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यूपी का मतलब अल्टीमेट पोटेंशियल, टेक्सटाइल सेक्टर बनेगा नई औद्योगिक ताकत: योगी

- सीएम बोले- कारीगर सिर्फ सप्लायर नहीं, ब्रांड ओनर और युवा जॉब सीकर नहीं, एंटरप्रेन्योर बनें

- टेक्सटाइल सेक्टर में 5,196 करोड़ रुपये के नए निवेश प्रस्तावों के एमओयू, 163 करोड़ के लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी

- कृषि के बाद सर्वाधिक रोजगार देने वाला सेक्टर है वस्त्र उद्योग, यूपी में दो लाख हैंडलूम और पांच लाख से अधिक पावरलूम बुनकर

- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया दो दिवसीय यूपी टेक्सटाइल्स कॉन्क्लेव-2026 का उद्घाटन

- यूपी टेक मित्र पोर्टल लॉन्च, हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना का भी किया शुभारंभ

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी का मतलब ‘अल्टीमेट पोटेंशियल’ है। उत्तर प्रदेश के पास विरासत, हुनर, मानव संसाधन, उद्योग, उद्यमिता और देश का सबसे बड़ा बाजार है। दुनिया की सबसे युवा वर्कफोर्स भी हमारे पास है। अब इसी ताकत के सहारे उत्तर प्रदेश को ग्लोबल टेक्सटाइल हब बनाना है। हमारा लक्ष्य फाइबर से यार्न, यार्न से फैब्रिक, फैब्रिक से गारमेंट और गारमेंट से ब्रांड होते हुए ग्लोबल मार्केट तक पूरी वैल्यू चेन प्रदेश में विकसित करने का है।

मुख्यमंत्री योगी मंगलवार को दो दिवसीय यूपी टेक्सटाइल्स कॉन्क्लेव-2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने यूपी टेक मित्र पोर्टल लॉन्च करने के साथ हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में टेक्सटाइल सेक्टर में 5,196 करोड़ रुपये के नए निवेश प्रस्तावों के एमओयू किए गए। साथ ही 163 करोड़ रुपये के लेटर ऑफ कम्फर्ट और 60 करोड़ रुपये की सब्सिडी का वितरण किया गया।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की टेक्सटाइल पहचान हजारों वर्षों पुरानी है। वैदिक साहित्य से लेकर रामायण और महाभारत तक काशी के रेशमी वस्त्रों का उल्लेख मिलता है। वाराणसी की सिल्क साड़ी, भदोही का कारपेट, लखनऊ की चिकनकारी, बरेली की जरी, कानपुर का टेक्सटाइल इकोसिस्टम और मेरठ में टेक्निकल टेक्सटाइल की संभावनाएं प्रदेश की विरासत और औद्योगिक क्षमता का प्रमाण हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में दो लाख हैंडलूम और पांच लाख से अधिक पावरलूम बुनकर इस सेक्टर की असली ताकत हैं। कृषि के बाद सर्वाधिक रोजगार का सृजन वस्त्र उद्योग करता है। उत्तर प्रदेश फैब्रिक मैन्युफैक्चरिंग में देश में तीसरे स्थान पर है और कुल फैब्रिक उत्पादन में उसकी हिस्सेदारी 13 से 14 प्रतिशत है। पिछले छह वर्षों में प्रदेश के वस्त्र, परिधान और हस्तशिल्प निर्यात में करीब 56 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यूपी इस सेक्टर में देश का चौथा सबसे बड़ा निर्यातक राज्य बन गया है। वर्ष 2025-26 में 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निर्यात के साथ गौतमबुद्ध नगर देश के प्रमुख निर्यातक जिलों में दूसरे स्थान पर पहुंचा है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2030 तक 350 बिलियन अमेरिकी डॉलर की टेक्सटाइल एवं अपैरल इकोनॉमी और 100 बिलियन डॉलर के निर्यात का लक्ष्य रखा है। इस राष्ट्रीय संकल्प में उत्तर प्रदेश अपनी पूरी क्षमता से भागीदारी करेगा। ओडीओपी के माध्यम से प्रदेश के 35 से अधिक जिलों के वस्त्र और हैंडलूम उत्पादों को नई पहचान मिली है। प्रदेश के 17 टेक्सटाइल उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लाखों महिलाएं भी इस सेक्टर से जुड़कर आत्मनिर्भर हो रही हैं।

