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*'कायर जज बनने से मर जाना बेहतर', 100 केस हटने के बाद गैंगस्टरों से मिल रही धमकी का जज का सनसनीखेज दावा*
#MuzaffarnagarJudge #RaviKumarDiwakar #DeathSentence #UPJudiciary #GangsterThreat #YogiAdityanath #GyanvapiCase #UPNews #MuzaffarnagarCourt

*मुजफ्फरनगर:* चार महीने में 22 लोगों को फांसी की सजा सुनाकर चर्चा में आए उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर कोर्ट के जज रविकुमार दिवाकर ने फिर बड़ा बयान दिया है। इस आंकड़े के सामने आने के बाद उनके कोर्ट से कम से कम 100 केस हटा लिए गए थे। सोमवार को 23वीं फांसी की सजा सुनाते हुए जज ने दावा किया कि उन्हें लगातार गैंगस्टर-माफिया जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। असल में उन्हें बचाने के लिए ही उनके कोर्ट से इतने सारे केस हटाए गए हैं। हालांकि जज ने साफ कहा कि वह इस धमकी से कभी नहीं डरेंगे, 'कायर जज बनने से मर जाना बेहतर है!'

2018 में पत्नी शहजादी को जलाकर मारने के जुर्म में उसके पति नदीम को सोमवार को मुजफ्फरनगर के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिवाकर ने मौत की सजा सुनाई। 38 पन्नों के उस फैसले में ही उन्होंने बताया है कि उनके कोर्ट से कम से कम 100 मामले हटने के बाद ही उन्हें धमकी भरा संदेश भेजा गया है। बिचौलियों के जरिए उनसे कहा गया है, 'अभी तो सिर्फ केस हटे हैं। अगर आप हमारे पीछे पड़े या हमारे बारे में कोई टिप्पणी की, तो हम अपना प्रभाव लगाकर इसी जिले से आपका ट्रांसफर करा देंगे।'

जज का आरोप है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई गैंगस्टरों के सिर पर राजनीतिक नेताओं का हाथ है। इसी वजह से इस अपराध सिंडिकेट का जाल प्रशासनिक ढांचे के बिल्कुल शीर्ष स्तर तक पहुंच गया है। जज का कहना है कि जिस दिन से वह माफिया-गैंगस्टरों से डरने लगेंगे, उस दिन रिटायर हो जाना ही बेहतर है। इस पूरे विवाद के बीच उनके दो सुरक्षाकर्मियों को भी बदल दिया गया है, ऐसा जज दिवाकर ने दावा किया है। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर वह पहले ही यूपी पुलिस के डीजी को चिट्ठी लिख चुके हैं।

जज को धमकी मिलने के आरोप को लेकर हर तरफ हड़कंप मचा हुआ है। इस पर सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज अशोक गंगोपाध्याय ने कहा, 'इस तरह की जान से मारने की धमकी कई जजों को मिलती रहती है। यह इस पेशे का एक जोखिम है। इसी जोखिम के बीच जज अपना काम करते हैं। अपने कर्तव्य पर अडिग रहते हैं। कायर जज होने से मर जाना बेहतर - उनके इस बयान का मैं पूरी तरह समर्थन करता हूं। एक जज को जो कहना चाहिए, उन्होंने वही कहा है।'

