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एस जयशंकर ने उठाया यूएस वीजा का मुद्दा, रुबियो ने कहा- नियम भारत को निशाना बनाकर नहीं बनाए गए

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दिल्ली के हैदराबाद हाउस में विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच बैठक हुई। एस. जयशंकर ने रविवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के सामने यूएस वीजा का मुद्दा उठाया और होने वाली परेशानियों से अवगत कराया। जिस पर मार्को रुबियो ने कहा कि ये नियम भारत को निशाना बनाकर नहीं बनाए गए हैं।

एस जयशंकर ने कहा कि हमारे संबंधों का आधार जन-संबंध हैं। मैंने विदेश मंत्री रुबियो को वैध यात्रियों को वीजा जारी करने में आने वाली चुनौतियों से अवगत कराया। हालांकि, हम अवैध और अनियमित आवागमन से निपटने के लिए सहयोग कर रहे हैं, लेकिन हमारी अपेक्षा है कि इससे वैध आवागमन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। आखिरकार यह हमारे व्यापार, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान सहयोग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

भारत को सबसे खास रणनीतिक साझेदार बताया

द्विपक्षीय बातचीत के दौरान जयशंकर ने जैसे ही वीजा का मुद्दा उठाया, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि 'यह पाबंदियां या कड़े नियम भारत को टारगेट करके नहीं बनाए गए हैं। यह एक ऐसी प्रणाली है जिसे वैश्विक स्तर पर लागू किया जा रहा है। लेकिन हम संक्रमण काल से गुजर रहे हैं और किसी भी संक्रमण काल की तरह, इस राह में कुछ बाधाएं तो आएंगी ही। इसके साथ ही रुबियो ने भारत को अमेरिका का सबसे खास और रणनीतिक साझेदार बताया। उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों को लेकर चल रही अटकलों पर भी विराम लगा दिया।

भारत-अमेरिका संबंधों को बहाल करने की जरूरत नहीं- रुबियो

रुबियो ने कई क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की संभावना भी जताई है। रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र हैं और यही साझा लोकतांत्रिक आधार दोनों देशों के मजबूत सहयोग की नींव है। उनके मुताबिक दोनों देशों के कई साझा हित हैं, जिन पर मिलकर काम करना स्वाभाविक और आवश्यक है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत-अमेरिका संबंधों को बहाल करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह साझेदारी पहले से ही बेहद मजबूत और ठोस है। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य इस रिश्ते को और आगे ले जाने तथा नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का है.

व्यापार समझौते पर हुई बातचीत

इस बैठक में सिर्फ वीजा ही नहीं, बल्कि कई और बड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। भारत और अमेरिका के बीच जल्द से जल्द बड़े व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने पर बातचीत आगे बढ़ी। विदेश मंत्री जयशंकर ने बैठक के बाद कहा कि 'हमने पश्चिम एशिया, भारतीय उपमहाद्वीप और पूर्वी एशिया की स्थिति पर चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच हालिया सहयोग का स्वागत किया गया।

पीएम मोदी से मिले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो, जानें किन मुद्दों पर हुई बात?

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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शनिवार को पीएम मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटें तक चर्चा चली। इस बैठक में विदेश मंत्री एस जय शंकर के अलावा एनएसए अजीत डोभाल भी मौजूद रहे हैं।

इन मुद्दों पर मंथन

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि बातचीत के दौरान क्षेत्रीय और वैश्विक शांति एवं सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि वैश्विक हितों के लिए भारत और अमेरिका का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और अमेरिका भविष्य में भी आपसी सहयोग को और गहरा करते रहेंगे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिरता व विकास के लिए मिलकर काम करेंगे।

अमेरिका-भारत सहयोग को और गहरा करने पर सार्थक चर्चा- सर्जियो गोर

वहीं, भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने X पर मीटिंग की फोटो शेयर की। उन्होंने लिखा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक के लिए मार्को रूबियो के साथ शामिल होकर बहुत अच्छा लगा। हमने सुरक्षा, व्यापार और महत्वपूर्ण तकनीकों के क्षेत्रों में अमेरिका-भारत सहयोग को और गहरा करने के तौर-तरीकों पर सार्थक चर्चा की। ये ऐसे क्षेत्र हैं जो हमारे दोनों राष्ट्रों को मजबूत करते हैं और एक स्वतंत्र व खुले इंडो-पैसिफिक को आगे बढ़ाते हैं। भारत और अमेरिका का एक अत्यंत महत्वपूर्ण साझेदार है!

पीएम को व्हाइट हाउस आने का दिया न्योता

अमेरिकी विदेश मंत्री ने पीएम मोदी को व्हाइट हाउस आने का भी न्योता दिया। इससे पहले नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के नेताओं के बीच व्यापार, सुरक्षा संबंधों समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।

कल जयशंकर के साथ रूबियो की द्विपक्षीय वार्ता

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो रविवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके अलावा वह नई दिल्ली में होने वाली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भी शामिल होंगे। इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार, निवेश, महत्वपूर्ण तकनीक और जन-जन के संबंधों को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। साथ ही पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति जैसे विषय भी बातचीत का हिस्सा रहेंगे।

भारत पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री, कोलकाता में ‘मदर हाउस’ का किया दौरा, आज दिल्ली में PM मोदी से मुलाकात

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अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो शनिवार को अपनी पहली भारत यात्रा पर पहुंचे। चार दिन के भारत दौरे पर आए रुबियो का कोलकाता एयरपोर्ट पर भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट से मार्को रुबियो सीधे सेंट टेरेसा की संस्था ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ के मुख्यालय ‘मदर हाउस’ पहुंचे। जहां उन्होंने संस्था के अधिकारियों से मुलाकात की और वहां चल रहे सेवा कार्यों की जानकारी ली।

