/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif StreetBuzz सत्य निकेतन हादसे के बाद छात्रों का प्रदर्शन, MCD पर गंभीर सवाल uttar pradesh
सत्य निकेतन हादसे के बाद छात्रों का प्रदर्शन, MCD पर गंभीर सवाल
-  ABVP कार्यकर्ता ने जिम्मेदार अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग की, कमिश्नर के इस्तीफे की उठाई मांग

नई दिल्ली। सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढहने के हादसे के बाद छात्रों और एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर दिल्ली नगर निगम और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इमारत में कथित अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं की गई।
प्रदर्शन में शामिल एबीवीपी की एक सदस्य ने पुलिस और प्रशासन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जब लोग और छात्र मलबे में दबे हैं और कई लोगों की जान जा चुकी है, ऐसे समय में जिम्मेदार एमसीडी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारियों को गिरफ्तार करने के बजाय प्रदर्शन कर रहे छात्रों को परेशान किया जा रहा है।
एबीवीपी सदस्य ने एमसीडी कमिश्नर की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें घटनास्थल पर मौजूद रहना चाहिए था। उन्होंने कमिश्नर के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदारी तय कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
इस बीच प्रशासन की ओर से हादसे की जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच में इमारत की स्थिति, निर्माण संबंधी नियमों के पालन और संबंधित विभागों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
- हादसे में अब तक छह की मौत
राजधानी दिल्ली में पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश के बीच रविवार को सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। हादसे में अब तक छह लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। मलबे में कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका के चलते राहत और बचाव अभियान जारी है।
- अवैध निर्माण पर उठे सवाल
हादसे के बाद नगर निगम और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि इमारत में नियमों को दरकिनार कर निर्माण कराया गया था और यहां पीजी का संचालन भी किया जा रहा था। स्थानीय लोगों का दावा है कि हादसे के समय इमारत में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। हालांकि, मलबे में फंसे लोगों की वास्तविक संख्या को लेकर प्रशासन की ओर से अभी कोई स्पष्ट आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है।मलबे से निकाले गए घायलों को एम्स ट्रॉमा सेंटर, सफदरजंग अस्पताल और आरआर अस्पताल समेत विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मृतकों में दो छात्रों के शामिल होने की जानकारी भी सामने आई है।
- सरकार ने दिए जांच के आदेश
घटना को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। सरकार ने हादसे की परिस्थितियों, इमारत की स्थिति, निर्माण संबंधी नियमों और संबंधित विभागों की भूमिका की जांच कराने की बात कही है। जांच रिपोर्ट के बाद लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
ट्रांसफार्मर से टकराकर धू-धू कर जली कार, तीन की मौत
- ओयल चौकी के पास देर रात हुआ हादसा, छह लोग थे सवार; शीशे तोड़कर पुलिस ने सभी को निकाला बाहर
लखीमपुर खीरी/ लखनऊ। लखीमपुर से सीतापुर की ओर जा रही तेज रफ्तार वर्ना कार सोमवार देर रात ओयल चौकी के पास सड़क किनारे रखे बिजली के ट्रांसफार्मर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार में तत्काल आग लग गई और देखते ही देखते वाहन आग की लपटों में घिर गया।
हादसे की सूचना मिलते ही ओयल पुलिस मौके पर पहुंची। कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए पुलिसकर्मियों ने वाहन के शीशे तोड़े और काफी मशक्कत के बाद उसमें सवार सभी छह लोगों को बाहर निकाला। इसके बाद घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में पिपरिया निवासी आकाश वर्मा (पुत्र पप्पू वर्मा) की मौके पर ही मौत होने की जानकारी सामने आई है। दो अन्य मृतकों की पहचान की प्रक्रिया पुलिस की ओर से की जा रही है। हादसे में घायल अन्य लोगों का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।
पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर कार की तेज रफ्तार को हादसे की वजह माना जा रहा है। पुलिस घटनास्थल और आसपास के लोगों से जानकारी जुटाने के साथ ही मामले की अन्य पहलुओं से भी जांच कर रही है।
मस्जिद ध्वस्तीकरण मामले में सपा का दांव, 23 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आज पहुंचेगा सहारनपुर
- अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रतिनिधिमंडल लेगा मौके का जायजा, कमिश्नर से भी होगी मुलाकात

