/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1634728678748426.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1634728678748426.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1634728678748426.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1634728678748426.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1634728678748426.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1634728678748426.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1634728678748426.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1634728678748426.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1634728678748426.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1634728678748426.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1634728678748426.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1634728678748426.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1634728678748426.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1634728678748426.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1634728678748426.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1634728678748426.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1634728678748426.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1634728678748426.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1634728678748426.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1634728678748426.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1634728678748426.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1634728678748426.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1634728678748426.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1634728678748426.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1634728678748426.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1634728678748426.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1634728678748426.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1634728678748426.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1634728678748426.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1634728678748426.png StreetBuzz नेटवर्थ की जानकारी न देने पर रद्द किया गया एआई पूछ का एमओयू: नन्दी lucknow
नेटवर्थ की जानकारी न देने पर रद्द किया गया एआई पूछ का एमओयू: नन्दी
* नोएडा और लखनऊ में स्थापित होंगे दो अत्याधुनिक टेक हब


लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने विधान परिषद सदस्य आशुतोष - सिन्हा द्वारा विधान परिषद में पूछे गए तारांकित प्रश्न का उत्तर दिया। एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने विधान परिषद में 50 लाख रूपए की आय वाली एआई कम्पनी पूछ एआई के साथ 25 हजार करोड़ के एमओयू को - लेकर सवाल किया था। पूछा था कि एआई पूछ के एमओयू को क्यों रद्द किया गया। इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई।
जिसका जवाब देते हुए विधान परिषद में मंत्री नन्दी ने कहा कि निवेश प्रस्तावों को आकर्षित करने के लिए व्यापक रणनीति अपनाई जाती है। जिसका प्रथम चरण निवेशक के साथ नॉन बाईंडिंग एमओयू साइन करना होता है। एमओयू के बाद निवेशक द्वारा प्रस्तावित परियोजना के क्रियान्वयन हेतु अपेक्षित नेटवर्थ या विश्वसनीय निवेशक बैकप की पूरी जानकारी मांगी जाती है, जिस पर एआई पूछ द्वारा जानकारी उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण एमओयू निरस्त किया गया। निवेशक द्वारा सूचना उपलब्ध न कराए जाने के कारण पूछ एआई के साथ हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन को निरस्त किए जाने का निर्णय लिया गया। इस प्रकार प्रकरण प्रक्रियात्मक है। किसी अधिकारी कर्मचारी के विरूद्ध कार्रवाई किए जाने का औचित्य नहीं है।
मंत्री नन्दी ने कहा कि उत्तर प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और उभरती टेक्नोलॉजी का राष्ट्रीय केंद्र बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में नोएडा और लखनऊ में दो अत्याधुनिक टेक हब स्थापित किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति 2026 के अंतर्गत राज्य में नवाचार, उद्यमिता और प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों को नई गति देने के लिए अगले पांच वर्षों में 20 विश्वस्तरीय सेंटर आफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 में 10 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
अनुपूरक बजट में उद्यान विभाग को ₹245.24 करोड़, आलू और बागवानी किसानों को मिलेगा लाभ

-  भामाशाह भाव स्थिरता कोष और भंडारण अनुदान के लिए 100-100 करोड़ रुपये का प्रावधान


लखनऊ, 4 अगस्त। उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में उद्यान विभाग के लिए ₹245.24 करोड़ का प्रावधान किया है। उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने इसे किसानों, विशेषकर बागवानी और आलू उत्पादकों के लिए महत्वपूर्ण कदम बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना का आभार व्यक्त किया।

