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सरकार का उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम, तीन नए निजी विश्वविद्यालयों के संचालन को मिली हरी झंडी

- उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने गाजियाबाद, कानपुर व फतेहपुर के प्रस्तावित विश्वविद्यालयों को सौंपा 'संचालन प्राधिकार पत्र'

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार राज्य को उच्च शिक्षा और अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर प्रदेश में स्थापित होने जा रहे तीन नए निजी विश्वविद्यालयों के प्रबंधन को 'संचालन प्राधिकार पत्र' (अनुज्ञा पत्र) प्रदान किया। योगी सरकार की इस पहल से गाजियाबाद, कानपुर और फतेहपुर जनपदों में उच्च, तकनीकी एवं कृषि शिक्षा का विस्तार होगा तथा युवाओं को अपने ही क्षेत्र में बेहतर शैक्षणिक अवसर प्राप्त होंगे।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने जनपद गाजियाबाद में 'अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय' के संचालन हेतु 'इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग सोसाइटी', गाजियाबाद के सचिव/चेयरमैन को, कानपुर नगर के बिल्हौर में 'महर्षि महेश योगी इंटरनेशनल एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय' के संचालन हेतु 'स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती चैरिटेबल ट्रस्ट', दिल्ली के सचिव को तथा फतेहपुर में 'ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय' के संचालन हेतु 'एंग्लो संस्कृत कॉलेज', फतेहपुर के अध्यक्ष को आधिकारिक संचालन प्राधिकार पत्र सौंपा।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा अनुभाग-1 द्वारा उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 में संशोधन अध्यादेशों के तहत यह स्वीकृति जारी की गई है। इसके अंतर्गत गाजियाबाद के अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय को तृतीय संशोधन अध्यादेश (अध्यादेश संख्या 17 सन् 2026), कानपुर के महर्षि महेश योगी इंटरनेशनल एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय को चतुर्थ संशोधन अध्यादेश (अध्यादेश संख्या 18 सन् 2026) तथा फतेहपुर के ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय को पंचम संशोधन अध्यादेश (अध्यादेश संख्या 19 सन् 2026) के तहत सम्मिलित करते हुए संचालन की अनुज्ञा संबंधी अधिसूचनाएं जारी कर दी गई हैं।
उच्च शिक्षा मंत्री ने प्राधिकार पत्र सौंपते हुए संबंधित संस्थाओं से अपेक्षा की कि वे शासन द्वारा निर्धारित मानकों, नियमों एवं शर्तों का  अनुपालन करते हुए गुणवत्तापूर्ण, रोजगारपरक और मूल्य आधारित शिक्षा प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि योगी सरकार प्रदेश में निजी निवेश को प्रोत्साहित कर उच्च शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ कर रही है, जिससे राज्य के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षण संसाधनों और उत्कृष्ट वातावरण का लाभ मिल सके।
मानसून सत्र में संसदीय परंपराओं का सम्मान हुआ, अनुपूरक बजट सौहार्दपूर्ण माहौल में पारित: केशव प्रसाद मौर्य -
 
उप मुख्यमंत्री बोले- 5 अगस्त भारतीय इतिहास का गौरवशाली दिन, अनुच्छेद 370 हटाने और श्रीराम मंदिर शिलान्यास को किया याद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के मानसून सत्र के समापन पर उप मुख्यमंत्री एवं नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पूरे सत्र के दौरान संसदीय लोकतंत्र की गौरवशाली परंपराओं का सम्मान हुआ और वित्तीय वर्ष 2026-27 का अनुपूरक बजट सौहार्दपूर्ण एवं सकारात्मक वातावरण में पारित होना सदन की रचनात्मक कार्यशैली का परिचायक है।
उन्होंने विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह का निष्पक्ष, गरिमापूर्ण और कुशल संचालन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके संसदीय अनुभव और नेतृत्व से सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का समुचित अवसर मिला।

