मऊ में 11 सितंबर को आंदोलन की तैयारी, कलेक्ट्रेट में होगा प्रदर्शन
जनपद मऊ में आगामी 11 सितंबर को कलेक्ट्रेट परिसर में यूजीसी के नए कानून एवं आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की मांग को लेकर आंदोलन किया जाएगा।

आंदोलन के माध्यम से संबंधित मुद्दों पर सरकार और प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए आवश्यक समीक्षा एवं सुधार की मांग उठाई जाएगी।

उसी को देखते हुए आज  सवर्ण समाज की एक आम बैठक जनपद मऊ में संपन्न हुई थी
काशी नरेश विश्वविद्यालय में हरियाली रंगोत्सव-2026 मनाया गया:विद्यार्थियों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, फैशन शो और मेहंदी प्रतियोगिता भी हुई*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। काशी नरेश विश्वविद्यालय, भदोही में रंग तरंग सांस्कृतिक क्लब ने हरियाली रंगोत्सव-2026 मनाया। यह आयोजन बहुत उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर उमा श्रीवास्तव थीं। विश्वविद्यालय की सभी महिला स्टाफ ने मिलकर इस कार्यक्रम का आयोजन किया।

विद्यार्थियों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से भारतीय लोक संस्कृति और परंपराओं की झलक दिखाई। इसमें राधा-कृष्ण का भक्तिमय नृत्य, पहाड़ी नृत्य और 'सैयां मिले लड़कईय्या' जैसी प्रस्तुतियां शामिल थीं। इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। इस मौके पर मेहंदी प्रतियोगिता भी हुई, जिसमें छात्राओं ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का खास आकर्षण फैशन शो था। इसमें विद्यार्थियों ने अलग-अलग क्षेत्रीय संस्कृतियों से जुड़े कपड़े और दुपट्टा पहनने की पारंपरिक शैलियां दिखाईं। इन वेशभूषाओं और दुपट्टा पहनने के तरीकों ने भारत की सांस्कृतिक विविधता और एकता को खूबसूरती से पेश किया।

कुलपति प्रोफेसर उमा श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की तारीफ की। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी परंपराओं से जोड़ते हैं। साथ ही, ये उनकी रचनात्मकता और आत्मविश्वास को भी बढ़ाते हैं। इस कार्यक्रम ने "हरियाली की छांव में संस्कृति की नई पहचान" की भावना को साकार किया। मंच का संचालन डॉक्टर ऋचा और डॉक्टर रजनीश द्विवेदी ने किया।
संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की सक्रियता से भाजपा को मिलेगी नई गति : दिलीप पटेल। 
                  
                                                                 
अटल भवन में आयोजित मासिक जिला बैठक में प्रदेश महामंत्री एवं अवध क्षेत्र प्रभारी दिलीप पटेल तथा नवनियुक्त क्षेत्रीय महामंत्री राहुल राज रस्तोगी का हुआ भव्य स्वागत।                
                                  
