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हर व्यक्ति की समस्या का समाधान सुनिश्चित करेगी सरकार : सीएम योगी

- लगातार दूसरे दिन गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन, मुख्यमंत्री योगी ने करीब 150 लोगों की समस्याएं सुनीं

- अधिकारियों को तत्परता और संवेदनशीलता के साथ शिकायतों के निस्तारण के निर्देश

गोरखपुर, 30 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन किया। मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने विभिन्न जिलों से आए करीब 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर व्यक्ति की समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों का निस्तारण पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए, ताकि बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक पात्र व्यक्ति को न्याय मिल सके।

गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने लोगों से एक-एक कर उनकी समस्याएं जानीं। उन्होंने सभी के प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए त्वरित एवं संतुष्टिपरक निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से राजस्व और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले। साथ ही जरूरतमंद लोगों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले भू-माफिया और दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के भी निर्देश दिए।

- गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए तत्काल मदद के निर्देश

जनता दर्शन में कुछ लोग गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर भी पहुंचे। उनकी समस्याएं सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जरूरतमंद मरीजों के उच्चस्तरीय इलाज के लिए अस्पताल से उपचार का इस्टीमेट शीघ्र तैयार कराया जाए। उन्होंने कहा कि इस्टीमेट उपलब्ध होते ही सरकार विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराएगी।

- महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि पर विशेष पूजा-अर्चना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को अपने पूज्य गुरुदेव एवं ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि पर गोरखनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। आश्विन कृष्ण चतुर्थी के अवसर पर उन्होंने गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन करने के बाद महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनका स्मरण किया।

- गोशाला में गोसेवा, गायों को खिलाया गुड़

मंदिर की पारंपरिक दिनचर्या के तहत मुख्यमंत्री गोशाला भी पहुंचे। यहां उन्होंने गायों और गोवंश को स्नेहपूर्वक गुड़ खिलाया। इस दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से आए संतजन भी गोशाला में मौजूद रहे।

नमो घाट पर एयर शो को लेकर प्रशासन अलर्ट, 22-25 अक्टूबर के बीच बदलेगा ट्रैफिक प्लान
वाराणसी/चंदौली। नमो घाट पर प्रस्तावित एयर शो को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग और पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का जायजा लिया।

एयर शो 22, 23 और 25 अक्टूबर को संभावित है। इसे देखते हुए प्रशासन का सबसे ज्यादा जोर दर्शकों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने पर है। अधिकारियों ने कार्यक्रम के दौरान संभावित भीड़ को देखते हुए पार्किंग व्यवस्था, आने-जाने वाले मार्गों और कार्यक्रम स्थल के आसपास अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।

प्रशासन की ओर से एयर शो के दिनों में रूट डायवर्जन लागू करने की तैयारी की जा रही है, ताकि बड़ी संख्या में पहुंचने वाले दर्शकों के कारण यातायात प्रभावित न हो। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाकर सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने को कहा।

निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजेश कुमार, अपर जिलाधिकारी न्यायिक रतन वर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक, उप जिलाधिकारी पीडीडीयू नगर, अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

प्रशासन का फोकस एयर शो को सुरक्षित, व्यवस्थित और बिना यातायात अव्यवस्था के संपन्न कराने पर है।
निर्माण कार्य में तेजी लाकर तय समयसीमा में पूरा करें भवन: योगेन्द्र उपाध्याय
 
- *उच्च शिक्षा परिषद व निदेशालय के निर्माणाधीन भवन का मंत्री ने किया स्थलीय निरीक्षण*
 

 
लखनऊ, 29 सितंबर। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने सोमवार को आशियाना, लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा परिषद एवं उच्च शिक्षा निदेशालय शिविर कार्यालय के निर्माणाधीन भवन का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों से निर्माण की स्थिति, मानव संसाधन, निर्माण सामग्री तथा आगामी कार्ययोजना की जानकारी ली। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए और सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि जो कार्य समानांतर रूप से किए जा सकते हैं, उन्हें एक साथ आगे बढ़ाया जाए, ताकि परियोजना में अनावश्यक विलंब न हो। प्रत्येक निर्माण गतिविधि के लिए स्पष्ट कार्ययोजना और समयबद्ध कार्यक्रम सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
  - *जलभराव की समस्या पर विशेष ध्यान देने के निर्देश*
 