14 साल बाद किसी अमेरिकी विदेश मंत्री का कोलकाता दौरा

अमेरिका के किसी विदेश मंत्री का यह 14 साल बाद कोलकाता दौरा है। इससे पहले मई 2012 में तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन कोलकाता आई थीं। मार्को रुबियो का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब पश्चिम बंगाल में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है और भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में नई सरकार बनी है।

पीएम मोदी से भी करेंगे मुलाकात

भारत में अमेरिकी राजदूत राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर रुबियो के आगमन की जानकारी दी। रुबियो का भारत दौरा 23 से 26 मई तक प्रस्तावित है। अपने दौरे के दौरान रुबियो की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में मुलाकात होगी, जिसमें व्यापार, टेक्नोलॉजी, रक्षा सहयोग और क्वाड समेत कई रणनीतिक विषयों पर चर्चा की जाएगी।

एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय मीटिंग

वहीं, रविवार 24 मई 2026 को सुबह 11.30 बजे वह विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय मीटिंग करेंगे। मेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग प्रमुख एजेंडा है। भारत की सैन्य क्षमताओं में पहले से ही अमेरिकी तकनीक की अहम भूमिका है। भारतीय वायुसेना और नौसेना बोइंग पी-8 पोसाइडन विमान, एमक्यू-9बी स्काईगार्डियन ड्रोन, एम777 हॉवित्जर तोप और बोइंग सी-17 ग्लोबमास्टर-III जैसे आधुनिक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रही हैं। हालांकि, बातचीत अब केवल रक्षा खरीद तक सीमित नहीं रह गई है। दोनों देश रक्षा प्रणालियों के को-प्रोडक्‍शन, एआई, सेमीकंडक्टर और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दे रहे हैं। माना जा रहा है कि यह साझेदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक संतुलन और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करेगी।

क्‍वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे रुबियो

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ऐसे समय भारत पहुंचे हैं, जब क्वाड देशों भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने के लिए अहम बैठक कर रहे हैं। भारत के लिए क्वाड हाल के वर्षों में रक्षा सहयोग, उभरती प्रौद्योगिकियों और सप्लाई चेन को मजबूत बनाने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है। क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच क्वाड को चार लोकतांत्रिक देशों के बीच रणनीतिक समन्वय बढ़ाने वाले समूह के रूप में भी देखा जा रहा है।

भारत हमारा बेहतरीन दोस्त, जितना तेल चाहिए देने को तैयार', दिल्ली दौरे से पहले अमेरिकी विदेश मंत्री का बड़ा बयान

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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत आ रहे हैं। मार्को रूबियो 23 मई को भारत आएंगे। अपने आगामी भारत दौरे से ठीक पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक बड़ा बयान दिया है। अपने दौरे से पहले मार्को रुबियो ने भारत की जमकर तारीफ की है। भारत को अमेरिका का एक बेहतरीन सहयोगी और साझेदार बताते हुए साफ किया है कि वाशिंगटन भारत को उतनी ऊर्जा (एनर्जी) बेचने के लिए तैयार है, जितनी नई दिल्ली खरीदने की इच्छा रखती है।

भारत को अमेरिका का बड़ा ऑफर

मियामी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए रुबियो ने भारत की जमकर तारीफ की। उन्होंने भारत को एक 'महान सहयोगी और बेहतरीन साझेदार' बताया। ऊर्जा के मुद्दे पर उन्होंने एक बड़ी बात कही कि भारत जितना भी तेल और ऊर्जा खरीदना चाहेगा, अमेरिका उसे उतनी मात्रा में बेचने के लिए तैयार है। अमेरिका इस समय ऐतिहासिक स्तर पर ऊर्जा का उत्पादन और निर्यात कर रहा है।

वेनेजुएला के जरिए दोनों देशों के बीच व्यापार के बड़े मौके

रुबियो ने यह भी बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से भारत में तेल की कीमतें बढ़ी हैं, ऐसे में अमेरिका भारत के ऊर्जा पोर्टफोलियो का एक बड़ा हिस्सा बनना चाहता है। वेनेजुएला के तेल के जरिए भी दोनों देशों के बीच व्यापार के बड़े मौके हैं। असल में, मेरी जानकारी के अनुसार, वेनेजुएला के अंतरिम राष्ट्रपति भी अगले हफ्ते भारत की यात्रा पर जा रही हैं। ऐसे में अवसर मौजूद हैं।

मार्को रुबियो का दिल्ली दौरा क्यों है खास?

मार्को रुबियो नई दिल्ली में 26 मई को 'क्वाड' (Quad) देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक में हिस्सा लेंगे। इस बैठक की अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर करेंगे, जिसमें ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री मोतेगी तोशिमित्सु भी शामिल होंगे। अपनी इस यात्रा के दौरान रुबियो कोलकाता, आगरा, जयपुर और नई दिल्ली जाएंगे। खास बात यह है कि करीब 14 साल बाद कोई अमेरिकी विदेश मंत्री कोलकाता का दौरा कर रहा है; इससे पहले 2012 में हिलेरी क्लिंटन वहां गई थीं। कोलकाता में अमेरिका का दुनिया का दूसरा सबसे पुराना वाणिज्य दूतावास स्थित है।

एस जयशंकर ने मार्को रुबियो से फोन पर की बात, क्या भारत-अमेरिका ट्रेड डील फाइनल?

