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ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते का एलान, जानें पीस डील की अहम बातें

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फारस की खाड़ी में जंग खत्म करने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो गया है। बातचीत की मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी। शुक्रवार 19 जून को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में दोनों पक्षों की ओर से इस पीस डील पर औपचारिक हस्‍ताक्षर किया जाएगा।

ट्रंप ने शांति समझौते को लेकर क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी सरकार की ओर से समझौते की पुष्टि कर दी गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि "सभी को समझौते की बधाई देते हुए मैं होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी टोल के खोलने की पूरी मंजूरी देता हूं। साथ ही अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को तुरंत हटाने का भी आदेश देता हूं।"

ईरान ने क्या कहा है

ईरान के उप-विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने सरकारी टेलीविजन पर समझौते की पुष्टि की है। गरीबाबादी ने कहा है कि डील हो गई है लेकिन शुक्रवार को हस्ताक्षर होने तक तेहरान इसे लागू करना शुरू नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि यह समझौता तेहरान में कतर के प्रतिनिधि के साथ 14 घंटे से ज्यादा चली बातचीत के बाद हुआ है। पाकिस्तान के अलावा कतर एक और अहम मध्यस्थ है।

समझौते के बाद शहबाज शरीफ का पोस्ट

इस समझौते के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक्स पर लिखा, "लंबी बातचीत के बाद, हमें यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो गया है। दोनों पक्षों ने लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई को तुरंत और स्थायी रूप से रोकने की घोषणा की है।"

US-ईरान शांति डील में क्या-क्या शामिल है?

1- लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध को तुरंत और हमेशा के लिए रोकना

2- अमेरिका ने वादा किया है कि वह ईरान के अंदरूनी मामलों में दखल नहीं देगा और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान की संप्रभुता का सम्मान करेगा

3- दिनों के अंदर नौसैनिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाया जाएगा

4- अमेरिका ने यह वादा किया है कि वह ईरान के आस-पास के इलाकों से अपनी सेना हटा लेगा

5- ईरान की 'व्यवस्थाओं' के तहत 30 दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोला जाएगा

6- तेल, पेट्रोकेमिकल उत्पादों और उनसे जुड़े उत्पादों पर लगे प्रतिबंधों को हटाना और उनसे होने वाली कमाई तक ईरान की पूरी पहुंच सुनिश्चित की जाएगी

7- अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए ईरान के पुनर्निर्माण के वास्ते कम से कम 300 अरब डॉलर की योजनाएं पेश करना जरूरी होगा।

8- परमाणु मुद्दों और अमेरिका के प्राथमिक और माध्यमिक प्रतिबंधों, साथ ही UN सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और IAEA बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के प्रस्तावों को पूरी तरह से हटाने के आधार पर अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए 60 दिनों की बातचीत।

9- NPT के तहत परमाणु हथियार न बनाने के अपने वादे को ईरान का फिर से दोहराना।

10- बातचीत के दौरान अमेरिका ने वादा किया है कि वह इस क्षेत्र में अपनी सेना नहीं बढ़ाएगा और कोई नया प्रतिबंध नहीं लगाएगा।

11- अंतिम बातचीत की 60 दिनों की अवधि के दौरान ईरान के फ्रीज किए गए 24 अरब डॉलर जारी किए जाएंगे। इस राशि का आधा हिस्सा बातचीत शुरू होने से पहले ही ईरान को उपलब्ध कराया जाएगा।

12- समझौते को लागू करने के लिए एक निगरानी तंत्र बनाया जाएगा।

13- अंतिम समझौते को UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के माध्यम से मंजूरी दी जाएगी।

14- अंतिम बातचीत तब तक शुरू नहीं होगी जब तक ईरान के फ्रीज किए गए फंड का आधा हिस्सा जारी नहीं हो जाता ईरान पर तेल प्रतिबंध हटा नहीं दिए जाते और नौसैनिक नाकेबंदी खत्म नहीं हो जाती।अंतिम समझौता केवल संवर्धित यूरेनियम और संवर्धन, प्रतिबंधों से राहत और ईरान की अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण के कार्यक्रम तक ही सीमित रहेगा। ईरान के मिसाइल कार्यक्रम और प्रतिरोध समूहोंको समर्थन देने के बारे में चर्चा को एजेंडे से पूरी तरह हटा दिया गया है।

