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पैतृक संपत्ति विवाद में भाई की हत्या, एक और आरोपी गिरफ्तार: गोपीगंज पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त बांस का डंडा बरामद किया

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही के गोपीगंज थाना क्षेत्र में पैतृक संपत्ति के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में छोटे भाई की हत्या के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजेंद्र सरोज उर्फ गोली के रूप में हुई है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बांस का डंडा भी बरामद किया है।

यह घटना 25 जून 2026 की रात को हुई थी। पैतृक मकान के कमरों के बंटवारे को लेकर बड़े भाई राजेंद्र उर्फ गोली और ललऊ का छोटे भाई संजय सरोज से लंबे समय से विवाद चल रहा था। उस रात इसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके बाद तीनों भाइयों के बीच कहासुनी और मारपीट हुई।

मारपीट के दौरान आरोपियों ने संजय सरोज के सीने पर सूकर मारने वाली लोहे की नुकीली रॉड (हिकनी) से वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल संजय सरोज को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृतक की पत्नी की तहरीर पर गोपीगंज थाने में मुकदमा अपराध संख्या 258/26, धारा 105 (हत्या), 351(3), 352 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू की।

भदोही के पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई की। घटना को अंजाम देने के बाद फरार हुए नामजद आरोपी राजेंद्र सरोज उर्फ गोली को नत्थईपुर से ज्ञानपुर जाने वाली सड़क मार्ग पर मेवालाल कटरे के पास से गिरफ्तार किया गया।

अभियुक्त की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बांस का डंडा बरामद किया गया। इस मामले में पुलिस पहले ही घटना में शामिल दो अन्य आरोपियों (पति-पत्नी) को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

गिरफ्तार अभियुक्त राजेंद्र सरोज उर्फ गोली पुत्र मेहीलाल सरोज, निवासी संसारापुर, थाना गोपीगंज, जनपद भदोही, उम्र 50 वर्ष है। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में निरीक्षक विजय प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक विनोद तिवारी, हेड कांस्टेबल मनमोहन और कांस्टेबल सर्वेश कुमार शामिल थे।
भदोही में जिला बदर अपराधी गिरफ्तार: न्यायालय के आदेश का उल्लंघन कर जनपद में रह रहा था
नितेश श्रीवास्तव


भदोही।भदोही पुलिस ने जिला बदर आदेश का उल्लंघन करने वाले एक अपराधी को गिरफ्तार किया है। अपराधी ज्ञानदीप उर्फ सोनू जनपद में छिपकर रह रहा था, जिसके खिलाफ विधिक कार्यवाही की जा रही है।

पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के कुशल निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। थाना औराई क्षेत्र में गुंडा एक्ट के तहत 'जिला बदर' घोषित किया गया यह अपराधी आदेश का उल्लंघन कर जनपद में निवास कर रहा था।

गिरफ्तार अपराधी की पहचान ज्ञानदीप उर्फ सोनू पुत्र रमेश कुमार दूबे निवासी भगवानपुर कनेहरी, थाना औराई, जनपद भदोही के रूप में हुई है। जिला मजिस्ट्रेट भदोही ने 18 मार्च 2026 को उसे उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3(1) के तहत छह महीने के लिए जनपद सीमा से बाहर रहने का आदेश दिया था। यह आदेश 29 मार्च 2026 को तामिल कराया गया था।

पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि पूर्व में जिला बदर किए गए अपराधी अपने क्षेत्रों में छिपकर आ रहे हैं। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए औराई पुलिस टीम ने सघन चेकिंग अभियान चलाया।

रविवार को ज्ञानदीप उर्फ सोनू को मुक्तापुर नहर पुलिया के पास बिना अनुमति के घूमते हुए पाया गया। उसे उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम की धारा 10 के अन्तर्गत नियमानुसार गिरफ्तार कर लिया गया है।

गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में निरीक्षक शेतान्शु शेखर पंकज, हे0का0 कमलेश यादव, कां० पवनेश राय, का० वैभव सिंह, का० शेषनाथ वर्मा, रि०का० शिवम, रि०का० सुनील कुमार, म०का० चन्दकला, रि०का० राजवति, रि०का० रामजी और हे०का०चा० एखलाख शामिल थे।
पूर्व विधायक विजय मिश्रा की बहू की सजा पर रोक


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक विजय मिश्रा की बहू रूपा मिश्रा को धोखाधड़ी और साजिश के मामले में राहत दी है। कोर्ट ने उनके खिलाफ एमपी-एमएलए कोर्ट से दोषसिद्धि के बाद सुनाई गई सजा पर रोक लगा दी है और अपील के अंतिम निस्तारण तक उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति समीर जैन की एकलपीठ ने दिया है। रूपा मिश्रा को भदोही की एमपी-एमएलए कोर्ट ने 14 मई 2026 को धोखाधड़ी और साजिश के मामले में दोषी ठहराते हुए अधिकतम चार वर्ष की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की। उन्होंने सजा के निलंबन के लिए आवेदन दायर कर जमानत पर रिहा करने की मांग की थी। याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि राजनीतिक कारणों से झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। याची के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं थे। यह भी कहा गया कि वह महिला हैं और उनका कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं है। राज्य सरकार की ओर से जमानत का विरोध किया गया। लेकिन, यह स्वीकार किया गया कि याची का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट के सिद्धांत का उल्लेख किया। कहा कि निश्चित अवधि की सजा वाले मामलों में जल्द निस्तारण की संभावना नहीं है तो जमानत दी जानी चाहिए। इन आधारों पर कोर्ट ने रूपा मिश्रा की सजा पर रोक लगाते हुए उन्हें निजी मुचलके व दो जमानतदारों पर जमानत देने का आदेश दिया। साथ ही निर्देश दिया कि वह जमानत का दुरुपयोग नहीं करेंगी। नियमित रूप से अपील की सुनवाई में सहयोग करेंगी और किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं होंगी। ब्यूरो
1.20 लाख विद्यार्थियों का डाटा हुआ फीड अभिभावकों के खाते में भेजा जाएगा धन
*आगामी सप्ताह में शासन जारी कर सकता हैं 1200-1200 रुपए की धनराशि*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले के परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत 1.20 लाख बच्चों को निशुल्क ड्रेस, बैग, जूता, मोजा के लिए 1200-1200 रुपये की धनराशि जल्द मिलेगी। डेटा सत्यापन पूरा होने के बाद अब विभाग शासन से पैसा मिलने का इंतजार कर रहा है। माना जा रहा है कि आगामी सप्ताह में यह धनराशि जारी हो सकती है। जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय हैं। इसमें एक लाख 35 हजार बच्चे अभी तक पंजीकृत हैं। स्कूल चलो अभियान के तहत अब तक करीब 25 हजार नए बच्चों का प्रवेश हुआ है। इसके अलावा दूसरी, तीसरी, चौथी, पांचवीं से लेकर आठवीं तक के विद्यार्थियों का डेटा पहले से फीड है। आंकड़ों के अनुसार बेसिक शिक्षा विभाग के पोर्टल पर एक लाख 20 हजार 950 प्रोन्नत बच्चों का डाटा अपलोड किया गया है। उनका सत्यापन भी किया जा चुका है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने बताया कि एक अप्रैल से सत्यापन का काम चल रहा है। अब तक एक लाख 20 हजार 950 बच्चों का सत्यापन पूरा कर लिया गया है। जल्द ही शासन से बच्चों के अभिभावकों के खाते में डीबीटी की राशि भेजी जाएगी। जिन बच्चों का आधार नंबर अभी तक नहीं मिला है उनका पैसा आने में विलंब होगा।
स्कूल न आने का कारण जानेंगे शिक्षक, पोर्टल पर करेंगे फीड
*बच्चा दो दिन स्कूल नहीं पहुंचा तो गुरुजी जाएंगे घर*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही ।परिषदीय विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अब नौनिहालों की हाजिरी की रोजाना मॉनिटरिंग प्रधानाध्यापक करेंगे। दो दिन तक बच्चा लगातार अनुपस्थित रहता है, तो तीसरे दिन गुरुजी उसके घर जाएंगे। आखिर किस कारण से नहीं आया है उसका कारण जानते हुए प्रेरणा पोर्टल पर फीड भी करेंगे।
बेसिक शिक्षा सचिव का पत्र आने पर विभाग इसको प्रभावी बनाने में जुटा है। जिले में 885 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। इनमें करीब 1.30 लाख बच्चे पंजीकृत हैं, लेकिन अधिकांश स्कूलों में पंजीकरण के सापेक्ष बच्चे विद्यालय नहीं पहुंचते। एक जुलाई से पूरी क्षमता से विद्यालयों का संचालन शुरू हो जाएगा। परिषदीय विद्यालयों में आमतौर पर 60 फीसदी की औसत उपस्थिति दर्ज होती है। इसे बढ़ाकर 80 फीसदी तक करने का लक्ष्य है। लक्ष्य हासिल करने के लिए बच्चों की रोजाना हाजिरी की मॉनिटरिंग होगी। अभिभावकों से मिलकर स्कूल न आने का कारण जानेंगे। परिषदीय विद्यालयों में रोजाना प्रेरणा पोर्टल पर ऑनलाइन हाजिरी लग रही है। एमडीएम खाते हुए फोटो भी अपलोड की जा रही है।
कम उपस्थिति पर होगी कार्रवाई
जुलाई में विद्यालय पूरी क्षमता से चालू होने के बाद कम उपस्थिति वाले विद्यालयों की सूची भी तैयार होगी। इस सूची की प्रत्येक महीने समीक्षा होगी। समीक्षा के बाद जिस स्कूल में बच्चों की उपस्थिति कम पाई जाएगी, उस विद्यालय के प्रधानाध्यापक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।


विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सचिव बेसिक शिक्षा का पत्र आया है। जिसमें कहा गया है कि दो दिन बच्चा विद्यालय नहीं आता है तो शिक्षक कारण पता करेंगे। प्रधानाध्यापक उसके घर जाकर अभिभावकों से बात कर बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रेरित करेंगे। - शिवम पांडेय, बीएसए।
28 जून को आयोजित होगा विशेष बूथ दिवस, 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को अवश्य पिलाएं पोलियो की दो बूंद
*पोलियो उन्मूलन में जनसहयोग सबसे बड़ी शक्ति, एक भी बच्चा न छूटे : जिलाधिकारी शैलेष कुमार*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत 28 जून को आयोजित होने वाले विशेष बूथ दिवस के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता के उद्देश्य से शनिवार को जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूली बच्चों की जन-जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में बच्चों ने "दो बूंद जिंदगी की", "पांच साल से कम उम्र, पोलियो की दवा है जरूरी" तथा "एक भी बच्चा न छूटे" जैसे प्रेरक नारों के माध्यम से आमजन को अभियान में सहभागिता के लिए जागरूक किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने कहा कि भारत वर्ष वर्ष 2014 से पोलियो मुक्त है तथा पिछले 12 वर्षों में देश में पोलियो का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। हालांकि पड़ोसी देशों अफगानिस्तान एवं पाकिस्तान में समय-समय पर पोलियो के मामले पाए जाने के कारण सतर्कता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पोलियो वायरस से बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक अभियान में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 2.82 लाख बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए 28 जून को विशेष बूथ दिवस आयोजित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत जनपद में 643 बूथों पर पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। अभियान की निगरानी के लिए 450 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। उन्होंने बताया कि 29 जून से 3 जुलाई तक स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी। इसके उपरांत 6 जुलाई को बी-टीम के माध्यम से विशेष गतिविधियां संचालित कर ऐसे बच्चों को भी पोलियो की दवा पिलाई जाएगी, जो किसी कारणवश पूर्व चरणों में छूट गए हों। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि 0 से 5 वर्ष तक का कोई भी बच्चा पोलियो की दवा पीने से वंचित न रहे। उन्होंने सभी अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ पर अवश्य लेकर जाएं तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमों का पूरा सहयोग करें। उन्होंने कहा कि पोलियो उन्मूलन अभियान केवल स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे समाज का जनआंदोलन है। जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों, आशा बहुओं, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा आमजन के सहयोग से ही जनपद को पूर्णतः पोलियो सुरक्षित बनाए रखा जा सकता है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, शिक्षक, स्वास्थ्यकर्मी एवं बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुरियावां में 101 क्षय रोगियों को पोषण पोटली का वितरण
*जनप्रतिनिधियों एवं जनसहयोग से टीबी मुक्त अभियान को मिली नई गति*


