लिए है

झारखंड डेस्क 

चुनावी मौसम में एक बाऱ फिर बंगालदेशी घुसपैठियेबका मामला चर्चा में है, 20 नवंबर को झारखंड में आखिरी दौर का चुनाव होना है। चुनाव से पहले झारखंड में बांग्लादेशी घुसपैठियों और डेमोग्राफी चेंज का मुद्दा गरमाया हुआ है। इस बीच झारखंड सरकार के विशेष शाखा की तरफ से 2 जून 2023 को सभी उपायुक्तों को भेजी गयी एक चिट्ठी वायरल हो रही है।

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बाबूलाल मरांडी ने इस चिट्ठी के हवाले से कहा है कि 2 जून, 2023 को राज्य सरकार के खुफिया विभाग ने सभी जिलों के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखकर स्वीकार किया था कि बांग्लादेशी घुसपैठियों को संथाल परगना के कई मदरसों में पनाह दी जाती है।

इन ठिकानों में उनके पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार किए जाते हैं। खुफिया विभाग द्वारा संवेदनशील सूचना साझा किए जाने के बावजूद प्रशासन द्वारा घुसपैठियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। माननीय उच्च न्यायालय ने घुसपैठ को झारखंड के लिए बड़ा खतरा बताकर राज्य सरकार से रिपोर्ट भी तलब की।

तब खुफिया विभाग द्वारा बांग्लादेशी घुसपैठियों की पुख्ता सूचना दिए जाने के बावजूद संथाल परगना के सभी 6 जिलों के उपायुक्तों ने उच्च न्यायालय में झूठा शपथ पत्र दायर कर बताया कि उनके सम्बन्धित जिलों में एक भी घुसपैठिया नहीं है।

उच्च न्यायालय ने घुसपैठ की पड़ताल के लिए स्वतंत्र जांच समिति गठित करने का आदेश दिया तो उसके विरुद्ध भी राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट चली गई… संथाल परगना के मतदान बूथों पर मुस्लिम मतदाताओं की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि, अवैध रूप से बस चुके जमाई टोले, आदिवासियों की जमीनों पर चल रहा कब्जे का खेल चीख-चीखकर घुसपैठ की गवाही दे रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि उपायुक्तों ने किसके दबाव में झूठ बोला? किसके दबाव में माननीय उच्च न्यायलय को गुमराह किया गया?

वास्तविकता यह है कि झामुमो-कांग्रेस के द्वारा आदिवासियों को मिटाने का प्रयास हर स्तर पर किया जा रहा है। हेमंत सरकार का पूरा सरकारी तंत्र आदिवासी समाज के विरुद्ध साजिश रचने और घुसपैठियों को पनाह देने की गतिविधियों में संलिप्त है।

घुसपैठ से आदिवासी समाज के अस्तित्व पर गहरा संकट मँडरा रहा है। साथियों, हमें एकजुट होकर बांग्लादेशी घुसपैठियों को झारखंड से बाहर खदेड़ने और उनके सरपरस्ततों को बेनकाब करने की जरूरत है।

कांग्रेस द्वारा बांग्लादेशी घुसपैठियों को सस्ते गैस सिलेंडर और अन्य सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने की घोषणा कोई अतिशयोक्ति नहीं, बल्कि समुदाय विशेष का वोटबैंक बढ़ाकर आदिवासियों का अस्तित्व मिटाने की सोची समझी साजिश है।

2 जून, 2023 को खुफिया विभाग द्वारा संथाल परगना के कई मदरसों में इन घुसपैठियों को न केवल पनाह दी जाती है, बल्कि उनकी पहचान के लिए फर्जी दस्तावेज किए तैयार किए जाने की सूचना देने के बाद भी हेमंत सोरेन की सरकार इस भयानक साजिश को छुपाने का हरसंभव प्रयास किया।

संथाल परगना के सभी छह जिलों के उपायुक्तों ने उच्च न्यायालय में शपथ पत्र दायर कर दावा किया कि उनके जिलों में एक भी घुसपैठिया मौजूद नहीं है। इन सबके बीच संथाल परगना में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि, अवैध बसावट वाले जमाई टोले और आदिवासी भूमि पर कब्जे बढ़ते चले गए।

चुनाव आते ही कांग्रेस झामुमो के खतरनाक मंसूबे का भंडाफोड़ हो चुका है। मंचों से खुलेआम घुसपैठियों के लिए घोषणाएं की जा रही है।घुसपैठियों को समर्थन देकर और स्थानीय आबादी को कमजोर करके आदिवासी समाज के अस्तित्व पर संकट खड़ा किया जा रहा है।

अब समय आ गया है कि हमारा आदिवासी समाज एकजुट होकर इस गंभीर समस्या का सामना करें। घुसपैठियों को बाहर निकालने और उनके संरक्षकों को उजागर करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। यह केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक अस्तित्व की लड़ाई है। भाजपा चुन चुनकर हरेक घुसपैठिए लो झारखंड के बाहर खदेड़ने का काम करेगी और रोटी, बेटी, माटी के अस्मिता की रक्षा करेगी।

निशिकांत दुबे और हिमंत विस्व सरमा ने राज धनबाऱ से भाजपा के बागी प्रत्याशी निरंजन राय मनाने में सफल,बाबूलाल मरांडी की मुश्किल होगी कम

राजधनवार में बाबूलाल मरांडी की मुश्किलें थोड़ी आसान हो सकती है। जिस निरंजन राय के निर्दलीय बनकर चुनाव मैदान में उतरने पर भाजपा का वोट बंटता दिख रहा था, वो अब भाजपा में शामिल हो सकते हैं। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा निर्दलीय प्रत्याशी निरंजन राय से उनके गांव पपीलों में मुलाकात की है। खबर है कि दोनों नेताओं ने निरंजन राय को मना लिया है।

