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स्वतंत्रता दिवस पर Gen Z को बड़ी सौगात, पीएम मोदी ने किया फ्री ऑनलाइन कोचिंग और AI ट्रेनिंग का ऐलान

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवा शक्ति और नई पीढ़ी की भूमिका को बेहद अहम बताया। उन्होंने कहा कि भारत का विकास तभी संभव है, जब देश के हर बेटे और बेटी को आगे बढ़ने का बराबर मौका मिले। उन्होंने अपने संबोधन में युवाओं को विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि सरकार ने शिक्षा, एआई, स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट और खेलों में अवसर बढ़ाने पर जोर दिया है।

फ्री ऑनलाइन कोचिंग का ऐलान

पीएम मोदी ने कहा, युवाओं को संसाधनों की कमी न होने देने और उन्हें हर क्षेत्र में नेतृत्व के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया है। पीएम मोदी ने कहा कि देश में कोचिंग क्लासेज की बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच हर परिवार को लगता है कि अगर बच्चे को कोचिंग नहीं भेजा गया तो उसका भला नहीं हो सकता। इसी सोच को बदलने के लिए हमने छात्रों के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग शुरू करने का निर्णय लिया है।

एक साल में एक करोड़ लोगों को एआई ट्रेनिंग

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आने वाले एक वर्ष में एक करोड़ लोगों को एआई स्किल देने, मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का नेटवर्क खड़ा करने और 5 से 15 वर्ष के बच्चों में खेल प्रतिभा खोजने के लिए गांव-गांव व स्कूल-स्कूल टैलेंट हंट चलाने का लक्ष्य रखा गया है। युवाओं को संसाधनों की कमी न होने देने और उन्हें हर क्षेत्र में नेतृत्व के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया है।

हम संसाधनों की कमी नहीं होने देंगे-पीएम मोदी

स्टार्टअप इंडिया के चलते देश में लगातार नए स्टार्टअप खड़े हो रहे हैं। मैं युवाओं से कहना चाहता हूं कि आप सपने लेकर आगे आइए, हम संसाधनों की कमी नहीं होने देंगे। सस्ते डेटा ने युवाओं को आगे बढ़ने का मौका दिया है और उन्हें नई ताकत दी है। इसी दिशा में स्किल इंडिया को आगे बढ़ाया गया है और खेलो इंडिया का भी विस्तार किया गया है। इन पहलों ने युवाओं के लिए सीखने, कौशल विकसित करने और अपनी प्रतिभा को आगे ले जाने के नए रास्ते खोले हैं।

हमें दिमागी नक्सलियों को पहचाना होगा...', लाल किले से पीएम मोदी ने माओवाद पर किया सतर्क

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80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से दिए अपने भाषण में नक्सलवाद को लेकर आगाह किया। पीएम मोदी ने कहा कि आज देश में नक्सलवाद का खात्मा हो चुका है, लेकिन दिमागी नक्सली अभी भी हमारे बीच मौजूद हैं। जो अवसर की तलाश में हैं। उन्होंने कहा कि हमें इन दिमागी नक्सलियों को पहचानना होगा और युवाओं से इन्हें बचाना होगा।

नक्सलवाद पूरी तरह खत्म करने की दिशा में-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, 'माओवाद-नक्सलवाद ने देश के कई परिवारों को बर्बाद किया। चार दशक तक इसने देश की बड़ी आबादी को बंदूक की नोक पर दबोच कर रखा था। देश के नागरिकों की रक्षा में देश साढ़े तीन हजार सुरक्षाबल और पुलिस के जवानों को जान की बाजी लगानी पड़ी। नक्सलवाद ने देश की धरती को लहूलुहान कर दिया। 2014 में जब आपने हमें मौका दिया तभी हमने संकल्प किया था कि हम नक्सलवाद को देश से खत्म करेंगे। हम उसे पूरी तरह खत्म करने की दिशा में हैं।