सहारनपुर। मस्जिद ध्वस्तीकरण मामले को लेकर समाजवादी पार्टी ने राजनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी का 23 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सोमवार, 7 सितंबर को सहारनपुर पहुंचेगा। प्रतिनिधिमंडल मामले की जानकारी जुटाने के साथ घटनास्थल का जायजा लेगा।
सपा नेताओं का प्रतिनिधिमंडल संबंधित लोगों से मुलाकात कर पूरे प्रकरण की जानकारी लेगा। इसके बाद पार्टी के प्रतिनिधि मंडल की मंडलायुक्त से भी मुलाकात प्रस्तावित है। इस दौरान मस्जिद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई, प्रशासन की भूमिका और स्थानीय परिस्थितियों को लेकर जानकारी ली जाएगी। सपा ने इस दौरे के जरिए मामले को राजनीतिक रूप से भी उठाने की तैयारी की है। प्रतिनिधिमंडल अपनी पड़ताल के बाद पार्टी नेतृत्व को रिपोर्ट सौंप सकता है।
गोरखपुर में आकाशीय बिजली गिरने से हादसा, CM योगी ने लिया संज्ञान

- मृतकों के परिजनों को जल्द मिलेगी चार-चार लाख रुपये की सहायता, जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री राहत कोष से भी मदद

गोरखपुर। गोरखपुर के राजघाट पर रविवार को आकाशीय बिजली गिरने से हुए हादसे का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। हादसे में हुई जनहानि पर मुख्यमंत्री ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को प्रभावित परिवारों को शासन की ओर से अनुमन्य आर्थिक सहायता तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के मुताबिक, राप्ती नदी के राजघाट पर बने गुम्बदनुमा छज्जों में से एक पर रविवार पूर्वाह्न करीब साढ़े 11 बजे अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। तेज आवाज के साथ हुई इस घटना से घाट पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में लोगों के हताहत होने की सूचना है।

घटना की प्रत्यक्षदर्शी और राजघाट पर दुकान चलाने वाली गुलजारी निषाद के अनुसार, बिजली गिरने के समय घाट पर सामान्य गतिविधियां चल रही थीं। अचानक तेज गर्जना के साथ एक गुम्बद पर बिजली गिरी, जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से हादसे की जानकारी ली और राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से प्रभावित परिवारों की हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने को कहा है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन मृतकों के परिजनों को आकाशीय बिजली से मृत्यु की स्थिति में शासन द्वारा अनुमन्य चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में जुट गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि आवश्यकता पड़ने पर पीड़ित परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से अतिरिक्त सहायता भी उपलब्ध कराई जाए। प्रशासन की ओर से हादसे के बाद मौके की स्थिति का जायजा लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आरजीआईपीटी में तीन नए छात्रावासों का किया उद्घाटन
-  डिप्टी सीएम ने मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को वितरित किए स्वीकृति पत्र

लखनऊ। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को अमेठी के जायस स्थित राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान (आरजीआईपीटी) में तीन नवनिर्मित छात्रावासों का उद्घाटन किया। उन्होंने एससी बोस, होमी भाभा और विद्यासागर छात्रावासों का लोकार्पण करते हुए विद्यार्थियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिलने की बात कही। इस दौरान मुख्यमंत्री आवास योजना के 17 लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र और 1.20 लाख रुपये के डेमो चेक भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम के बाद उपमुख्यमंत्री ओदारी गांव पहुंचे और मुख्यमंत्री आवास योजना की लाभार्थी कृष्णा मौर्य के घर जाकर उन्हें स्वीकृति पत्र और डेमो चेक सौंपा। उन्होंने परिवार से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी भी ली।

- ऊर्जा क्षेत्र में शोध पर जोर
आरजीआईपीटी में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए केशव मौर्य ने कहा कि किसी भी देश की प्रगति में युवा, वैज्ञानिक और शोधकर्ताओं की अहम भूमिका होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से पेट्रोलियम और ऊर्जा के क्षेत्र में नई तकनीक विकसित करने तथा वैकल्पिक ऊर्जा, ग्रीन फ्यूल, जैव ईंधन और ऊर्जा दक्षता जैसे क्षेत्रों में शोध को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा की जरूरत आने वाले समय में और बढ़ेगी। ऐसे में तकनीकी संस्थानों में पढ़ने वाले युवाओं को शोध और नवाचार के माध्यम से देश की ऊर्जा जरूरतों के समाधान तलाशने चाहिए। आरजीआईपीटी जैसे संस्थान केवल डिग्री देने वाले केंद्र नहीं, बल्कि भविष्य के वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों को तैयार करने के महत्वपूर्ण संस्थान हैं।

