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संभल हिंसा पूर्व नियोजित साजिश का नतीजा थी, न्यायिक आयोग की रिपोर्ट में बड़ा दावा

-  रिपोर्ट में सांसद जिया-उर-रहमान बर्क और सुहेल इकबाल समेत कई लोगों की भूमिका का उल्लेख; पुलिस कार्रवाई को बताया प्रभावी और संयमित


लखनऊ/ संभल। उत्तर प्रदेश के संभल में 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा को न्यायिक जांच आयोग ने पूर्व नियोजित साजिश का परिणाम बताया है। आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है कि मस्जिद के सर्वे को लेकर मुस्लिम समुदाय के बीच भ्रामक और गलत जानकारी फैलाए जाने के बाद बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए, जिसके चलते हिंसा भड़क गई।
रिपोर्ट के अनुसार, 24 नवंबर 2024 को मस्जिद के बाहर बड़ी भीड़ जमा हुई और देखते ही देखते पथराव, गोलीबारी तथा आगजनी की घटनाएं शुरू हो गईं। हिंसा में चार लोगों की मौत हुई थी, जबकि 28 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इनमें सात पुलिसकर्मियों को गोली लगी थी।
आयोग ने अपनी रिपोर्ट में सांसद जिया-उर-रहमान बर्क और विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहेल इकबाल समेत कई लोगों की भूमिका का उल्लेख किया है। हालांकि, रिपोर्ट में किन आधारों पर यह उल्लेख किया गया है, इसका विस्तृत विवरण सार्वजनिक होने पर ही स्पष्ट होगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि हिंसा में मारे गए लोगों को लगी गोलियां पुलिस की नहीं थीं। साथ ही उपद्रवियों द्वारा पुलिस के हथियार और अन्य सामान लूटने का प्रयास किए जाने का भी उल्लेख किया गया है।
न्यायिक आयोग ने जिला प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई को प्रभावी, संयमित और परिस्थितियों के अनुरूप बताया है। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए न्यायालयों के आदेशों का सम्मान करने, कानून का पालन सुनिश्चित करने और अफवाहों पर प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता पर जोर दिया है।
विधानसभा में हंगामे पर स्पीकर सतीश महाना भावुक, बोले- आत्ममंथन करूंगा कि इस पद के योग्य हूं या नहीं

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान हुए हंगामे पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने गहरी नाराजगी और पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सदन में उनकी बार-बार की गई अपील के बावजूद जिस प्रकार का व्यवहार हुआ, वह अत्यंत निंदनीय है।
सतीश महाना ने कहा, "मेरे मना करने के बावजूद सदन में जो कुछ हुआ, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। मुझे आत्ममंथन करना पड़ेगा कि क्या मैं इस कुर्सी के योग्य हूं या नहीं।"
उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों के अपने कार्यकाल की भी वह समीक्षा करेंगे। "मैं इस बात पर भी विचार करूंगा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में जो कुछ किया, वह उचित था या अनुचित। इस संबंध में शीघ्र ही निर्णय लूंगा।"
विधानसभा अध्यक्ष का यह बयान ऐसे समय आया है, जब विपक्ष के भारी हंगामे के बीच विधानसभा की कार्यवाही निर्धारित समय से पहले अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई थी। सदन में हुए घटनाक्रम को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
विपक्ष के हंगामे के बीच यूपी विधानसभा का मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, सीएम योगी ने सपा पर साधा निशाना

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र बुधवार को विपक्ष के लगातार हंगामे के बीच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। सदन की कार्यवाही पूर्व निर्धारित कार्यक्रम से पहले समाप्त कर दी गई, जबकि सत्र 6 अगस्त तक प्रस्तावित था।
कार्यवाही के दौरान विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों को लेकर जोरदार नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया, जिससे सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। लगातार गतिरोध के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी। इसके साथ ही मानसून सत्र का समापन निर्धारित समय से एक दिन पहले हो गया।
सत्र समाप्त होने के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने एक बार फिर अपना वास्तविक चेहरा दिखा दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही को हंगामे की भेंट चढ़ाना प्रदेश के युवाओं, किसानों और महिलाओं के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि सरकार ₹59 हजार करोड़ से अधिक का अनुपूरक बजट लेकर आई थी, ताकि नई विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जा सके।
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के नकारात्मक रवैये के कारण सदन में युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीबों के कल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि विपक्ष का यह व्यवहार युवा विरोधी, किसान विरोधी, महिला विरोधी और गरीब विरोधी है।
दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी लगातार विभिन्न मुद्दों पर सदन में चर्चा की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करती रही। विपक्ष का कहना है कि वह जनहित से जुड़े विषयों को सदन में उठाना चाहता था।
संसदीय आचरण की परिधि लांघना इस संस्था के लिए अत्यंत हानिकारक है : सतीश महाना

