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*आंसुओं के सैलाब के बीच सीएम हेमंत सोरेन की माता रूपी सोरेन पंचतत्व में विलीन, पैतृक गांव नेमरा में बेटे हेमंत ने दी मुखाग्नि

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की पूजनीय माता रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार गुरुवार को पूरे सम्मान और पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ संपन्न हुआ। अंत्येष्टि रामगढ़ जिला में उनके पैतृक गांव नेमरा स्थित श्मशान घाट पर हुई। अपनी दिवंगत माता को मुखाग्नि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने दी। जैसे ही मुखाग्नि दी गई, पूरा गांव और वहां मौजूद हजारों लोगों की आँखें नम हो गईं। इस अवसर पर पूरा माहौल अत्यंत गमगीन हो गया।

शोक में डूबा नेमरा, उमड़ा जनसैलाब

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की माता दिवंगत रूपी सोरेन के पार्थिव शरीर का दर्शन और उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए नेमरा गांव में जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान दूर-दराज के क्षेत्रों से आए सैकड़ों ग्रामीण, समर्थकों, राजनीतिक दिग्गजों और प्रशासनिक अधिकारियों ने दिवंगत रूपी सोरेन को अश्रुपूर्ण आँखों से अंतिम विदाई दी। शव यात्रा में शामिल होकर बड़ी संख्या में लोग श्मशान घाट तक गये। माहौल गमगीन था, लेकिन हर एक की अंतिम तमन्ना रूपी सोरेन का अंतिम दर्शन करते हुए उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई देना था। नेमरा गांव का हर एक घर अंतिम विदाई बेला में जहां शामिल था, वहीं रूपी सोरेन के व्यक्तित्व और कृतित्व पर भी चर्चा कर रहा था।

सादगी और संघर्ष की प्रतिमूर्ति

दिवंगत रूपी सोरेन झारखंड आंदोलन के दौर से लेकर आज तक सादगी, त्याग और संघर्ष की प्रतिमूर्ति रही थीं। उन्होंने न केवल अपना परिवारिक दायित्व बखूबी निभाया था, बल्कि पूरे झारखंड समाज के लिए एक अभिभावक की भूमिका भी निभाई थी। उनके निधन से झारखंड ने एक ममतामयी मां और मार्गदर्शक को खो दिया है। इस दुःखद वेला में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने मुख्यमंत्री और उनके परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है और ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की है।

42 पूर्व जजों ने लिखा खुला पत्र, वोट चोरी के आरोपों को लेकर दी चेतावनी

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देश की राजनीति में इन दिनों ‘भूचाल’ आया हुआ है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टी के सांसद सड़कों पर हैं। विपक्षी सांसद मतदाता सूची के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' यानी एसआईआर में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इन सबके बीच 42 पूर्व जजों ने बड़ा कदम उठाया है।पूर्व जजों ने एक खुला पत्र लिखकर चुनाव आयोग को कमजोर करने की कोशिशों के खिलाफ चेतावनी जारी की है।

42 रिटायर्ड जजों का खुला पत्र

42 रिटायर्ड जजों ने एक खुला पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग को कमज़ोर करने की किसी भी कोशिश के ख़िलाफ़ चेतावनी दी है। कड़े शब्दों वाले इस पत्र में चुनाव आयोग, न्यायपालिका और दूसरी संवैधानिक संस्थाओं को कमज़ोर करने के लिए चल रहे अभियान पर गहरी चिंता ज़ाहिर की है। पूर्व जजों ने अपने पत्र में कहा है कि संस्थाओं की आलोचना करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन उन्हें बदनाम करना नहीं।

पूर्व जजों ने दी चेतावनी

पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले पूर्व जजों ने बिना किसी सबूत के "वोट चोरी" के आरोपों पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि संवैधानिक संस्थाओं को बार-बार चोर और मिलीभगत वाला बताने से लोकतंत्र में जनता का भरोसा कम हो सकता है। पत्र में लिखा है, "हम यह इसलिए लिख रहे हैं क्योंकि ऐसे समय में चुप रहना अब कोई निष्पक्ष विकल्प नहीं है। हमारी चिंता गंभीर है। भारत की संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार हमले हो रहे हैं।"