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नेताओं के बीच ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर भी बात हुई है, जिसके बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि ट्रेड डील को लेकर दोनों देशों के बीच जल्द ही कोई सहमति बन सकती है। ट्रेड के अलावा दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय घटनाक्रमों और स्वतंत्र और सबके लिए खुले इंडो-पैसिफिक को लेकर भी बात की है।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि दोनों नेताओं के बीच परमाणु सहयोग, रक्षा, ऊर्जा, व्यापार पर चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि इसके अलावे भी कई मुद्दों पर संपर्क में रहने पर सहमति बनी। दोनों नेताओं की बातचीत ऐसे समय में हुई है जब भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

यह फोन कॉल इसलिए भी अहम है क्योंकि बीते कुछ महीनों से ट्रेड डील को लेकर बातचीत अटकी हुई थी। हाई इंपोर्ट ड्यूटी, मार्केट एक्सेस और सप्लाई चेन जैसे मुद्दों पर मतभेद थे। लेकिन जयशंकर-रुबियो की इस बातचीत ने साफ कर दिया कि दोनों देश अब रुकने के मूड में नहीं हैं।

दोनों देशों ने पिछले साल फरवरी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पदभार संभालने के कुछ ही दिनों बाद व्यापार वार्ता फिर से शुरू की थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ट्रंप ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा था, लेकिन जुलाई में अमेरिका की ओर से भारतीय सामानों पर एकतरफा 25 फीसदी टैरिफ लगाने के बाद वार्ता रुक गई। इसके बाद रूसी तेल खरीदने को लेकर अगस्त 2025 अमेरिका ने भारत पर 25 फीसदी टैरिफ दंड के तौर पर लगाया। इसके साथ ही भारत पर कुल 50 फीसदी टैरिफ कर दी गई है, जो एशिया में सबसे अधिक है।

भारत खुद सक्षम...दिल्ली ब्लास्ट की जांच में मदद के ऑफर पर अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो का बड़ा बयान

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अमेरिका ने दिल्ली में हुए धमाके को आतंकी हमला करार दिया। साथ ही दिल्ली विस्फोट की जांच को लेकर भारत की एजेंसियों की तारीफ की है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया कि अमेरिका ने मदद की पेशकश की है। लेकिन यह भी कहा कि भारतीय अधिकारी असाधारण पेशेवर तरीके से जांच का प्रबंधन कर रहे हैं। रुबियो ने यह टिप्पणी भारत द्वारा दिल्ली में हुए विस्फोट को "आतंकवादी घटना" घोषित करने पर मीडिया के एक सवाल का जवाब देते हुए की।

भारतीय एजेंसियों की सराहना

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, भारतीयों की सराहना की जानी चाहिए। वे बहुत ही नपे-तुले, सतर्क और बहुत ही पेशेवर तरीके से इस जांच को अंजाम दे रहे हैं। यह जांच जारी है। यह स्पष्ट रूप से एक आतंकवादी हमला था। यह अत्यधिक विस्फोटक सामग्री से लदी एक कार थी जिसमें विस्फोट हुआ और कई लोग मारे गए। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि वे जांच करने का बहुत अच्छा काम कर रहे हैं और मुझे लगता है कि जब उनके पास तथ्य (फैक्ट) होंगे, तो वे उन तथ्यों को जारी करेंगे।

अमेरिका ने मदद की पेशकश

अमेरिकी विदेश मंत्री ने यह भी बताया कि उन्होंने विस्फोट के बारे में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से बात की है। रुबियो ने कहा कि अमेरिका ने मदद की पेशकश की है, लेकिन भारत जांच को संभालने में "बहुत सक्षम" है और उसे मदद की जरूरत नहीं है।

पहलगाम के हर दोषी को सजा दिलाकर रहेंगे', अमेरिकी विदेश मंत्री से बातचीत में जयशंकर ने साफ की मंशा

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पहलगाम आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान अब चारों तरफ से घिरता दिख रहा है। अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट (विदेश मंत्री) मार्को रुबियो ने इस आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ से बात की है। इस बातचीत के दौरान रुबियो ने इस आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी बात की है।मार्को रुबियो ने पहलगाम में हुए भीषण आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों के प्रति दुख व्यक्त किया और आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ सहयोग करने की अमेरिका की प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि की।

जयशंकर की चेतावनी

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को साफ तौर पर कह दिया है कि पहलगाम आतंकी हमले के अपराधियों को न्याय के कटघरें में लाया जाना चाहिए। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, 'कल अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ पहलगाम आतंकवादी हमले पर चर्चा की। इसके अपराधियों, समर्थकों और योजनाकारों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए।'

यूएस ने की तनाव कम करने की अपील

इससे पहले अमेरिका ने पाकिस्तान से भारत के साथ बढ़ते तनाव को कम करने का आह्वान किया। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पाकिस्तान के पीएम से इस अमानवीय हमले की जांच में हर संभव सहयोग देने की बात कही है। साथ ही उन्होंने पाकिस्तान को भारत से बढ़ते तनाव को कम करने, बातचीत फिर से स्थापित करने और दक्षिण एशिया में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए साथ मिलकर काम करने के लिए प्रोत्साहित भी किया है।

क्या भारत करेगा पाकिस्तान के साथ सहयोग

हालांकि, आतंकवाद के पनाहगार के तौर पर जगजाहिर देश पाकिस्तान के साथ सहयोग की किसी भी गुंजाइश से भारत ने किनारा कर रखा है। उसका एकमात्र मकसद आतंकवाद का जड़ से सफाया और पहलगाम के पीड़ितों को न्याय दिलाना है।

कैबिनेट मीटिंग में ट्रंप के सामने भिड़े दो मंत्री, मस्क-रुबियो में जमकर हुई तकरार

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद पूरी दुनिया में हड़कंप मचा हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरी बार सत्ता संभालने के बाद कई सख्त फैसले लिए जा रहे हैं। इनमें से कई फैसलों का अमेरिका में विरोध भी हो रहा है। ट्रंप प्रशासन का एक ऐसा ही फैसला स्टाफ कटौती का है। जिसकी आलोचना अमेरिकी राजकर्मियों के संगठन के साथ-साथ अन्य लोग भी कर चुके। अब इसी फैसले के कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में विदेश मंत्री मार्को रुबियो और सरकारी दक्षता विभाग (डीओजीई) के प्रमुख एलन मस्क के बीच नोकझोंक की खबर सामने आ रही है।

