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फॉरेनर एक्ट के तहत दर्ज हुआ अपराध, चोरी की घटना को अंजाम देने वाले 2 बांग्लादेशी समेत अंतर्राष्ट्रीय मानव तस्कर गिरफ्तार…

महासमुंद- पुलिस ने नाक में दम करके रखने वाले चोरों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है. जिले में अलग-अलग जगह कुल 9 चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं. इनमें 2 बांग्लादेशी और एक अंतर्राष्ट्रीय मानव तस्कर और एक सहयोगी शामिल है. फॉरेनर एक्ट Foreigners Act) 1946 के तहत मामला दर्ज किया गया है.

मुख्य आरोपी मिलन मंडल और उसका साथी मो. शफीक शेख उर्फ बाबू शेख चोरी की घटनाओं को अंजाम देने के लिए बर्तन बेचने के बहाने घरों की रेकी करते थे. पुलिस ने बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले के रहने वाले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही चोरी का माल खपाने वाले अंतर्राष्ट्रीय मानव तस्कर अफसर मंडल (निवासी पश्चिम बंगाल) को भी गिरफ्तार किया गया है.

आरोपियों से चोरी का माल खरीदने वाले सोनार जयदेव करमाकर को भी जेल भेज दिया गया है. जांच में सामने आया कि मिलन मंडल और मो. शफीक शेख ने बांग्लादेश की अपनी पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवा रखा था.

पुलिस ने आरोपियों को ऐसे पकड़ाजनवरी में बसना थाना क्षेत्र में दिनेश अग्रवाल के घर में चोरी हुई थी, जिसमें करीब 5 लाख रुपये की ज्वेलरी और नकदी चोरी हो गई थी. इसके बाद फरवरी में सांकरा थाना क्षेत्र में देवनाथ पटेल के घर भी 4.43 लाख रुपये की चोरी हुई.

दोनों मामलों में चोरी का पैटर्न एक जैसा था, जिससे पुलिस को अंदेशा हुआ कि दोनों घटनाओं में एक ही गिरोह शामिल हो सकता है. इसके बाद सांकरा, बसना थाना और साइबर सेल की टीम ने CCTV फुटेज, मोबाइल टावर डंप और मुखबिरों की मदद से आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार किया गया.

2003 से लगातार भारत आ रहा था मुख्य आरोपी

मिलन मंडल वर्ष 2003 से अब तक 10 बार बांग्लादेश से भारत आ चुका है. वह अंतर्राष्ट्रीय मानव तस्कर अफसर मंडल के जरिए भारत में अवैध रूप से घुसा था. अफसर मंडल लोगों को अवैध तरीके से बांग्लादेश से भारत लाने और भारत से बांग्लादेश भेजने का काम करता था. वह चोरी से मिली रकम और माल को हवाला के जरिए बांग्लादेश में अपनी पत्नी के पास भेजता था. आरोपी मिलन मंडल ने पूछताछ में बताया कि वह चोरी के माल को अफसर मंडल के जरिए पश्चिम बंगाल में जयदेव करमाकर को बेचता था. चोरी की रकम और सोने के गहनों की बिक्री से 18.10 लाख रुपये बांग्लादेश भेजे गए थे. पैसा भेजने के लिए गणेश बर्मन नामक व्यक्ति महिला एजेंटों का इस्तेमाल करता था, जो सीमा पर खेती के लिए जाने वाली महिलाओं के जरिए कपड़ों में छिपाकर रकम पार कराते थे.

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हीरा, सोना और चांदी के आभूषण कुल कीमती 58,52,000 रुपए, नगद राशि 7,000 रुपए, मोटर सायकल कीमती 46,000 रुपए जब्त किया गया है.  

गिरफ्तार आरोपी

01. मिलन मण्डल पिता मुजम्मिल मण्डल, उम्र 40 साल निवासी ग्राम पार्वतीपुर जिला दिनाजपुर राज्य रंगपुर, बांग्लादेश हाल पता बध्व मुजम्मल मण्डल मुधोल रोड़ अवति गली जामखण्डी जिला बागलकोट, कनार्टक.

02. अफसर मंडल पिता सुप्पूर महमूद मंडल उम्र 70 वर्ष सा. मध्य कृष्णरामपुर, शाहपुकुर थाना कुमारगंज, जिला दक्षिण दिनाजपुर, पं. बंगाल.

03. जयदेव करमाकर पिता मनिन्द्रनाथ करमाकर उम्र 54 वर्ष ग्राम डांगाहाट थाना कुमारगंज, जिला दक्षिण दिनाजपुर, पं. बंगाल.

