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एक मंच पर दिखेंगे पीएम मोदी-पुतिन और जिनपिंग, SCO में मुलाकात, दुनियाभर की टिकी नजरें

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को किर्गिस्तान पहुंचे किर्गिस्तान में मोदी वे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे और कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। जिसमें भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक बार फिर एक साथ नजर आने वाले हैं। यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अगले महीने नई दिल्ली में प्रस्तावित BRICS शिखर सम्मेलन में भी तीनों नेता एक बार फिर साथ नजर आ सकते हैं।

मोदी-पुतिन की अहम मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय यात्रा पर किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे हैं। यहां वह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। मोदी की पुतिन से द्विपक्षीय मुलाकात तय है। करीब 50 मिनट निर्धारित इस बैठक में भारत-रूस संबंधों के साथ-साथ कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। मोदी-पुतिन की बातचीत में ऊर्जा सहयोग प्रमुख मुद्दा हो सकता है। रूस भारत के लिए कच्चे तेल और उर्वरक का बड़ा आपूर्तिकर्ता बना हुआ है। ऐसे में दोनों नेता तेल और गैस की आपूर्ति, उर्वरकों की उपलब्धता और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग की समीक्षा कर सकते हैं। वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी अस्थिरता के बीच भारत के लिए रूसी ऊर्जा आपूर्ति अहम है।

पीएम मोदी और जिनपिंग की मुलाकात पर दुनिया की नजर

पीएम मोदी की इससे इतर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय मुलाकात होने की संभावना है। बिश्केक में दुनिया की नजर मोदी की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होने वाली मुलाकात पर रहेगी। एससीओ के इतर यह बातचीत ऐसे समय हो रही है जब भारत-चीन संबंधों में संवाद की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बीजिंग में सीमा विवाद, सीमा पर शांति और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। मोदी-जिनपिंग की मुलाकात इसलिए भी अहम है क्योंकि यह दिल्ली में सितंबर में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रस्तावित बड़ी मुलाकात से ठीक पहले होगी।

भारत के लिए क्यों अहम है?

मध्य एशिया तेल, गैस, यूरेनियम और अन्य अहम खनिजों का बड़ा भंडार है। भारत लंबे अर्से से मध्य एशिया के देशों के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए मध्य एशिया के देशों के साथ सहयोग और व्यापार बढ़ाना चाहते हैं। इसके लिए वह नए व्यापार के साथ ही परिवहन मार्ग भी विकसित करने पर काम कर रहा है।

क्या है एसओसी ?

10 सदस्यों वाला शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) एशिया के देशों का एक क्षेत्रीय संगठन है। जो 25 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है। चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने 2001 में एससीओ की स्थापना की थी। 2017 में भारत और पाकिस्तान एससीओ के पूर्ण सदस्य बने। इसके बाद 2023 में ईरान और 2024 में बेलारूस इसमें शामिल हुए। संगठन का मुख्य काम सुरक्षा, आतंकवाद, अलगाववाद, व्यापार, कनेक्टिविटी और आपसी सहयोग जैसे मुद्दों पर साथ काम करना है।

कांग्रेस ने आदिवासियों के साथ हमेशा किया छल, मिशनरी ने निभाई सहयोगी की भूमिका : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आदिवासियों के हक-अधिकार पर डाका डालने, इन्हें बरगलाने, राज्य की लगातार बदलती डेमोग्राफी को लेकर कांग्रेस, मिशनरी और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा है।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा आदिवासियों के साथ धोखा और छल करने का काम किया है। कांग्रेस द्वारा सहयोगी के रूप में आदिवासियों को बरगलाने और गुमराह करने के लिए मिशनरियों का उपयोग किया गया है। मिशनरियों ने भी आदिवासियों को सदैव भ्रमित किया है।