व्हाइट हाउस में हुई कैबिनेट बैठक में उस समय तनावपूर्ण माहौल बन गया जब ट्रंप के दो मंत्री आपस में एक बात को लेकर भिड़ गए। डीओजीई विभाग के प्रमुख एलन मस्क और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच तीखी बहस हो गई। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह विवाद स्टेट डिपार्टमेंट में की गई स्टाफ कटौती को लेकर हुआ। खास बात है कि इस बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही कर रहे थे।

न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, तनाव कई हफ़्तों से चल रहा था, मगर कैबिनेट की बैठक में यह फूट पड़ा। रुबियो और मस्क के आक्रामक लागत-कटौती उपायों से लंबे समय से निराश थे। तभी बैठक के दौरान जब मस्क ने उन पर अपने विभाग का आकार कम करने में विफल रहने का आरोप लगाया, तो उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी।

बैठक के दौरान मस्क ने कहा, आपने किसी को भी नहीं निकाला है। आपका विदेश विभाग अभी भी फूला हुआ है। मस्क के तीखे सवाल को सुनते ही रुबियो भड़क उठे। उन्होंने जवाब दिया कि मस्क को 1,500 विदेश विभाग के अधिकारियों की याद दिला दी जिन्होंने बायआउट किया था। मगर मस्क प्रभावित नहीं हुए। दोनों के बीच जैसे ही बहस बढ़ी, ट्रंप, जो पहले हाथ पर हाथ धरे देख रहे थे, आखिरकार उनको हस्तक्षेप करना पड़ा।

दरअसल, हाल के दिनों में अमेरिका में बड़े पैमाने पर सरकारी एजेंसियों में कर्मचारियों की छटनी की गई है। ट्रंप और उनके सलाहकार ने हजारों लोगों को नौकरी से निकाल दिया है. ऐसा अमेरिकी नौकरशाही में कटौती के अभियान के तहत हुआ है। अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है। सत्ता में आने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक के बाद एक कड़े और बड़े फैसले ले रहे हैं। नौकरी में कटौती को लेकर ट्रंप का कहना है कि फेडरल गवर्नमेंट में बहुत से स्टाफ हैं। उन्होंने हाल में कहा था कि सरकार पर 36 लाख करोड़ डॉलर का कर्ज है। पिछले साल करोड़ों डॉलर का घाटा हुआ था इसलिए इसमें सुधार की जरूरत है।

"A Global Affair: Hon. Consul General of Malaysia Joins The Lalit Mumbai’s Iconic Cake Mixing Celebration."

Mumbai, 15th November 2024: The LaLiT Mumbai brought festive cheer to life with its much-awaited "Cake Mixing Ceremony," a traditional celebration marking the arrival of the Christmas season. This grand event was a perfect blend of tradition, luxury, and camaraderie, attended by an illustrious guest list that elevated the evening into an unforgettable experience.

The event saw the gracious presence of Ms. Noriah Jaafar, Director of Tourism Malaysia Mumbai; Mr. T. Ediwanto T. Eddie, Deputy Director of Tourism Malaysia Mumbai; and Mr. A. Zuwairi Yusoff, Honorable Consul General of Malaysia in Mumbai. Their participation emphasized the event’s cultural significance and global appeal.

The LaLiT Mumbai’s General Manager, Mr. Davinder Besoya, warmly welcomed all guests, including renowned influencer Rajveer Singh, fondly known as RV, alongside prominent content creators Munawar Karbelkar and Richa Gautam. The trio shared their admiration for the meticulous organization and joyful atmosphere of the ceremony, terming it “Mumbai’s finest cake-mixing celebration.”

Among other esteemed attendees were Hindustan Times Senior Content Producer, Ms. Shweta Sunny; LIVA Miss Diva Supranational India 2020, Ms. Aavriti Choudhary; and Farzana Gandhi from the Western India Culinary Association (WICA) & Parvati Khan (Bollywood singer). Each guest immersed themselves in the celebration, exchanging lively conversations and smiles under the charismatic hosting of Mr. Vishal Dudeja, Manager PR & MARCOM at The LaLiT Mumbai.

The ceremony, steeped in tradition, harks back to a rich history of marking the harvest season, where fruits and nuts were preserved for the iconic Christmas fruitcake. Guests enthusiastically participated in mixing over 200 kilograms of ingredients in a grand container, creating a vibrant and joyous scene as spirits and spices were poured to perfection under the guidance of Executive Pastry Chef Andaleeb and PR & MARCOM Manager, Vishal Dudeja.

A guest from Malaysia encapsulated the spirit of the evening by stating, "Cake mixing is more than just a ceremony; it’s a celebration, and The LaLiT does it with unmatched grace."

Roshan Kamble and Wanda Hendricks beautifully captured every cherished moment, ensuring the evening’s warmth and grandeur were forever immortalized. The event concluded with an exquisite spread of appetizers, desserts, and beverages, leaving attendees in awe of the unparalleled culinary experience.

With over four decades of excellence, The Lalit Suri Hospitality Group continues to redefine hospitality, and this cake-mixing ceremony reaffirmed its commitment to creating extraordinary experiences.

For reservations, contact +91 99876 03127 or visit www.thelalit.com.

For media inquiries on this platform, reach out at +917710030004.

Chess news

Carlsen wins fifth Rapid World Championship

Magnus Carlsen won the 2023 FIDE World Rapid Chess Championship for the fifth time, earning $60,000.

Praggnanandhaa draws with Carlsen

Praggnanandhaa forced a stalemate against Carlsen in the first classical game of the 2023 Chess World Cup final.

Indian chess teams win silver medals

The Indian men's and women's chess teams both won silver medals at the Asian Games in Hangzhou.

Levan Pantsulaia wins 2023 Meghalaya GM Open

Levan Pantsulaia won the 2023 Meghalaya GM Open, with Aronyak Ghosh and Ratnakaran placing second and third.

Magnus Carlsen and Valentina Gunina win 2023 World Blitz

Magnus Carlsen and Valentina Gunina won the 2023 World Blitz.

