खंड शिक्षा अधिकारी डॉ कल्पना एव समाजसेवी सूरज सिंह ने सयुक्त रूप से आइटीसी लैब और लायब्रेरी का किया उद्घाटन

दीदारगंज -आजमगढ़ से मोहम्मद खालिद खान की रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप बेसिक के विद्यालयों में बच्चों को तकनीकी रूप से ज्ञानवर्धन करने हेतु कंपोजिट विद्यालय आमगांव में नवनियुक्त खंड शिक्षा अधिकारी डॉ कल्पना एव समाजसेवी सूरज सिंह ने सयुक्त रूप से आइटीसी लैब और लायब्रेरी का उद्घाटन किया। इस मौके पर प्रभारी प्रधानाध्यापक राजदेव पाल, संयोजक पुष्पा सिंह एवम् सहायक अध्यापक सुशील सिंह यादव, उपेंद्र कुमार यादव, अनिल कुमार, शिक्षामित्र सुनील कुमार यादव, साधना सिंह, मनोज सिंह मौजूद रहे । खंडशिक्षा अधिकारी ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए तकनीकी शिक्षा बहुत जरूरी है। बच्चे देश का भविष्य हैं इसलिए ज्ञानार्जन के साथ तकनीकी शिक्षा देश निर्माण के लिए बहुत ही आवश्यक है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजदेव पाल ने बच्चों को तकनीकी क्षेत्र में बच्चों को अग्रणी होने की अग्रिम बधाई देते हुए खंड शिक्षा अधिकारी डॉ कल्पना को धन्यवाद ज्ञापित किया।
जय कन्हैया लाल के जयघोष से गूंजा शहर, संवेदनशील इलाकों में पुलिस रही मुस्तैद*
बबलू प्रजापति
पिहानी (हरदोई)भगवान श्रीकृष्ण की छठी के रूप में मनाया जाने वाला दधिकांधो उत्सव बुधवार को पिहानी में श्रद्धा, उल्लास और भव्यता के साथ मनाया जा रहा है। बड़ी पिहानी का ऐतिहासिक दधिकांधो जुलूस परंपरागत मार्गों से होकर निकलरा है । ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से पूरा कस्बा गूंजता रहा। विभिन्न स्थानों से कान्हा के डोल जुलूस में शामिल हुए। आकर्षक झांकियों और धार्मिक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
संवेदनशील क्षेत्र में पुलिस की पैनी नजर
दधिकांधो जुलूस का अति संवेदनशील चौहट्टा मस्जिद क्षेत्र से शांतिपूर्वक गुजरना सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चुनौती रहा। जुलूस के दौरान पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। कोतवाल श्याम नारायण सिंह के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने संवेदनशील स्थानों पर मोर्चा संभाले रखा। जुलूस मार्ग पर पुलिस की निगरानी के साथ ड्रोन कैमरे से भी ऊपर से नजर रखी गई। संवेदनशील इलाकों में पुलिसकर्मी लगातार सुरक्षा व्यवस्था संभालते नजर आए।
पुलिस की सतर्कता और आयोजकों के सहयोग से जुलूस शांतिपूर्वक आगे बढ़ता रहा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस ने जुलूस के मार्ग पर विशेष निगरानी रखी, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
झांकियों ने मोहा मन
मोहल्ला खुर्मुली स्थित श्रीकृष्ण सेठ के आवास पर सुबह से ही जुलूस की तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। शाहाबाद के रामसेवक रस्तोगी द्वारा तैयार की गई आकर्षक झांकियों में बांके बिहारी, लक्ष्मी जी, खाटू श्याम, राधा-कृष्ण, विष्णु भगवान और शबरी के राम विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। पूजा-अर्चना के बाद विधि-विधान से जुलूस का शुभारंभ किया गया।
बाबा की बगिया में मेले जैसा माहौल
जुलूस चौहट्टा चौराहा, खुर्मुली, कोट, बड़ा चौराहा और मीरसरायं होते हुए बाबा की बगिया पहुंचेगा। रास्तेभर लोगों ने घरों से जुलूस का स्वागत किया और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जायेगा। मीरसरायं स्थित बाबा की बगिया में दिन से ही मेले जैसा माहौल बना रहा। खाने-पीने और खिलौनों की दुकानों पर भीड़ रही। बाहर से आए कलाकारों ने शंकर-पार्वती और राधा-कृष्ण के स्वरूप में नृत्य प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं का मनोरंजन किया।
व्यवस्था में जुटे रहे आयोजक
दधिकांधो जुलूस की व्यवस्थाओं में नागेश्वर गुप्ता, श्रवण कुमार गुप्ता, कृष्ण कुमार गुप्ता, विजय कुमार गुप्ता, रोहित गुप्ता, सूरज गुप्ता, विजय कटियार और प्रवीण गुप्ता प्रमुख रूप से जुटे रहे। आयोजकों और पुलिस की सक्रियता से जुलूस निर्धारित मार्गों पर शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ता रहा।
मऊ -: बढ़ते जलस्तर के बीच अब घटने लगा पानी, लोगों को मिली बड़ी राहत
मऊ। बीते दिनों जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के कारण कई इलाकों में लोगों की मुश्किलें बढ़ गई थीं। अब जलस्तर धीरे-धीरे कम होने लगा है, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में राहत की स्थिति नजर आने लगी है।

