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सामूहिक रथयात्रा महोत्सव ने दिया एकता, संस्कार और सेवा का संदेश
मुंबई। मुंबई में आयोजित सामूहिक रथयात्रा महोत्सव ’26 में जैन समाज की एकता, आस्था और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भव्य दर्शन हुआ। मुंबई के 200 से अधिक संघों की सहभागिता से निकली इस विशाल रथयात्रा में 9 इन्द्रध्वज, 9 परमात्मा रथ, 500 से अधिक श्रमण-श्रवणी भगवंत, 50 से अधिक युवा मंडल, 100 से अधिक श्राविका मंडल, 24 यक्ष-यक्षिणी, 16 विद्यादेवी, 56 दिक्कुमारियाँ, जैन बैंड तथा देश के विभिन्न प्रांतों की संस्कृति को दर्शाती अनेक मनमोहक झांकियाँ प्रमुख आकर्षण रहीं। विद्यालयों के बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और भगवान महावीर के जीवन एवं संदेश पर आधारित झांकियों ने भी सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री मंगल प्रभात लोढ़ाजी सहित अनेक गणमान्य अतिथि एवं विशिष्टजन उपस्थित थे। इस अवसर पर मंजू लोढ़ा ने कहा कि महाराज साहेबजी के आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन से ऐसे आयोजन समाज को एकजुट करने के साथ-साथ हमारी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि यह रथयात्रा केवल आस्था का उत्सव नहीं, बल्कि जैन समाज की एकता, संस्कार और सेवा भावना का जीवंत प्रतीक है।श्रद्धालुओं की सुविधा और सेवा को ध्यान में रखते हुए लोढ़ा फाउंडेशन  की ओर से रथयात्रा के दौरान पानी और शक़्क़र पानी का वितरण किया गया। गर्मी के बीच यह सेवा श्रद्धालुओं के लिए राहत का माध्यम बनी। मंजू लोढ़ा ने कहा कि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और किसी भी धार्मिक आयोजन की सुंदरता तब और बढ़ जाती है, जब उसमें सेवा का भाव जुड़ता है।
नशा शरीर और समाज को खोखला करने वाला कैंसर : मंगल प्रभात लोढ़ा
मुंबई। नशे की लत जब शरीर और मन में प्रवेश कर जाती है, तो उससे बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो जाता है। कितने भी उपचार किए जाएं, इसके दुष्परिणाम कई बार जीवनभर पीड़ा देते हैं। इसलिए नशा शरीर और समाज को खोखला करने वाला कैंसर है, ऐसी चिंता कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने व्यक्त की। उन्होंने कहा कि स्वयं को और आने वाली पीढ़ी को नशे से दूर रखने के लिए इसके खिलाफ मिलकर लड़ना समय की आवश्यकता है। इसके लिए जिस तरह बच्चों को ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ के बारे में जागरूक किया जाता है, उसी तरह अब ‘गुड फ्रेंड’ और ‘बैड फ्रेंड’ के बीच का अंतर समझाकर बच्चों में जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता है। मंत्री लोढ़ा ने शिक्षकों और अभिभावकों से इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
सांताक्रूज़ पूर्व स्थित कलिना कैंपस के मुंबई विश्वविद्यालय के ग्रीन टेक्नोलॉजी ऑडिटोरियम में बुधवार को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत ‘ड्रग्स फ्री मुंबई – विद्यार्थी परामर्श सत्र एवं शिक्षा प्रशिक्षण’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि ‘ड्रग्स फ्री मुंबई’ अभियान में स्कूलों, कॉलेजों, संस्थाओं, संगठनों और पुलिस प्रशासन ने उत्कृष्ट कार्य किया है। इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 21 लोगों का मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा के हाथों सम्मान किया गया। साथ ही उपस्थित सभी लोगों ने नशामुक्ति की शपथ ली। मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने आगे कहा कि ‘ड्रग्स फ्री मुंबई’ अभियान की शुरुआत 30 जुलाई को माननीय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जी के हाथों हुई थी। यह अभियान पूरे वर्ष जारी रहेगा। नशे के माध्यम से आपराधिक प्रवृत्तियां भी समाज में प्रवेश कर रही हैं, इस खतरे को भी पहचानने की आवश्यकता है। आज युद्ध की परिभाषा बदल गई है। तलवार, बंदूक, बम या परमाणु बम के बजाय नकली नोट छापकर किसी देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर करना या उस देश की युवा पीढ़ी को नशे की लत में धकेलना भी बड़ी चुनौतियां हैं। क्योंकि किसी परिवार का युवा यदि नशे की गिरफ्त में आ जाता है, तो उसका प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है।