नितेश श्रीवास्तव


भदोही। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुरियावां में आयोजित कार्यक्रम में 101 क्षय (टीबी) रोगियों को पोषण पोटली वितरित की गई। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, पूर्व विधायक रवीन्द्र नाथ त्रिपाठी, जिलाधिकारी शैलेष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने संयुक्त रूप से टीबी रोगियों को पोषण पोटली प्रदान कर उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने कहा कि जनपदवासियों, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, निक्षय मित्रों एवं समाज के विभिन्न वर्गों के सक्रिय सहयोग से अब तक 2,200 से अधिक पोषण पोटलियों का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इसी जनसहयोग, सहभागिता और स्वास्थ्य विभाग के समर्पित प्रयासों के परिणामस्वरूप जनपद ने इस अभियान में प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में जनपद में 1,440 टीबी रोगियों का उपचार चल रहा है। टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत बलगम की नियमित जांच के माध्यम से रोगियों की शीघ्र पहचान कर उन्हें निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही प्रत्येक पात्र रोगी को भारत सरकार द्वारा प्रतिमाह ₹1,000 की पोषण सहायता भी प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि टीबी एक पूर्णतः उपचार योग्य बीमारी है। यदि रोगी समय पर जांच कराकर चिकित्सकों के परामर्श के अनुसार नियमित रूप से दवाओं का सेवन करे, तो वह पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है। उन्होंने बताया कि वर्ष में तीन बार संचालित होने वाले संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान के दौरान संभावित टीबी रोगियों का चिन्हीकरण कर उनकी जांच एवं उपचार भी सुनिश्चित कराया जाता है। जिलाधिकारी ने टीबी रोगियों से प्रोटीन एवं पौष्टिक आहार का अधिकाधिक सेवन करने तथा उपचार बीच में न छोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान केवल स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक सहभागिता का एक व्यापक जनआंदोलन है। सभी के सहयोग से ही टीबी मुक्त जनपद एवं टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य साकार किया जा सकता है। उन्होंने अभियान में सहयोग देने वाले सभी जनप्रतिनिधियों, निक्षय मित्रों, समाजसेवियों एवं जनपदवासियों का आभार व्यक्त किया।
जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी ने कहा कि टीबी रोगियों के पोषण एवं उपचार में समाज की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से निक्षय मित्र बनकर इस मानवीय अभियान में सहयोग करने का आह्वान किया।
पूर्व विधायक रवीन्द्र नाथ त्रिपाठी ने कहा कि टीबी के प्रति जागरूकता, समय पर जांच, नियमित उपचार एवं संतुलित पोषण से इस बीमारी को पूर्णतः समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल जांच कराने की अपील की।
पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने कहा कि टीबी रोगियों का मनोबल बढ़ाना, उनके प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना तथा उन्हें समाज का सहयोग उपलब्ध कराना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। जनसहयोग से ही टीबी मुक्त समाज का सपना साकार होगा।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी संतोष चक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, जनप्रतिनिधि, निक्षय मित्र, आशा कार्यकर्त्रियाँ तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
या हुसैन सदाओं के बीच दफनाए गए सभी ताजिये
रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। शहीदाने कर्बला की याद में मनाया जाने वाला चेहल्लुम का जुलूस , चांद की दसवीं तारीख यानी शुक्रवार को अकीदत व एहतराम के साथ निकाला गया। नगर के बालीपुर से निकले ताजिया जूलुस में शामिल लोग या हुसैन व नारा ए तकबीर की सदा बुलंद करते हुए पाल तिराहे होते हुए मुखर्जी पार्क के पास स्थित इमाम चौक पर ताजिये को लेकर कोतवाली, पुरानी बाजार लालानर मोड़ से फकिरान बस्ती और भुड़की के ताजियों को शामिल कर वापस प्रोफेसर कालोनी,कारागार, दुर्गागंज मार्ग होते हुए लाठी डंडों, तलवार,भाला आदि के विभिन्न करतबों को दिखाते हुए कर्बला तक पहुंचे।जहां ताजियों को ठंडा किया गया। भारी भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे।
नगर के विभिन्न मोहल्ले के ताजिये दोपहर दो बजे तक मेन रोड पर आ गए थे। लगभग ढाई बजे ताजिया जुलूस परंपरागत रास्तों से या हुसैन की सदायें बुलंद करते हुए, पुरानी तहसील प्रोफेसर कालोनी मार्ग होते हुए मुख्य मार्ग से नथईपुर तिराहे से कर्बला की ओर रवाना हुआ। जुलूस में छोटे-बड़े लगभग तीन दर्जन से अधिक ताजिये शामिल थे। अधिकांश तो छोटे छोटे ताजिया थे जो बच्चों ने पूरे उत्साह व अकीदत से तैयार किया था। जहां देवगजितपुर और पसड़ियापुर के ताजिये शाम लगभग साढ़े छह बजे तक  कर्बला पहुंच गए थे। इस दौरान सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे।
पुलिस सुरक्षा व्यवस्था में पूलिस अधीक्षक अभिनव के नेतृत्व में अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल सीओ चमन सिंह चावड़ा उपस्थित रहे।
अब वास्तु के हिसाब से अस्पताल के बेड पर बिछेगी चादरें

