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जल जीवन मिशन के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाली 8 जल सहियाओं को मिला विशेष सम्मान

श्री अबु इमरान, सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने जल जीवन मिशन अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित एवं सुरक्षित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा जलापूर्ति योजनाओं के प्रभावी रूप से संचालन एवं रख-रखाव में उत्कृष्ट योगदान देने वाली राज्य की 8 जलसहियाओं को विशेष प्रशस्ति-पत्र, स्मृति चिन्ह और अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया। सचिव ने इन जल सहायिकाओं के काम की तारीफ़ की और झारखंड की सभी दूसरी जल सहायिकाओं को भी ऐसा ही करने के लिए प्रोत्साहित किया। नेपाल हाउस में आयोजित कार्यक्रम में जल सहिया दीदी ने अपने अनुभव भी साझा किया।

सम्मानित होने वाली जलसहियाओं में बोकारो जिले की 5 तथा रांची जिले की 3 जलसहिया शामिल हैं।

सम्मानित जलसहियाओं ने अपने-अपने ग्राम एवं पंचायतों में जल एवं स्वच्छता समिति (VWSC) के साथ सक्रिय समन्वय एवं सहभागिता करते हुए जल जीवन मिशन की योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने जलापूर्ति व्यवस्था में आने वाली समस्याओं की पहचान एवं सूचना, जल की सुरक्षित गुणवत्ता, जल संरक्षण तथा पानी के सुरक्षित एवं विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति समुदाय को जागरूक करने में भी सराहनीय योगदान दिया है।

जलसहियाएं ग्रामीण परिवारों को उपयोगकर्ता शुल्क के महत्व के प्रति जागरूक करने तथा जल एवं स्वच्छता समिति के साथ समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इससे योजनाओं के संचालन एवं आवश्यक रख-रखाव के लिए स्थानीय स्तर पर सामुदायिक योगदान को बढ़ावा मिलता है।

यह सम्मान जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में जल सहियाओं की वास्तविक कार्य, कार्य स्थल पर होने वाले चुनौतियों का समाधान करते हुए उनकी भूमिका औरयोगदान को पहचानने एवं प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। साथ ही यह अन्य जल सहियाओं और ग्रामीण समुदायों को योजनाओं के सतत संचालन एवं जल सेवा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रेरित करेगा।

जल जीवन मिशन का लक्ष्य केवल ग्रामीण परिवारों तक नल के माध्यम से पानी पहुंचाना नहीं, बल्कि नियमित, पर्याप्त, सुरक्षित एवं दीर्घकालिक जल सेवा सुनिश्चित करना है। इन जल सहिया दीदियों के माध्यम से मासिक जल शुल्क नियमित रूप से संग्रह किया जा रहा है।पानी के टैक्स से इकट्ठा हुए पैसे का इस्तेमाल प्लंबर और पंप ऑपरेटरों की मासिक सैलरी देने, मरम्मत करने और पीने के पानी की सप्लाई स्कीम के संचालन और रखरखाव के लिए किया जाता है।

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सरायकेला-खरसावां जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं ने घेरा उपायुक्त कार्यालय, सौपा ज्ञापन

झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने कहा कि जब तक झामुमो और कांग्रेस की सरकार छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लेती है और परीक्षाओं में की गई धांधली की जांच सीबीआई से नहीं कराती है, तब तक भाजपा के कार्यकर्ता छात्रों के साथ किए गए अन्याय के विरोध में सड़कों पर उतर कर विरोध करते रहेंगे। वे सरायकेला- खरसावां जिला संगठन के द्वारा आयोजित जिला मुख्यालय के सामने प्रदर्शन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उक्त बातें कही।

श्री साहू ने कहा कि आज झारखंड भ्रष्टाचार के मामले में नित नए रिकॉर्ड कायम करती जा रही है। झारखंड सरकार के मुखिया के नेतृत्व और संरक्षण में झारखंड के बालू, कोयला, पत्थर, जमीन आदि को बेची जा रही है। झामुमो, कांग्रेस और राजद को पैसे की इतनी भूख है कि खनिज संपदाओं को बेचने के बाद अब वह झारखंड के नौनिहालों के सपने, रोजगार और भविष्य को बेचने में लगी हुई है। उन्होंने पूछा कि आखिर ये लोग उतने पैसे का करेंगे क्या?