04. मो० शफीक शेख उर्फ बाबू शेख पिता मो० इदरिश सेख उर्फ आमिर शेख उम्र 43 वर्ष निवासी पार्वतीपुर जिला दक्षिण दिनाजपुर राज्य रंगपुर, बांग्लादेश हाल पता वार्ड न० 28. दात्रि मस्जिद के पारा, दरबार गली बीजापुर विजयापुरा कर्नाटक अन्य पता माल्दा रेलवे स्टेशन के पास ग्राम भोजपुर थाना इंग्लिश बाजार जिला माल्दा पं बंगाल.

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छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र का समापन : स्पीकर डॉ. रमन सिंह बोले – इस सदन का यह अंतिम बजट सत्र

रायपुर- छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का आज समापन हुआ. समापन भाषण में विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा, यह इस सदन का अंतिम बजट सत्र हो सकता है, क्योंकि छत्तीसगढ़ विधानसभा शीघ्र ही अपने नए भवन में स्थानांतरित होगी. इस भवन और इस सदन के साथ हमारी अनेक सुखद स्मृतियां जुड़ी हुई हैं, जो जीवन पर्यंत हमें इस भवन का स्मरण दिलाती रहेंगी. वहीं सीएम विष्णुदेव साय ने अपने भाषण में कहा, सत्र में मिले विपक्ष के सकारात्मक सुझाव से छत्तीसगढ़ के हित में काम होगा.

समापन भाषण में डॉ. रमन ने कहा, आप सभी ने परिणाममूलक चर्चा की. अजय चंद्राकर हमारे सदन के जसप्रीत बुमराह हैं. उनकी बोलिंग से बहुत लोग आहत होते हैं. उन्होंने कहा, बजट सत्र में कुल 111 घंटे चर्चा हुई. तारांकित और अतारांकित 2504 प्रश्न लगाए गए. 582 याचिकाएं पेश की गई. 562 ध्यानाकर्षण सूचना प्राप्त हुई थी. 98 % प्रश्नों पर चर्चा की गई.

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, छत्तीसगढ़ विधानसभा की स्थापना का यह रजत जयंती वर्ष है, मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा की वर्तमान षष्ठम विधानसभा अपने अतीत में स्थापित संसदीय मूल्यों को निरंतर मजबूती देने का प्रयास कर रही है और इस कार्य में आप सभी की सहभागिता प्रशंसनीय है. हमारे लिए यह उपलब्धि है कि इस बजट सत्र में राज्य के विकास से जुड़े प्रत्येक महत्वपूर्ण विषयों पर सभी ने व्यापक, विस्तृत और परिणाम मूलक चर्चा की है. इसका प्रभाव भविष्य में अवश्य रूप से छत्तीसगढ़ के विकास में परिलक्षित होगा.

’24 को राष्ट्रपति के प्रेरक संबोधन से हम सभी होंगे लाभान्वित’

विधानसभा अध्यक्ष ने आगे कहा, 24 मार्च को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का छत्तीसगढ़ विधानसभा आगमन हो रहा है. यहां वे छत्तीसगढ़ विधानसभा सदन को अपने प्रेरक उद्बोधन से अनुग्रहित करेंगी. राष्ट्रपति का सानिध्य और उनके प्रेरक संबोधन से हम लाभान्वित होंगे. वर्तमान बजट सत्र में सदस्यों की सदन में उपस्थिति और अपने विचारों की अभिव्यक्ति आपने जिस ढंग से प्रदर्शित की है, वह आपके कार्य और विचार में उत्तरोत्तर परिपक्वता को परिभाषित करता है.

‘प्रत्येक सदस्य के काम, व्यवहार से संसदीय संपदा अनवरत हो रही समृद्ध’

उन्होंने कहा, सदन के प्रत्येक सदस्य का आचार, कार्य, विचार और व्यवहार से हमारी संसदीय संपदा अनवरत समृद्ध हो रही है. इस बजट सत्र में लोक कल्याण से संबंधित सभी विषयों पर चर्चा इस सत्र की सफलता का प्रतीक है. नए सदस्यों में भावना बोहरा, हर्षिता स्वामी बघेल, चातुरी नंद, राघवेन्द्र सिंह, सुशांत शुक्ला एवं किरण देव आदि सदस्यों, वहीं वरिष्ठ एवं अनुभवी सदस्य धरमलाल कौशिक, राजेश मूणत, अजय चन्द्राकर, धर्मजीत सिंह, उमेश पटेल, संगीता सिन्हा ने अपने उत्कृष्ट संसदीय ज्ञान एवं कौशल से सदन में विभिन्न विषयों के माध्यम से अपनी प्रभावी भूमिका को स्थापित किया. आप सभी सदस्यों से आग्रह है कि आप अपने क्षेत्र और छत्तीसगढ़ के विकास के लिए निरंतर इसी तरह प्रतिबद्ध हों.