उप मुख्यमंत्री ने विभिन्न दलों के नेताओं और सभी सदस्यों का धन्यवाद देते हुए कहा कि सभी ने सदन की गरिमा और संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप अपने विचार रखे तथा लोकतांत्रिक परंपराओं का निर्वहन किया।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि 5 अगस्त भारत के इतिहास का एक महत्वपूर्ण दिन है। उन्होंने कहा कि इसी दिन वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35-ए के प्रावधान समाप्त किए गए, जिससे राष्ट्रीय एकता को नई मजबूती मिली। उन्होंने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व की सराहना की।
उन्होंने यह भी कहा कि 5 अगस्त 2020 को अयोध्या में भगवान श्रीरामलला के भव्य मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन और शिलान्यास हुआ था। इस अवसर पर उन्होंने देश और प्रदेश के सभी रामभक्तों को शुभकामनाएं दीं।
उप मुख्यमंत्री ने आगामी 15 अगस्त को मनाए जाने वाले स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह अवसर स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को स्मरण करने तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता के प्रति संकल्प को मजबूत करने का है।
उन्होंने मीडिया की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, दूरदर्शन और आकाशवाणी सहित सभी मीडिया संस्थानों ने सदन की कार्यवाही और जनहित के विषयों को जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। साथ ही विधान परिषद सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने सत्र के सुचारु संचालन में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय संरक्षक एडवोकेट अनील मिश्रा का जन्म दिन न्याय समरसता दिवस के रूप में मनाया गया : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रिय अध्यक्
लखनऊ। देश के सबसे बड़े योद्धा आरक्षण एससीएसटी विरोध करने वाले संविधान में अम्बेडकर का सच लाने वाले , संविधान निर्माता सर वी एन राव को हर सवर्ण के घर घर पहुंचाने वाले सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय संरक्षक एडवोकेट अनिल मिश्रा के जन्म दिन पर न्याय,समरसता और जागरूक दिवस की गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे उपस्थित रहे, राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे एडवोकेट अनिल मिश्रा जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि एडवोकेट अनिल मिश्रा जी का पूरा परिवार प्रशासनिक सेवा से न्यायिक सेवा में जुड़ा हुआ है एडवोकेट अनिल मिश्रा ग्वालियर हाईकोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता है एवं ग्वालियर उच्चन्यालय वार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी थे। विगत वर्ष मध्यप्रदेश के उच्चन्यालय परिसर में भीम राव अम्बेडकर की मूर्ति लगाने का प्रस्ताव शासन ने पास किया था जिसका पुरजोर विरोध एडवोकेट अनिल मिश्रा जी ने किया,भीम आर्मी चन्द्र शेखर रावण सहित पूरे देश में भीम आर्मी के लोग एडवोकेट अनिल मिश्रा का पुरजोर विरोध किया ग्वालियर सहित अन्य शहरों में अशांति पैदा करने का प्रयास भी भीम आर्मी ने किया हर हथ कंडे अपनाये पर आज तक ग्वालियर उच्चन्यालय परिसर में अम्बेडकर की मूर्ति नहीं लग सकी ।