दिमागी नक्सल को आइसोलेट करना होगा-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, बरसों तक देश की सत्ता में माओवादी सोच के लोग गलियारों में जगह बनाकर बैठे रहे। सरकारी कमेटियों में सलाहकार के रूप में माओवादी सोच ने नीतियां प्रभावित कीं। जंगलों में हमें हथियारी नक्सलों का खात्मा करने में सफलता मिली है, लेकिन ये दिमागी नक्सल मौके की तलाश में है। हिंसा और अराजकता के रास्ते खोद रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि समाज को गलत रास्ते पर घसीटने के लिए अलग-अलग दांव चल रहे हैं। इन दिमागी नक्सलियों को पहचानना होगा, इन्हें आइसोलेट करना होगा।

सिविल डिफेंस का बड़ा नेटवर्क खड़ा करेगी सरकार

पीएम मोदी ने कहा, सुरक्षित भारत बनाना हमारा दायित्व है। सुरक्षा सीमा के अंदर हो या बाहर हम सबके लिए तैयार हैं। जरूरी नहीं कि युद्ध सीमाओं पर हो, आज तेल रिफाइनरियों पर हमले हो रहे हैं, बैंकिग क्षेत्र हमलों का शिकार हो रहे हैं। हमें इन क्षेत्रों की सुरक्षा भी करनी है। हमें देश की सुरक्षा के लिए नागरिकों को भी आगे लाना है। मैं लाल किले से एलान कर रहा हूं कि हम जल्द ही सिविल डिफेंस का देश में एक बड़ा नेटवर्क खड़ा करेंगे, जो आधुनिक चुनौतियों का सामना करेगा। इसमें युवाओं की बड़ी भागीदारी होगी।

वरिष्ठ समाजसेवी संजय सिन्हा को मिला भारत सम्मान
नई दिल्ली। देश के 80 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिल्ली के कंस्टीट्यूशन क्लब ऑफ़ इंडिया में बुद्धांजलि रिसर्च फाउंडेशन द्वारा पांचवें भारत सम्मान अवार्ड समारोह का आयोजन किया गया इस भव्य कार्यक्रम में देश के जाने माने उद्योगपति और वरिष्ठ समाजसेवी संजय सिन्हा को भारत सम्मान अवार्ड से सम्मानित किया गया!
संजय सिन्हा के अलावा केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले द्वारा लोक सभा सांसद विद्युत महतो, लोक सभा सासंद अनूप प्रधान वाल्मीकी, राज्य सभा सांसद ताई तागाक, दिल्ली के स्पेशल पुलिस कमिश्नर और रोबिन हिबू सहित देश की कई जानी मानी हस्तियों को भारत सम्मान अवार्ड से सम्मानित किया गया!
बतादें कि संजय सिन्हा रिपब्लिकन पार्टी ऑफ़ इंडिया (अठावले) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं और शिक्षा एवं समाजसेवा के क्षेत्र में बहुत ही सराहनीय कार्य कर रहे हैं!
बुद्धांजलि के चेयरमैन और इस कार्यक्रम के मुख्य आयोजक कैलाश मासूम ने सभी का आभार व्यक्त किया!
पीएम मोदी ने लाल किला से दिया 'शक्ति की सप्त धारा' का फॉर्मूला, जानें क्या है सरकार का प्लान

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आज पूरे देश आजादी का जश्न मना रहा है। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से लगातार 13वीं बार तिरंगा फहराया। लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में पीएम मोदी ने ‘विकसित भारत’ का संकल्प दोहराया है। इस मौके पर पीएम मोदी ने 'शक्ति की सप्त धारा' की घोषणा की है। यह वह सात संकल्प हैं, जिसका लक्ष्य तय करके भारत को 2047 तक विकसित बनाने का मोदी सरकार ने संकल्प लिया है।

देश में शक्ति की सप्तधारा का आह्वान

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आज लाल किले की प्राचीर से मैं देश में शक्ति की सप्तधारा का आह्वान करता हूं। जो पांच दशक में नहीं हुआ, वह 5-7 साल में करने के लिए नई ऊर्जा देंगे। इसमें युवाओं की शक्ति भी जोड़ी जाएगी।

