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लखनऊ: घर से लापता चार सगी बहनें देवा शरीफ से सकुशल बरामद, कैसरबाग पुलिस की त्वरित कार्रवाई

लखनऊ। राजधानी के कैसरबाग थाना क्षेत्र से लापता हुई चार सगी बहनों को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सकुशल बरामद कर लिया। सभी बहनों को बाराबंकी स्थित देवा शरीफ मजार से सुरक्षित वापस लाया गया। पुलिस की सक्रियता से परिजनों ने राहत की सांस ली और खुशी जताई।

पुलिस के अनुसार, 3 अगस्त 2026 को एक महिला ने थाने में तहरीर देकर बताया कि उनकी चारों बेटियां दिन में घर से बाहर गई थीं, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटीं। सूचना मिलते ही कैसरबाग पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी।

पुलिस टीम ने लगातार पतारसी, सुरागरसी और विभिन्न स्थानों पर खोजबीन करते हुए चारों बहनों को बाराबंकी के देवा शरीफ मजार से सकुशल बरामद कर लिया।

पूछताछ में चारों बहनों ने बताया कि उनकी मां ने उन्हें डांट दिया था, जिससे नाराज होकर वे घर छोड़कर चली गई थीं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके साथ किसी भी प्रकार की अप्रिय या आपराधिक घटना नहीं हुई।

चारों बहनों की सकुशल बरामदगी के बाद उन्हें परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। इस त्वरित कार्रवाई पर परिवार ने लखनऊ पुलिस का आभार व्यक्त किया, वहीं स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की तत्परता की सराहना की।
लखनऊ में फर्जी बैनामा गिरोह पर कार्रवाई, कूटरचित दस्तावेज मामले में एक और आरोपी गिरफ्तार



लखनऊ। राजधानी के वजीरगंज थाना क्षेत्र में फर्जी दस्तावेज तैयार कर कूटरचित बैनामा कराने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, 7 सितंबर 2025 को कैसरबाग निवासी मनोज पाठक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोगों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनकी संपत्ति का फर्जी बैनामा करा लिया। शिकायत के आधार पर वजीरगंज थाने में मुकदमा संख्या 232/2025 के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना, फर्जी दस्तावेज के इस्तेमाल और आपराधिक साजिश समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।

विवेचना के दौरान पुलिस को साक्ष्य मिले, जिसके आधार पर सीतापुर निवासी पैकरमा पुत्र गोकरन का नाम भी मामले में सामने आया। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर 3 अगस्त 2026 की शाम गुडंबा थाना क्षेत्र के बेहटा चौराहे से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि मुख्य आरोपी रजिस्टर पुत्र रामदास उसे लखनऊ लेकर आया था और उससे कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवा लिए थे। आरोपी ने दावा किया कि वह अधिक पढ़ा-लिखा नहीं है और उसे दस्तावेजों की पूरी जानकारी नहीं थी। हालांकि पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है।

पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
लखनऊ के आलमबाग में बैंककर्मी महिला पर संदिग्ध द्रव्य से हमला, पुलिस ने शुरू की जांच

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के आलमबाग थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक बैंककर्मी महिला पर अज्ञात युवक द्वारा संदिग्ध द्रव्य फेंकने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। राहत की बात यह है कि महिला पूरी तरह सुरक्षित है और चिकित्सकीय परीक्षण में किसी ज्वलनशील पदार्थ से जलने के कोई निशान नहीं मिले हैं।

पुलिस के अनुसार, घटना 4 अगस्त 2026 की है। करीब 38 वर्षीय बैंककर्मी महिला बैंक से निकलने के बाद कुछ दूरी पर खड़ी अपनी कार में बैठ रही थीं। तभी स्कूटी सवार एक अज्ञात युवक वहां पहुंचा और कार का दरवाजा खटखटाया। महिला द्वारा दरवाजा खोलते ही युवक ने छोटी बोतल में रखा कोई संदिग्ध द्रव्य उनके चेहरे की ओर फेंक दिया और मौके से फरार हो गया।

घटना के बाद महिला स्वयं उपचार के लिए एक निजी अस्पताल पहुंचीं। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि महिला के चेहरे पर किसी ज्वलनशील या रासायनिक पदार्थ से जलने के कोई निशान नहीं हैं। हालांकि उनकी आंखों में हल्की लालिमा पाई गई, लेकिन उनकी स्थिति सामान्य और पूरी तरह सुरक्षित है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। महिला से पूछताछ की जा रही है तथा उनका लिखित प्रार्थना पत्र लिया जा रहा है। घटनास्थल से संदिग्ध द्रव्य के नमूने एकत्र करने के लिए फोरेंसिक टीम को बुलाया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी मौके का निरीक्षण किया।

पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपी की पहचान की जा सके। संदिग्ध युवक की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी का प्रयास जारी है।
नेटवर्थ की जानकारी न देने पर रद्द किया गया एआई पूछ का एमओयू: नन्दी
* नोएडा और लखनऊ में स्थापित होंगे दो अत्याधुनिक टेक हब


लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने विधान परिषद सदस्य आशुतोष - सिन्हा द्वारा विधान परिषद में पूछे गए तारांकित प्रश्न का उत्तर दिया। एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने विधान परिषद में 50 लाख रूपए की आय वाली एआई कम्पनी पूछ एआई के साथ 25 हजार करोड़ के एमओयू को - लेकर सवाल किया था। पूछा था कि एआई पूछ के एमओयू को क्यों रद्द किया गया। इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई।
जिसका जवाब देते हुए विधान परिषद में मंत्री नन्दी ने कहा कि निवेश प्रस्तावों को आकर्षित करने के लिए व्यापक रणनीति अपनाई जाती है। जिसका प्रथम चरण निवेशक के साथ नॉन बाईंडिंग एमओयू साइन करना होता है। एमओयू के बाद निवेशक द्वारा प्रस्तावित परियोजना के क्रियान्वयन हेतु अपेक्षित नेटवर्थ या विश्वसनीय निवेशक बैकप की पूरी जानकारी मांगी जाती है, जिस पर एआई पूछ द्वारा जानकारी उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण एमओयू निरस्त किया गया। निवेशक द्वारा सूचना उपलब्ध न कराए जाने के कारण पूछ एआई के साथ हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन को निरस्त किए जाने का निर्णय लिया गया। इस प्रकार प्रकरण प्रक्रियात्मक है। किसी अधिकारी कर्मचारी के विरूद्ध कार्रवाई किए जाने का औचित्य नहीं है।
मंत्री नन्दी ने कहा कि उत्तर प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और उभरती टेक्नोलॉजी का राष्ट्रीय केंद्र बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में नोएडा और लखनऊ में दो अत्याधुनिक टेक हब स्थापित किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति 2026 के अंतर्गत राज्य में नवाचार, उद्यमिता और प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों को नई गति देने के लिए अगले पांच वर्षों में 20 विश्वस्तरीय सेंटर आफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 में 10 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
अनुपूरक बजट में उद्यान विभाग को ₹245.24 करोड़, आलू और बागवानी किसानों को मिलेगा लाभ

-  भामाशाह भाव स्थिरता कोष और भंडारण अनुदान के लिए 100-100 करोड़ रुपये का प्रावधान


लखनऊ, 4 अगस्त। उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में उद्यान विभाग के लिए ₹245.24 करोड़ का प्रावधान किया है। उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने इसे किसानों, विशेषकर बागवानी और आलू उत्पादकों के लिए महत्वपूर्ण कदम बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना का आभार व्यक्त किया।

मंत्री ने कहा कि बजट में भामाशाह भाव स्थिरता कोष की स्थापना के लिए ₹100 करोड़ की व्यवस्था की गई है। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने और बाजार में कीमतों को स्थिर रखने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि निजी शीतगृहों में भंडारित आलू के भंडारण शुल्क पर अनुदान के लिए भी ₹100 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे आलू उत्पादक किसानों का भंडारण खर्च कम होगा और वे अपनी उपज को उचित समय तक सुरक्षित रखकर बेहतर कीमत मिलने पर बेच सकेंगे।
अनुपूरक बजट में अंतर्राष्ट्रीय आलू केंद्र (सीआईपी-एसएआरसी), आगरा के संपर्क मार्ग के लिए भूमि क्रय एवं निर्माण पर ₹9.53 करोड़ खर्च किए जाएंगे। मंत्री के अनुसार, इससे आलू अनुसंधान, आधुनिक कृषि तकनीकों के विस्तार और किसानों तक नई तकनीक पहुंचाने में सहायता मिलेगी।
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, उद्यानिकी को बढ़ावा देने और कृषि अवसंरचना को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अनुपूरक बजट में किए गए ये प्रावधान सरकार की किसान हितैषी नीति और कृषि विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
प्राथमिक शिक्षा को मिली ₹351.25 करोड़ की मजबूती, परिषदीय विद्यालयों के लिए बड़ा प्रावधान

-  अनुपूरक बजट से विद्यालयों की व्यवस्थाएं होंगी सुदृढ़, छात्र कल्याण योजनाओं को मिलेगी गति