आप सभी लोग जानते है कि भीम आर्मी के कथित प्रदेश अध्यक्ष दामोदर ने तत समय दस हजार जूते की माला पहनाने की घोषणा किया था वह दिन कितना भयानक था पूरे देश से सवर्ण समाज के लोग उद्वेलित हो गए थे हर कोने से लोग ग्वालियर पहुंचने लगे थे। ग्वालियर शहर पट गया सवर्ण समाज एवं भीम आर्मी आमने सामने हो गई भीम आर्मी को मुंह खानी पड़ी उसने आंदोलन वापस तो लिया ही सार्वजनिक माफी मांगी। ग्वालियर में भीम आर्मी के लोगों ने मनु स्मृति लिख कर उसमें आग लगा दी तो एडवोकेट अनिल कुमार मिश्रा एवं उनकी टिम अमित कुमार दुबे,गौरव ब्यास ने अम्बेडकर की फोटो को ग्वालियर चौराहे पर आग लगा दिया जो कि क्रिया की प्रकिया थी इनका कोई इस तरह का उद्देश्य नहीं था जिसमे FIR दर्ज किया गया था तीन दिन तक जेल में रहे उच्चन्यायालय की विशेष बेंच में सुनवाई लगातार अवकाश के दिन भी हुई तीन दिन तक उसके बाद बिना शर्त जेल से बाहर आए। पूरे देश में सवर्ण समाज को संगठित करने हेतु उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान झारखंट छत्तीसगढ़ उत्तराखंड आदि राज्यों में बड़ी बड़ी बैठके कर समाज को संगठित किया है सवर्ण समाज एडवोकेट अनिल मिश्रा जी के नेतृत्व को स्वीकार कर लिया है। भोजपुर जिले बिलौटी बिहार भरत तिवारी की हत्या पुलिस प्रशासन ने इनकाउंटर के नाम पर कर दिया था को न्याय दिलाने हेतु अपनी पूरी टीम के साथ बिलौटी बिहार गए एक नहीं दो बार गए । यूजीसी रेगुलेशन वापस हो इसके लिए विगत वर्ष दिल्ली के जंतर मंतर पर विशाल प्रदर्शन सवर्ण समाज ने अनिल मिश्रा जी के नेतृत्व में किया एव गिरफ्तारी भी दी गई।
जातिगत आरक्षण UGC SCSTACT का विरोध समाज में समरसता न्याय स्थापित करने हेतु किया जा रहा है आरक्षण का विरोध किसी जाति धर्म वर्ग का विरोध नहीं है योग्यता MERIT के सम्मान की लड़ाई है। सभी सवर्ण संगठन राजनीतिक दल समान विचार धारा जिसमें कुल 65 संगठन है ने राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा बनाया है जिसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल मिश्रा जी है राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा के बैनर तले सवर्ण आगामी चुनाव लड़ेगा अभी तक सवर्ण समाज कहता था कि विकल्प क्या है उन्हें राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा जो हर मुश्किल को आसान करेगा मिल गया है जिसके राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट अनिल कुमार मिश्रा जी है सभी उपस्थित सवर्ण समाज के लोगों ने एडवोकेट अनिल मिश्रा जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं बधाई देते हैं उनके नेतृत्व में संगठित रह कर आगामी चुनाव लड़ने का संकल्प लिया
ब्राह्मण संपर्क अभियान के साथ सपा ने साधा प्रबुद्ध वर्ग, जनेश्वर मिश्र जयंती पर अखिलेश का बड़ा संदेश

-  बोले- 'हमारे PDA में P का मतलब पंडित भी है', 2027 चुनाव से पहले ब्राह्मण समाज को साधने की कोशिश

लखनऊ। समाजवादी पार्टी ने बुधवार को पार्टी के वरिष्ठ समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्र की जयंती पर प्रदेश मुख्यालय में कार्यक्रम आयोजित कर ब्राह्मण संपर्क अभियान की शुरुआत की। कार्यक्रम में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रबुद्ध वर्ग को संबोधित किया और ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया।
इस अवसर पर अखिलेश यादव ने जनेश्वर मिश्र की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और प्रबुद्ध वर्ग के लोग मौजूद रहे।
अपने संबोधन में अखिलेश यादव ने कहा, "हमारे PDA में 'P' का मतलब पंडित भी है।" उनके इस बयान को वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले ब्राह्मण समाज तक पहुंच बनाने की राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
सपा लंबे समय से अपने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) अभियान को आगे बढ़ा रही है। जनेश्वर मिश्र जयंती के अवसर पर दिए गए इस संदेश को पार्टी द्वारा प्रबुद्ध और ब्राह्मण वर्ग के बीच अपनी राजनीतिक पहुंच मजबूत करने की कोशिश माना जा रहा है।
9 से 17 अगस्त तक चलेगा 'हर घर तिरंगा अभियान-2026', प्रदेश में 5 करोड़ तिरंगे फहराने का लक्ष्य