मुख्यमंत्री योगी ने पिछली सरकारों पर हमला करते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश की पहचान ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ की बन गई थी। कानून व्यवस्था चौपट थी। निवेशक व्यापार का सपना लेकर आता था और वसूली की पर्ची लेकर लौटता था। दंगे, कर्फ्यू, गुंडा टैक्स और माफिया के कारण उद्योग लगाना मुश्किल था। बिजली और विकास एक परिवार तक सीमित था। आज यूपी कर्फ्यू, दंगा, माफिया और उपद्रव से मुक्त है। उन्होंने कहा, “बेटी, व्यापारी या निवेशक की सुरक्षा में सेंध लगाने का दुस्साहस किया तो दो ही जगह होंगी, या जेल या जहन्नुम।” उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था में बदलाव और निवेश अनुकूल नीतियों का परिणाम है कि आज प्रदेश के पास 36 सेक्टोरल पॉलिसी हैं। देश के 55 प्रतिशत मोबाइल और 60 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट का उत्पादन यूपी में हो रहा है। यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के छह स्ट्रेटेजिक नोड में 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। प्रदेश में एमएसएमई के 12 प्लेज पार्क भी तैयार हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि टेक्सटाइल इंडस्ट्री अब केवल धागे, कपड़े और फैशन तक सीमित नहीं है। डिफेंस, हेल्थकेयर, कृषि और स्पोर्ट्स जैसे क्षेत्रों में टेक्निकल टेक्सटाइल तेजी से उभर रहा है। इसलिए उत्तर प्रदेश को ट्रेडिशनल टेक्सटाइल से आगे बढ़कर टेक्निकल टेक्सटाइल में भी अपनी ताकत बढ़ानी होगी। पीएम मित्रा पार्क और संत कबीर टेक्सटाइल पार्क जैसी पहल इसी दिशा में आगे बढ़ रही हैं। वाराणसी, अमरोहा, बरेली, संतकबीरनगर और बिजनौर में परियोजनाओं के लिए भूमि आरक्षित की गई है। सीतापुर, मऊ, कानपुर, झांसी और रायबरेली में टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क के लिए भूमि चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। नोएडा को अपैरल सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सरकार चाहती है कि एमएसएमई केवल सब-कॉन्ट्रैक्टर नहीं, ग्लोबल वैल्यू चेन के पार्टनर बनें। युवा केवल जॉब सीकर नहीं, टेक्सटाइल एंटरप्रेन्योर और इनोवेटर बनें तथा कारीगर केवल सप्लायर नहीं, अपने ब्रांड के मालिक बनें। ‘डिजाइन इन यूपी, मेड इन यूपी और एक्सपोर्टेड फ्रॉम यूपी’ के मंत्र से प्रदेश के हुनर को वैश्विक पहचान मिले। निफ्ट रायबरेली और उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट कानपुर युवाओं को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप तैयार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यूपी आज पॉलिसी, इंफ्रास्ट्रक्चर, टैलेंट और मार्केट हर स्तर पर तैयार है। अब प्रदेश की सांस्कृतिक पूंजी को आर्थिक पूंजी में बदलना है। बुनकर का हुनर, उद्यमी का कारोबार, युवाओं का रोजगार, महिलाओं की भागीदारी, निवेश और निर्यात बढ़ाकर उत्तर प्रदेश को दुनिया के प्रमुख टेक्सटाइल केंद्रों में स्थापित किया जाएगा।

कार्यक्रम में खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग मंत्री राकेश सचान, उत्तर प्रदेश ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज सिंह, प्रमुख सचिव वस्त्र उद्योग अनिल कुमार सागर सहित देशभर के प्रमुख उद्यमी, निवेशक, निर्यातक और टेक्सटाइल सेक्टर के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

रक्षाबंधन पर जिस भाई की कलाई सजाई, उसी का शव घर पहुंचा, चार बहनों की चीखों से गूंज उठा औरैया
लखनऊ /औरैया। रक्षाबंधन पर चार बहनों ने जिस भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी लंबी उम्र की दुआ मांगी थी, कुछ ही दिनों बाद उसी इकलौते भाई का शव घर पहुंचा तो खुशियों से भरा परिवार मातम में डूब गया। दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी इमारत ढहने की घटना में जान गंवाने वाले दिबियापुर निवासी पवन कुमार का शव मंगलवार सुबह घर पहुंचा। भाई का बेजान चेहरा देखते ही चारों बहनें फूट-फूटकर रो पड़ीं। पिता रिटायर्ड होम्योपैथी फार्मासिस्ट विशंभर सिंह बेटे को देखकर बदहवास हो गए।

पवन के घर में मंगलवार को हर तरफ सिसकियां थीं। जिस आंगन में कुछ दिन पहले रक्षाबंधन की खुशियां थीं, वहां अब बेटे और भाई को खोने का गम था। परिवार की हालत देखकर रिश्तेदारों और मोहल्ले के लोगों की आंखें भी नम हो गईं।