Here are other exciting chess news

  • Anish Giri won his first Tata Steel Masters.
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एस जयशंकर ने उठाया यूएस वीजा का मुद्दा, रुबियो ने कहा- नियम भारत को निशाना बनाकर नहीं बनाए गए

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दिल्ली के हैदराबाद हाउस में विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच बैठक हुई। एस. जयशंकर ने रविवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के सामने यूएस वीजा का मुद्दा उठाया और होने वाली परेशानियों से अवगत कराया। जिस पर मार्को रुबियो ने कहा कि ये नियम भारत को निशाना बनाकर नहीं बनाए गए हैं।

एस जयशंकर ने कहा कि हमारे संबंधों का आधार जन-संबंध हैं। मैंने विदेश मंत्री रुबियो को वैध यात्रियों को वीजा जारी करने में आने वाली चुनौतियों से अवगत कराया। हालांकि, हम अवैध और अनियमित आवागमन से निपटने के लिए सहयोग कर रहे हैं, लेकिन हमारी अपेक्षा है कि इससे वैध आवागमन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। आखिरकार यह हमारे व्यापार, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान सहयोग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

भारत को सबसे खास रणनीतिक साझेदार बताया

द्विपक्षीय बातचीत के दौरान जयशंकर ने जैसे ही वीजा का मुद्दा उठाया, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि 'यह पाबंदियां या कड़े नियम भारत को टारगेट करके नहीं बनाए गए हैं। यह एक ऐसी प्रणाली है जिसे वैश्विक स्तर पर लागू किया जा रहा है। लेकिन हम संक्रमण काल से गुजर रहे हैं और किसी भी संक्रमण काल की तरह, इस राह में कुछ बाधाएं तो आएंगी ही। इसके साथ ही रुबियो ने भारत को अमेरिका का सबसे खास और रणनीतिक साझेदार बताया। उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों को लेकर चल रही अटकलों पर भी विराम लगा दिया।

भारत-अमेरिका संबंधों को बहाल करने की जरूरत नहीं- रुबियो

रुबियो ने कई क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की संभावना भी जताई है। रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र हैं और यही साझा लोकतांत्रिक आधार दोनों देशों के मजबूत सहयोग की नींव है। उनके मुताबिक दोनों देशों के कई साझा हित हैं, जिन पर मिलकर काम करना स्वाभाविक और आवश्यक है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत-अमेरिका संबंधों को बहाल करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह साझेदारी पहले से ही बेहद मजबूत और ठोस है। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य इस रिश्ते को और आगे ले जाने तथा नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का है.

व्यापार समझौते पर हुई बातचीत

इस बैठक में सिर्फ वीजा ही नहीं, बल्कि कई और बड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। भारत और अमेरिका के बीच जल्द से जल्द बड़े व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने पर बातचीत आगे बढ़ी। विदेश मंत्री जयशंकर ने बैठक के बाद कहा कि 'हमने पश्चिम एशिया, भारतीय उपमहाद्वीप और पूर्वी एशिया की स्थिति पर चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच हालिया सहयोग का स्वागत किया गया।

पीएम मोदी से मिले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो, जानें किन मुद्दों पर हुई बात?

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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शनिवार को पीएम मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटें तक चर्चा चली। इस बैठक में विदेश मंत्री एस जय शंकर के अलावा एनएसए अजीत डोभाल भी मौजूद रहे हैं।

इन मुद्दों पर मंथन

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि बातचीत के दौरान क्षेत्रीय और वैश्विक शांति एवं सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि वैश्विक हितों के लिए भारत और अमेरिका का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और अमेरिका भविष्य में भी आपसी सहयोग को और गहरा करते रहेंगे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिरता व विकास के लिए मिलकर काम करेंगे।

अमेरिका-भारत सहयोग को और गहरा करने पर सार्थक चर्चा- सर्जियो गोर

वहीं, भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने X पर मीटिंग की फोटो शेयर की। उन्होंने लिखा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक के लिए मार्को रूबियो के साथ शामिल होकर बहुत अच्छा लगा। हमने सुरक्षा, व्यापार और महत्वपूर्ण तकनीकों के क्षेत्रों में अमेरिका-भारत सहयोग को और गहरा करने के तौर-तरीकों पर सार्थक चर्चा की। ये ऐसे क्षेत्र हैं जो हमारे दोनों राष्ट्रों को मजबूत करते हैं और एक स्वतंत्र व खुले इंडो-पैसिफिक को आगे बढ़ाते हैं। भारत और अमेरिका का एक अत्यंत महत्वपूर्ण साझेदार है!

पीएम को व्हाइट हाउस आने का दिया न्योता

अमेरिकी विदेश मंत्री ने पीएम मोदी को व्हाइट हाउस आने का भी न्योता दिया। इससे पहले नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के नेताओं के बीच व्यापार, सुरक्षा संबंधों समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।

कल जयशंकर के साथ रूबियो की द्विपक्षीय वार्ता

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो रविवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके अलावा वह नई दिल्ली में होने वाली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भी शामिल होंगे। इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार, निवेश, महत्वपूर्ण तकनीक और जन-जन के संबंधों को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। साथ ही पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति जैसे विषय भी बातचीत का हिस्सा रहेंगे।

भारत पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री, कोलकाता में ‘मदर हाउस’ का किया दौरा, आज दिल्ली में PM मोदी से मुलाकात

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अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो शनिवार को अपनी पहली भारत यात्रा पर पहुंचे। चार दिन के भारत दौरे पर आए रुबियो का कोलकाता एयरपोर्ट पर भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट से मार्को रुबियो सीधे सेंट टेरेसा की संस्था ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ के मुख्यालय ‘मदर हाउस’ पहुंचे। जहां उन्होंने संस्था के अधिकारियों से मुलाकात की और वहां चल रहे सेवा कार्यों की जानकारी ली।