सप्त धारा की पहली शक्ति मैन्युफैक्चरिंग पावर

पीएम मोदी ने कहा, सप्त धारा की पहली शक्ति है- मैन्युफैक्चरिंग पावर। सप्तधारा की शक्ति है उत्पादन की शक्ति। हमें विनिर्माण को बढ़ाना होगा। उत्पादन के साथ हमें छोटे-छोटे पुर्जे बनाने हैं और बड़े उत्पाद भी बनाने हैं। पूरी वैल्यू चेन पर हमारा अधिकार होना चाहिए। डिजाइन से उत्पादन तक भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का केंद्र बनना होगा। उत्पादन के क्षेत्र में जो लोग हैं, यह उनके लिए अवसर है। इसलिए हमें गुणवत्ता और पैमाने में वैश्विक मानदंडों पर खरा उतरना होगा। हमारे उत्पाद यूजर फ्रेंडली हों, हमारे उत्पाद लोगों को लुभाने वाले हों। जीरो डिफेक्ट उत्पाद हमारी पहचान हों, यह तय करना होगा। वैश्विक बाजार में हमारी पहचान गुणवत्ता के आधार पर होगी। क्वालिटी से कोई समझौता नहीं। हमारा लक्ष्य गुणवत्ता, गुणवत्ता और गुणवत्ता होना चाहिए।

सप्त धारा की दूसरी कृषि और खाद्य उत्पादन

पीएम मोदी ने सप्त धारा की दूसरी शक्ति कृषि और फूड प्रोडक्शन को बताया है। उन्होंने कहा कि फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में देश को आगे बढ़ना होगा। पीएम मोदी के मुताबिक दुनिया के बाजार खुल रहे हैं, हमें वहां पहुंचना है। 'हमें खेत से लेकर एक्सपोर्ट मार्केट तक जाना होगा। उन्होंने कहा कि मोटे अनाजों से लेकर मसालों तक हमारे पास सबकुछ है, जिन्हें ग्लोबल ब्रांड बनाना है। हमारे किसान केमिकल फ्री खेती को बल देंगे, तो दुनिया में इनकी मांग और बढ़ने वाली है।

तीसरी शक्ति है तकनीक और नवाचार

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मेरी सप्तधारा की तीसरी शक्ति है तकनीक और नवाचार। उभरती हुई तकनीक हर पल हमें चुनौती दे रही हैं। इसलिए देश को दुनिया के लिए बाजार बनाना है। हमें नवाचार का केंद्र बनना है। अब भारत को डिजिटल सार्वजनिक तकनीक को दुनिया के कोने-कोने में पहुंचाना है।

गति शक्ति चौथी शक्ति

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, सप्तधारा की चौथी शक्ति है- गतिशक्ति। यह गतिशक्ति हमें देश में निर्बाध संपर्क चाहिए। हमें आधुनिक सड़क चाहिए, मल्टीमॉडल संपर्क चाहिए। बंदरगाहों को विकास और संवर्धन की दिशा में बढा़ना होगा।

पांचवी रक्षा शक्ति

पांचवी शक्ति है- रक्षा शक्ति। रक्षा में आत्मनिर्भर होना, दुनिया ने समझ लिया इसके बिना कोई चारा नहीं है। हमें रक्षा के क्षेत्र में भी बाजार बनना होगा। हमें रक्षा उत्पादों की श्रृंखला बनना होगा। ड्रोन और एंटी ड्रोन सिस्टम को देखना होगा।

छठी शक्ति है- ऊर्जा शक्ति

छठी शक्ति है- ऊर्जा शक्ति। हमें हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ना है। दुनिया जब ग्लोबल वार्मिंग की चर्चा करती है तो हम इस ओर आगे बढ़ते हैं। हमारी समुद्री तटरखेा बहुत मजबूत है। इसमें हम आगे बढ़ सकते हैं।

सातवीं शक्ति है भारत की सॉफ्ट पावर

'सातवीं शक्ति है- भारत की सॉफ्ट पावर। भारत की सॉफ्ट पावर की ताकत है। आज योग ने दुनिया को भारत से जोड़कर रखा है। जिस भारत के पास आयुर्वेद हो, आस्था के केंद्र हों। हमारी फिल्में हों, हैंडलूम हों, हमारी गेमिंग हों।

स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रनायकों को अपनी मूर्तिकला से नमन कर रहे हैं शिल्पकार नरेश कुमार कुमावत
नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रसिद्ध कलाकार एवं मूर्तिकार नरेश कुमार कुमावत ने अपनी कलाकृतियों के जरिए भारत के राष्ट्रनायकों और आधुनिक भारत के निर्माण में उनके योगदान को याद किया है। शिल्पकार परिवार से आने वाले कुमावत पिछले कई वर्षों से धातु, पत्थर और कांस्य के माध्यम से देश के महान नेताओं की भव्य प्रतिमाएं और स्मारक तैयार कर रहे हैं। उनकी कलाकृतियां देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई महत्वपूर्ण स्थानों पर भारत की विरासत और मूल्यों का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।