डेढ़ महीने पहले शुरू किया था नया सफर

पवन ने सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, दिबियापुर से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की थी। अपने भविष्य को संवारने के सपनों के साथ उसने 20 जुलाई को दिल्ली विश्वविद्यालय में बीएससी कंप्यूटर साइंस में दाखिला लिया था। परिवार को उम्मीद थी कि पवन पढ़-लिखकर अपना और परिवार का नाम रोशन करेगा, लेकिन महज डेढ़ महीने के भीतर ही उसका यह नया सफर एक दर्दनाक हादसे में थम गया।

पवन की बहन प्रियांशी भी दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रही है और गर्ल्स हॉस्टल में रहती है। हादसे की खबर मिलने के बाद वह घटनास्थल पर पहुंची और काफी देर तक अपने भाई की तलाश करती रही। देर रात जब पवन की मौत की खबर सामने आई तो परिवार की खुशियां हमेशा के लिए गहरे दुख में बदल गईं।

रक्षाबंधन पर बहनों ने हंसते हुए बांधी थी राखी

कुछ दिन पहले ही पवन रक्षाबंधन पर घर आया था। चारों बहनों ने उसकी कलाई पर राखी बांधी थी। परिवार ने साथ बैठकर जन्माष्टमी भी मनाई। घर में हंसी-खुशी का माहौल था। इसके बाद शनिवार को पवन दिल्ली के लिए रवाना हुआ।

जाते समय पवन बिल्कुल सामान्य था। बहनों ने भी उसे हंसते हुए विदा किया था। किसी ने कल्पना तक नहीं की थी कि घर से दिल्ली के लिए निकला यह भाई दोबारा जिंदा लौटकर नहीं आएगा और वह विदाई उनकी आखिरी विदाई बन जाएगी।

मां से आखिरी बार वीडियो कॉल पर हुई थी बात

परिवार के अनुसार पवन अपनी मां मीरा देवी के बेहद करीब था। वह रोज सुबह-शाम मां से वीडियो कॉल पर बात करता था। शनिवार को दिल्ली पहुंचने के बाद भी उसने मां से बातचीत की थी। रविवार सुबह भी मां से वीडियो कॉल पर बात हुई।

इसके बाद शाम को जब पवन का फोन नहीं आया तो परिवार की चिंता बढ़ने लगी। किसी अनहोनी की आशंका के बीच सत्य निकेतन हादसे की खबर ने परिवार को झकझोर दिया। जिस बेटे के फोन का मां इंतजार कर रही थीं, उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को तोड़ दिया।

मां को अब तक नहीं बताई गई बेटे की मौत

पवन की मौत की सबसे दर्दनाक बात यह है कि उसकी मां मीरा देवी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती। परिवार ने उन्हें अब तक बेटे की मौत की जानकारी नहीं दी है। घर में लगातार रिश्तेदारों और परिचितों का पहुंचना जारी है।

एक तरफ चार बहनें अपने भाई को खोने के गम में रो रही हैं, पिता बेटे की याद में बदहवास हैं और दूसरी तरफ मां को अब भी अपने बेटे के लौटने का इंतजार है। कुछ दिन पहले जिस घर में रक्षाबंधन और जन्माष्टमी की खुशियां थीं, आज उसी घर में पवन की यादें और अपनों की सिसकियां रह गई हैं।
अयोध्या में आज जुटेंगी हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां, CM योगी करेंगे सम्मान, रामलला के दर्शन भी करेंगे

अयोध्या। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज मंगलवार को अयोध्या दौरे पर रहेंगे। इस दौरान राजकीय इंटर कॉलेज (GIC) मैदान में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में वह आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों और सहायिकाओं को सम्मानित करेंगे। कार्यक्रम में अयोध्या मंडल की करीब 12 से 15 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों के पहुंचने की संभावना है।

 राज्यस्तरीय आयोजन का मुख्य कार्यक्रम अयोध्या में होगा, जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में भी समानांतर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का लाइव प्रसारण किया जाएगा। समारोह में विभागीय मंत्री के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी मौजूदगी रहेगी। राशन वितरण व्यवस्था से जुड़ी स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाएं भी कार्यक्रम में भाग लेंगी।

 - सीएम योगी की मौजूदगी में होगा मुख्य समारोह

 जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के मुताबिक कार्यक्रम को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में प्रतिभागियों के पहुंचने को देखते हुए सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह की निगरानी में कार्यक्रम से जुड़ी तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है।

- करीब तीन घंटे अयोध्या में रहेंगे मुख्यमंत्री

 निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोपहर करीब 2:50 बजे हेलीकॉप्टर से जीआईसी मैदान पहुंचेंगे। यहां वह राज्यस्तरीय समारोह में शामिल होंगे और आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को सम्मानित करेंगे। मुख्यमंत्री करीब शाम 4 बजे तक कार्यक्रम में रहेंगे। इसके बाद वह हेलीकॉप्टर से राम कथा पार्क स्थित हेलीपैड पहुंचेंगे। यहां से मुख्यमंत्री पहले हनुमानगढ़ी जाकर दर्शन-पूजन करेंगे। इसके बाद श्रीराम मंदिर पहुंचकर रामलला के दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे। दर्शन-पूजन के बाद मुख्यमंत्री शाम करीब 5 बजे हेलीकॉप्टर से लखनऊ के लिए रवाना होंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर भी व्यापक तैयारियां की गई हैं।