पूर्व जजों ने कहा-सुनियोजित अभियान

पत्र के जरिए उन्होंने कहा, "भारत का चुनाव आयोग इस हमले के केंद्र में है। यहाँ तक कि उच्च न्यायपालिका, जिसका हम बहुत सम्मान करते हैं, और वैधानिक एजेंसियों को भी नहीं बख्शा गया है।" न्यायाधीशों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ये हमले सोच-समझकर की गई आलोचना नहीं हैं। उन्होंने लिखा, "यह राजनीतिक स्वार्थों से प्रेरित एक सुनियोजित अभियान लगता है, जिसमें दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को अस्थिर करने के संभावित विनाशकारी परिणामों की कोई परवाह नहीं की गई है।"

एसआईआर का बचाव किया

पूर्व जजों ने वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (एसआईआर) का बचाव किया है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह एक कानूनी रूप से स्थापित प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य साफ़-सुथरी और सटीक मतदाता सूची सुनिश्चित करना है। पूर्व जजों ने पत्र में चेतावनी दी है कि भरोसा ही लोकतंत्र की असली पूंजी है और चुनावों की वैधता पर सवाल उठाने की कोशिशें अशांति फैला सकती हैं और अराजक तत्वों का हौसला बढ़ा सकती हैं।

PVUNL में हाइड्रोक्लोरिक एसिड केमिकल रिलीज को लेकर रासायनिक सुरक्षा मॉक ड्रिल आयोजित

पतरातू, 8 अक्टूबर 2026: पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (PVUNL) द्वारा संयंत्र में आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों, सुरक्षा प्रक्रियाओं एवं आपदा प्रबंधन व्यवस्था की प्रभावशीलता का आकलन करने के उद्देश्य से रासायनिक सुरक्षा मॉक ड्रिल आयोजित की गई।

मॉक ड्रिल के तहत DM प्लांट के हाइड्रोक्लोरिक एसिड (HCl) बल्क स्टोरेज/एसिड टैंक क्षेत्र में रासायनिक रिसाव (Chemical Release) की आपातकालीन स्थिति को प्रदर्शित किया गया। मॉक ड्रिल की शुरुआत 11:53 बजे हुई तथा निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया गतिविधियों को पूरा करते हुए इसे 12:25 बजे सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान एक व्यक्ति के रासायनिक संपर्क में आने की स्थिति को भी प्रदर्शित किया गया। उसे तत्काल प्राथमिक उपचार एवं आवश्यक चिकित्सा सहायता के लिए पतरातू अस्पताल भेजा गया, जहां उसका उपचार किया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

मॉक ड्रिल के दौरान CISF एवं PVUNL के कर्मचारियों की भी सक्रिय उपस्थिति रही। संबंधित टीमों द्वारा आपातकालीन प्रतिक्रिया, सुरक्षित निकासी, चिकित्सा सहायता तथा समन्वय से जुड़ी प्रक्रियाओं का अभ्यास किया गया।

इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य रासायनिक आपात स्थिति की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना, कर्मचारियों में सुरक्षा जागरूकता बढ़ाना तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय को मजबूत करना था।

PVUNL प्रबंधन ने कहा कि संयंत्र में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसी मॉक ड्रिल के माध्यम से आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का नियमित रूप से परीक्षण एवं सुदृढ़ीकरण किया जाता है।

*सीएम हेमंत सोरेन की माता के निधन पर सियासी जगत में शोक की लहर, मंत्री-सांसद और पूर्व CM अर्जुन मुंडा समेत कई दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की माता एवं स्वर्गीय श्रीमती रूपी सोरेन के निधन पर आज मोरहाबादी स्थित आवास पर राज्य सरकार के मंत्री श्री चमरा लिंडा, मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह, सांसद श्री विजय हांसदा,

सांसद श्री ढुल्लू महतो, पूर्व मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा, पूर्व मुख्यमंत्री श्री चम्पाई सोरेन, पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री सुदेश महतो, विधायकगण, पूर्व मंत्रीगण, प्रशासनिक अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय श्रीमती रूपी सोरेन के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिजनों को इस अपार एवं विकट दुःख को सहन करने की शक्ति और धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की।_*

बाबूलाल मरांडी ने रूपी सोरेन के निधन पर जताया गहरा शोक

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने रूपी सोरेन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि रूपी सोरेन के निधन की खबर बेहद दुखद और पीड़ादायक है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल सोरेन परिवार को इस कठिन समय में दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

गिरिडीह में श्री मरांडी ने कहा कि सोरेन परिवार पर हालिया दिनों में दो बड़े दुख का पहाड़ टूटा है। पहले दिशोम गुरु शिबू सोरेन का स्वर्गवास और अब रूपी सोरेन का निधन, यह काफी दुखद और अपूरणीय क्षति है। इस कठिन घड़ी में हमारी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवार के साथ है।