-  स्कूलों, सरकारी भवनों, शहीद स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर होंगे कार्यक्रम, स्वयं सहायता समूह तैयार करेंगे 3 करोड़ तिरंगे


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 9 से 17 अगस्त तक 'हर घर तिरंगा अभियान-2026' आयोजित किया जाएगा। अभियान के तहत पूरे प्रदेश में 5 करोड़ तिरंगे फहराने का लक्ष्य रखा गया है। इस संबंध में शासन ने सभी विभागों और जिलाधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बुधवार को बताया कि अभियान को जनभागीदारी और राष्ट्रगौरव का प्रतीक बनाते हुए प्रदेशव्यापी जनआंदोलन के रूप में संचालित किया जाएगा। इसका उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करना, स्वतंत्रता संग्राम के प्रति सम्मान बढ़ाना और युवाओं को देश के गौरवशाली इतिहास से जोड़ना है।
उन्होंने बताया कि अभियान का पहला चरण 6 से 8 अगस्त तक चलेगा, जिसमें स्कूलों की दीवारों और परिसर को तिरंगा थीम पर सजाया जाएगा। साथ ही विद्यालयों, महाविद्यालयों, सरकारी भवनों, रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों, बस अड्डों, शॉपिंग मॉल और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर तिरंगा रंगोली सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
9 से 12 अगस्त के दूसरे चरण में तकनीकी संस्थानों में स्वतंत्रता आंदोलन पर आधारित प्रतियोगिताएं, तिरंगा महोत्सव और तिरंगा मेले आयोजित किए जाएंगे। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले संस्थानों को 26 जनवरी 2027 को सम्मानित किया जाएगा।
तीसरे चरण 13 से 15 अगस्त के दौरान शिक्षण संस्थानों में तिरंगा रैलियां निकाली जाएंगी। शहीद स्मारकों पर पुलिस और पीएसी बैंड देशभक्ति की धुनें प्रस्तुत करेंगे। प्रदेश के सभी जिलों में 9 से 15 अगस्त तक तिरंगा रैली से पहले सामूहिक रूप से 'वंदे मातरम्' का गायन भी कराया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं 2 करोड़ तिरंगे, जबकि शहरी क्षेत्रों में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के माध्यम से 1 करोड़ तिरंगे तैयार करेंगी।
उन्होंने कहा कि अभियान के तहत घरों, सरकारी और गैर-सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों, औद्योगिक इकाइयों, शहीद स्मारकों और अमृत सरोवरों पर तिरंगा फहराया जाएगा। इसके अलावा मेरठ, चौरी-चौरा, झांसी किला, बिठूर, रेजीडेंसी, बलिया और सुहेलदेव स्मारक जैसे स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े स्थलों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित कर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
संभल हिंसा पूर्व नियोजित साजिश का नतीजा थी, न्यायिक आयोग की रिपोर्ट में बड़ा दावा

-  रिपोर्ट में सांसद जिया-उर-रहमान बर्क और सुहेल इकबाल समेत कई लोगों की भूमिका का उल्लेख; पुलिस कार्रवाई को बताया प्रभावी और संयमित


