ब्रिक्स सम्मेलन में नहीं आ रहे तारिक रहमान, बांग्लादेश ने कहा- भारत ने पीएम की हैसियत से नहीं बुलाया

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बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ब्रिक्स समिट में शामिल होने भारत नहीं आएंगे। विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने इसकी पुष्टि की है। गुरुवार को पत्रकारों ने रहमान के समिट में शामिल होने को लेकर सवाल पूछा। कबीर ने कहा, हमारे प्रधानमंत्री को तो न्योता नहीं मिला। न्योता BIMSTEC के चेयरमैन को मिला है।

न रहमान आएंगे और न ही कोई प्रतिनिधि

गुरुवार को बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने कहा कि "भारत में आयोजित ब्रिक्स समिट में न तो प्रधानमंत्री तारिक रहमान जाएंगे और न ही कोई अन्य प्रतिनिधि। कबीर ने फ़ॉरन सर्विस एकेडमी में पत्रकारों से कहा, "जब माहौल अनुकूल होगा और आपसी सम्मान बना रहेगा, तब द्विपक्षीय यात्राएं होंगी। इसमें जल्दबाजी करने की कोई जरूरत नहीं है।"

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के रूप में न्योता नहीं

कबीर ने आगे कहा कि "भारत ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को बिम्सटेक के अध्यक्ष के तौर पर ब्रिक्स समिट में शामिल होने का न्योता दिया था, ना की बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के रूप में नहीं। इसे द्विपक्षीय निमंत्रण के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। पहली यात्रा बहुपक्षीय नहीं हो सकती। हम द्विपक्षीय यात्राओं और बातचीत को ज़्यादा महत्व दे रहे हैं।"

तारिक रहमान ने भारत के दो-दो न्योते ठुकराए

भारत ने पुष्टि की कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान को बिम्सटेक के अध्यक्ष के रूप में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए निमंत्रण भेजा गया था। इससे पहले फरवरी में तारिक रहमान के शपथग्रहण के दौरान भी भारत ने द्विपक्षीय यात्रा का निमंत्रण दिया था। हालांकि, तारिक रहमान अपनी पार्टी बीएनपी के कट्टरपंथी नेताओं के दबाव और प्रमुख विपक्षी दल जमात-ए-इस्लामी के भारत विरोधी एजेंडे को साधने के लिए भारत की यात्रा स्थगित कर चुके हैं।

मक्का रक्षा समझौते में शामिल होने की चाहत

बांग्लादेश उस रक्षा गठबंधन में शामिल होना चाहता है, जिसका उसे न्योता नहीं मिला है और दूसरी तरफ़ भारत के दो-दो न्योते ठुकरा चुका है। पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के मक्का रक्षा समझौते में शामिल होने की चाहत बांग्लादेश कई बार सार्वजनिक रूप से प्रकट कर चुका है। तारिक़ रहमान इस साल फरवरी में जब बांग्लादेश के प्रधानमंत्री बने थे तो भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें नई दिल्ली आने के लिए न्योता भेजा था। रहमान नहीं आए और पहले विदेशी दौरे के लिए मलेशिया को चुना. मलेशिया के बाद रहमान चीन गए।

ब्रिक्स समिट को लेकर दिल्ली में कड़ी सुरक्षा, 15 हजार पुलिस कर्मी तैनात

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12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वां ब्रिक्स समिट आयोजित हो रहा है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार से शुरू हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस के 15,000 जवानों और अर्ध सैनिक बलों की 200 कंपनी तैनात की गई हैं। दिल्ली में 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है।

किले में तब्दील दिल्ली

दिल्ली यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शिखर सम्मेलन के मद्देनजर पूरी दिल्ली बंद नहीं होगी लेकिन वीवीआईपी के काफिलों की आवाजाही के दौरान कुछ मार्गों पर अस्थायी रूप से ट्रैफिक को रोका जा सकता है। कुछ जगहों पर रूट डायवर्जन किया जा सकता है और कुछ रास्तों पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा के साथ आम लोगों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं और यातायात संबंधी एडवाइजरी पहले ही जारी की जा चुकी है।