- हर पात्र परिवार को पक्का घर देना लक्ष्य
मुख्यमंत्री आवास योजना का उल्लेख करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पात्र गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है। केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आवास के साथ बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भी सरकार काम कर रही है। कार्यक्रम में आवास योजना के 17 लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र और डेमो चेक दिए गए। लाभार्थियों ने कहा कि इससे उनके पक्के घर का सपना पूरा करने में मदद मिलेगी।

- नए छात्रावासों से विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं
आरजीआईपीटी के निदेशक आचार्य हरीश हिरानी ने संस्थान की शैक्षणिक और शोध गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्थान पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शिक्षा और अनुसंधान को आगे बढ़ा रहा है। तीन नए छात्रावासों के शुरू होने से विद्यार्थियों को अतिरिक्त आवासीय सुविधा मिलेगी और उनकी पढ़ाई एवं शोध गतिविधियों के लिए बेहतर वातावरण तैयार होगा।
कार्यक्रम में राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, विधान परिषद सदस्य शैलेंद्र प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि, जगदीशपुर विधायक सुरेश पासी, जिलाधिकारी संजय चौहान, पुलिस अधीक्षक सरवणन टी., मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, आरजीआईपीटी के शिक्षक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
चित्रकूट में बाढ़ के बाद योगी का एक्शन प्लान: क्षति का तत्काल सर्वे, मुआवजा और मंदाकिनी से अतिक्रमण हटाने के निर्देश
लखनऊ। अतिवृष्टि से प्रभावित चित्रकूट धाम का दौरा कर लौटे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए और फसल व मकान की क्षति का तत्काल सर्वे कराकर पात्र लोगों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने तथा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने को कहा। प्रभावित किसानों की फसल क्षति का सर्वे भी शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए।

- व्यापारियों और मठ-मंदिरों को भी मिलेगी सहायता
योगी ने चित्रकूट धाम के बाढ़ प्रभावित व्यापारियों को हुए नुकसान का आकलन कराने और उन्हें सहायता व मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए विशेष व्यवस्था करने को कहा। मठ-मंदिरों को हुई क्षति का भी सर्वे कराने तथा आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र शुरू कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण में शासन आवश्यक सहयोग करेगा।
राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने शेष राहत किट का वितरण 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत सामग्री पहुंचाने में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रशासन को प्रभावित परिवारों के बीच लगातार मौजूद रहकर उनकी जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

- बाढ़ के बाद बीमारियों से निपटने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और जरूरतमंदों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीमें बीमारी के लक्षणों पर नजर रखें और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करें।

- मंदाकिनी के कैचमेंट से हटेगा अतिक्रमण
मुख्यमंत्री ने मंदाकिनी नदी के कैचमेंट एरिया में हुए अतिक्रमण का चिन्हांकन कर नियमानुसार उसे हटाने के निर्देश दिए। इसके लिए जनपदीय अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों के साथ संवाद करने को कहा गया। साथ ही घाटों के विस्तारीकरण के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंदाकिनी में किसी भी दशा में सीवर और नालों का पानी नहीं जाना चाहिए। पर्यटन, सिंचाई और नगर विकास विभाग आपसी समन्वय से इसके लिए ठोस कार्ययोजना तैयार कर उसे लागू करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदाकिनी चित्रकूट की आस्था से जुड़ी नदी है और इसकी स्वच्छता व निर्मलता बनाए रखना सभी संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।

