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दांतों ही नहीं, हड्डियों के दर्द में भी कारगर लौंग! जानिए इसके 9 जबरदस्त फायदे और सेवन का सही तरीका


लौंग भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाला एक खास मसाला है, जो न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि कई बीमारियों को दूर करने में भी मदद करता है। अक्सर लौंग को दांतों के दर्द से राहत के लिए जाना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह हड्डियों के दर्द से लेकर पाचन तंत्र और इम्यूनिटी तक को मजबूत करने में कारगर है? आइए जानते हैं लौंग के 9 जबरदस्त फायदे।

1. हड्डियों और जोड़ों के दर्द में राहत

लौंग में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण हड्डियों और जोड़ों के दर्द को कम करने में मदद करते हैं। इसमें यूजेनॉल नामक तत्व होता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाता है और गठिया जैसी समस्याओं में राहत दिलाता है।

2. दांतों के दर्द में असरदार

लौंग का तेल या कच्ची लौंग चबाने से दांतों के दर्द में तुरंत आराम मिलता है। इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एनाल्जेसिक गुण होते हैं, जो मसूड़ों की सूजन को कम करते हैं और ओरल हेल्थ को बेहतर बनाते हैं।

3. पाचन तंत्र को बनाए दुरुस्त

लौंग के सेवन से पाचन क्रिया में सुधार होता है। यह गैस, अपच और एसिडिटी जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करती है। खाने के बाद लौंग का सेवन करने से पेट हल्का महसूस होता है।

4. इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार

लौंग में विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को बढ़ाते हैं। इससे संक्रमण और मौसमी बीमारियों से बचाव होता है।

5. सर्दी-जुकाम और गले की खराश में फायदेमंद

लौंग का सेवन करने से गले की खराश, खांसी और सर्दी-जुकाम में राहत मिलती है। गर्म पानी में लौंग डालकर पीने से गले की सूजन कम होती है और सांस लेने में आसानी होती है।

6. ब्लड शुगर को नियंत्रित करे

लौंग डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद होती है। यह ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करती है और इंसुलिन की संवेदनशीलता को बढ़ाती है।

7. दिल को रखे स्वस्थ

लौंग में मौजूद यूजेनॉल तत्व कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है, जिससे हृदय स्वस्थ रहता है। यह रक्त संचार में सुधार करता है और हृदय रोगों के खतरे को कम करता है।

8. तनाव और चिंता को कम करे

लौंग का सेवन मानसिक तनाव को कम करने में भी मदद करता है। इसकी सुगंध और पोषक तत्व मूड को बेहतर बनाते हैं और नींद की गुणवत्ता में सुधार करते हैं।

9. स्किन और बालों के लिए लाभदायक

लौंग में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो त्वचा पर मुंहासे और संक्रमण को रोकते हैं। साथ ही, यह बालों के झड़ने की समस्या को कम करता है और उन्हें मजबूत बनाता है।

कैसे करें लौंग का सेवन?

आप रोज़ सुबह गुनगुने पानी के साथ 1-2 लौंग खा सकते हैं।

लौंग को चाय में डालकर उबालकर पी सकते हैं।

दांतों के दर्द में लौंग का तेल लगाना फायदेमंद होता है।

हड्डियों के दर्द में लौंग का तेल हल्के गुनगुने तेल में मिलाकर मालिश कर सकते हैं।

सावधानी बरतें

ज्यादा मात्रा में लौंग खाने से पेट में जलन हो सकती है।

ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के मरीज डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसका सेवन करें।

लौंग सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है, लेकिन इसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए। अगर आप इसे सही तरीके से इस्तेमाल करेंगे, तो यह आपके शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाएगी।

गद्दे को कहें अलविदा! दो हफ्ते फर्श पर सोने से शरीर में होंगे ये चौंकाने वाले बदलाव