पानी घटने के साथ ही लोगों ने राहत की सांस ली है। कई जगहों पर जलभराव का असर कम होता दिखाई दे रहा है और जनजीवन के सामान्य होने की उम्मीद बढ़ गई है। प्रशासन और स्थानीय लोग भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

पानी घटने के बाद की राहत भरी तस्वीरें सामने आई हैं। आप भी देखिए प्रभावित इलाकों में अब कैसी है स्थिति।
मध्यस्थता अभियान 3.0 को सफल बनाने हेतु बैठक आयोजित

फर्रुखाबाद। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के दिशा-निर्देश पर जनपद में एक अगस्त से 31 दिसंबर.2026 तक मध्यस्थता अभियान -3.0 चलाया जा रहा है, जिसके सम्बन्ध में जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण  के निर्देश पर बुधवार को उनकी अध्यक्षता में मध्यस्थता अभियान 3.0 की बैठक का आयोजन जनपद न्यायालय के एडीआर भवन में किया गया। इस बैठक में संजय कुमार अपर जिला जज/नोडल अधिकारी उपस्थित रहे। इस बैठक का संचालन बिंदिया भटनागर, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया गया।

बैठक में जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष के निर्देश पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं सचिव तथा उपस्थित अधिवक्ताओ से मध्यस्थता अभियान 3.0 को सफल बनाने हेतु विचार-विमर्श किया गया तथा अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण में पूर्ण सहयोग प्रदान करने की आह्वान किया गया।
बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि मध्यस्थता के माध्यम से विवादों का शीघ्र, सरल एवं सौहार्दपूर्ण समाधान संभव है। इससे पक्षकारों के समय एवं धन की बचत होने के साथ-साथ न्यायालयों में लंबित वादों के शीघ्र निपटारे में भी सहायता मिलती है।
बैठक में उपस्थित मध्यस्थ अधिवक्ताओं एवं बार एसोसिएशन के अध्यक्ष तथा सचिव और अन्य अधिवक्ताओ द्वारा मध्यस्थता अभियान 3.0 को सफल बनाने हेतु पूर्ण सहयोग प्रदान करने तथा अधिक से अधिक मामलों में पक्षकारों के मध्य आपसी सहमति से समझौते कराने का आश्वासन दिया गया।
बैठक के दौरान मुख्य रूप से शशि भूषण दीक्षित (अध्यक्ष बार एसोसिएशन), कुँवर सिंह यादव (सचिव बार एसो०)  अनूप कुमार तिवारी (सचिव अधिवक्ता संघ), जवाहर सिंह गंगवार मध्यस्थ,  प्रभाशंकर औदीच्य मध्यस्थ, जगदीश चन्द्र सक्सेना मध्यस्थ, उमा मिश्रा मध्यस्थ, आनन्द यादव मध्यस्थ, अजिता मिश्रा मध्यस्थ गज़ाला तबस्सुम मध्यस्थ  स्नेहलता मध्यस्थ. विनीत कुमार कटियार मध्यस्थ खुशनवाज़ ख़ाँ मध्यस्थ, चन्द्रभान सिंह मध्यस्थ, नन्दकिशोर मध्यस्थ, समीर राजा मध्यस्थ आदि अधिवक्ता उपस्थित हुये।
Sambhal आरिफ खान तनवीर को पुनः सम्भल जिला चेयरमैन बनाए जाने पर जताया आभार
सम्भल, 9 सितम्बर। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश चेयरमैन श्री सुहैल अख्तर अंसारी जी द्वारा मुझे पुनः जनपद सम्भल का जिला चेयरमैन बनाए जाने पर मैं उनका हृदय से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त करता हूँ।