योगेन्द्र उपाध्याय ने निर्माणाधीन भवन में जल निकासी और जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भवन के लेवल और आसपास की सड़क के स्तर को ध्यान में रखते हुए ऐसी व्यवस्था की जाए, जिससे बारिश का पानी भवन परिसर में प्रवेश न कर सके। उन्होंने निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने के निर्देश देते हुए कहा कि निर्धारित मानकों के अनुरूप निर्माण सामग्री का प्रयोग सुनिश्चित किया जाए और कार्यों की नियमित निगरानी की जाए।
  - *युवाओं को प्रदेश में ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के अवसर देने पर जोर*
 
निरीक्षण के बाद मंत्री ने उच्च शिक्षा निदेशालय शिविर कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर उच्च शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को सहज और सुलभ उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कार्ययोजना के साथ निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को प्रदेश में ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि उन्हें उच्च शिक्षा के लिए अन्य प्रदेशों अथवा दूरस्थ स्थानों पर जाने की आवश्यकता न पड़े। मंत्री ने कहा कि प्रदेश में उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार करने के साथ विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण और मजबूत किया जाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को युवाओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में चल रहे कार्यों को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
सनातन की एकता में ही हमारी सुरक्षा और मजबूती: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- *गोरखनाथ मंदिर में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं व महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि पर सीएम योगी ने अर्पित की श्रद्धांजलि*
- *मुख्यमंत्री योगी ने कहा- 140 करोड़ लोग एक स्वर में हुंकार भरेंगे तो दुनिया की कोई ताकत सामने नहीं ठहर सकती*
- *बोले मुख्यमंत्री- अलग-अलग स्वर ताकत नहीं, पराजय का कारण बनेंगे, सनातन गौरव के मार्ग में भ्रम की जगह नहीं*
- *मुख्यमंत्री योगी ने कहा- राम के वैभव को बर्दाश्त नहीं करने वाले फैलाएंगे भ्रम, रामभक्तों को पहचानना होगा कालनेमि*
- *बोले मुख्यमंत्री- राजनीतिक स्वतंत्रता के साथ सांस्कृतिक स्वतंत्रता भी जरूरी, रामलला के प्रकटीकरण में रही महंत दिग्विजयनाथ की भूमिका*
- *मुख्यमंत्री योगी ने कहा- प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में काशी, अयोध्या और विंध्यवासिनी धाम का दिख रहा भव्य स्वरूप*

