'मैंने 8 युद्ध समाप्त किए', नोबेल शांति पुरस्कार पर ट्रंप का रोना, बोले-यह पुरस्कार उनका हक था
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कितनी शिद्दत से नोबेल शांति पुरस्तार हासिल करना चाहते हैं, ये बात पूरी दुनिया जानती है। पिछले साल भी ट्रंप को पूरी आशा थी कि नोबेल शांति पुरस्तार उन्हें ही मिलेगा। लेकिन, उन्हें सिवा निराशा के कुछ भी हाथ नहीं लगा। इस बार भी उनका सपना चूर-चूर हो गया है। ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने पर एक बार फिर नाराजगी जताई है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने आठ युद्ध सुलझाए हैं, इसलिए नोबेल शांति पुरस्कार पर उनका हक था।
नोबेल पीस प्राइज के फैसले को बताया शर्मनाक और निंदनीय
न्यूयॉर्क के सिरैक्यूज़ में आयोजित एक चुनावी रैली के दौरान ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार के फैसले पर काफी देर तक चर्चा की और तर्क दिया कि यह सम्मान उन्हें दिया जाना चाहिए था। ट्रंप ने कहा, "संयुक्त राज्य अमेरिका, जिसका प्रतिनिधित्व मैं आपके राष्ट्रपति के रूप में करता हूं, को नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए था, लेकिन नहीं मिला। और यह नॉर्वे देश और उन लोगों पर एक अमिट धब्बा है जिन्होंने इतना शर्मनाक और निंदनीय निर्णय लिया।" उन्होंने पुरस्कार के आयोजकों की आलोचना जारी रखते हुए उन पर पुरस्कार की विश्वसनीयता को कम करने का आरोप लगाया।
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नोबेल पुरस्कार की साख हमेशा के लिए खत्म हो गई-ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि कुछ कट्टरपंथी विचारधारा वाले लोगों ने नोबेल शांति पुरस्कार की साख हमेशा के लिए खत्म कर दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका यह नहीं भूलेगा कि नॉर्वे ने उसे यह पुरस्कार नहीं दिया। ट्रंप ने अपने रिकॉर्ड का जिक्र करते हुए कहा कि आठ युद्ध सुलझाने के लिए उन्हें आठ नोबेल शांति पुरस्कार मिलने चाहिए थे।
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भारत-पाकिस्तान युद्ध रोकने का फिर दावा
ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाया था। उन्होंने कहा कि परमाणु हथियार रखने वाले दोनों देशों को युद्ध से रोककर उन्होंने 5 करोड़ लोगों की जान बचाई। ट्रंप ने कहा कि वह ईरान और रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने की दिशा में भी काम कर रहे हैं। उनके मुताबिक, अमेरिका को नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके लिए अमेरिका नॉर्वे को कभी नहीं भूलेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका। अगर ऐसा नहीं होता, तो पूरे मिडिल-ईस्ट के साथ यूरोप और अमेरिका तक तबाही फैल सकती थी। उन्होंने कहा, ‘मैंने इतिहास में किसी भी दूसरे व्यक्ति से ज्यादा लोगों की जान बचाई है।’
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लगातार नोबेल पीस प्राइज का दावा कर रहे ट्रंप
ट्रंप पहली बार नोबेल प्राइज की मांग नहीं कर रहे हैं। पिछले कुछ सालों में वे लगातार नोबेल पीस प्राइज के लिए दावा कर चुके हैं। सबसे पहले अक्टूबर 2018 में एक कार्यक्रम में ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार का जिक्र करते हुए कहा था कि उन्हें शायद यह पुरस्कार कभी नहीं मिलेगा, भले ही ने कोरिया और सीरिया में शांति कायम करने की कोशिश कर रहे हों। इसके बाद फरवरी 2019 में उन्होंने खुलकर अपनी दावेदारी रखी। उन्होंने कहा कि जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने उन्हें नोबेल के लिए नामित किया है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि इसे कभी नहीं जीत पाऊंगा। 2019 में ही एक पाकिस्तानी पत्रकार के सवाल के जवाब में ट्रम्प ने कहा कि उन्हें लगता है कि उन्हें कई चीजों के लिए नोबेल मिलेगा, अगर पुरस्कार निष्पक्ष तरीके से दिया जाए। 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान भी ट्रंप ने नोबेल का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा से अपनी तुलना करते हुए कहा था कि अगर ओबामा को यह पुरस्कार मिल सकता है तो उन्हें भी मिलना चाहिए।












Oct 10 2026, 19:52
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