साथ ही कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का भी हार्दिक धन्यवाद करता हूँ, जिन्होंने मुझ पर पुनः विश्वास जताते हुए यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।
आरिफ खान तनवीर ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने जो विश्वास और जिम्मेदारी मुझे दी है, उस पर पूरी निष्ठा और ईमानदारी से खरा उतरने का प्रयास करूंगा। संगठन को मजबूत करना, अल्पसंख्यक समाज को कांग्रेस से और मजबूती से जोड़ना तथा अल्पसंख्यक विभाग को नई ऊंचाइयों तक ले जाना मेरी प्राथमिकता होगी।
उत्तर प्रदेश में 70 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केन्द्रों को नया स्वरूप दिया गया : योगी आदित्यनाथ
-मुख्यमंत्री ने काशी से 09वें 'राष्ट्रीय पोषण माह' का किया शुभारंभ

—आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से किया सीधा संवाद

लखनऊ, वाराणसी । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में नौवें राष्ट्रीय पोषण माह-2026 का शुभारंभ किया। सिगरा स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों से आईं आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों से सीधा संवाद किया और पोषण अभियान में उनके योगदान की सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गोरखपुर की आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री संध्या को पहचान लिया। संध्या ने बताया कि मुख्यमंत्री गोरखपुर के उनके गांव बसियापुर में आए थे। इस पर मुख्यमंत्री ने मुस्कराते हुए हामी भरी। इस आत्मीय संवाद से कार्यक्रम में मौजूद लोगों के चेहरे पर भी मुस्कान देखने को मिली। समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपने वर्ष 2017 के पहले आंगनबाड़ी केंद्र देखा होगा, ज्यादातर में गंदगी थी। उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्र में व्यवस्था नहीं थी। समय पर कोई रेसिपी नहीं उपलब्ध होती थी। 2017 में जब हम आये तो पता लगा कि उत्तर प्रदेश का एक शराब माफिया यह रेसिपी सप्लाई करता था। हमने उसके क्वॉलिटी की जांच के आदेश दिए। आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चे अपना टाट लेकर जाते थे। केन्द्रों में न पेयजल था, न टॉयलेट, न ही कोई हॉट कुक फूड। गलती करता था कोई और गाली पड़ती थी आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री को। लखनऊ में बैठकर गलती वो लोग करते थे। आपके हिस्से आती थी गाली। मानदेय भी नहीं मिलता था।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश की बात करें तो मैं जब जिलों के भ्रमण करने जाता हूँ तो अक्सर आंगनबाड़ी और बाल वाटिका देखने भी जाता हूँ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के भविष्य की नींव को सशक्त बनाने के लिए जो 2014 में कदम बढ़ाए थे, वो जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो ये मॉडल 2001 से अपनाया था। हमने पिछले साढ़े नाै वर्षों में 70 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों को नया स्वरूप दिया है।