‘चर्चा का निष्कर्ष विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में होगा सहायक सिद्ध’

स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने कहा, इस सत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, वन, महिला सशक्तिकरण, खेल एवं युवा कल्याण सहित विविध विषयों पर चर्चा के विभिन्न माध्यमों के अंतर्गत सार्थक सम्यक चर्चा को आपने अत्यंत उत्कृष्टता के साथ प्रदर्शित किया. मेरा यह विश्वास है कि इस सत्र में सम्पादित हुई चर्चा से प्राप्त निष्कर्ष खुशहाल छत्तीसगढ़, विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य के प्राप्ति में हमें सहायक सिद्ध होगा.

सुशासन स्थापना की दिशा में काम कर रही सरकार : सीएम साय

छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के समापन भाषण में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, बजट सत्र सौहाद्रपूर्ण वातावरण में खत्म हुआ. इसके लिए सदन के सभी सदस्यों को धन्यवाद देता हूं. सुशासन स्थापना की दिशा में सरकार काम कर रही है. सत्र में विपक्ष के सकारात्मक सुझाव मिले हैं. मिले सुझाव से छत्तीसगढ़ के हित में काम होगा.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय खेल पदक विजेता खिलाड़ियों को बताया छत्तीसगढ़ का गौरव: खिलाड़ियों को दी ओलंपिक विजेता बनने की शुभकामनाएं

रायपुर- आप सभी ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और जुनून से छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन किया है। ये सिर्फ आपकी नहीं, पूरे प्रदेश की जीत है। आप प्रदेश के खेल जगत के हीरे हैं। सरकार आपको तराशेगी, निखारेगी और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाएगी। आपके लिए हर संभव संसाधन और समर्थन उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजित राष्ट्रीय खेल विजेता सम्मान समारोह में गोवा और उत्तराखंड नेशनल गेम्स में पदक जीतने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री ने समारोह में गोवा में वर्ष 2023 में सम्पन्न 37वें नेशनल गेम में छत्तीसगढ़ के पदक विजेता 72 खिलाड़ियों को और वर्ष 2025 में उतराखंड में सम्पन्न 38 वें नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ पदक विजेता 58 खिलाड़ियों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए कहा कि आप सभी छत्तीसगढ़ के गौरव है। आपने न सिर्फ पदक जीते हैं, बल्कि पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। आप सभी ने छत्तीसगढ़ का सर गर्व से ऊंचा किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे अब एशियाड, कॉमनवेल्थ और ओलंपिक जैसे वैश्विक मंचों पर छत्तीसगढ़ और भारत का नाम रोशन करें।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि आज गोवा और उत्तराखंड में हुए नेशनल गेम्स विजेता खिलाड़ियों का सम्मान कर हम सब बहुत गौरव का अनुभव कर रहे हैं। आप सभी ने अपने शानदार प्रदर्शन से छत्तीसगढ़ का नाम रौशन किया है इसके लिए आप सभी की जितनी भी प्रशंसा की जाए, कम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम लोगों ने गोवा में पदक जीतने वाले राज्य के 72 खिलाड़ियों को 1 करोड़ 7 लाख 60 हजार रुपए की राशि एवं उत्तराखंड में नेशनल गेम्स जीतने वाले 58 खिलाड़ियों को 87 लाख 60 हजार रुपए की राशि प्रदान कर सम्मानित किया है। इस प्रकार समारोह के माध्यम से छत्तीसगढ़ के 130 राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को कुल 1 करोड़ 95 लाख 20 हजार रुपए की सम्मान राशि हमारे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के खाते में अंतरित की जा रही है।

ओलंपिक विजेता खिलाड़ियों के लिए विशेष पुरस्कारों की हमारी सरकार ने की है घोषणा

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के जो भी खिलाड़ी ओलंपिक खेलों में पदक लाएंगे, उनके लिए विशेष पुरस्कारों की घोषणा हमारी सरकार ने की है। ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को तीन करोड़ रुपए, रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को दो करोड़ रुपए तथा कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को एक करोड़ रुपए देने का निर्णय हमारी सरकार ने किया है।