14 साल बाद किसी अमेरिकी विदेश मंत्री का कोलकाता दौरा

अमेरिका के किसी विदेश मंत्री का यह 14 साल बाद कोलकाता दौरा है। इससे पहले मई 2012 में तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन कोलकाता आई थीं। मार्को रुबियो का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब पश्चिम बंगाल में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है और भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में नई सरकार बनी है।

पीएम मोदी से भी करेंगे मुलाकात

भारत में अमेरिकी राजदूत राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर रुबियो के आगमन की जानकारी दी। रुबियो का भारत दौरा 23 से 26 मई तक प्रस्तावित है। अपने दौरे के दौरान रुबियो की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में मुलाकात होगी, जिसमें व्यापार, टेक्नोलॉजी, रक्षा सहयोग और क्वाड समेत कई रणनीतिक विषयों पर चर्चा की जाएगी।

एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय मीटिंग

वहीं, रविवार 24 मई 2026 को सुबह 11.30 बजे वह विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय मीटिंग करेंगे। मेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग प्रमुख एजेंडा है। भारत की सैन्य क्षमताओं में पहले से ही अमेरिकी तकनीक की अहम भूमिका है। भारतीय वायुसेना और नौसेना बोइंग पी-8 पोसाइडन विमान, एमक्यू-9बी स्काईगार्डियन ड्रोन, एम777 हॉवित्जर तोप और बोइंग सी-17 ग्लोबमास्टर-III जैसे आधुनिक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रही हैं। हालांकि, बातचीत अब केवल रक्षा खरीद तक सीमित नहीं रह गई है। दोनों देश रक्षा प्रणालियों के को-प्रोडक्‍शन, एआई, सेमीकंडक्टर और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दे रहे हैं। माना जा रहा है कि यह साझेदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक संतुलन और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करेगी।

क्‍वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे रुबियो

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ऐसे समय भारत पहुंचे हैं, जब क्वाड देशों भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने के लिए अहम बैठक कर रहे हैं। भारत के लिए क्वाड हाल के वर्षों में रक्षा सहयोग, उभरती प्रौद्योगिकियों और सप्लाई चेन को मजबूत बनाने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है। क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच क्वाड को चार लोकतांत्रिक देशों के बीच रणनीतिक समन्वय बढ़ाने वाले समूह के रूप में भी देखा जा रहा है।

भारत हमारा बेहतरीन दोस्त, जितना तेल चाहिए देने को तैयार', दिल्ली दौरे से पहले अमेरिकी विदेश मंत्री का बड़ा बयान

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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत आ रहे हैं। मार्को रूबियो 23 मई को भारत आएंगे। अपने आगामी भारत दौरे से ठीक पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक बड़ा बयान दिया है। अपने दौरे से पहले मार्को रुबियो ने भारत की जमकर तारीफ की है। भारत को अमेरिका का एक बेहतरीन सहयोगी और साझेदार बताते हुए साफ किया है कि वाशिंगटन भारत को उतनी ऊर्जा (एनर्जी) बेचने के लिए तैयार है, जितनी नई दिल्ली खरीदने की इच्छा रखती है।

भारत को अमेरिका का बड़ा ऑफर

मियामी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए रुबियो ने भारत की जमकर तारीफ की। उन्होंने भारत को एक 'महान सहयोगी और बेहतरीन साझेदार' बताया। ऊर्जा के मुद्दे पर उन्होंने एक बड़ी बात कही कि भारत जितना भी तेल और ऊर्जा खरीदना चाहेगा, अमेरिका उसे उतनी मात्रा में बेचने के लिए तैयार है। अमेरिका इस समय ऐतिहासिक स्तर पर ऊर्जा का उत्पादन और निर्यात कर रहा है।

वेनेजुएला के जरिए दोनों देशों के बीच व्यापार के बड़े मौके

रुबियो ने यह भी बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से भारत में तेल की कीमतें बढ़ी हैं, ऐसे में अमेरिका भारत के ऊर्जा पोर्टफोलियो का एक बड़ा हिस्सा बनना चाहता है। वेनेजुएला के तेल के जरिए भी दोनों देशों के बीच व्यापार के बड़े मौके हैं। असल में, मेरी जानकारी के अनुसार, वेनेजुएला के अंतरिम राष्ट्रपति भी अगले हफ्ते भारत की यात्रा पर जा रही हैं। ऐसे में अवसर मौजूद हैं।

मार्को रुबियो का दिल्ली दौरा क्यों है खास?

मार्को रुबियो नई दिल्ली में 26 मई को 'क्वाड' (Quad) देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक में हिस्सा लेंगे। इस बैठक की अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर करेंगे, जिसमें ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री मोतेगी तोशिमित्सु भी शामिल होंगे। अपनी इस यात्रा के दौरान रुबियो कोलकाता, आगरा, जयपुर और नई दिल्ली जाएंगे। खास बात यह है कि करीब 14 साल बाद कोई अमेरिकी विदेश मंत्री कोलकाता का दौरा कर रहा है; इससे पहले 2012 में हिलेरी क्लिंटन वहां गई थीं। कोलकाता में अमेरिका का दुनिया का दूसरा सबसे पुराना वाणिज्य दूतावास स्थित है।

एस जयशंकर ने मार्को रुबियो से फोन पर की बात, क्या भारत-अमेरिका ट्रेड डील फाइनल?