लखनऊ, 4 अगस्त। उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए ₹351.25 करोड़ का प्रावधान किया है। इस राशि का उपयोग परिषदीय विद्यालयों के संचालन, छात्र कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने में किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने मंगलवार को कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण, संस्कारयुक्त और समान शिक्षा पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव है।
मंत्री ने बताया कि अनुपूरक बजट में स्वीकृत ₹351.25 करोड़ की राशि का उपयोग प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों के बेहतर संचालन, मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) योजना, छात्र-छात्राओं के लिए संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं तथा विद्यालयों की आवश्यक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने में किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों की आधारभूत संरचना में व्यापक सुधार किए गए हैं। विद्यालयों में स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण, आधुनिक शिक्षण संसाधनों और बेहतर पठन-पाठन व्यवस्था से सरकारी स्कूलों के प्रति अभिभावकों और विद्यार्थियों का विश्वास बढ़ा है।
संदीप सिंह ने कहा कि अनुपूरक बजट में किया गया यह प्रावधान प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगा तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
14 अगस्त को पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस', लखनऊ में होगा राज्यस्तरीय आयोजन

-  जीपीओ पार्क से लोकभवन तक निकलेगा मौन जुलूस, विभाजन पर प्रदर्शनी और व्याख्यान होंगे आयोजित


लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस-2026' पूरे प्रदेश में मनाएगी। राज्यस्तरीय कार्यक्रम लखनऊ में आयोजित होगा, जबकि सभी 75 जिलों में भी विभिन्न आयोजन किए जाएंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य देश के विभाजन की त्रासदी से युवा पीढ़ी को परिचित कराना तथा उससे प्रभावित लोगों के साहस, संघर्ष और बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करना है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने मंगलवार को बताया कि स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित होने वाले राज्यस्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति प्रस्तावित है। अन्य जनपदों में संबंधित मंत्री कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
उन्होंने बताया कि लखनऊ के जीपीओ पार्क में विभाजन की त्रासदी पर आधारित प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिसमें भारत सरकार द्वारा तैयार सामग्री के साथ विभाजन के दौरान विस्थापित होकर भारत आए परिवारों से जुड़ी स्मृतियों और वस्तुओं का भी प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्यमंत्री एवं अन्य अतिथि करेंगे। इसके बाद जीपीओ पार्क से लोकभवन तक मौन जुलूस निकाला जाएगा।
राज्यस्तरीय कार्यक्रम में विभाजन के पीड़ितों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा जाएगा तथा मतुआ समुदाय के इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और योगदान पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन भी किया जाएगा।

प्रदेश के सभी 75 जिलों में विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों में व्याख्यान, परिचर्चाएं, मौन जुलूस, शांति पाठ और कैंडल मार्च आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के संबोधन के साथ 1947 के भारत-विभाजन से संबंधित पुस्तकों और दस्तावेजों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
मंत्री ने बताया कि इन आयोजनों में सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया, उत्तर प्रदेश सिंधी सभा, सिंधी अकादमी, सनातनी पंजाबी महासभा तथा बंगाली समुदाय सहित विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों का सहयोग लिया जाएगा। कार्यक्रमों के समन्वय की जिम्मेदारी संस्कृति विभाग को सौंपी गई है और इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
सीएम योगी की तस्वीर लेकर सदन में पहुंचे सपा विधायक सचिन यादव, विधानसभा से निष्कासित

-  स्पीकर सतीश महाना की चेतावनी के बाद भी नहीं हटाया पोस्टर, मार्शलों ने सदन से बाहर किया


लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को उस समय हंगामा हो गया जब समाजवादी पार्टी के विधायक सचिन यादव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर वाला पोस्टर लेकर सदन में विरोध प्रदर्शन करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने इसे सदन की गरिमा के विरुद्ध बताते हुए पहले विधायक को कई बार चेतावनी दी, लेकिन उनके नहीं मानने पर उन्हें पूरे सत्र के लिए सदन से निष्कासित कर दिया।

कार्यवाही के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने सचिन यादव से पोस्टर हटाने और अपनी सीट पर लौटने को कहा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की तस्वीर के साथ इस प्रकार का प्रदर्शन सदन की परंपराओं और गरिमा के अनुरूप नहीं है। इसके बावजूद विधायक लगातार पोस्टर दिखाते रहे।
स्पीकर ने पहले चेतावनी दी कि यदि पोस्टर नहीं हटाया गया तो उन्हें सदन से बाहर कर दिया जाएगा। जब विधायक ने निर्देश का पालन नहीं किया तो विधानसभा अध्यक्ष ने मार्शलों को बुलाकर उन्हें सदन से बाहर ले जाने का आदेश दिया। इसके बाद मार्शलों ने सचिन यादव को सदन से बाहर कर दिया।
कार्रवाई के बाद समाजवादी पार्टी विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें विरोध प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय लिया गया। सपा का कहना है कि वह राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर सदन में चर्चा की मांग कर रही है और यह मांग विधानसभा के नियमों के तहत उठाई जा रही है। पार्टी ने कहा कि उसका विरोध आगे भी जारी रहेगा।
यूपी सरकार ने पेश किया ₹59,019.54 करोड़ का अनुपूरक बजट, उद्योग और ग्रामीण विकास पर सबसे ज्यादा जोर