श्री मरांडी ने कहा कि झारखंड बनने की मांग देश स्वतंत्र होने के साथ ही जोर पकड़ने लगी। लेकिन कांग्रेस ने बड़ी धूर्तता के साथ लगातार इस मांग को अनसुना और नजरअंदाज किया। नेता प्रतिपक्ष ने जयपाल सिंह मुंडा, कार्तिक उरांव और शिबू सोरेन के झारखंड आंदोलनों का विस्तार से जिक्र करते हुए कहा कि कैसे कांग्रेस आंदोलनों को खरीदती और दबाती रही। कांग्रेस ने यहां के लोगों की भावनाओं की कभी कद्र नहीं की। कांग्रेस आदिवासियों के साथ छल, धोखा करती रही है और इसका साथ मिशनरियों ने बखूबी दिया है।

श्री मरांडी ने कहा कि अगर शुतुरमुर्ग की तरह हम सर छुपा कर रहेंगे तो शिकारी आएगा और मुर्गा का शिकार करके चला जाएगा। जयपाल सिंह मुंडा का जो मुर्गा छाप था, कांग्रेस उसे पहले भी शिकार कर चुकी है। कांग्रेस का वही खेल आज भी बदस्तूर जारी है। कांग्रेस का शुरू से सिद्धांत रहा है कि आदिवासी के नाम पर चिल्लाओ और उन्हें हाशिए पर धकेल दो। आज स्थिति बहुत ही खतरनाक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों को यहां तक पहुंचाने में कौन जिम्मेवार रहा है, आज भी कौन जिम्मेवार है, इसके बारे में हम सबों को विचार और चर्चा करनी चाहिए।

श्री मरांडी ने कहा कि जहां तक संविधान से प्रदत्त आदिवासियों के हक अधिकार की बात है तो नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह पूरी तरह सुरक्षित है। आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों से कोई छेड़छाड़ नहीं कर सकता है। नरेंद्र मोदी इन अधिकारों पर खरोंच तक नहीं आने देंगे। श्री मरांडी ने आदिवासी समाज के लोगों से कांग्रेस और मिशनरियों की चाल और झांसे में नहीं फंसने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस को लूटने की इजाज़त नहीं दे सकती है, इसके लिए जो लड़ाई लड़नी होगी लड़ी जाएगी।

उन्होंने मिशनरियों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि आदिवासियों को रैली में शामिल होने के लिए रांची के आर्च बिशप की ओर से पत्र जारी किया जाता है। उन्होंने कहा कि रैली में नहीं जाने पर 100 से लेकर 500 रुपए तक जुर्माना वसूलने की धमकी दी गई। इससे संबंधित उन्होंने एक ऑडियो क्लिप भी सुनाया। कांग्रेस आदिवासियों की झूठी हितैषी और लोकतंत्र की हिमायती बनती है और यहां इसके संवाहक मिशनरी बनी हुई है। मिशनरियों के इस कृत्य पर तरस और गुस्सा भी आता है। इस प्रकार का राजनीति खेल अगर ये खेलेंगे और आदिवासियों को बरगलाने का कोई काम करेगा तो यह बर्दाश्त से बाहर है।

श्री मरांडी ने कहा कि सुनियोजित तरीके से डेमोग्राफी चेंज किया जा रहा है। इस पर ना मिशनरी कुछ बोल रही है, ना कांग्रेस और न ही राज्य सरकार। डुगडुगी बजाकर आदिवासियों के हक और अधिकार की लड़ाई लड़ने की बात करने वालों के द्वारा उन्हें गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बदलती डेमोग्राफी पर कांग्रेस, मिशनरी और हेमंत सरकार की चुप्पी घातक है।

श्री मरांडी ने कहा कि जिस प्रकार झारखंड और संथाल परगना की डेमोग्राफी चेंज हुई है, चेंज हो रही है और भविष्य में चेंज होगी, वह काफी चिंतनीय एवं भयावह है। इस दिशा में आदिवासी नहीं सोचेंगे, सरकार विचार नहीं करेगी तो जनसंख्या का आंकड़ा चीख चीख कर गवाही दे रहा है कि आदिवासियों के समक्ष महा भीषण संकट खड़ा होने वाला है। राज्य सरकार वोट बैंक की राजनीति के कारण पूरी तरह चुप है।