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नेताओं के बीच ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर भी बात हुई है, जिसके बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि ट्रेड डील को लेकर दोनों देशों के बीच जल्द ही कोई सहमति बन सकती है। ट्रेड के अलावा दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय घटनाक्रमों और स्वतंत्र और सबके लिए खुले इंडो-पैसिफिक को लेकर भी बात की है।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि दोनों नेताओं के बीच परमाणु सहयोग, रक्षा, ऊर्जा, व्यापार पर चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि इसके अलावे भी कई मुद्दों पर संपर्क में रहने पर सहमति बनी। दोनों नेताओं की बातचीत ऐसे समय में हुई है जब भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

यह फोन कॉल इसलिए भी अहम है क्योंकि बीते कुछ महीनों से ट्रेड डील को लेकर बातचीत अटकी हुई थी। हाई इंपोर्ट ड्यूटी, मार्केट एक्सेस और सप्लाई चेन जैसे मुद्दों पर मतभेद थे। लेकिन जयशंकर-रुबियो की इस बातचीत ने साफ कर दिया कि दोनों देश अब रुकने के मूड में नहीं हैं।

दोनों देशों ने पिछले साल फरवरी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पदभार संभालने के कुछ ही दिनों बाद व्यापार वार्ता फिर से शुरू की थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ट्रंप ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा था, लेकिन जुलाई में अमेरिका की ओर से भारतीय सामानों पर एकतरफा 25 फीसदी टैरिफ लगाने के बाद वार्ता रुक गई। इसके बाद रूसी तेल खरीदने को लेकर अगस्त 2025 अमेरिका ने भारत पर 25 फीसदी टैरिफ दंड के तौर पर लगाया। इसके साथ ही भारत पर कुल 50 फीसदी टैरिफ कर दी गई है, जो एशिया में सबसे अधिक है।

भारत खुद सक्षम...दिल्ली ब्लास्ट की जांच में मदद के ऑफर पर अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो का बड़ा बयान

#indiadontneedourhelpusstatesecretarymarcorubiodelhiblastinquiry

अमेरिका ने दिल्ली में हुए धमाके को आतंकी हमला करार दिया। साथ ही दिल्ली विस्फोट की जांच को लेकर भारत की एजेंसियों की तारीफ की है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया कि अमेरिका ने मदद की पेशकश की है। लेकिन यह भी कहा कि भारतीय अधिकारी असाधारण पेशेवर तरीके से जांच का प्रबंधन कर रहे हैं। रुबियो ने यह टिप्पणी भारत द्वारा दिल्ली में हुए विस्फोट को "आतंकवादी घटना" घोषित करने पर मीडिया के एक सवाल का जवाब देते हुए की।

भारतीय एजेंसियों की सराहना

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, भारतीयों की सराहना की जानी चाहिए। वे बहुत ही नपे-तुले, सतर्क और बहुत ही पेशेवर तरीके से इस जांच को अंजाम दे रहे हैं। यह जांच जारी है। यह स्पष्ट रूप से एक आतंकवादी हमला था। यह अत्यधिक विस्फोटक सामग्री से लदी एक कार थी जिसमें विस्फोट हुआ और कई लोग मारे गए। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि वे जांच करने का बहुत अच्छा काम कर रहे हैं और मुझे लगता है कि जब उनके पास तथ्य (फैक्ट) होंगे, तो वे उन तथ्यों को जारी करेंगे।

अमेरिका ने मदद की पेशकश

अमेरिकी विदेश मंत्री ने यह भी बताया कि उन्होंने विस्फोट के बारे में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से बात की है। रुबियो ने कहा कि अमेरिका ने मदद की पेशकश की है, लेकिन भारत जांच को संभालने में "बहुत सक्षम" है और उसे मदद की जरूरत नहीं है।

पहलगाम के हर दोषी को सजा दिलाकर रहेंगे', अमेरिकी विदेश मंत्री से बातचीत में जयशंकर ने साफ की मंशा

#sjaishankarpahalgamattacktalkwithmarco_rubio

पहलगाम आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान अब चारों तरफ से घिरता दिख रहा है। अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट (विदेश मंत्री) मार्को रुबियो ने इस आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ से बात की है। इस बातचीत के दौरान रुबियो ने इस आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी बात की है।मार्को रुबियो ने पहलगाम में हुए भीषण आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों के प्रति दुख व्यक्त किया और आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ सहयोग करने की अमेरिका की प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि की।

जयशंकर की चेतावनी

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को साफ तौर पर कह दिया है कि पहलगाम आतंकी हमले के अपराधियों को न्याय के कटघरें में लाया जाना चाहिए। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, 'कल अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ पहलगाम आतंकवादी हमले पर चर्चा की। इसके अपराधियों, समर्थकों और योजनाकारों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए।'

यूएस ने की तनाव कम करने की अपील

इससे पहले अमेरिका ने पाकिस्तान से भारत के साथ बढ़ते तनाव को कम करने का आह्वान किया। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पाकिस्तान के पीएम से इस अमानवीय हमले की जांच में हर संभव सहयोग देने की बात कही है। साथ ही उन्होंने पाकिस्तान को भारत से बढ़ते तनाव को कम करने, बातचीत फिर से स्थापित करने और दक्षिण एशिया में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए साथ मिलकर काम करने के लिए प्रोत्साहित भी किया है।

क्या भारत करेगा पाकिस्तान के साथ सहयोग

हालांकि, आतंकवाद के पनाहगार के तौर पर जगजाहिर देश पाकिस्तान के साथ सहयोग की किसी भी गुंजाइश से भारत ने किनारा कर रखा है। उसका एकमात्र मकसद आतंकवाद का जड़ से सफाया और पहलगाम के पीड़ितों को न्याय दिलाना है।

कैबिनेट मीटिंग में ट्रंप के सामने भिड़े दो मंत्री, मस्क-रुबियो में जमकर हुई तकरार

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद पूरी दुनिया में हड़कंप मचा हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरी बार सत्ता संभालने के बाद कई सख्त फैसले लिए जा रहे हैं। इनमें से कई फैसलों का अमेरिका में विरोध भी हो रहा है। ट्रंप प्रशासन का एक ऐसा ही फैसला स्टाफ कटौती का है। जिसकी आलोचना अमेरिकी राजकर्मियों के संगठन के साथ-साथ अन्य लोग भी कर चुके। अब इसी फैसले के कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में विदेश मंत्री मार्को रुबियो और सरकारी दक्षता विभाग (डीओजीई) के प्रमुख एलन मस्क के बीच नोकझोंक की खबर सामने आ रही है।