गोरखपुर। मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि सनातन धर्म की एकता में ही हमारी सुरक्षा और मजबूती है। पंथ और संप्रदाय की उपासना पद्धति अलग हो सकती है, लेकिन सभी का कल्याण वृहद सनातन धर्म की मजबूती में है। 140 करोड़ लोग एक स्वर में हुंकार भरेंगे तो दुनिया की कोई ताकत सामने नहीं ठहर सकती। अलग-अलग गति प्रगति नहीं, दुर्गति और अलग-अलग स्वर ताकत नहीं, पराजय का कारण बनेंगे।
मुख्यमंत्री योगी गोरखनाथ मंदिर में युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं और राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि पर आयोजित सप्त दिवसीय समारोह के तहत व्याख्यान को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दोनों आचार्यों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके योगदान को याद किया।
- *रामभक्तों को पहचानना होगा कालनेमि*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अयोध्या में भगवान राम और सनातन का वैभव जिन्हें बर्दाश्त नहीं है, वे दुष्प्रचार और भ्रम पैदा करेंगे। जिस तरह संजीवनी बूटी लेने जाते समय हनुमान जी ने कालनेमि को पहचान लिया था, उसी तरह रामभक्तों को भी भ्रम फैलाने वालों को पहचानना होगा।
उन्होंने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ भारत की आजादी को केवल राजनीतिक स्वतंत्रता तक सीमित नहीं मानते थे। संपूर्ण स्वाधीनता के लिए सांस्कृतिक स्वतंत्रता भी जरूरी थी। उनका मानना था कि सोमनाथ मंदिर की पुनर्प्राण प्रतिष्ठा हो सकती है तो अयोध्या में भी यह कार्य होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1949 में रामलला के प्रकटीकरण के समय महंत दिग्विजयनाथ, बाबा अभिराम दास और महंत रामचंद्र दास परमहंस सक्रिय थे। इसकी रणनीति देवीपाटन में महंत दिग्विजयनाथ, महाराजा बलरामपुर और तत्कालीन गोंडा जिलाधिकारी केके नायर के बीच बनी थी। आज 500 वर्षों बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर सनातन धर्मावलंबियों को गौरव की अनुभूति करा रहा है।
- *मोदी के नेतृत्व में दिख रहा सनातन का वैभव*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि और विंध्यवासिनी धाम का भव्य स्वरूप सामने है। प्रयागराज महाकुंभ ने दुनिया के सामने सनातन परंपरा का सामर्थ्य रखा है। उन्होंने वृंदावन के वैष्णव कुंभ का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ ने बिखरे नाथ संप्रदाय को अखिल भारतीय भेष बारह पंथ योगी महासभा के रूप में एकजुट किया। अपनी परंपरा का पालन करते हुए वृहद सनातन धर्म की एकता को मजबूत करना होगा।
- *दोनों आचार्यों ने रखी भविष्य की मजबूत नींव*
मुख्यमंत्री योगी ने युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और अपने पूज्य गुरुदेव राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ को नमन करते हुए कहा कि दोनों आचार्यों ने जिन विषयों के लिए जीवन समर्पित किया, उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। महापुरुषों के दूरदर्शी कार्य भविष्य की मजबूत नींव तैयार करते हैं। गोरक्षपीठ और महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद दोनों आचार्यों के आदर्शों को आगे बढ़ा रहे हैं।
- *गुलामी के दौर में रखी शिक्षा की नींव*
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश गुलाम था और संसाधनों का अभाव था, तब महंत दिग्विजयनाथ ने 1932 में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की। महाराणा प्रताप को आदर्श बनाने के पीछे स्वदेश, स्वाभिमान और स्वधर्म का भाव था।
उन्होंने कहा कि गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना में भी महंत दिग्विजयनाथ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विश्वविद्यालय के लिए मठ की संपत्ति और दो संस्थाएं सरकार को देने में उन्होंने श्रेय की चिंता नहीं की। आज महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अंतर्गत 50 से 55 संस्थाएं संचालित हैं। इनमें विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, आयुर्वेद कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक, विद्यालय, अस्पताल और कृषि विज्ञान केंद्र शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ ने उस दौर में बालिका शिक्षा के लिए विद्यालय और महाविद्यालय स्थापित किए। गोरखपुर में फर्टिलाइजर कारखाने और बीआरडी मेडिकल कॉलेज की स्थापना के प्रयासों को आगे बढ़ाने में भी उनकी भूमिका रही।
- *गोरक्षपीठ में जाति-पंथ का भेदभाव नहीं*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि गोरक्षपीठ नाथ परंपरा की पीठ होते हुए भी पूरे सनातन धर्म के लिए समर्पित है। यहां जाति, पंथ या संप्रदाय के आधार पर भेदभाव नहीं होता। सभी जातियों के लोग एक पंक्ति में अन्न ग्रहण करते हैं और सभी आचार्यों व संतों को समान सम्मान मिलता है।
- *वक्ताओं ने भी याद किया योगदान*
अयोध्या से आए जगद्गुरु स्वामी रामदिनेशाचार्य ने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ ने शिक्षा, स्वास्थ्य और भारतीय परंपरा को आगे बढ़ाया। गोरखनाथ मंदिर आज सामाजिक समरसता का भी केंद्र है। काशी से आए जगद्गुरु रामानंदाचार्य डॉ. रामकमल दास वेदांती ने कहा कि संत की साधना तभी सार्थक है, जब उससे लोककल्याण का मार्ग खुले। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. भूपेश कुमार गोयल ने कहा कि 1932 में बोया गया शिक्षा का बीज आज विशाल स्वरूप ले चुका है। कार्यक्रम में डॉ. रामनरेश पांडे की पुस्तक श्री हनुमत् कथा पूजनम् का मुख्यमंत्री योगी और संतों ने विमोचन किया।
- *कार्यक्रम में ये रहे मौजूद*
कार्यक्रम में जगद्गुरु द्वाराचार्य स्वामी राजेंद्र दास देवाचार्य, महंत बालकनाथ योगी, महंत योगी चेताईनाथ, जगद्गुरु संतोषाचार्य सतुआ बाबा और महंत मिथिलेशनाथ उपस्थित रहे।
समस्या निस्तारण में लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई: सीएम योगी
*जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 150 लोगों की समस्याएं*
*अधिकारियों को दिए निर्देश, तत्परता और संवेदनशीलता से हो जनता की समस्याओं का समाधान*