उन्होंने कहा कि यूं तो उनके साथ मुलाकात की कोई विशेष स्मृति याद नहीं है, क्योंकि अक्सर पारिवारिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों में दिवंगत शिबू सोरेन, दिवंगत दुर्गा सोरेन और हेमंत सोरेन से ही बातचीत होती रही। 1999 के लोकसभा चुनाव में वे हमारे खिलाफ चुनाव लड़ी थीं।

सीएम हेमंत सोरेन की माता रूपी सोरेन को राज्यपाल संतोष गंगवार ने दी श्रद्धांजलि, मोरहाबादी आवास पहुंचकर परिजनों से जताई संवेदना

माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार ने आज मोरहाबादी स्थित आवास पहुंचकर माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की माता स्वर्गीय रूपी सोरेन के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

मौके पर माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार ने शोकाकुल माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन एवं उनके परिजनों से मिलकर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।

उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिजनों को इस अपूरणीय एवं विकट दुःख को सहन करने की शक्ति, धैर्य एवं संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।

भारत में स्टारलिंक की एंट्री पर एलन मस्क का बड़ा आरोप, कारोबारियों को घेरा तो सरकार ने दिया जवाब

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भारत में स्टारलिंक की एंट्री को लेकर दुनिया के सबसे रईस लोगों में एलन मस्क ने बड़ा गंभीर आरोप लगाया है। मस्क का दावा है कि कुछ ताकतवर कारोबारी स्टारलिंक को भारत में आने से रोक रहे हैं। मस्क का कहना है कि ये कारोबारी अपनी मोनोपॉली बनाए रखना चाहते हैं। भारत के लोगों पर उनकी पकड़ मजबूत बनी हुई है। अब भारत सरकार ने इसका जवाब दिया है।

एक्स पर एलन मस्क ने क्या लिखा?

मस्क ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर एक पोस्ट में कहा, 'दुर्भाग्य से कुछ ताकतवर उद्योगपति भारतीय लोगों पर अपनी एकाधिकार वाली पकड़ बनाए रखने के लिए हमें रोक रहे हैं। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वे कौन हैं...'। टेस्ला और स्पेसएक्स के प्रमुख ने आगे कहा, 'यह भारत के लोगों के खिलाफ एक अपराध है!' उन्होंने उन लोगों या कंपनियों का नाम नहीं लिया जिन पर उन्होंने भारतीय बाजार में स्टारलिंक की एंट्री को रोकने का आरोप लगाया।

सरकार ने दिया ये जवाब

केंद्रीय संचार मंत्रालय ने गुरुवार को मस्क का नाम न लेते हुए एक पोस्ट के जरिए कहा कि भारत में सभी टेलीकॉम और सैटेलाइट सेवाओं के लिए समान और पारदर्शी नियम हैं। यानी कि नियम सभी कंपनियों के लिए एक हैं। भारत में इस वक्त सैटेलाइट इंटरनेट की सर्विस देने के लिए तीन टेलीकॉम कंपनियों को लाइसेंस दिए गए हैं। इनमें से एक है रिलायंस जियो, दूसरी कंपनी है भारती एयरटेलऔर तीसरी कंपनी खुद एलन मस्क की है- स्टारलिंक।

सरकार ने बताया कि लाइसेंस की शर्तों के मुताबिक, हर कंपनी के लिए यह साबित करना जरूरी है कि वह भारत की सुरक्षा और यूजर्स के डेटा की गोपनीयता से जुड़ी गाइडलाइंस का पूरी तरह पालन कर रही है और इस वक्त इन तीनों ही कंपनियों के सुरक्षा मानकों की जांच चल रही है। अब जैसे ही कोई कंपनी सुरक्षा जांच की इस प्रक्रिया को पूरा कर लेगी, उसे स्पेक्ट्रम अलॉटमेंट के अगले चरण में जाने की इजाजत दे दी जाएगी इसलिए भारत के सैटेलाइट कम्युनिकेशन सर्विस के रेगुलेटरी फ्रेमवर्क की निष्पक्षता पर सवाल उठाना अनुचित, पूरी तरह से बेबुनियाद और गलतफहमी पर आधारित है।

नाना पाटेकर के निधन से फिल्म से लेकर राजनीति जगत में शोक की लहर, पीएम मोदी ने भी जताई संवेदना