खुफिया अलर्ट के बाद निगरानी बढ़ाई गई

खुफिया ब्यूरो (आईबी) के अलर्ट के बाद दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने संभावित खतरों को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों को आशंका है कि कुछ संगठन या समूह वीवीआईपी नेताओं की आवाजाही में बाधा डालने, सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने या विरोध-प्रदर्शन के जरिए सम्मेलन को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं। खुफिया इनपुट में दीवारों पर आपत्तिजनक या विरोध से जुड़े नारे लिखने, ड्रोन उड़ाने और वीवीआईपी रूट में घुसने जैसी कोशिशों का खतरा बताया गया है। इसके बाद सम्मेलन स्थल, प्रमुख होटलों, वीवीआईपी रूट, महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों और बड़े परिवहन केंद्रों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है।

500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए

सुरक्षा व्यवस्था हवाई अड्डे, विदेशी नेताओं को ठहराए जाने वाले होटलों, भारत मंडपम और उन अन्य स्थानों तक रहेगी जहां ये विदेशी मेहमान जाएंगे। नई दिल्ली इलाके में 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनमें हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों के अलावा चेहरे की पहचान करने वाली प्रणाली और वाहनों की नंबर प्लेट पहचानने वाले कैमरे भी शामिल हैं। इन कैमरों के जरिए 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी। सम्मेलन स्थल और विदेशी मेहमानों को ठहराए जाने वाले होटलों में प्रवेश नियंत्रण, पहचान सत्यापन, खुफिया जानकारी जुटाने, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है।

क्या है ब्रिक्स ?

ब्रिक्स दुनिया की पाँच सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं का एक समूह है। ब्रिक्स अंग्रेजी के अक्षर B R I C S से बना वो शब्द है, जिसमें हर अक्षर एक देश का प्रतिनिधित्व करता है। ये देश हैं ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ़्रीका। ब्रिक्स में दुनिया की सबसे तेज़ गति से बढ़ती 11 प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं और विकासशील देश शामिल हैं- रूस, चीन, भारत, ब्राज़ील, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब, दक्षिण अफ़्रीका और संयुक्त अरब अमीरात। मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जनवरी 2024 से जबकि इंडोनेशिया जनवरी 2025 में इस ग्रुपिंग का पूर्ण सदस्य बना। बेलारूस, बोलीविया, कज़ाखस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज़्बेकिस्तान और वियतनाम 2025 में ब्राज़ील के रियो डी जनेरियो में संपन्न हुए ब्रिक्स समिट में इस ग्रुपिंग के पार्टनर देश बने। कुछ जानकारों का कहना है कि ये देश साल 2050 तक विनिर्माण उद्योग, सेवाओं और कच्चे माल के प्रमुख सप्लायर यानी आपूर्तिकर्ता हो जाएंगे। उनका मानना है कि चीन और भारत विनिर्माण उद्योग और सेवाओं के मामले में पूरी दुनिया के प्रमुख सप्लायर हो जाएंगे जबकि रूस और ब्राज़ील कच्चे माल के सबसे बड़े आपूर्तिकर्ता हो जाएंगे।

ब्रिक्स समिट से पहले पीएम मोदी का खास संदेश, पुतिन सुबह-सुबह पहुंचे दिल्ली, प्रधानमंत्री से होगी मुलाकात

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नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स सम्मेलन हो रहा है। सम्मेलन से पहले दुनिया भर के नेताओं का दिल्ली आना शुरू हो गया है। ब्रिक्स समिट 2026 में शामिल होने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार सुबह नई दिल्ली पहुंच गए हैं। । दिग्गजों के आगमन से पहले दिल्ली को अभेद्य किला में तब्दील कर दिया गया है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन से पहले संदेश जारी किया है।

पीएम मोदी ने ब्रिक्‍स सम्‍मेलन से पहले कही बड़ी बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संदेश जारी किया है। उन्होंने लिखा, ''अगले कुछ दिनों में दुनियाभर के नेता ब्रिक्स समिट के लिए जुटेंगे. पूर्ण विश्वास है कि सम्मेलन में विश्व कल्याण की कामना के साथ विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी।'' पीएम मोदी ने संस्कृत के एक श्लोक भी ज़िक्र किया है, जिसका मतलब है-''मनुष्य को सदैव सज्जनों के साथ रहना और उनकी संगति करनी चाहिए। सज्जनों के साथ ही विचार-विमर्श और मैत्रीपूर्ण व्यवहार करना चाहिए क्योंकि परस्पर सदभाव, संवाद और मैत्रीपूर्ण संबंध, शांति और सहयोग को सुदृढ़ करते हैं।''