बस्तर क्षेत्र में खेलों की वापसी, नई आशा और विश्वास का प्रतीक

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बरसों तक माओवादी आतंक झेलने के बाद जब बस्तर में अमन लौटा तो खेल भी लौटा, वहां हमने बस्तर ओलंपिक का आयोजन कराया। उन्होंने कहा कि जहां कभी पांव भी रखने से लोग डरते थे, आज वहीं हज़ारों खिलाड़ी खेल रहे हैं। लोगों में जबर्दस्त उत्साह दिखा, पूरे देश में कम ही हुआ होगा कि किसी खेल आयोजन में 1 लाख 65 हजार प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और वह भी ऐसा आयोजन जो बस्तर संभाग में हुआ जहां की आबादी शेष जगहों की तुलना में काफी विरल है। इसमें ऐसे लोगों ने भी हिस्सा लिया, जो नक्सल हिंसा में अपने अंग गंवा चुके थे। आत्मसमर्पित नक्सलियों ने भी हिस्सा लिया। नक्सल हिंसा प्रभावित परिवारों ने भी हिस्सा लिया। इस आयोजन से प्रदेश के खेलप्रेमियों की उम्मीदें काफी बढ़ी हैं।

खिलाड़ियों को बेहतरीन खेल अधोसंरचना उपलब्ध कराने सरकार कर रही प्रयास

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों में काफी दमखम है। हम छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए शानदार अधोसंरचना तैयार कर रहे हैं। खेलो इंडिया के 7 नये सेंटर हमने आरंभ किये हैं। छत्तीसगढ़ में हर तरह की खेल प्रतिभाएं हैं। हमने इसे ध्यान में रखते हुए अलग-अलग तरह के खेलों के लिए कोचिंग की विशेष व्यवस्था की है। इसी साल हमने तीन नई अकादमी की शुरूआत की है। रायपुर में टेनिस, राजनांदगांव में हाकी और नारायणपुर में मल्लखंभ अकादमी हमने आरंभ की है।

परंपरागत खेलों को मिलेगा नया जीवन: 20 करोड़ रूपए की छत्तीसगढ़ क्रीडा प्रोत्साहन योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपने परंपरागत खेलों के लिए भी प्रसिद्ध है। इन खेलों का समुचित विकास होता रहे, इसके लिए हमने 20 करोड़ रुपए का प्रावधान छत्तीसगढ़ क्रीडा प्रोत्साहन योजना के तहत किया है। हमारी सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

खेलों में जीत के लिए कुशल रणनीति, तकनीक में महारत के साथ ही फिटनेस बहुत जरूरी

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कुछ दिनों पहले हमने मल्लखंभ के खिलाड़ियों का ढोलकल की पहाड़ियों पर अद्भुत करतब देखा, यह मंत्रमुग्ध कर देने वाला दृश्य था। मल्लखंभ या किसी भी तरह के खेल के लिए लचीलापन बहुत जरूरी होता है और यह सब फिटनेस से आता है। खेलों में जीतने के लिए कुशल रणनीति, तकनीक में महारत के साथ ही एक अच्छे लेवल का फिटनेस भी बहुत जरूरी है। मोदी जी ने फिट इंडिया मूवमेंट चलाया है। फिटनेस के माध्यम से खेलों में तो सफलता हासिल की ही जा सकती है। फिट रहने से आप एक हेल्दी लाइफ स्टाईल भी जीते हैं जिससे कोई भी कार्य आप करें, उसमें आपको सफलता मिलती है।

इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा ने अपने संबोधन में खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार खेल को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं में अपार खेल प्रतिभा है। जिसे पहचान कर तराशना हमारी प्राथमिकता है।

इस अवसर पर खेल विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, संचालक तनुजा सलाम, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया उपस्थित थे।

रायपुर की थोक सब्जी मंडी में चला निगम का बुलडोजर…

रायपुर- नगर निगम रायपुर जोन 8 ने अवैध रूप से निर्मित 6 व्यवसायिक दुकानों को तोड़ने की कार्रवाई की. यह कार्रवाई नगर निगम आयुक्त विश्वजीत के निर्देश पर जोन कमिश्नर के मार्गदर्शन में की गई.