गद्दे पर सोना आजकल एक आम आदत बन चुकी है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बिना गद्दे के फर्श पर सोने से आपके शरीर पर क्या असर पड़ेगा? कई संस्कृतियों में लोग सदियों से फर्श पर सोते आ रहे हैं, और अब वैज्ञानिक भी इसके कुछ फायदों को मानने लगे हैं। अगर आप दो हफ्ते तक फर्श पर सोते हैं, तो आपके शरीर में कुछ हैरान करने वाले बदलाव हो सकते हैं। आइए जानते हैं इन बदलावों के बारे में।

1. रीढ़ की हड्डी होगी सीधी और मजबूत

गद्दे अक्सर शरीर को जरूरत से ज्यादा सहारा देते हैं, जिससे रीढ़ की हड्डी की प्राकृतिक स्थिति बिगड़ सकती है। लेकिन जब आप फर्श पर सोते हैं, तो आपकी रीढ़ अपनी प्राकृतिक अवस्था में आ जाती है, जिससे बैक पेन कम होने और शरीर को सही पोस्चर मिलने में मदद मिलती है।

2. कमर और पीठ दर्द में राहत

अगर आपको अक्सर कमर या पीठ में दर्द रहता है, तो फर्श पर सोना एक असरदार उपाय हो सकता है। एक नरम गद्दे पर सोने से शरीर झुक सकता है, जिससे पीठ में तनाव बढ़ता है। लेकिन फर्श की सपाट सतह पर सोने से शरीर को सही सपोर्ट मिलता है और दर्द कम हो सकता है।

3. नींद की गुणवत्ता में सुधार

गद्दे पर ज्यादा मुलायम या असमान सतह होने के कारण कई बार नींद में रुकावट आ सकती है। लेकिन फर्श पर सोने से शरीर जल्दी आरामदायक स्थिति में आ जाता है, जिससे गहरी और बेहतर नींद मिलती है।

4. मांसपेशियों और जोड़ों में लचीलापन

फर्श पर सोने से शरीर की मांसपेशियां और जोड़ों को स्ट्रेच होने का मौका मिलता है। इससे शरीर ज्यादा लचीला बनता है और सुबह उठने पर जकड़न या अकड़न महसूस नहीं होती।

5. रक्त संचार में सुधार

जब आप फर्श पर सोते हैं, तो आपका शरीर सीधा और संतुलित रहता है, जिससे रक्त संचार बेहतर होता है। इससे शरीर के सभी अंगों को सही मात्रा में ऑक्सीजन और पोषण मिलता है, जो समग्र स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।

6. बेहतर बॉडी पोस्चर

गलत तरीके से सोने की आदत आपकी बॉडी पोस्चर को खराब कर सकती है। लेकिन फर्श पर सोने से रीढ़ और गर्दन को सही स्थिति में रहने में मदद मिलती है, जिससे आपकी मुद्रा सुधरती है और शरीर अधिक संतुलित महसूस करता है।

7. मानसिक शांति और रिलैक्सेशन

फर्श पर सोने से शरीर और दिमाग को आराम मिलता है। यह योग और ध्यान करने वालों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि यह शरीर को प्राकृतिक रूप से रिलैक्स करने में मदद करता है।

क्या फर्श पर सोना सभी के लिए फायदेमंद है?

हालांकि फर्श पर सोने के कई फायदे हैं, लेकिन यह सभी के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता। अगर आपको गठिया, हड्डियों की कोई समस्या या अत्यधिक ठंडे फर्श पर सोने की परेशानी है, तो पहले डॉक्टर से सलाह लें।

कैसे करें शुरुआत?