बलरामपुर। जिला भाजपा कार्यालय ‘अटल भवन’,तुलसीपार्क में भारतीय जनता पार्टी की मासिक जिला बैठक आयोजित की गई। बैठक में भाजपा उत्तर प्रदेश के प्रदेश महामंत्री एवं अवध क्षेत्र प्रभारी दिलीप पटेल तथा नवनियुक्त क्षेत्रीय महामंत्री,भाजपा अवध क्षेत्र एवं जिला प्रभारी बलरामपुर राहुल राज रस्तोगी का पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा पुष्पगुच्छ,अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश महामंत्री एवं अवध क्षेत्र प्रभारी दिलीप पटेल ने कहा कि भाजपा का संगठन उसकी सबसे बड़ी शक्ति है। पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन की रीढ़ है और कार्यकर्ताओं के परिश्रम,अनुशासन तथा समर्पण के बल पर भाजपा लगातार जनसेवा के कार्यों को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत एवं सक्रिय बनाना हम सभी की प्राथमिकता है। आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों को पूरी गंभीरता और प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
नवनियुक्त क्षेत्रीय महामंत्री एवं जिला प्रभारी राहुल राज रस्तोगी ने अपने संबोधन में कहा कि बलरामपुर में संगठन को और अधिक मजबूत,सक्रिय एवं गतिशील बनाने के लिए सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा की ताकत उसका समर्पित कार्यकर्ता है। बूथ को मजबूत करना,जन-जन तक संगठन की नीतियों एवं केंद्र तथा प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाना और संगठनात्मक कार्यक्रमों में अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करना सभी कार्यकर्ताओं की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पूरी ऊर्जा एवं समर्पण के साथ आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों में जुटने का आह्वान किया।
बैठक में संगठन के आगामी कार्यक्रमों,बूथ स्तर की गतिविधियों,कार्यकर्ताओं की सक्रियता तथा संगठन को जमीनी स्तर पर और प्रभावी बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान वरिष्ठ नेतृत्व द्वारा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया तथा आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों की प्रभावी रूपरेखा एवं उनके सफल क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी,विधायक बलरामपुर सदर पल्टूराम,विधायक तुलसीपुर कैलाश नाथ शुक्ल,विधायक उतरौला राम प्रताप वर्मा, नगर पालिका परिषद बलरामपुर अध्यक्ष डॉ.धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’,उतरौला नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि अनूप गुप्ता,पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह,पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्र प्रकाश ‘गुड्डू’,जिला महामंत्री डॉ अजय सिंह ‘पिंकू’,महेंद्र पाण्डेय,ब्लॉक प्रमुखगण,सभासदगण,मंडल अध्यक्षगण सहित भाजपा के जिला एवं मंडल पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सदर विधायक पल्टूराम ने किया समापन
बैठक के समापन अवसर पर सदर विधायक पल्टूराम ने उपस्थित प्रदेश एवं क्षेत्रीय नेतृत्व तथा सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं की एकजुटता,संगठन के प्रति समर्पण और नेतृत्व के मार्गदर्शन से संगठन निरंतर मजबूत हो रहा है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए पूरी निष्ठा और ऊर्जा के साथ जुटने का आह्वान किया।
बैठक में यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया कि संगठन की शक्ति,कार्यकर्ताओं का समर्पण और नेतृत्व का मार्गदर्शन ही भाजपा की विजय यात्रा का आधार है।
वर्ल्ड इंक्लूज़न कॉन्फ्रेंस की सीख को विभागीय कार्यों में उतारने पर हुआ मंथन
- राज्य मंत्री असीम अरुण की मौजूदगी में अधिकारियों ने साझा किए अनुभव और दिए नवाचार के सुझाव