उन्हाेंने कहा कि प्रदेश में पहली बार हुआ है जब आंगनवाड़ी केंद्र के निर्माण में 30 लाख खर्च करके उनको मॉडल बनाया गया है। आज जो पोषाहार वितरित हो रहा है वो हॉट मील के साथ टीएचआर प्लांट से ही सप्लाई दी जा रही है। बच्चों के लिए टॉयलेट, पीने का पानी तथा बाल वाटिका संचालित है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष इस अभियान में पांच विषयों को शामिल किया गया है, जिसमें आहार विविधता एवं प्रोटीन युक्त भोजन, केंद्रों पर ताजा गर्म पका हुआ भोजन, सामुदायिक स्वामित्व एवं भागीदारी, पोषण एवं प्रारंभिक विकास तथा प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना अभियान प्रमुख हैं।

उन्होंने बताया कि केंद्रों के माध्यम से पांच करोड़ माताओं को 2100 करोड़ से ज्यादे की धनराशि मुहैया कराई गई है। प्रदेश मे एक लाख नब्बे हजार केंद्र स्वीकृत हैं। 40 वर्ष पुराने 2100 विद्यालयों के भवनों को राशि मुहैया कराई गई है। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि आंगनवाड़ी बहनें पोषण माह के कार्यक्रम को स्वस्थ प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ाएगी। उन्होंने बताया कि 2017 के पहले तीन हजार मासिक को आज चार गुना बढ़ाकर 12 हजार रुपये करते हुए उनको पांच लाख का स्वास्थ्य बीमा भी मुहैया कराया गया है।

मुख्यमंत्री याेगी ने कहा कि काशी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने विजन से नए कलेवर के रूप में पहचान दी है। आज काशी, नई आभा नई काया के साथ दुनिया को आकर्षित कर रही है। हमें आज़ादी के 100 वर्ष पूर्ण होंने पर हमें कैसा भारत चाहिए ! आत्मनिर्भर और विकसित भारत, लेकिन यह आत्मनिर्भर, विकसित भारत दिल्ली में बनाने से नही होगी। यह आत्मनिर्भर, विकसित भारत गांव और गलियों से होकर निकलेगी। यहां से प्रारंभ होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र, बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूल इसके प्रारंभिक केंद्र बनेंगे।

मुख्यमंत्री ने इस वर्ष की थीम ‘मेरी आंगनबाड़ी, मेरी जिम्मेदारी’ को जनभागीदारी से जोड़ते हुए कहा कि आंगनबाड़ी की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार की नहीं है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के साथ ग्राम पंचायत, परिवार और पूरा समुदाय अपनी जिम्मेदारी समझे, तभी इसका वास्तविक असर दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब देश का बचपन स्वस्थ, सक्षम और शिक्षित होगा।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने टेक होम राशन (टीएचआर) से बच्चों को मिलने वाले लाभ के बारे में भी जानकारी ली। योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में गुजरात और ओडिशा से आईं आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों से भी संवाद किया। उन्होंने आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र विकसित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों और कुपोषित बच्चों के जीवन में आए बदलावों के बारे में जानकारी ली। कार्यक्रम को केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, प्रदेश की महिला एवं बाल विकास कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्य ने भी संबोधित किया।
मऊ -: जन्मदिन पर मऊ कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजमंगल यादव ने वृद्धाश्रम में बांटी खुशियां

मऊ कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष राजमंगल यादव ने अपने जन्मदिन के अवसर पर  स्थित वृद्धाश्रम पहुंचकर बुजुर्गों के साथ केक काटकर समय बिताया और उन्हें फल, ब्रेड, दूध सहित अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की।