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनसेवा के नियमित प्रकल्प 'जनता दर्शन' में विभिन्न जिलों से आए लोगों से मुलाकात की। गंभीरता से उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं का समाधान तत्परता और संवेदनशील तरीके से किया जाए। इसमें किसी भी तरह की शिथिलता या लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय करते हुए संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। हर समस्या का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और संतुष्टिपरक होना चाहिए।
गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने आयोजित जनता दर्शन में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद पहुंचे और एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने करीब 150 लोगों से मुलाकात की। सबको आश्वस्त किया, घबराइए मत, समस्या का समाधान सुनिश्चित कराया जाएगा।  सबके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी सहायता की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले, कमजोरों को उजाड़ने वाले किसी भी सूरत में बख्शे न जाएं। उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी ने उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी एस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाए। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए सरकार भरपूर मदद उपलब्ध कराएगी।
- *मुख्यमंत्री ने गोशाला में की गोसेवा*
गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मंगलवार सुबह  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर की गोशाला में जाकर गोसेवा भी की। उन्होंने गायों, गोवंश व नंदी को खूब दुलारा, गुड़ खिलाया और गोशाला के कार्यकर्ताओं को गोवंश की समुचित देखभाल के निर्देश दिए।
आपदा की घड़ी में हर पीड़ित के साथ भाजपा सरकार: मुख्यमंत्री योगी
- *तमकुहीराज में बाढ़ की स्थिति का मुख्यमंत्री योगी ने लिया जायजा, बेदूपार इंटर कॉलेज में अपने हाथों से परिवारों को बांटी राहत सामग्री*
- *जनहानि पर चार लाख की सहायता, क्षतिग्रस्त मकान पर पीएम या सीएम आवास योजना से मिलेगा आवास*
- *फसल नुकसान का होगा सर्वे, पीड़ित किसानों को 10 दिन के भीतर मुआवजा देने के निर्देश*
- *नारायणी में अचानक साढ़े पांच लाख क्यूसेक पहुंचा पानी, तटबंध टूटा और कई घरों में आया पानी*
- *एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की दो-दो टीमें और पीएसी की चार यूनिट राहत-बचाव में तैनात*

कुशीनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि आपदा की इस घड़ी में भाजपा सरकार उनके साथ खड़ी है। जनहानि पर परिवार को चार लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। क्षतिग्रस्त मकान पर प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास मिलेगा, जबकि आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए धनराशि दी जाएगी। फसल नुकसान का सर्वे कराकर पीड़ित किसानों को 10 दिन के भीतर मुआवजा देने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने विधानसभा क्षेत्र तमकुहीराज में नारायणी नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण उत्पन्न बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद बेदूपार इंटर कॉलेज के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में बाढ़ प्रभावित परिवारों से भेंट की और अपने हाथों से कुछ परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों की जानकारी लेने के साथ जनप्रतिनिधियों से प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। - *साढ़े पांच लाख क्यूसेक पहुंचा पानी*
मुख्यमंत्री ने कहा कि चार दिनों तक लगातार भारी बारिश के बाद प्रदेश के साथ देश के विभिन्न क्षेत्रों में अतिवृष्टि से लोगों को त्रासदी का सामना करना पड़ा। नेपाल में भी अतिवृष्टि से बड़े पैमाने पर जलजमाव हुआ और वहां का पानी नीचे आ रहा है। सामान्य दिनों में नारायणी नदी से तीन से चार लाख क्यूसेक पानी प्रवाहित होता था, जो पिछले दिनों अचानक साढ़े पांच लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। इससे तटबंध टूटा और कई घरों में पानी आया। सरकार सोमवार से स्थिति पर नजर रखे हुए थी। अब मौसम साफ है।
राहत और बचाव के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की दो-दो टीमें तथा पीएसी की चार यूनिट तैनात की गई हैं। जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीमें भी सोमवार से काम में जुटी हैं। जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह सोमवार रात ही प्रभावित क्षेत्र में पहुंच गए थे। क्षेत्र के सांसद और विधायक भी लगातार सहयोग कर रहे हैं।
- *पांच हजार पैकेट में खाद्य सामग्री*
बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए पांच हजार पैकेट में खाद्य सामग्री की व्यवस्था की गई है। इनमें 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 10 किलो आलू, दो किलो दाल के साथ चना, तेल, मसाले, नमक और अन्य सामग्री शामिल है। मुख्यमंत्री ने राहत कार्य में लगी टीमों को प्रभावित लोगों को तत्काल राहत शिविरों में पहुंचाने और वहां रोशनी की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। - *सड़क और तटबंध की होगी मरम्मत*
मुख्यमंत्री ने फसलों के नुकसान का सर्वे कर पीड़ित किसानों को 10 दिनों के भीतर मुआवजा देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बाढ़ से प्रभावित सड़कों और तटबंध की मरम्मत कराने को कहा। सिंचाई विभाग को ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे किसानों के खेतों को नुकसान न हो।
- *प्रभावित क्षेत्रों में लगेंगे स्वास्थ्य शिविर*
मुख्यमंत्री ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए। अस्पतालों में सांप या जंगली जानवर के काटने पर तत्काल वैक्सीन उपलब्ध कराने को कहा, ताकि उपचार में देरी न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में पूरी टीम प्रभावित लोगों के सहयोग के लिए खड़ी है। जनप्रतिनिधि भी राहत और बचाव कार्य में प्रशासन का सहयोग करें। - *ये रहे मौजूद*
इस दौरान जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह समेत क्षेत्र के सांसद, विधायक, जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
जन प्रकृति सेवा ट्रस्ट ने थाना प्रभारी विजय कुमार शुक्ला को किया सम्मानित
वाराणसी। जन प्रकृति सेवा ट्रस्ट की ओर से चौक थाना प्रभारी विजय कुमार शुक्ला जी को उनके सराहनीय कार्य एवं जनसेवा के प्रति समर्पण के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में ट्रस्ट के संस्थापक, रघुवंश उपाध्याय, राष्ट्रीय अध्यक्ष, ज्योतिका उपाध्याय, कार्यकारिणी सदस्य, रेखा यादव, सीमा यादव सहित ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। सम्मान समारोह के दौरान ट्रस्ट की ओर से विजय कुमार शुक्ला जी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा गया कि कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने तथा अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने में पुलिस प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका है। ट्रस्ट ने उनके कर्तव्यनिष्ठ एवं जनहित से जुड़े कार्यों की प्रशंसा की और समाज में शांति एवं सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इस अवसर पर संस्थापक, रघुवंश उपाध्याय ने विजय कुमार शुक्ला जी को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जन प्रकृति सेवा ट्रस्ट समाज सेवा, राष्ट्र सेवा और जनहित के कार्यों के लिए सदैव प्रशासन एवं समाज के सकारात्मक प्रयासों के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि समाज में अपराध और असामाजिक गतिविधियों के विरुद्ध जागरूकता एवं सहयोग की भावना को मजबूत करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान ट्रस्ट के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने विजय कुमार शुक्ला जी का सम्मान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य एवं निरंतर जनसेवा की शुभकामनाएं दीं।
प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने के लिए पर्यटन की अहम भूमिका : जयवीर सिंह

- *डेलायट संस्था द्वारा तैयार की गयी कार्ययोजना को धरातल पर उतारने का हरसंभव प्रयास किया जाए : अवनीश कुमार अवस्थी*
- *वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के संकल्प को पूरा करने के लिए समीक्षा बैठक सम्पन्न*

