मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या से की बड़ी घोषणा

- आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को अब 12 हजार, सहायिकाओं को छह हजार मानदेय

- कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के परिवार को हर साल पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज

- दो की जगह अब मिलेंगी तीन साड़ियां, स्मार्टफोन से रियल टाइम डाटा से जुड़ेंगे आंगनबाड़ी केंद्र

- मुख्यमंत्री बोले- पहले मासूम बच्चों के पोषाहार पर था माफिया का शिकंजा, अब महिला समूहों के हाथ में व्यवस्था

- सपा-कांग्रेस पर हमला, कहा- राम मंदिर ही नहीं, अयोध्या की सड़क, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट का भी किया विरोध

अयोध्या। उत्तर प्रदेश की 2.91 लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बड़ी सौगात दी। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय आठ हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये और सहायिकाओं का चार हजार से बढ़ाकर छह हजार रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। इसके साथ ही कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के परिवारों को हर वर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। अब उन्हें दो के बजाय तीन साड़ियां मिलेंगी। स्मार्टफोन और रियल टाइम डाटा के इस्तेमाल से आंगनबाड़ी केंद्रों को स्मार्ट बनाने की भी घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री योगी अयोध्या धाम में आईसीडीएस के तहत आयोजित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। अयोध्या में करीब 12 हजार आंगनबाड़ी कार्यकत्री और सहायिकाएं मौजूद रहीं, जबकि सभी 75 जिलों में आयोजित कार्यक्रमों से मंत्री, सांसद, विधायक और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां व सहायिकाएं जुड़ीं। बुधवार से शुरू हो रहे पोषण माह से पहले मुख्यमंत्री योगी ने मानदेय, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा, अतिरिक्त साड़ी और स्मार्टफोन की चार प्रमुख सौगातें दीं।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के समय आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को महज तीन हजार रुपये मानदेय मिलता था। सरकार ने इसे परफॉर्मेंस आधारित व्यवस्था से जोड़ते हुए आठ हजार रुपये किया। अब इसे बढ़ाकर 12 हजार रुपये किया जाएगा। सहायिकाओं का मानदेय भी 1,500 रुपये से पहले चार हजार और अब छह हजार रुपये किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने कोरोना जैसी सदी की सबसे बड़ी महामारी के दौरान एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गांव-गांव स्क्रीनिंग से लेकर दस्तक अभियान और संक्रमित लोगों की सेवा तक वे अपनी जान जोखिम में डालकर जुटी रहीं।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के साथ उनके परिवार को हर वर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी। इसका लाभ इम्पैनल्ड अस्पतालों के साथ सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में लिया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि हाल में प्रदेश के करीब 15 लाख शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को पांच लाख रुपये की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा दी गई है। लगातार मांग आ रही थी कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को भी इससे जोड़ा जाए। अब सरकार यह सुविधा उन्हें भी देने जा रही है।

मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि प्रदेश की 2.91 लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए साड़ी की धनराशि जारी कर दी गई है। अब तक उन्हें दो साड़ियां मिलती थीं। अब एक अतिरिक्त साड़ी के लिए 500 रुपये और दिए जाएंगे। इस पर प्रदेश सरकार करीब 20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार वहन करेगी। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 1.28 लाख स्मार्टफोन भी उपलब्ध कराए गए हैं। इससे योजनाओं का डाटा रियल टाइम में दर्ज किया जा सकेगा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का काम भी आसान होगा।

मुख्यमंत्री योगी ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका को बच्चों के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2018 में इनकी भूमिका की तुलना माता यशोदा से की थी। मां के बाद छोटे बच्चों का पहला संवाद आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं से होता है। यही बचपन स्वस्थ होगा तो भारत स्वस्थ, समर्थ, आत्मनिर्भर और विकसित बनेगा। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश के 70 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों को व्यवस्थित स्वरूप दिया गया है। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को अपना भवन उपलब्ध कराना है। इसके लिए राज्य वित्त आयोग की धनराशि या अलग बजट से निर्माण कराया जाएगा।

पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर थे। बच्चे बैठने के लिए अपना टाट लेकर आते थे। पेयजल और जरूरी उपकरणों का अभाव था। केंद्र सरकार पैसा देती थी, लेकिन पोषाहार पर माफिया का शिकंजा था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में बच्चों का पोषाहार एक शराब माफिया संचालित करता था। सरकार और माफिया व्यवस्था को चौपट करते थे और बदनामी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को झेलनी पड़ती थी। अब पोषाहार को माफिया से मुक्त कर 204 स्थानों पर टेक होम राशन प्लांट महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संचालित किए जा रहे हैं।

अयोध्या के बदलाव को आंगनबाड़ी केंद्रों के कायाकल्प से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि दस वर्ष पहले यहां न पर्याप्त बिजली थी, न सड़कें और न सुविधाएं। आज अयोध्या में फोरलेन सड़कें, भव्य रेलवे स्टेशन और महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट है। रेलवे की सिंगल लाइन डबल हो चुकी है, राम की पैड़ी का कायाकल्प हुआ है और अयोध्या देश की सोलर सिटी बनी है। इसी बहाने मुख्यमंत्री योगी ने सपा और कांग्रेस को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि दोनों दलों ने राम मंदिर का विरोध किया। सपा ने अयोध्या में सड़कों के चौड़ीकरण, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट निर्माण तक का विरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा, “ये विरासत के भी विरोधी हैं और विकास के भी।” विरोध के बावजूद न राम मंदिर का अभियान रुका और न अयोध्या का विकास। आज रामलला भव्य मंदिर में विराजमान हैं और देश-दुनिया के लोग अयोध्या के बदलाव को देख रहे हैं।

समारोह में सैम और मैम श्रेणी से सामान्य पोषण स्थिति में आए बच्चों और उनके अभिभावकों, उत्कृष्ट कार्य करने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों तथा एवरेस्ट बेस कैंप अभियान में शामिल बेटियों को सम्मानित किया गया। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य, राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला समेत जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

राम मंदिर की व्यवस्थाओं में तीन पुराने कर्मचारियों की फिर वापसी
- शिकायत के बाद हटाए गए थे केडी तिवारी, बजरंग पाठक और संदीप गुप्ता; नए महासचिव के कार्यभार संभालने के बाद मिली दोबारा जिम्मेदारी

अयोध्या। राम मंदिर की व्यवस्थाओं से शिकायत के बाद हटाए गए तीन कर्मचारियों की एक बार फिर वापसी हो गई है। मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन की ओर से सेवा से हटाए गए केडी तिवारी, बजरंग पाठक और कारसेवक वासुदेव गुप्ता के पुत्र संदीप गुप्ता को अब दोबारा मंदिर की व्यवस्थाओं में जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जानकारी के मुताबिक, तीनों कर्मचारियों को पूर्व में एक शिकायत के बाद मंदिर की सेवा से अलग कर दिया गया था। ट्रस्ट के नए महासचिव गोविंद देव गिरि के कार्यभार संभालने के बाद उन्हें पुनः काम पर बुलाया गया और मंदिर की व्यवस्थाओं से संबंधित जिम्मेदारियां दी गई हैं। तीनों कर्मचारियों की वापसी को राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में आए बदलाव के संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है। खासतौर पर पुराने कर्मचारियों को लेकर नई व्यवस्था के रुख में बदलाव की चर्चा है।हालांकि, तीनों की वापसी के कारणों और उन्हें सौंपी गई नई जिम्मेदारियों को लेकर राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से अभी कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव: सामाजिक प्रतिनिधित्व बढ़ा, पहली बार CEO की नियुक्ति
- संत समाज की केंद्रीय भूमिका बरकरार; मातृशक्ति, पिछड़ा वर्ग, दलित और विधि क्षेत्र को भी जगह, प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगा नया ढांचा
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नए स्वरूप में केवल सदस्यों की संख्या बढ़ने की तस्वीर नहीं है, बल्कि सामाजिक प्रतिनिधित्व का दायरा भी पहले से व्यापक नजर आ रहा है। ट्रस्ट की मूल संरचना में संत समाज की केंद्रीय भूमिका कायम रखते हुए मातृशक्ति, पिछड़ा वर्ग, दलित और विधि क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों की मौजूदगी को महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