मंत्री लोढ़ा ने कहा कि मुंबई का विकास हो रहा है, ऐसे में मुंबई को नशे से सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने भी ‘ड्रग्स फ्री भारत’ का संकल्प व्यक्त किया है। युवाओं की शक्ति के बल पर ही विकसित भारत का निर्माण होगा। इसलिए युवाओं को नशे से दूर रहना चाहिए और ‘ड्रग्स फ्री मुंबई’ अभियान में हर व्यक्ति को अपना योगदान देना चाहिए, ऐसा आह्वान मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने किया।
टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज की सहायक प्राध्यापक डॉ. साईगीता चित्तूरू ने विद्यार्थियों को ‘किशोरावस्था’ विषय पर मार्गदर्शन दिया। ब्रह्माकुमारी प्रशांति ने ‘Be Smart Be Strong Within’ विषय पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। साथ ही डिवाइन टच संस्था के प्रतिनिधियों ने अच्छी चीजों का सही ‘चयन’ कैसे किया जाए, इस संबंध में विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया। इस अवसर पर मुंबई उपनगर जिले के जिलाधिकारी सौरभ कटियार, मुंबई विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी, पुलिस अधिकारी, विभिन्न संस्थाओं एवं संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी और अभिभावक उपस्थित थे।
नवनियुक्त प्रशासकीय अधिकारी मनीषा रांभिया का सम्मान
मुंबई। बृहन्मुंबई मनपा शिक्षण विभाग में शिक्षिका, विभाग निरीक्षिका का सफर तय करते हुए प्रशासकीय अधिकारी के रूप में पी उत्तर विभाग से आर उत्तर विभाग में स्थानांतरण के उपरांत मनीषा रांभिया ने विधिवत अपना पदभार संभाल लिया है। गौरतलब हो कि वर्तमान में आर उत्तर विभाग के शिक्षण विभाग का प्रशासकीय कार्यालय एमपीएस सखाराम तरे मार्ग हिंदी शाला क्रमांक 2 संकुल से संचालित हो रहा है, लिहाजा इस शाला के सभी शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, सुरक्षा रक्षक, शालीन, मृदुभाषी, व्यवहार कुशल व दक्ष प्रशासक (अभिभावक) पाकर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। आर उत्तर शिक्षण विभाग की नवनियुक्त प्रशासकीय अधिकारी का पदभार संभालने के साथ ही शाला संकुल के इमारत प्रमुख व उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रभारी मुख्याध्यापक प्रकाश गैरोला के नेतृत्व में शिक्षकों व प्रतिभा संपन्न विद्यार्थियों ने मनीषा रांभिया का सत्कार करते हुए प्रशासकीय मीटिंग और अन्य सभी कार्यों में भरपूर सहयोग का भरोसा दिलाया। प्रशासकीय अधिकारी मनीषा रांभिया ने शाला के शिक्षकों द्वारा जरूरतमंद परिवार से आने वाले बच्चों की प्रतिभा निखारने, खासतौर पर 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी' के खेलेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया' के लिए शारीरिक शिक्षण विभाग की वरिष्ठ शिक्षिका दर्शना राउत तथा कौशल्य उपक्रम के तहत हस्तकला शिक्षिका स्वाति चिकणे के प्रयासों की जमकर सराहना करते हुए शाला संकुल के अनुशासन व शैक्षणिक संयोजन की सराहना करते हुए सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर एमपीएस सखाराम तरे मार्ग शाला संकुल के इमारत प्रमुख व उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रभारी मुख्याध्यापक प्रकाश गैरोला, वरिष्ठ शिक्षिका संगीता गोस्वामी, प्रांजल वडे, मीना मोहोड, शारीरिक शिक्षण विभाग की वरिष्ठ शिक्षिका दर्शना राउत, हस्तकला शिक्षिका स्वाति चिकणे, वरिष्ठ शिक्षक गणेश जोमदे, रमेश यादव व राजेश उपाध्याय उपस्थित रहे। इमारत प्रमुख व प्रभारी मुख्याध्यापक प्रकाश गैरोला ने नवनियुक्त प्रशासकीय अधिकारी मनीषा रांभिया द्वारा मिले मातृतुल्य स्नेह, आशीर्वाद, हौसले के साथ ही शाला परिवार की ओर से मिले इस स्व-स्फूर्त तथा उत्साहित सहयोग, कौशल्य प्रवीण विद्यार्थियों की प्रतिबद्धता के प्रति आभार व्यक्त किया।
सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज प्रतियोगिता में स्कूली विद्यार्थी भी भाग लें : मंगल प्रभात लोढ़ा
मुंबई। केंद्रीय कौशल विभाग की ओर से ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ बहुराज्यीय नवाचार प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग, महाराष्ट्र सरकार की ओर से राज्य के सभी स्कूली विद्यार्थियों को भी इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए नवाचार के क्षेत्र में कार्यरत सोलापुर स्थित स्टेट इनोवेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन का सहयोग लिया जाएगा। नवाचार के क्षेत्र में कार्यरत स्वयंसेवी संस्थाएं भी आगे आएं, ऐसा आवाहन कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने किया।
मंत्रालय में ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ प्रतियोगिता में राज्य के जिला परिषद एवं अन्य स्कूली स्तर पर विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए सोलापुर स्थित स्टेट इनोवेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन (सर) के साथ आयोजित बैठक में मंत्री श्री. लोढ़ा बोल रहे थे। इस अवसर पर महाराष्ट्र राज्य नवाचार सोसायटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. श्रीकांत पाटील, स्टेट इनोवेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के राज्य समन्वयक सिध्दराम माशाळे, बालासाहेब वाघ उपस्थित थे।मंत्री श्री. लोढ़ा ने कहा कि ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ प्रतियोगिता के लिए आवेदन प्रक्रिया 21 सितंबर से शुरू हो चुकी है और 17 अक्टूबर 2026 तक आवेदन किए जा सकते हैं। इस प्रतियोगिता में नवप्रवर्तक, विद्यार्थी, विद्यार्थी समूह, शोधकर्ता, प्राध्यापक, स्टार्टअप्स, एमएसएमई, कंपनियां, सामाजिक संस्थाएं, शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थाएं तथा अन्य इनोवेशन टीमें भाग ले सकती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों में स्थानीय समस्याओं को समझने और उनके रचनात्मक समाधान खोजने की क्षमता बड़े पैमाने पर है। यह क्षमता केवल स्कूली परियोजनाओं तक सीमित न रहकर वास्तविक समाजोपयोगी नवाचारों में परिवर्तित हो, यही ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ का प्रमुख उद्देश्य है। विद्यार्थियों को समस्या की पहचान करने से लेकर उसका समाधान विकसित करने और उसे वास्तविक रूप से लागू करने तक मार्गदर्शन मिलना आवश्यक है।
इस प्रतियोगिता में 10 प्रमुख क्षेत्रों के प्रत्येक 5 उपक्षेत्रों से नवाचारपूर्ण अवधारणाओं का चयन किया जाएगा। इस प्रकार कुल 50 विजेताओं को प्रत्येक को 10 लाख रुपये की वर्क ऑर्डर दी जाएगी। इससे विद्यार्थियों की कल्पनाओं को केवल पुरस्कार ही नहीं मिलेगा, बल्कि उन्हें अपने नवाचार को वास्तविक रूप से लागू करने का अवसर भी उपलब्ध होगा। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों की इस पहल में भागीदारी बढ़ाने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं (एनजीओ) को आगे आना चाहिए, ऐसा आवाहन मंत्री श्री. लोढ़ा ने किया। जिला परिषद की स्कूलों सहित ग्रामीण क्षेत्रों की विभिन्न स्कूलों तक इस पहल की जानकारी पहुंचाकर विद्यार्थियों को इसमें सहभागी बनाना आवश्यक है। महिलाओं, युवाओं और सभी के लिए खुले विभिन्न वर्गों से अधिक से अधिक नवाचारपूर्ण विचार सामने आएं, इसके लिए प्रयास करने का आवाहन भी उन्होंने किया। कृषि, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, पर्यावरण, परिवहन सहित दैनिक जीवन की विभिन्न समस्याओं पर विद्यार्थियों को व्यवहार्य समाधान सुझाने चाहिए। एनजीओ को विद्यार्थियों को स्थानीय समस्याओं की पहचान करने, उनके समाधान विकसित करने और प्रतियोगिता के लिए आवेदन प्रस्तुत करने की पूरी प्रक्रिया में मार्गदर्शन करना चाहिए। अपने कार्यक्षेत्र में आने वाली स्कूलों की संख्या, विद्यार्थियों तक पहुंचने का लक्ष्य, जानकारी दिए जाने वाले विद्यार्थियों की संख्या तथा प्रस्तुत करवाए जाने वाले गुणवत्तापूर्ण आवेदनों की संख्या के संबंध में स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए। जमीनी स्तर के विद्यार्थियों के विचारों को राज्यस्तरीय मंच उपलब्ध कराने के लिए सरकार, स्कूलों और स्वयंसेवी संस्थाओं को समन्वय से काम करना आवश्यक है। इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए https://sevainnovationchallenge.in/ पर संपर्क किया जा सकता है, ऐसा भी मंत्री श्री. लोढ़ा ने बताया।स्टेट इनोवेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के राज्य समन्वयक सिध्दराम माशाळे ने कहा कि, राज्य की स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, तकनीक और नवाचारपूर्ण गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सोलापुर स्थित स्टेट इनोवेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन (सर फाउंडेशन) कार्य कर रहा है। संस्था की ओर से स्कूल शिक्षा विभाग के सहयोग से कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग द्वारा आयोजित ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ प्रतियोगिता की जानकारी जिला परिषद स्कूलों के विद्यार्थियों तक पहुंचाई जाएगी। विद्यार्थियों के नवाचारों को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर मंच उपलब्ध कराने के लिए इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने हेतु प्रयास किए जाएंगे, ऐसी जानकारी भी उन्होंने इस अवसर पर दी।
संजय चावला की फिल्म ‘मिलो जो तुम’ में नजर आएंगे रॉक स्टार संगीत मासूम
मुंबई। हिंदी सिनेमा में नई प्रतिभाओं और मनोरंजक विषयों को लेकर लगातार सक्रिय जाने-माने फिल्म निर्माता संजय चावला अब अपनी आगामी फिल्म ‘मिलो जो तुम’ को लेकर चर्चा में हैं। कॉमेडी, रोमांस और भरपूर मनोरंजन से सजी इस फिल्म की शूटिंग शीघ्र शुरू होने जा रही है। फिल्म की लोकेशन फाइनल कर ली गई है और इसका प्रमुख हिस्सा मध्य प्रदेश की खूबसूरत राजधानी भोपाल में फिल्माया जाएगा।
फिल्म का निर्देशन अनुभवी एवं प्रतिभाशाली निर्देशक मृत्युंजय किचम्बरे कर रहे हैं। निर्माता संजय चावला और निर्देशक मृत्युंजय किचम्बरे ने बताया कि फिल्म की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और जल्द ही पूरी यूनिट भोपाल में शूटिंग शुरू करेगी। मिलो जो तुम’ की एक खास बात इसकी मजबूत संगीत और साहित्यिक पृष्ठभूमि भी है। फिल्म के गीत प्रसिद्ध साहित्यकार एवं गीतकार दुर्गा प्रसाद उपाध्याय ‘अभिराज’ ने लिखे हैं। निर्माताओं के अनुसार उन्होंने फिल्म की कहानी, भावनाओं और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बेहद खूबसूरत और प्रभावशाली गीतों की रचना की है, जो फिल्म के कथानक को और अधिक जीवंत बनाएंगे।
फिल्म की स्टारकास्ट में सबसे चर्चित नाम उभरते अभिनेता और रॉक स्टार संगीत मासूम का है। निर्माता संजय चावला ने संगीत मासूम की प्रतिभा पर भरोसा जताते हुए उन्हें अपनी इस महत्वाकांक्षी फिल्म के लिए साइन किया है। फिल्म से जुड़े लोगों का मानना है कि ‘मिलो जो तुम’ संगीत मासूम के अभिनय करियर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकती है।