पुतिन पहुंचे भारत, जिनपिंग का इंतजार

इधर, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंच चुके हैं। अपनी यात्रा के दौरान, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत करेंगे और कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। अब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन समेत अन्‍य नेताओं का इंतजार है।

ब्रिक्स समिट में इन मुद्दों पर चर्चा होगी

नई दिल्ली का भारत मंडपम इस हाई-प्रोफाइल इंटरनेशनल समिट की मेजबानी के लिए तैयार हो रहा है। यह कार्यक्रम 12 से 13 सितंबर तक दुनिया भर के प्रतिनिधियों और नेताओं को एक मंच पर लाएगा। बैठक में ब्रिक्स के सदस्य और साझेदार देशों के नेता शामिल होंगे।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, शिखर सम्मेलन में नेता ब्रिक्स के भीतर सहयोग को मजबूत करने से जुड़े साझा मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। सदस्य देश और अन्य आमंत्रित प्रतिनिधि वैश्विक तथा क्षेत्रीय मामलों पर भी अपने विचार साझा करेंगे। इन मुद्दों को लेकर देशों के बीच आपसी महत्व के विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

ब्रिक्‍स में कौन-कौन देश हैं शामिल

ब्रिक्स में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। ब्रिक्स पार्टनर देशों में; बेलारूस, क्यूबा, बोलीविया, कजाकिस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम; शामिल हैं। भारत ब्रिक्स का संस्थापक सदस्य है और इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में इसकी अध्यक्षता कर चुका है। भारत ने 1 जनवरी को चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली। साल 2026 भी एक अहम पड़ाव है क्योंकि ब्रिक्स अपनी स्थापना के 20 साल पूरे कर रहा है।

Amended BharatNet के तहत झारखंड के 260 प्रखंडों और 31 हजार से अधिक गांवों तक पहुंचेगा हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड

भारत सरकार एवं झारखंड सरकार के सहयोग से 260 प्रखंडों, 4,395 ग्राम पंचायतों एवं 26,777 गैर-जीपी गांवों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी को मिलेगा विस्तार

रांची, 10 सितंबर 2026: झारखंड में डिजिटल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (Amended BharatNet Programme–ABP) – भारतनेट फेज-III के लिए Project Implementation and Support Agreement पर हस्ताक्षर किए गए।

समझौते पर 10 सितंबर 2026 को भारत सरकार के डिजिटल भारत निधि (DBN), झारखंड सरकार तथा झारखंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (JDICL) के बीच हस्ताक्षर किए गए। भारत सरकार की ओर से DBN के Administrator श्री श्यामल मिश्रा उपस्थित रहे। वहीं, झारखंड सरकार की ओर से सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव श्रीमती पूजा सिंघल एवं निदेशक सुश्री माधवी मिश्रा ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।

माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को भारत सरकार एवं झारखंड सरकार की साझी पहल के रूप में लागू किया जा रहा है। इसका उद्देश्य राज्य के ग्रामीण एवं डिजिटल रूप से अपेक्षाकृत कम जुड़े क्षेत्रों में विश्वसनीय एवं हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी का विस्तार करना है।

कार्यक्रम के तहत 260 प्रखंडों, 4,395 ग्राम पंचायतों एवं 26,777 गैर-जीपी गांवों को कवर किया जाएगा। यह पहल राज्य के डिजिटल बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ-साथ ग्रामीण परिवारों, सरकारी संस्थानों एवं अन्य उपयोगकर्ताओं तक ब्रॉडबैंड सेवाओं के विस्तार के लिए आवश्यक आधार तैयार करेगी।

कार्यक्रम के प्रमुख अवसंरचनात्मक एवं सेवा संबंधी घटक

4,387 मौजूदा ग्राम पंचायतों को Ring Topology में अपग्रेड किया जाएगा।

8 नई ग्राम पंचायतों को Ring Topology के माध्यम से जोड़ा जाएगा।

पांच वर्षों की अवधि में 4,39,049 FTTH कनेक्शन उपलब्ध कराने का प्रावधान है।

ग्राम पंचायतों एवं गैर-जीपी गांवों में मांग के आधार पर हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी का विस्तार किया जाएगा।