अगर आप गद्दे को अलविदा कहकर फर्श पर सोना शुरू करना चाहते हैं, तो शुरुआत में एक योगा मैट या पतली चादर बिछाकर सोने की आदत डालें। धीरे-धीरे जब शरीर इसके अनुकूल हो जाए, तो आप बिना किसी सपोर्ट के भी सो सकते हैं।

निष्कर्ष

फर्श पर सोना एक प्राकृतिक तरीका है जो आपके शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचा सकता है। यह रीढ़ की हड्डी को सीधा रखने, दर्द से राहत देने, और नींद की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद कर सकता है। हालांकि, हर किसी के लिए यह सही नहीं हो सकता, इसलिए अपनी जरूरत के अनुसार इसे अपनाएं।

इन 10 चीजों को कच्चा खाना सेहत पर पड़ेगा भारी,जानें कौन-से फूड्स से बचना है जरूरी!

हम में से कई लोग हेल्दी रहने के लिए कच्ची सब्जियां और फलों का सेवन करते हैं, लेकिन कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे होते हैं, जिन्हें कच्चा खाने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इनमें मौजूद बैक्टीरिया, टॉक्सिन्स या हार्ड टू डाइजेस्ट कंपाउंड्स पाचन और सेहत पर बुरा असर डाल सकते हैं। आइए जानते हैं 10 ऐसे फूड्स जिन्हें कच्चा खाने से बचना चाहिए।

1. आलू

कच्चे आलू में सोलानिन नामक जहरीला तत्व पाया जाता है, जो पेट दर्द, अपच और सिरदर्द का कारण बन सकता है। इसके अलावा, कच्चे आलू का स्टार्च पचाने में मुश्किल होता है, जिससे पेट खराब हो सकता है।

2. राजमा

राजमा को कच्चा या अधपका खाने से इसमें मौजूद फाइटोहैग्लूटिनिन नामक टॉक्सिन शरीर में जहरीला असर डाल सकता है। यह उल्टी, डायरिया और पेट दर्द का कारण बन सकता है। इसलिए राजमा को सही तरीके से पकाकर ही खाना चाहिए।

3. सोया बीन्स

कच्चे सोया बीन्स में ट्रिप्सिन इन्हिबिटर और फाइटिक एसिड होता है, जो पोषक तत्वों के अवशोषण को रोक सकता है और पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है। इसे हमेशा पकाकर ही खाना चाहिए।

4. ब्रोकोली और फूलगोभी

हालांकि ये सब्जियां स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होती हैं, लेकिन इन्हें कच्चा खाने से पेट फूलना, गैस और अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इनमें मौजूद गॉइट्रोजेन्स थायरॉइड ग्रंथि को प्रभावित कर सकते हैं।

5. मशरूम

कुछ किस्मों के मशरूम कच्चे खाने पर टॉक्सिक हो सकते हैं। इनमें हाइड्राजिन नामक जहरीला तत्व हो सकता है, जो लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है। हमेशा मशरूम को अच्छी तरह पकाकर ही खाएं।

6. बैंगन

कच्चे बैंगन में भी आलू की तरह सोलानिन पाया जाता है, जो बड़ी मात्रा में खाने पर टॉक्सिक हो सकता है। यह पेट दर्द और मतली जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है।

7. चिकन और अन्य कच्चा मांस

कच्चे चिकन और मांस में साल्मोनेला और ई-कोलाई जैसे बैक्टीरिया होते हैं, जो फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकते हैं। इन्हें हमेशा अच्छे से पकाकर ही खाना चाहिए।

8. अंडे

कच्चे अंडों में साल्मोनेला बैक्टीरिया हो सकता है, जो गंभीर संक्रमण का कारण बन सकता है। इसलिए कच्चे अंडे या उनसे बनी चीजों (जैसे कि मेयोनेज़) को ज्यादा मात्रा में खाने से बचना चाहिए।

9. भिंडी

कच्ची भिंडी में लेक्टिन नामक तत्व पाया जाता है, जो पेट में सूजन और अपच की समस्या पैदा कर सकता है। इसे हल्का भूनकर या पकाकर खाना ज्यादा सुरक्षित होता है।

