उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को मिलेगा 50 लाख का पुरस्कार
- स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, महिला सहभागिता, जैविक कृषि और जनसेवाओं समेत 10 श्रेणियों में होगा चयन
- इच्छुक एवं पात्र ग्राम पंचायतें 15 से 30 सितम्बर तक ऑनलाइन कर सकेंगी आवेदन
लखनऊ। निदेशक पंचायतीराज अमित सिंह ने बताया कि प्रदेश में ग्राम पंचायतों के समग्र एवं सतत विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पंचायती राज विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा पहली बार ‘मुख्यमंत्री विशेष पुरस्कार’ की शुरुआत की गई है। ग्राम पंचायत में विकास की भावना के अनुरूप विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 10 ग्राम पंचायतों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री पंचायत पुरस्कार योजना विगत 9 वर्षों से मुख्यमंत्री की प्राथमिकता की योजना रही है, जिसमें प्रत्येक जनपद से 5 अर्थात् प्रदेश की 375 ग्राम पंचायतों को पुरस्कृत किया जाता है। यह प्रथम बार है जब पूर्व से संचालित योजना के साथ-साथ सम्पूर्ण प्रदेश से मात्र 10 पंचायतों को क्षेत्र विशेष में सराहनीय कार्य करने वाली पंचायतों को 50 लाख की धनराशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की जायेगा पुरस्कार के लिए प्रदेश की समस्त इच्छुक एवं पात्र ग्राम पंचायतें निर्धारित अवधि में आवेदन कर सकती हैं।
पुरस्कार के लिए ग्राम पंचायतों का चयन 10 विशेष श्रेणियों में किया जाएगा। इनमें घर-घर कचरा एकत्रित करने वाली ग्राम पंचायत, तरल अपशिष्ट प्रबंधन करने वाली ग्राम पंचायत, स्वयं की आय (OSR) सृजित करने वाली ग्राम पंचायत, प्लास्टिक मुक्त एवं प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन करने वाली ग्राम पंचायत, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से सार्वजनिक सेवाएं प्रदान करने वाली ग्राम पंचायत, पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता संवर्धन करने वाली ग्राम पंचायत, ‘मेरा तालाब मेरी योजना’ में श्रेष्ठ कार्य करने वाली ग्राम पंचायत, महिला नेतृत्व एवं सहभागिता में उत्कृष्ट ग्राम पंचायत, आधार केंद्रों के माध्यम से सेवाएं प्रदान करने वाली ग्राम पंचायत तथा सर्वाधिक जैविक कृषि करने वाली ग्राम पंचायत शामिल हैं।
समस्त इच्छुक एवं पात्र ग्राम पंचायतें 15 सितम्बर से 30 सितम्बर, 2026 तक निर्धारित पोर्टल के माध्यम से अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकती हैं। इस पहल का उद्देश्य ग्राम पंचायतों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देते हुए स्थानीय स्तर पर नवाचार, सुशासन, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, महिला सहभागिता, डिजिटल एवं सार्वजनिक सेवाओं की उपलब्धता तथा टिकाऊ कृषि को प्रोत्साहित करना है, ताकि गांवों को आत्मनिर्भर, स्वच्छ, सशक्त और समृद्ध बनाने के प्रयासों को नई गति मिल सके।

- स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, महिला सहभागिता, जैविक कृषि और जनसेवाओं समेत 10 श्रेणियों में होगा चयन

मीरजापुर। जिले में दबंगों की दबंगई कायम है जिन्हें ना तो पुलिस का भय है ना ही सरकार के कानून व्यवस्था और उसकी सख़्ती का यूपी के मिर्ज़ापुर जिले से वायरल हो रहा एक वीडियो कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।
रमेश दूबे
रमेश दूबे
मऊ। थाना कोतवाली नगर पुलिस ने गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है।
Sep 09 2026, 19:26
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
2