लखनऊ/ संभल। उत्तर प्रदेश के संभल में 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा को न्यायिक जांच आयोग ने पूर्व नियोजित साजिश का परिणाम बताया है। आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है कि मस्जिद के सर्वे को लेकर मुस्लिम समुदाय के बीच भ्रामक और गलत जानकारी फैलाए जाने के बाद बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए, जिसके चलते हिंसा भड़क गई।
रिपोर्ट के अनुसार, 24 नवंबर 2024 को मस्जिद के बाहर बड़ी भीड़ जमा हुई और देखते ही देखते पथराव, गोलीबारी तथा आगजनी की घटनाएं शुरू हो गईं। हिंसा में चार लोगों की मौत हुई थी, जबकि 28 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इनमें सात पुलिसकर्मियों को गोली लगी थी।
आयोग ने अपनी रिपोर्ट में सांसद जिया-उर-रहमान बर्क और विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहेल इकबाल समेत कई लोगों की भूमिका का उल्लेख किया है। हालांकि, रिपोर्ट में किन आधारों पर यह उल्लेख किया गया है, इसका विस्तृत विवरण सार्वजनिक होने पर ही स्पष्ट होगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि हिंसा में मारे गए लोगों को लगी गोलियां पुलिस की नहीं थीं। साथ ही उपद्रवियों द्वारा पुलिस के हथियार और अन्य सामान लूटने का प्रयास किए जाने का भी उल्लेख किया गया है।
न्यायिक आयोग ने जिला प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई को प्रभावी, संयमित और परिस्थितियों के अनुरूप बताया है। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए न्यायालयों के आदेशों का सम्मान करने, कानून का पालन सुनिश्चित करने और अफवाहों पर प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता पर जोर दिया है।
विधानसभा में हंगामे पर स्पीकर सतीश महाना भावुक, बोले- आत्ममंथन करूंगा कि इस पद के योग्य हूं या नहीं

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान हुए हंगामे पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने गहरी नाराजगी और पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सदन में उनकी बार-बार की गई अपील के बावजूद जिस प्रकार का व्यवहार हुआ, वह अत्यंत निंदनीय है।
सतीश महाना ने कहा, "मेरे मना करने के बावजूद सदन में जो कुछ हुआ, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। मुझे आत्ममंथन करना पड़ेगा कि क्या मैं इस कुर्सी के योग्य हूं या नहीं।"
उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों के अपने कार्यकाल की भी वह समीक्षा करेंगे। "मैं इस बात पर भी विचार करूंगा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में जो कुछ किया, वह उचित था या अनुचित। इस संबंध में शीघ्र ही निर्णय लूंगा।"
विधानसभा अध्यक्ष का यह बयान ऐसे समय आया है, जब विपक्ष के भारी हंगामे के बीच विधानसभा की कार्यवाही निर्धारित समय से पहले अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई थी। सदन में हुए घटनाक्रम को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
विपक्ष के हंगामे के बीच यूपी विधानसभा का मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, सीएम योगी ने सपा पर साधा निशाना

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र बुधवार को विपक्ष के लगातार हंगामे के बीच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। सदन की कार्यवाही पूर्व निर्धारित कार्यक्रम से पहले समाप्त कर दी गई, जबकि सत्र 6 अगस्त तक प्रस्तावित था।
कार्यवाही के दौरान विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों को लेकर जोरदार नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया, जिससे सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। लगातार गतिरोध के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी। इसके साथ ही मानसून सत्र का समापन निर्धारित समय से एक दिन पहले हो गया।
सत्र समाप्त होने के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने एक बार फिर अपना वास्तविक चेहरा दिखा दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही को हंगामे की भेंट चढ़ाना प्रदेश के युवाओं, किसानों और महिलाओं के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि सरकार ₹59 हजार करोड़ से अधिक का अनुपूरक बजट लेकर आई थी, ताकि नई विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जा सके।
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के नकारात्मक रवैये के कारण सदन में युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीबों के कल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि विपक्ष का यह व्यवहार युवा विरोधी, किसान विरोधी, महिला विरोधी और गरीब विरोधी है।
दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी लगातार विभिन्न मुद्दों पर सदन में चर्चा की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करती रही। विपक्ष का कहना है कि वह जनहित से जुड़े विषयों को सदन में उठाना चाहता था।
संसदीय आचरण की परिधि लांघना इस संस्था के लिए अत्यंत हानिकारक है : सतीश महाना