10. कच्चा दूध

बिना उबाला हुआ दूध (रॉ मिल्क) कई बार ई-कोलाई, साल्मोनेला और लिस्टेरिया जैसे खतरनाक बैक्टीरिया से संक्रमित हो सकता है, जिससे पेट में संक्रमण और अन्य बीमारियां हो सकती हैं।

निष्कर्ष

कुछ खाद्य पदार्थ पोषण से भरपूर होते हैं, लेकिन उन्हें कच्चा खाना आपके स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए हमेशा यह सुनिश्चित करें कि आप सही तरीके से पका हुआ और सुरक्षित भोजन करें ताकि आप किसी भी तरह की बीमारी से बच सकें।

अगर ब्लड शुगर 300 के पार पहुंचा, तो आजमाएं ये 5 घरेलू नुस्खे, तेजी से नियंत्रण होगा संभव

अगर आपका ब्लड शुगर 300 mg/dL से ज्यादा हो गया है, तो यह खतरनाक स्थिति हो सकती है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है, लेकिन कुछ घरेलू उपाय भी हैं जो ब्लड शुगर को तेजी से नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं।

1. मेथी के दाने (Fenugreek Seeds)

मेथी के बीज ब्लड शुगर लेवल को कम करने में बहुत फायदेमंद होते हैं।

कैसे करें इस्तेमाल?

1 गिलास पानी में 1 चम्मच मेथी दाने रातभर भिगोकर सुबह खाली पेट पिएं।

रोजाना ऐसा करने से ब्लड शुगर तेजी से नियंत्रित होगा।

2. दालचीनी (Cinnamon)

दालचीनी में एंटी-डायबिटिक गुण होते हैं, जो इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाते हैं।

कैसे करें इस्तेमाल?

1 गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर रोज पिएं।

इसे रोजाना पीने से ब्लड शुगर तेजी से कम हो सकता है।

3. गिलोय और नीम (Giloy & Neem)

गिलोय और नीम प्राकृतिक रूप से ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं।

कैसे करें इस्तेमाल?

गिलोय का जूस या काढ़ा सुबह खाली पेट पिएं।

नीम के पत्तों का रस या 4-5 पत्ते चबाने से भी फायदा होता है।

4. एलोवेरा और करेला (Aloe Vera & Bitter Gourd)

एलोवेरा और करेला ब्लड शुगर को तेजी से कम करने में मदद करते हैं।

कैसे करें इस्तेमाल?

1 गिलास करेला जूस में 1 चम्मच एलोवेरा जूस मिलाकर रोज पिएं।

इससे शुगर लेवल तेजी से नियंत्रित होता है।

5. ज्यादा पानी पिएं और व्यायाम करें

ब्लड शुगर लेवल अचानक बढ़ने पर ज्यादा पानी पीना और हल्की फिजिकल एक्टिविटी करना मदद कर सकता है।

क्या करें?

रोज 3-4 लीटर पानी पिएं, ताकि शरीर से अतिरिक्त शुगर बाहर निकले।

योग, प्राणायाम और वॉक करने से ब्लड सर्कुलेशन सही रहता है और शुगर कंट्रोल में रहती है।

सावधानी:

यदि ब्लड शुगर 300 mg/dL से ज्यादा हो और बार-बार बढ़ रहा हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

ये नुस्खे मेडिकल ट्रीटमेंट का विकल्प नहीं हैं, लेकिन ब्लड शुगर नियंत्रण में मदद कर सकते हैं।

रूखे और बेजान बालों के लिए वरदान है एलोवेरा, जानें फायदे और लगाने का तरीका


एलोवेरा के बालों में लगाने के फायदे

एलोवेरा एक प्राकृतिक जड़ी-बूटी है जिसे स्किन और बालों की देखभाल के लिए बहुत उपयोगी माना जाता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट बालों को स्वस्थ, मजबूत और चमकदार बनाने में मदद करते हैं। आइए जानें एलोवेरा के बालों में लगाने के मुख्य फायदे।