लखनऊ। नई दिल्ली में हुए वर्ल्ड इंक्लूज़न कॉन्फ्रेंस-2026 से मिली सीख अब समाज कल्याण विभाग के कामकाज में नई सोच और नए प्रयासों का आधार बनेगी। इसी उद्देश्य से बुधवार को गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में बैठक आयोजित की गई। “एक विश्व, सबका सम्मान” थीम पर हुई इस बैठक में समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण, दिव्य प्रेम सेवा मिशन के संस्थापक आशीष, प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुराग यादव और निदेशक संजीव सिंह समेत सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
- नई जरूरतों के अनुरूप नीतियों पर विचार
कॉन्फ्रेंस में प्रतिभाग करने वाले नव नियुक्त जिला समाज कल्याण अधिकारियों ने विभिन्न विषयों पर प्रस्तुतिकरण के माध्यम से अपने अनुभव और सीख साझा की। बैठक में इस बात पर भी मंथन किया गया कि समाज कल्याण के क्षेत्र में उभरती नई जरूरतों की पहचान कर उनके अनुरूप नई नीतियों और प्रभावी कार्यक्रमों की दिशा में किस तरह आगे बढ़ा जा सकता है। अधिकारियों ने अपने अनुभवों के आधार पर नवाचार और समाधान आधारित दृष्टिकोण अपनाने की संभावनाएं साझा कीं।
- 'नई सोच के साथ नीतियां बनाने पर दें जोर’
समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कहा कि कॉन्फ्रेंस में प्राप्त अनुभवों को केवल व्यक्तिगत सीख तक सीमित न रखते हुए नई सोच के साथ विभागीय कार्यों में ठोस बदलाव और बेहतर नीतियों के निर्माण के लिए उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से समाज कल्याण के क्षेत्र में नई आवश्यकताओं की पहचान कर नवाचार और समाधान आधारित दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने पर जोर दिया।
पंत की जयंती पर सीएम योगी ने किया नमन, स्वतंत्रता संग्राम से सुशासन तक योगदान को किया याद
- काकोरी क्रांतिकारियों की पैरवी से लेकर यूपी के प्रथम मुख्यमंत्री और देश के गृहमंत्री बनने तक पंत के योगदान को सीएम ने रेखांकित किया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री और देश के पूर्व गृहमंत्री भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने पंडित पंत की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनके स्वतंत्रता आंदोलन, राष्ट्र निर्माण और उत्तर प्रदेश के विकास में दिए गए योगदान को याद किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत का जीवन देश की स्वतंत्रता, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनसेवा के प्रति समर्पण का उदाहरण है। उन्होंने प्रदेश सरकार और जनता की ओर से पंत जी को श्रद्धांजलि देते हुए उनके योगदान को नमन किया।
- काकोरी के क्रांतिकारियों की मजबूती से की पैरवी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत एक कुशल अधिवक्ता होने के साथ प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी भी थे। वर्ष 1925 में काकोरी ट्रेन एक्शन के बाद अंग्रेजी हुकूमत ने क्रांतिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाया था। इस दौरान पंत ने क्रांतिकारियों की ओर से मजबूती से पैरवी की।
योगी ने कहा कि पंत ने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई और देश की आजादी के लिए चलाए गए विभिन्न आंदोलनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वर्ष 1937 में वह संयुक्त प्रांत के प्रीमियर बने, हालांकि बाद में पद छोड़कर स्वतंत्रता आंदोलन में फिर सक्रिय हो गए। भारत छोड़ो आंदोलन सहित आजादी के संघर्ष के कई महत्वपूर्ण चरणों में उनकी भूमिका रही।
- यूपी के पहले मुख्यमंत्री के रूप में रखी सुशासन की नींव
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1947 में देश के स्वतंत्र होने के बाद पंडित गोविंद बल्लभ पंत उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री बने। उस समय वर्तमान उत्तराखंड भी उत्तर प्रदेश का हिस्सा था। ऐसे विशाल प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी बनाने के साथ उन्होंने आर्थिक विकास और समाज के विभिन्न वर्गों के हितों को प्राथमिकता दी।
योगी ने कहा कि पंत के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण सुधार हुए। भूमि सुधार के क्षेत्र में उनके प्रयासों को भी मुख्यमंत्री ने उल्लेखनीय बताया। उन्होंने कहा कि पंत ने उत्तर प्रदेश में ऐसी प्रशासनिक और विकास व्यवस्था की नींव रखने का प्रयास किया, जिसका प्रभाव आगे लंबे समय तक दिखाई दिया।
- गृहमंत्री के तौर पर भाषाई विवाद सुलझाने में निभाई भूमिका
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 1954 में पंडित गोविंद बल्लभ पंत देश के गृहमंत्री बने। इस जिम्मेदारी के दौरान उन्होंने देश में उठ रहे भाषाई विवादों और सामाजिक स्तर पर उभर रहे तनाव को समझदारी के साथ संभालने का प्रयास किया।
योगी ने कहा कि हिंदी को राजभाषा के रूप में प्रतिष्ठा दिलाने में भी पंडित पंत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आजाद भारत में प्रशासन और राष्ट्र निर्माण तक उनका सार्वजनिक जीवन देश के लिए उल्लेखनीय योगदान से जुड़ा रहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत का जीवन नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। राष्ट्र और समाज के प्रति उनके समर्पण तथा सार्वजनिक जीवन में उनकी सक्रिय भूमिका को हमेशा स्मरण किया जाएगा।
राज्य शिक्षक पुरस्कार मिलने पर सत्येंद्र सिंह का अधिकारियों और शिक्षकों ने किया सम्मान
सुल्तानपुर। विकास खंड पी पी कमैंचा जिला सुलतानपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय ,साढ़ापुर के कर्मठ, जुझारू, बच्चों के हित के लिए सदैव तत्पर,सरल व्यक्तित्व के धनी,होनहार शिक्षक सत्येन्द्र सिंह को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर, ब्लॉक संसाधन केंद्र, प्रतापपुर कमैंचा पर आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षकों द्वारा उनका सम्मान किया गया। एआरपी डॉ सपना मिश्रा ने कहा कि अपनी कर्तव्यनिष्ठा, लगन, बच्चों के प्रति समर्पण और शिक्षा के क्षेत्र में नवाचारी प्रयासों से सत्येंद्र सिंह ने पूरे जिले को गौरवान्वित किया है। इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी पूजा पाठक, खंड शिक्षा अधिकारी शिव शंकर मिश्रा, जूनियर शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष विनय पांडे,प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष रविंद्र प्रताप सिंह व उनकी टीम, शिक्षामित्र के संघ के अध्यक्ष मनोज मिश्रा व उनकी टीम, शिक्षामित्र एवं प्रतापपुर कमैंचा ब्लॉक के सभी सम्मानित अध्यापक उपस्थित रहे।
चेन स्नेचिंग के दो वांछित आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार, एक को लगी गोली
मीरजापुर। उत्तर प्रदेश के मीरजापुर में कटरा पुलिस ने चेन स्नेचिंग के मामले में वांछित दो आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि दूसरे को घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। दोनों के कब्जे से दो तमंचे, तीन कारतूस, एक खोखा और छीनी गई चेन का टुकड़ा बरामद हुआ। घटना में प्रयुक्त बाइक भी पुलिस ने बरामद कर ली।