नेटवर्क की क्षमता एवं विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए Middle-Mile Infrastructure का निर्माण एवं उन्नयन किया जाएगा।

झारखंड में State Network Operations Centre (SNOC) की स्थापना एवं संचालन किया जाएगा।

* कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए BSNL द्वारा JDICL को Project Management Consultancy (PMC) सहायता प्रदान की जाएगी।

ग्रामीण परिवारों एवं सरकारी संस्थानों तक कनेक्टिविटी

कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण परिवारों तक फाइबर आधारित ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के विस्तार को बढ़ावा दिया जाएगा, जिसमें सरकारी संस्थानों एवं ग्रामीण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।

बेहतर ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी से झारखंड के ग्रामीण एवं कम सेवा प्राप्त क्षेत्रों के नागरिकों की ई-गवर्नेंस, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, डिजिटल सेवाओं तथा अन्य ऑनलाइन सुविधाओं तक पहुंच को और सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी।

सुदृढ़ डिजिटल नेटवर्क बुनियादी ढांचा नागरिक-केंद्रित सेवाओं की प्रभावी आपूर्ति में भी सहायक होगा तथा सरकारी संस्थानों एवं ग्रामीण समुदायों द्वारा डिजिटल प्लेटफॉर्म के अधिक प्रभावी उपयोग को सक्षम बनाएगा।

डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए केंद्र–राज्य सहयोग

संशोधित भारतनेट कार्यक्रम डिजिटल बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने तथा ग्रामीण एवं कम सेवा प्राप्त क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए भारत सरकार एवं झारखंड सरकार के बीच महत्वपूर्ण केंद्र–राज्य सहयोग का उदाहरण है।

यह पहल डिजिटल सेवाओं तक नागरिकों की पहुंच बढ़ाने तथा डिजिटल सार्वजनिक सेवाओं की प्रभावी एवं व्यापक उपलब्धता के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य के अनुरूप है।

माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन तथा राज्य के ग्रामीण समुदायों तक बेहतर डिजिटल कनेक्टिविटी का लाभ पहुंचाने के लिए भारत सरकार एवं संबंधित कार्यान्वयन एजेंसियों के साथ निकट समन्वय में कार्य कर रही है।

मिस्टर सिंह हमारी सड़कों से हटिए', अमेरिका में भारतीय ड्राइवरों पर नस्लीय टिप्पणी

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अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किया गया एक एआई-जनरेटेड पोस्टर से विवाद बढ़ गया है। पोस्टर को आलोचक 'नस्लवादी' तथा 'भारत विरोधी' बता रहे हैं। जिसमें ‘मिस्टर सिंह’ से खुद देश छोड़कर जाने के लिए कहा गया। भारतीय-अमेरिकियों को निशाना बनाने वाले इस पोस्टर में 'सेल्फ-डिपोर्ट या परिणाम भुगतने' जैसी चेतावनी दी गई है।

विज्ञापन में क्या

यूएस डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी के हालिया इमिग्रेशन लागू करने वाले विज्ञापन में ट्रांसफॉर्मर्स फिल्म की पैरोडी वाले पोस्टर में एक रोबोट, सिर पर कपड़ा बांधे गोरे (वाइट) का सामना करता हुआ दिखाया गया है, जिसे मिस्टर सिंह कहा गया है। विज्ञापन में 'ट्रांसफॉर्मर्स' फ्रैंचाइजी के मुख्य किरदार 'ऑप्टिमस प्राइम' को DHS का आर्म पैच पहने हुए दिखाया गया है। वह भूरी दाढ़ी वाले आदमी का सामना करते हुए कहता है, 'हमारी सड़कों से हट जाओ, तुम्हें गाड़ी चलाना नहीं आता, मिस्टर सिंह।'

एक वीडियो क्लिप भी किया गया पोस्ट

एक्स पर इससे संबंधित पोस्ट में एक छोटा वीडियो क्लिप दिखाया गया है जिसमें ट्रांसफॉर्मर्स फ्रैंचाइजी का मुख्य खलनायक मेगाट्रॉन, एलियंस की रिहाई के लिए बातचीत कर रहा है। यह शब्द अमेरिकी प्रशासन विदेशी नागरिकों के लिए इस्तेमाल करता है। मेगाट्रॉन को ट्रक ड्राइवरों हरजिंदर सिंह, राजिंदर कुमार, बेकजान बेशेकीव, अखरोर बोजोरोव और जसवीर सिंह की रिहाई की कोशिश करते हुए दिखाया गया है, जो सड़क दुर्घटनाओं और अन्य अपराधों में शामिल थे।