ट्रस्ट के स्वरूप में यह विस्तार ऐसे समय हुआ है जब श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाएं लगातार व्यापक होती जा रही हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या, सुविधाओं का विस्तार, बड़े धार्मिक आयोजन और विकास परियोजनाओं के संचालन के लिए प्रशासनिक व्यवस्था को भी अधिक व्यवस्थित किए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है।

- पहली बार मंदिर के लिए CEO की नियुक्ति
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की व्यवस्थाओं के लिए पहली बार मुख्य कार्यपालक अधिकारी यानी CEO की नियुक्ति की गई है। इसे ट्रस्ट की नीतियों को प्रशासनिक स्तर पर लागू करने के लिए पेशेवर व्यवस्था विकसित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

संभावित व्यवस्था के तहत नीतिगत फैसले ट्रस्ट के स्तर पर होंगे, जबकि CEO उन निर्णयों को जमीन पर लागू कराने और विभिन्न व्यवस्थाओं के संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे। CEO ट्रस्ट का विकल्प नहीं होगा, बल्कि ट्रस्ट की ओर से निर्धारित नीतियों के अनुरूप काम करेगा।

- श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर रहेगी नजर
CEO के सामने मंदिर की रोजमर्रा की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। इसमें मंदिर में प्रवेश और दर्शन व्यवस्था, कतार प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सुविधाएं, परिसर की स्वच्छता तथा अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय प्रमुख रूप से शामिल हो सकते हैं।

- कर्मचारियों और मानव संसाधन का प्रबंधन
मंदिर से जुड़े कर्मचारियों की ड्यूटी, कार्यप्रणाली, मानव संसाधन और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना भी CEO की जिम्मेदारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। इससे बड़ी संख्या में कर्मचारियों से जुड़ी प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है।

- दान और खर्च में पारदर्शिता पर जोर
मंदिर को मिलने वाले दान-चढ़ावे, खरीद, खर्च और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना भी CEO की जिम्मेदारियों में शामिल हो सकता है। हालांकि बड़े वित्तीय और नीतिगत फैसलों का अधिकार ट्रस्ट के पास ही रहेगा।

- पुलिस-प्रशासन और एजेंसियों से समन्वय
मंदिर की आंतरिक व्यवस्थाओं के अलावा पुलिस, प्रशासन और अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय भी महत्वपूर्ण होगा। खासतौर पर भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और बड़े आयोजनों के दौरान विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बनाए रखना CEO की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल रहेगा।

- विकास परियोजनाओं की भी होगी निगरानी
मंदिर परिसर और उससे जुड़ी श्रद्धालु सुविधाओं के विस्तार के लिए चल रही विकास परियोजनाओं की प्रगति पर भी नजर रखी जाएगी। संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय, काम की गति और तय समयसीमा में परियोजनाओं को पूरा कराने की दिशा में CEO की भूमिका अहम हो सकती है।

- रामनवमी और दीपोत्सव जैसे आयोजनों की तैयारी
रामनवमी, दीपोत्सव, जन्माष्टमी जैसे बड़े धार्मिक अवसरों पर अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे आयोजनों को देखते हुए भीड़ प्रबंधन, दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, स्वच्छता और श्रद्धालु सुविधाओं की तैयारी पहले से करना जरूरी होगा। CEO के स्तर से इन सभी विभागों के बीच समन्वय को एकीकृत रूप से संचालित किए जाने की संभावना है।
इस तरह ट्रस्ट के विस्तारित सामाजिक स्वरूप और CEO की नियुक्ति को नीतिगत नेतृत्व के साथ पेशेवर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