अमेरिका के आज्ञाकारी नौकर की तरह कर रहे हैं काम”, राहुल गांधी की पीएम मोदी पर विवादित टिप्पणी

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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोराद हमला बोला है। राहुल गांधी ने खाड़ी क्षेत्र में हुए तीन भारतीय नाविकों की मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने अपने एक्स हैंडल पर पीएम मोदी की कूटनीति पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने पीएम मोदी को अमेरिका का 'आज्ञाकारी नौकर' तक बता दिया।

आज्ञाकारी नौकर की तरह आदेश मान लेते हैं- राहुल गांधी

राहुल गांधी ने एक्स हैंडल पर लिखते हुए कहा कि अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के चंद दिन बाद - न अफसोस, न माफी। उल्टा, अमेरिका ने आदेश देना जारी रखा है। उनके शब्द पढ़िए-अमेरिकी सेना के आदेश तुरंत मानें। कोई उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक आजाद देश इस तरह की भाषा कभी नहीं सहेगा। लेकिन हमारे कंप्रोमाइज्ड पीए चुप साधे बैठे हैं। एक आज्ञाकारी नौकर की तरह सुनते हैं, और आदेश मान लेते हैं। कंप्रोमाइज्ड पीएम देश के सम्मान की रक्षा नहीं करेगा - क्योंकि जो देश का अपमान करते हैं, वो उन्हीं के वश में हैं।

तीन भारतीयों की मौत के बाद भड़के राहुल गांधी

बता दें कांग्रेस नेता की यह टिप्पणी खाड़ी में हुई घटना के बाद आई है। दरअसल, ओमान की खाड़ी (डुक्म) में एक कमर्शियल तेल टैंकर पर अमेरिकी सेना का शिकार हो गया। हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। MT सेटेबेलो नाम का यह जहाज बुधवार को निशाना बना, क्योंकि अमेरिका ने आरोप लगाया था कि वह बंदरगाहों पर लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था। जानकारी के मुताबिक, जहाज पर कुल 24 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। इनमें से 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन नाविकों की बाद में मौत की पुष्टि हुई।

देहरादून में बीजेपी नेता की हत्या के बाद बवाल, भीड़ ने आरोपी के घर में लगाई आग, इलाके में तनाव

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उत्तराखंड के देहरादून बीजेपी के एक नेता की हत्या के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। विकासनगर क्षेत्र के बैरागीवाला में हुई घटना से आक्रोशित लोगों की भीड़ ने कथित तौर पर आरोपी के घर को आग के हवाले कर दिया, जिसके बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया है।

भीड़ ने आरोपी के घर में लगाई आग

देर रात भाजपा के ओबीसी मोर्चा के मीडिया प्रभारी विनोद की पीट कर हत्या के बाद गांव में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बनी हुई है। आरोपी के घर को जेसीबी से तोड़ने की मांग करते हुए बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता और स्थानीय लोग गांव में एकत्र हो गए। भीड़ ने आरोपी के घर में आग लगा दी है।

क्या है मामला

जानकारी के अनुसार, शनिवार देर रात सहसपुर में पुरानी रंजिश के चलते पूर्व प्रधान इस्पाक के भतीजे और अन्य लोगों ने मिलकर विनोद उसके भाई अशोक व राजेश पर हथियारों से हमला कर दिया था। विनोद और उसके परिवार ने पूर्व प्रधान इस्पाक के कार्यकाल की सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत कई जानकारी मांगी थी। उन्होंने प्रधान के कार्यकाल में ग्राम समाज की भूमि और अन्य मामलों में शिकायत भी दर्ज करवाई थी।