- फुट ओवरब्रिज की सुरक्षा जांच के निर्देश
मंदाकिनी नदी पर बने फुट ओवरब्रिज का सेफ्टी ऑडिट कराने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसुरक्षा से जुड़े सभी निर्माण कार्यों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और जरूरत के अनुसार तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई हो।चित्रकूट धाम से एयरपोर्ट जाने वाले मार्ग की भी मुख्यमंत्री ने समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि सड़क का निर्माण कार्य विजयादशमी से पहले हर हाल में पूरा कराया जाए। विलंब के कारणों की समीक्षा कर जिम्मेदारी तय करने को भी कहा।
- गोशालाओं में चारे और पशु स्वास्थ्य की जांच
मुख्यमंत्री ने पशुधन की सुरक्षा के लिए गोशालाओं की जांच कराने और वहां पर्याप्त चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने लंपी डिजीज से बचाव के लिए भी आवश्यक प्रबंध करने को कहा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राहत और पुनर्वास के साथ चित्रकूट के लिए दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन की कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि भविष्य में अतिवृष्टि और बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। इसमें मंदाकिनी के प्राकृतिक प्रवाह, कैचमेंट एरिया, अतिक्रमण और जल निकासी व्यवस्था को विशेष रूप से शामिल किया जाए।
सर्वोदय विद्यालयों के 3 हजार से अधिक विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ मिलेगा हुनर
- 'प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत 31 संस्थाओं को प्रशिक्षण का जिम्मा, 30 सितंबर तक शुरू होगी ट्रेनिंग

लखनऊ। प्रदेश के सर्वोदय विद्यालयों में पढ़ने वाले तीन हजार से अधिक विद्यार्थियों को अब स्कूली शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल का प्रशिक्षण भी मिलेगा। समाज कल्याण विभाग के जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के विद्यार्थियों को विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में प्रशिक्षित करने के लिए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रशिक्षण के लिए 31 प्रशिक्षण प्रदाता संस्थाओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी केंद्रों पर 30 सितंबर तक प्रशिक्षण शुरू करना अनिवार्य किया गया है।
व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रोजेक्ट प्रवीण का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ ऐसे कौशल से जोड़ना है, जो आगे चलकर उन्हें रोजगार, स्वरोजगार और बेहतर करियर के अवसर दिलाने में मददगार हों। विद्यार्थियों की रुचि और उपलब्ध प्रशिक्षण के आधार पर उन्हें अपैरल, आईटी-आईटीईएस, मैनेजमेंट सहित अन्य रोजगारपरक सेक्टरों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

- 300 घंटे तक होगी ट्रेनिंग
प्रशिक्षण को स्कूली पढ़ाई के साथ संचालित करने के लिए एक बैच में अधिकतम 35 विद्यार्थी शामिल किए जाएंगे। प्रशिक्षण की कुल अवधि 300 घंटे तक होगी। इससे विद्यार्थियों की नियमित शिक्षा प्रभावित किए बिना उन्हें व्यावहारिक एवं व्यावसायिक दक्षता हासिल करने का अवसर मिलेगा।
मिशन ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता और पारदर्शिता के लिए प्रक्रिया भी तय की है। प्रशिक्षण प्रदाता को मिशन मुख्यालय में अनुबंध जमा कर उसकी पुष्टि करानी होगी। इसके बाद ही संबंधित जिले की जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई (DPMU) को बैच गठित करने की अनुमति दी जाएगी।

- मान्यता प्राप्त जॉब रोल में ही प्रशिक्षण
विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं मान्य प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए बैच को मंजूरी देने से पहले NCVET और NQR पोर्टल पर संबंधित जॉब रोल की जांच की जाएगी। केवल वैध और मान्यता प्राप्त जॉब रोल में ही प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। पोर्टल पर उन्हीं बैच और सेक्टर को मंजूरी मिलेगी, जो संबंधित प्रशिक्षण संस्था को आवंटित किए गए हैं। इससे प्रशिक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता के साथ निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित होगा।

- सात दिन में देनी होगी पाठ्य सामग्री
प्रशिक्षण प्रदाताओं को बैच शुरू होने के सात दिन के भीतर विद्यार्थियों को आवश्यक पाठ्य सामग्री उपलब्ध करानी होगी। सामग्री दिए जाने की हस्ताक्षरित रसीद और तस्वीरें मिशन पोर्टल पर अपलोड करना भी अनिवार्य होगा। प्रशिक्षण का पाठ्यक्रम और मूल्यांकन संबंधित सेक्टर स्किल काउंसिल (SSC) के निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए भुगतान निर्धारित कॉमन कॉस्ट नॉर्म्स के आधार पर होगा।