-  ऊर्जा, स्वास्थ्य, महिला कल्याण और आधारभूत ढांचे के लिए भी बड़े प्रावधान; वित्त मंत्री बोले- राजकोषीय घाटा पूरी तरह नियंत्रण में

लखनऊ, 4 अगस्त। उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मंगलवार को विधानसभा में ₹59,019.54 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य प्रदेश की विकास परियोजनाओं को गति देना, आधारभूत ढांचे को मजबूत करना और नई जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए संसाधन उपलब्ध कराना है।
वित्त मंत्री ने बताया कि अनुपूरक बजट का आकार राज्य के मूल बजट का 6.47 प्रतिशत है। इसमें राजस्व व्यय ₹17,399.50 करोड़ और पूंजीगत व्यय ₹41,620.04 करोड़ रखा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सड़क, ऊर्जा, उद्योग, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में पूंजीगत निवेश को प्राथमिकता दी है ताकि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिल सके। नई योजनाओं और मांगों के लिए ₹7,854.25 करोड़ का अलग से प्रावधान किया गया है।

-  उद्योग और ग्रामीण विकास को सबसे बड़ा हिस्सा
अनुपूरक बजट में भारी एवं मध्यम उद्योग विभाग के लिए ₹22,107.88 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा। वहीं ग्राम विकास विभाग के लिए ₹17,942.73 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जिनका उपयोग ग्रामीण अधोसंरचना, पंचायत विकास और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार में किया जाएगा।

-  ऊर्जा और स्वास्थ्य क्षेत्र को भी मजबूती
प्रदेश में बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ऊर्जा विभाग को ₹7,422.27 करोड़ दिए गए हैं। वहीं चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए ₹2,000.25 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे अस्पतालों की सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जाएगा।

-  समाज कल्याण और महिला सशक्तीकरण पर फोकस
सरकार ने समाज कल्याण विभाग के लिए ₹1,655 करोड़ तथा महिला कल्याण विभाग के लिए ₹1,094.40 करोड़ का प्रावधान किया है। इसके अलावा सड़क और अन्य आधारभूत परियोजनाओं के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को ₹700.01 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश का राजकोषीय घाटा निर्धारित सीमा के भीतर है, जो सरकार के वित्तीय अनुशासन और बेहतर आर्थिक प्रबंधन का प्रमाण है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विकास कार्यों के साथ वित्तीय संतुलन भी बनाए रखा जाएगा।

-   ₹9.71 लाख करोड़ के पार पहुंचा राज्य का बजट
वित्तीय वर्ष 2026-27 का मूल बजट ₹9,12,696.35 करोड़ था। इसमें ₹59,019.54 करोड़ का अनुपूरक बजट जोड़ने के बाद राज्य का कुल बजट बढ़कर ₹9,71,715.89 करोड़ हो जाएगा। इसमें राजस्व व्यय ₹6,81,870.05 करोड़ और पूंजीगत व्यय ₹2,89,845.84 करोड़ होगा।

सेक्टरवार अनुपूरक बजट :-
- आर्थिक सेवाएं – ₹45,568.63 करोड़ (लगभग 77%)

- सामाजिक सेवाएं – ₹9,707.74 करोड़ (लगभग 16%)

- सामान्य सेवाएं – ₹633.19 करोड़ (लगभग 1%)

- ऋण एवं उधार दायित्व – ₹3,110.02 करोड़ (लगभग 6%)

अनुपूरक बजट से स्पष्ट है कि सरकार ने अतिरिक्त संसाधनों का बड़ा हिस्सा आधारभूत संरचना, औद्योगिक विकास, ऊर्जा, ग्रामीण विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के विस्तार पर केंद्रित किया है।
सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के विकास को मिलेगी रफ्तार, अनुपूरक बजट में 5 करोड़ रुपये का प्रावधान

-  उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय बोले- संस्कृत शिक्षा और भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध


लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने वाराणसी स्थित सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के विकास और निर्माणाधीन परियोजनाओं को गति देने के लिए अनुपूरक बजट में 5 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया है। इस राशि का उपयोग विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और लंबित निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में किया जाएगा।

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने मंगलवार को बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार संस्कृत शिक्षा, भारतीय ज्ञान परंपरा और उच्च शिक्षण संस्थानों के सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य से सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के विकास के लिए अनुपूरक बजट में 500 लाख रुपये (5 करोड़ रुपये) की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृत भाषा और प्राचीन विद्या का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। सरकार विश्वविद्यालय में आधुनिक सुविधाओं के विस्तार, आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण और निर्माणाधीन परियोजनाओं को शीघ्र पूरा कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
मंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय में चल रहे विकास कार्य पूरे होने से विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आधुनिक संसाधन और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि योगी सरकार संस्कृत भाषा और भारतीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करते हुए इस दिशा में निरंतर निवेश कर रही है।