सरकारी ट्यूबवेल के पानी को लेकर बढ़ा विवाद

इससे दोनों पक्षों में रंजिश पैदा हो गई थी। दोनों परिवारों में अक्सर झगड़े होते रहते थे। शनिवार को विनोद और उनके भाई सरकारी ट्यूबवेल से अपने खेत में पानी डाल रहे थे। बगल का खेत पूर्व प्रधान इस्पाक के भतीजे इम्तियाज का था। इम्तियाज के आपत्ति जताने पर दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया। इस दौरान अमन, यूनुस, अनीस और रज्जाक आदि भी मौके पर आ गए। फिर दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि इम्तियाज और उसके साथियों ने विनोद, अशोक और राजेश पर भारी और धारदार हथियारों से हमला बोल दिया। रज्जाक ने विनोद के सिर पर हथौड़े से तीन वार किए। अन्य दोनों भाइयों को भी जमकर पीटा। घायल अवस्था में तीनों भाइयों को हरबर्टपुर स्थित लेहमन अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में उपचार के दौरान विनोद की मौत हो गई।

पाटलिपुत्र स्टेशन पर अभ्यर्थियों का हंगामा, ट्रेन में देरी पर पथराव, कई पुलिसकर्मी घायल

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बिहार पुलिस मद्य निषेध विभाग की भर्ती परीक्षा देने जा रहे हजारों अभ्यर्थियों ने रविवार को पाटलिपुत्र स्टेशन पर जमकर बवाल काटा। इस दौरान आक्रोशित छात्रों ने रेलवे ट्रैक पर कूदकर ट्रेनों को रोक दिया, पथराव किया और एग्जाम स्पेशल ट्रेन में तोड़फोड़ भी की। ये लोग ट्रेनों की कमी और ट्रेन लेट पहुंचने से भड़क उठे।

स्टेशन पर तोड़फोड़ और पथराव

बताया जाता है कि ट्रेन के लगातार विलंब होने से नाराज हजारों अभ्यर्थी स्टेशन परिसर में प्रदर्शन करना शुरू कर दिए। परीक्षा केंद्र तक समय पर नहीं पहुंच पाने की आशंका से अभ्यर्थी आक्रोशित हो उठे। अभ्यर्थियों ने हंगामा के दौरान पथराव करने लगे। इस दौरान उनलोगों ने तोड़फोड़ भी की। देखते ही देखते स्टेशन के चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई और राजधानी समेत दर्जनों ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुई।

ट्रैक जाम कर ट्रेनों की आवाजाही रोकी

स्टेशन पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाराज छात्रों ने रेलवे प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद 100 से अधिक छात्र ट्रैक पर बैठ गए और कई जगहों पर ट्रेनों की आवाजाही रोक दी। वहीं, ट्रैक जाम होने से लंबी दूरी की कई ट्रेनें बीच रास्ते में रुक गईं, जिससे यात्रियों को भारी समस्या का सामना करना पड़ा।

आईजी जितेंद्र राणा को आई मामूली चोट

पाटलिपुत्र स्टेशन पर हंगामे की सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी स्टेशन पहुंचे। मौके पर पटना डीएम डॉ त्यागराजन, आईजी जितेंद्र राणा, एसपी समेत कई आलाधिकारी मौजूद हैं। हंगामे के दौरान आईजी जितेंद्र राणा को हल्की चोट लगने की सूचना है। वहीं, रूपसपुर थाना प्रभारी भी मामूली रूप से घायल हुए हैं।

पुलिस ने किया आंसू गैस का इस्तेमाल

हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और तीन राउंड हवाई फायरिंग भी की। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्टेशन पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके बाद छात्र धीरे-धीरे ट्रैक और स्टेशन परिसर से हटने लगे। पुलिस ने पूरे इलाके को अपने कब्जे में लेकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया है।