दुबग्गा में अवैध कॉम्प्लेक्स ध्वस्त, अलीगंज समेत अन्य जगहों पर 08 अवैध निर्माण सील

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर प्रवर्तन जोन-5 एवं जोन-7 की टीम ने की कार्रवाई

लखनऊ। दुबग्गा के हयात नगर में अवैध रूप से निर्मित किए जा रहे 01 व्यावसायिक कॉम्पलेक्स पर सोमवार को एलडीए का बुलडोजर चला। कार्रवाई के दौरान अवैध भवन को ध्वस्त कर दिया गया। इसके अलावा अलीगंज, इंदिरा नगर, चिनहट व बीबीडी थानाक्षेत्र में 08 अवैध व्यावसायिक निर्माण सील किये गये। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर यह कार्रवाई प्रवर्तन जोन-5 एवं जोन-7 की टीम ने की। 

 प्रवर्तन जोन-7 के जोनल अधिकारी माधवेश कुमार ने बताया कि मोहम्मद हैदर व अन्य द्वारा दुबग्गा थानाक्षेत्र के बरावन कला के हैयात नगर में लगभग 200 वर्गमीटर क्षेत्रफल के भूखण्ड अवैध रूप से व्यावसायिक निर्माण कराया जा रहा था। एलडीए से मानचित्र स्वीकृत कराये बिना किये जा रहे उक्त निर्माण कार्य के विरूद्ध विहित न्यायालय द्वारा वाद योजित करते हुए ध्वस्तीकरण के आदेश पारित किये गये थे। जिसके अनुपालन में प्रवर्तन टीम ने सोमवार को स्थल पर कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। 

 प्रवर्तन जोन-5 के जोनल अधिकारी प्रभाकर सिंह ने बताया कि अलीगंज, इंदिरा नगर, चिनहट व बीबीडी थानाक्षेत्र में अभियान चलाया गया। इस दौरान आलोक द्विवेदी, आरजी वर्मा, मोहम्मद सुफियान अख्तर, साउद, आशीष अग्रवाल, अनुराग, डॉ नितिन कुमार, करन व अन्य द्वारा अवैध रूप से किये जा रहे 08 व्यावसायिक निर्माण सील किये गये।

ग्रेटर नोएडा में फ्रेट और पैसेंजर मूवमेंट को अलग- अलग करने का प्रस्ताव

- हापुड़ बाईपास तक 105 मीटर चौड़ी सड़क बनाने की है योजना

- कनेक्टिविटी को लगभग 15 किमी और आगे बढ़ाने से ग्रेटर नोएडा गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा

- अधिकारियों ने मंत्री नन्दी के समक्ष प्रस्तावित योजना का किया प्रस्तुतिकरण

लखनऊ। नोएडा इंटरनेशनल जेवर एयरपोर्ट जन सामान्य को समर्पित होने के बाद माल वाहन और यात्री आवागमन के दबाव को देखते हुए ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा ग्रेटर नोएडा महायोजना 2041 में संशोधन करते हुए माल वाहन और यात्री आवागमन को अलग - अलग करने की योजना बनाई गई है। जिस पर सोमवार को पिकअप भवन सभागार लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में अपर मुख्य सचिव औद्योगिक विकास आलोक कुमार भी मौजूद रहे।

ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा से गंगा एक्सप्रेसवे की दूरी को कम करते हुए 30 से 45 मिनट मिनट में ही पूरी करने के लिए हापुड़ बाईपास तक 105 मीटर चौड़ी सड़क बनाने की योजना है।

कनेक्टिविटी को लगभग 15 किलोमीटर और आगे बढ़ाने से ग्रेटर नोएडा गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा।इससे गंगा एक्सप्रेसवे तक यात्रा का समय घटकर 30 से 45 मिनट हो जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि लॉजिस्टिक हब से जेवर हवाई अड्डे तक 6 लेन की एलिवेटेड सड़क भी बनाए जाने की योजना है। ग्रेटर नोएडा में MMLH और MMTH प्रमुख आगामी परियोजनाएं हैं, जिनसे शहर में माल ढुलाई में तेजी आएगी।

इससे लॉजिस्टिक्स हब से हवाई अड्डे तक यातायात की आवाजाही आसान होगी और क्षेत्र के औद्योगिक विकास को मजबूती मिलेगी।

