दिग्विजय सिंह के समर्थन में आए शशि थरूर, आरएसएस वाले बयान पर दो गुटों में बंटी कांग्रेस

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कांग्रेस के सीनियर नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शनिवार को एक्स पर पीएम मोदी और लाल कृष्ण आडवाणी की एक पुरानी फोटो शेयर की थी, जिसमें नरेन्द्र मोदी जमीन पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। इस फोटो को शेयर कर उन्होंने आरएसएस की संगठनात्मक शक्ति की तारीफ। साथ ही कांग्रेस को मजबूत करने की जरूरत वाला बयान दिया। दिग्विजय सिंह के इस बयान पर बवाल मच गया है।

दिग्विजय सिंह के बयान पर कांग्रेस नेताओं की राय बटी

कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह की ओर से आरएसएस और भाजपा की तारीफ किए जाने के मामले ने पार्टी के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दिग्विजय सिंह ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा है कि वह संघ की विचारधारा के घोर विरोधी हैं। हालांकि, उनके इस बयान पर कांग्रेस में ही कई नेताओं की राय बंटी हुई नजर आ रही है।

पवन खेड़ा का दिग्विजय सिंह के बयान पर प्रहार

कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने रविवार को दिग्विजय सिंह के बयान पर तंज कसते हुए कहा कि संघ से सीखने को कुछ नहीं है। संघ पर तीखा प्रहार करते हुए खेड़ा ने आरएसएस की तुलना महात्मा गांधी की हत्या करने वाले हिंदुत्ववादी विचारक नाथूराम गोडसे से की। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि आरएसएस से सीखने को कुछ नहीं है। गोडसे के लिए कुख्यात संगठन गांधी द्वारा स्थापित संगठन को क्या सिखा सकता है?

दिग्विजय के समर्थन में शशि थरूर

वहीं दूसरी ओर दिग्विजय सिंह के आरएसएस की संगठनात्मक शक्ति की प्रशंसा करने पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि मैं भी चाहता हूं कि हमारा संगठन मजबूत हो। हमारे संगठन में अनुशासन होना चाहिए। दिग्विजय सिंह खुद इस बारे में बोल सकते हैं। इसके साथ ही शशि थरूर ने कहा, 'हमारी पार्टी का 140 साल का इतिहास है। हम इससे बहुत कुछ सीख सकते हैं। हम खुद से भी बहुत सी चीजें सीख सकते हैं। अनुशासन बहुत जरूरी चीज है।

केरल में चुनाव के चलते पीएम मोदी चर्च गए...”, कांग्रेस ने प्रधानमंत्री क्यों कसा तंज?

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25 दिसंबर को क्रिसमस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के एक चर्च की प्रार्थना में पहुंचे। वहीं दूसरी तरफ, इस दौरान कुछ जगहों पर क्रिसमस सेलिब्रेशन के दौरान हंगामे की खबरें भी सामने आई। कांग्रेस ने देश में कुछ स्थानों पर क्रिसमस से जुड़े कार्यक्रमों में कथित तौर पर व्यवधान डालने की घटनाओं की हवाला देते हुए पीएम मोदी को घेरा है।

मोदी के चर्च जाने को लेकर उठाया सवाल

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चर्च जाने को लेकर सवाल उठाया है। कांग्रेस नेता ने कहा है कि केरल में विधानसभा चुनाव होने के कारण पीएम मोदी गुरुवार सुबह चर्च गए। इस दौरान पीएम मोदी खास प्रार्थना सभा में भी शामिल हुए। हालांकि, प्रधानमंत्री अपने गुंडों को नहीं रोक पा रहे हैं।

संघ के जहरीले बीजों से निकली खरपतवार-खेड़ा

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने वीडियो शेयर करते हुए एक्स पर एक पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि 'राम नवमी और हनुमान जयंती पर ये लोग मस्जिदों के बाहर जा कर डीजे बजाते हैं, उकसाने वाले गाने बजाते हैं। क्रिसमस पर ये लोग चर्च के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ते हैं, सैंटाक्लॉस की टोपी खींचते हैं, तोड़फोड़ करते हैं। कौन हैं ये मूर्ख?' उन्होंने आरोप लगाया कि ये संघ की ओर से लगाए जहरीले बीजों से निकली खरपतवार है। यह गुंडे ना हिंदू धर्म के हो सकते हैं और ना ही भारतीय सभ्यता से इनका कोई नाता हो सकता है।'

दुनिया भर में भारत की बदनामी हो रही-खेड़ा

कांग्रेस नेता ने कहा कि इनकी हरकतों से दुनिया भर में भारत की बदनामी हो रही है। खेड़ा ने दावा किया कि प्रधानमंत्री सुबह-सुबह खुद गिरजाघर चले गए क्योंकि केरल में चुनाव है। लेकिन अपने गुंडो को नहीं रोक पा रहे हैं या रोकना नहीं चाहते हैं। उनका कहना था कि हम दुनिया से कहना चाहते हैं कि उपद्रव करने वालों को देखकर यह धारणाा मत बनाइए कि हिंदू ऐसे होते हैं या भारतवासी ऐसे होते हैं। ये लोग बहुत कम संख्या में हैं जो प्रधानमंत्री के गुंडे हैं। इनसे निपटना हम जानते हैं। केरल में अगले साल मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव संभावित है।

प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री बनाइए फिर देखिए..., कांग्रेस नेता इमरान मसूद के बयान से हलचल

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बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हुई एक दिल दहला देने वाली घटना के बाद भारत की राजनीति में जबरदस्त उबाल है। बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की ईश निंदा के आरोप में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस मुद्दे ने सियासी बयानबाजी को भी तेज कर दिया है। सत्ता पक्ष बीजेपी ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को घेरते हुए आरोप लगाया कि वह गाजा पर तो खुलकर बोलती हैं, लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर चुप रहती हैं। इस पर उत्तर प्रदेश स्थित सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बड़ा बयान दिया है।

प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की वकालत

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बांग्लादेश मसले पर मीडिया से बात करते हुए प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की वकालत की। उन्होंने कहा था, 'प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री बना दीजिए, इंदिरा गांधी जैसा जवाब मिलेगा।' उनका कहना था कि इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान के दो टुकड़े किए थे और उसी परंपरा में प्रियंका गांधी भी भारत विरोधी ताकतों को करारा जवाब देने का माद्दा रखती हैं।

प्रियंका गांधी के हाथों में दीजिए, देश की कमान-मसूद

इमरान मसूद ने दावा किया कि प्रियंका गांधी के हाथ में अगर देश की कमान होती, तो बांग्लादेश को भारत विरोधी गतिविधियों का केंद्र बनने से रोका जा सकता था। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी ऐसा इलाज करेंगी कि भारत के खिलाफ साजिश रचने वालों की हिम्मत नहीं होगी। उनके मुताबिक मौजूदा हालात बेहद चिंताजनक हैं, क्योंकि बांग्लादेश धीरे-धीरे भारत विरोधी अड्डे में तब्दील होता जा रहा है।