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, रायपुरा स्थित शास्त्री बाजार सब्ज़ी एवं फल मंडी थोक व्यापारी कल्याण सोसायटी द्वारा इन दुकानों का निर्माण किया गया था. अवैध निर्माण को नियमित करने के लिए संबंधित व्यक्ति ने जोन कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया था, जिसे छत्तीसगढ़ नियमितीकरण प्राधिकरण समिति की बैठक में रखा गया. हालांकि, नगर एवं ग्राम निवेश विभाग के संयुक्त संचालक ने 19 जुलाई 2022 की अधिसूचित तिथि के बाद निर्माण होने के कारण इस आवेदन को निरस्त कर दिया था. इसके बाद, नगर निगम जोन 8 ने निर्माणकर्ताओं को 1, 2 और 3 क्रमांक की नोटिस जारी की. सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद अंतिम सूचना दी गई, जिसके पश्चात शुक्रवार को अवैध निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई को अंजाम दिया गया.

शहर के क्षेत्रों में भी हुई कार्रवाई

इसके अलावा, नगर निगम जोन 8 के नगर निवेश विभाग ने अन्य स्थानों पर भी कार्रवाई की. कोटा रोड पर सी एंड डी वेस्ट (निर्माण और ध्वस्त सामग्री) फैलाने पर ₹1000 का जुर्माना लगाया गया, वहीं रायपुरा में इसी कारण ₹2000 का जुर्माना वसूला गया.

यहां भी चला बुलडोजर

जोन क्रमांक 5 के तहत कुशालपुर पहाड़ी तालाब के पास अवैध रूप से निर्मित भवन को तोड़ने की कार्रवाई की गई. साथ ही कुशालपुर चौक रिंग रोड से भाठागांव जाने वाले मार्ग पर भी अतिक्रमण हटाने की मुहिम चलाई गई. इस दौरान 16 अवैध शेड, 12 पाटा और चबूतरे तोड़े गए, साथ ही 4 ठेले-गुमटियों को भी हटाया गया. अवैध निर्माण हटाने के साथ ही सड़क बाधा और गंदगी फैलाने के आरोप में 14 व्यापारियों पर जुर्माना लगाया गया. इस दौरान कुल 28,500 रुपये की राशि वसूल की गई.

पुलिस ने खोज निकाला नक्सलियों का गड़ा धन, 8 लाख नगद और हथियारों का जखीरा जब्त

गरियाबंद-  छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद मुक्त बनाने की राह में पुलिस ने आज एक और बड़ी सफलता हासिल की है. प्रदेश की गरियाबंद पुलिस ने नक्सलियों का छुपाया हुआ धन और हथियारों का जखीरा खोज निकाला है. एसपी निखिल रखचे के नेतृत्व में अब जंगलों में छुपे माओवादी और उनके धन, हथियार समेत सभी सोर्स का एक के बाद एक खात्मा हो रहा है. पुलिस ने आज मैनपुर थाना क्षेत्र से लगे पंडरी पानी से नक्सलियों का जमीन में छुपाया गया 8 लाख कैश और हथियारों समेत नक्सल साहित्य बरामद किया है. अब पुलिस नक्सलियों को कैश देने वाले सोर्स का भी पता लगाने में जुट गई है.

गरियाबंद एसपी निखिल राखेचा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि मैनपुर थाना क्षेत्र से लगे पंडरी पानी के पहाड़ी इलाके में धमतरी गरियाबंद नुआपड़ा डिविजन कमेटी के द्वारा उगाही का रकम छिपा कर रखा गया था. इसकी जानकारी मिलने पर SP के निर्देश पर जिला पुलिस, कोबरा बटालिया ,सीआरपीएफ की संयुक्त टीम बीडीएस की टीम के साथ सर्चिंग ऑपरेशन पर निकली. 20 मार्च की सुबह वे बताए गए जगह पर पहुंची और पेड़ के नीचे खुदाई कराई गई, जिसमें एक सफेद बोरी मिली. टीम ने सावधानी के साथ जांच किया, तो उसके अंदर से टिफिन डिब्बे में 8 लाख रुपए नगद और 13 नग जिलेटिन और नक्सली साहित्य समेत अन्य समाग्री बरामद हुआ.

बता दें, जनवरी 2025 के शुरुआत से ही गरियाबंद पुलिस को नक्सली मोर्चे में सफलता मिल रही है. जनवरी माह में 2 अलग अलग मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने सेंटर कमेटी सदस्य चलपती समेत 17 नक्सली मार गिराए. फरवरी में हथियारों को नष्ट किया गया. मार्च माह में तीन नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया. अब पुलिस गाड़े हुए धन तक पहुंच गई है. गरियाबंद जिले में पुलिस और सुरक्षा बलों ने नक्सली गतिविधियों पर नकेल कसने में सफल हुई है.