- श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य और स्थायी सदस्य :
1- के. परासरन: सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और ट्रस्ट के संस्थापक सदस्य।
2- महंत नृत्य गोपाल दास : अध्यक्ष, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट।
3- स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज : महामंत्री/महासचिव।
4- कृष्ण मोहन : सदस्य।
5- जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज : सदस्य (प्रयागराज)
6- जगतगुरु मध्वाचार्य स्वामी विश्वप्रसन्न तीर्थ जी महाराज : सदस्य (पेजावर मठ, उडुपी)
7- युगपुरुष परमानंद जी महाराज : सदस्य (हरिद्वार)।
8- महंत दिनेंद्र दास : सदस्य (निर्मोही अखाड़ा के प्रतिनिधि)।
9- निर्मला यादव : नई महिला ट्रस्टी (शिकोहाबाद)।
10- मदन मोहन पांडेय : नए ट्रस्टी (अयोध्या के वरिष्ठ अधिवक्ता)।
11- महेश भालचंद : कोषाध्यक्ष (दिल्ली)।

- पदेन और सरकारी सदस्य :

* नृपेंद्र मिश्रा: अध्यक्ष, मंदिर निर्माण समिति।
* प्रशांत लोखंडे : केंद्र सरकार के प्रतिनिधि।
* संजय प्रसाद : उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि।
* शशांक त्रिपाठी : जिलाधिकारी अयोध्या।
अयोध्या में NH-27 पर भीषण हादसा, ट्रैक्टर-ट्रॉली में DCM ने मारी टक्कर

- अयोध्या दर्शन के लिए लखीमपुर से जा रहे थे 28 लोग, ट्रॉली पलटने से मची चीख-पुकार; कई घायल

अयोध्या। रुदौली कोतवाली क्षेत्र में बुधवार सुबह NH-27 पर मखवापुर के पास भीषण सड़क हादसा हो गया। अयोध्या दर्शन के लिए लखीमपुर खीरी से जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉली में पीछे से आ रही DCM ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रैक्टर-ट्रॉली बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर सड़क पर पलट गई।
हादसे के समय ट्रॉली में 28 महिला, पुरुष और बच्चे सवार थे। ट्रॉली के पलटते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। हादसे में ट्रैक्टर चालक समेत कई लोग घायल हो गए।
हादसा बुधवार सुबह करीब छह बजे हुआ। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
गोल्ड मेडल से सम्मानित हुए मिर्जा इब्राहिम बेग

अयोध्या लखनऊ।
अयोध्या जनपद के सोहावल तहसील क्षेत्र अंतर्गत रौनाही गांव निवासी मिर्जा आबिद बेग के पुत्र मिर्जा इब्राहिम बेग ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए उपलब्धि हासिल की है। कक्षा दो के छात्र मिर्जा इब्राहिम बेग को सीएमएस लखनऊ चौक शाखा में आयोजित स्पोर्ट्स डे कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया गया।
मिर्जा इब्राहिम बेग की इस उपलब्धि से परिवार सहित गांव और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। उनकी सफलता की जानकारी मिलते ही उन्हें बधाई देने वालों का तांता लग गया। शुभचिंतकों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगे भी इसी तरह मेहनत और लगन से सफलता हासिल करने की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर मिर्जा खालिद बेग, पूर्व प्रधान मिर्जा शाहिद बेग उर्फ बब्लू प्रधान, मिर्जा माजिद बेग सहित अनेक लोगों ने मिर्जा इब्राहिम बेग को गोल्ड मेडल हासिल करने पर हार्दिक बधाई दी।
बधाई देने वालों में जमीर खान, आदर्श सिंह, उर्फी सिद्दीकी, महताब आलम, विकास तिवारी, इसरार अहमद, सरफराज अहमद, अजय कुमार, अजमल अहमद, संदीप सिंह, आकाश मिश्रा, राजू वर्मा, कफील अहमद, अरशद खान और अनिल यादव समेत बड़ी संख्या में शुभचिंतक शामिल रहे।
परिजनों और शुभचिंतकों ने कहा कि मिर्जा इब्राहिम बेग ने कम उम्र में अपनी प्रतिभा का परिचय देकर परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी यह उपलब्धि अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणादायी है।
इस अवसर पर अनस खान, सरफराज सिद्दीकी, संजू गुप्ता, विक्की सिंह, विजय कुमार, राज कुमार उपाध्याय, आरिफ सलमानी, अतीफ खान, संजू श्रीवास्तव, अरुण जायसवाल समेत काफी संख्या में लोगों ने गोल्ड मेडल से सम्मानित होने पर मिर्जा इब्राहिम बेग को बधाई दी है।
दादा साहब फाल्के अवॉर्ड के बाद पत्रकार धर्मपाल सिंह को मिली नई जिम्मेदारी