*सातों दिन अलग-अलग रंग बिछाई जाएंगी चादरें, नकारात्मक ऊर्जा से मिलेगी मुक्ति*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले के 29 स्वास्थ्य केंद्रों पर अब वास्तु के हिसाब से चादर बिछाई जाएगी। हर दिन अलग-अलग रंग की चादर बेड पर बिछाई जाएगी। विभाग का मानना है कि इससे मरीजों को सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी और उनका मानसिक तनाव दूर होगा। इसके अलावा हर दिन चादर बदलने से चादरों की सफाई व्यवस्था भी दुरूस्त हो सकेगी। बेड पर सात दिन सात रंगों के चादर बिछाई जाएगी।
अस्पताल आने वाले मरीजों को सफेद चादर ही मिलती है। कई बार चादर गंदा होने के बाद भी नहीं बदले जाते हैं। इसकी शिकायत भी अस्पताल प्रशासन को नियमित मिलती रहती है। माना जाता है कि अस्पतालों में दर्द में रह रहे मरीजों के कारण उनके परिजन भी परेशान रहते हैं। ऐसे में अस्पतालों में नकारात्मक उर्जा का असर भी होता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय, महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय, सौ शय्या अस्पताल सहित छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर यह व्यवस्था लागू की गई है। अब यहां आने वाले मरीजों को हर दिन अलग-अलग रंग के बेड पर दिखाई देंगे।