बीजेपी का कांग्रेस पर तीखा हमला

इमरान मसूद के प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री बनाने के बयान पर बीजेपी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी का कहना है कि यह बयान साफ तौर पर दिखाता है कि गांधी परिवार भी राहुल गांधी के नेतृत्व पर भरोसा नहीं करता। पूनावाला ने कहा, 'इमरान मसूद ने तो साफ-साफ कह दिया कि अब उनको राहुल गांधी पर कोई भरोसा नहीं बचा है। अब राहुल हटाओ, प्रियंका जी को लाओ। प्रियंका जी को प्रधानमंत्री बनाने में अब उनको काम करना है।' उन्होंने आगे कहा कि इस बात का समर्थन रॉबर्ट वाड्रा ने भी किया है। इसका मतलब जनमत तो राहुल गांधी से गया ही, उनके पास सहयोगियों का समर्थन भी नहीं है।

रॉबर्ट वाड्रा ने भी किया समर्थन

इमरान मसूद द्वारा प्रियंका गांधी वाड्रा को प्रधानमंत्री पद का संभावित उम्मीदवार बताए जाने पर उनके पति और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सब की मांग होती है, सब कहते हैं कि प्रियंका को आना चाहिए। उन्होंने खुद के राजनीति में आने के सवाल पर कहा कि लोगों की ओर से ऐसी मांगें जरूर आती हैं, लेकिन फिलहाल सबसे जरूरी है कि असल मुद्दों पर ध्यान दिया जाए।

कांग्रेस के पूर्व मंत्री का चौंकाने वाला बयान, कहा-पार्टी अपनी जमीन खो दी, पीएम को लेकर कह दी बड़ी बात

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पू्र्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व कांग्रेस नेता अश्विनी कुमार ने चौंकाने वाला बयान दिया है। अश्विनी कुमार ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि कांग्रेस के बिना देश में एक असरदार विपक्ष की कल्पना नहीं की जा सकती है। लेकिन पार्टी ने देश में कहीं न कहीं अपनी जमीन खो दी है। उन्होंने कहा कि पार्टी के फिर से खड़ा करना एक बड़ी जिम्मेदारी है। इसके साथ ही अश्विनी कुमार ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि कोई भी प्रधानमंत्री सबकुछ गलत ही करता है

कांग्रेस को खुद को मजबूत करना एक राष्ट्रीय दायित्व- अश्विनी कुमार

कांग्रेस सरकार में कानून एवं न्याय मंत्री रहे अश्विनी कुमार ने शुक्रवार को अपनी किताब 'Guardians of the Republic' के विमोचन के दौरान कुमार स्वीकार किया कि कांग्रेस पार्टी के बिना कोई मज़बूत विपक्ष नहीं हो सकता है, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अब पार्टी कहीं न कहीं अपनी पकड़ खो चुकी है।कुमार ने आगे कहा, कांग्रेस के लिए खुद को मजबूत करना अब एक राष्ट्रीय दायित्व बन गया है।

प्रधानमंत्री सब गलत नहीं कर रहे- अश्विनी कुमार

पूर्व कांग्रेस नेता ने कहा, आपको छोटे विचारों की नहीं बल्कि आत्मा की विशालता और दिल की उदारता की जरूरत है। यह नेतृत्व का गुण पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और जवाहरलाल नेहरू में था। कुमार ने कहा, वो यह नहीं मानते हैं कि किसी भी प्रधानमंत्री के किए गए सभी कार्य गलत ही होते हैं। पूर्व मंत्री ने आगे कहा, यह धारणा कि यह सरकार सब कुछ गलत कर रही है या ये प्रधानमंत्री सब गलत कर रहे है, यह सही नहीं है।

कांग्रेस को दे दी नसीहत

कुमार ने कहा कि अगर ईवीएम गलत है तो आप घोषणा कर दें कि हम ईवीएम पर चुनाव नहीं लड़ेंगे या जहां सरकार बनी है वहां से इस्तीफा दें तब कांग्रेस का नरेटिव मज़बूत होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कई संवैधानिक मुद्दे तो हैं लेकिन कांग्रेस उसको अच्छे तरीके से नहीं उठा पा रही है। कुमार ने कहा कि बिहार के नतीजे बता रहे हैं कि कांग्रेस ने ठीक से मुद्दे नहीं उठाए या तो ये सारे मुद्दे उठाने के लिए वक्त नहीं ठीक था। उन्होंने कहा या आप वो संदेश नहीं जनता को दे पाए।

कांग्रेस ने पीएम मोदी का चाय बेचते AI वीडियो किया पोस्ट, बीजेपी ने लगाई क्लास

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कांग्रेस ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चाय बेचते हुए एक AI जनरेटेड वीडियो पोस्ट किया है। इसमें पीएम को चायवाला दिखाया गया है। उनके हाथ में चाय की केतली है। दूसरे हाथ में ग्लास है। वीडियो में मोदी‌ को जोर-जोर से 'चाय बोलो, चाय-चाय चाहिए' बोलते दिखाया गया गया है। कांग्रेस ने ये वीडियो साझा कर बड़े विवाद को जन्म दे दिया है।

कांग्रेस नेता रागिनी नायक ने साझा किया वीडियो

कांग्रेस की नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक एआई वीडियो साझा किया है। छह सेकंड के वीडियो में PM मोदी को वैश्विक मंच पर चायवाले के तौर पर दर्शाया गया है। उनके एक हाथ में चाय की केतली है और दूसरे हाथ में ग्लास हैं। उनके पीछे भारत सहित कई देशों के झंडे लगे हैं। इनमें भाजपा का भी झंडा है। रागिनी ने इस वीडियो के कैप्शन में लिखा, "अब ई कौन किया बे।"

भाजपा ने जताया कड़ा विरोध

यह वीडियो भले ही व्यंग्यात्मक शैली में बनाया गया हो, लेकिन भाजपा के लिए यह एक गंभीर राजनीतिक हमला माना जा रहा है। भाजपा ने इस पर कड़ा विरोध भी जताया है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे शर्मनाक बताया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में लिखा, 'नामदार कांग्रेस ओबीसी समुदाय से आने वाले कामदार प्रधानमंत्री को बर्दाश्त नहीं कर सकती। जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।

पीएम का उनकी मां के साथ AI वीडियो किया गया था पोस्ट

यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस ने पीएम मोदी को लेकर कोई विवादास्पद वीडियो साझा किया। इससे पहले बिहार चुनाव के दौरान कांग्रेस ने एक एआई वीडियो साझा किया था। वीडियो में दिखाया गया कि प्रधानमंत्री के सपने में उनकी मां आकर कहती हैं- अरे बेटा पहले तो तुमने मुझे नोटबंदी की लाइनों में खड़ा किया। मेरे पैर धोने की रील्स बनवाईं। अब बिहार में मेरे नाम पर राजनीति कर रहे हो। तुम मेरे अपमान के बैनर-पोस्टर छपवा रहे हो। तुम फिर बिहार में नौटंकी कर रहे हो। राजनीति के नाम पर कितना गिरोगे।