1. बालों की ग्रोथ को बढ़ावा देता है

एलोवेरा में मौजूद प्रोटीयोलिटिक एंजाइम (Proteolytic Enzymes) स्कैल्प के डेड स्किन सेल्स को हटाने में मदद करते हैं, जिससे बालों की ग्रोथ तेज होती है। यह हेयर फॉलिकल्स को पोषण देकर बालों को तेजी से बढ़ाने में सहायक होता है।

2. डैंड्रफ (रूसी) से छुटकारा दिलाता है

एलोवेरा की एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज डैंड्रफ को खत्म करने में मदद करती हैं। यह स्कैल्प को हाइड्रेट करता है और सूखापन दूर करके रूसी की समस्या को कम करता है।

3. बालों को मुलायम और चमकदार बनाता है

एलोवेरा जेल बालों को डीप मॉइश्चराइज करता है, जिससे बाल नर्म, मुलायम और सिल्की हो जाते हैं। यह बालों को एक नैचुरल ग्लो देता है और फ्रिज़ को कम करने में मदद करता है।

4. बालों का झड़ना रोकता है

एलोवेरा में विटामिन A, C, और E पाए जाते हैं, जो बालों को मजबूत बनाने और हेयर फॉल को कम करने में मदद करते हैं। यह स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है, जिससे बालों की जड़ें मजबूत होती हैं।

5. स्कैल्प को ठंडक और पोषण देता है

अगर आपकी स्कैल्प में खुजली, जलन या इरिटेशन की समस्या है, तो एलोवेरा जेल लगाने से राहत मिलती है। इसके ठंडक देने वाले गुण स्किन को शांत करते हैं और स्कैल्प को स्वस्थ बनाए रखते हैं।

6. नैचुरल कंडीशनर का काम करता है

एलोवेरा एक बेहतरीन नैचुरल कंडीशनर है जो बालों को सॉफ्ट और स्मूथ बनाता है। यह ड्राय और डैमेज्ड हेयर को रिपेयर करने में मदद करता है और उन्हें हेल्दी बनाए रखता है।

एलोवेरा बालों में लगाने का सही तरीका

एलोवेरा जेल और नारियल तेल: एक चम्मच एलोवेरा जेल में नारियल तेल मिलाकर बालों में लगाएं और 30 मिनट बाद धो लें।

एलोवेरा और मेथी मास्क: एलोवेरा जेल में मेथी पाउडर मिलाकर स्कैल्प पर लगाएं और एक घंटे बाद शैम्पू कर लें।

एलोवेरा और दही: एलोवेरा जेल में दही मिलाकर बालों में लगाने से बालों को गहराई से पोषण मिलता है और रूसी की समस्या कम होती है।

एलोवेरा बालों के लिए एक नेचुरल और असरदार उपाय है, जिसे नियमित रूप से लगाने से बालों की सेहत में सुधार होता है।

रोजाना पीएं टमाटर का जूस, पाएँ जबरदस्त फायदे,सेहत में दिखेगा कमाल, हर कोई पूछेगा राज


टमाटर न केवल सब्जियों में इस्तेमाल होता है बल्कि इसका जूस भी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। अगर आप रोजाना टमाटर का जूस पीते हैं, तो इससे कई तरह के स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं। यह न केवल आपकी त्वचा को चमकदार बनाता है, बल्कि हृदय, पाचन और वजन घटाने में भी मदद करता है।

टमाटर के जूस के फायदे

1. त्वचा में निखार लाए

टमाटर का जूस एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन C से भरपूर होता है, जिससे त्वचा पर चमक आती है और दाग-धब्बे कम होते हैं।

2. वजन घटाने में सहायक

टमाटर का जूस कैलोरी में कम और फाइबर में ज्यादा होता है, जिससे पेट भरा हुआ महसूस होता है और भूख कम लगती है।