कुमावत की कला को नई संसद भवन में भी प्रमुख स्थान मिला है। संसद के केंद्रीय फोयर में उनके द्वारा तैयार सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. बी. आर. आंबेडकर के 25-फुट ऊंचे धातु के मेडलियन स्थायी रूप से स्थापित किए गए हैं। इन दोनों कांस्य संरचनाओं का कुल वजन छह टन से अधिक बताया गया है। ये कलाकृतियां संसद परिसर में एकता, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की निरंतर याद दिलाती हैं।

महात्मा गांधी की उनकी प्रतिमाएं भी देश की सीमाओं से बाहर भारत की पहचान को मजबूती दे रही हैं। कुमावत द्वारा तैयार गांधी की आदमकद कांस्य प्रतिमाएं ओमान स्थित भारतीय दूतावास सहित न्यूयॉर्क जैसे अंतरराष्ट्रीय शहरों में स्थापित हैं। वहीं, उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. आंबेडकर को समर्पित कई विशालकाय प्रतिमाओं का भी निर्माण किया है। इनमें विजयवाड़ा स्थित 125 फुट ऊंची स्टैच्यू ऑफ सोशल जस्टिस और भारत के सर्वोच्च न्यायालय में स्थापित आंबेडकर की प्रतिमा प्रमुख हैं।

स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए नरेश कुमार कुमावत ने कहा, “स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रनायकों को मूर्त रूप देना केवल कला नहीं, बल्कि अपने इतिहास के साथ एक पवित्र संवाद है। इस स्वतंत्रता दिवस पर हमें ऐसे स्थायी स्मारक बनाने का संकल्प लेना चाहिए, जो आने वाली पीढ़ियों को हमारे आधुनिक गणराज्य के निर्माण के लिए किए गए महान प्रयासों और उपलब्धियों की याद दिलाते रहें।”

हरियाणा के मानेसर स्थित अपने हाई-टेक स्टूडियो से कुमावत भारतीय कला को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ा रहे हैं। उनके अनुसार, उनकी कला-स्थापनाएं **80 से अधिक देशों** में पहुंच चुकी हैं। इसी अंतरराष्ट्रीय यात्रा को आगे बढ़ाते हुए वह अमेरिका के सिएटल में महात्मा गांधी की एक नई प्रतिमा पर काम कर रहे हैं। भारतीय प्रवासी समुदाय के सहयोग से तैयार की जा रही इस प्रतिमा का अनावरण जल्द होने की उम्मीद है। इसके साथ ही भारतीय मूल्यों, विचारों और राष्ट्रनायकों की वैश्विक उपस्थिति को एक और नई पहचान मिलने की संभावना है।
पीएम मोदी ने लगातार 13वीं बार लाल किला पर फहराया तिरंगा, आजादी के वीर सपूतों को किया नमन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 13वीं बार लाल किला पर तिरंगा फहराया। लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी ने सभी स्वतंत्रता सेनानियों तथा क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। देश इस साल वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ भी मना रहा है। इस मौके पर लाल किला से पहली बार वंदे मातरम भी गूंजा। इस मौके पर हजारों की संख्‍या में मौजूद लोगों ने जन-गण-मन और वंदे मातरम का गायन किया।

देश को आजादी देने वाले महान विभूतियों को नमन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किला से कहा, देश आज उन महान सपूतों का स्मरण करती है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए त्याग, बलिदान की पराकाष्ठा को अपने तप, त्याग और बलिदान से आजादी के एकमात्र लक्ष्य को लेकर अपनी पूरी जिंदगी खपा दी। पूज्य बापू समेत सभी स्वतंत्रता सेनानियों को, बलिदान की परंपरा जगाने वाले महान क्रांतिकारियों को आज मैं श्रद्धा पूर्वक नमन करता हूं।