क्या कांग्रेस से किनारा कर रहे हैं शशि थरूर? दूसरी बार पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक से रहे 'गायब'

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कांग्रेस के सांसद शशि थरूर इन दिनों कांग्रेस से दूरी बनाते दिख रहे हैं। कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य और तिरुवनंतपुरम से पार्टी सांसद शशि थरूर रविवार को संसद के शीतकालीन सत्र के बारे में स्ट्रेटेजिक ग्रुप की एक अहम मीटिंग में शामिल नहीं हुए। यह मीटिंग सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई। इससे पहले एसआईआर के मुद्दे पर बुलाई गई कांग्रेस की बैठक से भी वह नदारद थे। ऐसे में शशि थरूर को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

थरूर के बयानों से लग रहे कयास

कांग्रेस की जरूरी मीटिंग्स से शशि थरूर का लगातार गायब रहना पार्टी में चर्चा का विषय बन गया है। ऐसा तब हो रहा है, जब पिछले कुछ महीनों में शशि थरूर कभी अपने पार्टी की ही बुराई करते दिख रहे हैं, तो कभी पीएम मोदी की तारीफ। उनके इन्हीं बदले तेवर की वजह से राजनीतिक गलियारों में उनकी कांग्रेस से दूरी के कयास लगाए जाने लगे हैं।

एसआईआर के मुद्दे पर हुई बैठक में रहे नदारद

हाल ही में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर बुलाई कांग्रेस की बैठक से भी थरूर नदारद रहे थे, जिसके लिए उनकी तरफ से खराब स्वास्थ्य का हवाला दिया गया था। लेकिन उस वक्त वह सवालों के घेरे में आ गए थे क्योंकि एक दिन पहले ही वह पीएम मोदी के कार्यक्रम में वह शामिल हुए थे।

शशि थरूर ने की पीएम मोदी के व्याख्यान की तारीफ

पीएम की तारीफ करते ‘एक्स’ पर उनके कई पोस्ट भी आए थे। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बीते 18 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भारत की आर्थिक दिशा को रेखांकित करने और देश की विरासत को गौरवशाली बनाने पर जोर देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की थी। थरूर ने एक्स पोस्ट में लिखा था, “प्रधानमंत्री मोदी ने ‘विकास के लिए भारत की रचनात्मक अधीरता’ की बात की और एक औपनिवेशिक काल के बाद की मानसिकता से मुक्ति पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब सिर्फ ‘उभरता हुआ बाजार’ नहीं, बल्कि दुनिया के लिए ‘उभरता हुआ मॉडल’ है। उन्होंने देश की आर्थिक मजबूती पर भी ध्यान दिलाया। पीएम मोदी ने कहा कि उन पर हमेशा ‘चुनाव मोड’ में रहने का आरोप लगता है, लेकिन असल में वह लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए ‘भावनात्मक मोड’ में रहते हैं।

कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने उठाए थे सवाल

पीएम मोदी के बारे में उनके कमेंट्स के बाद, पार्टी के दूसरे नेताओं ने उनकी आलोचना की थी। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि शशि थरूर की प्रॉब्लम यह है कि मुझे नहीं लगता कि उन्हें देश के बारे में अधिक पता है... अगर आपके हिसाब से कोई कांग्रेस की पॉलिसी के खिलाफ जाकर देश का भला कर रहा है, तो आपको उन पॉलिसी को फॉलो करना चाहिए... आप कांग्रेस में क्यों हैं? क्या सिर्फ़ इसलिए कि आप एमपी हैं?

2014 के चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ रची गई साजिश! पूर्व सांसद का सीआईए-मोसाद को लेकर चौंकाने वाला दावा

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद कुमार केतकर ने 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार को लेकर बड़ा बयान दिया है। कुमार केतकर ने दावा का है कि सीआईए और मोसाद, जो अमेरिका और इजराइल की जासूसी एजेंसियां हैं, ने 2014 में हुए लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की हार की साजिश रची थी।

कांग्रेस की हार सीआईए और मोसाद की साजिश!

मुंबई में संविधान दिवस के अवसर पर आयोजित कांग्रेस के एक कार्यक्रम में बुधवार को कांग्रेस नेता और राज्यसभा के पूर्व सदस्य कुमार केतकर ने एक चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की भारी हार किसी सामान्य राजनीतिक परिवर्तन का परिणाम नहीं थी, बल्कि इसके पीछे अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए और इजराइल की मोसाद की कथित साजिश थी।

केतकर ने समझाया आंकड़ों का गणित

केतकर ने कहा कि दोनों एजेंसियों ने मिलकर यह सुनिश्चित किया था कि कांग्रेस का सीट संख्या 206 से आगे न बढ़े और पार्टी सत्ता से बाहर हो जाए। केतकर ने याद दिलाया कि 2004 में कांग्रेस ने 145 सीटें जीती थीं और 2009 में यह आंकड़ा बढ़कर 206 हो गया था। उन्होंने कहा कि अगर यही ट्रेंड जारी रहता तो 2014 में कांग्रेस को 250 से ज्यादा सीटें मिलनी चाहिए थीं और वह आराम से सत्ता में वापस आ जाती। लेकिन अचानक सीटें घटकर सिर्फ 44 रह गईं। यह सामान्य जनादेश नहीं था।

भारत के राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित करने की रणनीति

केतकर ने कहा कुछ अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने तय किया था कि किसी भी हाल में कांग्रेस को 206 सीटों से ज्यादा नहीं मिलने दी जाए। सीआईए और मोसाद ने डेटा इकट्ठा किया, रणनीति बनाई और ऐसा माहौल बनाया कि कांग्रेस सत्ता में न लौट सके। केतकर के मुताबिक, इन एजेंसियों को डर था कि यदि यूपीए दोबारा स्थिर सरकार बनाती, तो भारत की नीतियों पर उनका प्रभाव सीमित हो जाता और वे अपनी इच्छानुसार हस्तक्षेप नहीं कर पाते।

अपने अनुकूल सरकार बनाने की साजिश का आरोप

पूर्व पत्रकार रहे केतकर ने दावा किया कि इन विदेशी खुफिया एजेंसियों का उद्देश्य भारत में ऐसी सरकार तैयार करना था जो उनके लिए अनुकूल हो और उनकी नीतियों को आसानी से लागू कर सके। केतकर के मुताबिक, अगर कांग्रेस की स्थिर सरकार लौटती या गठबंधन सरकार मजबूत स्थिति में आती, तो विदेशी एजेंसियों के लिए भारत में हस्तक्षेप करना मुश्किल हो जाता है।