20 गायों की मौत का मामला : विधायक रोहित साहू ने नगर पंचायत और पशु धन विभाग को ठहराया जिम्मेदार, जांच की मांग

गरियाबंद- कोपरा स्थित गौ शाला में 20 से अधिक गायों की मौत के बाद प्रशासनिक लापरवाही और संस्थाओं पर आरोपों का मामला अब विधानसभा तक पहुंच चुका है. राजिम के विधायक रोहित साहू ने 18 मार्च को विधानसभा में इस गंभीर मुद्दे को उठाया और मामले की गहन जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि पशुधन विभाग की भारी लापरवाही के कारण शासन की छवि पर बुरा असर पड़ा है.

विधायक ने विधानसभा में उठाया मुद्दा

विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में रोहित साहू ने कहा कि कोपरा गौ शाला में गौ वंश की मौत के मामले में पशुधन विभाग की घोर लापरवाही सामने आई है. उन्होंने सवाल उठाया कि बिना पंजीकरण के गौ शाला कैसे चल रही थी और विभागीय अधिकारियों को अव्यवस्थाओं का क्यों ध्यान नहीं गया. उन्होंने तत्काल जांच की मांग की और कहा कि इस मामले में दोषी पाए गए अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.

नगरीय प्रशासन पर आरोप

उन्होंने इस घटना में नगर पंचायत को भी जिम्मेदार ठहराया गया है. संस्था ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत ने बूढ़े और बीमार गायों को गौ शाला भेजकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया. स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि जिनके खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज की गई थी, उन्हें गौ शाला संचालकों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया. लेकिन इसके बावजूद प्रशासन पर कार्रवाई के बजाय केवल एनजीओ संचालकों पर दबाव बनाया गया.

गायों की मौत से मची हलचल

कोपरा गौ शाला में हुई गायों की मौत की घटना के बाद प्रशासन में हलचल मच गई थी. इस मामले को विहिप और बजरंग दल ने भी उठाया था, जिसके बाद 9 मार्च को एसडीएम विशाल महाराणा के नेतृत्व में जांच शुरू की गई. मामले में पशुधन विभाग और एनजीओ संचालकों को नोटिस जारी किया गया. 10 मार्च को सीएमओ नगर पंचायत कोपरा के लिखित पत्र के आधार पर पाण्डुका पुलिस ने एनजीओ संचालकों मनोज साहू और हलधर गोस्वामी के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया. तीन दिन बाद दोनों को जमानत मिल गई.

संचालन में लापरवाही और अनुदान की कमी

मामले की जांच के दौरान यह सामने आया कि इस गौ शाला के संचालन के लिए कोई सरकारी अनुदान नहीं लिया गया था. गौ शाला के प्रमुख हलधर गोस्वामी और मनोज साहू ने बताया कि पहले कोपरा पंचायत के ग्रामीणों ने आवारा मवेशियों को रोकने के लिए शिवबाबा गौ शाला चलाने का फैसला लिया था, लेकिन देखभाल का अभाव होने के कारण एनजीओ शांति मैत्री ग्रामीण विकास संस्थान को इसकी जिम्मेदारी सौंप दी गई. संस्था ने 10-12 लाख रुपये खर्च कर गौ शाला में शेड, पानी टैंक और अन्य सुविधाएं बनाई थीं, लेकिन इस पूरे मामले में संस्था और संचालकों को ही जिम्मेदार ठहरा दिया गया.

नगर पंचायत पर आरोप: चारा नहीं पहुंचाया गया

एनजीओ संचालकों ने बताया कि खरीफ सीजन के दौरान गौ वंश के लिए चारा की व्यवस्था की गई थी. 76 ट्रॉली पैरा और 15 ट्रॉली कटिंग चारा भेजने की योजना बनी थी. इस पूरे कार्य के लिए रिकॉर्ड भी तैयार किया गया था. लेकिन नगर पंचायत के द्वारा आवारा गौ वंश को गौ शाला भेजा गया था, और चारा व उपचार की व्यवस्था का वादा किया गया था. इस वादे के बावजूद चारा और उपचार की कोई व्यवस्था नहीं की गई. बीमार और बूढ़े मवेशी मरते गए, लेकिन जिम्मेदारी से बचते हुए नगर पंचायत ने एनजीओ संचालकों को ही दोषी ठहरा दिया.