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को सुबह 11:00 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो विधानसभा अध्यक्ष ने मंगलवार को सदन में हुए हंगामे को निंदनीय बताया। संसदीय आचरण की परिधि लांघना इस संस्था के लिए अत्यंत हानिकारक है। उन्होंने कहा कि कल जो कुछ भी हुआ, वह संवैधानिक संस्था के लिए उचित नहीं था। हमें यह तय करना होगा कि हम अगली पीढ़ी को विरासत में क्या दे रहे हैं।

पीठ से विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि लोकतंत्र में पक्ष, विपक्ष, संवाद, सहमति और असहमति हो सकती है। यह भी लोकतंत्र का हिस्सा है। मुझसे किसी ने पूछा तो मैने कहा कि विपक्ष सरकार की तारीफ करने के लिए नहीं है। जनता की समस्याओं को उठाने के लिए है। सरकार का काम है कि अपने किए हुए कार्यों को सदन में बताएं। जन कल्याणकारी योजनाओं को लाएं। उन्होंने कहा कि सदन में इस प्रकार के भी क्षण आते हैं जब थोड़ी असहज स्थिति पैदा होती है, फिर भी पिछले साढ़े चार वर्षों में सदन चला रहा है। ऐसा नहीं है कि कल से पहले पिछले साढ़े चार सालों के दौरान विपक्ष के सदस्य बेल में नहीं आए। वह आए और समय और परिस्थितियों को देखते हुए अपनी बात को कहकर वापस अपनी सीट पर चले गए।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मै इस बात को कहना चाहता हूं कि अंबेडकर ने कहा था कि यह वक्त बताएगा कि समस्या संविधान में नहीं है, व्यक्ति में हो सकती है। पिछले साढ़े चार सालों में हमारी यह पूरी कोशिश रही है कि संविधान की गरिमा और उसकी महत्ता के अनुकूल सदन की कार्यवाही बढ़ाई जाए। अध्यक्ष के रूप में मैं देश में पहली बार सदस्यों की योग्यता के हिसाब से वर्गीकृत किया। बताया कि विधायिका किसी से कम नहीं है। सदन में डॉक्टर्स, इंजीनियर, अधिवक्ता, शिक्षाविद निर्वाचित हुए हैं। सदन की एक पुरानी घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि मुझे याद है तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य थे, मैंने उस वक्त भी कहा था कि नेता सदन का सम्मान होना चाहिए। सदन के सदस्य शपथ लेते हैं तो उसमें यह निहित है कि वह नेता सदन का सम्मान करेंगे। यदि सदन के नेता का सम्मान यदि हम लोग स्वयं पार्टी से ऊपर उठकर नहीं करेंगे तो यह संस्था निष्प्रभावी तो हो ही जाएगी, हम सब सदस्यों का भी मान सम्मान रहेगा, इसका भी मुझे शक है।

उन्होंने कहा कि वाद विवाद, सहमति और असहमति लोकतंत्र का अंग है। परंतु भाषा की मर्यादा हमें ध्यान में रखनी होगी। संसदीय आचरण की परिधि लांघना इस संस्था के लिए अत्यंत हानिकारक है। परंतु कल जो सदन में हुआ, उससे मैं दुखी और निराश हूं।

मुझे पहली बार यह एहसास हुआ कि मेरे प्रयास में या तो कोई कमी रह गई है या फिर डॉक्टर अंबेडकर की बात सही है कि कमी संविधान में नहीं बल्कि व्यक्तियों में है। कल एक सदस्य के आचरण ने मुझे आहत किया। बार बार रोकने के बाद भी उन्होंने भाषा की मर्यादा नहीं रखी। बाहर जाकर भी वे उसी प्रकार बोले। मैने अपनी राजनीतिक पारी में जो कुछ सीखा है, उसे इस सदन को देने का प्रयास किया है। परंतु मुझे ऐसा लगता है कि हम अपने प्रयासों में विफल हैं। जबतक सदस्य अच्छा वार्ताव नहीं करेंगे तब संवैधानिक संस्था का उन्नयन नहीं हो सकता।