बिहार में बेदम हुई कांग्रेस, ओवैसी से भी पिछड़ी पार्टी

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बिहार की अपनी पुरानी राजनीतिक जमीन तलाश रही कांग्रेस को बहुत बड़ा झटका लगा है। रुझानों में एनडीए को 198, महागठबंधन को 39 और अन्य के खाते में 6 सीटें जाने के संकेत मिल रहे हैं। एनडीए के खाते में से नीतीश कुमार की जदयू के हिस्से में अपने दम पर 80 सीटें आती दिख रही हैं। 39 सीटों पर सिमटते दिख रहे महागठबंधन में कांग्रेस का हाल और भी बुरा है, वो महज 4 सीटों ही जीतती दिख रही है।

एआईएमआईएम से भी पीछे कांग्रेस

कांग्रेस की हालत रुझानों के मुताबिक तो ऐसी है कि राहुल गांधी जैसे कद्दावर नेता के वोट चोरी जैसे तमाम आरोपों के बावजूद पार्टी असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम से पीछे है। एआईएमआईएम को रुझानों में 5 सीटें मिलती दिख रही हैं।

पिछले चुनाव से भी खराब प्रदर्शन

बिहार के चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन पिछले विधानसभा चुनाव से भी खराब रहा। वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को महागठबंधन में 70 सीटें मिली थीं और वह 19 सीटें जीती थी। इस बार उसे 61 सीटें मिलीं जिनमें से वह 5 सीटें ही जीतती दिख रही है। यानी पिछले चुनाव के मुकाबले कांग्रेस आधी सीटें भी नहीं जीत सकी।

वोटर अधिकार यात्रा में दिखा आत्मविश्वास “फुस्स”

कांग्रेस का 2020 के चुनाव में प्रदर्शन बहुत निराशाजनक रहा था। इसे सुधारने और बिहार में नया जनाधार बनाने के लिए ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बिहार में विधानसभा चुनाव के ऐलान से पहले सितंबर में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) में कथित धांधली और 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर वोटर अधिकार यात्रा निकाली थी। इस यात्रा के दौरान राहुल गांधी में आत्मविश्वास झलकता रहा। तब प्रतीत हो रहा था कि कांग्रेस दशकों बाद बिहार की सत्ता में लौटने के लिए तैयार हो गई है। हालांकि जब महागठबंधन में सीटों के बंटवारे की बारी आई तो विपक्ष के इस गठबंधन के नेतृत्व और सीटों को लेकर जमकर रस्साकशी चली। इस भिड़ंत में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने अपना वर्चस्व बना लिया और कांग्रेस का उत्साह ठंडा पड़ता हुआ दिखा।

चुनाव की घोषणा के बाद बिहार से रहे गायब

चुनाव का ऐलान होने के बाद राहुल गांधी बिहार से गायब हो गए। जब उनका आंदोलन गति पकड़ चुका था, जनता में उसकी अच्छी प्रतिक्रिया हो रही थी, तब विरोध की आग को जलाए रखने के बजाय वे विदेश यात्रा पर चले गए। इसका सत्ता पक्ष ने ही नहीं कांग्रेस के सहयोगी आरजेडी ने भी फायदा उठाया।

Bihar Chunav Result: रूझानों में एनडीए को बहुमत, बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी

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बिहार विधानसभा के कुल 243 सीटों पर काउंटिंग जारी है। चुनाव के रुझान आने लगे हैं। चुनाव आयोग ने अपनी वेबसाइट results.eci.gov.in पर रूझान जारी कर दिया है। शुरुआती रुझान में एनडीए को भारी बढ़त दिख रही है। रुझान में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती दिख रही है।

भाजपा सबसे आगे

चुनाव आयोग के आंकड़ों में भाजपा सबसे ज्यादा 84 सीटों पर आगे है जबकि जेडीयू 76 सीटों पर आगे है। राजद इतिहास का दूसरा सबसे बुरा प्रदर्शन करती दिख रही है। वह केवल 34 सीटों पर आगे है। लोजपा 22 सीटों पर आगे चल रही है।कांग्रेस का भी बुरा हाल है, वो मात्र 5 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।

एनडीए ने पार किया बहुमत का आंकड़ा

बहुमत के लिए 243 सदस्यीय विधानसभा में 122 सीटें चाहिए। इस लिहाज से एनडीए ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। एनडीए को इस चुनाव में 190 के करीब सीटें मिलती दिख रही है।

किस पार्टी को कितनी बढ़त?

Party Won Leading Total

Bharatiya Janata Party - BJP 0 84 84

Janata Dal (United) - JD(U) 0 76 76

Rashtriya Janata Dal - RJD 0 34 34

Lok Janshakti Party (Ram Vilas) - LJPRV 0 22 22

Communist Party of India (Marxist-Leninist) (Liberation) - CPI(ML)(L) 0 7 7

Indian National Congress - INC 0 5 5

Hindustani Awam Morcha (Secular) - HAMS 0 5 5

Rashtriya Lok Morcha - RSHTLKM 0 3 3

All India Majlis-E-Ittehadul Muslimeen - AIMIM 0 3 3

Communist Party of India (Marxist) - CPI(M) 0 2 2

Vikassheel Insaan Party - VSIP 0 1 1

Bahujan Samaj Party - BSP 0 1 1

Total 0 243 243

बिहार में मतों की गिनती जारी, शुरुआती रुझानों में बीजेपी को बढ़त

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बिहार विधानसभा चुनाव में दो चरण में मतदान के के बाद नई सरकार चुनने के लिए कुछ ही देर में वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है। मतगणना के बाद यह तय हो जाएगा कि अगले पांच साल तक बिहार में सीएम की कुर्सी पर कौन बैठेगा।

रुझानों में बीजेपी आगे

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक शुरूआती रुझानों में बीजेपी आगे चल रही है। चुनाव आयोग की साइट पर जारी आंकड़ों के मुताबिक बीजेपी 28 सीटों पर बढ़त बने हुए है। जेडीयू 20 सीटों पर आगे है। वहीं, आरजेडी 17 और कांग्रेस 3 सीटों पर आगे चल रही है।

कौन कितनी सीटों पर आगेः

Party Won Leading Total

Bharatiya Janata Party - BJP 0 28 28

Janata Dal (United) - JD(U) 0 20 20

Rashtriya Janata Dal - RJD 0 17 17

Lok Janshakti Party (Ram Vilas) - LJPRV 0 7 7

Indian National Congress - INC 0 3 3

Communist Party of India (Marxist-Leninist) (Liberation) - CPI(ML)(L) 0 1 1

The Plurals Party - TPLRSP 0 1 1

Hindustani Awam Morcha (Secular) - HAMS 0 1 1

Total 0 78 78

दिग्विजय सिंह के समर्थन में आए शशि थरूर, आरएसएस वाले बयान पर दो गुटों में बंटी कांग्रेस