गौरतलब है कि 2009 में उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा में जज के तौर पर दिवाकर ने जॉइन किया था। वह सुल्तानपुर, बदायूं, वाराणसी, बरेली जिला अदालतों में काम कर चुके हैं। मुजफ्फरनगर अदालत में वह 2025 से हैं। 2022 में पहली बार वह राष्ट्रीय सुर्खियों में आए थे। उन्होंने ही ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में वीडियोग्राफी सर्वे का आदेश दिया था। आरोप है कि उसके बाद उन्हें जान से मारने की धमकी भी मिली थी। मार्च 2024 में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तुलना प्लेटो के 'फिलॉसफर किंग' से करके भी जज दिवाकर विवादों में घिरे थे। हाल ही में एक आंकड़ा सामने आया था। पता चला कि जज ने पिछले चार महीनों में 10 मामलों में कुल 22 लोगों को मौत की सजा दी है। ठीक उसके बाद, पिछले अगस्त महीने में हत्या सहित गंभीर अपराधों से जुड़े कम से कम 100 मामले जज दिवाकर की अदालत से जज वीरेंद्र कुमार सिंह की अदालत में भेज दिए गए।
।। বসিরহাট জেলা হাসপাতালে একাধিক পরিষেবা নিয়ে অভিযোগ, সুপারের কাছে কংগ্রেসের ডেপুটেশন ।।
বসিরহাট : বসিরহাট জেলা হাসপাতালে চিকিৎসা পরিষেবা নিয়ে একাধিক অভিযোগ তুলে ডেপুটেশন দিল জাতীয় কংগ্রেস। বুধবার বসিরহাট জেলা হাসপাতালের সুপারের কাছে এই ডেপুটেশন জমা দেওয়া হয়। ডেপুটেশনে হাসপাতালের একাধিক পরিষেবা ও পরিকাঠামোগত সমস্যা নিয়ে দ্রুত ব্যবস্থা নেওয়ার দাবি জানানো হয়েছে।
কংগ্রেসের পক্ষ থেকে অভিযোগ করা হয়, হাসপাতালে এক্স-রে মেশিন নিয়ে সমস্যা রয়েছে। ফলে রোগীদের চিকিৎসা পরিষেবা পেতে সমস্যায় পড়তে হচ্ছে। পাশাপাশি আল্ট্রাসোনোগ্রাফি মেশিন নিয়েও অভিযোগ তোলা হয়েছে। চিঠিতে উল্লেখ করা হয়েছে, প্রায় ২০ দিন ধরে এই পরিষেবা সংক্রান্ত সমস্যা চলছে। দ্রুত মেশিন সচল করে রোগীদের পরিষেবা দেওয়ার দাবি জানানো হয়েছে। এছাড়াও হাসপাতালের আউটডোর পরিষেবা নিয়েও একাধিক অভিযোগ তোলা হয়েছে। রোগীদের পরিষেবা পাওয়ার ক্ষেত্রে সমস্যা এবং চিকিৎসকদের উপস্থিতি নিয়ে প্রশ্ন তুলে বিষয়টি খতিয়ে দেখে প্রয়োজনীয় ব্যবস্থা নেওয়ার দাবি জানিয়েছে কংগ্রেস। পাশাপাশি হাসপাতালের চিকিৎসকদের প্রাইভেট প্র্যাকটিস নিয়েও অভিযোগ তুলে তা বন্ধ করার জন্য উপযুক্ত পদক্ষেপের দাবি জানানো হয়েছে।
এদিনের ডেপুটেশন কর্মসূচিতে উপস্থিত ছিলেন প্রদেশ কংগ্রেসের সহ-সভাপতি তথা এআইসিসি সদস্য অমিত মজুমদার, বসিরহাট টাউন কংগ্রেসের সভাপতি হীরন্ময় দাস, কংগ্রেস কর্মী আরশাদ আলী মোল্লা, প্রবীর দাস, মিত দে ও সুরজ ইসলাম সহ অন্যান্য কংগ্রেস কর্মী-সমর্থকরা।
কংগ্রেস নেতৃত্বের দাবি, বসিরহাট জেলা হাসপাতাল বসিরহাটের বিস্তীর্ণ এলাকার মানুষের অন্যতম প্রধান চিকিৎসা কেন্দ্র। তাই হাসপাতালের যন্ত্রপাতি ও চিকিৎসা পরিষেবায় কোনও ধরনের সমস্যা থাকলে তার সরাসরি প্রভাব পড়ে সাধারণ রোগীদের উপর। দ্রুত সমস্যাগুলি সমাধান করে স্বাভাবিক চিকিৎসা পরিষেবা নিশ্চিত করার দাবি জানানো হয়েছে।
सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद नोएडा प्रशासन फिर निशाने पर, CJI सूर्यकांत ने लगाई लताड़*

#NoidaNews

नई दिल्ली: नोएडा जिला प्रशासन एक बार फिर अदालत के निशाने पर है। आकृति चौधरी केस के बाद अब अक्षत त्रिपाठी मामले में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट को जमकर फटकार लगाई है।