मंत्री ने कहा कि बजट में भामाशाह भाव स्थिरता कोष की स्थापना के लिए ₹100 करोड़ की व्यवस्था की गई है। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने और बाजार में कीमतों को स्थिर रखने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि निजी शीतगृहों में भंडारित आलू के भंडारण शुल्क पर अनुदान के लिए भी ₹100 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे आलू उत्पादक किसानों का भंडारण खर्च कम होगा और वे अपनी उपज को उचित समय तक सुरक्षित रखकर बेहतर कीमत मिलने पर बेच सकेंगे।
अनुपूरक बजट में अंतर्राष्ट्रीय आलू केंद्र (सीआईपी-एसएआरसी), आगरा के संपर्क मार्ग के लिए भूमि क्रय एवं निर्माण पर ₹9.53 करोड़ खर्च किए जाएंगे। मंत्री के अनुसार, इससे आलू अनुसंधान, आधुनिक कृषि तकनीकों के विस्तार और किसानों तक नई तकनीक पहुंचाने में सहायता मिलेगी।
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, उद्यानिकी को बढ़ावा देने और कृषि अवसंरचना को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अनुपूरक बजट में किए गए ये प्रावधान सरकार की किसान हितैषी नीति और कृषि विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
प्राथमिक शिक्षा को मिली ₹351.25 करोड़ की मजबूती, परिषदीय विद्यालयों के लिए बड़ा प्रावधान

-  अनुपूरक बजट से विद्यालयों की व्यवस्थाएं होंगी सुदृढ़, छात्र कल्याण योजनाओं को मिलेगी गति

लखनऊ, 4 अगस्त। उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए ₹351.25 करोड़ का प्रावधान किया है। इस राशि का उपयोग परिषदीय विद्यालयों के संचालन, छात्र कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने में किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने मंगलवार को कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण, संस्कारयुक्त और समान शिक्षा पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव है।
मंत्री ने बताया कि अनुपूरक बजट में स्वीकृत ₹351.25 करोड़ की राशि का उपयोग प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों के बेहतर संचालन, मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) योजना, छात्र-छात्राओं के लिए संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं तथा विद्यालयों की आवश्यक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने में किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों की आधारभूत संरचना में व्यापक सुधार किए गए हैं। विद्यालयों में स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण, आधुनिक शिक्षण संसाधनों और बेहतर पठन-पाठन व्यवस्था से सरकारी स्कूलों के प्रति अभिभावकों और विद्यार्थियों का विश्वास बढ़ा है।
संदीप सिंह ने कहा कि अनुपूरक बजट में किया गया यह प्रावधान प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगा तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
14 अगस्त को पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस', लखनऊ में होगा राज्यस्तरीय आयोजन

-  जीपीओ पार्क से लोकभवन तक निकलेगा मौन जुलूस, विभाजन पर प्रदर्शनी और व्याख्यान होंगे आयोजित


लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस-2026' पूरे प्रदेश में मनाएगी। राज्यस्तरीय कार्यक्रम लखनऊ में आयोजित होगा, जबकि सभी 75 जिलों में भी विभिन्न आयोजन किए जाएंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य देश के विभाजन की त्रासदी से युवा पीढ़ी को परिचित कराना तथा उससे प्रभावित लोगों के साहस, संघर्ष और बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करना है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने मंगलवार को बताया कि स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित होने वाले राज्यस्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति प्रस्तावित है। अन्य जनपदों में संबंधित मंत्री कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
उन्होंने बताया कि लखनऊ के जीपीओ पार्क में विभाजन की त्रासदी पर आधारित प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिसमें भारत सरकार द्वारा तैयार सामग्री के साथ विभाजन के दौरान विस्थापित होकर भारत आए परिवारों से जुड़ी स्मृतियों और वस्तुओं का भी प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्यमंत्री एवं अन्य अतिथि करेंगे। इसके बाद जीपीओ पार्क से लोकभवन तक मौन जुलूस निकाला जाएगा।
राज्यस्तरीय कार्यक्रम में विभाजन के पीड़ितों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा जाएगा तथा मतुआ समुदाय के इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और योगदान पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन भी किया जाएगा।