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कांग्रेस के सीनियर नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शनिवार को एक्स पर पीएम मोदी और लाल कृष्ण आडवाणी की एक पुरानी फोटो शेयर की थी, जिसमें नरेन्द्र मोदी जमीन पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। इस फोटो को शेयर कर उन्होंने आरएसएस की संगठनात्मक शक्ति की तारीफ। साथ ही कांग्रेस को मजबूत करने की जरूरत वाला बयान दिया। दिग्विजय सिंह के इस बयान पर बवाल मच गया है।

दिग्विजय सिंह के बयान पर कांग्रेस नेताओं की राय बटी

कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह की ओर से आरएसएस और भाजपा की तारीफ किए जाने के मामले ने पार्टी के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दिग्विजय सिंह ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा है कि वह संघ की विचारधारा के घोर विरोधी हैं। हालांकि, उनके इस बयान पर कांग्रेस में ही कई नेताओं की राय बंटी हुई नजर आ रही है।

पवन खेड़ा का दिग्विजय सिंह के बयान पर प्रहार

कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने रविवार को दिग्विजय सिंह के बयान पर तंज कसते हुए कहा कि संघ से सीखने को कुछ नहीं है। संघ पर तीखा प्रहार करते हुए खेड़ा ने आरएसएस की तुलना महात्मा गांधी की हत्या करने वाले हिंदुत्ववादी विचारक नाथूराम गोडसे से की। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि आरएसएस से सीखने को कुछ नहीं है। गोडसे के लिए कुख्यात संगठन गांधी द्वारा स्थापित संगठन को क्या सिखा सकता है?

दिग्विजय के समर्थन में शशि थरूर

वहीं दूसरी ओर दिग्विजय सिंह के आरएसएस की संगठनात्मक शक्ति की प्रशंसा करने पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि मैं भी चाहता हूं कि हमारा संगठन मजबूत हो। हमारे संगठन में अनुशासन होना चाहिए। दिग्विजय सिंह खुद इस बारे में बोल सकते हैं। इसके साथ ही शशि थरूर ने कहा, 'हमारी पार्टी का 140 साल का इतिहास है। हम इससे बहुत कुछ सीख सकते हैं। हम खुद से भी बहुत सी चीजें सीख सकते हैं। अनुशासन बहुत जरूरी चीज है।

केरल में चुनाव के चलते पीएम मोदी चर्च गए...”, कांग्रेस ने प्रधानमंत्री क्यों कसा तंज?

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25 दिसंबर को क्रिसमस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के एक चर्च की प्रार्थना में पहुंचे। वहीं दूसरी तरफ, इस दौरान कुछ जगहों पर क्रिसमस सेलिब्रेशन के दौरान हंगामे की खबरें भी सामने आई। कांग्रेस ने देश में कुछ स्थानों पर क्रिसमस से जुड़े कार्यक्रमों में कथित तौर पर व्यवधान डालने की घटनाओं की हवाला देते हुए पीएम मोदी को घेरा है।

मोदी के चर्च जाने को लेकर उठाया सवाल

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चर्च जाने को लेकर सवाल उठाया है। कांग्रेस नेता ने कहा है कि केरल में विधानसभा चुनाव होने के कारण पीएम मोदी गुरुवार सुबह चर्च गए। इस दौरान पीएम मोदी खास प्रार्थना सभा में भी शामिल हुए। हालांकि, प्रधानमंत्री अपने गुंडों को नहीं रोक पा रहे हैं।

संघ के जहरीले बीजों से निकली खरपतवार-खेड़ा

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने वीडियो शेयर करते हुए एक्स पर एक पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि 'राम नवमी और हनुमान जयंती पर ये लोग मस्जिदों के बाहर जा कर डीजे बजाते हैं, उकसाने वाले गाने बजाते हैं। क्रिसमस पर ये लोग चर्च के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ते हैं, सैंटाक्लॉस की टोपी खींचते हैं, तोड़फोड़ करते हैं। कौन हैं ये मूर्ख?' उन्होंने आरोप लगाया कि ये संघ की ओर से लगाए जहरीले बीजों से निकली खरपतवार है। यह गुंडे ना हिंदू धर्म के हो सकते हैं और ना ही भारतीय सभ्यता से इनका कोई नाता हो सकता है।'

दुनिया भर में भारत की बदनामी हो रही-खेड़ा

कांग्रेस नेता ने कहा कि इनकी हरकतों से दुनिया भर में भारत की बदनामी हो रही है। खेड़ा ने दावा किया कि प्रधानमंत्री सुबह-सुबह खुद गिरजाघर चले गए क्योंकि केरल में चुनाव है। लेकिन अपने गुंडो को नहीं रोक पा रहे हैं या रोकना नहीं चाहते हैं। उनका कहना था कि हम दुनिया से कहना चाहते हैं कि उपद्रव करने वालों को देखकर यह धारणाा मत बनाइए कि हिंदू ऐसे होते हैं या भारतवासी ऐसे होते हैं। ये लोग बहुत कम संख्या में हैं जो प्रधानमंत्री के गुंडे हैं। इनसे निपटना हम जानते हैं। केरल में अगले साल मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव संभावित है।

प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री बनाइए फिर देखिए..., कांग्रेस नेता इमरान मसूद के बयान से हलचल

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बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हुई एक दिल दहला देने वाली घटना के बाद भारत की राजनीति में जबरदस्त उबाल है। बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की ईश निंदा के आरोप में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस मुद्दे ने सियासी बयानबाजी को भी तेज कर दिया है। सत्ता पक्ष बीजेपी ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को घेरते हुए आरोप लगाया कि वह गाजा पर तो खुलकर बोलती हैं, लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर चुप रहती हैं। इस पर उत्तर प्रदेश स्थित सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बड़ा बयान दिया है।

प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की वकालत

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बांग्लादेश मसले पर मीडिया से बात करते हुए प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की वकालत की। उन्होंने कहा था, 'प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री बना दीजिए, इंदिरा गांधी जैसा जवाब मिलेगा।' उनका कहना था कि इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान के दो टुकड़े किए थे और उसी परंपरा में प्रियंका गांधी भी भारत विरोधी ताकतों को करारा जवाब देने का माद्दा रखती हैं।

प्रियंका गांधी के हाथों में दीजिए, देश की कमान-मसूद

इमरान मसूद ने दावा किया कि प्रियंका गांधी के हाथ में अगर देश की कमान होती, तो बांग्लादेश को भारत विरोधी गतिविधियों का केंद्र बनने से रोका जा सकता था। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी ऐसा इलाज करेंगी कि भारत के खिलाफ साजिश रचने वालों की हिम्मत नहीं होगी। उनके मुताबिक मौजूदा हालात बेहद चिंताजनक हैं, क्योंकि बांग्लादेश धीरे-धीरे भारत विरोधी अड्डे में तब्दील होता जा रहा है।