अपर पुलिस अधीक्षक नगर नितेश सिंह के अनुसार, गुरुवार रात जान्हवी तिराहे पर चेकिंग के दौरान बाइक सवार दो युवकों को रोकने का प्रयास किया गया। दोनों बाइक की रफ्तार बढ़ाकर दूधनाथ तिराहा होते हुए नटवा की ओर भागने लगे। घेराबंदी किए जाने पर आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षार्थ पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी और वह गिर पड़ा। दूसरे आरोपी को पुलिस ने पीछा कर पकड़ लिया।

घायल आरोपी की पहचान सोनभद्र के कर्मा थाना क्षेत्र के खुटहनियां निवासी सद्दाम उर्फ लखेन्दर (34) के रूप में हुई। उसके पास से तमंचा, एक जिंदा व एक खोखा कारतूस और पीली धातु की चेन बरामद हुई। दूसरे आरोपी की पहचान भदोही के औराई थाना क्षेत्र निवासी फिरोज आलम (30) के रूप में हुई। उसके पास से तमंचा और दो जिंदा कारतूस मिले। घायल सद्दाम को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी हालत सामान्य बताई गई।

पूछताछ में आरोपियों ने एक सितंबर को नटवा तिराहे के पास बाइक सवार बुजुर्ग महिला के गले से चेन छीनने की बात स्वीकार की। पुलिस के मुताबिक बरामद चेन का टुकड़ा उसी घटना से संबंधित है। मामले में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार पाठक, मंडी समिति चौकी प्रभारी महेंद्र पटेल और मुकेरी बाजार चौकी प्रभारी लल्लन यादव समेत पुलिस टीम शामिल रही।
सिर्फ आपराधिक मुकदमा दर्ज होना पुलिस सेवा के लिए अयोग्य नहीं बनाता : हाईकाेर्ट
प्रयागराज। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा कि किसी उम्मीदवार के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज होने मात्र से उसे पुलिस सेवा में नियुक्ति के लिए स्वतः अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता। उम्मीदवार की योग्यता का आकलन मामले की प्रकृति और उससे जुड़ी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। जस्टिस जे. जे. मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने राज्य सरकार की विशेष अपील खारिज करते हुए कहा कि केवल मुकदमा दर्ज होने के आधार पर उम्मीदवार को यांत्रिक ढंग से सेवा से बाहर नहीं किया जा सकता।

कोर्ट ने कहा, “ऐसा कोई कानून नहीं है, जिसके तहत किसी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज होते ही उसे स्वतः अयोग्य ठहरा दिया जाए। अपराध की प्रकृति और सभी परिस्थितियों पर विचार करना होगा। गैर-गंभीर अपराधों में केवल मुकदमा दर्ज होना पुलिस बल में नियुक्ति के लिए अयोग्यता नहीं बन सकता।” मामले के अनुसार एक उम्मीदवार का चयन अलीगढ़ में नागरिक पुलिस के कांस्टेबल के रूप में हुआ था। बाद में उसे प्रशिक्षण के लिए फिरोजाबाद भेजा गया, जहां उसने आठ अक्टूबर 1997 को कार्यभार संभाला। इसके करीब 20 दिन बाद उसे इस आधार पर सेवा से हटा दिया गया कि चयन से पहले उसके खिलाफ आपराधिक मामला लंबित है, जिसकी जानकारी उसने नहीं दी।

उम्मीदवार को बाद में 19 सितंबर 1997 को समझौते के आधार पर बरी कर दिया गया था। उसका कहना था कि 24 जुलाई 1997 को जब उसने किसी आपराधिक मामले में शामिल न होने संबंधी शपथपत्र दिया, तब उसे इस मुकदमे की जानकारी नहीं थी। उसे समझौते से दो या तीन दिन पहले ही मामले का पता चला। राज्य सरकार ने दलील दी कि उम्मीदवार का शपथपत्र गलत था, क्योंकि उसके खिलाफ 1994 में बलवा, मारपीट और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज था और यह चयन के समय लंबित था।