श्री साहू ने कहा कि झामुमो के द्वारा कभी नारा दिया जाता था कि जल, जंगल, जमीन की रक्षा हमलोग करेंगे। लेकिन सत्ता में आते ही ये लोग जल, जंगल, जमीन का सौदा करने में व्यस्त हो गए। आज झामुमो ने राज्य की क्या हालात बना दी है, यह किसी से छुपी हुई नहीं है। राज्य में विकास के सारे काम ठप हैं, अस्पताल, सड़कें, स्कूल, सबकी हालात खराब है।

उन्होंने कहा कि राज्य की हेमंत सोरेन की सरकार ने झारखंड में एक से एक कारनामे को अंजाम दिया है। सरकार छात्रों के साथ अन्याय और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।

उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार ने कौड़ी के भाव झारखंड की नौकरी को बाहर के छात्रों के हाथों बेचने का काम की है। हद तो तब हो गयी जब यह पता चला कि जिन छात्रों को झारखंड की स्थानीय भाषा खोरठा की 'ख'और नागपुरी की 'न' की भी जानकारी नहीं है वैसे छात्रों का चयन इस भाषा के विषय के लिए हुआ है। लेकिन जिन छात्रों को इन भाषाओं की जानकारी है उनका चयन ही नहीं हुआ।

श्री साहू ने कहा कि सीजीएल की परीक्षा में बैठेने वाले चयनित छात्रों को देश के बाहर ले जाकर प्रश्न लीक कर के जवाब रटवाये गए, जो प्रश्न रटवाये गए थे उनमें से 150 में से 120 प्रश्न सेम आये थे।

श्री साहू ने कहा कि झारखंड के छात्रों के द्वारा अपने साथ किये गए अन्याय के खिलाफ संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से जब जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनशन कर रहे थे। उनको परेशान करने के उद्देश्य से रात में वहां की बिजली कटवा दी गयी, पानी बन्द करवा दिया गया, शौचालय बन्द करवा दी गयी। भारी बारिश में छात्र भीगते रहे लेकिन टेंट लगाने की अनुमति नहीं दी गयी। भाजपा के विरोध के बाद छात्र वहां टेंट लगा सके और 26 दिनों तक अनशन करते रहे।

श्री साहू ने कहा कि झारखंड के छात्र शांतिपूर्ण, संवैधानिक और मर्यादा में रह कर 26 दिनों तक अनशन किया। किसी पुलिस वाले के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया। किसी को गाली नहीं दी। झामुमो के गुंडों के द्वारा अपना बैनर झंडा लेकर आंदोलनरत छात्रों को राज्य के कई जिलों में बुरी तरह से पीटा गया। सरकार ने निर्दोष 1000 छात्रों पर मुकदमे दर्ज करा दी। उनको डराने धमकाने हेतु उनके घरों एवं हॉस्टलों में रात के अंधेरे में पुलिस ने छापेमारी की, उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया ताकि वे आंदोलन से हट जाएं।

श्री साहू ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जबतक सरकार छात्रों और दर्ज झूठे मुकदमे वापस नहीं लेती है और परीक्षा में की गई धांधली की जांच सीबीआई से नहीं कराती है तब तक भाजपा सड़कों पर उतर कर सरकार की नीतियों का विरोध करती रहेगी।

श्री साहू ने झारखंड सरकार के द्वारा एमएमडीआर बिल का विरोध करने पर कहा कि यह बिल झारखंड के हित में है। झारखंड सरकार की कोयला और लौह अयस्क पर सेस लगाने की गलत नीति के कारण आज झारखंड के कोयले और लोहे की बिक्री कम हो गई हैं। इसके कारण राज्य सरकार को राजस्व की हानि हो रही है लेकिन इसकी चिंता राज्य सरकार को नहीं है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के संरक्षण में कोयले और लौहे की अवैध खनन हो रही है और सत्ताधारी दलों के नेताओं और बिचौलियों के तिजोरी भर रहे हैं।

झारखंड के कोयले और लोहे की चोरी और लीगल खनन से उत्पादित कोयले और लोहे की कीमत ज्यादा होने के कारण बीसीसीएल और सीसीएल के कोयले की मांग कम हो गयी है जिसके कारण बीसीसीएल और सीसीएल बन्दी के कगार पर पहुंच गई है।

उन्होने लोगों से झामुमो और कांग्रेस के एमएमडीआर बिल के विरोध में फैलाई गई दुष्प्रचार से सावधान रहने की बात कही। कहा कि अगर झारखंड में लीगल तरीके से खनिज पदार्थों का खनन होगा तो झारखंड के गांव, गरीब, मजदूर के घर पैसे आएंगे। यही बात झामुमो और कांग्रेस के नेताओं को पच नहीं रही है।

भाजपा एसआईआर में गड़बड़ी करते पकड़े जाने के बाद बौखलाहट में मनगढंत आरोप मढ़ रही : विनोद पांडेय

झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने एसआईआर को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के आरोपों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा को मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार ही नहीं है।

उन्होंने कहा कि भाजपा के बीएलए टू और कई कार्यकर्ताओं को गोड्डा, गढ़वा सहित विभिन्न जिलों में एसआईआर प्रक्रिया में गड़बड़ी करते रंगे हाथ आम लोगों ने पकड़ा था, ऐसे भाजपाइयों पर एफआईआर भी दर्ज हुई है, अब भाजपा बौखलाहट में एसआईआर पर सवाल उठा कर एक विशेष समुदाय पर निशाना साध रही है। भाजपा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह निर्वाचन आयोग की संवैधानिक प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है या राजनीतिक लाभ के लिए भ्रम पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास किसी प्रकार की गड़बड़ी की जानकारी है तो उससे संबंधित प्रमाण चुनाव आयोग और पदाधिकारियों को उपलब्ध कराए।