मंत्री नन्दी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नए भारत का नया उत्तर प्रदेश आज हर क्षेत्र में प्रगति के राह पर अग्रसर है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा आज उत्तर प्रदेश का मुकुट बन कर उभरा है। जहां तीव्र गति से विकास हो रहा है। इसलिए उद्योग, व्यापार और आम जन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जन उपयोगी योजनाएं बनाए जाने की आवश्यकता है। जिसके लिए हमारी डबल इंजन की सरकार तत्पर है।

फ्रेट मूवमेंट हेतु मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब से वेस्टर्न डेडीकेटेड फेट कॉरिडोर के समानान्तर 6 लेन की एलिवेटेड सड़क नियोजित की जानी प्रस्तावित है, जिसका संरेखण महायोजना में अंकित करते हुए जेवर एयरपोर्ट से जोड़ा जाना प्रस्तावित है। जहां लॉजिस्टिक हब से सामान सीधा एयर कार्गो टर्मिनल तक पहुंच सके।

UPTET 2026 : सफल अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्र जारी, आयोग की वेबसाइट से कर सकेंगे डाउनलोड

- प्राथमिक स्तर के 5,71,435 और उच्च प्राथमिक स्तर के 7,59,513 अभ्यर्थी हुए सफल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि विज्ञापन संख्या 01/2026 के अंतर्गत आयोजित उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET-2026) में सफल घोषित सभी अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्र आयोग द्वारा निर्गत कर दिए गए हैं। सफल अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से अपना अनुक्रमांक एवं जन्मतिथि दर्ज कर प्रमाण-पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।

डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि UPTET-2026 की लिखित परीक्षा 02 एवं 03 जुलाई 2026 को दो-दो पालियों तथा 04 जुलाई 2026 को एक पाली, इस प्रकार कुल 05 पालियों में प्रदेश के 60 जनपदों के 955 परीक्षा केन्द्रों पर सकुशल सम्पन्न कराई गई थी। इनमें उच्च प्राथमिक स्तर की 03 पालियां तथा प्राथमिक स्तर की 02 पालियां शामिल थीं।

उन्होंने बताया कि UPTET-2026 का परिणाम 26 अगस्त 2026 को घोषित किया गया। प्राथमिक स्तर (कक्षा 01 से 05 तक) की परीक्षा में कुल 7,13,648 अभ्यर्थी सम्मिलित हुए थे, जिनमें से 5,71,435 अभ्यर्थी अर्थात 80.07 प्रतिशत सफल घोषित किए गए। इसी प्रकार उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 06 से 08 तक) की परीक्षा में कुल 10,57,021 अभ्यर्थी सम्मिलित हुए, जिनमें से 7,59,513 अभ्यर्थी अर्थात 71.85 प्रतिशत सफल घोषित किए गए।

आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि परीक्षा परिणाम घोषित होने के उपरांत सभी सफल अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्र निर्गत कर दिए गए हैं। अभ्यर्थी उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://www.upessc.up.gov.in/ पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से अपना अनुक्रमांक एवं जन्मतिथि दर्ज कर प्रमाण-पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उक्त प्रमाण-पत्र डिजिलॉकर के माध्यम से भी यथाशीघ्र उपलब्ध कराया जाएगा।

आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने सफल अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षक पात्रता परीक्षा में सफलता उनके शिक्षण क्षेत्र में आगे बढ़ने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आयोग का प्रयास है कि परीक्षा एवं प्रमाण-पत्र से संबंधित सभी प्रक्रियाएं पारदर्शी, सुगम और अभ्यर्थी हितैषी तरीके से समयबद्ध रूप से पूरी की जाएं।

योगी सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश बनेगा देश का प्रमुख वस्त्र एवं परिधान उद्योग हब

- 8-9 सितंबर को लखनऊ में होगा यू.पी. टेक्स-2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे शुभारंभ

- वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र के प्रमुख उद्यमियों के साथ मुख्यमंत्री करेंगे उच्चस्तरीय संवाद, निवेश और रोजगार बढ़ाने पर होगा मंथन

- 'यू.पी. टेक्स मित्र’ पोर्टल, हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना और वस्त्र क्षेत्र प्रशिक्षण एवं कौशल विकास योजना का होगा शुभारंभ

लखनऊ। योगी सरकार उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख वस्त्र एवं परिधान उद्योग केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। प्रदेश में निवेश, रोजगार और निर्यात को बढ़ावा देने तथा हथकरघा, रेशम, परिधान, तकनीकी वस्त्र एवं हस्तशिल्प क्षेत्र को वैश्विक बाजार से जोड़ने के उद्देश्य से 8 एवं 9 सितंबर 2026 को इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में यू.पी. टेक्स-2026 का आयोजन किया जा रहा है। दो दिवसीय आयोजन का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन करने के साथ ही वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र के प्रमुख उद्यमियों के साथ उच्चस्तरीय गोलमेज संवाद भी करेंगे। 