प्रदेश के सभी 75 जिलों में विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों में व्याख्यान, परिचर्चाएं, मौन जुलूस, शांति पाठ और कैंडल मार्च आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के संबोधन के साथ 1947 के भारत-विभाजन से संबंधित पुस्तकों और दस्तावेजों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
मंत्री ने बताया कि इन आयोजनों में सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया, उत्तर प्रदेश सिंधी सभा, सिंधी अकादमी, सनातनी पंजाबी महासभा तथा बंगाली समुदाय सहित विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों का सहयोग लिया जाएगा। कार्यक्रमों के समन्वय की जिम्मेदारी संस्कृति विभाग को सौंपी गई है और इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
सीएम योगी की तस्वीर लेकर सदन में पहुंचे सपा विधायक सचिन यादव, विधानसभा से निष्कासित

-  स्पीकर सतीश महाना की चेतावनी के बाद भी नहीं हटाया पोस्टर, मार्शलों ने सदन से बाहर किया


लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को उस समय हंगामा हो गया जब समाजवादी पार्टी के विधायक सचिन यादव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर वाला पोस्टर लेकर सदन में विरोध प्रदर्शन करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने इसे सदन की गरिमा के विरुद्ध बताते हुए पहले विधायक को कई बार चेतावनी दी, लेकिन उनके नहीं मानने पर उन्हें पूरे सत्र के लिए सदन से निष्कासित कर दिया।

कार्यवाही के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने सचिन यादव से पोस्टर हटाने और अपनी सीट पर लौटने को कहा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की तस्वीर के साथ इस प्रकार का प्रदर्शन सदन की परंपराओं और गरिमा के अनुरूप नहीं है। इसके बावजूद विधायक लगातार पोस्टर दिखाते रहे।
स्पीकर ने पहले चेतावनी दी कि यदि पोस्टर नहीं हटाया गया तो उन्हें सदन से बाहर कर दिया जाएगा। जब विधायक ने निर्देश का पालन नहीं किया तो विधानसभा अध्यक्ष ने मार्शलों को बुलाकर उन्हें सदन से बाहर ले जाने का आदेश दिया। इसके बाद मार्शलों ने सचिन यादव को सदन से बाहर कर दिया।
कार्रवाई के बाद समाजवादी पार्टी विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें विरोध प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय लिया गया। सपा का कहना है कि वह राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर सदन में चर्चा की मांग कर रही है और यह मांग विधानसभा के नियमों के तहत उठाई जा रही है। पार्टी ने कहा कि उसका विरोध आगे भी जारी रहेगा।
यूपी सरकार ने पेश किया ₹59,019.54 करोड़ का अनुपूरक बजट, उद्योग और ग्रामीण विकास पर सबसे ज्यादा जोर

-  ऊर्जा, स्वास्थ्य, महिला कल्याण और आधारभूत ढांचे के लिए भी बड़े प्रावधान; वित्त मंत्री बोले- राजकोषीय घाटा पूरी तरह नियंत्रण में

लखनऊ, 4 अगस्त। उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मंगलवार को विधानसभा में ₹59,019.54 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य प्रदेश की विकास परियोजनाओं को गति देना, आधारभूत ढांचे को मजबूत करना और नई जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए संसाधन उपलब्ध कराना है।
वित्त मंत्री ने बताया कि अनुपूरक बजट का आकार राज्य के मूल बजट का 6.47 प्रतिशत है। इसमें राजस्व व्यय ₹17,399.50 करोड़ और पूंजीगत व्यय ₹41,620.04 करोड़ रखा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सड़क, ऊर्जा, उद्योग, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में पूंजीगत निवेश को प्राथमिकता दी है ताकि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिल सके। नई योजनाओं और मांगों के लिए ₹7,854.25 करोड़ का अलग से प्रावधान किया गया है।