कुछ असामाजिक तत्वों ने ट्रेन पर पत्थरबाजी की- डीएम

पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर हुई पत्थरबाजी की घटना पर DM डॉ त्यागराजन ने कहा, 'कुछ लोग ट्रेन की व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर विरोध कर रहे थे। हालांकि स्पेशल ट्रेनों का इंतजाम किया गया था। स्टेशन पर पहले से दो स्पेशल ट्रेनें खड़ी थीं, लेकिन खबर है कि कुछ असामाजिक तत्व प्रदर्शनकारियों के बीच मिल गए और ट्रेन को रोकते हुए पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसके बाद कम से कम बल का इस्तेमाल करके भीड़ को हटाया गया और शांति बहाल की गई।'

असम के जोरहाट में भारतीय वायुसेना विमान क्रैश में 5 जवान शहीद, लैंडिंग के दौरान हुआ हादसा

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असम के जोरहाट स्थित रौरिया एयरफोर्स स्टेशन पर शनिवार को भारतीय वायुसेना का एक AN-32 परिवहन विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दर्दनाक हादसे में वायुसेना के पांच कर्मी शहीद हो गए, जबकि सह-पायलट गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद जीवित बच गए। उनका इलाज चल रहा है।

वायुसेना जवानों के बलिदान पर गहरा दुख जताया

वायुसेना की तरफ से जवानों के बलिदान पर गहरा दुख जताया गया है। वायुसेना का कहना है कि स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम ने ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया। भारतीय वायु सेना शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है और दुख की इस घड़ी में मजबूती से उनके साथ खड़ी है।

जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर लैंडिंग के हादसा

बता दें कि, असम के जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर शनिवार को भारतीय वायुसेना का AN-32 मालवाहक विमान लैंडिंग के तुरंत बाद आग की चपेट में आ गया था। इस घटना के बाद एयरबेस पर अफरा-तफरी मच गई और तुरंत इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम ने अपना काम शुरू कर दिया गया था। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, जैसे ही विमान रनवे पर उतरा, उसमें अचानक आग लग गई और उससे घना धुआं उठने लगा।

हादसे के वक्त दो टुकड़ों में टूट गया विमान

भारतीय वायुसेना के अधिकारियों के अनुसार, AN-32 परिवहन विमान अरुणाचल प्रदेश से जोरहाट लौट रहा था। इसी दौरान लैंडिंग के समय विमान हादसे का शिकार हो गया। विमान एयरबेस पर उतर रहा था, तभी यह क्रैश हो गया। हादसे की वजह से एयरफोर्स का विमान दो टुकड़ों में टूट गया और वहां से आग और धुएं का गुबार उठता दिखा। यह नजारा काफी भयावह था, जिसे देखते ही एयरपोर्ट और वायुसेना की फायर और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने तुरंत आग बुझाने का अभियान शुरू किया था।

'कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी' का आदेश

वायु सेना ने इस दुर्घटना का कारण पता लगाने के लिए 'कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी' (जांच समिति) बनाई जा रही है। भारतीय वायु सेना ने एक्स पर एक पोस्ट में यह जानकारी दी। वायु सेना ने कहा, 'आज जोरहाट में लैंडिंग के दौरान आईएएफ के एक एएन-32 विमान का एक्सीडेंट हो गया। दुर्घटना का कारण पता लगाने के लिए 'कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी' का गठन किया जा रहा है'।

खत्म हो गई तकरार! कल्याण बनर्जी के बदले सुर, अभिषेक बनर्जी को बताया बेटे समान

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तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी के सुर बदले-बदले नजर आ रहे हैं। पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी को घमंडी कहने वाले कल्याण बनर्जी ने अब उन्हें अपने बेटे जैसा बताया है। इससे पहले हाल ही में कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी को अल्टीमेटम दिया था कि वे अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी और उनमें से किसी एक को चुन लें।

श्रीरामपुर के दिग्गज सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, वह मेरे बेटा जैसा है। पिता का कर्तव्य है कि वह बेटे की सभी गलतियों को माफ कर दे। देश में लोकतंत्र खतरे में है। पश्चिम बंगाल में पहले कभी ऐसी स्थिति नहीं आई, जहां विपक्ष का पूरी तरह से सफाया हो गया हो। यह मुख्यमंत्री प्रतिशोध की भावना से ग्रस्त है। यह लोकतंत्र के लिए खतरा है।