महाना ने कहा कि मेरी अपील है कि यहां आप सब लोग पार्टी से ऊपर उठकर विचार करें कि आने वाली पीढ़ी के लिए हम विरासत में क्या परंपराएं छोड़ रहे हैं। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की विचारधारा एवं उनके सपनों को कितना सार्थक कर रहे हैं। अंत में इसके अतिरिक्त में यह भी कहना चाहूंगा कि मेरे मना करने के बाद भी कतिपय सदस्यों ने मीडिया और सोशल मीडिया को यहां के वीडियो और फोटोग्राफ्स दिए हैं। उसे प्रसारित किया गया है। यह आपत्तिजनक है।

उन्हाेंने बताया कि मीडिया के सम्मानित बंधुओ से भी मैने आग्रह किया था कि वे इसे प्रसारित नहीं करेंगे। इससे पहले जब वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही थी उस वक्त भी मैंने मना किया था तो उन्होंने इसे नहीं दिखाई। कल मेरे मना करने के पश्चात भी सदस्यों ने यहां की फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर डाली। यह अत्यंत आपत्तिजनक है। यदि आप यह संदेश देना चाहते हैं कि हम नहीं सुधर सकते तो यह दुखद है। एक सदस्य का आचरण सामने नहीं आता बल्कि यह विधानसभा के 403 सदस्यों के बारे में जनता के बीच संदेश जाता है।

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को विधानसभा में समाजवादी पार्टी के विधायकों ने बेल में आकर हंगामा किया था। उस दौरान सपा के विधायक इंजीनियर सचिन यादव मुख्यमंत्री की तस्वीर वाला एक पोस्टर लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इस पर अध्यक्ष ने उन्हें रोका लेकिन वह नहीं माने। इसके बाद उनका निलंबन किया गया था। वहीं बुधवार काे विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने लगभग 11.20 बजे सदन आधा घंटे के लिए स्थगित कर दिया और इसके बाद सदन का स्थगन एक बजे तक बढ़ा दिया।
यूपी में फिर सक्रिय हुआ मानसून, कई जिलों में झमाझम बारिश; 12 जिलों में ऑरेंज और 42 में येलो अलर्ट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मंगलवार को प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को उमस से राहत मिली है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार, बीते 24 घंटों में प्रदेश में सबसे अधिक 125 मिलीमीटर बारिश कन्नौज में दर्ज की गई। इसके अलावा बहराइच में 104 मिमी, इटावा में 100 मिमी, अयोध्या में 94.8 मिमी, लखीमपुर खीरी में 81.6 मिमी और कानपुर में 75 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 5 से 7 अगस्त तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है।

मौसम विभाग ने बुधवार के लिए बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, फतेहपुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर और हमीरपुर सहित 12 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, बाराबंकी, मेरठ, बरेली, शाहजहांपुर समेत 42 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

इस बीच राजधानी लखनऊ में मंगलवार को हुई तेज बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। आशियाना, अलीगंज, गोमतीनगर, मड़ियांव, विभूतिखंड और सरोजनीनगर सहित कई क्षेत्रों में सड़कें और गलियां पानी से भर गईं। कुछ स्थानों पर घरों और दुकानों में भी पानी घुस गया, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

गोमतीनगर के भरवारा अंडरपास में कई फीट पानी भर जाने से यातायात प्रभावित हुआ और कई दोपहिया वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए। नगर निगम की टीम को पंप लगाकर पानी निकालना पड़ा। विभूतिखंड, विनम्र खंड और अलीगंज में नालियां और सीवर जाम होने से जल निकासी प्रभावित रही। कई स्थानों पर नगर निगम की टीम को जेसीबी की मदद से नालियों की सफाई करनी पड़ी।

फैजुल्लागंज की कृष्णा लोक कॉलोनी में सीवर लाइन बिछाने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं होने से सड़क धंस गई। इस दौरान निर्माण सामग्री से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली उसमें फंस गई, जिससे कुछ देर के लिए यातायात बाधित रहा।

मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है। अगले दो से तीन दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।