इस अवसर पर राजमंगल यादव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से सेवा, त्याग, सद्भावना और सामाजिक न्याय की विचारधारा को लेकर आगे बढ़ती रही है। समाज के कमजोर, जरूरतमंद और वंचित वर्गों के साथ खड़ा होना कांग्रेस की राजनीतिक सोच के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी है।

उन्होंने कहा कि जन्मदिन जैसे अवसरों पर व्यक्तिगत खुशी मनाने के बजाय जरूरतमंदों के बीच पहुंचकर उनके साथ खुशियां साझा करना अधिक संतोष देता है। बुजुर्ग हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनका सम्मान और सेवा करना हम सभी का कर्तव्य है।

राजमंगल यादव ने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य केवल राजनीति करना नहीं, बल्कि जनता के सुख-दुख में साथ खड़ा रहना और समाज में भाईचारा एवं आपसी सद्भाव को मजबूत करना है। कांग्रेस कार्यकर्ता लगातार आम जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए संघर्ष करते रहेंगे।

वृद्धाश्रम में मौजूद बुजुर्गों ने राजमंगल यादव को जन्मदिन की शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद दिया। इस दौरान माहौल भावुक और आत्मीय रहा।

इस अवसर पर ओमप्रकाश ठाकुर, वीरेंद्र तीवारी, मनोज गिहार, हफीजुर्रहमान अंसारी, शाहिद फारूकी, आकाश गिहार अनिल कुमार सोनू यादव प्रधान साधू यादव एवं आकाश सैनी उपस्थित रहे।
एक व्यक्ति, दो नाम और दो पिता! डीएम के दरबार में पहुंची शिकायत ने खोली प्रशासनिक तंत्र की पाेल
गोरखपुर। जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बुधवार को फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान पिपराइच क्षेत्र से पहुंची एक महिला की शिकायत ने प्रशासनिक स्तर पर पहले से चल रहे एक गंभीर मामले को फिर चर्चा में ला दिया। महिला ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति अलग-अलग स्थानों पर अपनी सुविधा के अनुसार अलग नाम और पिता के नाम का इस्तेमाल कर रहा है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि संबंधित व्यक्ति द्वारा गोरखपुर में एक नाम और दूसरे प्रदेश में दूसरे नाम से नौकरी करने का मामला सामने आया है। मामले में मंडलायुक्त के निर्देश पर मुकदमा दर्ज होने और चार्जशीट दाखिल किए जाने के बावजूद स्थानीय स्तर पर संबंधित ग्राम सचिव और अन्य अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।

फरियादी ने जिलाधिकारी को बताया कि कथित रूप से एक ही व्यक्ति अलग-अलग दस्तावेजों और स्थानों पर अलग पहचान का इस्तेमाल कर रहा है। शिकायतकर्ता के अनुसार, मामले की जानकारी प्रशासन के संज्ञान में पहले ही आ चुकी है और मंडलायुक्त स्तर से कार्रवाई के निर्देश के बाद संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया जा चुका है। पुलिस विवेचना के बाद मामले में चार्जशीट दाखिल किए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है।

मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि कार्रवाई के बावजूद राजस्व एवं ग्राम स्तर के अभिलेखों में कथित रूप से स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है। फरियादी ने आरोप लगाया कि संबंधित गांव का सचिव कथित व्यक्ति के पक्ष में अभिलेखीय प्रक्रिया को प्रभावित करने अथवा मामले को उलझाए रखने का प्रयास कर रहा है। महिला ने सवाल उठाया कि यदि एक व्यक्ति की पहचान को लेकर इतना गंभीर विवाद प्रशासन के संज्ञान में आ चुका है और मुकदमा दर्ज होकर चार्जशीट तक दाखिल हो चुकी है, तो फिर स्थानीय स्तर पर उसके पक्ष में कार्रवाई अथवा सहयोग किस आधार पर किया जा रहा है।