24 घंटे पहले ममता बनर्जी को दिया था अल्टीमेटम

यह बयान ऐसे समय आया है, जब इससे महज 24 घंटे पहले कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर हमला बोलते हुए उन पर अहंकारी रवैया अपनाने का आरोप लगाया था। उन्होंने डायमंड हार्बर सांसद से जुड़े सभी कानूनी मामलों से खुद को अलग करने की घोषणा की थी और यहां तक कि पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को अल्टीमेटम भी दे दिया था कि वह अपने भतीजे और उन जैसे वरिष्ठों में से किसी एक को चुनें।

कल्याण बनर्जी के बयान पर अभिषेक का संयमित रुख

वहीं, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी अंदरूनी खींचतान के बीच पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को संयमित रुख अपनाते हुए वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी के साथ टकराव की अटकलों को विराम देने की कोशिश की। अभिषेक ने कल्याण बनर्जी को अपना राजनीतिक मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि उन्हें आलोचना करने का पूरा अधिकार है, जिससे पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेदों के बीच सुलह और संतुलन का संदेश देने का प्रयास नजर आया।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल फर्जी हस्ताक्षर मामले में अभिषेक बनर्जी ने कल्याण बनर्जी को पैरवी से हटा दिया था। इससे कल्याण बनर्जी बुरी तरह से नाराज हो गए थे और इसे अपमान और अनादर बताया था। उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने उन्हें फोन करके बताया कि अभिषेक बनर्जी के फर्जी हस्ताक्षर मामले में उन्हें कोर्ट नहीं जाना है और उनकी जगह वकील किशोर दत्ता पक्ष रखेंगे। कल्याण बनर्जी ने कहा 'अभिषेक को सीनियर्स का सम्मान करना नहीं आता। वह बहुत घमंडी है और कभी भी मुझ पर भरोसा नहीं करता था और न ही करेगा।'

असम में वायुसेना का AN-32 मालवाहक विमान दुर्घटनाग्रस्त, जोरहाट में लैंडिंग के दौरान लगी आग

असम के जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर भारतीय वायु सेना के An-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर सामने आई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मिलिट्री बेस में लैंडिंग के बाद विमान में आग लग गई और देखते ही देखते विमान 2 टुकड़ों में बंट गया।

लैंडिंग के वक्त हुआ हादसा

भारतीय वायुसेना के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब आपूर्ति सामग्री ले जा रहा यह मालवाहक विमान एयरबेस पर उतरने की कोशिश कर रहा था। दुर्घटना के बाद पायलट के निधन की आशंका जताई जा रही है, हालांकि भारतीय वायुसेना की ओर से अभी तक किसी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

वायुसेना ने दी जानकारी

भारतीय वायु सेना ने कहा, ‘असम के जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर लैंडिंग के दौरान एक सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह AN-32 कार्गो विमान था, जिसका इस्तेमाल सामान ले जाने के लिए किया जाता है। हादसा उस वक्त हुआ जब विमान एयरबेस पर उतरने की कोशिश कर रहा था।

दुर्घटना के कारणों की होगी जांच

भारतीय वायुसेना ने कहा है कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जाएगी। फिलहाल घटनास्थल पर बचाव और जांच कार्य जारी है तथा अधिक जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है। वायुसेना की ओर से जारी प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। हादसे से जुड़ी अन्य जानकारी सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

सुबह-सुबह ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक के घर पहुंची पुलिस, ताला तोड़कर अंदर घुसे

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस नेताओं की परेशानी बढ़ी गई है। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर तो दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ पार्टी नेताओं में उनके खिलाफ भारी असंतोष है तो दूसरी तरफ वो पुलिस और जांच एजेंसियों के भी रडार पर हैं। इसी बीच पश्चिम बंगाल पुनिस ने सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास पर छापा मारा है।