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दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर के निधन की खबर से शोक की लहर दौड़ गई है। 75 साल की उम्र में एक्टर ने दुनिया को अलविदा कह दिया। नाना पाटेकर गोवा के डोना पाउला स्थित अपने घर में बेहोश मिले थे। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पीएम मोदी ने संवेदना जताई

अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संवेदना जताई है। पीएम मोदी ने कहा,'नाना पाटेकर जी जैसी तीव्रता, अनोखापन और दमदार मौजूदगी बहुत कम अभिनेताओं में देखने को मिलती है। उन्होंने हर किरदार में अद्भुत विविधता और रचनात्मकता का परिचय दिया और हमें ऐसे पात्र दिए जिन्हें पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा। उन्हें उनके बेबाक और स्पष्ट विचारों के लिए भी सराहा जाता था। वे अपनी बात कहने में कभी नहीं हिचकिचाते थे।

कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति- अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त किया है। खुद के साथ नाना की तस्वीर शेयर करते हुए अमित शाह ने लिखा, 'भारतीय सिनेमा के महान अभिनेता नाना पाटेकर का निधन कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। पांच दशकों से अधिक समय तक, अपनी स्वाभाविक अभिनय शैली और दमदार संवाद अदायगी से उन्होंने दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी। चाहे गंभीर सामाजिक मुद्दे हों या हास्य-व्यंग्य, उन्होंने जिस भी किरदार को निभाया, उसमें जान डाल दी।'

नाना पाटेकर के निधन पर सीएम योगी ने जताया शोक

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर शोक जताया। उन्होंने लिखा- 'प्रख्यात अभिनेता, रंगमंच के सशक्त कलाकार एवं संवेदनशील समाजसेवी, ‘पद्म श्री’ नाना पाटेकर जी का निधन कला जगत की अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपने विलक्षण अभिनय से भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया और अपने सामाजिक सरोकारों से समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी अभिव्यक्त किया। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों एवं प्रशंसकों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति।'

अक्षय कुमार का भावुक पोस्ट

अक्षय कुमार ने नाना पाटेकर के निधन पर भावुक श्रद्धांजलि दी। उन्होंने एक्स पर उनकी एक तस्वीर के साथ लिखा- 'ये बहुत दुखद है कि अब नाना जी नहीं रहे। नाना उन दुर्लभ कलाकारों में थे, जिन्हें दर्शकों का ध्यान खींचने के लिए ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ती थी। उनकी आवाज, अभिनय की गहराई और हर किरदार में दिखने वाली ईमानदारी उन्हें सबसे अलग बनाती थी। अक्षय ने बताया कि उन्हें नाना के साथ ‘वेलकम’ और हाल ही में ‘हाउसफुल 5’ में काम करने का मौका मिला। उन्होंने लिखा कि इन फिल्मों के सेट की कई यादें हमेशा उनके दिल के करीब रहेंगी।'

शेखर सुमन के शो पर आने वाले थे पाटेकर

नाना पाटेकर की मौत की खबर पर रिएक्शन देते हुए शेखर सुमन ने बातचीत में कहा- सुबह सुबह ये मनहूस खबर। मेरी तीन-चार दिनों से उनसे बात हो रही थी, वो मेरे शो में आना चाहते थे। मेरी परसों ही उनसे बात हुई, उन्‍होंने कहा कि वो अभी गोवा में शूट कर रहे हैं। शूट खत्‍म कर के आऊंगा तो तुम्‍हारे शो में आता हूं, वो बिल्कुल ठीक थे। तबीयत खराब जैसी कोई बात नहीं थी। वह पहले 1-2 अक्‍टूबर को ही आने वाले थे। लेकिन फिर उनका मैसेज आया कि शूट‍िंग खत्‍म कर के आऊंगा।

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन, 75 साल की उम्र में ली आखिरी सांस, कार्डियक अरेस्‍ट से थमी सांसें

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बॉलीवुड के दिग्गज एक्‍टर नाना पाटेकर अब इस दुनिया में नहीं हैं। यह चौंकाने वाली और दिल दुखाने वाली घटना गुरुवार, 08 अक्‍टूबर की सुबह-सुबह आई, जिसने करोड़ों फैंस और पूरे देश को स्‍तब्‍ध कर दिया है। 75 साल की उम्र में उनकी मौत कार्डियक अरेस्‍ट से हुई।