महासचिव पांडेय ने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण निर्वाचन आयोग की देखरेख में होने वाली संवैधानिक प्रक्रिया है। इसमें किसी भी व्यक्ति का नाम जोड़ने या हटाने के लिए निर्धारित नियम और दस्तावेजी प्रक्रिया है। यदि कहीं कोई गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और निर्वाचन तंत्र के समक्ष शिकायत दर्ज कराने का प्रावधान है। भाजपा को किसी विशेष समुदाय को निशाना बनाने के बजाय ठोस प्रमाण निर्वाचन आयोग के समक्ष रखने चाहिए।

उन्होंने कहा कि संथाल परगना को लेकर भाजपा नेताओं की भाषा दुर्भाग्यपूर्ण है। मतदाता सूची में किसी नाम, उम्र या पते से जुड़ी त्रुटि को सीधे बांग्लादेशी घुसपैठ से जोड़ना उचित नहीं है। यदि किसी व्यक्ति ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का प्रयास किया है तो उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन कुछ मामलों के आधार पर पूरे समुदाय विशेष को संदेह के घेरे में खड़ा करना गलत है।

महासचिव पांडेय ने कहा कि भाजपा को यह बताना चाहिए कि जिन मामलों का वह उल्लेख कर रही है, उनमें निर्वाचन आयोग अथवा सक्षम प्रशासन ने क्या निष्कर्ष दिया है। केवल आरोप लगा देने से कोई व्यक्ति अपात्र या कोई मतदाता सूची गलत साबित नहीं हो जाती।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा एसआईआर जैसे संवेदनशील विषय को राजनीतिक रंग देकर समाज में भ्रम और अविश्वास पैदा करना चाहती है। उन्होंने कहा कि झामुमो लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी वास्तविक गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन राजनीतिक आरोपों के आधार पर लाखों मतदाताओं की निष्ठा पर सवाल नहीं उठाया जा सकता।

धन्यवाद

SIR के मुद्दे पर भाजपा का झारखंड सरकार पर बड़ा हमला, लगाया तुष्टिकरण का आरोप

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर झारखंड सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए राज्य सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

श्री साहू ने कहा कि SIR प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए राज्य सरकार हर प्रकार के हथकंडे अपना रही है। राज्य की झामुमो-कांग्रेस गठबंधन सरकार SIR को लेकर तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है। कहा कि झारखंड में SIR शुरू होने से पहले ही JMM और कांग्रेस ने इसके बहिष्कार और विरोध की बात कही थी। और जब प्रक्रिया प्रारंभ हुई तो इसे प्रभावित करने और एक समाज विशेष को खुश करने के लिए उनके नामों को अवैध रूप से जोड़ने के लिए हर प्रकार के हथकंडे यह सरकार अपना रही है।

उन्होंने कहा कि संथाल परगना में आ रही विसंगतियां का मामला केवल मतदाता सूची का नहीं बल्कि लोकतंत्र की पारदर्शिता का मामला है। साहिबगंज, राजमहल और पाकुड़ क्षेत्र में मतदाता सूची को लेकर उम्र संबंधी गंभीर गड़बड़ियां सामने आ रही है। जो प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल है। पाकुड़ और साहिबगंज सहित संथाल परगना के पूरे संवेदनशील इलाकों में मतदाता सूची का शत-प्रतिशत सत्यापन जरूरी है।

श्री साहू ने कहा कि हेमंत सरकार ने प्रशासनिक पदों पर बैठे अधिकारियों को अब सरकारी सेवक नहीं, बल्कि झामुमो-कांग्रेस के पोलिंग एजेंट बनाकर रख दिया है। प्रशासन की मिलीभगत से यह सरकार एक खास वर्ग के अधिक से अधिक लोगों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के प्रयास में लगी है।

श्री साहू ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में राजनीतिक दखल क्यों? झामुमो-कांग्रेस अपनी बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, BDO और CDPO को नेताओं के साथ मिलाकर यह योजना बना रहे हैं कि कैसे अपने वोट बैंक बांग्लादेशी घुसपैठियों का नाम वोटर लिस्ट से न कटे।

खुल्लम-खुल्ला निर्देश दिया जा रहा है, क्योंकि झामुमो-कांग्रेस गठबंधन अब यह मान चुका है कि उनकी जीत बांग्लादेशी घुसपैठियों के वोट बैंक के भरोसे टिकी हुई है।

श्री साहू ने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठ से जुड़े मामलों में हेमंत सरकार का रवैया पहले से सवालों के घेरे में रहा है, अब एसआईआर में सामने आ रही विसंगतियां उन सवालों को और गंभीर बनाती हैं। पदाधिकारियों द्वारा jmm कांग्रेस के लोगों को कैसे लाभ दिया जा रहा है, बांग्लादेशी घुसपैठियों को कैसे मदद की जा रही है, इसके कई उदाहरण सामने आए हैं। झारखंड में कई अधिकारी व कर्मचारी इसमें नियम के विरुद्ध कार्य कर रहे हैं। विशेष कर संथाल परगना प्रमंडल में जो विसंगतियां आ रही है, राज्य के लिए चिंताजनक है।