संगीत मासूम तेजी से बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बना रहे युवा कलाकारों में शामिल हैं। अभिनय, स्क्रीन प्रेजेंस और डांसिंग स्किल्स के कारण वह विशेष रूप से नई पीढ़ी के दर्शकों के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं। प्रतिष्ठित रोशन तनेजा एक्टिंग एकेडमी से अभिनय का विधिवत प्रशिक्षण प्राप्त करने के साथ ही उन्होंने प्रसिद्ध कोरियोग्राफर सरोज खान से नृत्य की बारीकियां भी सीखी हैं। कई साल थिएटर को दिए हैँ। यही प्रशिक्षण उनके अभिनय और ऑन-स्क्रीन व्यक्तित्व को एक अलग धार देता है। संगीत मासूम अब तक कई चर्चित म्यूजिक प्रोजेक्ट्स में अपने अभिनय का प्रभाव छोड़ चुके हैं। पद्म भूषण उदित नारायण, पद्मश्री अनूप जलोटा, अगम कुमार निगम, समीर खान, कृष्णा बेउरा और हरमन नाजिम जैसे जाने-माने गायकों के गीतों में वह अपने अभिनय का जलवा बिखेर चुके हैं। विभिन्न संगीत वीडियो के माध्यम से उन्होंने युवा दर्शकों के बीच अपनी एक अलग पहचान बनाई है।
म्यूजिक वीडियोज के अलावा संगीत मासूम ने कई शॉर्ट फिल्मों में भी अपने अभिनय की छाप छोड़ी है। इन दिनों वह फिल्म ‘प्रेमांजलि’ में भी काम कर रहे हैं। ऐसे समय में निर्माता संजय चावला द्वारा उन्हें ‘मिलो जो तुम’ जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए चुना जाना उनके करियर के लिए एक और बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
निर्माता संजय चावला का कहना है कि ‘मिलो जो तुम’ केवल एक प्रेम कहानी नहीं, बल्कि हास्य, भावनाओं, रिश्तों और मनोरंजन का ऐसा खूबसूरत संगम होगी, जिसमें हर आयु और हर वर्ग के दर्शकों के लिए कुछ न कुछ खास होगा।उन्होंने विश्वास जताया कि फिल्म की कहानी, निर्देशन, संगीत और कलाकारों का शानदार तालमेल इसे दर्शकों के लिए एक यादगार सिनेमाई अनुभव बनाएगा। संजय चावला के शब्दों में, ‘मिलो जो तुम’ मनोरंजन की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाएगी और दर्शकों के दिलों तक पहुंचेगी। फिल्म की शूटिंग शुरू होने से पहले ही संगीत मासूम की मौजूदगी ने ‘मिलो जो तुम’ को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है। अभिनय और संगीत की दुनिया में लगातार आगे बढ़ रहे इस युवा कलाकार के लिए यह फिल्म नए अवसरों के द्वार खोल सकती है। जिस तेजी से संगीत मासूम अपने अभिनय और व्यक्तित्व से दर्शकों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि आने वाले समय में सिनेमा के आकाश पर संगीत मासूम का सितारा और भी अधिक चमकता नजर आएगा।
प्रभारी विभाग निरीक्षक अशोक कुमार जैसवार सेवानिवृत्त
मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका शिक्षण विभाग के एच पूर्व विभाग में प्रभारी विभाग निरीक्षक के पद पर कार्यरत अशोक कुमार जैसवार की सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह का आयोजन शास्त्री नगर मनपा शाला सभागृह में किया गया। कार्यक्रम में सम्मानित अतिथि के रूप में  पूर्व विभाग निरीक्षिका  रेशमा जेधिया,विभाग निरीक्षिका सुनीता बाळशंकर,विभाग निरीक्षक इमरान अहमद, विभाग निरीक्षक संतोष जाधव,वॉर्ड की विभाग निरीक्षिका शुभांगी जाधव ,शास्त्री नगर इमारत प्रमुख जावेद सर, मुख्याध्यापिका स्मिता धानोरिया, रामकृष्ण परमहंस मराठी शाळा की मुख्याध्यापिका रजनी आव्हाड ,वाकोला हिंदी 1 की मुख्याध्यापिका स्नेहा लाघवे , सांताक्रूझ पूर्व उर्दू मुख्याध्यापक अजमल सर,वाकोला उर्दू मुख्याध्यापक तनवीर सर तथा सभी माध्यम की सभी शाळा के मुख्याध्यापक और प्रभारी शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सोमनाथ थोरात ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में कालीना मनपा हिंदी शाला के सभी शिक्षक नवीनचंद्र शुक्ला, मंजुला गुप्ता, नरेंद्र राम,ईश्वर महेर, संगीता बहेकार , फातिमाबी मुल्ला, दिनेश तुरकर का सुंदर योगदान रहा।
बाणगंगा की सुरक्षा के लिए बीएमसी के साथ नागरिक भी सहयोग करें – मंगल प्रभात लोढ़ा
