भारत की कूटनीति की तारीफ, ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि ने कहा-बातचीत में होगी बड़ी भूमिका
#abdulmajidhakeemilahirepresentativeofsupremeleaderpraise_india
ईरान पर 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल पर हमले के बाद मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर है। इसके चलते दुनिया भर के कई देशों को ऊर्जा संकट से जूझना पड़ रहा है। ऐसे में कई देशों ने जंग समाप्त कर अमेरिका-इजरायल और ईरान को बातचीत की मेज पर लौटने की वकालत की है। इसी बीच, ईरानी सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही जो इस वक्त भारत में हैं, उन्होंने ने शांति की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि दुनिया में शांति स्थापित होनी चाहिए। उन्होंने भारतीय कूटनीति की सराहना करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर भारत एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
![]()
भारत की कूटनीति की ईरान ने की तारीफ
ईरान पर अमेरिका और जराइल की ओर से हमला शुरू हुए 38 दिन हो चुके हैं। इतने दिनों में पूरी दुनिया की जियोपॉलिटिक्स में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव हुआ है। लेकिन, भारत की जो कूटनीति रही है, उसकी तारीफ ईरान भी दिल खोलकर कर रहा है। भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने नई दिल्ली में भारत की कूटनीति की खुलकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि भारतीय कूटनीति मजबूत और प्रभावी है तथा शांति स्थापना में नई दिल्ली बड़ी भूमिका निभा सकती है।
युद्ध को एक बड़ी गलती करार दिया
डॉ. इलाही ने अमेरिका-इस्राइल द्वारा ईरान के खिलाफ छेड़े गए युद्ध को एक बड़ी गलती करार दिया। उन्होंने कहा, शुरू से ही यह एक बहुत बड़ी गलती थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह युद्ध सिर्फ ईरान के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरी दुनिया और मानवता के खिलाफ है। इस युद्ध का नतीजा यह है कि दुनिया के अलग-अलग देशों में बहुत से लोग अभी दुख झेल रहे हैं। डॉ. इलाही ने कहा कि हमें शांति की बात करनी चाहिए। हमें दुनिया में शांति लानी चाहिए।
ट्रंप की भाषा पर उठाए सवाल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई धमकी पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि ने कहा, हर इंसान जो भाषा इस्तेमाल करता है, वह उसके व्यक्तित्व, मानवता और नैतिकता की अभिव्यक्ति होती है। इसलिए, जो व्यक्ति अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता है। उसका मतलब है कि यह उनका व्यक्तित्व है। यहां तक कि कई अमेरिकी सांसदों ने भी ऐसी भाषा के इस्तेमाल से इनकार किया है।
ईरान पर हमले बंद हो तो जंग समाप्त
जंग खत्म करने की संभावना पर किए गए सवाल के जवाब में अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने कहा, यह उन देशों पर निर्भर करता है, जिन्होंने इस जंग की शुरुआत की। अगर ईरान पर हमले बंद हो जाए तो युद्ध समाप्त हो जाएगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में भूमिका निभा सकता है। इस पर उन्होंने कहा, सभी देश इस जंग को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।






8 hours ago
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
0- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
2.4k