'खुद देश छोड़ने या अंजाम भुगतने की धमकी

डीएचएस ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'अगर आप इस देश के खिलाफ दुश्मनी भरी नीयत से आते हैं, तो यह जान लें हम अपना बचाव करेंगे। हम अमेरिकन मूल्यों की रक्षा करेंगे। हम अपने देश की रक्षा करेंगे। एक अन्य पोस्ट में ट्रांसफॉर्मर्स फ्रैंचाइजी के मुख्य नायक ऑप्टिमस प्राइम को दिखाया गया है, जिसके हाथ पर डीएचएस का एक बैज लगा है। वह भूरी दाढ़ी वाले व्यक्ति का सामना करते हुए संदेश दे रहा है। 'खुद देश छोड़ दें या अंजाम भुगतें'

हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन में नाराजगी

सिंह सरनेम हिंदू और सिख धर्म मानने वाले बहुत से लोगों का होता है। यह समूह अमेरिकी ट्रकिंग वर्कफोर्स का एक बड़ा हिस्सा है। इससे साफ है कि पोस्टर में सिंह लिखा जाना भारतीय मूल के लोगों को निशाना बनाने की ओर इशाका करती है। विज्ञापन में मिस्टर सिंह के जिक्र की हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन और सिख कोएलिशन जैसे संगठनों ने आलोचना की है। संगठन ने एक्स पर लिखा कि 'सिंह' हिंदू होते हैं, सिख होते हैं, अमेरिकी होते हैं और वे गाड़ी चलाते हैं। इस नस्लवादी, भारत-विरोधी प्रोफाइलिंग से अमेरिका की सामूहिक अंतरात्मा को झटका लगना चाहिए।

मिशन 2029 की तैयारी में बीजेपी, मोर्चों के प्रभारी बदले, बैजयंत पांडा को ओबीसी और सतीश पूनिया को एसटी मोर्चे की कमान

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आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) संगठनात्मक मजबूती को लेकर सक्रिय हो गई है। इसी क्रम में पार्टी ने गुरुवार को संगठन में मोर्चों के प्रभारियों का ऐलान कर दिया। बीजेपी ने अलग-अलग सामाजिक और संगठनात्मक समूहों के बीच अपनी पहुंच को और मजबूत करने के लिए नेताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं।

किस नेता को कौन सी मिली जिम्मेदारी?

हरीश द्विवेदी को भारतीय जनता युवा मोर्चा का प्रभारी बनाया गया है। वहीं, डी. पुरंदेश्वरी को महिला मोर्चा की जिम्मेदारी दी गई है। अनुसूचित जाति (SC) मोर्चा का प्रभारी संजय भाटिया को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, बैजयंत पांडा को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) मोर्चा का प्रभारी बनाया गया है। किसान मोर्चा की जिम्मेदारी लाल सिंह आर्य को दी गई है, जबकि सतीश पूनिया अनुसूचित जनजाति (ST) मोर्चा के प्रभारी होंगे। पार्टी ने गजेंद्र पटेल को अल्पसंख्यक मोर्चा का प्रभारी नियुक्त किया है।

17 अगस्त को किया था टीम नवीन का ऐलान

इससे पहले 17 अगस्त को, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई टीम का ऐलान किया था। इस टीम में कई अहम चेहरों को जगह दी गई। पार्टी की ओर से राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी पीयूष गोयल, राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी राजेश मंगल को दी गई है। वहीं, राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी बी.एल संतोष को दी गई है। उधर, सहायक मंत्री पद की जिम्मेदारी शिप्रकाश और सौदान सिंह को दी गई है।

जेल से बाहर नहीं आ पाएगा अबू सलेम, हाई कोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी दिया झटका

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साल 1993 के मुंबई सिलसिलेवार बम धमाकों के आरोपी और गैंगस्टर अबू सलेम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने आजीवन कारावास की सजा काट रहे सालेम की समय पूर्व रिहाई की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। इसका मतलब यह है कि अबू सलेम जेल से बाहर नहीं आ सकेगा. उसका कानूनी तिकड़म फेल हो गया है।

बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला बरकरार

अबू सलेम की समय से पहले रिहाई वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। उसकी याचिका पहले बॉम्बे हाई कोर्ट से भी खारिज हुई थी। जिसके बाद अबू सलेम के वकील ने सर्वोच्च अदालत का रुख किया था। लेकिन शीर्ष अदालत ने रिहाई की मांग वाली याचिका खारिज करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का रिहा ना करने का फैसला बरकरार रखा।

बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को सही ठहराया

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को सही ठहराया, जिसमें सलेम की रिहाई की अर्जी को खारिज कर दिया गया था। शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय के निर्णय में किसी भी प्रकार की कानूनी त्रुटि मानने से इनकार कर दिया।

नासिक सेंट्रल जेल में बंद है सलेम

बता दें कि अबू सलेम अभी नासिक सेंट्रल जेल में बंद है। सलेम ने पुर्तगाल से हुए प्रत्यर्पण संधि के तहत 25 साल की सजा पूरी होने का दावा करते हुए रिहाई की याचिका भी लगाई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है।

2030 में अबू सलेम की सजा का 25 साल होगा पूरा

अबू सलेम की तरफ से कहा गया है कि सजा में मिलने वाली छूट को जोड़ने पर उसने 25 साल की सजा पूरी कर ली है, इसलिए उसे रिहा किया जाए। हालांकि हाईकोर्ट ने कहा था कि उसकी याचिका समय से पहले दायर की गई है, उसकी 25 साल की अवधि 2030 में पूरी होगी। सलेम ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

भारत आ रहे चीनी राष्ट्रपति? ब्रिक्स समिट के लिए जिनपिंग के दिल्ली दौरे पर सस्पेंस

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भारत इस सप्ताह दुनिया की बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं की मेजबानी करने जा रही है। भारत 12 और 13 सितंबर को राजधानी के भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मेलन की मेजबानी करेंगे। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का सम्मेलन में शामिल होना तय हो गया है। हालांकि, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नई दिल्ली आने पर अभी तक संशय बना हुआ है।

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग से मंगलवार को पूछा गया कि चीन की ओर से समिट में कौन शामिल होगा। उन्होंने कहा कि चीन ब्रिक्स सहयोग को बहुत महत्व देता है और भारत के सफल सम्मेलन आयोजित करने का समर्थन करता है। हालांकि, उन्होंने चीनी डेलिगेशन या जिनपिंग की मौजूदगी पर कोई साफ जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि अगर कोई नई जानकारी होगी तो उसे बताया जाएगा।

क्या है चीन की चुप्पी की वजह?

नई दिल्ली में 11 सितंबर से ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने की बात रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन कर चुके हैं। लेकिन चीन की तरफ से अभी तक पुष्टि नहीं की गई है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग आएंगे या नहीं। जबकि बिश्केक में पिछले महीने अंत में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलम में शी जिनपिंग के शामिल होने की पुष्टि बीजिंग ने करीब 10 दिन पहले कर दी थी।

मोदी ने 2025 में शी को दिया था न्योता

भारत ने अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा के दौरान शी जिनपिंग को 2026 ब्रिक्स समिट में आने का न्योता दिया था। भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, जिनपिंग ने मोदी के न्योते के लिए धन्यवाद दिया था और भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का समर्थन किया था। लेकिन न्योता मिलने का मतलब जिनपिंग का सम्मेलन में आना तय होना नहीं है।

जिनपिंग की भारत यात्रा क्यों होगी खास?

शी जिनपिंग की यात्रा पर सबकी नजर इसलिए भी क्योंकि अगर वो दिल्ली आते हैं तो 2019 के बाद उनकी ये पहली भारत यात्रा होगी। जिनपिंग की संभावित मौजूदगी इस सम्मेलन की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक होगी। सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय मुलाकात की भी व्यापक उम्मीद है। दोनों देशों के बीच जटिल संबंधों के बीच ब्रिक्स का मंच उच्चस्तरीय संवाद का एक और रास्ता उपलब्ध करा सकता है।

स्वर्गीय सुदिव्य कुमार की स्मृति में शोकसभा आयोजित, पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने अर्पित किए श्रद्धासुमन