सात की चादर की खरीद पर 13 लाख रुपये होंगे खर्च
हर दिन अलग-अलग रंगों का चादर बिछाने के लिए चार क्रय किए जाएंगे। इस पर करीब 13 लाख रुपये खर्च होंगे। जिला अस्पताल व एमबीएम में 100-100 हैं। वहीं छह सीएचसी पर 30-30 बेड और 20 पीएचसी पर चार के हिसाब से कुल 80 बेड है। इसके अलावा सौ शय्या में 16 बेड लगे हैं। कुल 476 बेड हैं।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार एक बेड के चादर की अनुमानित कीमत 400 रुपये है। ऐसे में सात दिन के लिए कुल 3332 चादर खरीदी जाएंगी। इतने बेड की खरीद पर 13 लाख 32 हजार 800 रुपये खर्च होंगे।
किस दिन कौन से रंग की चादर
सोमवार - सफेद
मंगलवार - नारंगी
बुधवार - हरा
बृहस्पतिवार - पीला
शुक्रवार- पिंक
शनिवार - गहरा नीला, बैंगनी
रविवार - लाल
रंगों का मानसिकता पर गहरा प्रभाव, अलग-अलग रंग का अपना महत्व
मनोचिकित्सक डॉ. अभिनव पांडेय ने बताया कि रंगों का प्रभाव मानसिकता पर बहुत तेजी से पड़ता है। जैसे सफेद रंग शांति, बीपी कंट्रोल के लिए माना जाता है। इसी तरह नारंगी रंग अधिक बोलना, कमजोरी दूर करना, हरा रंग सकून, पीला रंग खुशी, आसमानी रंग ठंडक, गुलाबी हार्मोन को बैलेंस करना आदि है। वहीं भिदिऊरा के ज्योतिष्याचार्य आचार्य गणेश पांडेय ने बताया कि हिंदू परंपरानुसार के हर रंगों का अपना एक महत्व है। रंगों से मरीजों को सकारात्मक उर्जा मिलती है। रंगों से ग्रह नक्षत्र शांत होते हैं। ग्रह शांत होने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। सफेद रंग से चंद्रमा, शुक्र ग्रह की शांति होती है। इसी तरह से नारंगी पीला से बृहस्पति, हरा से बुध, गुलाबी से सूर्य, लाल से मंगल, नीला व बैंंगनी से शनि ग्रह की शांत रहते हैं।
सातों दिन अलग अलग रंग के चादर अस्पताल के बेड़ पर बिछ़ाया जाएगा। इससे सफाई व्यवस्था बेहतर होगी। इसके अलावा कलरफुल बेड से मरीजों को सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होगी। माॅनीटरिंग के दौरान जहां पर खामियां मिलेगी, तो सख्त कार्रवाही भी की जाएगी। - डॉ. एसके चक, सीएमओ भदोही
पैतृक संपत्ति विवाद में भाई की हत्या:गोपीगंज पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, हथियार बरामद


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही के गोपीगंज थाना क्षेत्र में पैतृक संपत्ति के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में छोटे भाई की हत्या कर दी गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
यह घटना 25 जून 2026 की रात को हुई। पैतृक मकान के कमरों के बंटवारे को लेकर बड़े भाइयों राजेंद्र उर्फ गोली और ललऊ का छोटे भाई संजय सरोज से लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते कहासुनी और मारपीट हुई।
मारपीट के दौरान आरोपियों ने सूकर मारने वाली लोहे की नुकीली रॉड (हिकनी) से संजय सरोज के सीने पर वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल संजय सरोज को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
मृतक की पत्नी की तहरीर पर थाना गोपीगंज में मुकदमा अपराध संख्या 258/26, धारा 105 (हत्या), 351(3), 352 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
पुलिस अधीक्षक भदोही  अभिनव त्यागी के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम ने कार्रवाई की। घटना को अंजाम देने के बाद फरार हुए नामजद आरोपियों में से पति-पत्नी सहित दो लोगों को संसारपुर मेन रोड से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त आला कत्ल एक लोहे की हिकनी और एक लोहे की हसिया बरामद की है।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान ललऊ सरोज (45 वर्ष) पुत्र मेहीलाल सरोज और चंदा सरोज (43 वर्ष) पत्नी ललऊ सरोज, निवासी संसारपुर, थाना गोपीगंज, जनपद भदोही के रूप में हुई है।
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में निरीक्षक  विजय प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक विनोद तिवारी, आरक्षी सोनू और महिला आरक्षी ज्योति राम शामिल थे।