पीएम मोदी ने किया वंदे मातरम का जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आज सबके लिए ऐतिहासिक पल भी है। आजादी के बाद 15 अगस्त को लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम गूंज रहा है। आज जब देश के लोग वंदे मातरम के 150 वर्ष मना रहे हैं, तो इससे बड़ा उत्तम अवसर क्या हो सकता है।

पूरा देश बाढ़ पीड़ितो के साथ-पीएम मोदी

स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ आई है, जिससे कई लोग प्रभावित हुए हैं। मैं प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाता हूं कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है।

भारत ने पिछले 12 साल में रफ्तार पकड़ी- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, 2014 तक आते-आते तो पूरे विश्व ने हमें फ्रेजाइल-5 में डंप कर दिया था। उन हालात के बीच भारत ने पिछले 12 साल में रफ्तार पकड़ी है। तेज गति से अब हम आगे बढ़ रहे हैं। पिछले 12 वर्ष में रक्षा उद्योग 4 गुना बढ़ा, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादन 7 गुना बढ़ा। रेलवे कोच का उत्पादन 21 गुना बढ़ा, डिजिटल-इनोवेशन की दुनिया में हमने अपना परचम लहराया। इंटरनेट कंज्यूमर चार गुना बढ़े, डिजिटल ट्रांजैक्शन करीब 100 गुना बढ़े। हर काम लगभग 15 गुना औसत से बढ़ा।

2047 तक 'विकसित भारत' बनाना बड़ा सपना- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, भारत का एक बड़ा सपना है- 2047 तक 'विकसित भारत' बनाना। इस सपने को पूरा करने की ताकत और संकल्प 140 करोड़ भारतीयों से मिल रहा है। जब दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश खुद को एक विकसित देश बनाने का लक्ष्य तय करता है, तो इससे पूरी दुनिया को एक मजबूत संदेश जाता है। भारत के इस लक्ष्य से दुनिया की नजर में भारत की छवि बदल रही है और दुनिया भारत को नए तरीके से देख रही है।

छोटे सपनों से काम नहीं चलने वाला है- पीएम मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि मेरे देशवासियों, अब छोटे सपनों से काम नहीं चलने वाला। हमें बड़े सपने देखने हैं, क्योंकि बड़े सपने हमारी सोच को भी विस्तार देते हैं, हमारी सोच की क्षितिज को विस्तृत करते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि कोई भी राष्ट्र तब महान बनता है, जब अपनी सिद्धियों को प्राप्त करता है। जब अपने सपनों, अपने संकल्पों और अपने सामर्थ्य के दम पर आगे बढ़ता है।

पीएम मोदी के खिलाफ राहुल के बयान पर भड़की भाजपा, निशिकांत दुबे ने इंदिरा गांधी की तस्वीर शेयर कर पूछा सवाल

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बीजेपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। साथ ही उन पर ‘अभद्र और अशोभनीय’ भाषा का इस्तेमाल करने व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा को कम करने का आरोप लगाया।

पीएम मोदी के विदेशी नेताओं को गले लगाने पर राहुल का बयान

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को विदेश नीति को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने रचनात्मक कांग्रेस सम्मेलन में विदेशी नेताओं को गले लगाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री की। उन्होंने दावा किया कि यह नीति सिर्फ नेताओं को गले लगाने तक ही सीमित है। इसी दौरान कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने मेलोनी का जिक्र किया तो राहुल गांधी हंस पड़े। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बीजेपी-आरएसएस को 'जोकरों का झुंड' भी कहा, जिन्हें भारत की कोई समझ नहीं है।

बांसुरी स्वराज ने बताया-एक फेल स्टैंड-अप कॉमेडियन

बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'राहुल गांधी ने जिस तरह की असभ्य, भद्दी और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, उससे वे विपक्ष के नेता कम और एक फेल स्टैंड-अप कॉमेडियन ज्यादा लग रहे थे। वे हल्की और छिछोरी बातें कर रहे थे।'

इंदिरा गांधी के क्यूबा यात्रा की तस्वीर पर उठाया सवाल

वहीं, बीजेपी के झारखंड के गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे ने भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर क्यूबा यात्रा के दौरान इंदिरा गांधी का एक वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में इंदिरा गांधी से क्यूबा के राष्ट्रपति फिडेल कास्त्रो गले मिल रहे हैं। निशिकांत दुबे ने इस वीडियो-फोटो को शेयर करते हुए पूछा कि राहुल गांधी आप बताएं इसे गले पड़ने को जठराग्नि कहते हैं कि कामाग्नि?