मामला गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के सेकेंड ईयर के कानून के छात्र अक्षत त्रिपाठी से जुड़ा है। 20 साल के छात्र पर आरोप था कि उसने यूनिवर्सिटी के अन्य छात्रों को CJP द्वारा बुलाए गए जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल होने के लिए उकसाया था। साथ ही उस पर 'सरकार विरोधी और भ्रामक' बातें फैलाने और अशांति भड़काने का भी आरोप लगाया गया।

इसी आरोप के आधार पर 4 सितंबर को ग्रेटर नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने BNSS की धारा 130 के तहत उसे शोकॉज नोटिस जारी किया था।

दिल्ली के जंतर-मंतर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में ग्रेटर नोएडा के एक छात्र को नोटिस देने पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। बुधवार को CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने ग्रेटर नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा, 'सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश के बाद भी कैसे, किस हिम्मत से, कोई मजिस्ट्रेट ऐसा नोटिस जारी कर सकता है!'

बताया जा रहा है कि सिविल सुरक्षा कानून की धारा 130 के तहत छात्र के खिलाफ जारी किया गया नोटिस अब वापस ले लिया गया है।

सरकारी बैंक की तिजोरी में मिला करोड़ों का जाली नोट, NIA जांच में जुटी*

#PNB

सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की एक तिजोरी से 17 करोड़ 29 लाख रुपये के जाली नोट बरामद हुए हैं। इतनी बड़ी मात्रा में जाली नोट मिलने के बाद अंतरराष्ट्रीय गिरोह के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक, सहारनपुर के सोफिया मार्केट इलाके में स्थित PNB की तिजोरी के प्रभारी मैनेजर को NIA ने गिरफ्तार कर लिया है। इतनी बड़ी मात्रा में जाली नोट बैंक की तिजोरी में कैसे पहुंचे, यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है। जांच एजेंसी इस बात से भी हैरान है।

प्रारंभिक जांच में NIA को शक है कि बैंक के कई अधिकारी इस पूरे खेल में शामिल हैं। प्रभारी मैनेजर के अलावा दो और अधिकारियों पर NIA की नजर है, जिनमें सीनियर डिविजनल मैनेजर रविकुमार कांसेव भी शामिल हैं। बैंक प्रबंधन ने तीनों अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है।

NIA को शुरुआती जांच में नेपाल कनेक्शन का भी शक है। जांचकर्ताओं को कुछ ऐसे सुराग मिले हैं, जिससे पता चलता है कि नेपाल सीमा पर या नेपाल में बैठे कुछ लोगों ने इस वारदात को अंजाम दिया है। NIA इस एंगल से भी जांच कर रही है।

तस्वीर: एआई द्वारा निर्मित

কলকাতা হাইকোর্টের ৪৫তম প্রধান বিচারপতি হিসেবে শপথ নিলেন বিচারপতি রবীন্দ্র ভিট্টলরাও ঘুগে*

#CalcuttaHighCourt

কলকাতা: কলকাতা হাইকোর্টের নতুন প্রধান বিচারপতি হিসেবে শপথ গ্রহণ করলেন বিচারপতি রবীন্দ্র ভিট্টলরাও ঘুগে। বুধবার কলকাতা হাইকোর্টের প্রধান বিচারপতির এজলাসে শপথগ্রহণ অনুষ্ঠানের আয়োজন করা হয়।

রাজ্যপাল আর. এন. রবি তাঁকে শপথবাক্য পাঠ করান। এর আগে ২০১৩ সালের ২১ জুন তিনি বোম্বে হাইকোর্টের বিচারপতি হিসেবে নিযুক্ত হয়েছিলেন। পরবর্তীতে ২০২৬ সালের জুন মাসে তিনি বোম্বে হাইকোর্টের ভারপ্রাপ্ত প্রধান বিচারপতির দায়িত্ব গ্রহণ করেন।

উপস্থিত ছিলেন বিশিষ্টজনেরা:

এদিনের শপথগ্রহণ অনুষ্ঠানে উপস্থিত ছিলেন কলকাতা হাইকোর্টের প্রাক্তন ভারপ্রাপ্ত বিচারপতি তপোব্রত চক্রবর্তী, রাজ্যের মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারী, রাজ্যের আইনমন্ত্রী বিরাজ বিশ্বাস, রাজ্যের অ্যাডভোকেট জেনারেল সুরজিৎ নাথ মিত্র সহ হাইকোর্টের একাধিক বিচারপতি ও আইনজীবীরা। এছাড়াও উপস্থিত ছিলেন রাজ্যের অতিরিক্ত সলিসিটর জেনারেল ধীরাজ ত্রিবেদী, বার লাইব্রেরি ক্লাবের সভাপতি সুদীপ্ত সরকার, বার অ্যাসোসিয়েশনের সভাপতি অশোক কুমার ধান্দানিয়া এবং ইনকর্পোরেটেড ল সোসাইটির সম্পাদক পরিতোষ সিংহ।

আইনজীবীদের বার্তা দিলেন প্রধান বিচারপতি:

আইনজীবীদের পক্ষ থেকে স্বাগত ভাষণের উত্তরে প্রধান বিচারপতি ঘুগে কলকাতা বার পরিবারের সদস্য হিসেবে তাঁকে গ্রহণ করার জন্য কৃতজ্ঞতা প্রকাশ করেন। তিনি বলেন, "আমি সব সময় বারের জন্য উন্মুক্ত। বারের যে কোনও সমস্যা নিয়ে আপনারা আমার কাছে আসতে পারেন। অন্যান্য বিচারপতিদের সহযোগিতায় আমি সমস্যা সমাধানের সর্বোচ্চ চেষ্টা করব।"

জুনিয়র আইনজীবীদের উদ্দেশ্যে তিনি বলেন, "পেশার প্রথম দিকে আমি সাইকেলে চড়ে বাড়ি থেকে আদালতে যাতায়াত করতাম। সততা এবং পেশার প্রতি ভালোবাসা থাকলে সাফল্য আসবেই।"

আবেগঘন প্রধান বিচারপতি:

নিজের বক্তব্যে আবেগঘন হয়ে পড়েন প্রধান বিচারপতি। তিনি বলেন, "আমার শৈশবের কথা খুব মনে পড়ে। আমার কর্মজীবনে সাড়ে সাত বছর মোটরসাইকেলই ছিল আমার সঙ্গী। আমি কখনও হেলমেট পরতে ভুলিনি। আমার জীবন সংগ্রামে আমার স্ত্রী সব সময় আমার সঙ্গী। এই যাত্রা একা সম্ভব হতো না। আমার পরিবারের সমর্থন এবং আমার প্রয়াত মায়ের নীরব আত্মত্যাগের কথা মনে পড়ছে। এই মুহূর্তে আমার প্রয়াত মাকে খুব মনে পড়ছে। তিনি যেখানেই থাকুন, আমাকে আশীর্বাদ করছেন। আমি নিজেকে সব সময় একজন আইনজীবী বলেই মনে করি। আমার দরজা সবার জন্য খোলা।"

তিনি আরও বলেন, "আমার স্ত্রীর সমর্থনের জন্য আমি কৃতজ্ঞ। আমার দুই মেয়ে সহ আমার পরিবারের কাছে তিনি ঢালের মতো।" শেষে পশ্চিমবঙ্গের বিচার বিভাগের সকল সদস্যের মঙ্গল কামনা করেন প্রধান বিচারপতি।

ছবি:সৌজন্যে লাইভ ল।

প্রধানমন্ত্রীর জন্মদিন উপলক্ষ্যে এক মাসব্যাপী 'সেবা সংকল্প অভিযান' ব্যারাকপুরে সাংবাদিক বৈঠকে ঘোষণা*

#SevaSankalpAbhiyan

নিজস্ব প্রতিনিধি,বারাকপুর, উত্তর ২৪ পরগনা: প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদীর জন্মদিনকে সামনে রেখে রাজ্যজুড়ে শুরু হচ্ছে 'সেবা সংকল্প অভিযান'। টানা এক মাস ধরে চলবে এই কর্মসূচি। বুধবার ব্যারাকপুর বিজেপির সাংগঠনিক জেলার উদ্যোগে এক সাংবাদিক সম্মেলনে এই ঘোষণা করা হয়।

এদিনের সাংবাদিক সম্মেলনে উপস্থিত ছিলেন ব্যারাকপুর সাংগঠনিক জেলার সভাপতি তাপস ঘোষ, জগদ্দল বিধানসভার বিধায়ক ডক্টর রাজেশ কুমার এবং নোয়াপাড়া বিধানসভার বিধায়ক তথা রাজ্যের শ্রম ও পরিবহন দপ্তরের মন্ত্রী অর্জুন সিং।

কি বললেন মন্ত্রী অর্জুন সিং?