बीजेपी का कांग्रेस पर तीखा हमला

इमरान मसूद के प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री बनाने के बयान पर बीजेपी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी का कहना है कि यह बयान साफ तौर पर दिखाता है कि गांधी परिवार भी राहुल गांधी के नेतृत्व पर भरोसा नहीं करता। पूनावाला ने कहा, 'इमरान मसूद ने तो साफ-साफ कह दिया कि अब उनको राहुल गांधी पर कोई भरोसा नहीं बचा है। अब राहुल हटाओ, प्रियंका जी को लाओ। प्रियंका जी को प्रधानमंत्री बनाने में अब उनको काम करना है।' उन्होंने आगे कहा कि इस बात का समर्थन रॉबर्ट वाड्रा ने भी किया है। इसका मतलब जनमत तो राहुल गांधी से गया ही, उनके पास सहयोगियों का समर्थन भी नहीं है।

रॉबर्ट वाड्रा ने भी किया समर्थन

इमरान मसूद द्वारा प्रियंका गांधी वाड्रा को प्रधानमंत्री पद का संभावित उम्मीदवार बताए जाने पर उनके पति और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सब की मांग होती है, सब कहते हैं कि प्रियंका को आना चाहिए। उन्होंने खुद के राजनीति में आने के सवाल पर कहा कि लोगों की ओर से ऐसी मांगें जरूर आती हैं, लेकिन फिलहाल सबसे जरूरी है कि असल मुद्दों पर ध्यान दिया जाए।

कांग्रेस के पूर्व मंत्री का चौंकाने वाला बयान, कहा-पार्टी अपनी जमीन खो दी, पीएम को लेकर कह दी बड़ी बात

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पू्र्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व कांग्रेस नेता अश्विनी कुमार ने चौंकाने वाला बयान दिया है। अश्विनी कुमार ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि कांग्रेस के बिना देश में एक असरदार विपक्ष की कल्पना नहीं की जा सकती है। लेकिन पार्टी ने देश में कहीं न कहीं अपनी जमीन खो दी है। उन्होंने कहा कि पार्टी के फिर से खड़ा करना एक बड़ी जिम्मेदारी है। इसके साथ ही अश्विनी कुमार ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि कोई भी प्रधानमंत्री सबकुछ गलत ही करता है

कांग्रेस को खुद को मजबूत करना एक राष्ट्रीय दायित्व- अश्विनी कुमार

कांग्रेस सरकार में कानून एवं न्याय मंत्री रहे अश्विनी कुमार ने शुक्रवार को अपनी किताब 'Guardians of the Republic' के विमोचन के दौरान कुमार स्वीकार किया कि कांग्रेस पार्टी के बिना कोई मज़बूत विपक्ष नहीं हो सकता है, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अब पार्टी कहीं न कहीं अपनी पकड़ खो चुकी है।कुमार ने आगे कहा, कांग्रेस के लिए खुद को मजबूत करना अब एक राष्ट्रीय दायित्व बन गया है।

प्रधानमंत्री सब गलत नहीं कर रहे- अश्विनी कुमार

पूर्व कांग्रेस नेता ने कहा, आपको छोटे विचारों की नहीं बल्कि आत्मा की विशालता और दिल की उदारता की जरूरत है। यह नेतृत्व का गुण पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और जवाहरलाल नेहरू में था। कुमार ने कहा, वो यह नहीं मानते हैं कि किसी भी प्रधानमंत्री के किए गए सभी कार्य गलत ही होते हैं। पूर्व मंत्री ने आगे कहा, यह धारणा कि यह सरकार सब कुछ गलत कर रही है या ये प्रधानमंत्री सब गलत कर रहे है, यह सही नहीं है।

कांग्रेस को दे दी नसीहत

कुमार ने कहा कि अगर ईवीएम गलत है तो आप घोषणा कर दें कि हम ईवीएम पर चुनाव नहीं लड़ेंगे या जहां सरकार बनी है वहां से इस्तीफा दें तब कांग्रेस का नरेटिव मज़बूत होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कई संवैधानिक मुद्दे तो हैं लेकिन कांग्रेस उसको अच्छे तरीके से नहीं उठा पा रही है। कुमार ने कहा कि बिहार के नतीजे बता रहे हैं कि कांग्रेस ने ठीक से मुद्दे नहीं उठाए या तो ये सारे मुद्दे उठाने के लिए वक्त नहीं ठीक था। उन्होंने कहा या आप वो संदेश नहीं जनता को दे पाए।

कांग्रेस ने पीएम मोदी का चाय बेचते AI वीडियो किया पोस्ट, बीजेपी ने लगाई क्लास

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कांग्रेस ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चाय बेचते हुए एक AI जनरेटेड वीडियो पोस्ट किया है। इसमें पीएम को चायवाला दिखाया गया है। उनके हाथ में चाय की केतली है। दूसरे हाथ में ग्लास है। वीडियो में मोदी‌ को जोर-जोर से 'चाय बोलो, चाय-चाय चाहिए' बोलते दिखाया गया गया है। कांग्रेस ने ये वीडियो साझा कर बड़े विवाद को जन्म दे दिया है।

कांग्रेस नेता रागिनी नायक ने साझा किया वीडियो

कांग्रेस की नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक एआई वीडियो साझा किया है। छह सेकंड के वीडियो में PM मोदी को वैश्विक मंच पर चायवाले के तौर पर दर्शाया गया है। उनके एक हाथ में चाय की केतली है और दूसरे हाथ में ग्लास हैं। उनके पीछे भारत सहित कई देशों के झंडे लगे हैं। इनमें भाजपा का भी झंडा है। रागिनी ने इस वीडियो के कैप्शन में लिखा, "अब ई कौन किया बे।"

भाजपा ने जताया कड़ा विरोध

यह वीडियो भले ही व्यंग्यात्मक शैली में बनाया गया हो, लेकिन भाजपा के लिए यह एक गंभीर राजनीतिक हमला माना जा रहा है। भाजपा ने इस पर कड़ा विरोध भी जताया है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे शर्मनाक बताया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में लिखा, 'नामदार कांग्रेस ओबीसी समुदाय से आने वाले कामदार प्रधानमंत्री को बर्दाश्त नहीं कर सकती। जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।

पीएम का उनकी मां के साथ AI वीडियो किया गया था पोस्ट

यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस ने पीएम मोदी को लेकर कोई विवादास्पद वीडियो साझा किया। इससे पहले बिहार चुनाव के दौरान कांग्रेस ने एक एआई वीडियो साझा किया था। वीडियो में दिखाया गया कि प्रधानमंत्री के सपने में उनकी मां आकर कहती हैं- अरे बेटा पहले तो तुमने मुझे नोटबंदी की लाइनों में खड़ा किया। मेरे पैर धोने की रील्स बनवाईं। अब बिहार में मेरे नाम पर राजनीति कर रहे हो। तुम मेरे अपमान के बैनर-पोस्टर छपवा रहे हो। तुम फिर बिहार में नौटंकी कर रहे हो। राजनीति के नाम पर कितना गिरोगे।