मुंबई। वालकेश्वर स्थित ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व वाले पवित्र बाणगंगा तालाब में दूषित पानी के कारण बड़ी संख्या में मछलियों के मृत पाए जाने के बाद कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने तालाब का निरीक्षण किया। इस दौरान महानगरपालिका के डी विभाग के सहायक आयुक्त संतोष सालुंखे और स्थानीय नगरसेवक सन्नी सानप उपस्थित थे।पितृपक्ष की पृष्ठभूमि में तालाब की पवित्रता और पर्यावरण का संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपाय किए जाएंगे, ऐसा मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर देशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत वार्ड के प्रमुख पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं द्वारा बाणगंगा तालाब परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया था। पितृपक्ष के दौरान बाणगंगा तालाब में पिंडदान सहित विभिन्न धार्मिक विधियों के लिए बड़ी संख्या में नागरिक आते हैं। इन विधियों में उपयोग की जाने वाली कुछ सामग्री तालाब के पानी में छोड़े जाने से पानी की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ-साथ जलजीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए तालाब परिसर में तत्काल स्वच्छता अभियान चलाया गया।
गत गुरुवार को महानगरपालिका के वार्ड अधिकारियों के साथ बाणगंगा तालाब परिसर का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया गया था। पितृपक्ष के दौरान बढ़ने वाली नागरिकों की भीड़ को देखते हुए धार्मिक विधियों में उपयोग की जाने वाली सामग्री तालाब अथवा उसके आसपास न डाली जाए, इसके लिए आवश्यक सावधानी बरतने के निर्देश महानगरपालिका को दिए गए हैं। स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और जलजीवन के संरक्षण के लिए महानगरपालिका द्वारा आवश्यक उपाय तत्काल किए जाएं। तालाब के आसपास 10 कृत्रिम तालाब बनाए जाएंगे। साथ ही दूषित पानी में ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए पंपों की संख्या बढ़ाई जाएगी। आगामी शनिवार को पितृपक्ष की अवधि समाप्त होगी और इस दौरान बाणगंगा तालाब परिसर में बड़ी संख्या में नागरिक धार्मिक विधियों के लिए आते हैं। इसलिए पितृपक्ष की शेष अवधि के साथ-साथ इसके बाद भी तालाब परिसर में स्वच्छता बनी रहे, इसके लिए महानगरपालिका आवश्यक सावधानी बरते, ऐसे निर्देश कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने दिए।
पिंडदान विधि के दौरान उपयोग की जाने वाली कुछ सामग्री तालाब के पानी में छोड़ी जाती है। जलजीवों द्वारा इन पदार्थों का सेवन किए जाने से उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना रहती है। इसलिए बाणगंगा तालाब में धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए पर्यावरण अनुकूल तरीके से पिंडदान की विधियां करने का आह्वान किया गया है।
आजमगढ़ के ब्लाक प्रमुख भूपेंद्र सिंह 'मुन्ना’ का मुलुंड में भव्य सम्मान
मुंबई। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद स्थित ठेकमा के ब्लाक प्रमुख एवं जिला पंचायत सदस्य भूपेंद्र सिंह ’मुन्ना’ का आज मुलुंड के विजय ट्यूटोरियल में भव्य सम्मान किया गया। इस अवसर पर मुंबई भाजपा प्रवक्ता उदयप्रताप सिंह दयाशंकर सिंह, कुंवर रणंजय सिंह, वीर बहादुर सिंह, हाकिम सिंह, भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा जिलाध्यक्ष मनोज सिंह, विजयप्रकाश सिंह, विजय सर, एडवोकेट गोविंद सिंह, जय सिंह, विजय सिंह, विजयप्रताप सिंह, मृतुंजय शाही, दिपक सिंह उपस्थित रहे। भूपेंद्र सिंह ने आत्मीय पूर्ण सम्मान के लिए उपस्थित समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आप सभी से मिला सम्मान, आशीर्वाद और प्यार मेरे लिए अनमोल उपहार है।
डाॅ.भारती संजीव श्रीवास्तव का सेवासंपूर्ति सम्मान समारोह संपन्न
मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका शिक्षण विभाग की एक बहुआयामी सरस शख़्सियत डाॅ.भारती संजीव श्रीवास्तव जो प्रधानाध्यापिका के पद से सेवानिवृत्त हुई। आपने कुशल शैक्षणिक सेवा,समाजसेवा एवं साहित्य सेवा करते हुए 34 वर्ष 7 माह की प्रदीर्घ सघन समर्पित प्रभावी सेवा शिक्षा विभाग को दी। जिनका सम्मान समारोह अंतरराष्ट्रीय बेटी दिवस के उपलक्ष्य पर 27 सितंबर 2026 रविवार को नित्यानंद मार्ग एम्. पी. एस्., अंधेरी(पूर्व) के सभागार में आयोजित किया गया।कार्यक्रम की गौरवमयी अध्यक्षता विभाग के पूर्व यशस्वी प्रशासनिक अधिकारी एवं संप्रति महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी तथा बालभारती के पाठ्यक्रम निर्मिति के पदाधिकारी रामहित बी. यादव ने किया। संचालन के गुरुतर दायित्व को राजीव मिश्र ने बड़े ही सरस अंदाज में निभाया।कार्यक्रम का श्रीगणेश दीप प्रज्वलन व ईश स्तवन से हुआ। अतिथि परिचय व स्वागत के पश्चात संगीत शिक्षक राजेश कुमार सिंह ने अतिथियों के स्वागत में बहुत ही सुंदर भावपूर्ण गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के बीच-बीच में उन्होंने अपनी सरस संगीतमय प्रस्तुतियों से सभागार को आनंद से सराबोर कर दिया।शिक्षा जगत् व सामाज की सर्वप्रिय हस्तियों में मुंबई विश्वविद्यालय के प्रो. डाॅ. हूबनाथ पाँडेय,प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता एवं अग्नि शिला पत्रिका के संपादक अनिल वेदव्यास गलगली,अरविंद कुमार तिवारी, शिक्षक सभा के नेता नरेंद्र बहादुर सिंह आदि ने अपनी गररिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।वक्ताओं की लंबी फेहरिस्त में महापौर पुरस्कार से विभूषित शिक्षक दिनेश कुमार सी. सिंह ने कार्यक्रम की प्रास्ताविकी के रूप में अपना सारगर्भित अभिमत प्रस्तुत किया।तत्पश्चात शिक्षक सेना के तेजतर्रार सर्व सहयोगी पूर्व कार्याध्यक्ष उपेंद्र बी. राय, शिक्षक सभा के पूर्व ईडीबी डायरेक्टर शरद सिंह,पूर्व प्रधानाध्यापक गिरिजा शंकर त्रिपाठी,शिक्षक राम सिंह, देवेन्द्र कुमार सिंह,माताचरण मिश्र,लवकुश मिश्र,डाॅक्टर इंद्रसेन सिंह, डाॅ. विनय कुमार सिंह, पूर्व उप शिक्षणाधिकारी श्रीमती मानसी आप्टे, शिक्षा निरीक्षिका श्रीमती सुरेखा मराठे, बी. ओ. श्रीमती फेमिदा मैडम, श्रीमती सरिता सिंह चौहान, मानस मर्मज्ञ डाॅ. शिवधनी पांडेय, सत्कार मूर्ति के जीवन साथी संजीव श्रीवास्तव सबने अपने-अपने अनोखे अंदाज में सत्कार मूर्ति के व्यक्तित्व व कृतित्व के प्रति भावपूर्ण उद्गार प्रस्तुत किये।अमेरिका में प्रवास कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार जय प्रकाश मिश्र 'मिलिंद' द्वारा संप्रेषित भावपूर्ण शुभेच्छा संदेश को सभागार में प्रस्तुत किया गया।गौरव मूर्ति ने निज बेबाक अभिमत में अपने सेवाकाल के शुरुआती बारह वर्ष जो 'भाषा विकास प्रकल्प' के माध्यम से विभाग के शिक्षकों का विविध उद्बोधन वर्गों तथा स्पर्धी कार्यक्रमों के तहत समुचित मार्गदर्शन किया और उन्हें निखारा; उस दौर को अपनी सेवा का स्वर्णिम काल कहा।उन्होंने अपने पिता सुप्रतिष्ठित प्रधानाध्यापक श्रद्धेय रामनिरंजन मिश्र को नम आँखों से याद किया जिनके स्नेहिल सुसंस्कारों से संपुष्ट होकर वो कीर्तिमान स्थापित कर पाईं।अंत में अध्यक्षीय अभिभाषण,भावपूर्ण आभार प्रदर्शन एवं राष्ट्रगान के बाद हृदयस्पर्शी कार्यक्रम का समापन हुआ।
संघ एकता, जैन संस्कार और जैन शासन की ऐतिहासिक महारथ यात्रा