तड़के 3 बजे मारा छापा

पश्चिम बंगाल पुलिस की एक टीम ने शनिवार सुबह-सुबह तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी के घर पर तलाशी ली। यह छापा तड़के 3 बजे मारा गया। डीएसपी की अगुवाई में पश्चिम मिदनापुर के सालबोनी पुलिस स्टेशन की एक टीम के साथ सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ) के जवान दक्षिण कोलकाता के कालीघाट रोड पर स्थित पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची।

दरवाजे का ताला तोड़ा

बताया जा रहा है कि टीम ने घर के मुख्य दरवाजे पर बार-बार दस्तक दी। कोई जवाब न मिलने पर भी यह संयुक्त टीम घर के बाहर इंतजार करती रही। आखिरकार, दो घंटे से ज्यादा इंतजार करने के बाद उन्होंने राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के कर्मचारियों की मदद से मुख्य दरवाजे का ताला तोड़ा और घर के अंदर दाखिल हुए।

अभिषेक के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट की तलाश में छापा

अभिषेक के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट सुमित रॉय को ढूंढने के लिए उनके घर की तलाशी ली गई। साल्बोनी पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले के सिलसिले में रॉय का पता लगाने के लिए ये छापेमारी और तलाशी अभियान चलाए गए थे। रॉय अभी फरार चल रहे हैं। हालांकि, राज्य पुलिस ने मामले की जानकारी नहीं दी।

ममता बनर्जी भी पहुंचीं मौके पर

छापेमारी की खबर मिलते ही पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी अपने हरिश चटर्जी स्ट्रीट स्थित आवास से तुरंत मौके पर पहुंचीं। करीब दो घंटे तक चली कार्रवाई के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम वहां से रवाना हो गई। बाद में अभिषेक बनर्जी ने पुलिस पर ज्यादती का आरोप लगाते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने मुख्य द्वार का ताला तोड़कर उनके घर में प्रवेश किया और तलाशी ली।

ममता के एक और करीबी के ठिकानों पर रेड

अभिषेक बनर्जी के अलावा टीएमसी के एक और कद्दावर नेता एवं ममता बनर्जी के करीबी मदन मित्रा के 7 ठिकानों पर भी छापे मारे गए हैं। नगर पालिका भर्ती घोटाले में मदन मित्रा पर ED ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ईडी ने नगर पालिका भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में टीएमसी विधायक और पूर्व मंत्री मदन मित्रा के 7 ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच में अब तक सामने आया है कि मदन मित्रा ने कथित तौर पर विभिन्न नगर पालिकाओं, खासकर कमरहाटी नगर पालिका में अयोग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति कराने के बदले बिचौलियों के जरिए नकद और सोने के रूप में रिश्वत ली थी।

दो दिन पहले अभिषेक बनर्जी से लंबी पूछताछ

यह छापेमारी ऐसे समय हुई, जब महज दो दिन पहले पश्चिम बंगाल सीआईडी ने राज्य विधानसभा से जुड़े कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में बनर्जी से कई घंटे पूछताछ की थी। इसके अलावा विभिन्न जांच एजेंसियों की ओर से उन्हें हाल ही में कई नए समन भी जारी किए गए हैं।

ममता बनर्जी बनर्जी के खिलाफ FIR, जानें क्या है पूरा मामला

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पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। उन पर विधानसभा चुनाव से पहले कोलकाता में धरना मंच से कथित तौर पर सांप्रदायिक टिप्पणी करने का आरोप है। ममता बनर्जी के खिलाफ यह एफआईआर ऐसे वक्त पर हुई है जब उनके भतीजे बंगाल में चुनावों में हिंसा के साथ-साथ विधायकों के फर्जी दस्तखत करने के आरोपों को लेकर सीआईडी जांच का सामना कर रहे हैं।

विशेष समुदाय को लेकर विवादित टिप्पणी का आरोप

विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए एक कथित बयान को लेकर सूबे की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ कोलकाता के हरे स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान एक विशेष समुदाय को लेकर ऐसी विवादित टिप्पणी की, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता है और समाज में नफरत फैल सकती है।