सीएमओ का बयान

कोपरा नगर पंचायत के सीएमओ श्याम लाल वर्मा ने इस बारे में सफाई देते हुए कहा कि बारिश के दौरान केवल 36 आवारा गौ वंश को गौ शाला में भेजा गया था और चारा का पर्याप्त बंदोबस्त भी किया गया था. उन्होंने यह भी कहा कि 2017 में एक समिति बनाई गई थी, जिसके तहत पैरा भेजने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन कुछ ग्रामीणों ने चारा जला दिया, जिससे चारा संकट उत्पन्न हुआ.

छत्तीसगढ़ लोकतंत्र सेनानी विधेयक पारित : CM साय बोले – आपातकाल का दंश झेलने वाले सेनानियों का बढ़ेगा सम्मान, पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने बताया षड्यंत

रायपुर- विधानसभा में आज छत्तीसगढ़ लोकतंत्र सेनानी विधेयक पारित हुआ. इस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, इस विधेयक के पारित होने से आपातकाल का दंश झेलने वाले सेनानियों का सम्मान बढ़ेगा. इस विधेयक का उद्देश्य यह है कि कानून बनने के बाद सेनानियों के सम्मान में कटौती नहीं होगी. पूर्व की कांग्रेस सरकार में मीसा बंदियों का पेंशन बंद कर दिया गया. भाजपा की सरकार में इसे पुनः शुरू किया गया. 5 साल का पेंशन भी एकमुश्त दिया गया. वहीं लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक को पूर्व सीएम बघेल ने सरकार का षड्यंत्र बताया.

पूर्व सीएम बघेल ने कहा, सरकार ने षड्यंत्र कर विधेयक को पारित किया. सरकार का उद्देश्य अच्छा हो सकता है, बहुत से प्रावधान हैं. सरकार लोकतंत्र सेनानी सम्मान एक्ट बना रही है. सीएम ने अगर मध्यप्रदेश का उदाहरण दिया तो उसे पटल पर रख दें. सरकार ने कहा सामाजिक उत्थान के लिए यह एक्ट बनाया जाएगा. जब कोई कानून बनाते हैं तब उसमें वर्ग डिफाइन होता है. लोकतंत्र सेनानी किस वर्ग में आते हैं सरकार यह नहीं बता पाई.

भूपेश बघेल ने कहा, आधी रात को सरकार सूची जारी कर पारित कर दे रही है. अगर सूची पहले मिलती तो हम उसे पढ़ते. वित्तीय भार नॉमिनल आने की बात सत्तापक्ष कर रही है. बिना वित्तीय ज्ञापन के बिल कैसे प्रस्तुत कर सकते हैं, इसलिए विपक्ष ने बहिर्गमन किया है. सरकार विधि विपरीत काम कर रही है.

चेम्बर चुनाव 2025: नामांकन के अंतिम दिन 75 उम्मीदवारों ने किया आवेदन

रायपुर- चेम्बर चुनाव प्रक्रिया के तहत बुधवार को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि थी. मुख्य निर्वाचन अधिकारी शिवराज भंसाली एवं निर्वाचन अधिकारी प्रकाशचंद गोलछा ने यह जानकारी दी कि आज कुल 75 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ने के लिए आवेदन जमा किए. इनमें से प्रदेश अध्यक्ष पद के 2 नामांकन, प्रदेश महामंत्री पद का 1 नामांकन, प्रदेश कोषाध्यक्ष पद का 1 नामांकन, जिला उपाध्यक्ष पद के 36 नामांकन और जिला मंत्री पद के 35 नामांकन शामिल हैं.

निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 22 मार्च को नामांकन पत्रों की सूक्ष्म जांच और वैध नामांकन की सूची का प्रकाशन किया जाएगा. 24 मार्च को आपत्तियों का निराकरण (सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक), शाम 6:00 बजे वैध प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी होगी. इसके बाद 26 मार्च को नामांकन वापसी की अंतिम तिथि (दोपहर 3:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक) होगी.

नामांकन प्रक्रिया के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी शिवराज भंसाली, निर्वाचन अधिकारी प्रकाशचंद गोलछा, बालकृष्ण दानी, के.सी. माहेश्वरी, रमेश गांधी, महावीर तालेड़ा, अनिल जैन (कुचेरिया), संजय देशमुख, संजय जोशी, अमित वर्मा, मनोज शर्मा, मुख्य निर्वाचन नियंत्रक एच.एस. कर एवं चेम्बर चुनाव कार्यालय प्रभारी एस.एम. रावते उपस्थित रहे.