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को सुबह 11:00 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो विधानसभा अध्यक्ष ने मंगलवार को सदन में हुए हंगामे को निंदनीय बताया। संसदीय आचरण की परिधि लांघना इस संस्था के लिए अत्यंत हानिकारक है। उन्होंने कहा कि कल जो कुछ भी हुआ, वह संवैधानिक संस्था के लिए उचित नहीं था। हमें यह तय करना होगा कि हम अगली पीढ़ी को विरासत में क्या दे रहे हैं।

पीठ से विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि लोकतंत्र में पक्ष, विपक्ष, संवाद, सहमति और असहमति हो सकती है। यह भी लोकतंत्र का हिस्सा है। मुझसे किसी ने पूछा तो मैने कहा कि विपक्ष सरकार की तारीफ करने के लिए नहीं है। जनता की समस्याओं को उठाने के लिए है। सरकार का काम है कि अपने किए हुए कार्यों को सदन में बताएं। जन कल्याणकारी योजनाओं को लाएं। उन्होंने कहा कि सदन में इस प्रकार के भी क्षण आते हैं जब थोड़ी असहज स्थिति पैदा होती है, फिर भी पिछले साढ़े चार वर्षों में सदन चला रहा है। ऐसा नहीं है कि कल से पहले पिछले साढ़े चार सालों के दौरान विपक्ष के सदस्य बेल में नहीं आए। वह आए और समय और परिस्थितियों को देखते हुए अपनी बात को कहकर वापस अपनी सीट पर चले गए।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मै इस बात को कहना चाहता हूं कि अंबेडकर ने कहा था कि यह वक्त बताएगा कि समस्या संविधान में नहीं है, व्यक्ति में हो सकती है। पिछले साढ़े चार सालों में हमारी यह पूरी कोशिश रही है कि संविधान की गरिमा और उसकी महत्ता के अनुकूल सदन की कार्यवाही बढ़ाई जाए। अध्यक्ष के रूप में मैं देश में पहली बार सदस्यों की योग्यता के हिसाब से वर्गीकृत किया। बताया कि विधायिका किसी से कम नहीं है। सदन में डॉक्टर्स, इंजीनियर, अधिवक्ता, शिक्षाविद निर्वाचित हुए हैं। सदन की एक पुरानी घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि मुझे याद है तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य थे, मैंने उस वक्त भी कहा था कि नेता सदन का सम्मान होना चाहिए। सदन के सदस्य शपथ लेते हैं तो उसमें यह निहित है कि वह नेता सदन का सम्मान करेंगे। यदि सदन के नेता का सम्मान यदि हम लोग स्वयं पार्टी से ऊपर उठकर नहीं करेंगे तो यह संस्था निष्प्रभावी तो हो ही जाएगी, हम सब सदस्यों का भी मान सम्मान रहेगा, इसका भी मुझे शक है।

उन्होंने कहा कि वाद विवाद, सहमति और असहमति लोकतंत्र का अंग है। परंतु भाषा की मर्यादा हमें ध्यान में रखनी होगी। संसदीय आचरण की परिधि लांघना इस संस्था के लिए अत्यंत हानिकारक है। परंतु कल जो सदन में हुआ, उससे मैं दुखी और निराश हूं।

मुझे पहली बार यह एहसास हुआ कि मेरे प्रयास में या तो कोई कमी रह गई है या फिर डॉक्टर अंबेडकर की बात सही है कि कमी संविधान में नहीं बल्कि व्यक्तियों में है। कल एक सदस्य के आचरण ने मुझे आहत किया। बार बार रोकने के बाद भी उन्होंने भाषा की मर्यादा नहीं रखी। बाहर जाकर भी वे उसी प्रकार बोले। मैने अपनी राजनीतिक पारी में जो कुछ सीखा है, उसे इस सदन को देने का प्रयास किया है। परंतु मुझे ऐसा लगता है कि हम अपने प्रयासों में विफल हैं। जबतक सदस्य अच्छा वार्ताव नहीं करेंगे तब संवैधानिक संस्था का उन्नयन नहीं हो सकता।