मुंबई। मुंबई की पावन धरती और विशेष रूप से दक्षिण मुंबई के प्रमुख मार्गों पर रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को जैन धर्म की एकता, संस्कार और शासन की प्रभावना का अद्भुत एवं ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। भगवान महावीर स्वामी के अहिंसा, जीवदया, करुणा और सद्भावना के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित भव्य महारथयात्रा में श्री जैन धार्मिक शिक्षण संघ के सहयोग से संचालित पाठशालाओं के लगभग 3,000 बालक-बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। यह महारथयात्रा केवल एक धार्मिक शोभायात्रा नहीं, बल्कि जैन संघ की एकता, नई पीढ़ी में संस्कारों के सिंचन और जैन शासन की भव्य प्रभावना का जीवंत महोत्सव बन गई। परम पूज्य संघित सम्राट एवं प्रसिद्ध प्रवचनकार आचार्य श्री विजय प्रभाकरसूरीश्वरजी म.सा., परम पूज्य मुनिराज श्री महाप्रभविजयजी म.सा., परम पूज्य मुनिराज श्री श्रीप्रभविजयजी म.सा., परम पूज्य साध्वीजी श्री तत्त्वदर्शना श्रीजी म.सा. आदि साधु-साध्वी भगवंतों के पावन सान्निध्य में यह भव्य आयोजन आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। साथ ही श्री नेमिसूरी समाज के आचार्य प.पू. श्री चंद्रसूरीश्वरजी महाराज सहित विभिन्न आचार्य भगवंतों एवं साधु-साध्वीजी भगवंतों की दिव्य निश्रा और पावन उपस्थिति ने इस महारथयात्रा को और अधिक आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की। श्वेत वस्त्रों एवं आकर्षक रंग-बिरंगी धार्मिक वेशभूषा में सजे नन्हे बालक-बालिकाएं हाथों में पवित्र जैन ध्वज लेकर नवकार महामंत्र का जाप करते हुए आगे बढ़ रहे थे। बच्चों के अनुशासन, उत्साह और भक्ति ने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। पूरे मार्ग पर ‘जैनम् जयति शासनम्’, ‘अरिहंत शरणं गच्छामि’ जैसे जयघोष गूंजते रहे और दक्षिण मुंबई का वातावरण भक्तिमय बन गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु उमड़े और महारथयात्रा के दर्शन कर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की। विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक झांकियों ने भी यात्रा की भव्यता में चार चांद लगाए। बता दें कि श्री जैन धार्मिक शिक्षण संघ, मुंबई द्वारा जैन समाज की भावी पीढ़ी को धर्म, संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने के लिए निरंतर व्यापक कार्य किया जा रहा है। संघ के अंतर्गत आज देशभर में 700 से अधिक पाठशालाएं, 75,000 से अधिक विद्यार्थी तथा 1,500 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विद्वान पंडितवर्य धार्मिक एवं संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान करने में समर्पित हैं। संघ के इस उल्लेखनीय कार्य की वैश्विक स्तर पर भी सराहना हुई है तथा संस्था को प्रतिष्ठित लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान प्राप्त होना जैन समाज के लिए गौरव का विषय है। संस्था के उपाध्यक्ष संजयभाई जीवनलाल शाह ने कहा कि पाठशाला के नन्हे बालकों द्वारा की गई यह आराधना पूरे जैन संघ के लिए प्रेरणादायी है। बच्चों में बचपन से ही धर्म, अहिंसा और जीवदया के संस्कारों का सिंचन करने का जो पवित्र कार्य श्री जैन धार्मिक शिक्षण संघ कर रहा है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर है। उन्होंने इस ऐतिहासिक अवसर पर सभी श्रद्धालुओं को मंगलकामनाएं दीं। आधुनिक युग में बच्चों को अपनी संस्कृति, धर्म और संस्कारों से जोड़े रखना समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। लगभग 3,000 बच्चों की सहभागिता यह प्रमाणित करती है कि जैन संस्कारों की जड़ें आज भी अत्यंत मजबूत हैं। यह महारथयात्रा जैन शासन की प्रभावना का जीवंत प्रतीक है। इस अवसर पर श्री जैन धार्मिक शिक्षण संघ के अध्यक्ष सुरेशभाई देवचंद शाह, उपाध्यक्ष  संजयभाई जीवनलाल शाह, ट्रस्टी अशोकभाई नर्सी चरला एवं डॉ. अल्पा संजय शाह की उपस्थिति और मार्गदर्शन में पाठशाला के बच्चों ने विभिन्न जैन धार्मिक एवं सांस्कृतिक झांकियां प्रस्तुत कीं। यह संपूर्ण भव्य आयोजन श्री जैन धार्मिक शिक्षण संघ के सहयोग एवं श्री जैन संगठन के नेतृत्व में संपन्न हुआ और जैन समाज के लिए भक्ति, संस्कार, एकता एवं धर्मप्रभावना का अविस्मरणीय अध्याय बन गया।