श्री साहू ने कहा कि पाकुड़ के बरहरवा क्षेत्र में कथित फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र के आधार पर मतदाता सूची में नाम जोड़ने के प्रयास के मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई है। यह तो एक जगह का मामला है, ऐसे कितने मामले अभी पकड़ से दूर हैं। पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र के बरहरवा प्रखंड के आहुत ग्राम में फर्जी दस्तावेज (Fake Document) जमा कर अवैध रूप से मतदाता सूची में जुड़ने का प्रयास कर रहे 4 अपात्र व्यक्तियों एवं एक कॉमन सर्विस सेंटर संचालक पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने हेतु प्राथमिकी दर्ज किया गया है। बरहरवा प्रखंड में संदिग्ध दस्तावेजों के संबंध में कुल 4 व्यक्तियों को चिह्नित किया गया है। इनमें रूबेदा बेवा, रबी शेख, पिंटू शेख, सेन्टु शेख द्वारा फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र प्रस्तुत की गई हैं। इन अपात्र व्यक्तियों को कॉमन सर्विस सेंटर के संचालक मोहम्मद सलीम द्वारा फर्जी दस्तावेज तैयार कर उपलब्ध कराए गए थे।

वहीं उन्होंने कहा कि साहेबगंज जिला के राजमहल विधानसभा में बूथ संख्या-343, गृह संख्या-01 में वर्ष 2019 की मतदाता सूची में 4 मतदाताओं का नाम था, जबकि 25 जुलाई, 2024 को प्रकाशित मतदाता सूची में 39 मतदाताओं का नाम है। वर्तमान सूची में सैयद अली का आयु 69 वर्ष है, जबकि उसके पुत्र गफूर शेख की आयु 67 वर्ष है। इसी बूथ पर वर्ष 2019 में आजाद अली की आयु 34 वर्ष है, वहीं 2024 की सूची में आजाद अली का नाम नहीं है, परंतु उनकी पत्नी आयसा का नाम है, जिसकी आयु 64 वर्ष है। राजमहल विधानसभा में बूथ संख्या-187, गृह संख्या-137 में वर्ष 2019 की मतदाता सूची में मात्र 12 मतदाता थे, जबकि वर्तमान मतदाता सूची में बढ़कर 26 हो गये हैं। वहीं साहेबगंज जिले के बोरियो विधानसभा में मंडरो प्रखंड के लालमाटी गांव में एक भी मुस्लिम का घर नहीं है, परंतु वहां के मतदाता सूची में दर्जनों मुस्लिम मतदाता शामिल है और तेलियागढ़ी बूथ पर उनके मतदान करने की बात कही गई है। साहेबगंज जिला में ऐसा भी मामला सामने आया है कि 15 वर्ष के मतदाता को पिता बताया जा रहा है और उसी मतदाता को 30 वर्ष की आयु में दादा बताया जा रहा है। इसके अतिरिक्त कुछ ऐसे भी मामला सामने आया है कि पिता और पुत्र की आयु में मात्र 2-3 वर्ष का अंतर है।

श्री साहू ने कहा कि अपात्र मतदाताओं का मतदाता सूची में नाम दर्ज करने के लिए झामुमो-कांग्रेस एसआईआर मामले में फर्जीवाड़ा और घोटाला कर रही है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर हेमंत सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अगर सरकार की नीयत साफ है, तो मतदाता सूची की हर शिकायत की जांच कराने में उसे कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि वह मतदाता सूची को शुद्ध करने के पक्ष में है या संदिग्ध नामों को संरक्षण देने के पक्ष में?

श्री साहू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं करेगी और उसका पर्दाफाश करने का काम करेगी। जरूरत पड़ेगी तो पार्टी न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएगी।

उन्होंने सरकारी पदाधिकारियों को सरकार के टूलकिट की बजाय निष्पक्ष तरीके से काम करने की नसीहत देते हुए कहा कि अधिकारियों को अपनी आदतों से बाज आनी चाहिए अन्यथा उन्हें जेल की हवा खाने से कोई नहीं रोक सकता हवहीं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद ने मौके पर कहा कि राज्य के पदाधिकारी स्वच्छ और त्रुटि रहित मतदाता सूची बनाने की दिशा में काम करें। उन्होंने ऑनलाइन की बजाय ऑफलाइन प्रमाण पत्र बनाने की छूट देने के फैसले को भी अनुचित बताते हुए कहा कि यह सब अवैध मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में बनाए रखने की कवायद है। उन्होंने भी बांग्लादेशी घुसपैठियों पर राज्य सरकार द्वारा की जा रही मेहरबानी को लेकर कई उदाहरण गिनाए। उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों का वोटर आईडी कार्ड , आधार कार्ड और पैन कार्ड आसानी से इन इलाकों में आखिर कैसे बन जा रहा है, यह जांच का विषय है। पदाधिकारियों के संरक्षण के बिना यह सब संभव ही नहीं है। उन्होंने प्रज्ञा केंद्र संचालकों की मदद से फर्जी दस्तावेज बनाए जाने का आरोप लगाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह और प्रदेश प्रवक्ता प्रकाश सिंह भी उपस्थित रहे।