एकल जज ने पहले इस मामले में सेवा से हटाने का आदेश रद्द किया और बिना पिछला वेतन दिए सेवा की निरंतरता के साथ बहाली का निर्देश दिया था। इसके खिलाफ राज्य सरकार ने विशेष अपील दाखिल की। खंडपीठ ने उम्मीदवार को मुकदमे की जानकारी होने के सवाल पर भी गौर किया। कोर्ट ने पाया कि रिकॉर्ड से एफआईआर दर्ज होने की तारीख स्पष्ट नहीं थी। ऐसे में यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि उस समय उम्मीदवार की उम्र क्या थी। कोर्ट ने कहा कि यह साबित करना नियोक्ता की जिम्मेदारी थी कि उम्मीदवार ने जमानत के लिए आवेदन किया, जांच में हिस्सा लिया या मुकदमे की कार्यवाही में शामिल हुआ, जिससे यह माना जा सके कि उसे मामले की जानकारी थी। राज्य की ओर से ऐसा कोई ठोस आधार नहीं रखा गया।

हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पहले के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि संबंधित अपराध समझौता योग्य थे और उनमें नैतिक पतन या हत्या, डकैती अथवा बलात्कार जैसे जघन्य अपराध शामिल नहीं है। कोर्ट ने कहा कि यदि यह मान भी लिया जाए कि उम्मीदवार को मामले की जानकारी थी, तब भी केवल इस आधार पर उसकी उम्मीदवारी रद्द नहीं की जा सकती।

पीठ ने कहा कि पुलिस मुख्यालय और फिरोजाबाद के पुलिस अधीक्षक ने मामले में यांत्रिक तरीके से कार्रवाई की और उम्मीदवार की व्यक्तिगत परिस्थितियों तथा आरोपों की प्रकृति का उचित आकलन नहीं किया। कोर्ट ने एकल जज के फैसले से सहमति जताते हुए, अतिरिक्त कारणों के साथ राज्य सरकार की विशेष अपील खारिज कर दी।
आमने-सामने भिड़े कार और ट्रक, कई लोग घायल

रामगंगा पुल पर गलत दिशा से आ रहे ट्रक ने कार में मारी टक्कर

अमृतपुर फर्रुखाबाद 9 सितम्बर। बाबा नीमकरौरी महाराज के दर्शन कर हरदोई लौट रहे एक परिवार की कार को रामगंगा पुल पर सामने से तेज रफ्तार और लापरवाही से गलत दिशा में आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि कार सवार परिवार के लोगों को चोटें आईं। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया।हरदोई निवासी शिखर सिन्हा ने राजेपुर थाने में दी तहरीर में बताया कि वह आठ सितंबर को अपने परिवार के साथ कार संख्या यूपी 30 ए जे 4050 से बाबा नीमकरौरी महाराज के दर्शन करने के बाद हरदोई लौट रहे थे। रात करीब आठ बजे रामगंगा पुल पर सामने से तेज रफ्तार में गलत दिशा से आ रहे ट्रक संख्या यूपी 76-12-7677 के चालक ने उनकी कार में जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार में काफी नुकसान हो गया और उसमें सवार शिखर सिन्हा समेत परिवार के लोगों को चोटें आईं। हादसे के बाद ट्रक चालक ट्रक को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। पीड़ित ने राजेपुर थाने पहुंचकर पुलिस को घटना की सूचना दी और रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर भेज दिया गया। पुलिस फरार चालक की तलाश के साथ ही हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
इलाज के दौरान भैंस मरी ग्रामीणों ने पशु चिकित्सक को पकड़ा*
अमृतपुर फर्रुखाबाद 9 सितम्बर।थाना क्षेत्र के रतनपुर पमारान गांव में भैंस की इलाज के दौरान मौत का मामला सामने आया है। भैंस मालिक रूम सिंह कुशवाहा ने जहानगंज क्षेत्र निवासी राकेश यादव पर गलत इंजेक्शन लगाने और लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों के मुताबिक, इंजेक्शन लगने के करीब 20 मिनट बाद भैंस की मौत हो गई। घटना के बाद कथित पशु चिकित्सक मौके से चला गया, लेकिन उसे दोबारा बुलाकर पकड़ लिया गया। सूचना पर पहुंची डायल-112 पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। मौत की असली वजह जांच के बाद स्पष्ट होगी। गंगा पार क्षेत्र के पशु चिकित्सालय में सरकार द्वारा डॉक्टरों की तैनाती न के बराबर की गई है। इसलिए क्षेत्रीय पशुपालक अपने बीमार पशुओं के इलाज के लिए फेरी वाले डॉक्टरों का सहारा लेती है। जिसके कभी-कभी गंभीर परिणाम सामने आते हैं। परंतु पशुपालक अपने बीमार पशुओं को लेकर कहां जाएं। इलाज तो उन्हें कराना ही पड़ता है।