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर बनाने के लिए कार्य कर रही डेलॉयट के प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि जो भी कार्ययोजना तैयार की गई है, उसका परिणाम धरातल पर दिखना चाहिए। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले लगभग 02 वर्षों में संस्था द्वारा संतोषजनक प्रगति नहीं की गई है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि प्रस्तावित कार्ययोजनाओं पर यथाशीघ्र कार्य शुरू हो जाना चाहिए।
पर्यटन मंत्री ने डेलायट संस्था के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि नैमिषारण्य सहित आसपास के अन्य तीर्थ स्थलों पर नाइट विजन कैमरे लगाये जाए। इसके अलावा विन्ध्याचल धाम व चित्रकूट के तीर्थ स्थलों पर कैमरे स्थापित किये जाये, इन कैमरों को 15 नवम्बर तक स्थापित करके दिसम्बर तक चालू स्थिति में लाये जाने का हरसंभव प्रयास किये जाये। इससे पर्यटकों के आगमन की तथ्यात्मक गणना हो सकेगी। इसके अलावा प्रदेश में रेस्टोरेन्ट एवं ढ़ाबों की संख्या भी एकत्रित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के 14 सर्किट के अंतर्गत 60 जनपदों के वास्तविक आंकड़ें तथा पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी के बारे में तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
पर्यटन मंत्री आज यहां गोमतीनगर स्थित पर्यटन भवन के सभागार में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लिए संस्था द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना एवं भविष्य की रणनीतियों पर व्यापक विचार-विमर्श कर रहे थे। इस समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी तथा वरिष्ठ विभागीय अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने डेलॉयट संस्था को निर्देशित किया कि काशी, विध्यांचल धाम तथा नैमिषारण्य में निवेश एवं पर्यटन संसाधनों के प्रचार के लिए कार्ययोजना तैयार की जाये। उन्होंने यह भी कहा कि कार्ययोजना बनाने के साथ ही उसके क्रियान्वयन पर विशेष फोकस करें।
जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन सेक्टर में काफी बदलाव आये हैं। कानून व्यवस्था के साथ ही कनेक्टिविटी बेहतर की गई है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन के 14 परिपथ मौजूद हैं। इस सर्किट से जुड़े स्थलों का सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों तथा रोड-शो के माध्यम से प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। डेलॉयट संस्था ने बताया कि शीघ्र ही विंध्याचलधाम तथा नैमिषारण्य में पर्यटकों के आगमन तथा उनके अनुभव पर आधारित अभियान चलाया जायेगा। मा0 मंत्री जी ने कहा कि पर्यटकों के गिनती के आंकड़े वास्तविक होने चाहिए।
प्रदेश में मेडिकल सेक्टर पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। राजधानी सहित अन्य बड़े जनपदों में मेडिकल टूरिज्म बढ़ रहा है, इसमें विदेशियों की संख्या भी काफी है। डेलायट कम्पनी ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में 1000 होटलों के मानचित्र स्वीकृत हुए हैं। इन होटलों के अस्तित्व में आने से पर्यटकों का ठहराव बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। संस्था ने यह भी बताया कि महिन्द्रा हॉलीडेज ने वाराणसी और अयोध्या में 500 करोड़ रूपये के निवेश का प्रस्ताव किया है। इसी प्रकार इमैजिका वर्ल्ड इंटरटेनमेंट लि0 ग्रेटर नोयडा में 400 करोड़ रूपये, टक्साल थियेटर वाराणसी में 295 करोड़ रूपये, राजदीप इन्फ्रा एण्ड सेल्स लखनऊ में 200 करोड़ रूपये तथा आईटीसी होटल्स लखनऊ में 350-400 करोड़ रूपये सेवा सेक्टर में निवेश के लिए प्रस्ताव किया है।
इसके अलावा उपलब्ध होटलों में पर्यटकों के ठहरने के लिए कक्षों की संख्या बढ़ाने की रणनीति बनाई जाए। बैठक में बताया गया कि अयोध्या, लखनऊ तथा मथुरा में सर्वाधिक निवेश प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य को प्राप्त करने में पर्यटन एक मजबूत ग्रोथ इंजन की तरह कार्य कर रहा है। इसके लिए बुनियादी ढांचे के विस्तार, निजी निवेश बढ़ाने और पर्यटन सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। नई पर्यटन नीति प्रस्तावित की गई है। उसकों शीघ्र ही अंतिम रूप दे दिया जायेगा।
डेलायट संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि पर्यटकों का आगमन एवं जीएसटी के मद मंे प्राप्त राजस्व सकारात्मक हैं। इसी प्रकार बड़े स्तरों से जुड़ी सेवाओं तथा पर्यटकों का सहयोग काफी उत्साहवर्धक है। प्रयागराज, अयोध्या, वाराणसी, मथुरा तथा चित्रकूट में सर्वाधिक पर्यटकों का आगमन हुआ, जिसकी वजह से होटलों में ठहरने वाले पर्यटकों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से जून, 2026 तक 58 करोड़ पर्यटक प्रदेश का भ्रमण किये। प्रतिनिधियों ने यह भी बताया कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने के लिए डेलायट पर्यटन सेक्टर को नयी रणनीति के साथ तैयार कर रही है।
मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने डेलॉयट संस्था को निर्देशित किया कि कार्ययोजना के क्रियान्वयन की गति बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटकों के आगमन के आंकड़ें तथ्यपरक होने चाहिए। उन्होंने अयोध्या, चित्रकूट, विन्ध्याचल धाम तथा नैमिषारण्य को लेकर भी बहुमूल्य सुझाव दिये। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने का संकल्प है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में पर्यटन विभाग की बड़ी भूमिका होगी। अपर मुख्य सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात ने निर्देशित किया कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उठाये गये कदमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। बैठक में एमडी उप्र पर्यटन विकास निगम आशीष कुमार, उपसचिव पर्यटन चन्दन रावत, पर्यटन सलाहकार जेपी सिंह सहित डेलॉयट संस्था के कार्तिक एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
जानकारी से प्रशिक्षित करने पर जोर दिया, ताकि प्रति पशु दुग्ध उत्पादकता बढ़ाई जा सके।
 