- अल्फा टेक्निकल यूनिवर्सिटी ने बनाया जोनल मैनेजर, पत्रकार साथियों और शुभचिंतकों ने दी बधाई


सोहावल, अयोध्या। वरिष्ठ पत्रकार धर्मपाल सिंह की उपलब्धियों में एक और सम्मान जुड़ गया है। हाल ही में मुंबई में आयोजित दादा साहब फाल्के इंडियन टेलीविजन अवॉर्ड समारोह में सम्मानित किए गए धर्मपाल सिंह को अब नई दिल्ली स्थित अल्फा टेक्निकल यूनिवर्सिटी ने विश्वविद्यालय का जोनल मैनेजर नियुक्त किया है।
नई जिम्मेदारी मिलने पर धर्मपाल सिंह ने विश्वविद्यालय प्रबंधन के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि उन्हें जो दायित्व सौंपा गया है, उसका निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ करेंगे।धर्मपाल सिंह को नई जिम्मेदारी मिलने की खबर सामने आते ही अयोध्या के पत्रकार जगत और उनके शुभचिंतकों में खुशी का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में लोगों ने उनसे मुलाकात कर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इसी क्रम में यूनियन जर्नलिस्ट ऑफ उत्तर प्रदेश इंडिया की सोहावल इकाई के जिलाध्यक्ष अशोक मिश्रा और महामंत्री केके सिंह के नेतृत्व में पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल धर्मपाल सिंह के आवास पहुंचा। पत्रकारों ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वह अपने अनुभव और कार्यकुशलता से इस दायित्व को भी सफलतापूर्वक निभाएंगे। पत्रकार साथियों ने उनके सम्मान को क्षेत्र और पत्रकारिता जगत के लिए गौरव का विषय बताया।
अयोध्या में सावन पूर्णिमा पर आस्था का सैलाब
- पूर्णिमा स्नान और झूलनोत्सव के समापन को लेकर रामनगरी में बढ़ी रौनक, आज शाम तक पांच लाख पार हो सकती है भीड़

अयोध्या। सावन के अंतिम पड़ाव के साथ रामनगरी में श्रद्धा और उत्सव का माहौल चरम पर पहुंच गया है। सावन पूर्णिमा के पावन स्नान और झूलनोत्सव के समापन अवसर पर अयोध्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग रामनगरी पहुंच रहे हैं।
बृहस्पतिवार शाम तक अयोध्या में तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया गया था। जबकि आज शुक्रवार को सुबह से ही पूर्णिमा स्नान के चलते श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा हुआ है। प्रशासन के अनुमान के मुताबिक दिनभर में श्रद्धालुओं की संख्या पांच लाख के पार पहुंच सकती है।
बढ़ती भीड़ को देखते हुए मेला क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रमुख स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार नजर रखी जा रही है, जबकि ड्रोन से भीड़ की गतिविधियों और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। प्रशासन की टीमें श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार सक्रिय हैं।
अयोध्या : पुलिस को चकमा देकर कचहरी के लॉकअप से कैदी फरार
-  चोरी के आरोप में जेल में बंद था दीपक कुमार, तलाशी अभियान जारी