यू.पी. टेक्स-2026 उत्तर प्रदेश को वैश्विक वस्त्र विनिर्माण एवं निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की सरकार की रणनीति को गति देगा। आयोजन में उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों, निवेशकों, विशेषज्ञों और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाकर प्रदेश में वस्त्र क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं, उत्पादन क्षमता, निर्यात, तकनीकी वस्त्र और आधुनिक परिधान उद्योग के विस्तार पर व्यापक चर्चा की जाएगी। पहले दिन मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में प्रमुख वस्त्र एवं परिधान उद्यमियों के साथ उच्चस्तरीय संवाद होगा, जिसमें प्रदेश में उद्योग विस्तार और निवेश को लेकर सुझाव लिए जाएंगे। 

यू.पी. टेक्स-2026 के उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ‘यू.पी. टेक्स मित्र’ पोर्टल का शुभारंभ किया जाएगा। इसके साथ ही हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना तथा उत्तर प्रदेश वस्त्र क्षेत्र प्रशिक्षण एवं कौशल विकास योजना का भी शुभारंभ होगा। आयोजन में निवेश से जुड़े पत्रों का वितरण, चेक वितरण और निवेश संबंधी समझौतों का आदान-प्रदान भी प्रस्तावित है। 

वस्त्र क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सीआईटीआई-एनआईटीआरए की संयुक्त अध्ययन रिपोर्ट ‘एआई, ऑटोमेशन एवं डिजिटलीकरण के लिए भारतीय वस्त्र एवं परिधान उद्योग की तैयारी’ भी जारी की जाएगी। इससे वस्त्र एवं परिधान उद्योग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वचालन और डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग तथा उद्योग की भविष्य की आवश्यकताओं को समझने में मदद मिलेगी। 

यू.पी. टेक्स-2026 में पीएम मित्र एवं संत कबीर टेक्सटाइल पार्क को वैश्विक स्तर के विनिर्माण एवं निवेश केंद्र के रूप में विकसित करने पर विशेष चर्चा होगी। इन पार्कों के माध्यम से फाइबर से लेकर परिधान एवं तकनीकी वस्त्र तक पूरी मूल्य श्रृंखला को एकीकृत करने, बड़े घरेलू एवं वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने तथा भूमि, आधारभूत सुविधाओं, परीक्षण, परिवहन और अन्य सुविधाओं के साथ निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर विचार होगा। 

योगी सरकार का प्रयास है कि टेक्सटाइल पार्कों के माध्यम से प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश के साथ रोजगार सृजन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों का एकीकरण, तकनीकी हस्तांतरण, कौशल विकास और निर्यात वृद्धि को गति मिले। इससे उत्तर प्रदेश को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी। 

पहले दिन उत्तर प्रदेश में होम टेक्सटाइल की संभावनाओं पर विशेष सत्र आयोजित होगा। इसमें बेड लिनेन, तौलिया, पर्दे, फर्निशिंग, कालीन, गलीचे एवं अन्य उत्पादों में मूल्य संवर्धन, निवेश, तकनीकी नवाचार, निर्यात और वैश्विक ब्रांडों के लिए उत्तर प्रदेश को प्रमुख आपूर्ति केंद्र बनाने पर चर्चा होगी। 

इसके अलावा ‘स्केल यूपी अपैरल’ विषयक सत्र में असंगठित एवं छोटे परिधान निर्माण इकाइयों को संगठित और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी परिधान इकाइयों में बदलने, आधुनिक परिधान क्लस्टर विकसित करने, स्वचालन एवं डिजिटल उत्पादन प्रणाली अपनाने और प्रदेश के एमएसएमई को वैश्विक परिधान मूल्य श्रृंखला से जोड़ने की रणनीति पर चर्चा होगी। 

9 सितंबर को आयोजित सत्रों में उत्तर प्रदेश को खेल वस्त्र एवं खेल सामग्री का प्रमुख विनिर्माण केंद्र बनाने तथा सुरक्षात्मक एवं रक्षा वस्त्रों का राष्ट्रीय केंद्र विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा होगी। खेल वस्त्र सत्र में फाइबर एवं तकनीकी वस्त्र से लेकर खेल परिधान, जूते, उपकरण एवं सहायक सामग्री तक पूरी मूल्य श्रृंखला विकसित करने, निवेश आकर्षित करने, अनुसंधान एवं नवाचार तथा निर्यात को बढ़ावा देने पर मंथन होगा। 

वहीं रक्षा एवं सुरक्षात्मक वस्त्रों से जुड़े सत्र में सुरक्षात्मक परिधान, बैलिस्टिक वस्त्र, छलावरण कपड़े तथा उच्च क्षमता वाली आधुनिक सामग्रियों के निर्माण के लिए प्रदेश में एकीकृत औद्योगिक तंत्र विकसित करने पर विचार होगा। रक्षा क्षेत्र की आवश्यकताओं के साथ प्रदेश के वस्त्र, इंजीनियरिंग, एमएसएमई एवं विनिर्माण क्षेत्र की क्षमताओं को जोड़ने और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की जाएगी। 