সাংবাদিকদের মুখোমুখি হয়ে মন্ত্রী অর্জুন সিং বলেন, "দেশের প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদীজির ২৫ বছরের বর্ণময় রাজনৈতিক জীবনকে সামনে রেখে এই সেবামূলক অভিযানের আয়োজন করা হয়েছে। এটি শুধু একটি অনুষ্ঠান নয়, এটি একটি সংকল্প।"

তিনি জানান, এই এক মাসে জেলার প্রতিটি ব্লক ও মণ্ডলে বিভিন্ন সামাজিক কর্মকাণ্ড করা হবে। এর মধ্যে থাকবে -

- নারী ও শিশুদের সম্মাননা জ্ঞাপন।

- প্রান্তিক ও পিছিয়ে পড়া মানুষের পাশে দাঁড়ানো।

- স্বাস্থ্য শিবির ও রক্তদান শিবির।

- স্বচ্ছতা অভিযান।

গুজরাট মডেলে বাংলার উন্নয়নের বার্তা

মন্ত্রী বলেন, "গুজরাটে মুখ্যমন্ত্রী থাকাকালীন মোদীজি যেভাবে রাজ্যকে দেশের মধ্যে শিল্প ও উন্নয়নের মডেল হিসেবে তুলে ধরেছিলেন, একইভাবে রাজ্যের বিজেপির সরকার পশ্চিমবঙ্গেও আধুনিকীকরণ করা হবে।"

"বিগত ৫০ বছরে কংগ্রেস, বামফ্রন্ট এবং তৃণমূল সরকার বাংলার শিল্প, সংস্কৃতি ও ইতিহাসকে ধ্বংস করে দিয়েছে। বিজেপি সরকার সব সময় সাধারণ মানুষের পাশে আছে। গুজরাট যেভাবে আধুনিক হয়েছে, ঠিক সেভাবেই আগামী দিনে বাংলাও আধুনিক বাংলায় পরিণত হবে," - মন্তব্য অর্জুন সিংয়ের।

ব্যারাকপুর বিজেপির জেলা সভাপতি তাপস ঘোষ জানান, প্রতিটি বিধানসভা ভিত্তিক আলাদা করে কর্মসূচি তৈরি করা হয়েছে এবং কর্মীদের ইতিমধ্যেই দায়িত্ব বন্টন করে দেওয়া হয়েছে।

ছবি:প্রবীর রায়।

কলকাতা লিগ: ডার্বি ড্র দিয়ে শেষ গ্রুপ পর্ব, প্রকাশিত হল সুপার সিক্সের সূচি

খেলা

কলকাতা: ১-১ গোলে ডার্বি ড্র দিয়েই শেষ হল কলকাতা লিগের গ্রুপ পর্ব। মঙ্গলবার আইএফএ সুপার সিক্স পর্বের পূর্ণাঙ্গ সূচি প্রকাশ করেছে। সুপার সিক্সে উঠেছে তিন প্রধান - মোহনবাগান, ইস্টবেঙ্গল, মহামেডান - সহ ভবানীপুর, কোল ইন্ডিয়া ও ইউনাইটেড স্পোর্টস ক্লাব। প্রতিটি দল খেলবে তিনটি করে ম্যাচ, শুরু দুপুর ৩টে থেকে।

গ্রুপ পর্বে 'এ' গ্রুপে ১১ ম্যাচে ২৭ পয়েন্ট নিয়ে শীর্ষে ইস্টবেঙ্গল, সমান পয়েন্টে গোল পার্থক্যে পিছিয়ে দ্বিতীয় ভবানীপুর, ২৩ পয়েন্টে তৃতীয় মোহনবাগান। 'বি' গ্রুপে ২২ পয়েন্টে শীর্ষে কোল ইন্ডিয়া, ২১ পয়েন্টে মহামেডান, ২০ পয়েন্টে ইউনাইটেড এসসি।