मत्स्य निरीक्षक परीक्षा को लेकर प्रशासन की तैयारी पूरी, कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश…

रायपुर-  छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित मत्स्य निरीक्षक भर्ती परीक्षा के लिए प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. यह परीक्षा 23 मार्च 2025 को सुबह 10 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक रायपुर के 54 परीक्षा केंद्रों में आयोजित की जाएगी।

परीक्षा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के नेतृत्व में सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं. परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए रेड क्रॉस मीटिंग हॉल में परीक्षा के ऑब्जर्वर्स का प्रशिक्षण आयोजित किया गया.

इस दौरान कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने अधिकारियों को सतर्कता बनाए रखने, अनुशासन का पालन कराने और परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए जरूरी निर्देश दिए. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में बिना वैध पहचान पत्र के या निर्धारित समय के बाद प्रवेश नहीं दिया जाएगा.

इसके अलावा, परीक्षा के सफल संचालन के लिए नवीन कुमार ठाकुर, अपर कलेक्टर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि उत्तम प्रसाद रजक और केदारनाथ पटेल को सहायक नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

कलेक्टर ने सभी अधिकारियों से परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से बचने और परीक्षा के दौरान पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने की अपील की.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा- आपातकाल देश के इतिहास का काला अध्याय, जिन्होंने संविधान कुचला था, वो अब उसकी दुहाई देते हैं..

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 21 मार्च को भारत के लोकतंत्र के लिए ऐतिहासिक दिन बताया. उन्होंने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय है, और 21 मार्च 1977 वह दिन है जब देश ने तानाशाही के विरुद्ध जीत दर्ज की थी. उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक बदलाव नहीं था, बल्कि भारत के नागरिकों की आस्था, साहस और संघर्ष की विजय थी.

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 1975 में लगाए गए आपातकाल ने संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों को कुचल दिया था. न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका – जिनके संतुलन पर हमारा लोकतंत्र टिका है – उसे तोड़कर समस्त शक्ति एक परिवार के हाथों में केंद्रित कर दी गई थी. नागरिक अधिकारों का दमन, मीडिया पर सेंसरशिप, विरोध की आवाज़ों का दमन और रातों में की जाने वाली गिरफ्तारियां संविधान के चिथड़े उधेड़ते हुए उस भयावह कालखंड को उजागर करता है.

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मेरे बड़े पिताजी नरहरि साय को भी 19 महीने जेल में रखा गया था. वे लाखों लोकतंत्र सेनानियों में से एक थे जिन्होंने तानाशाही के विरुद्ध खड़े होकर भारत की आत्मा की रक्षा की. कई सेनानियों को तो बेड़ियों में जकड़ा गया, और उनके परिवारों को भी अमानवीय यातनाएं झेलनी पड़ीं.

मुख्यमंत्री साय ने उस समय की राजसत्ता की क्रूरता को याद करते हुए कहा कि अखबारों पर ताले लगे थे, कलाकारों की आवाज़ बंद कर दी गई थी. किशोर कुमार जैसे गायक तक को रेडियो पर बैन कर दिया गया क्योंकि उन्होंने इमरजेंसी का विरोध किया था. यह सब कुछ उस संविधान के नाम पर हो रहा था, जिसे बनाने में बाबा साहेब अंबेडकर का जीवन लगा था.

मुख्यमंत्री ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि आज वही लोग संविधान की किताब हाथ में लेकर संविधान की दुहाई देते हैं, जिन्होंने कभी उसे रौंदने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी. जिन्होंने संविधान कुचला था, आजकल वही उसकी दुहाई देते हैं. 1975 में आपातकाल लगाकर पाप किया गया और उसकी पुनरावृत्ति तब हुई जब पिछली कांग्रेस सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों की सम्मान राशि रोक दी – यह उन सेनानियों के त्याग और संघर्ष का अपमान है.

मुख्यमंत्री साय ने लोकतंत्र सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि यह दिन हमें याद दिलाता है कि भारत का लोकतंत्र किसी एक पार्टी या सत्ता की बपौती नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के साहस, बलिदान और संकल्प की देन है. हमें हमेशा सतर्क रहना होगा ताकि फिर कभी लोकतंत्र पर अंधकार का साया न पड़े. उन्होंने कहा कि 21 मार्च 1977 को इमरजेंसी का धब्बा हट गया, लेकिन इसे लगाने वाली मानसिकता अब भी जीवित है. उन्होंने कहा कि सौभाग्य से देश की जनता अब जागरूक है और ऐसे तानाशाही इरादों को पहचानना और हराना जानती है.