यू.पी. टेक्स-2026 में उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्प एवं हस्तनिर्मित उत्पादों के निर्यात के लिए रोडमैप तैयार करने पर भी विशेष सत्र होगा। पारंपरिक शिल्प समूहों को निर्यात योग्य उत्पादन तंत्र में विकसित करने, आधुनिक डिजाइन एवं वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने, गुणवत्ता एवं प्रमाणन में सुधार, डिजिटल वाणिज्य के माध्यम से वैश्विक खरीदारों तक पहुंच बनाने तथा प्रदेश की जीआई पहचान वाले उत्पादों की वैश्विक ब्रांडिंग पर चर्चा होगी। 

उच्च शिक्षा संस्थानों में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए बनेगी एक समान नीति

- योगी सरकार विद्यार्थियों को स्वस्थ, सुरक्षित एवं तनावमुक्त शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने सोमवार को लखनऊ स्थित अपने आवास पर उच्च शिक्षा संस्थानों में एक समान छात्र मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण नीति के संबंध में उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में प्रस्तावित नीति के विभिन्न पहलुओं, इसके प्रभावी क्रियान्वयन और विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य एवं परामर्श संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने की कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में प्रमुख सचिव, उच्च शिक्षा एम. पी. अग्रवाल, विशेष सचिव निधि श्रीवास्तव सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
योगी सरकार उच्च शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने के साथ-साथ विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता दे रही है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसा शैक्षणिक वातावरण देना है, जहां वे शैक्षणिक दबाव, तनाव या भावनात्मक चुनौतियों की स्थिति में समय पर सहायता प्राप्त कर सकें।
प्रस्तावित नीति के तहत राज्य, जिला और संस्थान स्तर पर समन्वित व्यवस्था विकसित की जाएगी। राज्य स्तर पर निदेशक, उच्च शिक्षा को नोडल एवं कार्यान्वयन प्राधिकारी बनाया जाएगा, जबकि प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में संचालन समिति क्रियान्वयन, बजट और समीक्षा की निगरानी करेगी। जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के साथ समन्वय करेगी।
प्रत्येक उच्च शिक्षा संस्थान में मानसिक स्वास्थ्य सहायता कक्ष की स्थापना की जाएगी, जहां विद्यार्थियों को गोपनीय वातावरण में परामर्श मिलेगा। ऑनलाइन मानसिक स्वास्थ्य पोर्टल के माध्यम से टेस्टिंग की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। जरूरत पर विद्यार्थियों को परामर्शदाता, मनोवैज्ञानिक या विशेषज्ञ सेवाओं से जोड़ा जाएगा।
शिक्षकों, गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों और छात्र प्रतिनिधियों को तनाव, भावनात्मक परेशानी के संकेतों को समझने और सहायता पहुंचाने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षित शिक्षक छोटे समूहों में मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और जीवन कौशल पर संवाद कार्यक्रम चलाएंगे। गंभीर तनाव या आपातकाल में तत्काल सहायता के लिए हेल्पलाइन और रेफरल व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिसमें विद्यार्थी की गोपनीयता और गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
नीति के तहत मानसिक स्वास्थ्य को समग्र व्यक्तित्व विकास से जोड़ा जाएगा। इसके लिए जागरूकता अभियान, कार्यशालाएं, खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियां, करियर काउंसलिंग और सोशल मीडिया के माध्यम से सकारात्मक वातावरण तैयार किया जाएगा। क्रियान्वयन और निगरानी के लिए उच्च शिक्षा विभाग में समेकित पोर्टल एवं डैशबोर्ड विकसित किया जाएगा।
बागपत सड़क हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 08 हुई
24 घायलों का इलाज जारी

अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर ने बागपत पहुंचकर घायलों का हाल जाना

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के जनपद बागपत के थाना खेकड़ा क्षेत्र में रविवार देर रात हुए सड़क हादसे में मृतकाें की संख्या बढ़कर आठ पहुंच गयी है। बागपत पुलिस ने इसकी पुष्टि की है। मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर ने बागपत पहुंचकर घायलों का हाल जाना। उन्हाेंने बताया कि सभी घायलों का इलाज जारी है।

रविवार देर रात करीब 12:30 बजे एक वाहन डिवाइडर से टकराकर अनियंत्रित होकर पलट गया। उसकी सूचना डायल 112 को मिली थी। वाहन में सवार सभी लोग राजस्थान से जनपद बदायूं की ओर जा रहे थे। सूचना मिलते ही चार पीआरवी, एम्बुलेंस सेवा, थाना खेकड़ा पुलिस और उच्चाधिकारी मौके पर पहुंच गए और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। हादसा इतना भीषण था कि वाहन में सवार कई लोग बुरी तरह घायल हो गए।