-  उद्योग और ग्रामीण विकास को सबसे बड़ा हिस्सा
अनुपूरक बजट में भारी एवं मध्यम उद्योग विभाग के लिए ₹22,107.88 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा। वहीं ग्राम विकास विभाग के लिए ₹17,942.73 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जिनका उपयोग ग्रामीण अधोसंरचना, पंचायत विकास और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार में किया जाएगा।

-  ऊर्जा और स्वास्थ्य क्षेत्र को भी मजबूती
प्रदेश में बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ऊर्जा विभाग को ₹7,422.27 करोड़ दिए गए हैं। वहीं चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए ₹2,000.25 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे अस्पतालों की सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जाएगा।

-  समाज कल्याण और महिला सशक्तीकरण पर फोकस
सरकार ने समाज कल्याण विभाग के लिए ₹1,655 करोड़ तथा महिला कल्याण विभाग के लिए ₹1,094.40 करोड़ का प्रावधान किया है। इसके अलावा सड़क और अन्य आधारभूत परियोजनाओं के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को ₹700.01 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश का राजकोषीय घाटा निर्धारित सीमा के भीतर है, जो सरकार के वित्तीय अनुशासन और बेहतर आर्थिक प्रबंधन का प्रमाण है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विकास कार्यों के साथ वित्तीय संतुलन भी बनाए रखा जाएगा।

-   ₹9.71 लाख करोड़ के पार पहुंचा राज्य का बजट
वित्तीय वर्ष 2026-27 का मूल बजट ₹9,12,696.35 करोड़ था। इसमें ₹59,019.54 करोड़ का अनुपूरक बजट जोड़ने के बाद राज्य का कुल बजट बढ़कर ₹9,71,715.89 करोड़ हो जाएगा। इसमें राजस्व व्यय ₹6,81,870.05 करोड़ और पूंजीगत व्यय ₹2,89,845.84 करोड़ होगा।

सेक्टरवार अनुपूरक बजट :-
- आर्थिक सेवाएं – ₹45,568.63 करोड़ (लगभग 77%)

- सामाजिक सेवाएं – ₹9,707.74 करोड़ (लगभग 16%)

- सामान्य सेवाएं – ₹633.19 करोड़ (लगभग 1%)

- ऋण एवं उधार दायित्व – ₹3,110.02 करोड़ (लगभग 6%)

अनुपूरक बजट से स्पष्ट है कि सरकार ने अतिरिक्त संसाधनों का बड़ा हिस्सा आधारभूत संरचना, औद्योगिक विकास, ऊर्जा, ग्रामीण विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के विस्तार पर केंद्रित किया है।
सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के विकास को मिलेगी रफ्तार, अनुपूरक बजट में 5 करोड़ रुपये का प्रावधान

-  उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय बोले- संस्कृत शिक्षा और भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध


लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने वाराणसी स्थित सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के विकास और निर्माणाधीन परियोजनाओं को गति देने के लिए अनुपूरक बजट में 5 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया है। इस राशि का उपयोग विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और लंबित निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में किया जाएगा।

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने मंगलवार को बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार संस्कृत शिक्षा, भारतीय ज्ञान परंपरा और उच्च शिक्षण संस्थानों के सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य से सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के विकास के लिए अनुपूरक बजट में 500 लाख रुपये (5 करोड़ रुपये) की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृत भाषा और प्राचीन विद्या का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। सरकार विश्वविद्यालय में आधुनिक सुविधाओं के विस्तार, आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण और निर्माणाधीन परियोजनाओं को शीघ्र पूरा कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
मंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय में चल रहे विकास कार्य पूरे होने से विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आधुनिक संसाधन और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि योगी सरकार संस्कृत भाषा और भारतीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करते हुए इस दिशा में निरंतर निवेश कर रही है।
'कोई परिषदीय विद्यालय बंद नहीं हुआ', विपक्ष के आरोपों पर बोले बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह

-  विद्यालयों की पेयरिंग को बताया संसाधनों के बेहतर उपयोग की पहल, कहा- 19 मानकों पर सुविधाएं 36% से बढ़कर 96% हुईं


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने विधान परिषद में स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार ने किसी भी परिषदीय विद्यालय को बंद नहीं किया है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों की पेयरिंग (एकीकरण) को लेकर विपक्ष भ्रम फैला रहा है, जबकि सरकार का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
मंत्री ने बताया कि वर्ष 2019 में एक ही परिसर में संचालित 25,578 विद्यालयों के प्रशासनिक एकीकरण का निर्णय लिया गया था। कई स्थानों पर प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय या दो-दो प्राथमिक विद्यालय एक ही परिसर में संचालित हो रहे थे। ऐसे विद्यालयों को कक्षा 1 से 8 तक कंपोजिट विद्यालय के रूप में संचालित करने का फैसला संसाधनों के बेहतर उपयोग और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया।
उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों में 50 से कम छात्र हैं और जो एक किलोमीटर की परिधि में स्थित हैं, उनके संबंध में पेयरिंग का निर्णय लिया गया है। इन विद्यालयों का यू-डायस कोड समाप्त नहीं किया गया है, बल्कि वहां बाल वाटिकाएं संचालित की जा रही हैं। प्रदेश में वर्तमान में 71,877 बाल वाटिकाएं संचालित हैं और प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने के लिए 19,484 ईसीसीई एजुकेटर्स की नियुक्ति भी की गई है।
संदीप सिंह ने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प के तहत परिषदीय विद्यालयों की आधारभूत संरचना में व्यापक सुधार हुआ है। वर्ष 2017 में विद्यालयों में निर्धारित 19 मानकों पर सुविधाओं की उपलब्धता लगभग 36 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 96 प्रतिशत तक पहुंच गई है। स्मार्ट कक्षाओं के माध्यम से डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा दिया गया है, जबकि मानव संपदा पोर्टल से शिक्षकों से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता आई है।
उन्होंने बताया कि सरकार के प्रयासों से परिषदीय विद्यालयों में अभिभावकों का भरोसा बढ़ा है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में 73.94 लाख बालिकाओं सहित कुल 1.43 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है। विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं और यूनिफॉर्म व अन्य आवश्यक सामग्री के लिए डीबीटी के माध्यम से प्रति छात्र 1,200 रुपये सीधे अभिभावकों के बैंक खातों में भेजे जा रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि सरकार ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है। शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये तथा अनुदेशकों का मानदेय 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये किया गया है। इसके अलावा शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे 12.28 लाख से अधिक लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए 11,508 शिक्षकों की नियुक्ति का अधियाचन भेजा जा चुका है। साथ ही श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए अटल आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं तथा प्रत्येक जिले में दो-दो सीएम मॉडल कंपोजिट विद्यालय विकसित किए जा रहे हैं।
संदीप सिंह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य विद्यालय बंद करना नहीं, बल्कि संसाधनों को सुदृढ़ बनाकर गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराना है।
विपक्ष के हंगामे के बीच ए. के. शर्मा ने पूरी की विधायी प्रक्रिया, सनातन और श्रीराम के मुद्दे पर किया पलटवार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के तृतीय सत्र में मंगलवार को नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा विपक्ष के हंगामे के बीच भी अपनी विधायी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए मुखर नजर आए। सदन में लगातार शोर-शराबे और नारेबाजी के बावजूद उन्होंने संयम बनाए रखते हुए विधायी प्रक्रिया पूरी की और बाद में विपक्ष के आरोपों का जवाब भी दिया।
सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ए. के. शर्मा ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि "जो लोग रामभक्तों पर गोली चलवाने का इतिहास रखते हैं और जिन्होंने वर्षों तक श्रीराम मंदिर को टूटी हुई अवस्था में रहने दिया, उन्हें श्रीराम और सनातन पर आस्था रखने वाली सरकार पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।"
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार भारत की सांस्कृतिक विरासत, सनातन परंपरा और जनभावनाओं के सम्मान के साथ कार्य कर रही है। सरकार विकास, सुशासन और जनकल्याण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है तथा विपक्ष के निराधार आरोपों से विचलित होने वाली नहीं है।
मंत्री ने कहा कि विधानसभा लोकतांत्रिक संवाद का सर्वोच्च मंच है और सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे सदन की गरिमा बनाए रखें। उन्होंने कहा कि विपक्ष के व्यवधान और हंगामे के बावजूद सरकार जनहित से जुड़े विधायी कार्यों को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