माननीय मंत्री स्वर्गीय श्री सुदिव्य कुमार की स्मृति में आज दिनांक 09 सितंबर 2026 को अपराह्न 5:00 बजे FFP Building के Meeting Hall में शोकसभा का आयोजन किया गया।

शोकसभा में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग, झारखंड सरकार के पदाधिकारियों एवं कर्मियों के साथ-साथ Project Building में कार्यरत विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने उपस्थित होकर दिवंगत माननीय मंत्री जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

इस अवसर पर स्वर्गीय श्री सुदिव्य कुमार के जीवन, व्यक्तित्व, जनसेवा तथा उनके कार्यों को समर्पित एक विशेष Tribute Video भी प्रदर्शित किया गया। वीडियो के माध्यम से उनके सार्वजनिक जीवन की स्मृतियों, महत्वपूर्ण कार्यों एवं राज्य तथा जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को स्मरण किया गया। उपस्थित सभी लोगों ने भावपूर्ण वातावरण में उन्हें याद किया।

शोकसभा के दौरान वक्ताओं ने स्वर्गीय श्री सुदिव्य कुमार के सरल एवं सहज व्यक्तित्व, जनसेवा के प्रति समर्पण तथा राज्य के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को याद करते हुए उनके असामयिक निधन को राज्य के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक-संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें सादर नमन एवं श्रद्धांजलि अर्पित की।

— पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग

झारखंड सरकार

जल जीवन मिशन के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाली 8 जल सहियाओं को मिला विशेष सम्मान

श्री अबु इमरान, सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने जल जीवन मिशन अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित एवं सुरक्षित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा जलापूर्ति योजनाओं के प्रभावी रूप से संचालन एवं रख-रखाव में उत्कृष्ट योगदान देने वाली राज्य की 8 जलसहियाओं को विशेष प्रशस्ति-पत्र, स्मृति चिन्ह और अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया। सचिव ने इन जल सहायिकाओं के काम की तारीफ़ की और झारखंड की सभी दूसरी जल सहायिकाओं को भी ऐसा ही करने के लिए प्रोत्साहित किया। नेपाल हाउस में आयोजित कार्यक्रम में जल सहिया दीदी ने अपने अनुभव भी साझा किया।

सम्मानित होने वाली जलसहियाओं में बोकारो जिले की 5 तथा रांची जिले की 3 जलसहिया शामिल हैं।

सम्मानित जलसहियाओं ने अपने-अपने ग्राम एवं पंचायतों में जल एवं स्वच्छता समिति (VWSC) के साथ सक्रिय समन्वय एवं सहभागिता करते हुए जल जीवन मिशन की योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने जलापूर्ति व्यवस्था में आने वाली समस्याओं की पहचान एवं सूचना, जल की सुरक्षित गुणवत्ता, जल संरक्षण तथा पानी के सुरक्षित एवं विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति समुदाय को जागरूक करने में भी सराहनीय योगदान दिया है।

जलसहियाएं ग्रामीण परिवारों को उपयोगकर्ता शुल्क के महत्व के प्रति जागरूक करने तथा जल एवं स्वच्छता समिति के साथ समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इससे योजनाओं के संचालन एवं आवश्यक रख-रखाव के लिए स्थानीय स्तर पर सामुदायिक योगदान को बढ़ावा मिलता है।

यह सम्मान जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में जल सहियाओं की वास्तविक कार्य, कार्य स्थल पर होने वाले चुनौतियों का समाधान करते हुए उनकी भूमिका औरयोगदान को पहचानने एवं प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। साथ ही यह अन्य जल सहियाओं और ग्रामीण समुदायों को योजनाओं के सतत संचालन एवं जल सेवा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रेरित करेगा।

जल जीवन मिशन का लक्ष्य केवल ग्रामीण परिवारों तक नल के माध्यम से पानी पहुंचाना नहीं, बल्कि नियमित, पर्याप्त, सुरक्षित एवं दीर्घकालिक जल सेवा सुनिश्चित करना है। इन जल सहिया दीदियों के माध्यम से मासिक जल शुल्क नियमित रूप से संग्रह किया जा रहा है।पानी के टैक्स से इकट्ठा हुए पैसे का इस्तेमाल प्लंबर और पंप ऑपरेटरों की मासिक सैलरी देने, मरम्मत करने और पीने के पानी की सप्लाई स्कीम के संचालन और रखरखाव के लिए किया जाता है।

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