ै।

हेमंत सरकार युवाओं का भविष्य बेच रही, बिना CBI जांच छात्रों को न्याय नहीं : आदित्य साहू

JPSC, JSSC एवं CGL परीक्षाओं में हुई कथित व्यापक धांधली, परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले दोषियों की गिरफ्तारी, पूरे मामले की CBI जांच तथा शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग को लेकर प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में भाजपा रांची महानगर, रांची पूर्वी एवं रांची पश्चिमी जिला के संयुक्त तत्वावधान में रांची उपायुक्त कार्यालय का घेराव किया गया। जिला स्कूल मैदान से निकले इस घेराव कार्यक्रम में हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, छात्र–युवा एवं समर्थक शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने छात्रों के समर्थन में जोरदार आवाज बुलंद करते हुए सरकार से परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और युवाओं के भविष्य के साथ न्याय सुनिश्चित करने की मांग की।

घेराव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि हेमंत सरकार छात्रों के साथ अन्याय और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। झारखंड के छात्रों का आंदोलन अब केवल झारखंड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह देश का आंदोलन बन गया है। सरकार आंदोलन को दबाने के लिए भोले-भाले छात्रों पर फर्जी FIR दर्ज कर उनकी आवाज कुचलने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि आंदोलनरत छात्रों पर सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं द्वारा हमले किए जा रहे हैं और सरकार ने लोकतांत्रिक आंदोलन पर पाबंदी लगाने का प्रयास किया है। नौकरी के सौदागर खुले घूम रहे हैं, जबकि सरकार छोटी मछलियों को CID के माध्यम से पकड़वाकर महज दिखावा कर रही है।

श्री साहू ने कहा कि बिना CBI जांच के छात्रों को न्याय नहीं मिल सकता। हेमंत सरकार ने भर्ती संस्थानों को कमाई का साधन बना दिया है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अविलंब पूरे मामले की CBI जांच कराई जाए, छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं तथा JPSC, JSSC और CGL की धांधली में शामिल बड़ी मछलियों को गिरफ्तार किया जाए, अन्यथा भाजपा चरणबद्ध एवं व्यापक आंदोलन करेगी।

कार्यक्रम को पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, रांची विधायक सीपी सिंह, हटिया विधायक नवीन जायसवाल, रांची की महापौर रोशनी खलखो ने भी संबोधित करते हुए राज्य की सरकार पर हमला बोला। वक्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार सीआईडी जांच के नाम पर केवल आईवॉश कर रही है। इस सरकार को हर हाल में सीबीआई जांच करानी ही होगी।

वहीं इस कार्यक्रम में रांची उप महापौर नीरज कुमार, प्रदेश मंत्री अमित कुमार, रांची महानगर अध्यक्ष वरुण साहू, रांची पूर्वी जिला अध्यक्ष विनय महतो ‘धीरज’, रांची पश्चिमी जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह, भारत यादव, सीमा सिंह, मनोज महतो बाजपेयी, सन्नी टोप्पो, पूर्व विधायक राम कुमार पाहन, समरी लाल, गंगोत्री कुजूर, हेमंत दास, सूरज चौरसिया, सत्यनारायण सिंह, केके गुप्ता, सुबोध सिंह गुड्डू, संदीप वर्मा, बलराम सिंह, जितेंद्र वर्मा, मनोज चौधरी, सुधाकर चौबे, रमेश सिंह, ललित ओझा, कमलेश राम, राजू सिंह, बीणा मिश्रा, नीरज चौधरी, संकेत तिवारी, शत्रुधन साहू सहित बड़ी संख्या में पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

बाबूलाल मरांडी ने जेएमएम द्वारा JPSC JSSC परीक्षा में हर गड़बड़ी में बिहार कनेक्शन कहने पर दिखाया आईना

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जेएमएम द्वारा JPSC JSSC परीक्षा से जुड़ी अनियमितता के मास्टरमाइंड और सभी माफियाओं के बिहार कनेक्शन होने को लेकर एक्स पर किए गए एक पोस्ट पर jmm को आईना दिखाते हुए कहा है कि केवल अपने अपराध कृत्य के लिए एवं किसी राज्य के चंद लोगों के कुकर्मों की सजा एक समृद्ध एतिहासिक विरासत समेटे राज्य को बदनाम करना कहीं से भी उचित नहीं है।

श्री मरांडी ने सवालिया लहजे में कहा कि बिहार कनेक्शन? क्या बिहार जैसे समृद्ध एतिहासिक विरासत समेटे राज्य को अपराधियों और अपने अपराध कृत्य के लिए आप बदनाम नहीं कर रहे हैं। ऐसी बातें आपके जेहन में आती कैसे हैं?