महाना ने कहा कि मेरी अपील है कि यहां आप सब लोग पार्टी से ऊपर उठकर विचार करें कि आने वाली पीढ़ी के लिए हम विरासत में क्या परंपराएं छोड़ रहे हैं। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की विचारधारा एवं उनके सपनों को कितना सार्थक कर रहे हैं। अंत में इसके अतिरिक्त में यह भी कहना चाहूंगा कि मेरे मना करने के बाद भी कतिपय सदस्यों ने मीडिया और सोशल मीडिया को यहां के वीडियो और फोटोग्राफ्स दिए हैं। उसे प्रसारित किया गया है। यह आपत्तिजनक है।

उन्हाेंने बताया कि मीडिया के सम्मानित बंधुओ से भी मैने आग्रह किया था कि वे इसे प्रसारित नहीं करेंगे। इससे पहले जब वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही थी उस वक्त भी मैंने मना किया था तो उन्होंने इसे नहीं दिखाई। कल मेरे मना करने के पश्चात भी सदस्यों ने यहां की फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर डाली। यह अत्यंत आपत्तिजनक है। यदि आप यह संदेश देना चाहते हैं कि हम नहीं सुधर सकते तो यह दुखद है। एक सदस्य का आचरण सामने नहीं आता बल्कि यह विधानसभा के 403 सदस्यों के बारे में जनता के बीच संदेश जाता है।

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को विधानसभा में समाजवादी पार्टी के विधायकों ने बेल में आकर हंगामा किया था। उस दौरान सपा के विधायक इंजीनियर सचिन यादव मुख्यमंत्री की तस्वीर वाला एक पोस्टर लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इस पर अध्यक्ष ने उन्हें रोका लेकिन वह नहीं माने। इसके बाद उनका निलंबन किया गया था। वहीं बुधवार काे विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने लगभग 11.20 बजे सदन आधा घंटे के लिए स्थगित कर दिया और इसके बाद सदन का स्थगन एक बजे तक बढ़ा दिया।
यूपी में फिर सक्रिय हुआ मानसून, कई जिलों में झमाझम बारिश; 12 जिलों में ऑरेंज और 42 में येलो अलर्ट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मंगलवार को प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को उमस से राहत मिली है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार, बीते 24 घंटों में प्रदेश में सबसे अधिक 125 मिलीमीटर बारिश कन्नौज में दर्ज की गई। इसके अलावा बहराइच में 104 मिमी, इटावा में 100 मिमी, अयोध्या में 94.8 मिमी, लखीमपुर खीरी में 81.6 मिमी और कानपुर में 75 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 5 से 7 अगस्त तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है।

मौसम विभाग ने बुधवार के लिए बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, फतेहपुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर और हमीरपुर सहित 12 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, बाराबंकी, मेरठ, बरेली, शाहजहांपुर समेत 42 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

इस बीच राजधानी लखनऊ में मंगलवार को हुई तेज बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। आशियाना, अलीगंज, गोमतीनगर, मड़ियांव, विभूतिखंड और सरोजनीनगर सहित कई क्षेत्रों में सड़कें और गलियां पानी से भर गईं। कुछ स्थानों पर घरों और दुकानों में भी पानी घुस गया, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

गोमतीनगर के भरवारा अंडरपास में कई फीट पानी भर जाने से यातायात प्रभावित हुआ और कई दोपहिया वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए। नगर निगम की टीम को पंप लगाकर पानी निकालना पड़ा। विभूतिखंड, विनम्र खंड और अलीगंज में नालियां और सीवर जाम होने से जल निकासी प्रभावित रही। कई स्थानों पर नगर निगम की टीम को जेसीबी की मदद से नालियों की सफाई करनी पड़ी।

फैजुल्लागंज की कृष्णा लोक कॉलोनी में सीवर लाइन बिछाने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं होने से सड़क धंस गई। इस दौरान निर्माण सामग्री से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली उसमें फंस गई, जिससे कुछ देर के लिए यातायात बाधित रहा।

मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है। अगले दो से तीन दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
लखनऊ में मानसून का कहर: 24 घंटे में सामान्य से छह गुना ज्यादा बारिश, दीवार गिरने से वाहन दबे; दो दिन का ऑरेंज अलर्ट
सुबह से छाए बादल, दिनभर भारी बारिश के आसार; शहर में जलभराव और बिजली संकट, अगले तीन दिन भी राहत नहीं