उन्होंने पशुधन विभाग के अधिकारियों से लम्पी रोग की रोकथाम की तैयारियों की भी जानकारी ली और जनपदों में भेजे गए नोडल अधिकारियों को लगातार स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि पशुओं के लिए वैक्सीन और दवाओं की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। नकली या प्रभावहीन दवाओं के इस्तेमाल पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
 
- *किसानों और पशुपालकों का हित सरकार की प्राथमिकता : कृष्णा पासवान*
 
पशुधन एवं दुग्ध विकास राज्यमंत्री कृष्णा पासवान ने कहा कि किसानों और पशुपालकों का हित राज्य सरकार की प्राथमिकता है। दुग्ध समितियों की संख्या बढ़ने से दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी, जिससे किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ेगी तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। उन्होंने पराग के बूथों की संख्या बढ़ाने और महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया।
 
विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने अधिकारियों को आश्वस्त किया कि किसानों और पशुपालकों को दुग्ध मूल्य भुगतान में अनावश्यक विलंब नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर लंबित भुगतान करने और दुग्ध समितियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।
 
बैठक में दुग्ध विकास विभाग के विशेष सचिव राम सहाय यादव, पीसीडीएफ के प्रबंध निदेशक प्रकाश बिंदु, सभी दुग्ध संघों के अध्यक्ष एवं इकाई प्रभारी, पशुपालन निदेशालय की निदेशक (रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र) डॉ. संगीता तिवारी, निदेशक प्रशासन एवं विकास डॉ. राजेंद्र प्रसाद सहित पीसीडीएफ और शासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
निवेशकों के बीच भरोसे से बना उत्तर प्रदेश का क्रेडिट: नंदी
- *बोले- प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में बदली प्रदेश की औद्योगिक पहचान*
- *अब निवेशकों के उद्योग लगने तक होगी हैंडहोल्डिंग*
- *भारत की सामरिक आत्मनिर्भरता में उद्यमियों की भूमिका है महत्वपूर्ण*
- *उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के ‘फ्रॉम योर फैक्ट्री टू द फ्रंट लाइन’ नॉलेज सेशन को मंत्री नन्दी ने किया संबोधित*