45 मिनट तक मौत से लड़े

नाना पाटेकर को गोवा के डोना पाउला स्थित उनके निवास पर बेहोशी की अवस्था में पाया गया। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में उन्हें 45 मिनट तक बचाने की कोशिश हुई। लगातार 45 मिनट तक सीपीआर देने के बावजूद उनकी हालत नहीं संभली और उनकी मौत हो गई। नाना पाटेकर को बचाने की कोशिश में लगे डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। आखिर कार उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। गोवा के मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर ने बताया कि नाना पाटेकर को उनके घर पर गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया था।

रात 2.30 बजे खराब हुई थी तबीयत

डॉ. शेखर सालकर ने कहा, ‘आज सुबह 5.20 पर नाना पाटेकर को हॉस्पिटल में लाया गया था, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी। इसलिए यह मामला मेडिको लीगल केस है। पोस्ट मार्टम के लिए उनकी बॉडी को रखा है। नाना पाटेकर की तबीयत रात 2.30 बजे खराब हुई। उन्होंने दोस्त को बताया। दोस्त ने मैसेज करीब 4 बजे देखे। उनके दोस्त ने बताया कि नाना पाटेकर की तबीयत खराब हुई। सुबह 4 बजे वो नाना पाटेकर के घर पहुंचे तो उनको बहुत पसीना आया हुआ था। इसके बाद CPR देने की कोशिश की गई। फिर एंबुलेंस से हॉस्पिटल लाया गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। वो हमारे हॉस्पिटल में आते-जाते थे, पर कभी भी मरीज के रूप में नहीं आए थे।’

आख‍िरी बाद पर्दे पर 'ओ रोम‍ियो' में देखा गया

नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था, जिन्हें सिनेमा की दुनिया नाना पाटेकर के नाम से जानती है। वह हिंदी और मराठी सिनेमा के सबसे चर्चित और दिग्‍गज अभिनेताओं में शामिल थे। नाना पाटेकर का जन्म 1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के मुरुड-जंजीरा में हुआ था। उन्‍हें आख‍िरी बाद पर्दे पर इसी साल शाहिद कपूर के साथ 'ओ रोम‍ियो' में देखा गया था।

फिल्म ‘परिंदा’ से मिली पॉपुलैरिटी

नाना पाटेकर सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे। वह फिल्म निर्माता, निर्देशक और लेखक भी रहे। उन्‍होंने साल 1978 में आई फिल्म ‘गमन’ से हिंदी सिनेमा में डेब्‍यू किया था। उसी दौर में उन्होंने मराठी फिल्‍मों में भी काम किया। साल 1988 में मीरा नायर की फिल्म ‘सलाम बॉम्बे!’, 1989 में रिलीज हुई ‘परिंदा’ ने उन्‍हें पॉपुलैरिटी दी। इस फिल्म में गैंगस्टर की भूमिका के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और फिल्मफेयर पुरस्कार मिला।

हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का निधन, सोरेन परिवार में शोक की लहर

रांची-झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का बुधवार को निधन हो गया। उनके निधन की जानकारी चिकित्सक डॉ. दीपक गुप्ता और डॉ. उज्जवल राय ने दी। रूपी सोरेन के निधन की खबर मिलते ही सोरेन परिवार, करीबियों और समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई।

रूपी सोरेन झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता शिबू सोरेन की पत्नी थीं। वह सोरेन परिवार के लिए लंबे समय से महत्वपूर्ण पारिवारिक स्तंभ रही थीं। उनके निधन से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत पूरे परिवार को गहरा आघात पहुंचा है।

रूपी सोरेन के निधन की सूचना मिलते ही परिवार के करीबी लोगों और समर्थकों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। सोरेन परिवार से जुड़े लोगों में शोक का माहौल है। झामुमो समर्थकों और राजनीतिक-सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की ओर से भी शोक संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं।

परिवार के लिए अपूरणीय क्षति

रूपी सोरेन ने परिवार के सुख-दुख में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां होने के साथ वह शिबू सोरेन के पारिवारिक जीवन की भी अहम सदस्य थीं। उनके निधन को सोरेन परिवार के लिए बड़ी व्यक्तिगत क्षति माना जा रहा है।

अंतिम संस्कार की जानकारी का इंतजार

रूपी सोरेन के अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार को लेकर परिवार की ओर से विस्तृत जानकारी साझा की जानी है। अंतिम संस्कार के स्थान और समय की आधिकारिक सूचना मिलने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। इस बीच उनके निधन की खबर से झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक का माहौल है।