श्री मरांडी ने कहा कि 1951 में आदिवासियों की आबादी 35.38 प्रतिशत थी जो 2011 में घटकर 26.20 प्रतिशत रह गई। वहीं

मुस्लिम आबादी 8.9% से बढ़कर 14.53 प्रतिशत हो गई। ईसाई की आबादी में नहीं के बराबर अंतर हुआ।

1951 में सनातनियों की कुल आबादी 87.79% थी जो 2011 में घटकर 81.17% रह गई। उन्होंने कहा कि अगर इसी रफ्तार से आदिवासियों की आबादी घटी तो 2051 आते आते आदिवासियों की आबादी 22.21% रह जाएगी, वही सनातनियों की आबादी घटकर 76.88% रह जाएगी, जबकि मुस्लिम 19% हो जाएगा। उन्होंने संथाल परगना में आदिवासी आबादी के घटते प्रतिशत और मुस्लिम आबादी की वृद्धि का भी आंकड़ा के साथ मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आदिवासी और दलित को संविधान में आबादी के अनुपात में हक और अधिकार प्राप्त होता है, इसलिए इस लिहाज से यह बड़े संकट की आहट है। राज्य सरकार को इसकी कतई चिंता नहीं है।

श्री मरांडी ने आदिवासी कल्याण समिति पाकुड़ का एक पत्र प्रस्तुत करते हुए कहा कि कैसे संताल परगना में आदिवासियों की रैयती जमीनों पर कब्जा कर उस पर बहुमंज़िला भवन, कारखाना, मस्जिद , मदरसा आदि बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी कल्याण समिति की ओर से मुख्यमंत्री सहित केंद्र और अन्य स्थानों पर भेजे गए पत्र में पाकुड़ के कई इलाकों में फर्जी दान पत्र के जरिए आदिवासी जमीन पर कब्जे की बात कही गई है। इस पत्र में कई जगहों का जिक्र करते हुए बांग्लादेशियों के द्वारा जमीन लूट की शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की गई है। श्री मरांडी ने कहा कि बांग्लादेशियों द्वारा कई मोहल्लों को साफ कर दिया गया है। अभी झारखंड में तो कांग्रेस और jmm की सरकार है। मुख्यमंत्री को जांच करके बताना चाहिए कि मामले में क्या कार्रवाई हुई।

इस दौरान प्रेस वार्ता में अशोक बड़ाइक, रामकुमार पाहन, सनी टोप्पो, पिंकी खोया भी उपस्थित रहीं।

219वें उर्स में शामिल हुए मुख्यमंत्री, रिसालदार बाबा की मजार पर की चादरपोशी

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज रांची के डोरंडा स्थित हजरत कुतुबुद्दीन रिसालदार बाबा की मजार पर आयोजित 219वें उर्स में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने परंपरा के अनुरूप मजार पर चादरपोशी की तथा राज्य की सुख-समृद्धि, अमन-चैन, प्रगति एवं खुशहाली के लिए दुआ मांगी।

मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हजरत कुतुबुद्दीन रिसालदार बाबा की शिक्षाएं प्रेम, भाईचारे, इंसानियत और आपसी सौहार्द का संदेश देती हैं।

उन्होंने उर्स के पाक मौके पर राज्यवासियों के जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।

मुख्यमंत्री ने राज्य में आपसी भाईचारा, सामाजिक सद्भाव एवं एकजुटता की भावना के और अधिक मजबूत होने की दुआ की। उन्होंने उर्स में शामिल सभी अकीदतमंदों एवं राज्यवासियों को उर्स की शुभकामनाएं दीं।

युवा मतदाताओं को जोड़ने में तेजी लाएं: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार, 15 सितंबर तक ही भरे जाएंगे फॉर्म-6

रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने राज्य के सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को नए एवं युवा पात्र भारतीय नागरिकों को फॉर्म-6 एवं निर्धारित घोषणा-पत्र के माध्यम से मतदाता सूची में शामिल करने के कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत 5 अगस्त 2026 को मतदाता सूची के ड्राफ्ट पब्लिकेशन के उपरांत नए पात्र मतदाताओं से फॉर्म-6 एवं निर्धारित घोषणा-पत्र के माध्यम से ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि 1 अक्टूबर 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए इस तिथि तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके अथवा पूर्ण करने वाले सभी पात्र भारतीय नागरिकों का मतदाता सूची में पंजीकरण सुनिश्चित किया जाना है। एसआईआर में नए मतदाताओं को फॉर्म-6 के माध्यम से जोड़ने के लिए 15 सितम्बर 2026 तक ही आवेदन प्राप्त किए जा सकते हैं। विधानसभा आम चुनाव 2024 से अब तक लगभग दो वर्ष की अवधि और राज्य में प्रतिवर्ष करीब 4 प्रतिशत मतदाताओं के वृद्धि दर को देखते हुए प्रत्येक मतदान केंद्र पर औसतन लगभग 60 फॉर्म-6 प्राप्त होने का अनुमान है। ऐसे में नए पात्र मतदाताओं को जोड़ने के कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता गंभीर विषय है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मतदान केंद्रवार फॉर्म-6 की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि उपलब्ध जिलेवार विवरण में कुल 6,722 मतदान केंद्र ऐसे हैं, जहां एक भी फॉर्म-6 प्राप्त नहीं हुआ है। इनमें रांची में सर्वाधिक 1,209, पलामू में 592, हजारीबाग में 572, गिरिडीह में 416 तथा धनबाद में 392 मतदान केंद्र हैं। वहीं मात्र 1 से 5 फॉर्म-6 प्राप्त होने वाले मतदान केंद्रों की संख्या धनबाद में 1,243, गिरिडीह में 1,072, रांची में 981, पलामू में 936 तथा हजारीबाग में 814 है।

श्री के. रवि कुमार ने इन जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को स्थिति का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित मतदान केंद्रों की विशेष समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बीएलओ ‘होम-टू-रोल’ सत्यापन के दौरान घर-घर जाकर यह सुनिश्चित करें कि कोई नया अथवा युवा पात्र भारतीय नागरिक पंजीकरण से छूटा न हो। पात्र नागरिकों से फॉर्म-6 एवं घोषणा-पत्र प्राप्त कर उसका समयबद्ध डिजिटाइजेशन सुनिश्चित किया जाए। स्कूलों-कॉलेजों में भी विशेष अभियान चलाकर पात्र युवाओं को ECINET के माध्यम से आवेदन के लिए प्रेरित किया जाए।

श्री के. रवि कुमार ने निर्देश दिया कि प्राप्त सभी फॉर्म-6 एवं घोषणा-पत्र का समयबद्ध डिजिटाइजेशन एवं नियमानुसार निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी इसकी लगातार विशेष समीक्षा करें और निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदाता सूची से जोड़ने के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

उन्होंने कहा कि एसआईआर के तहत तैयार मतदाता सूची में पंजीकरण भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा इससे संबंधित अभिलेखों का परमानेंट डॉक्यूमेंट के रूप में संधारण किया जाता है।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से "झारखंड संताल स्टूडेंट्स यूनियन" के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड, रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में "झारखंड संताल स्टूडेंट्स यूनियन" के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को संताली भाषा से संबंधित विभिन्न मुद्दों एवं समस्याओं से अवगत कराते हुए अपनी मांगों और अपेक्षाओं को भी उनके समक्ष रखा।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरतापूर्वक सुना और पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनके द्वारा उठाए गए विषयों पर आवश्यक पहल की जाएगी।

इस अवसर पर यूनियन के अध्यक्ष श्री विजय कुमार हांसदा, उपाध्यक्ष सुश्री सबिता बास्के, सचिव श्री हरिश चन्द्र मरांडी, संयुक्त सचिव सुश्री संगम लता कुमारी, कोषाध्यक्ष श्री बाबूलाल हेम्ब्रम, श्री आनंद, श्री गोपाल चन्द्र हांसदा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को श्री कृष्ण जन्मोत्सव आयोजन समिति ने किया आमंत्रित, मोरहाबादी में 3 और 4 सितंबर को होगा भव्य आयोजन