शिकायत सुनते समय जिलाधिकारी दीपक मीणा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने यह भी देखा कि यदि फरियादी इससे पहले भी शिकायत कर चुकी है तो उसके पूर्व में दिए गए प्रार्थना पत्रों पर क्या कार्रवाई हुई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से स्पष्ट रूप से जानकारी प्राप्त की कि अब तक शिकायत का निस्तारण क्यों नहीं हुआ और किन कारणों से मामला लंबित रहा।

डीएम ने संबंधित अधिकारियों को फोन कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि फरियादी की शिकायत पर केवल कागजी निस्तारण न किया जाए, बल्कि पूरे मामले की वास्तविकता की जांच कर तथ्यात्मक रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। पुराने प्रार्थना पत्रों पर की गई कार्रवाई, संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट और वर्तमान स्थिति की भी जानकारी प्राप्त की जाए।

शिकायत में ग्राम सचिव की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों को भी प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। आखिर वह कौन से कारण हैं जिनकी वजह से कथित रूप से विवादित पहचान वाले व्यक्ति को स्थानीय स्तर पर सहयोग मिल रहा है? क्या ग्राम स्तर पर तैयार किए गए अभिलेख सही तथ्यों के आधार पर हैं या उनमें किसी प्रकार का बदलाव किया गया है? यदि रिकॉर्ड में विसंगति है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है? इन सवालों की जांच अब महत्वपूर्ण हो गई है।

महिला का आरोप है कि कथित व्यक्ति गोरखपुर में एक नाम और गैर प्रदेश में दूसरे नाम से नौकरी कर रहा है। यदि यह आरोप जांच में सही पाया जाता है तो मामला केवल ग्राम स्तर के अभिलेखों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पहचान, दस्तावेजों और नौकरी से संबंधित तथ्यों की भी जांच का विषय बन सकता है। यही वजह है कि शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित ग्राम सचिव के साथ निचले स्तर के कुछ अधिकारी भी कथित व्यक्ति की मदद कर रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। प्रशासनिक स्तर पर यह जांच का विषय है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और यदि किसी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी ने नियमों के विपरीत किसी व्यक्ति को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है तो उसकी भूमिका क्या है।

इस पूरे मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब मामला मंडलायुक्त स्तर तक पहुंचा, मुकदमा दर्ज हुआ और चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है, तब स्थानीय स्तर पर शिकायत के समाधान में देरी क्यों हुई? जिलाधिकारी द्वारा पुराने प्रार्थना पत्रों की स्थिति और कार्रवाई का विवरण मांगे जाने के बाद संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होने की संभावना बढ़ गई है।

डीएम के जनता दर्शन में इस तरह की शिकायतों को प्राथमिकता से सुनना प्रशासन की कार्यप्रणाली में जवाबदेही का संकेत माना जा रहा है। खास तौर पर दोबारा शिकायत लेकर पहुंचने वाले फरियादियों के मामलों में जिलाधिकारी यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि पूर्व में दिए गए प्रार्थना पत्रों पर वास्तव में क्या कार्रवाई हुई। इससे केवल शिकायतकर्ता को जवाब मिलने की उम्मीद नहीं है, बल्कि संबंधित विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा हो रही है।

पिपराइच क्षेत्र के इस मामले में अब निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं। एक व्यक्ति की कथित दो पहचान, अलग-अलग पिता के नाम का इस्तेमाल, मुकदमा और चार्जशीट के बाद भी स्थानीय स्तर पर विवाद का बने रहना तथा ग्राम सचिव और अन्य अधिकारियों पर लगाए गए सहयोग के आरोप ने पूरे प्रकरण को गंभीर बना दिया है। यदि जांच में शिकायतकर्ता के आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है।

फिलहाल प्रशासन की ओर से शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन जिलाधिकारी द्वारा मामले में पुराने प्रार्थना पत्रों की कार्रवाई, देरी के कारण और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जानकारी मांगे जाने से साफ है कि प्रकरण को अब केवल एक सामान्य शिकायत मानकर टालने के बजाय रिकॉर्ड और जिम्मेदारी के स्तर पर जांचने की कवायद शुरू हो गई है।
मऊ -: दलित उत्पीड़न मामले में कार्रवाई न होने से भाकपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश
19 सितंबर को एसडीएम कार्यालय के सामने धरना देने का निर्णय, जनसंपर्क के लिए जत्थों का गठन