राहुल गांधी को बड़े होने की नसीहत

वहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने राहुल गांधी को बड़े होने की नसीहत दी। जोशी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "राहुल गांधी, आप कब बड़े होंगे। भारत को चलाने के लिए परिपक्व नेतृत्व की जरूरत होती है न कि नौसिखिया ड्रामेबाजी की। लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को 'जोकर और मसखरे' कहना साबित करता है कि आप अपनी समझ से बाहर की बातें कर रहे हैं।

चमोली टनल हादसा: अब तक 7 की मौत, झारखंड के 2 मजदूर भी शामिल

उत्तराखंड के चमोली टनल हादसे में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है. मरनेवालों में दो मजदूर झारखंड के हैं. टीएचडीसी द्वारा निर्माणाधीन विष्णुगढ़ पीपलकोटि जल विद्युत परियोजना की गुरुवार की शाम करीब सात बजे अचानक सुरंग में भू-धंसाव होने से कई मजदूर अंदर फंस गए थे. रात भर चले रेस्क्यू ऑपरेशन में 21 लोगों को बाहर निकाला जा सका है.

सुरंग हादसे में 21 मजदूर रेस्क्यू

बीती रात मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उत्तराखंड के सीएम से फोन पर बात कर जानकारी ली थी. साथ ही हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया था. सीएम पुष्कर सिंह धामी भी हालात पर नजर रखे हुए हैं. सुरंग में भू धंसाव होने से काफी मात्रा में मलवा आ गया था जिससे राहत कार्य चलाने में परेशानी हो रही है. राज्य आपातकालीन सेवा के ड्यूटी ऑफिसर अनिल काला ने बताया कि अभी तक कुल 21 मजदूर रेस्क्यू कर लिए गए हैं, जिनमें 7 की मौत की पुष्टि हो गयी है, जबकि 14 मजदूरों का इलाज उत्तराखंड के गोपेश्वर जिला अस्पताल में चल रहा है.

हादसे में झारखंड के दो मजदूरों की मौत

झारखंड से जिनकी मौत हुई है, उनमें 28 वर्षीय विजय कुमार और दूसरे मजदूर का नाम जितेंद्र कुमार का नाम शामिल है. कुछ मजदूरों के अभी भी टीआरटी टनल के अंदर फंसे होने की बात कही जा रही है. अस्पताल में भर्ती मजदूरों को हल्की तो कुछ को गंभीर चोटें आई हैं.

मृतकों का विवरण

विजय कुमार, उम्र 28 वर्ष, झारखंड

जितेंद्र कुमार, उम्र ज्ञात नहीं, झारखंड

जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में भर्ती कराये गये कर्मचारियों का विवरण

हाबिल गुडिया, पिता रेजन गुडिया, उम्र-27 वर्ष, गांव तपरा कमड़ा थाना तपकरा, जिला खूंटी

निस्तर भिगंरा, पिता-राफेल भिगरां उम्र-24 वर्ष, पायरा किन्सू-टोली, थाना-तपकरा जिला खूंटी

विनोद रावना, पिता- तुनिया रवाना, उम्र-46 वर्ष, गुमला

दीना बेगरा, पिता-श्री केला बैगरा, उम्र-26 वर्ष, श्रोने थाना तोरपा जिला खूंटी

खेला राम बिसरा, पिता श्री मोनसा बिसरा, उम्र-22 वर्ष, थाना डुमरिया, पूर्वी सिंहभूम

विभाजन विभीषिका दिवस पर पीएम मोदी का भावुक पोस्ट, बोले-लोगों ने अपनों को खोया, भारी पीड़ा सही*

#pmmodionpartitionhorrorsremembranceday

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर 1947 के विभाजन से प्रभावित लोगों के साहस, संघर्ष और जिजीविषा को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने कहा कि उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन करता हूं, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया।