श्री मरांडी ने कहा कि झारखंड की देवभूमि देवघर का अभय तिवारी JPSC और JSSC की परीक्षाओं में अनियमितता का मास्टरमाइंड निकला तो उसका गुनाह का बदला देवघर से लेंगे, गिरिडीह के आपके जिलाध्यक्ष का नौकरी में वसूली का ऑडियो वायरल है, क्या उसकी जिम्मेदारी पूरे गिरिडीह और झामुमो की है। ये जो सुप्रियो दादा की पत्नी का नाम वसूली में आया और उनके पीएस की गिरफ्तारी हुई तो आपकी पार्टी और पूरी रांची गुनहगार होगी क्या? पलामू के रवि मास्टर, हजारीबाग का लालू यादव, बोकारो का सानंद प्रकाश समेत कई लोग सीआईडी की रडार पर हैं। क्या उनके जिले के लोगों का भी ऐसे ही कनेक्शन लिखयेगा?

उन्होंने कहा कि हां कनेक्शन क्या होता है, जानिए...जेएससीए में नौकरी के लिए एल ख्यांगते को किसने JPSC का अध्यक्ष बनाया? JSSC में पेपर लीक हुआ, नीरज सिन्हा को किसने जेएसएससी का अध्यक्ष बनाया था? विनोद सिंह का कनेक्शन कहां से है? अनुराग गुप्ता को किसने रिटायरमेंट के बाद डीजीपी बनाया, ताकि सीजीएल पेपर लीक की जांच को मोड़ा जा सके? सुनिये सारे जवाब तलाशेंगे तो जवाब एक मिलेगा: कांके रोड का कनेक्शन।

उन्होंने कहा कि आखिर CID की जांच को गलत दिशा में मोड़ने वाले, नौकरी बेचने के बाद इसकी जांच में घोटाला करने वाले नीरज सिन्हा पर कोई कारवाई क्यों नहीं हुई? सुधीर गुप्ता आज भी अपने पद पर बने हुए हैं। प्रशांत कुमार के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई? वहीं अनुराग गुप्ता के एक-एक कारनामे लगातार सामने आ रहे हैं। वे ACB से दस्तावेज लेकर भाग गए। ACB के कंप्यूटर का डाटा सब निकाल कर ले गये। मनमाने तरीक़े से बड़ी मछलियों को बचाने के लिये पहले शराब घोटाले और फिर JSSC घोटाले के साक्ष्य नष्ट किये और कराये। जमकर वसूली की। लेकिन लूट का पूरा माल उपर नहीं पंहुचा तो उसे हटा दिये। तब मुख्यमंत्री जी कहाँ सोये हुए थे? आखिर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई?

उन्होंने पूछा कि आखिर इन अधिकारियों को किसका संरक्षण प्राप्त है? इन अधिकारियों की गिरफ्तारी और उनके मुँह खोलने से ऐसा कौन सा शख्स है, जो डर रहा है? कांके रोड और मुख्यमंत्री से उसका क्या कनेक्शन है? एक बात और...ममता बनर्जी के राज में नियामतपुर में क्वेश्चन पेपर रटवाये गये तो बंगाल कनेक्शन का नाम लेने में डर क्यों लगता है?

JSSC CGL पेपर लीक मामले में एक और गिरफ्तारी, सीआईडी ने पटना के राजन कुमार को दबोचा

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झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा में कथित प्रश्नपत्र लीक और अनियमितता के मामले की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) की विशेष जांच टीम ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान पटना निवासी राजन कुमार के रूप में हुई है।

परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को होटल में ठहराने का आरोप

आरोप है कि राजन कुमार कई अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले पश्चिम बंगाल के नियामतपुर स्थित एक होटल में ले जाता था। एग्जाम से पहले अभ्यर्थियों को होटल में ठहराया ठहराया था। वहां उन्हें परीक्षा से जुड़े प्रश्न और उत्तर रटवाए जाते थे।

प्रश्नपत्र लीक मामले में अहम खुलासों की उम्मीद

जांच एजेंसी को उम्मीद है कि राजन से पूछताछ में प्रश्नपत्र लीक मामले से जुड़े अन्य लोगों और कथित नेटवर्क के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है। इस मामले में विशेष जांच टीम ने रविवार को पलामू के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के डुमरी से सफल अभ्यर्थी कुंदन कुमार को भी गिरफ्तार किया था। आरोप है कि कुंदन ने प्रश्नपत्र लीक गिरोह को पैसे दिए थे। कुंदन मूलरूप से डुमरी का रहने वाला है और वर्तमान में गुमला जिले के सिसई में पदस्थापित था।

बिचौलिए का काम करता था राजन कुमार

जांच में पता चला है कि गिरफ्तार राजन कुमार जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा कराने वाली एजेंसी आईसीएन के संचालक मिथिलेश सिंह के सिंडिकेट से जुड़ा था। मिथिलेश सिंह भी मूल रूप से बिहार का रहने वाला है। अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान राजन की मुलाकात मिथिलेश से हुई थी। इसके बाद मिथिलेश ने राजन को अभ्यर्थियों से संपर्क करने, परीक्षा पास कराने की सेटिंग करने और उनसे पैसे वसूलने की जिम्मेदारी दी। राजन अभ्यर्थियों से पैसे लेकर मिथिलेश तक पहुंचाता था और बदले में उसे कमीशन मिलता था।