मिशन निदेशक पुलकित खरे ने प्रशिक्षण प्रदाताओं को सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समयसीमा और नियमों के अनुसार पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मिशन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि प्रशिक्षण केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि विद्यार्थियों को वास्तव में उपयोगी और गुणवत्तापूर्ण कौशल हासिल हो। स्कूल स्तर पर ही कौशल प्रशिक्षण मिलने से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे भविष्य में रोजगार एवं बेहतर करियर के अवसरों के लिए अधिक सक्षम बनेंगे।
आईटीआई अलीगंज में 11 सितंबर को लगेगा विशाल महिला रोजगार मेला
- हीरो मोटोकॉर्प, हिंदुस्तान यूनिलीवर समेत चार कंपनियां करेंगी भर्ती, 50 छात्राओं को हीरो में मिलेगा मौका

लखनऊ। महिलाओं और युवतियों को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), अलीगंज में 11 सितंबर को विशाल महिला रोजगार एवं प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित किया जाएगा। सुबह 10 बजे से शुरू होने वाले इस रोजगार मेले में हीरो मोटोकॉर्प, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस और अल्मास एक्सपोर्ट्स एंड इंपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड प्रतिभाग करेंगी। चयन के लिए कैंपस प्लेसमेंट के साथ वॉक-इन इंटरव्यू भी होंगे।
व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि रोजगार मेले का उद्देश्य महिलाओं एवं युवतियों को उनकी योग्यता और कौशल के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। आईटीआई सहित अन्य निर्धारित शैक्षिक योग्यता रखने वाली अभ्यर्थी विभिन्न पदों के लिए चयन प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगी।
- हीरो मोटोकॉर्प में 50 पदों पर भर्ती
प्लेसमेंट अधिकारी एम. ए. खां के अनुसार, हीरो मोटोकॉर्प के हरिद्वार प्लांट में केवल छात्राओं के लिए 50 पदों पर कैंपस प्लेसमेंट होगा। इसके लिए 10वीं पास तथा फिटर, वेल्डर, इलेक्ट्रीशियन, मशीनिस्ट, टर्नर, पेंटर, COPA और ट्रैक्टर मैकेनिक आदि आईटीआई ट्रेड में NCVT/SCVT पासआउट वर्ष 2024, 2025 और 2026 की छात्राएं तथा अपीयरिंग छात्राएं पात्र होंगी। अभ्यर्थियों की आयु 18 से 26 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
चयनित छात्राओं को 26,450 रुपये सीटीसी और करीब 18,487 रुपये प्रतिमाह इन-हैंड वेतन मिलेगा। इसके अलावा कैंटीन, यूनिफॉर्म, ईएसआई और मेडिकल जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
- हिंदुस्तान यूनिलीवर में 15 महिलाओं का चयन
हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड के सुमेरपुर (हमीरपुर) प्लांट में ट्रेनी पद के लिए 15 महिलाओं का चयन किया जाएगा। 21 से 29 वर्ष की आयु की महिलाएं आवेदन कर सकती हैं। इलेक्ट्रीशियन, फिटर, मशीनिस्ट, टर्नर और इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक ट्रेड में आईटीआई पास अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को 14 हजार रुपये प्रतिमाह इन-हैंड वेतन मिलेगा।
- एसबीआई लाइफ में एडवाइजर पद का मौका
एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस की ओर से लखनऊ लोकेशन के लिए फाइनेंशियल कंसल्टेंट (एडवाइजर) पद पर वॉक-इन इंटरव्यू होगा। 18 से 30 वर्ष की 12वीं पास अथवा स्नातक महिलाएं इसमें शामिल हो सकती हैं। कॉलिंग वर्क के तहत 20 हजार रुपये प्रतिमाह तक आय (पेयआउट) का अवसर मिलेगा।
- महिला टेलर के पदों पर भर्ती
अल्मास एक्सपोर्ट्स एंड इंपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, जानकीपुरम विस्तार में महिला टेलर के पदों पर भर्ती की जाएगी। सिलाई-टेलरिंग में दक्ष महिलाएं और फ्रेशर, दोनों आवेदन कर सकती हैं। आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। चयनित अभ्यर्थियों को न्यूनतम 8 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा।
- प्रमाणपत्र और बायोडाटा साथ लाना होगा
रोजगार मेले में शामिल होने वाली इच्छुक अभ्यर्थियों को अपने शैक्षिक एवं तकनीकी योग्यता प्रमाणपत्र, पहचान संबंधी दस्तावेज, अन्य आवश्यक प्रमाणपत्र और बायोडाटा साथ लाना होगा। अभ्यर्थियों को 11 सितंबर को सुबह 10 बजे राजकीय आईटीआई, अलीगंज के विवेकानंद हॉल एवं परिसर में उपस्थित होना होगा।
‘मस्जिद नहीं, अवैध इमारत गिरी’, सहारनपुर विवाद पर संगीत सोम ने अखिलेश-राहुल-ओवैसी को घेरा