दुर्घटना में करीब 24 लोग घायल हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को तत्काल सीएचसी खेकड़ा, सीएचसी बागपत और जिला अस्पताल बागपत भेजा गया। गंभीर रूप से घायलों को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है। इस हादसे में आठ लोगों की मौत हो चुकी है।

अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन भानु भास्कर की ओर से भी इस घटना को लेकर बयान जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि हादसे में आठ लोगों की मौत हुई है। हालांकि पुलिस ने अभी तक मृतकों के नामों की पुष्टि नहीं की है। दुर्घटना में घायलों का इलाज जारी है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
पंचायत उत्सव भवन से ग्रामीणों को मिलेंगी सस्ती एवं सुलभ मांगलिक आयोजन की सुविधाएं
- प्रथम चरण में 71 ग्रामीण विधान सभाओं में निर्माण कार्य शुरू

- प्रत्येक भवन की अनुमानित लागत 1.41 करोड़ रुपये

लखनऊ। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में विवाह, मुंडन एवं अन्य मांगलिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए ग्रामीण आबादी को सुलभ एवं सस्ती दरों पर स्थान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक ग्रामीण विधान सभा में पंचायत उत्सव भवन का निर्माण कराया जाएगा। यह योजना ग्राम पंचायतों के माध्यम से क्रियान्वित एवं संचालित की जाएगी।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में पंचायत उत्सव भवनों के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है। प्रथम चरण में प्रदेश की 71 ग्रामीण विधान सभाओं में एक-एक पंचायत उत्सव भवन का निर्माण हेतु धनराशि अवमुक्त की गई है। प्रत्येक भवन की अनुमानित लागत 1.41 करोड़ रुपये आकलित की गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रथम चरण के अंतर्गत प्रदेश की 71 ग्रामीण विधान सभाओं में पंचायत उत्सव भवनों का निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जा चुका है।
पंचायत उत्सव भवन के निर्माण के लिए 3000 वर्गमीटर भूमि की आवश्यकता होगी, जिसमें 520 वर्गमीटर क्षेत्रफल में निर्माण कार्य कराया जाएगा। प्रस्तावित भवन में 100 लोगों की क्षमता वाला हॉल, स्टेज/मंडप, तीन कमरे, भूतल पर शौचालय सहित एक दिव्यांगजन हितैषी कमरा, पुरुष एवं महिला शौचालय, दिव्यांगजन शौचालय तथा रसोईघर सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
द्वितीय चरण हेतु वित्तीय वर्ष 2026-27 में 71 पंचायत उत्सव भवन निर्माण हेतु नियमित बजट से रू. 100 करोड् दिये जाने का प्राविधान है तथा अनुपूरक बजट से 78 पंचायत उत्सव भवन निर्माण हेतु रू. 109 करोड् की धनराशि का बजट प्राविधान किया गया है।
इस योजना से ग्रामीण परिवारों को वैवाहिक एवं अन्य मांगलिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए सस्ती दरों पर सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा। साथ ही, ग्राम पंचायतों के माध्यम से संचालित होने वाले इन भवनों से ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक सुविधाओं का विस्तार और स्थानीय स्तर पर जनसुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा।

- संचालन की प्रक्रिया :
पंचायत उत्सव भवन का संचालन ग्राम पंचायत दवारा निविदा प्रक्रिया के माध्यम से चयनित निविदादाता से अनुबंध किया जाएगा। पंचायत उत्सव भवन का संचालन रखरखाव एवं आवंटन का कार्य अनुबंधित निविदादाता द्वारा ही किया जाएगा। उपरोक्त कार्य हेतु अनुबंध अधिकतम 05 वर्ष के लिए मान्य होगा। भवन का रखरखाव, मरम्मत, जल शुल्क, विद्युत का व्यय भार वहन करने तथा संचालन इत्यादि अनुबंध अवधि में संबंधित ठेकेदार द्वारा किया जाएगा, जो अनुबंध की शर्तों में सम्मिलित किया जाएगा। निविदा हेतु शेष शर्ते, संचालन की मानक प्रक्रिया एवं पंचायत उत्सव भवन के आवंटन की दरों आदि पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित कमेटी द्वारा निर्णय लिया जायेगा। उपरोक्तानुसार चयनित निविदादाता द्वारा अनुबन्ध से पूर्व ही प्रथम वर्ष की धनरशि एकमुश्त ग्राम पंचायत से ओएसआर खाते में जमा की जायेगी तथा इसी प्रकार प्रत्येक वर्ष अनुबन्ध दिनांक के पूर्व ही धनराशि ग्राम पंचायत से ओएसआर खाते जमा की जायेगी।