पेपर लीक का बिहार कनेक्शन

राजन कुमार की गिरफ्तारी के बाद जेएसएससी-सीजीएल मामले की जांच का दायरा दूसरे राज्यों तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। आरोपी पटना, बिहार का रहने वाला है, जबकि जांच में सामने आया स्थान नियामतपुर, पश्चिम बंगाल है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि सीआईडी अब केवल झारखंड में मौजूद आरोपियों और परीक्षा से जुड़े लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि कथित पेपर लीक के नेटवर्क से जुड़े बाहरी लोगों और ठिकानों की भी पड़ताल कर रही है।

झारखंड के चतरा विधायक जनार्दन पासवान के बेटे का अपहरण, पुलिस ने 2 घंटे में किया सकुशल बरामद

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झारखंड में चतरा विधानसभा के विधायक जनार्दन पासवान के बेटे का अपहरण हो गया। लोक जनशक्ति पार्टी (आर) के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष जनार्दन पासवान के बेटे सौरभ का अपहरण सोमवार को रांची स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी के गेट के किया गया। लेकिल पुलिस की तत्परता की वजह से दो घंटे में ही सुरक्षित बरामद कर लिया गया।

एमिटी विश्वविद्यालय के पास से अपहरण

बताया जा रहा है कि कुछ अज्ञात लोग वाहनों से एमिटी विश्वविद्यालय के मुख्य गेट के पास पहुंचे थे। आरोप है कि इन लोगों ने विधायक के पुत्र सौरभ के साथ मारपीट की और इसके बाद उसे जबरन अपने साथ ले गए। घटना के बाद परिजन उनसे संपर्क करने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन संपर्क नहीं हो पा रहा था। घटनास्थल के पास उनकी थार गाड़ी खड़ी मिली थी।

चंद घंटों में विधायक के बेटे को सकुशल बरामद

परिजनों से सूचना मिलते ही रांची पुलिस एक्टिव हो गई है और उनके बेटे को सकुशल बरामद करने में सफल रही। पुलिस ने संभावित ठिकानों की निगरानी के साथ इलाके में सर्च अभियान चलाया। मामले में चतरा पुलिस की तकनीकी टीम ने भी सहयोग किया। पुलिस की कार्रवाई के बाद सौरभ को सकुशल बरामद कर लिया गया।

मामले की छानबीन में जुटी पुलिस

विधायक के बेटे की सकुशल बरामदगी के बाद पुलिस घटना के पीछे की वजह क्या है और इसमें किन लोगों की भूमिका रही है, इसकी जांच में जुट गई है। पुलिस की ओर से मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। विधायक पुत्र की सकुशल बरामदगी के बाद परिजनों और समर्थकों ने राहत की सांस ली है।

छात्रों के मुद्दे पर भाजपा द्वारा आहूत चारदिवसीय राज्यव्यापी आंदोलन की तैयारी पूरी

8 से लेकर 11 सितंबर तक 24 जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन के साथ डीसी एवं एसपी कार्यालय का घेराव करेगी भाजपा

प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी सहित पार्टी के अन्य वरीय नेता विभिन्न जिलों में संभालेंगे मोर्चा

JPSC, JSSC CGL सहित सभी भर्ती परीक्षाओं में हुई व्यापक धांधली के खिलाफ, शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर झारखंड सरकार द्वारा दर्ज फर्जी मुकदमे वापस लेने, परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले दोषियों की गिरफ्तारी एवं पूरे मामले की CBI जांच की मांग को लेकर भाजपा ने 8 सितंबर से घोषित राज्यव्यापी आंदोलन की तैयारी पूरी कर ली है। भाजपा द्वारा इस आंदोलन के लिए विभिन्न जिलों में अपने प्रमुख नेताओं को जिम्मेवारी सौंपी गई है। ये नेता उन जिलों में आंदोलन का मोर्चा संभालेंगे।

इस संबंध में प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने बताया कि भाजपा द्वारा आहूत चार दिवसीय इस व्यापक आंदोलन के तहत 8 से लेकर 11 सितंबर तक तिथिवार 24 जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन के साथ डीसी एवं एसपी कार्यालय का किया जाएगा घेराव किया जाएगा। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के निर्देशानुसार विभिन्न जिलों के लिए अलग अलग प्रमुख नेताओं को इस आंदोलन के लिए जिम्मेवारी सौंपी गई है।