3. हृदय को बनाए स्वस्थ

टमाटर में लाइकोपीन नामक एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखता है और हृदय संबंधी बीमारियों से बचाता है।

4. पाचन तंत्र को करे मजबूत

टमाटर का जूस फाइबर से भरपूर होता है, जिससे पाचन सही रहता है और कब्ज की समस्या दूर होती है।

5. इम्यूनिटी बढ़ाए

विटामिन C और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर यह जूस शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है।

6. शरीर को करे डिटॉक्स

टमाटर का जूस शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालता है और शरीर को अंदर से साफ करता है।

टमाटर का जूस बनाने की विधि

सामग्री:

2 बड़े टमाटर

आधा कप पानी

चुटकी भर काला नमक

स्वादानुसार नींबू रस

बनाने की विधि:

टमाटर को छोटे टुकड़ों में काटें।

ब्लेंडर में डालकर थोड़ा पानी मिलाएं और पीस लें।

इसे छानकर गिलास में निकालें।

काला नमक और नींबू रस मिलाकर पीएं।

निष्कर्ष

अगर आप रोजाना टमाटर का जूस पीना शुरू कर दें, तो इससे आपकी सेहत में चमत्कारी सुधार देखने को मिलेगा। इसे अपनी डाइट में शामिल करें और स्वस्थ जीवन का आनंद लें।

महंगे क्रीम छोड़ें, किचन पर करें भरोसा! ये 4 चीजें हटाएंगी आंखों के नीचे के काले घेरे


आंखों के नीचे काले घेरे (Dark Circles) होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे कि तनाव, नींद की कमी, गलत खानपान, अधिक स्क्रीन टाइम और बढ़ती उम्र। हालांकि, इन्हें कम करने के लिए महंगे क्रीम और ट्रीटमेंट की जरूरत नहीं होती। आपकी किचन में मौजूद कुछ आसान चीजें इनसे छुटकारा दिला सकती हैं।

1. खीरा (Cucumber)

खीरा आंखों के लिए बेहद फायदेमंद होता है क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट और त्वचा को ठंडक देने वाले गुण होते हैं।

कैसे करें इस्तेमाल?

खीरे के पतले स्लाइस काटें और 10-15 मिनट के लिए आंखों पर रखें।

या फिर खीरे का रस निकालकर कॉटन पैड से आंखों के नीचे लगाएं।

रोजाना इस्तेमाल करने से डार्क सर्कल्स कम होने लगते हैं।

2. आलू (Potato)

आलू में नेचुरल ब्लीचिंग प्रॉपर्टीज होती हैं, जो काले घेरों को हल्का करने में मदद करती हैं।

कैसे करें इस्तेमाल?

एक आलू को कद्दूकस करके उसका रस निकाल लें।

कॉटन पैड की मदद से इसे आंखों के नीचे लगाएं और 15 मिनट के लिए छोड़ दें।

नियमित इस्तेमाल करने से आंखों के नीचे की त्वचा चमकदार हो जाएगी।

3. टमाटर (Tomato)

टमाटर में लाइकोपीन नामक एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो स्किन को ब्राइट और ग्लोइंग बनाने में मदद करता है।

कैसे करें इस्तेमाल?

टमाटर का रस निकालकर उसमें नींबू की कुछ बूंदें मिलाएं।

इसे आंखों के नीचे लगाकर 10 मिनट तक छोड़ दें और फिर धो लें।

हफ्ते में 3-4 बार इसे लगाने से डार्क सर्कल्स धीरे-धीरे गायब होने लगते हैं।

4. दूध (Milk)

दूध में मौजूद लैक्टिक एसिड और प्रोटीन त्वचा को हाइड्रेट करने और डार्क सर्कल्स कम करने में मदद करते हैं।

कैसे करें इस्तेमाल?