अयोध्या। जिला कचहरी के लॉकअप से एक कैदी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। फरार कैदी की पहचान दीपक कुमार के रूप में हुई है, जो चोरी के मामले में जिला कारागार में बंद था और गुरुवार को पेशी के लिए कचहरी लाया गया था।
जानकारी के मुताबिक, कोर्ट में पेशी से पहले ही दीपक कुमार कचहरी के लॉकअप से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। कैदी के फरार होने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस की टीमें फरार कैदी की तलाश में जुटी हैं और आसपास के इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि फरार कैदी अयोध्या कोतवाली क्षेत्र के दर्शननगर का रहने वाला है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी दो कैदी जिला कारागार से फरार हो चुके हैं, जिन्हें अभी तक पुलिस पकड़ नहीं सकी है। ऐसे में लगातार कैदियों के फरार होने की घटनाओं ने जेल और पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अयोध्या : कृषि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मेधावी स्वर्ण पदकों से सम्मानित, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने दिया आशीर्वचन
- छात्र-छात्राओं ने ली सेल्फी, गुरुजनों से लिया आशीर्वाद एक दूसरे को दी बधाई एवं शुभकामनाएं

अयोध्या। उत्तर प्रदेश के जनपद अयोध्या में साेमवार काे आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में 28वें दीक्षांत समारोह में 774 छात्र-छात्राओं को उपाधियां व 24 मेधावियों को 25 स्वर्ण पदक दिया गया। प्रदेश की राज्यपाल एवं विवि की कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने कुलाधिपति स्वर्ण पदक 5, कुलपति स्वर्ण पदक 13 तथा विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक 7 मेधावियों को प्रदान किया । समाराेह की अध्यक्षता कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने की। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट, उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख शामिल हुए।

दीक्षांत समारोह में स्नातक के तीन मेधावियों को कुलाधिपति स्वर्ण पदक व स्नातकोत्तर एवं पीएचडी के एक- एक मेधावियों को कुलाधिपति स्वर्ण पदक दिया गया। 13 मेधावियों को कुलपति स्वर्ण पदक दिया गया जिसमें स्नातक के सात, स्नातकोत्तर के पांच व पीएचडी का एक मेधावी छात्र शामिल है। इसी क्रम में स्नातक के छह व पीएचडी के एक मेधावी को विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक दिया गया।

कृषि विश्वविद्यालय द्वारा संचालित विभिन्न महाविद्यालयों एवं मुख्य परिसर को मिलाकर स्नातक, परास्नातक एवं पीएचडी के कुल 774 छात्र-छात्राओं को उपाधियां दी गईं। जिसमें स्नातक के कुल 388, परास्नातक के 335 तथा पीएचडी के कुल 51 छात्र-छात्राओं को उपाधिय़ां दी गईं। दीक्षांत समारोह के दौरान 2025-2026 के उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं के प्रमाण पत्र को भारत सरकार के डिजी लॉकर में अपलोड कर दिया गया।

डा. सुप्रिया व डा. जगबीर को मिला उत्कृष्ट शिक्षक का अवार्ड

दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने पहली बार शिक्षण कार्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में अच्छा कार्य करने वाले शिक्षक डा. सुप्रिया व डा. जगबीर सिंह को भी उत्कृष्ट शिक्षक अवार्ड से सम्मानित किया। राज्यपाल ने पांच हजार रुपये पुरस्कार के रूप में भेंट किए। विश्वविद्यालय स्तर पर कुलपति डा. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर शिक्षकों का साक्षात्कार किया था जिसके बाद उत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार के लिए शिक्षकों का चयन किया गया।

कुलाधिपति ने किया आधा दर्जन पुस्तकों का विमोचन

कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल व अन्य अतिथियों ने दीक्षांत समारोह के अवसर पर आधा दर्जन पुस्तकों का विमोचन किया। जिसमें स्मारिका, वार्षिक रिपोर्ट 2025-26, पूर्वांचल खेती सहित पांच पुस्तकें शामिल हैं। वहीं दूसरी तरफ जन भवन की तरफ से राज्यपाल ने स्कूली बच्चों को 200 पुस्तकें भेंट की।

विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को राज्यपाल ने किया सम्मानित

दीक्षांत समारोह के अवसर पर प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बीच आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेता छात्र-छात्राओं को कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने स्कूल बैग और फल देकर सम्मानित किया। वहीं दूसरी तरफ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आंगनबाड़ी किट देकर शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित किया।

राज्यपाल ने पांच प्रगतिशील किसानों को किया सम्मानित

दीक्षांत समारोह के अवसर पर कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने विभिन्न जनपदों से पहुंचे पांच प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया। जिसमें ऊषा सिंह को हस्तशिल्प कला एवं दलहन उत्पादन, जमील अहमद को औद्यानिक फसलों की खेती, सीप मोती का उत्पादन और प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। किसान शबीना खातून को ड्रोन तकनीकी द्वारा कृषि विविधीकरण के क्षेत्र में व कुमारी हिमांशु को केले के रेशों से बनने वाले उत्पाद के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्यपाल ने अपने हाथों से सम्मानित किया।

राज्यपाल ने कार्यकत्रियों को दिए आंगनबाड़ी किट

दीक्षांत समारोह के अवसर पर अमेठी और अंबेडकर नगर के पांच-पांच आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने अपने हाथों से आंगनबाड़ी किट प्रदान किया। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी के बच्चों के लिए ट्राई साईकिल, किताबें, झूले वाले घोड़े, एजूकेशनल मैप, फल, बॉल आदि प्रदान किए। राज्यपाल ने बच्चों को चॉकलेट देकर बढ़ाया उत्साह

आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के 28वें दीक्षांत समारोह में स्कूली बच्चों ने अपनी शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समारोह में लोक संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। बच्चों ने ‘बड़ा नीक लागे हमरा देशवा के माटी’ गीत पर पारंपरिक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। प्रस्तुति इतनी आकर्षक रही कि सभागार में मौजूद अतिथि, शिक्षक और विद्यार्थी तालियां बजाने के साथ झूमने पर मजबूर हो गए।

इसके बाद बच्चों ने जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए काव्य गीत ‘पेड़वां लगाईं, पर्यावरण बचाईं... एहि में सबकर भलाई हो’ की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। गीत के माध्यम से बच्चों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने, पर्यावरण को सुरक्षित रखने और जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने का संदेश दिया। उनकी प्रस्तुति में लोकभाषा, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का सुंदर समन्वय देखने को मिला।

प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया। बच्चों की मासूमियत और शानदार प्रस्तुति से राज्यपाल भी भाव-विभोर नजर आईं। उन्होंने सभी बच्चों को चॉकलेट देकर दुलार किया और उनका हौसला बढ़ाया। दीक्षांत समारोह जैसे गरिमापूर्ण अवसर पर स्कूली बच्चों की इस सांस्कृतिक प्रस्तुति ने कार्यक्रम में एक अलग ही रंग भर दिया।
राम मंदिर ट्रस्ट में CEO की नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम चरण में
-  12 अगस्त को इंटरव्यू, देशभर से आए 5,400 आवेदनों में स्क्रीनिंग के बाद योग्य अभ्यर्थी होंगे शामिल

अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। ट्रस्ट की ओर से CEO पद के लिए चयनित अभ्यर्थियों का इंटरव्यू 12 अगस्त को आयोजित किया जाएगा।
CEO पद के लिए देशभर से करीब 5,400 लोगों ने आवेदन किया था। आवेदनों की स्क्रीनिंग प्रक्रिया के बाद सुयोग्य पाए गए अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। इंटरव्यू के आधार पर CEO पद के लिए योग्य उम्मीदवार का चयन किया जाएगा।
राम जन्मभूमि परिसर में मंदिर निर्माण के साथ ही श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या, व्यवस्थाओं के विस्तार और विभिन्न प्रशासनिक कार्यों को देखते हुए CEO का पद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद ट्रस्ट के प्रशासनिक एवं प्रबंधन कार्यों को और गति मिलने की उम्मीद है।