-‘मुस्लिमों की बर्बादी के पीछे अखिलेश-राहुल और ओवैसी’, संगीत सोम का तीखा हमला

-कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई, फिर बखेड़ा क्यों?’ सहारनपुर पर संगीत सोम का विपक्ष से सवाल

-'2013 की तरह फिर पश्चिमी यूपी में दंगा कराना चाहते हैं अखिलेश, संगीत सोम ने सपा को घेरा

-अखिलेश-राहुल-ओवैसी पर संगीत सोम का हमला- ‘संविधान की किताब लेकर घूमते हैं, कोर्ट के आदेश पर सवाल उठाते हैं’

लखनऊ। सहारनपुर में सरकारी जमीन पर बनी अवैध मस्जिद पर हुई कार्रवाई को लेकर बीजेपी नेता संगीत सोम ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर तीखा हमला बोला है। संगीत सोम ने साफ कहा कि मीडिया और विपक्ष को यह समझना होगा कि सहारनपुर में किसी मस्जिद को नहीं गिराया गया, बल्कि अवैध जमीन पर बनी एक अवैध इमारत को कानूनी प्रक्रिया के तहत हटाया गया है। संगीत सोम ने दावा किया कि कार्रवाई के दौरान इमारत के नीचे करीब 400 साल पुराना कुआं भी मिला है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जो भी निर्माण अवैध जमीन पर या अतिक्रमण करके किया गया है, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। किसी धर्म को निशाना बनाने का सवाल ही नहीं है।

‘मुस्लिमों का आका बनने की होड़ में हैं विपक्षी नेता’

बीजेपी नेता ने अखिलेश यादव, राहुल गांधी और असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दिनों उत्तर प्रदेश में यह होड़ लगी है कि मुस्लिमों का सबसे बड़ा आका कौन बनेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी राजनीति के चलते सहारनपुर की कार्रवाई को धार्मिक रंग देने की कोशिश की जा रही है।

संगीत सोम ने ओवैसी पर भी हमला बोलते हुए पुराने दस्तावेजों और बिजली बिल से जुड़े दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब 1911 में सहारनपुर में बिजली की व्यवस्था ही नहीं थी, तो उस दौर का बिजली बिल कहां से आया? सोम ने इसे फर्जीवाड़े का उदाहरण बताते हुए कहा कि ओवैसी जैसे नेता ऐसे ही दावों के सहारे लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।

‘कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई, फिर बखेड़ा क्यों?’

संगीत सोम ने कहा कि जिस इमारत पर कार्रवाई हुई, वह कोर्ट के आदेश के बाद की गई। ऐसे में विपक्ष का इस मुद्दे को लेकर हंगामा खड़ा करना उनकी मंशा पर सवाल पैदा करता है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव, राहुल गांधी और ओवैसी तीनों संविधान की किताब लेकर घूमते हैं, लेकिन जब अदालत के आदेश पर कार्रवाई होती है तो उसी कार्रवाई को धार्मिक रंग देने की कोशिश शुरू हो जाती है। उन्होंने तीनों नेताओं को निशाने पर लेते हुए कहा कि यह राजनीति संविधान और कानून की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि वोट बैंक की राजनीति के लिए की जा रही है।

‘पश्चिमी यूपी में फिर दंगा कराना चाहते हैं अखिलेश’

संगीत सोम ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता सहारनपुर के मुद्दे के बहाने पश्चिमी उत्तर प्रदेश का माहौल खराब करना चाहते हैं। उन्होंने अखिलेश यादव पर हमला करते हुए 2013 के दंगों का भी जिक्र किया और कहा कि अब एक बार फिर पश्चिमी यूपी में तनाव पैदा करने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रहते उत्तर प्रदेश में किसी को दंगा कराने या कानून व्यवस्था को चुनौती देने की इजाजत नहीं दी जाएगी। अगर अखिलेश यादव अपने समर्थकों के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हैं तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

‘मुस्लिमों की बर्बादी के पीछे अखिलेश, ओवैसी और राहुल’