ठंडे दूध में कॉटन पैड भिगोकर आंखों पर रखें।

10-15 मिनट बाद ठंडे पानी से धो लें।

यह उपाय रोजाना करने से आंखों के नीचे की त्वचा निखरने लगती है।

निष्कर्ष

अगर आप बिना किसी साइड इफेक्ट के डार्क सर्कल्स से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो किचन में मौजूद ये चीजें आज़माएं। इसके साथ ही पर्याप्त नींद लें, तनाव से बचें और हेल्दी डाइट फॉलो करें, जिससे आपकी त्वचा नैचुरली ग्लो करेगी।

भुना हुआ अमरूद: सेहत का नया हथियार,कई बीमारियाँ करे दूर, जानिए इसके चमत्कारी लाभ

अमरूद एक बेहद पौष्टिक फल है, जिसे कच्चा, पका या भूनकर खाया जा सकता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भुना हुआ अमरूद खाने से इसके फायदे और भी बढ़ जाते हैं? यह न केवल स्वाद में बेहतरीन होता है, बल्कि कई बीमारियों से भी बचाव करता है। आइए जानते हैं भुने हुए अमरूद के फायदों के बारे में।

1. पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है

भुने हुए अमरूद में फाइबर अधिक मात्रा में होता है, जो कब्ज, अपच और गैस की समस्या को दूर करने में मदद करता है। भूनने से अमरूद हल्का और सुपाच्य हो जाता है, जिससे यह पेट के लिए फायदेमंद साबित होता है।

2. डायबिटीज में लाभकारी

अगर आप मधुमेह (डायबिटीज) के मरीज हैं, तो भुना हुआ अमरूद आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। यह ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में मदद करता है और इंसुलिन संवेदनशीलता को सुधारता है।

3. सर्दी-खांसी से राहत

अमरूद में मौजूद विटामिन C और एंटीऑक्सिडेंट इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। भुने हुए अमरूद का सेवन गले की खराश, खांसी और जुकाम में राहत दिलाने में मदद करता है।

4. वजन घटाने में सहायक

जो लोग वजन घटाने की सोच रहे हैं, उनके लिए भी भुना हुआ अमरूद एक अच्छा विकल्प है। इसमें कम कैलोरी और ज्यादा फाइबर होता है, जिससे पेट भरा हुआ महसूस होता है और ज्यादा खाने की इच्छा नहीं होती।

5. हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी

भुना हुआ अमरूद कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने और ब्लड प्रेशर को संतुलित करने में मदद करता है, जिससे हृदय से जुड़ी समस्याओं का खतरा कम हो जाता है।

कैसे करें भुने हुए अमरूद का सेवन?

ताजे अमरूद को अच्छे से धो लें।

इसे सीधा गैस के तवे या ओवन में हल्का भून लें।

हल्का ठंडा होने के बाद इसे चाट मसाला या काला नमक डालकर खाएं।

इसे नाश्ते में या शाम के समय स्नैक्स की तरह खाया जा सकता है।

निष्कर्ष

भुना हुआ अमरूद न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद है। यह पाचन, हृदय, डायबिटीज और इम्यून सिस्टम के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। तो अगली बार जब भी अमरूद खाएं, इसे भूनकर आजमाना न भूलें!

सुबह खाली पेट मखाना: सेहत का चमत्कारी नुस्खा,5 जबरदस्त फायदे, जानें सेवन का सही तरीका


मखाना, जिसे फॉक्स नट्स या कमल के बीज भी कहा जाता है, पोषण से भरपूर एक सुपरफूड है। यह प्रोटीन, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और कई जरूरी मिनरल्स से भरपूर होता है। अगर इसे सुबह खाली पेट खाया जाए, तो यह शरीर को कई फायदे पहुंचा सकता है। आइए जानते हैं इसके पांच जबरदस्त फायदे और इसे खाने का सही तरीका।