चुनावी हार के बाद यह दूसरी एफआईआर

बता दें कि एडवोकेट रिंकी चट्टोपाध्याय सिंह की शिकायत पर सिलीगुड़ी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में ममता बनर्जी के खिलाफ मई महीने में भी एक एफआईआर दर्ज की गई थी। एडवोकेट रिंकी चट्टोपाध्याय ने आरोप लगाया गया था कि टीएमसी प्रमुख ने सनातन धर्म को न सिर्फ गंदा धर्म कर धार्मिक भावनाओं को आहत किया, बल्कि यह भी कहा कि एक खास समुदाय दूसरों को पांच मिनट में खत्म कर सकता है। बंगाल की लगातार तीन बार सीएम रही ममता बनर्जी विधानसभा चुनाव में भवानीपुर से हार गई थीं। वर्तमान में ममता बनर्जी किसी संवैधानिक पद पर नहीं हैं।

दिग्गज शूटर जसपाल राणा का निधन, 49 साल की उम्र में ली अंतिम सांस, खेल जगत में शोक

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मशहूर भारतीय निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का शुक्रवार को निधन हो गया। बताया जा रहा है कि जर्मनी से लौटने के बाद अचानक ही उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। राणा एशियाई खेलों के पूर्व स्वर्ण पदक विजेता हैं और ओलंपिक में दो बार पदक जीत चुकीं स्टार निशानेबाज मनु भाकर के कोच रह चुके हैं।

सिर्फ 49 साल की उम्र में निधन

जसपाल राणा का निधन दिल्ली के मैक्स अस्पताल में हुआ। हाल ही में इस दिग्गज शूटर की सर्जरी भी हुई थी बड़ी बात यह है कि जशपाल की उम्र अभी सिर्फ 49 साल ही थी और वे आमतौर पर काफी फिट भी थे। हालांकि, अब उनके अचानक निधन की खबर ने खेल जगत को हिलाकर रख दिया है।

फ्लाइट में बिगड़ी थी तबीयत

जानकारी के मुताबिक म्यूनिख में हुए आईएसएसएफ वर्ल्ड कप से भारत लौटते समय उनकी तबीयत बिगड़ी थी। म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय निशानेबाजी टीम वापस घर लट रही थी तभी टीम के हाई-परफॉर्मेंस कोच और दिग्गज पूर्व निशानेबाज जसपाल राणा की तबीयत अचानक बिगड़ गई।

दिल्ली पहुंचते ही अस्पताल में कराया गया भर्ती

भारतीय दल के साथ स्वदेश लौटते समय उड़ान के दौरान ही उन्हें अस्वस्थता महसूस हुई। जिसके तुरंत बाद उन्हें दिल्ली के अस्पताल ले जाया गया। दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहीं पर उनका इलाज चल रहा था।

शूटिंग में शानदार करियर

उनकी मौत भारतीय शूटिंग के लिए बड़ा झटका है। जसपाल राणा ने इस खेल को तीन दशक से भी ज्यादा समय तक बतौर खिलाड़ी और कोच समर्पित किया। भारत के सबसे सफल पिस्टल शूटर्स में से एक जसपाल राणा ने 1990 के दशक में अपनी पहचान बनाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबदबा कायम किया। उन्होंने एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन चैंपियनशिप में कई मेडल जीते और देश के सबसे सफल शूटर्स में शुमार हुए।

द्रोणाचार्य पुरस्कार से थे सम्मानित

शूटिंग रेंज पर उनकी उपलब्धियों ने उन्हें काफी पहचान दिलाई और युवा शूटर्स की एक पीढ़ी को इस खेल को अपनाने के लिए प्रेरित किया। खेल और शूटर्स की अगली पीढ़ी को तैयार करने में उनके बड़े योगदान के लिए सरकार ने उन्हें 2020 में प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित किया। राणा ने एक चैंपियन खिलाड़ी और कोच, दोनों ही रूपों में तीन दशकों से ज्यादा समय तक अपना योगदान दिया।