संगीत सोम ने कहा कि मुस्लिमों की तीन बर्बादी- अखिलेश, ओवैसी और राहुल गांधी। उन्होंने कहा कि विपक्ष जानबूझकर यह नैरेटिव बनाने की कोशिश कर रहा है कि मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि कार्रवाई का निशाना धर्म नहीं बल्कि अवैध कब्जा और भूमाफिया हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक कुछ लोगों ने मुस्लिमों का इस्तेमाल किया, उनसे कब्जे करवाए और अपनी जेबें भरीं।

संगीत सोम ने आखिर में फिर विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि अखिलेश यादव, राहुल गांधी और ओवैसी ने मुस्लिम समाज को सबसे ज्यादा छला है और अब भी वे उत्तर प्रदेश की शांति और कानून व्यवस्था को राजनीतिक फायदे के लिए दांव पर लगाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब “उत्तम प्रदेश” बनने की राह पर है और किसी को भी अराजकता फैलाकर इस रास्ते को रोकने नहीं दिया जाएगा।

‘यूपी डायलॉग’ में जुटे 100 से ज्यादा युवा, उत्तर प्रदेश के एक दशक के बदलाव पर हुई चर्चा

- प्रदेश की अर्थव्यवस्था और एक्सप्रेसवे नेटवर्क पर हुई चर्चा

- विशेषज्ञों ने कहा, ‘2017 में ₹52 हजार थी प्रति व्यक्ति आय, अब ₹1.20 लाख’

- जनजातीय समाज और युवाओं के लिए चल रही योजनाओं पर भी चर्चा

लखनऊ। लखनऊ के हजरतगंज स्थित एसेंस बैंक्वेट में फ्रेंड्स ऑफ यूपी की ओर से यूपी डायलॉग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम 'उत्तर प्रदेश का एक दशक' रही। इसमें ‘फ्रेंड्स ऑफ योगी’ के 100 से ज्यादा युवा वॉलंटियर्स शामिल हुए। इस दौरान पिछले दस वर्षों में उत्तर प्रदेश में हुए बदलाव और आने वाले समय में प्रदेश के विकास को लेकर चर्चा हुई।

कार्यक्रम में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर एम.के. अग्रवाल, प्रोफेसर अमित कुशवाह और पॉलिटिकल एनालिस्ट शशांक शेखर सिंह मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। इस दौरान युवाओं ने वक्ताओं से कई मुद्दों पर सवाल पूछे और उत्तर प्रदेश के भविष्य को लेकर अपने सुझाव भी दिए।

आर्थिक बदलाव और एक्सप्रेसवे पर हुई चर्चा

प्रोफेसर एम.के. अग्रवाल ने उत्तर प्रदेश की आर्थिक स्थिति में आए बदलावों पर बात की। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में प्रदेश की जीडीपी में लगातार दो अंकों की बढ़ोतरी हुई है। उत्तर प्रदेश से होने वाले निर्यात में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने प्रदेश में लिंगानुपात बेहतर होने की बात भी कही। प्रोफेसर अग्रवाल ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में केवल एक एक्सप्रेसवे था, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर दस हो गई है। उन्होंने दावा किया कि देश के करीब 60 प्रतिशत एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में हैं।

‘₹52 हजार से बढ़कर ₹1.20 लाख हुई प्रति व्यक्ति आय’

पॉलिटिकल एनालिस्ट शशांक शेखर सिंह ने कहा कि 2017 के मुकाबले उत्तर प्रदेश की आर्थिक और वित्तीय स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अब रेवेन्यू सरप्लस की स्थिति में है। उनके मुताबिक वर्ष 2017 में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय करीब 52 हजार रुपये थी, जो 2026 में बढ़कर करीब 1.20 लाख रुपये हो गई है।

उन्होंने जनजातीय समाज के लिए किए जा रहे कामों का भी जिक्र किया। सिंह ने बताया कि 65 गांवों में लोगों को जमीन का मालिकाना हक दिया गया है। मुख्यमंत्री आवास योजना के जरिए जरूरतमंद परिवारों तक घर, बिजली और दूसरी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। वहीं, अभ्युदय योजना के जरिए युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग की सुविधा दी जा रही है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास में युवाओं की भागीदारी बेहद जरूरी है। युवाओं से प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर जागरूक रहने और अपने सुझाव सामने रखने की अपील भी की गई।