प्रदेश महामंत्री ने बताया कि

प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू

8 सितंबर को राँची,

9 सितंबर को सरायकेला एवं

11 सितंबर को खूँटी में,

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी

8 सितंबर को दुमका,

9 सितंबर को पाकुड़,

10 सितंबर को साहेबगंज एवं

11 सितंबर को गोड्डा में,

पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास

8 सितंबर को हजारीबाग,

10 सितंबर को धनबाद एवं

11 सितंबर को लोहरदगा में,

पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा

8 सितंबर को जमशेदपुर

9 सितंबर को बोकारो एवं

11 सितम्बर को रामगढ़ में,

एसटी मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष समीर उरांव

9 सितंबर को सिमडेगा,

10 सितंबर को गुमला और चाईबासा एवं

11 सितंबर को गिरिडीह में,

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ

8 सितंबर को गढ़वा में,

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र राय

10 सितम्बर को चतरा एवं

11 सितंबर को जामताड़ा में,

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश

9 सितम्बर को पलामू एवं

10 सितंबर को लातेहार में,

मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल

9 सितम्बर को कोडरमा में

पूर्व मंत्री नीरा यादव

11 सितंबर को देवघर के कार्यक्रम में शामिल होंगी।

श्री बाउरी ने कहा कि कार्यक्रम के लिए जिलावार संयोजक भी बनाए गए हैं। जिसमें रांची एवं देवघर के लिए गणेश मिश्रा, सरायकेला के लिए बालमुकुन्द सहाय, खूंटी के लिए नीलकंठ सिंह मुंडा, दुमका के लिए सुनील सोरेन, पाकुड़ के लिए कृष्णा महतो, साहेबगंज के लिए अनंत ओझा, गोड्डा एवं धनबाद के लिए दिलीप वर्मा, हजारीबाग, गढ़वा एवं पलामू के लिए भानु प्रताप शाही, लोहरदगा के लिए अमित सिंह, सिमडेगा के लिए मुनेश्वर साहू, गुमला के लिए मनीर उरांव, गिरिडीह के लिए सरोज सिंह, चाईबासा के लिए गीता कोड़ा, जमशेदपुर के लिए आभा महतो, बोकारो के लिए अमर कुमार बाउरी, रामगढ़ के लिए राकेश प्रसाद, चतरा के लिए अमरदीप यादव, जामताड़ा के लिए सुनील सोरेन, लातेहार के लिए मनीर उरांव, कोडरमा के लिए शालिनी बैसखियार को जिम्मेवारी सौंपी गई है।

प्रदेश महामंत्री ने बताया कि पिछले दिनों भाजपा के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के द्वारा मुख्य सचिव के माध्यम से राज्य सरकार को छात्रों पर दर्ज मुकदमें को हटाने का अल्टीमेटम दिया गया था, जिस पर राज्य सरकार मौन रही। तत्पश्चात भाजपा ने इस आंदोलन की रूपरेखा बनाई है। भाजपा छात्रों के इस न्याय की लड़ाई में हर कदम पर मजबूती से खड़ी है।

श्री बाउरी ने बताया कि 8 सितंबर से प्रारंभ यह आंदोलन पहले दिन रांची, दुमका, हजारीबाग, गिरिडीह, जमशेदपुर और गढ़वा जिले में, 9 सितंबर को कोडरमा, साहिबगंज, बोकारो, पलामू, सिमडेगा और चाईबासा जिले में, 10 सितंबर को सरायकेला, पाकुड़, धनबाद, गुमला, लातेहार और चतरा जिले में जबकि 11 सितंबर को रामगढ़, देवघर, लोहरदगा, खूंटी, गोड्डा और जामताड़ा जिले में निर्धारित है।

JSSC-CGL मामले में पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता की भूमिका की हो निष्पक्ष जांच : बाबूलाल मरांडी

श्री मरांडी ने सोशल मीडिया के एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए कहा है कि JSSC-CGL मामले की जांच को प्रभावित करने, उसे गलत दिशा में ले जाने और डिजिटल साक्ष्यों को नष्ट कराने के आरोपों से घिरे पुलिस अधिकारी अनुराग गुप्ता पर कार्रवाई करने से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की हिचकिचाहट कई सवालों को जन्म दे रहा है।

उन्होंने कहा कि आखिर ऐसी क्या वजह थी कि अनुराग गुप्ता छात्रों द्वारा लगाए गए पेपर लीक के आरोपों को गलत साबित करने पर आमादा थे? क्यों वे खुलेआम मीडिया के सामने आकर इन आरोपों को खारिज करने की कोशिश कर रहे थे? झारखंड के छात्र और बेरोजगार आज यही सवाल पूछ रहे हैं। जिस अधिकारी की भूमिका पर ही जांच को प्रभावित करने के गंभीर सवाल खड़े हों, उस पर कार्रवाई किए बिना CID की जांच और उसकी निष्पक्षता पर आखिर भरोसा कैसे किया जा सकता है?

उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा है कि अगर आपको झारखंड के लाखों युवा बेरोजगारों के भविष्य से जरा भी सरोकार है, तो डरिये मत, हिम्मत दिखाइए। इस अधिकारी की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराइए और दोष साबित होने पर कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कीजिए... क्योंकि जब वर्दी की आड़ में जांच से खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई नहीं होगी, ऐसे लोग जेल नहीं जायेंगे तो भविष्य में कोई भी अधिकारी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने से पहले नहीं डरेगा।