विधानसभा की कार्यवाही के दौरान विपक्ष के लगातार विरोध के बीच भी ए. के. शर्मा ने शांत और संयमित तरीके से अपनी विधायी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रदेश के विकास, बेहतर शहरी सुविधाओं, ऊर्जा क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण और जनता के हितों से जुड़े कार्यों को गति देना है।
जीएनएसएस रोवर तकनीक से भूमि सीमांकन का सफल प्रदर्शन, राजस्व मंत्री बोले- विवाद होंगे कम, बढ़ेगी पारदर्शिता

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भूमि सीमांकन को अधिक सटीक, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। लखनऊ की मोहनलालगंज तहसील के ग्राम करोरवा में राजस्व राज्यमंत्री सुरेन्द्र सिंह दिलेर की उपस्थिति में आधुनिक जीएनएसएस (GNSS) रोवर तकनीक से भूमि सीमांकन का सफल प्रदर्शन किया गया।
उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा-24 के तहत आयोजित इस प्रदर्शन में तहसील की राजस्व टीम ने आधुनिक जीएनएसएस रोवर मशीन और पारंपरिक जरीब पद्धति, दोनों के माध्यम से भूमि का सीमांकन किया। दोनों विधियों से प्राप्त परिणामों का अधिकारियों ने मौके पर मिलान और सत्यापन किया, जिसमें सीमाएं पूरी तरह समान और सटीक पाई गईं।
राजस्व राज्यमंत्री सुरेन्द्र सिंह दिलेर ने स्वयं रोवर तकनीक की कार्यप्रणाली, उसकी तकनीकी सटीकता और सीमांकन प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने इस तकनीक को राजस्व प्रशासन के लिए एक प्रभावशाली और क्रांतिकारी पहल बताते हुए कहा कि इससे भूमि सीमांकन अधिक सटीक, पारदर्शी और समयबद्ध होगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से भूमि विवादों में कमी आएगी और राजस्व प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत होगा।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार राजस्व व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी, उत्तरदायी और जनहितकारी बनाने के लिए लगातार तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा दे रही है। इससे वर्षों पुरानी प्रक्रियाएं सरल होंगी और नागरिकों को राजस्व संबंधी सेवाएं तेज, निष्पक्ष और बिना अनावश्यक परेशानी के मिल सकेंगी।
मंत्री ने इस पहल के लिए राजस्व परिषद, जिला प्रशासन और तहसील की राजस्व टीम की सराहना करते हुए कहा कि रोवर तकनीक के प्रभावी उपयोग से धारा-24 के सीमांकन मामलों के गुणवत्तापूर्ण और त्वरित निस्तारण में मदद मिलेगी। इससे भूमि सीमाओं को लेकर होने वाले विवाद कम होंगे, प्रशासनिक कार्यक्षमता बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व अभिलेखों की विश्वसनीयता भी मजबूत होगी।
कार्यक्रम में राजस्व परिषद के अधिकारी राजेश रंजन (आईएएस), उप जिलाधिकारी मोहनलालगंज आकाश सिंह, तहसीलदार ऋतुराज शुक्ला, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, लेखपाल सहित राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। मौके पर उपस्थित ग्रामीणों ने भी आधुनिक तकनीक से किए गए भूमि सीमांकन की सराहना की।