व्हाइट हाउस में हुई कैबिनेट बैठक में उस समय तनावपूर्ण माहौल बन गया जब ट्रंप के दो मंत्री आपस में एक बात को लेकर भिड़ गए। डीओजीई विभाग के प्रमुख एलन मस्क और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच तीखी बहस हो गई। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह विवाद स्टेट डिपार्टमेंट में की गई स्टाफ कटौती को लेकर हुआ। खास बात है कि इस बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही कर रहे थे।

न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, तनाव कई हफ़्तों से चल रहा था, मगर कैबिनेट की बैठक में यह फूट पड़ा। रुबियो और मस्क के आक्रामक लागत-कटौती उपायों से लंबे समय से निराश थे। तभी बैठक के दौरान जब मस्क ने उन पर अपने विभाग का आकार कम करने में विफल रहने का आरोप लगाया, तो उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी।

बैठक के दौरान मस्क ने कहा, आपने किसी को भी नहीं निकाला है। आपका विदेश विभाग अभी भी फूला हुआ है। मस्क के तीखे सवाल को सुनते ही रुबियो भड़क उठे। उन्होंने जवाब दिया कि मस्क को 1,500 विदेश विभाग के अधिकारियों की याद दिला दी जिन्होंने बायआउट किया था। मगर मस्क प्रभावित नहीं हुए। दोनों के बीच जैसे ही बहस बढ़ी, ट्रंप, जो पहले हाथ पर हाथ धरे देख रहे थे, आखिरकार उनको हस्तक्षेप करना पड़ा।

दरअसल, हाल के दिनों में अमेरिका में बड़े पैमाने पर सरकारी एजेंसियों में कर्मचारियों की छटनी की गई है। ट्रंप और उनके सलाहकार ने हजारों लोगों को नौकरी से निकाल दिया है. ऐसा अमेरिकी नौकरशाही में कटौती के अभियान के तहत हुआ है। अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है। सत्ता में आने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक के बाद एक कड़े और बड़े फैसले ले रहे हैं। नौकरी में कटौती को लेकर ट्रंप का कहना है कि फेडरल गवर्नमेंट में बहुत से स्टाफ हैं। उन्होंने हाल में कहा था कि सरकार पर 36 लाख करोड़ डॉलर का कर्ज है। पिछले साल करोड़ों डॉलर का घाटा हुआ था इसलिए इसमें सुधार की जरूरत है।

"A Global Affair: Hon. Consul General of Malaysia Joins The Lalit Mumbai’s Iconic Cake Mixing Celebration."

Mumbai, 15th November 2024: The LaLiT Mumbai brought festive cheer to life with its much-awaited "Cake Mixing Ceremony," a traditional celebration marking the arrival of the Christmas season. This grand event was a perfect blend of tradition, luxury, and camaraderie, attended by an illustrious guest list that elevated the evening into an unforgettable experience.

The event saw the gracious presence of Ms. Noriah Jaafar, Director of Tourism Malaysia Mumbai; Mr. T. Ediwanto T. Eddie, Deputy Director of Tourism Malaysia Mumbai; and Mr. A. Zuwairi Yusoff, Honorable Consul General of Malaysia in Mumbai. Their participation emphasized the event’s cultural significance and global appeal.

The LaLiT Mumbai’s General Manager, Mr. Davinder Besoya, warmly welcomed all guests, including renowned influencer Rajveer Singh, fondly known as RV, alongside prominent content creators Munawar Karbelkar and Richa Gautam. The trio shared their admiration for the meticulous organization and joyful atmosphere of the ceremony, terming it “Mumbai’s finest cake-mixing celebration.”

Among other esteemed attendees were Hindustan Times Senior Content Producer, Ms. Shweta Sunny; LIVA Miss Diva Supranational India 2020, Ms. Aavriti Choudhary; and Farzana Gandhi from the Western India Culinary Association (WICA) & Parvati Khan (Bollywood singer). Each guest immersed themselves in the celebration, exchanging lively conversations and smiles under the charismatic hosting of Mr. Vishal Dudeja, Manager PR & MARCOM at The LaLiT Mumbai.

The ceremony, steeped in tradition, harks back to a rich history of marking the harvest season, where fruits and nuts were preserved for the iconic Christmas fruitcake. Guests enthusiastically participated in mixing over 200 kilograms of ingredients in a grand container, creating a vibrant and joyous scene as spirits and spices were poured to perfection under the guidance of Executive Pastry Chef Andaleeb and PR & MARCOM Manager, Vishal Dudeja.

A guest from Malaysia encapsulated the spirit of the evening by stating, "Cake mixing is more than just a ceremony; it’s a celebration, and The LaLiT does it with unmatched grace."

Roshan Kamble and Wanda Hendricks beautifully captured every cherished moment, ensuring the evening’s warmth and grandeur were forever immortalized. The event concluded with an exquisite spread of appetizers, desserts, and beverages, leaving attendees in awe of the unparalleled culinary experience.

With over four decades of excellence, The Lalit Suri Hospitality Group continues to redefine hospitality, and this cake-mixing ceremony reaffirmed its commitment to creating extraordinary experiences.

For reservations, contact +91 99876 03127 or visit www.thelalit.com.

For media inquiries on this platform, reach out at +917710030004.

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Carlsen wins fifth Rapid World Championship

Magnus Carlsen won the 2023 FIDE World Rapid Chess Championship for the fifth time, earning $60,000.

Praggnanandhaa draws with Carlsen

Praggnanandhaa forced a stalemate against Carlsen in the first classical game of the 2023 Chess World Cup final.

Indian chess teams win silver medals

The Indian men's and women's chess teams both won silver medals at the Asian Games in Hangzhou.

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Levan Pantsulaia won the 2023 Meghalaya GM Open, with Aronyak Ghosh and Ratnakaran placing second and third.

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