मखाना खाने के 5 जबरदस्त फायदे

1. वजन घटाने में मदद करता है

मखाना लो-कैलोरी और हाई-फाइबर फूड है, जो पाचन को बेहतर बनाता है और लंबे समय तक पेट भरा महसूस होता है। इससे बार-बार भूख नहीं लगती और वजन नियंत्रण में मदद मिलती है।

2. हृदय को रखे स्वस्थ

मखाने में एंटीऑक्सीडेंट्स और मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं।

3. डायबिटीज कंट्रोल करने में सहायक

मखाने का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे यह ब्लड शुगर को स्थिर रखता है। यह टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद होता है।

4. हड्डियों को मजबूत बनाता है

इसमें कैल्शियम की अच्छी मात्रा होती है, जो हड्डियों को मजबूत बनाता है और जोड़ों के दर्द में राहत देता है।

5. डिटॉक्सिफिकेशन में मदद करता है

मखाना शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे त्वचा ग्लोइंग बनी रहती है और पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है।

मखाना खाने का सही तरीका

भुना हुआ मखाना: सुबह खाली पेट हल्का सा भूनकर खाएं।

दूध के साथ: रातभर पानी में भिगोकर सुबह दूध के साथ खा सकते हैं।

मखाना खीर: दूध और ड्राई फ्रूट्स के साथ बना सकते हैं।

मखाना पाउडर: इसे हलवे या दलिया में मिलाकर खाया जा सकता है।

सुबह खाली पेट मखाना खाने से सेहत को कई फायदे मिलते हैं, लेकिन किसी भी चीज का ज्यादा सेवन नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए संतुलित मात्रा में ही इसका सेवन करें।

ओट्स से हो सकती है दिक्कत? जानें किन लोगों को ओट्स खाने से बचना चाहिए


ओट्स एक लोकप्रिय और पोषण से भरपूर अनाज है, जिसे स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग अपने आहार में शामिल करना पसंद करते हैं। हालांकि, कुछ लोगों के लिए ओट्स का सेवन स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है। आइए जानते हैं किन लोगों को ओट्स खाने से बचना चाहिए:

1. ग्लूटेन संवेदनशीलता या सीलिएक रोग से पीड़ित लोग

हालांकि ओट्स स्वाभाविक रूप से ग्लूटेन-मुक्त होते हैं, लेकिन प्रसंस्करण के दौरान ग्लूटेन से दूषित हो सकते हैं। ऐसे में ग्लूटेन संवेदनशीलता या सीलिएक रोग से ग्रस्त लोगों को ओट्स से बचना चाहिए या केवल प्रमाणित ग्लूटेन-मुक्त ओट्स का सेवन करना चाहिए।

2. इर्रिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) वाले लोग

ओट्स में घुलनशील फाइबर की अधिकता होती है, जो कुछ लोगों में पेट फूलना, ऐंठन और गैस जैसी समस्याएं बढ़ा सकती है। खासकर IBS से पीड़ित लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।

3. एलर्जी से ग्रस्त लोग

कुछ लोगों को ओट्स से एलर्जी हो सकती है, जो त्वचा पर चकत्ते, खुजली, सूजन या सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं पैदा कर सकती है। ऐसे लक्षण दिखने पर डॉक्टर से संपर्क करना आवश्यक है।

4. लो ब्लड प्रेशर वाले लोग

ओट्स ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं, लेकिन लो ब्लड प्रेशर वाले लोगों के लिए यह समस्या पैदा कर सकते हैं। ऐसे लोगों को डॉक्टर की सलाह से ही ओट्स का सेवन करना चाहिए।

5. आयरन की कमी से जूझ रहे लोग

ओट्स में फाइटेट्स होते हैं, जो आयरन के अवशोषण को बाधित कर सकते हैं। यदि आप एनीमिया या आयरन की कमी से पीड़ित हैं, तो ओट्स का सेवन सीमित करें।

ओट्स पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में इनका सेवन नुकसानदायक हो सकता है। यदि आपको इनमें से किसी भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, तो आहार में बदलाव करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।