क्या कांग्रेस से किनारा कर रहे हैं शशि थरूर? दूसरी बार पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक से रहे 'गायब'

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कांग्रेस के सांसद शशि थरूर इन दिनों कांग्रेस से दूरी बनाते दिख रहे हैं। कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य और तिरुवनंतपुरम से पार्टी सांसद शशि थरूर रविवार को संसद के शीतकालीन सत्र के बारे में स्ट्रेटेजिक ग्रुप की एक अहम मीटिंग में शामिल नहीं हुए। यह मीटिंग सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई। इससे पहले एसआईआर के मुद्दे पर बुलाई गई कांग्रेस की बैठक से भी वह नदारद थे। ऐसे में शशि थरूर को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

थरूर के बयानों से लग रहे कयास

कांग्रेस की जरूरी मीटिंग्स से शशि थरूर का लगातार गायब रहना पार्टी में चर्चा का विषय बन गया है। ऐसा तब हो रहा है, जब पिछले कुछ महीनों में शशि थरूर कभी अपने पार्टी की ही बुराई करते दिख रहे हैं, तो कभी पीएम मोदी की तारीफ। उनके इन्हीं बदले तेवर की वजह से राजनीतिक गलियारों में उनकी कांग्रेस से दूरी के कयास लगाए जाने लगे हैं।

एसआईआर के मुद्दे पर हुई बैठक में रहे नदारद

हाल ही में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर बुलाई कांग्रेस की बैठक से भी थरूर नदारद रहे थे, जिसके लिए उनकी तरफ से खराब स्वास्थ्य का हवाला दिया गया था। लेकिन उस वक्त वह सवालों के घेरे में आ गए थे क्योंकि एक दिन पहले ही वह पीएम मोदी के कार्यक्रम में वह शामिल हुए थे।

शशि थरूर ने की पीएम मोदी के व्याख्यान की तारीफ

पीएम की तारीफ करते ‘एक्स’ पर उनके कई पोस्ट भी आए थे। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बीते 18 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भारत की आर्थिक दिशा को रेखांकित करने और देश की विरासत को गौरवशाली बनाने पर जोर देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की थी। थरूर ने एक्स पोस्ट में लिखा था, “प्रधानमंत्री मोदी ने ‘विकास के लिए भारत की रचनात्मक अधीरता’ की बात की और एक औपनिवेशिक काल के बाद की मानसिकता से मुक्ति पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब सिर्फ ‘उभरता हुआ बाजार’ नहीं, बल्कि दुनिया के लिए ‘उभरता हुआ मॉडल’ है। उन्होंने देश की आर्थिक मजबूती पर भी ध्यान दिलाया। पीएम मोदी ने कहा कि उन पर हमेशा ‘चुनाव मोड’ में रहने का आरोप लगता है, लेकिन असल में वह लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए ‘भावनात्मक मोड’ में रहते हैं।

कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने उठाए थे सवाल

पीएम मोदी के बारे में उनके कमेंट्स के बाद, पार्टी के दूसरे नेताओं ने उनकी आलोचना की थी। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि शशि थरूर की प्रॉब्लम यह है कि मुझे नहीं लगता कि उन्हें देश के बारे में अधिक पता है... अगर आपके हिसाब से कोई कांग्रेस की पॉलिसी के खिलाफ जाकर देश का भला कर रहा है, तो आपको उन पॉलिसी को फॉलो करना चाहिए... आप कांग्रेस में क्यों हैं? क्या सिर्फ़ इसलिए कि आप एमपी हैं?

2014 के चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ रची गई साजिश! पूर्व सांसद का सीआईए-मोसाद को लेकर चौंकाने वाला दावा

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद कुमार केतकर ने 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार को लेकर बड़ा बयान दिया है। कुमार केतकर ने दावा का है कि सीआईए और मोसाद, जो अमेरिका और इजराइल की जासूसी एजेंसियां हैं, ने 2014 में हुए लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की हार की साजिश रची थी।

कांग्रेस की हार सीआईए और मोसाद की साजिश!

मुंबई में संविधान दिवस के अवसर पर आयोजित कांग्रेस के एक कार्यक्रम में बुधवार को कांग्रेस नेता और राज्यसभा के पूर्व सदस्य कुमार केतकर ने एक चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की भारी हार किसी सामान्य राजनीतिक परिवर्तन का परिणाम नहीं थी, बल्कि इसके पीछे अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए और इजराइल की मोसाद की कथित साजिश थी।

केतकर ने समझाया आंकड़ों का गणित

केतकर ने कहा कि दोनों एजेंसियों ने मिलकर यह सुनिश्चित किया था कि कांग्रेस का सीट संख्या 206 से आगे न बढ़े और पार्टी सत्ता से बाहर हो जाए। केतकर ने याद दिलाया कि 2004 में कांग्रेस ने 145 सीटें जीती थीं और 2009 में यह आंकड़ा बढ़कर 206 हो गया था। उन्होंने कहा कि अगर यही ट्रेंड जारी रहता तो 2014 में कांग्रेस को 250 से ज्यादा सीटें मिलनी चाहिए थीं और वह आराम से सत्ता में वापस आ जाती। लेकिन अचानक सीटें घटकर सिर्फ 44 रह गईं। यह सामान्य जनादेश नहीं था।

भारत के राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित करने की रणनीति

केतकर ने कहा कुछ अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने तय किया था कि किसी भी हाल में कांग्रेस को 206 सीटों से ज्यादा नहीं मिलने दी जाए। सीआईए और मोसाद ने डेटा इकट्ठा किया, रणनीति बनाई और ऐसा माहौल बनाया कि कांग्रेस सत्ता में न लौट सके। केतकर के मुताबिक, इन एजेंसियों को डर था कि यदि यूपीए दोबारा स्थिर सरकार बनाती, तो भारत की नीतियों पर उनका प्रभाव सीमित हो जाता और वे अपनी इच्छानुसार हस्तक्षेप नहीं कर पाते।

अपने अनुकूल सरकार बनाने की साजिश का आरोप

पूर्व पत्रकार रहे केतकर ने दावा किया कि इन विदेशी खुफिया एजेंसियों का उद्देश्य भारत में ऐसी सरकार तैयार करना था जो उनके लिए अनुकूल हो और उनकी नीतियों को आसानी से लागू कर सके। केतकर के मुताबिक, अगर कांग्रेस की स्थिर सरकार लौटती या गठबंधन सरकार मजबूत स्थिति में आती, तो विदेशी एजेंसियों के लिए भारत में हस्तक्षेप करना मुश्किल हो जाता है।