সুপার সিক্সের সম্পূর্ণ সূচি -

রাউন্ড ১

১০ সেপ্টেম্বর: কোল ইন্ডিয়া বনাম মোহনবাগান

১০ সেপ্টেম্বর: ইউনাইটেড এসসি বনাম ইস্টবেঙ্গল

১১ সেপ্টেম্বর: মহামেডান বনাম ভবানীপুর

রাউন্ড ২

১৩ সেপ্টেম্বর: ইউনাইটেড এসসি বনাম মোহনবাগান

১৪ সেপ্টেম্বর: ইস্টবেঙ্গল বনাম মহামেডান

১৫ সেপ্টেম্বর: কোল ইন্ডিয়া বনাম ভবানীপুর

রাউন্ড ৩

১৭ সেপ্টেম্বর: মোহনবাগান বনাম মহামেডান

১৯ সেপ্টেম্বর: কোল ইন্ডিয়া বনাম ইস্টবেঙ্গল

১৯ সেপ্টেম্বর: ভবানীপুর বনাম ইউনাইটেড এসসি

ছবি :সৌজন্যে ফেসবুক।

কম ফ্যাটের দই মানে ভেজাল নয়,২৬ বছর পর বেকসুর খালাস মিষ্টি ব্যবসায়ীকে*

অমিত দাস, কলকাতা: ২৬ বছর পর স্বস্তি পেলেন মিষ্টি ব্যবসায়ী ভগীরথ ঘোষ। নিম্ন আদালত তাঁকে ভেজাল খাবারের জন্যে দোষী সাব্যস্ত করলেও কলকাতা হাইকোর্ট জানিয়ে দিল, কম ফ্যাটের দই মানেই সেটি ভেজাল নয়। তাই ওই দই ব্যবসায়ীর সাজা খারিজ করলেন বিচারপতি চৈতালি চ্যাটার্জী দাস। আদালতের পর্যবেক্ষণ, মাত্র কম ফ্যাট আছে বলে দইকে ভেজাল বলা যায় না। এই কারণে মিষ্টি ব্যবসায়ী ভগীরথ ঘোষের ৬ মাসের জেল ও জরিমানার সাজা বাতিল করেছেন বিচারপতি।

মামলাটি চলছিল ২৬ বছর ধরে। ১৯৯৭ সালের ১৬ই মে, কৃষ্ণনগরের সাব-ডিভিশনাল ফুড ইন্সপেক্টর দেবাশিস রায় পরিদর্শনে যান ভগীরথ ঘোষের মিষ্টির দোকানে। দোকানে মাটির হাঁড়িতে ৮ কেজি দই রাখা ছিল। সেখান থেকে ৬০০ গ্রাম দই ১৫ টাকায় কিনে নমুনা সংগ্রহ করেন।

তার একটি অংশ নদিয়ার পাবলিক অ্যানালিস্টকে পাঠানো হয়। রিপোর্টে বলা হয় লো ফ্যাট কনটেন্ট-এর জন্য ভেজাল। এর ভিত্তিতে ১৯৯৭ সালে মামলা হয়।

২০০০ সালে কৃষ্ণনগরের চীফ জুডিশিয়াল ম্যাজিস্ট্রেট ভগীরথ ঘোষকে ৬ মাসের জেল ও ১০০০ টাকা জরিমানা করেন। এরপর ভগীরথ ঘোষের আপিল মামলায় ২০০৪ সালে সেশন কোর্ট ওই সাজা বহাল রাখে।

তারপর ভগীরথ ২০০৪ সালে কলকাতা হাইকোর্টে রিভিশন মামলা দায়ের করেন। ২০১৯ সালে ওই মামলার শুনানিতে কেউ হাজির না থাকায় মামলা খারিজ হয়ে যায়। ২০২৫ সালে আবার শুনানির জন্যে গ্রহণ করা হয়।