मुहम्मदाबाद गोहना (मऊ) : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी रानीपुर एवं मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक कमेटी की संयुक्त बैठक करजौली मोड़, खुरहट में हुई। बैठक में तहसील क्षेत्र के बाड़ागांव निवासी बद्देराम से जुड़े दलित उत्पीड़न मामले में प्रशासनिक स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर आक्रोश जताया गया। कार्यकर्ताओं ने आगामी 19 सितंबर को उपजिलाधिकारी कार्यालय के सामने प्रस्तावित धरने को सफल बनाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक को संबोधित करते हुए भाकपा के जिला मंत्री राम अवतार सिंह ने कहा कि दलित उत्पीड़न जैसे गंभीर मामले में प्रशासन की सुस्ती से पीड़ित और गरीब तबके के लोगों में निराशा एवं आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव के कारण मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि शोषित और वंचित लोगों के अधिकारों के लिए पार्टी संघर्ष जारी रखेगी।

उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे प्रतिरोध और संघर्ष के लिए तैयार रहें तथा धरने को सफल बनाने के लिए गांव-गांव जनसंपर्क अभियान तेज करें। बैठक में व्यापक जनसंपर्क के लिए विभिन्न जत्थों का गठन भी किया गया। बैठक की अध्यक्षता कामरेड रामजीत चौहान एवं जयप्रकाश चौहान ने संयुक्त रूप से की। इस दौरान कामरेड रमकुमार भारती, रामसोच यादव, अनीस अहमद अंसारी, सुभाष चंद्र राम, सुभाष चक्रदेवा, पतिराम, रामचंद्र राम, जगजीवन राम, फूलचंद समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
15 अक्टूबर तक पूरे हों सांसद निधि के अधूरे काम
मीरजापुर। सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीलेड्स) के तहत वर्ष 2023-24 और 2024-25 में स्वीकृत अधूरे कार्यों को हर हाल में 15 अक्टूबर तक पूरा कराकर कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाए। यह निर्देश बुधवार को मंडलायुक्त राजेश प्रकाश ने मंडलायुक्त सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में कार्यदायी संस्थाओं को दिए।

बैठक में मीरजापुर, सोनभद्र और भदोही में योजना के तहत स्वीकृत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने कहा कि सांसदों से प्रस्ताव मिलने के 45 दिन के भीतर कार्य स्वीकृत, स्वीकृति के तीन माह के अंदर काम शुरू और एक वर्ष में कार्य पूरा होना चाहिए।

मीरजापुर में वर्ष 2023-24 के तीन और 2024-25 के दो कार्य अधूरे मिले। लालगंज स्थित बाबू उपरौध इंटर कॉलेज में छात्राओं के लिए शौचालय निर्माण लंबे समय से अधूरा रहने और धनराशि अवमुक्त न होने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। सोनभद्र में चार विद्यालयों में स्वीकृत शिक्षण कक्षों का निर्माण लंबित पाया गया। भदोही में 2025-26 के 13 और 2026-27 के एक इंटरलॉकिंग कार्य पर समय बीतने के बाद भी काम शुरू न होने तथा प्रथम किस्त जारी नहीं होने पर भी नाराजगी व्यक्त की गई।

मंडलायुक्त ने मुख्य विकास अधिकारियों को निर्माण संस्थाओं के साथ साप्ताहिक समीक्षा करने और सभी लंबित कार्य समय से पूरा कराने के निर्देश दिए। बैठक में संबंधित जिलाधिकारियों, सीडीओ, परियोजना निदेशकों और सांसद प्रतिनिधियों ने भाग लिया।