बिहार में बेदम हुई कांग्रेस, ओवैसी से भी पिछड़ी पार्टी

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बिहार की अपनी पुरानी राजनीतिक जमीन तलाश रही कांग्रेस को बहुत बड़ा झटका लगा है। रुझानों में एनडीए को 198, महागठबंधन को 39 और अन्य के खाते में 6 सीटें जाने के संकेत मिल रहे हैं। एनडीए के खाते में से नीतीश कुमार की जदयू के हिस्से में अपने दम पर 80 सीटें आती दिख रही हैं। 39 सीटों पर सिमटते दिख रहे महागठबंधन में कांग्रेस का हाल और भी बुरा है, वो महज 4 सीटों ही जीतती दिख रही है।

एआईएमआईएम से भी पीछे कांग्रेस

कांग्रेस की हालत रुझानों के मुताबिक तो ऐसी है कि राहुल गांधी जैसे कद्दावर नेता के वोट चोरी जैसे तमाम आरोपों के बावजूद पार्टी असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम से पीछे है। एआईएमआईएम को रुझानों में 5 सीटें मिलती दिख रही हैं।

पिछले चुनाव से भी खराब प्रदर्शन

बिहार के चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन पिछले विधानसभा चुनाव से भी खराब रहा। वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को महागठबंधन में 70 सीटें मिली थीं और वह 19 सीटें जीती थी। इस बार उसे 61 सीटें मिलीं जिनमें से वह 5 सीटें ही जीतती दिख रही है। यानी पिछले चुनाव के मुकाबले कांग्रेस आधी सीटें भी नहीं जीत सकी।

वोटर अधिकार यात्रा में दिखा आत्मविश्वास “फुस्स”

कांग्रेस का 2020 के चुनाव में प्रदर्शन बहुत निराशाजनक रहा था। इसे सुधारने और बिहार में नया जनाधार बनाने के लिए ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बिहार में विधानसभा चुनाव के ऐलान से पहले सितंबर में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) में कथित धांधली और 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर वोटर अधिकार यात्रा निकाली थी। इस यात्रा के दौरान राहुल गांधी में आत्मविश्वास झलकता रहा। तब प्रतीत हो रहा था कि कांग्रेस दशकों बाद बिहार की सत्ता में लौटने के लिए तैयार हो गई है। हालांकि जब महागठबंधन में सीटों के बंटवारे की बारी आई तो विपक्ष के इस गठबंधन के नेतृत्व और सीटों को लेकर जमकर रस्साकशी चली। इस भिड़ंत में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने अपना वर्चस्व बना लिया और कांग्रेस का उत्साह ठंडा पड़ता हुआ दिखा।

चुनाव की घोषणा के बाद बिहार से रहे गायब

चुनाव का ऐलान होने के बाद राहुल गांधी बिहार से गायब हो गए। जब उनका आंदोलन गति पकड़ चुका था, जनता में उसकी अच्छी प्रतिक्रिया हो रही थी, तब विरोध की आग को जलाए रखने के बजाय वे विदेश यात्रा पर चले गए। इसका सत्ता पक्ष ने ही नहीं कांग्रेस के सहयोगी आरजेडी ने भी फायदा उठाया।

Bihar Chunav Result: रूझानों में एनडीए को बहुमत, बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी

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बिहार विधानसभा के कुल 243 सीटों पर काउंटिंग जारी है। चुनाव के रुझान आने लगे हैं। चुनाव आयोग ने अपनी वेबसाइट results.eci.gov.in पर रूझान जारी कर दिया है। शुरुआती रुझान में एनडीए को भारी बढ़त दिख रही है। रुझान में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती दिख रही है।

भाजपा सबसे आगे

चुनाव आयोग के आंकड़ों में भाजपा सबसे ज्यादा 84 सीटों पर आगे है जबकि जेडीयू 76 सीटों पर आगे है। राजद इतिहास का दूसरा सबसे बुरा प्रदर्शन करती दिख रही है। वह केवल 34 सीटों पर आगे है। लोजपा 22 सीटों पर आगे चल रही है।कांग्रेस का भी बुरा हाल है, वो मात्र 5 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।

एनडीए ने पार किया बहुमत का आंकड़ा

बहुमत के लिए 243 सदस्यीय विधानसभा में 122 सीटें चाहिए। इस लिहाज से एनडीए ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। एनडीए को इस चुनाव में 190 के करीब सीटें मिलती दिख रही है।

किस पार्टी को कितनी बढ़त?

Party Won Leading Total

Bharatiya Janata Party - BJP 0 84 84

Janata Dal (United) - JD(U) 0 76 76

Rashtriya Janata Dal - RJD 0 34 34

Lok Janshakti Party (Ram Vilas) - LJPRV 0 22 22

Communist Party of India (Marxist-Leninist) (Liberation) - CPI(ML)(L) 0 7 7

Indian National Congress - INC 0 5 5

Hindustani Awam Morcha (Secular) - HAMS 0 5 5

Rashtriya Lok Morcha - RSHTLKM 0 3 3

All India Majlis-E-Ittehadul Muslimeen - AIMIM 0 3 3

Communist Party of India (Marxist) - CPI(M) 0 2 2

Vikassheel Insaan Party - VSIP 0 1 1

Bahujan Samaj Party - BSP 0 1 1

Total 0 243 243

बिहार में मतों की गिनती जारी, शुरुआती रुझानों में बीजेपी को बढ़त

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बिहार विधानसभा चुनाव में दो चरण में मतदान के के बाद नई सरकार चुनने के लिए कुछ ही देर में वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है। मतगणना के बाद यह तय हो जाएगा कि अगले पांच साल तक बिहार में सीएम की कुर्सी पर कौन बैठेगा।

रुझानों में बीजेपी आगे

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक शुरूआती रुझानों में बीजेपी आगे चल रही है। चुनाव आयोग की साइट पर जारी आंकड़ों के मुताबिक बीजेपी 28 सीटों पर बढ़त बने हुए है। जेडीयू 20 सीटों पर आगे है। वहीं, आरजेडी 17 और कांग्रेस 3 सीटों पर आगे चल रही है।

कौन कितनी सीटों पर आगेः

Party Won Leading Total

Bharatiya Janata Party - BJP 0 28 28

Janata Dal (United) - JD(U) 0 20 20

Rashtriya Janata Dal - RJD 0 17 17

Lok Janshakti Party (Ram Vilas) - LJPRV 0 7 7

Indian National Congress - INC 0 3 3

Communist Party of India (Marxist-Leninist) (Liberation) - CPI(ML)(L) 0 1 1

The Plurals Party - TPLRSP 0 1 1

Hindustani Awam Morcha (Secular) - HAMS 0 1 1

Total 0 78 78