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में श्री कृष्ण जन्मोत्सव आयोजन समिति, मोरहाबादी, रांची के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री को प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्यों ने आगामी 3 सितम्बर 2026 को "बाल गोपाल" एवं 4 सितंबर 2026 को मोरहाबादी मैदान, राँची में आयोजित होने वाले "दही हांडी फोड़ प्रतियोगिता, भजन संध्या एवं रासलीला" समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होने हेतु सादर आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन को प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने अवगत कराया कि श्री कृष्ण जन्माष्टमी त्योहार के पावन अवसर पर प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी बाल गोपाल एवं दही हांडी फोड़ प्रतियोगिता सहित विभिन्न कार्यक्रमों के भव्य आयोजन की तैयारी की जा रही है।

मौके पर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव आयोजन समिति के मुख्य संरक्षक श्री राजीव रंजन प्रसाद, अध्यक्ष श्री विनोद गोप, संरक्षक डॉ. राजेश गुप्ता एवं डॉ. कुमार राजा, सचिव श्री रोहित सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष श्री राहुल किट्टू सिंह, महासचिव श्री मनोज गुप्ता, संयुक्त सचिव श्री नरेंद्र सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

रांची डीसी ने नगड़ी ईवीएम वेयर हाउस का किया मासिक निरीक्षण, सुरक्षा मानकों के पालन के दिए निर्देश

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री ने आज दिनांक 29.08.2026 को नगड़ी स्थित ईवीएम वेयर हाउस का निर्धारित मासिक (बाह्य) निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य वेयर हाउस की सुरक्षा व्यवस्था, रख-रखाव तथा भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप सभी व्यवस्थाओं का नियमित मूल्यांकन करना था।

निरीक्षण के दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री ने वेयर हाउस की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी की कार्यशीलता तथा संपूर्ण परिसर की निगरानी व्यवस्था का अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि ईवीएम वेयर हाउस के संचालन एवं सुरक्षा से जुड़े प्रत्येक प्रावधान का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री ने उप निर्वाचन पदाधिकारी को निर्देशित किया कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रत्येक माह निर्धारित समय पर वेयर हाउस की सुरक्षा, रख-रखाव और तकनीकी व्यवस्थाओं से संबंधित विस्तृत प्रतिवेदन समय पर निर्वाचन आयोग को भेजा जाए।

निरीक्षण के दौरान जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री बिवेक कुमार सुमन एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

बाबूलाल जी, खनन कंपनियों की चिंता छोड़ झारखंड के हितों की बात कीजिए : विनोद कुमार पांडेय


रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के वित्त मंत्री को लिखे पत्र पर पलटवार करते हुए कहा कि बाबूलाल मरांडी का पत्र पढ़कर साफ लगता है कि उन्हें झारखंड के खनिज से ज्यादा चिंता खनन कंपनियों की लागत और मुनाफे की है। उन्हें तय करना चाहिए कि वे झारखंड के नेता की तरह बात कर रहे हैं या खनन कंपनियों के प्रवक्ता की तरह।

उन्होंने कहा कि कोयला और लौह-अयस्क झारखंड की खनिज संपदा है। इस पर झारखंड के उचित अधिकार और राजस्व की मांग करना कोई अपराध नहीं है। बाबूलाल जी कंपनियों की लागत और ट्रकों पर पड़ने वाले अतिरिक्त बोझ का हिसाब तो बता रहे हैं, लेकिन झारखंड की जमीन, जंगल, पानी, प्रदूषण, विस्थापन और खनन प्रभावित लोगों की कीमत का हिसाब क्यों नहीं बताते?