पीएम मोदी का भावुक पोस्ट

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा कि आज हम 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' मना रहे हैं। हम उन सभी लोगों के साहस को याद करते हैं जो विभाजन से प्रभावित हुए थे। यह इतिहास का वह दौर था जिसने कई जिंदगियां तहस-नहस कर दीं, परिवार उजड़ गए, लोगों ने अपनों को खो दिया और भारी पीड़ा सही।

एकजुटता का दिया संदेश

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि इन मुश्किलों से उबरते हुए लोगों ने शून्य से अपनी जिंदगी फिर से बनाई, चुनौतियों को कामयाबी में बदला और देश की प्रगति में बड़ा योगदान दिया। उनकी जीवन-यात्राएं हमें इंसानी जब्जे की ताकत की याद दिलाती हैं। उन्होंने प्रार्थना की कि यह दिन हमारे देश में आपसी सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने के हमारे संकल्प को अधिक मजबूत करे और हम सब मिलकर 'विकसित भारत' के निर्माण की दिशा में काम करें।

14 अगस्त को मनाया जाता है विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस

भारत 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' मनाता है, ताकि 1947 में देश के विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले और विस्थापित हुए लोगों को श्रद्धांजलि दी जा सके। भारत को 15 अगस्त, 1947 को ब्रिटिश शासन से आजादी मिली। हर साल 15 अगस्त को मनाया जाने वाला स्वतंत्रता दिवस किसी भी देश के लिए खुशी और गर्व का अवसर होता है। हालांकि, आजादी की इस खुशी के साथ विभाजन का गहरा दर्द भी जुड़ा था। नए आजाद भारतीय राष्ट्र के जन्म के साथ ही विभाजन की हिंसा और त्रासदी सामने आई, जिसने लाखों लोगों के मन पर गहरे और कभी न मिटने वाले घाव छोड़ दिए।

चमोली में निर्माणाधीन टनल में भूस्खलन से नौ की मौत, छह लापता, तलाश जारी*

#chamolilandslideinunderconstruction_tunnel

उत्तराखंड के चमोली में निर्माणाधीन सुरंग में दर्दनाक हादसा हुआ है। चमोली जिले में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कारपोरेशन (टीएचडीसी) की विष्णुगाड–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में अचानक मलबे और पानी का सैलाब आ गया। फिर क्या देखते ही देखते 9 मजदूरों की जान चली गई।

टनल में शाम करीब 7 बजे 1600 मीटर के दायरे में अचानक भूस्खलन हो गया। । जिस स्थान पर मजदूर काम कर रहे थे, वहां से करीब 150 मीटर दूर हुए भूस्खलन के बाद पानी के साथ पत्थर और मलबा टनल के अंदर घुस गया, जिसकी चपेट में कई मजदूर आ गए।

13 मजदूरों को घायल अवस्था में निकाला गया

सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना और अन्य संबंधित टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। रात करीब नौ बजे तक 13 मजदूरों को घायल अवस्था में टनल से बाहर निकालकर जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचाया गया। कुछ मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका है।

ज्यादातर मजदूर, बिहार-झारखंड और छत्तीसगढ़ के

चमोली जिले में निर्माणाधीन सुरंग में काम करने वाले ज्यादातर मजदूर बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के बताए जा रहे हैं। चमोली हादसे में मरने वालों में टिहरी के प्रदीप सिंह पवार, चमोली के मुकेश, बिहार के दुर्लभ शर्मा, झारखंड के विजय व जितेंद्र हैं। इसके अलावा लोकेश्वर और भुवनेश्वर हैं। दो अन्य की भी मौत हुई है। टीएचडीसी-एनटीपीसी की ओर से बनाई जा रही 444 मेगावाट इस परियोजना का करीब 70 फीसदी काम पूरा हो गया है।

धामी ने झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से की बात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीपलकोटी टनल हादसे को लेकर झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से दूरभाष पर वार्ता कर श्रमिकों की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने प्रभावित श्रमिकों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेस्क्यू किए गए श्रमिकों के उपचार में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं रखी जा रही है। उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। आवश्यकता के अनुरूप विशेषज्ञ उपचार, दवाइयों, आवास, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी श्रमिक को उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर करने की आवश्यकता होगी तो उसके लिए भी समुचित व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने दोनों मुख्यमंत्रियों को भरोसा दिया कि उनके राज्य के प्रत्येक प्रभावित श्रमिकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।