ग्रेटर नोएडा/ लखनऊ। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता 'नन्दी’ ने कहा कि प्रदेश ने निवेशकों के बीच अपना क्रेडिट और भरोसा संवाद, सुविधा और निरंतर सहयोग के माध्यम से बनाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में ऐसा औद्योगिक वातावरण विकसित किया जा रहा है, जहां निवेशकों को केवल निवेश के लिए आमंत्रित करने तक सीमित न रहकर उद्योग स्थापित होने तक आवश्यक सहयोग और हैंडहोल्डिंग उपलब्ध कराई जा रही है।
ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे दिन उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के ‘फ्रॉम योर फैक्ट्री टू द फ्रंट लाइन’ नॉलेज सेशन को संबोधित करते हुए मंत्री नन्दी ने कहा कि दुनिया के विभिन्न देशों और प्रमुख शहरों में किए गए रोड शो तथा निवेशकों के साथ लगातार संवाद का परिणाम है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश के प्रति भरोसा बढ़ा है। उन्होंने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में विभिन्न देशों की भागीदारी भी इसी बढ़ते संवाद और विश्वास को दर्शाती है।
मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने बताया कि उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के छह नोड लखनऊ, कानपुर, झांसी, चित्रकूट, अलीगढ़ और आगरा में अब तक लगभग 40,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं तथा करीब 1,142 हेक्टेयर भूमि विभिन्न उद्योगों को आवंटित की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता ऐसी व्यवस्था तैयार करना है जिसमें निवेशक को फाइल लेकर एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। निवेशक के प्रदेश में आने के बाद उसकी जरूरतों को समझकर संबंधित विभागों और अधिकारियों के साथ समन्वय कर समाधान उपलब्ध कराया जाए।
- *‘निवेशक आए तो उद्योग लगने तक साथ खड़ी रहे सरकार’*
नंदी ने कहा कि निवेशक के लिए केवल जमीन उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है। उसे नीति, कनेक्टिविटी, आधारभूत ढांचे, टेस्टिंग, तकनीकी सुविधाओं और अन्य आवश्यक अनुमतियों के संबंध में भी सहयोग मिलना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से निवेशक सुविधा को कार्यालय की कार्यप्रणाली और व्यवहार से जोड़ने पर जोर दिया।
- *रक्षा सप्लाई चेन में एमएसएमई और स्टार्टअप के लिए अवसर*
उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र का मतलब केवल टैंक, मिसाइल या विमान बनाना नहीं है। प्रिसीजन कंपोनेंट, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, सेंसर, बैटरी, विशेष केबल, सॉफ्टवेयर, तकनीकी टेक्सटाइल, एडवांस मटेरियल, पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स सहित पूरी सप्लाई चेन में उद्योगों के लिए अवसर हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लखनऊ, कानपुर, झांसी, चित्रकूट, अलीगढ़ और आगरा नोड में रक्षा विनिर्माण का इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है। इसका लाभ बड़े उद्योगों के साथ एमएसएमई, स्टार्टअप, कंपोनेंट निर्माता और टेक्नोलॉजी कंपनियां भी उठा सकती हैं।
- *कनेक्टिविटी, कानून-व्यवस्था और भरोसा निवेश की बुनियाद*
मंत्री ने कहा कि निवेश के लिए तीन चीजें महत्वपूर्ण हैं- कनेक्टिविटी, कानून-व्यवस्था और भरोसा। बेहतर एक्सप्रेसवे एवं परिवहन नेटवर्क, एयर कनेक्टिविटी और औद्योगिक आधारभूत ढांचे से प्रदेश में कारोबार के अवसर बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास कारोबारी प्रक्रियाओं को अधिक सुविधाजनक बनाने और अनावश्यक कानूनी जटिलताओं को कम करने का है। उद्योग और सरकार के बीच संबंध सहयोग और साझेदारी पर आधारित होने चाहिए। नंदी ने निवेशकों से उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और यूपीडा से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती जरूरतों के साथ प्रदेश के उद्योगों के लिए नई संभावनाएं बन रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार निवेशकों के साथ कदम-दर-कदम खड़ी है और उनका निवेश सुरक्षित वातावरण में उत्पादन, रोजगार और तकनीकी क्षमता के विस्तार से जुड़ सके, इसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
- *रक्षा क्षेत्र की मांग सुनिश्चित, सप्लाई चेन में हर उद्योग के लिए अवसर*
मंत्री नन्दी ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में अवसर केवल टैंक, मिसाइल और विमान बनाने वाली बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रिसीजन इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेंसर, बैटरी, स्पेशल केबल, सॉफ्टवेयर, एडवांस मटेरियल, पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स सहित विभिन्न क्षेत्रों के उद्योग रक्षा सप्लाई चेन का हिस्सा बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र की मांग सामान्य बाजार की तरह अनुमान आधारित नहीं, बल्कि सशस्त्र बलों की निर्धारित आवश्यकताओं पर आधारित है, इसलिए स्वदेशी निर्माण के लिए बाजार की स्पष्ट संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने उद्योगों से अपनी मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का आकलन कर यह पहचानने का आह्वान किया कि वे रक्षा क्षेत्र की किस आवश्यकता को पूरा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में भूमि, टेस्टिंग सुविधाओं, आरएंडडी और निवेशक सुविधा के साथ ऐसा इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है, जिसमें बड़े उद्योगों के साथ एमएसएमई और स्टार्टअप भी रक्षा आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ सकें।
इस अवसर पर यूपीडा के एडीएम संजय यादव, डिफेंस कॉरिडोर के सीजीएम कर्नल संजय सिंह, इन्वेस्ट यूपी के जीएम अनिरुद्ध, डीजीएम ब्रह्मोस रोहन मिश्रा, डेटम ग्रुप से तन्मय तिवारी, रॉयल सेल्स से अभिषेक जिंदल और यूएएस टेस्टिंग फाउंडेशन के सीईओ अनिमेष मिश्रा सहित रक्षा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि एवं रक्षा विशेषज्ञ उपस्थित रहे।