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इससे पहले दोनों बीजेपी नेता जमामो मंदिर में पूजा-अर्चना की। जब निरंजन राय सांसद निशिकांत दुबे और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा को छोड़ने हेलीपैड पर गए तो निरंजन राय को दोनों ने अपने साथ हेलीकॉप्टर में बैठा लिया और लेकर चले गए। दोनों नेता निर्दलीय प्रत्याशी निरंजन राय को बीजेपी में शामिल कर बाबूलाल मरांडी के पक्ष में लाने के प्रयास में है।

इससे पहले भी निशिकांत दुबे ने निरंजन राय से मुलाकात की थी, लेकिन तब निरंजन राय नहीं माने थे। हालांकि इस बार बात बनती दिख रही है। दोनों नेता निरंजन राय से मिलकर निकल चुके हैं। मुलाकात के बाद सांसद निशिकांत दुबे ने कहा है कि निरंजन राय बीजेपी के थे और बीजेपी में ही रहेंगे, वहीं मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि सकारात्मक बातचीत हुई है. शीघ्र ही शुभ सूचना मिलेगी।

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के यहां से लड़ने के कारण धनवार हॉट सीट बन गई है और यह बीजेपी के लिए नाक की लड़ाई में तब्दील हो गई है। आपको बता दें निरंजन राय के धनवार सीट से निर्दलीय पर्चा दाखिल करने के कारण बीजेपी नेता और धनवार प्रत्याशी बाबूलाल मरांडी के लिए परेशनी बढ़ गई थी। निरंजन राय बाबूलाल मरांडी के करीबी माने जाते हैं। निरंजन राय के निर्दलीय पर्चा दाखिल करने की वजह से माना जा रहा था कि वह बीजेपी को नुकसान पहुंचा सकते थे।

झारखंड में शिवराज सिंह चौहान का देवघर में दिखा निराला अंदाज, सड़कों पर घूम घूमकर खाया चाट और उठाया चाय का लुत्फ


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झारखण्ड डेस्क 

 शिवराज सिंह चौहान की राजनीति का अंदाज अलग है,वैसे मुख्यमंत्री की तो मध्यप्रदेश में उनकी सरलता और सहजता की चर्चा खूब होती थी। अब भी केंद्रीय मंत्री बनने के बाद उन्होंने वही सादगी बनाये रखी है।

इस बीच झारखंड में भी उनके सरल क्यक्तितत्व की झलक दिखी। देवघर में वो आम लोगों की तरह सड़क पर लोगों से मिलते दिखे और खान पान का लेते रहे।

विधानसभा चुनाव के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान दो घंटे तक देवघर की सड़कों में सामान्य आदमी बनकर घूमे। भाजपा कार्यकर्ताओं को भी इस बात की खबर बाद में लगी।

इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने आम जन के साथ चाय की चुस्की ली, ठेले से चाट का स्वाद लिया, पान खाया और पटियो में बैठकर सामाजिक मुद्दों पर गप्पे भी की। वहीं, बाबा के दर्शन करने आए तीर्थयात्री और आमजनो ने शिवराज सिंह को अपने बीच पाकर फोटो और सेल्फी ली।

खुद ही अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शिवराज सिंह चौहान ने तस्वीरें पोस्ट की है। उन्होने लिखा है कि देवघर में चाय और चाट के साथ गुजरी। चौपाल भी जमी और खूब चर्चा भी हुई। सबके मन से बस यही बात निकली कि भाजपा है तो भरोसा है ।

शिवराज सिंह चौहान ने हेमंत सरकार को घेरा

झारखंड के लिट्टीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र के हिरणपुर में भाजपा प्रत्याशी बाबूधन मुर्मू जी के समर्थन में आयोजित जनसभा को शिवराज सिंह चौहान ने संबोधित किया।हेमंत सोरेन ने पिछले 5 सालों में झारखंड को भ्रष्टाचार, कुशासन और घोटालों का गढ़ बना दिया है।

झारखंड की जनता JMM-कांग्रेस की भ्रष्टाचारी और निकम्मी सरकार को उखाड़ फेंकने का मन बना चुकी है। हेमंत सोरन सरकार ने झारखंड में विदेशी घुसपैठियों को संरक्षण देकर आदिवासी समाज के अधिकार छीनने और उनकी संस्कृति पर कुठाराघात करने का काम किया है। JMM-कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार, अत्याचार और तुष्टीकरण से त्रस्त झारखंड की जनता परिवर्तन के लिए तैयार है।

रांची के बीआईटी मेसरा में छात्रों के दो गुटों में झड़प, एक छात्र की मौत


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रिपोर्टर जयंत कुमार 

रांची : देश के जाने माने शिक्षण संस्थान बीआईटी मेसरा में छात्रों के दो गुटों के बीच हुई झड़प। आपसी झड़प में एक छात्र की मौत हो गई। मृतक छात्र की पहचान राजा पासवान के रूप में हुई है। मामले की जानकारी मिलने के बाद रांची पुलिस बीआईटी कैंपस में पहुंचकर जांच कर रही है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीआईटी मेसरा में छात्रों के दो गुटों के बीच हुई झड़प जिसमें पॉलिटेक्निक डिपार्टमेंट के एक स्टूडेंट राजा पासवान की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मारपीट की वारदात 14 नवंबर की रात में ही हुई थी, जिसमें छात्र राजा पासवान बुरी तरह से जख्मी हो गया था। जिसके बाद देहतर इलाज के लिए उसे रिम्स में भर्ती कराया गया। लेकिन इलाज के दौरान राजा की मौत हो गई। उसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।