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। बुधवार सुबह से ही शहर बादलों की चादर में लिपटा रहा और मौसम विभाग ने दिनभर मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। बीते 24 घंटों में शहर में 40.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य 7 मिलीमीटर की तुलना में करीब छह गुना अधिक है। लगातार बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

बारिश के बीच लखनऊ सिटी स्टेशन के पास एक बड़ा हादसा भी हुआ। यहां एक पुरानी दीवार भरभराकर गिर गई, जिसके मलबे में एक कार और करीब आधा दर्जन दोपहिया वाहन दब गए। हालांकि, किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। अगले 24 घंटे में गरज-चमक के साथ तेज बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

मानसून अब भी सामान्य से पीछे

आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से अब तक लखनऊ में 227.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 345.9 मिलीमीटर होनी चाहिए थी। यानी राजधानी में अब तक मानसून करीब 34 प्रतिशत कमजोर रहा है। हालांकि हाल के दिनों में हुई तेज बारिश से इस कमी में कुछ सुधार की उम्मीद है।

तापमान में गिरावट, उमस से मिली राहत

मंगलवार को अधिकतम तापमान 29.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.1 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1 डिग्री कम था। बारिश के कारण हवा में नमी काफी बढ़ गई और अधिकतम आर्द्रता 97 प्रतिशत तथा न्यूनतम 87 प्रतिशत दर्ज की गई।

जलभराव और बिजली कटौती से बढ़ीं मुश्किलें

लगातार बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित रही, जिससे नागरिकों की परेशानियां और बढ़ गईं।

अगले तीन दिन भी झमाझम बारिश के आसार

मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, उत्तर प्रदेश में कम दबाव के क्षेत्र और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से अगले 2 से 3 दिनों तक लखनऊ समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। इससे तापमान में और गिरावट आएगी तथा उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिलेगी।

बीते 24 घंटों में अमौसी मौसम केंद्र पर 66.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो इस मानसून सीजन की अब तक की सबसे अधिक वर्षा है। मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की है।
लखनऊ: इंस्टाग्राम पर शादी से इनकार का बदला, 11 वर्षीय बच्चे का अपहरण; 6 घंटे में आरोपी गिरफ्तार


लखनऊ। राजधानी के मड़ियांव थाना और डीसीपी उत्तरी की सर्विलांस/क्राइम टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए महज छह घंटे के भीतर 11 वर्षीय अपहृत बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने अपहरण के आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, 3/4 अगस्त 2026 को पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई कि इंस्टाग्राम पर परिचित बने एक युवक ने उस पर शादी का दबाव बनाया। शादी से इनकार करने पर आरोपी ने फोन पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी और उसके 11 वर्षीय बेटे को अपने साथ ले गया। महिला ने बेटे की जान को खतरा बताते हुए मड़ियांव थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मड़ियांव पुलिस और डीसीपी उत्तरी की सर्विलांस/क्राइम टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और लगातार तलाश के बाद पुलिस ने महज छह घंटे के भीतर बच्चे को बहराइच जिले के कैसरगंज क्षेत्र के चुलम्भा गांव से सकुशल बरामद कर लिया।

पुलिस ने आरोपी अजय यादव उर्फ छन्नू लाल यादव (25 वर्ष) निवासी बहराइच को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपी सेंटरिंग का काम करता है। पूछताछ और जांच में सामने आया कि उसने शादी का दबाव बनाने और इनकार के बाद महिला को धमकाने के उद्देश्य से बच्चे का अपहरण किया था।

पुलिस ने बताया कि आरोपी को नियमानुसार गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है। साथ ही उसके आपराधिक इतिहास की जानकारी अन्य जनपदों और थानों से जुटाई जा रही है।
लखनऊ: घर से लापता चार सगी बहनें देवा शरीफ से सकुशल बरामद, कैसरबाग पुलिस की त्वरित कार्रवाई

लखनऊ। राजधानी के कैसरबाग थाना क्षेत्र से लापता हुई चार सगी बहनों को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सकुशल बरामद कर लिया। सभी बहनों को बाराबंकी स्थित देवा शरीफ मजार से सुरक्षित वापस लाया गया। पुलिस की सक्रियता से परिजनों ने राहत की सांस ली और खुशी जताई।