खनिज झारखंड का है तो उसके लाभ में झारखंड का उचित हिस्सा भी होना चाहिए।

ओडिशा का उदाहरण देने पर विनोद पांडेय ने कहा कि ओडिशा में क्या हुआ, यह अलग विषय है। ओडिशा की नीलामी का उदाहरण देकर झारखंड के अधिकार का सवाल खत्म नहीं किया जा सकता। बाबूलाल जी यह बताएं कि झारखंड के खनिज से राज्य को कितना राजस्व, स्थानीय लोगों को कितना रोजगार और खनन प्रभावित इलाकों को कितना वास्तविक लाभ मिला।

बालू और पत्थर की व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि जहां कमियां हैं, राज्य सरकार उन्हें दूर कर रही है। सरकार की प्राथमिकता पारदर्शी व्यवस्था के साथ स्थानीय लोगों और स्थानीय वाहनों को लाभ पहुंचाना है। लेकिन बाबूलाल जी यह भूल जाते हैं कि खनन व्यवस्था की समस्याएं आज पैदा नहीं हुई हैं, भाजपा सरकारों की विरासत भी इसमें शामिल रही है।

DMFT पर उन्होंने कहा कि यह राशि खनन प्रभावित क्षेत्रों और लोगों के लिए है। लेकिन बाबूलाल जी को यह भी पूछना चाहिए कि केंद्र से झारखंड के हिस्से का पैसा और अधिकार वर्षों तक क्यों रोका गया?

विनोद पांडेय ने कहा कि बाबूलाल जी राज्य सरकार से सवाल जरूर पूछें, लेकिन कभी अपनी केंद्र सरकार से भी पूछें—

झारखंड की खनिज संपदा का उचित हिस्सा झारखंड को कब मिलेगा?

खनिज अधिकारों को प्रभावित करने वाले कानूनों पर भाजपा का स्पष्ट स्टैंड क्या है?

खनिज संपदा का सबसे ज्यादा लाभ झारखंड के लोगों को मिलेगा या खनन कंपनियों को?

उन्होंने कहा कि बाबूलाल जी, अगर दिल्ली और खनन कंपनियों का पक्ष रखना है तो खुलकर रखिए। लेकिन उसे झारखंड के हित की राजनीति का नाम मत दीजिए। झारखंड अपने खनिज का हिसाब भी मांगेगा और अपना अधिकार भी।

धन्यवाद

रक्षाबंधन पर भावुक हुए CM हेमन्त सोरेन, बड़ी बहन ने बांधी राखी

भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास का प्रतीक रक्षाबंधन का पावन पर्व आज मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के लिए भी भावनाओं से भरा रहा। रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की कलाई पर बड़ी बहन श्रीमती अंजनी सोरेन ने रक्षा सूत्र बांधकर उनके सुखद, स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की। इस पावन पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की चचेरी बहनों ने भी मुख्यमंत्री को रक्षा सूत्र बांधकर उनके उत्तम एवं सुदीर्घ जीवन की कामना की।

इस आत्मीय अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अपनी बड़ी बहन का स्नेहपूर्वक आशीर्वाद लिया तथा छोटी बहनों को सहृदय स्नेह, आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने समस्त झारखंड वासियों को श्रावण पूर्णिमा तथा पवन पर्व रक्षाबंधन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए सभी के सुख, समृद्धि, उन्नति एवं खुशहाल जीवन की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री की माता श्रीमती रूपी सोरेन सहित अन्य परिजन उपस्थित थे।

रक्षाबंधन पर भाई-बहन के अटूट प्रेम की मिसाल: सीतासाल से रांची पहुंचकर मति सोरेन ने CM हेमन्त सोरेन को बांधा रक्षा सूत्र

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन को पावन पर्व रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर आज दुमका जिला स्थित शिकारीपाड़ा प्रखंड के ग्राम-सीतासाल से रांची पहुंचकर मति सोरेन ने रक्षा सूत्र बांधी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने बहन मति सोरेन को आशीर्वाद देते हुए उन्हें रक्षाबंधन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दी।

गौरतलब है कि पिछले कई वर्षों से रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर बहन मति सोरेन मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन को रक्षा सूत्र बांधती आई हैं।