আদালতে অভিযুক্তের আইনজীবীর যুক্তি ছিল যে, নমুনা সংগ্রহের সময় কোনো স্বাধীন সাক্ষী নেওয়া হয়নি। ৮ কেজির মধ্যে কোন হাঁড়ি থেকে নমুনা নেওয়া হলো, তা স্পষ্ট নয়। আর তাছাড়া কম ফ্যাট মানেই ক্ষতিকারক বা খাওয়ার অযোগ্য নয়, ফ্যাট কম বেশি দুধের ওপর নির্ভর করে।

বিচারপতি চৈতালী চ্যাটার্জী (দাস) বলেন, শুধুমাত্র পাবলিক অ্যানালিস্টের রিপোর্টের ওপর ভিত্তি করে সাজা দেওয়া হয়েছে এখানে।রিপোর্টে কোথাও লেখা নেই যে কম ফ্যাটের কারণে দইটি মানুষের খাওয়ার অযোগ্য, স্বাস্থ্যের পক্ষে ক্ষতিকারক বা নোংরা, পচা। আরও বলা হয়, আইন অনুযায়ী, ভেজাল প্রমাণ করতে হলে দেখাতে হবে যে নিম্নমানের জিনিস মেশানোর ফলে খাবারটি ক্ষতিকারক হয়েছে। তাই আদালত আবেদন মঞ্জুর করে নিম্ন আদালতের সাজা বাতিল করে দিয়েছে। আবেদনকারীকে জামিনের বন্ড থেকে মুক্তি দেওয়া হয়েছে।

সম্পত্তি বিবাদে বচসার অভিযোগ বিধায়িকা রেখা পাত্রের বিরুদ্ধে, সোশ্যাল মিডিয়ায় ভাইরাল ভিডিও

বসিরহাট : সম্পত্তি নিয়ে বিবাদের জেরে বচসায় জড়ানোর অভিযোগ উঠলো হিঙ্গলগঞ্জের বিজেপি বিধায়িকা রেখা পাত্রের বিরুদ্ধে। ঘটনার একটি ভিডিও সোশ্যাল মিডিয়ায় ভাইরাল হয়েছে। যদিও ভিডিওটির সত্যতা স্বাধীনভাবে যাচাই করা সম্ভব হয়নি। ঘটনাটি বসিরহাটের সন্দেশখালি থানার বউ ঠাকুরানী এলাকার। এই এলাকাতেই রেখা পাত্রের বাপের বাড়ি। স্থানীয় সূত্রে জানা গিয়েছে, বাপের বাড়ির সম্পত্তি নিয়ে পরিবারের সদস্যদের মধ্যে বেশ কয়েক বছর ধরেই বিবাদ চলে আসছে। সেই সম্পত্তি নিয়ে ২০২৫ সালে রেখা পাত্র ও তার পরিবারের সদস্যদের সঙ্গে আত্মীয় সঞ্জিত নস্করের বিরোধ তৈরি হয় বলে অভিযোগ। অভিযোগ, সঞ্জিত নস্কর ওই জমি জোর করে দখলের চেষ্টা করেছিলেন। বিষয়টি গড়ায় আদালত পর্যন্ত। বসিরহাট আদালতের নির্দেশে ওই জমি নিয়ে স্থগিতাদেশ জারি হয়। আদালতের নির্দেশ অনুযায়ী, ২০২৭ সালের ২৮ এপ্রিল পর্যন্ত সঞ্জিত নস্কর ওই জমিতে যেতে এবং চাষাবাদ করতে পারবেন বলে দাবি করা হয়েছে। সেই নির্দেশ অনুযায়ী সঞ্জিত নস্কর জমিতে চাষ করতে গেলে খবর পেয়ে সেখানে পৌঁছান রেখা পাত্র। তাকে জমি থেকে সরিয়ে দেওয়ার চেষ্টা করা হয় বলে অভিযোগ। এরপরই সঞ্জিত নস্কর ও তার পরিবারের সদস্যদের সঙ্গে রেখা পাত্রের বচসা শুরু হয়। ঘটনার একটি ভিডিও সোশ্যাল মিডিয়ায় ছড়িয়ে পড়েছে। ভিডিওতে কয়েকজনের মধ্যে উত্তেজনা ও ধস্তাধস্তির দৃশ্য দেখা যাচ্ছে। সেখানে রেখা পাত্রকেও বচসায় জড়িয়ে পড়তে দেখা যাচ্ছে বলে দাবি করা হয়েছে। তবে ভিডিওটি কখন এবং ঠিক কী পরিস্থিতিতে তোলা হয়েছে, তা স্বাধীনভাবে যাচাই করা সম্ভব হয়নি। ঘটনাকে কেন্দ্র করে এলাকায় চাঞ্চল্য ছড়িয়েছে।