पुलिस के अनुसार, 3 अगस्त 2026 को एक महिला ने थाने में तहरीर देकर बताया कि उनकी चारों बेटियां दिन में घर से बाहर गई थीं, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटीं। सूचना मिलते ही कैसरबाग पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी।

पुलिस टीम ने लगातार पतारसी, सुरागरसी और विभिन्न स्थानों पर खोजबीन करते हुए चारों बहनों को बाराबंकी के देवा शरीफ मजार से सकुशल बरामद कर लिया।

पूछताछ में चारों बहनों ने बताया कि उनकी मां ने उन्हें डांट दिया था, जिससे नाराज होकर वे घर छोड़कर चली गई थीं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके साथ किसी भी प्रकार की अप्रिय या आपराधिक घटना नहीं हुई।

चारों बहनों की सकुशल बरामदगी के बाद उन्हें परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। इस त्वरित कार्रवाई पर परिवार ने लखनऊ पुलिस का आभार व्यक्त किया, वहीं स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की तत्परता की सराहना की।
लखनऊ में फर्जी बैनामा गिरोह पर कार्रवाई, कूटरचित दस्तावेज मामले में एक और आरोपी गिरफ्तार



लखनऊ। राजधानी के वजीरगंज थाना क्षेत्र में फर्जी दस्तावेज तैयार कर कूटरचित बैनामा कराने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, 7 सितंबर 2025 को कैसरबाग निवासी मनोज पाठक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोगों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनकी संपत्ति का फर्जी बैनामा करा लिया। शिकायत के आधार पर वजीरगंज थाने में मुकदमा संख्या 232/2025 के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना, फर्जी दस्तावेज के इस्तेमाल और आपराधिक साजिश समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।

विवेचना के दौरान पुलिस को साक्ष्य मिले, जिसके आधार पर सीतापुर निवासी पैकरमा पुत्र गोकरन का नाम भी मामले में सामने आया। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर 3 अगस्त 2026 की शाम गुडंबा थाना क्षेत्र के बेहटा चौराहे से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि मुख्य आरोपी रजिस्टर पुत्र रामदास उसे लखनऊ लेकर आया था और उससे कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवा लिए थे। आरोपी ने दावा किया कि वह अधिक पढ़ा-लिखा नहीं है और उसे दस्तावेजों की पूरी जानकारी नहीं थी। हालांकि पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है।

पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
लखनऊ के आलमबाग में बैंककर्मी महिला पर संदिग्ध द्रव्य से हमला, पुलिस ने शुरू की जांच

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के आलमबाग थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक बैंककर्मी महिला पर अज्ञात युवक द्वारा संदिग्ध द्रव्य फेंकने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। राहत की बात यह है कि महिला पूरी तरह सुरक्षित है और चिकित्सकीय परीक्षण में किसी ज्वलनशील पदार्थ से जलने के कोई निशान नहीं मिले हैं।

पुलिस के अनुसार, घटना 4 अगस्त 2026 की है। करीब 38 वर्षीय बैंककर्मी महिला बैंक से निकलने के बाद कुछ दूरी पर खड़ी अपनी कार में बैठ रही थीं। तभी स्कूटी सवार एक अज्ञात युवक वहां पहुंचा और कार का दरवाजा खटखटाया। महिला द्वारा दरवाजा खोलते ही युवक ने छोटी बोतल में रखा कोई संदिग्ध द्रव्य उनके चेहरे की ओर फेंक दिया और मौके से फरार हो गया।

घटना के बाद महिला स्वयं उपचार के लिए एक निजी अस्पताल पहुंचीं। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि महिला के चेहरे पर किसी ज्वलनशील या रासायनिक पदार्थ से जलने के कोई निशान नहीं हैं। हालांकि उनकी आंखों में हल्की लालिमा पाई गई, लेकिन उनकी स्थिति सामान्य और पूरी तरह सुरक्षित है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। महिला से पूछताछ की जा रही है तथा उनका लिखित प्रार्थना पत्र लिया जा रहा है। घटनास्थल से संदिग्ध द्रव्य के नमूने एकत्र करने के लिए फोरेंसिक टीम को बुलाया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी मौके का निरीक्षण किया।

पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपी की पहचान की जा सके। संदिग्ध युवक की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी का प्रयास जारी है।