ছবি:সৌমাভ মণ্ডল।

বৃক্ষরোপণে জোর রাজ্যের, ৪০ লক্ষ গাছ লাগাবে পঞ্চায়েত দপ্তর: মন্ত্রী দিলীপ ঘোষ*

#DilipGhosh

উৎপল দাস, ব্যারাকপুর: পরিবেশ বাঁচাতে রাজ্যজুড়ে বিশাল বৃক্ষরোপণ কর্মসূচি হাতে নিল রাজ্য পঞ্চায়েত দপ্তর। রামকৃষ্ণ বিবেকানন্দ মিশনের এক অনুষ্ঠানে এমনটাই জানালেন রাজ্যের পঞ্চায়েত মন্ত্রী দিলীপ ঘোষ।

মন্ত্রী জানান, রাজ্যের ৪০ হাজার গ্রামে প্রতিটি গ্রামে ১০০টি করে গাছ লাগানো হবে। অর্থাৎ মোট ৪০ লক্ষ গাছ লাগানোর লক্ষ্যমাত্রা নেওয়া হয়েছে। এর পাশাপাশি শিক্ষা ও গ্রন্থাগার দপ্তরের সহযোগিতায় ৪৩৪টি কেন্দ্রে আরও ৪৩ হাজার ৪০০টি গাছ লাগানো হবে।

তিনি বলেন, স্কুল, কলেজ, হাসপাতাল, ছাত্রাবাস, আশ্রম সহ যেখানেই ফাঁকা জায়গা রয়েছে, সেখানেই গাছ লাগানো হবে। রামকৃষ্ণ বিবেকানন্দ মিশনের মতো প্রতিষ্ঠানের ফাঁকা জায়গাতেও গাছ লাগানো হবে এবং সংশ্লিষ্ট প্রতিষ্ঠানই তার রক্ষণাবেক্ষণ করবে।

জঙ্গলমহলের বন ধ্বংস নিয়ে উদ্বেগ প্রকাশ করে মন্ত্রী বলেন, মেদিনীপুর, ঝাড়গ্রাম, বাঁকুড়া, পুরুলিয়ার মতো জেলায় জঙ্গল কেটে সাফ করে দেওয়া হচ্ছে। এই পরিস্থিতিতে বন দপ্তরের সঙ্গে আলোচনা হয়েছে। বন দপ্তর জায়গা এবং চারা দেবে, পঞ্চায়েত দপ্তর গাছ লাগানোর দায়িত্ব নেবে।

পরিবেশ দূষণ এবং জলবায়ু পরিবর্তন প্রসঙ্গে মন্ত্রী বলেন, দূষণের কারণে ওজন স্তর ফুটো হয়ে যাচ্ছে। হিমালয়ের শত শত বছরের পুরনো বরফ গলে যাচ্ছে, যার ফলে ভয়াবহ বন্যা ও ধসে হাজার হাজার মানুষের মৃত্যু হচ্ছে। প্রকৃতিকে শান্ত রাখতে গেলে প্রকৃতির উপর অত্যাচার নয়, সেবা করতে হবে এবং গাছ লাগাতে হবে।

তিনি আরও বলেন, আমাদের দেশে যুগ যুগ ধরে বট, অশ্বত্থ, বকুলের মতো গাছকে পুজো করা হয়। পাঁচ ধরনের গাছ লাগিয়ে পঞ্চবটী তৈরির প্রাচীন রীতি রয়েছে। নিজের বাড়ির সামনে বা ছাদে অন্তত একটি-দুটি গাছ লাগিয়ে এলাকাকে দূষণমুক্ত করার আহ্বান জানান তিনি।

ছবি উৎপল দাস